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बिहार में भारी मतदान के बीच सम्राट चौधरी बोले — जनता ने सुशासन के पक्ष में वोट दिया

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की समाप्ति के बाद कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बिहार में प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रहा है और एक बार फिर प्रदेश में सुशासन की सरकार बनेगी।         सम्राट चौधरी ने मतदान समाप्त होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान बता रहा है कि सभी वर्गों के मतदाताओं खासकर महिलाओं, युवावर्ग, दलितों, शोषितों और वंचितों ने एनडीए के पक्ष में खुल कर मतदान किया है । उन्होंने चुनाव के दौरान सहयोग और मिलजुल कर व्यापक प्रचार के लिए एनडीए के घटक दलों और उनके नेताओं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के नेता उपेंद्र कुशवाहा को धन्यवाद दिया । उन्होंने खास तौर से मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया, जिनके नेतृत्व में एनडीए इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहा था। इस बार 2010 का रिकॉर्ड भी टूटेगा बिहार के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह का रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला है उसे लगता है कि बिहार में विकास का मॉडल जनता को पसंद आया है और लोगों ने लोकतंत्र के इस पर्व में उत्सव की तरह भाग लिया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही 65 प्रतिशत मतदान के साथ अब तक के पिछले सारे कीर्तिमान टूट गए थे और दूसरा चरण मतदान प्रतिशत के मामले में पहले से भी बेहतर रहा है। उन्होंने इस जबरदस्त भागीदारी के लिए सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि मतदान का ट्रेंड बता रहा है कि एनडीए की 2010 में हुई विजय का भी कीर्तिमान इस बार टूटेगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को करीब 180 विधानसभा सीटों में बढ़त हासिल हुई थी और ऐसा लगता है की 2025 के विधानसभा चुनाव उसी की पुनरावृति होने वाली है या उससे भी ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुमान है कि इस चुनाव में इंडिया का वोट शेयर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा होगा और बिहार को एक बार फिर एक ऐसी सरकार मिलेगी जो उसे विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में ले जाएगी।

NH-80 पर दर्दनाक हादसा: घने कोहरे में XUV-पिकअप की टक्कर, एक की मौत, दो घायल

भागलपुर बिहार के भागलपुर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां कोहरे के कारण नेशनल हाईवे-80 पर एक सड़क दुर्घटना घटित हुई। वहीं इस घटना में एक की मौत हो गई जबकि 2 युवक गंभीर रुप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार देर रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के उदयपुर के पास की है। मृतक की पहचान भागलपुर निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार के रुप में हुई है। वहीं घायलों में राहुल कुमार के दो दोस्त नवनीत और ऋतुराज शामिल है। मंगलवार देर रात 1 बजे के करीब राहुल अपने दोनों दोस्तों के साथ सुल्तानगंज से मुंगेर की ओर जा रहा था। रात में कोहरे की वजह से विजीबिलटी कम थी जिस कारण सामने से आ रही एक पिकअप वैन के साथ कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि राहुल की मौके पर ही मौत हो गई और कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। राहुल के दोनों दोस्त नवनीत और ऋतुराज बुरी तरह से घायल हो गए। इधर सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतक के घर में हाहाकार मच गया है।

मुजफ्फरपुर में सनसनी: सरपंच के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, इलाके में दहशत

. मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज वारदात की खबर सामने आ रही है। दरअसल यहां बदमाशों ने ग्राम सरपंच के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। मिली जानकारी के अनुसार, वारदात हरिनारायणपुर वार्ड संख्या 9 में ग्राम पंचायत के सरपंच सतीश कुमार सिंह के घर की है। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम कुछ बदमाश उनके आवास स्थान पर पहुंचे। इसके बाद वहां आकर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरु कर दी। वहीं गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। पर गनीमत रही कि इस हमले में सरपंच और उनके परिवार को कोई हानि नहीं पहुंची। हालांकि वारदात के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ। इधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से 6 खोखे भी बरामद किए हैं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है।

काउंटिंग और जीत जुलूस को लेकर आयोग ने जारी की नई गाइडलाइन्स, नियमों का उल्लंघन होगा दंडनीय

पटना  दो फेज में हुई वोटिंग के बाद अब काउंटिंग को लेकर व्यवस्थाओं को टाइट किया जा रहा. 14 नवंबर को सुबह साढ़े 9 बजे से ही रूझान आने लगेंगे. लेकिन काउंटिंग के बीच गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इसके साथ ही जीतने वाली पार्टी के समर्थक जुलूस नहीं निकाल सकेंगे.  14 नवंबर को होने वाली काउंटिंग को लेकर अभी से ही तमाम व्यवस्थाएं टाइट की जा रही हैं. एएन कॉलेज में पटना जिले के सभी 14 विधानसभा में पड़े वोटों की गिनती होनी है. इसके लिए 1050 कर्मियों को लगाया गया है. अन्य कर्मी भी सहयोग के लिए तैनात किये गए हैं. वोटों की गिनती के दौरान हर एक टेबल पर प्रत्याशी के एक एजेंट रहेंगे, ताकि कंट्रोल यूनिट से वोटों की गिनती शुरू होने पर वे देख सकें. जुलूस निकालने पर रहेगी रोक वोटों की गिनती पर किसी तरह के सवाल खड़े ना हो, इसे देखते हुए एजेंटों को कंट्रोल यूनिट दिखाने के बाद गिनती शुरू की जायेगी. वोटों की गिनती के लिए सभी विधानसभा में 14-14 टेबल लगाये जायेंगे. इस हिसाब से एक प्रत्याशी के 14 एजेंट रहेंगे. एएन कॉलेज में स्ट्रांग रूम में रखे ईवीएम की सीसीटीवी से हो रही निगरानी का डिस्प्ले देखने के लिए भी एजेंटों को अनुमति दी गयी है. जबकि प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद समर्थकों की तरफ से जुलूस निकालने पर रोक रहेगी. गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के मुताबिक, 14 नवंबर को वोटों की गिनती के दौरान गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. प्रत्याशियों के एजेंटों की तरफ से गलत तरीके से किसी तरह की गतिविधि होने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. मोकामा और दानापुर विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती के दौरान खास नजर रहेगी. तीन लेयर में सुरक्षा व्यवस्था पटना के डीएम ने सुरक्षा को लेकर बताया कि मतगणना केंद्र की तीन लेयर में सुरक्षा की जा रही है. केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, बिहार विशेष सशस्त्र बल और जिला सशस्त्र पुलिस की व्यवस्था की गयी है. सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है. तीन एएसपी, डीएसपी और 13 पुलिस पदाधिकारियों की 24 घंटे तैनाती रहेगी. कंट्रोल रूम भी एक्टिव है. सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम में तीन पुलिस पदाधिकारी और 12 मजिस्ट्रेट मुस्तैद हैं. सुबह साढ़े 9 बजे से आने लगेंगे रूझान जानकारी के मुताबिक, एएन कॉलेज में काउंटिंग के दिन 14 नवंबर को मतदानकर्मियों को काउंटिंग शुरू होने के दो घंटे पहले सुबह 6 बजे पहुंचना होगा. रैंडमाइजेशन के आधार पर प्रतिनियुक्त टेबल पर कर्मियों को जाना होगा. वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से होगी. सुबह 9:30 बजे से रूझान मिलने लगेगा और देर शाम तक अंतिम परिणाम आयेगा.

बंपर वोटिंग के बाद CM हेमंत सोरेन बोले—घाटशिला की जनता का दिल से धन्यवाद

घाटशिला  झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर बीते मंगलवार को हुए उपचुनाव में शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग संपन्न हुई। सुबह 7 बजे से मतदान की शुरुआत हुई और शाम 5 बजे तक मतदाता उत्साह के साथ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सीएम हेमंत ने घाटशिला के लोगों का धन्यवाद दिया है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "घाटशिला उपचुनाव को लेकर हुए मतदान में सभी वर्गों – खासकर हमारी मईयां, भाइयों-बहनों, बड़े-बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। आप सभी का लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदार बनने के लिए हार्दिक आभार और जोहार। आज इस अवसर पर झामुमो परिवार के जुझारू सिपाहियों को भी मैं हार्दिक धन्यवाद देता हूं। साथ ही उपचुनाव प्रक्रिया के शामिल सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को भी बहुत-बहुत आभार और जोहार।" बता दें कि घाटशिला विधानसभा सीट पर कुल 73.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत से अधिक है। इस उपचुनाव में कुल 2,55,823 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 1,30,921 और पुरुष मतदाता 1,24,899 रही। यानी इस बार महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान कर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया। इस उपचुनाव में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत अब EVM (Electronic Voting Machine) में कैद हो चुकी है। अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि घाटशिला की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है। मतगणना 14 नवंबर को होगी।  

रेल हादसा: आदित्यपुर यार्ड में दो मालगाड़ियाँ भिड़ीं, हड़कंप मचा

सरायकेला झारखंड के सरायकेला जिले के आदित्यपुर में बुधवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। सुबह आज करीब 9:45 बजे शर्मा बस्ती की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार मालगाड़ी यार्ड में अचानक नियंत्रण खो बैठी और यार्ड की दीवार तोड़ते हुए दूसरी खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। टक्कर के कारण दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए और यार्ड की दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय यार्ड में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सभी समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले गए, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टकराने वाली मालगाड़ी बिना इंजन के पटरियों पर दौड़ रही थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि ब्रेक फेल या तकनीकी खराबी की वजह से यह हादसा हुआ। रेल प्रशासन को सूचना मिलने के बाद तुरंत वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम और स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। रेलवे प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि बिना इंजन के मालगाड़ी कैसे चल पाई और इस हादसे के पीछे मूल कारण क्या है। राहत की बात यह है कि हादसे में जान माल की कोई क्षति नहीं हुई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल खोने वाली मालगाड़ी के डिब्बों को हटाकर जल्द से जल्द रेल परिचालन बहाल करने का काम जारी है।  

एग्जिट पोल फेल होंगे! तेजस्वी यादव बोले—18 को हमारी सरकार बनेगी बिहार में

पटना बिहार चुनाव के दोनों चरणों की वोटिंग संपन्न हो गई। दोनों फेज में बंपर मतदान हुआ। बिहार में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए। कुल 66.90% मतदान हुआ। अब 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। और पता चल जाएगा कि बिहार में किसकी सरकार आ रही है। इस बीच तमाम एजेंसियों के एग्जिट पोल्स भी आने शुरू हो गए हैं। जिसमें एनडीए की प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनने का दावा किया जा रहा है। मैटराइज-IANS, पीपुल पल्स, पीपुल्स इनसाइट. चाणक्य, पोलस्ट्रेट. जेवीसी पोल्स और दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल में एनडीए को 145 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं महागठबंधन को 91 और अन्य के खाते में 5 सीटें जाती दिख रही हैं। सिर्फ Journo Mirror के एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत मिलता दिख रहा है। हालांकि ये सभी आंकडे हैं। असली नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस बीच मतगणना की तैयारियां भी तेज कर दी गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण की मतगणना के बाद विभिन्न एजेंसियों के जारी एग्जिट पोल के आंकड़ों को विकासशील इंसान पार्टी ने सिरे से नकार दिया है। वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने दावा करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम इससे कोसों दूर होगा। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल सिर्फ कुछ लोगों का सर्वे मात्र है। यह जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सारे एग्जिट पोल फेल साबित हुए थे। वीआईपी के प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि इस बार भी उसी कहानी को दोहराता यह एग्जिट पोल दिख रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया और विभिन्न इलाकों से जो रिपोर्ट आ रही है उससे साफ है कि लोग इस चुनाव में बदलाव को लेकर मतदान किया है और वर्तमान सरकार को हटाने के लिए वोट डाला है। रिजल्ट से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर जश्न की तैयारी शुरू बिहार चुनाव की वोटिंग दो चरणों में संपन्न हो गई है। 14 नवंबर को मतगणना होगी। लेकिन परिणामों से पहले ही पटना में जदयू उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह के आवास पर टेंट लगाए जा रहे हैं, कुर्सियां ​​लाई जा रही हैं और जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुलारचंद यादव हत्या मामले में अनंत सिंह बेऊर जेल में बंद हैं। मोकामा से अनंत सिंह कैंडिडेट हैं। पटना में बुधवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि हमें बहुत ही सकारात्मक सूचना मिली है। 1995 से भी बेहतर फीडबैक मिला है। सबने भारी मतदान किया। लोगों ने इस सरकार के खिलाफ वोट किया है। इस बार बदलाव होने जा रहा है। 14 को परिणाम और 18 को शपथ ग्रहण होगा। भाजपा, एनडीए के लोग बौखलाहट में हैं।उन्होने कहा कि मतदान समाप्त होने के पहले ही एग्जिट पोल आने लगा। यह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है। अधिकारियों पर दबाव बनाने को ऐसा सर्वे किया गया। सर्वे दिखाने वाले वही लोग हैं जो पाकिस्तान के शहरों पर कब्जा कर लिया था। प्रोपगंडा किया जा रहा है। सैम्पल सर्वे कोई नहीं बता रहा है। इसका मानक क्या है। पीएमओ जो तय करते हैं, वहीं दिखाया जाता है। बिहार चुनाव के परिणाम से पहले सीएम नीतीश ने महावीर मंदिर में की पूजा बिहार चुनाव के परिणामों से पहले सीएम नीतीश कुमा ने पटना के महावीर मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी, विजय चौधरी समेत कई नेता मौजूद रहे। 14 नवंबर को रिजल्ट घोषित होगा। इस चुनाव में मतदान के सारे रिकॉर्ड टूट गए। 67.90 फीसदी मतदान हुआ। एग्जिट पोल से भी ज्यादा सीटें एनडीए को मिलेंगी, बोले नित्यानंद राय बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद नित्यानंद राय ने कहा, कि जनता की आवाज और NDA सरकार के लिए मुहर वही एग्जिट पोल में दिखाया जा रहा है। उससे भी ज्यादा NDA के पक्ष में सीटें आएंगी। NDA सरकार बनाएगी। ख्यमंत्री नीतीश कुमार की जो सुशासन की लहर है वह चुनाव में मतदान के रूप में देखा जा रहा है। एनडीए की सरकार भारी बहुमत के साथ बनेगी। बिहार का जनाधार एनडीए के साथ , एग्जिट पोल पर बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मैं बिहार, जो लोकतंत्र की जननी है, हर नागरिक का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार को विकास की रफ्तार बढ़ाने का अवसर दिया है।  

एग्जिट पोल में एनडीए आगे, बिहार का चुनाव खेल कहां बदल सकता है? एकमात्र सर्वे दिखा महागठबंधन का दबदबा

पटना  बिहार चुनाव को लेकर एग्जिट पोल के अनुमान सामने आ गए हैं. इनमें अब तक अधिकतर एग्जिट पोल के अनुमानों में एनडीए की सरकार बिहार में रिपीट होती दिख रही है. इसी कड़ी में न्यूज़ 18 मेगा एग्जिट पोल के अनुमानों में अब रीजन वाइज डेटा भी सामने आ गया है. इसके अनुसार अलग-अलग क्षेत्र में एनडीए तो कुछ क्षेत्रों में महागठबंधन की बढ़त दिखाई गई है. बता दें कि सबकी नजर शाहाबाद, मगध और भोजपुर इलाके का रिजल्ट जानने की ओर विशेष तौर पर है. वही, सीमांचल, मिथिलांचल और पटना-नालंदा बेल्ट में चुनाव परिणाम कैसे रहेंगे इसके परिणाम भी जानने की उत्सुकता है.  बता दें कि भागलपुर क्षेत्र की 27, भोजपुर क्षेत्र की 46,  सीमांचल क्षेत्र की 37, मगध क्षेत्र की 47, मिथिला क्षेत्र की 37 और तिरहुत क्षेत्र की 49 सीटों के पूर्वानुमान में एनडीए और महागठबंधन की बढ़त अलग-अलग क्षेत्रों में बताई गई है. ऐसे में आइए आपको आपको क्षेत्रवार आंकड़ा बताते हैं. भागलपुर से भोजपुर तक बंटा जनादेश सबसे पहले शुरू करते हैं भागलपुर से जहां एनडीए को 10 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं महागठबंधन भी यहां पर बराबरी के टक्कर में है और उसे भी 10 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य को एक सीट मिल सकती है. इसी प्रकार भोजपुर में एनडीए महागठबंधन के आगे पस्त पड़ता हुआ दिख रहा है और उसे 15 से 25 सीटें मिलने का अनुमान है. जबकि, महागठबंधन यहां बेहतर प्रदर्शन करता हुआ दिख रहा है और 20 से 30 सीटें मिलने का अनुमान है. जनसुरज को यहां एक सीट मिल सकती है तो अन्य को एक सीट पर विजय मिल सकती है. सीमांचल-मगध में महागठबंधन की चुनौती सीमांचल का गुणा गणित थोड़ा सा आपको चौंकाएगा. यहां के एग्जिट पोल के अनुमान में एनडीए को 25 से 35 सीटों पर बढ़त मिल सकती है, जबकि महागठबंधन का ग्राफ यहां पिछली बार की अपेक्षा इस बार नीचे गिरता हुआ दिख रहा है. महागठबंधन को सीमांचल में 5 से 10 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं अन्य पार्टी को 5 से 10 सीटें मिल सकती है. मगध क्षेत्र में अगर देखें तो इस बार एनडीए ने पुनर्वापसी की है, यानी पिछली बार की तुलना में इस बार अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करता दिख रहा है और उसे 25 से 35 सीटें मिलने का अनुमान है. जबकि, महागठबंधन 15 से 25 सीटें जीत सकता है. वहीं, जनसुराज इस क्षेत्र में थोड़ा बेहतर करता हुआ दिख रहा है, लेकिन उसे 0 से 5 सीटें आने का अनुमान बताया गया है. तिरहुत और मिथिला में एनडीए मजबूत मिथिला क्षेत्र की 37 सीटों में फिर से एनडीए अच्छा करता दिख रहा है, उसे 25 से 35 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि 5 से 15 सीटें महागठबंधन को मिलने का अनुमान लगाया गया है. वहीं, तिरहुत क्षेत्र का आंकड़ा थोड़ा एनडीए के नेताओं को हैरान करेगा, क्योंकि यहां की 49 सीटों में 15 से 25 सीटों पर एनडीए की बढ़त दिखाई गयी है. वहीं, महागठबंधन के लिए 10 से 20 सीटों पर जीत का अनुमान है, जबकि जन सुराज एक सीट पर विजय प्राप्त करता हुआ दिख रहा है. मुस्लिम बहुल सीटों पर भी एनडीए की बढ़त इन आंकड़ों में एक खास बात और है जो काफी चौका रहा है, वह यह कि मुस्लिम बहुल 53 सीटों में से 30 से 40 पर एनडीए की बढ़त दिखाई दिखाई गयी है, जबकि महागठबंधन 10 से 20 सीटों पर आगे है. वहीं, अन्य के खाते में तीन से आठ सीटें मिलने का अनुमान है. इसके अतिरिक्त एसआईआर से प्रभावित जिन 106 सीटों की बात कही जा रही थी, वहां भी 60 से 70 सीटों पर एनडीए की जीत बताई गई है. महागठबंधन को इन क्षेत्रों में 30 से 40 सीटों पर बढ़त का अनुमान है, जबकि तीन से आठ सीटें अन्य के खाते में जाती हुई दिख रही हैं. डबल इंजन का दम,  तेजस्वी का जादू भी बरकरार बिहार के राजनीतिक जानकार मानते हैं कि न्यूज 18 मेगा एग्जिट पोल के आंकड़े एक महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं कि बिहार की राजनीति में ‘एकतरफा लहर’ नहीं, बल्कि ‘क्षेत्रीय संतुलन’ को साधने की राजनीति का दौर है. एनडीए राज्यव्यापी रूप से बढ़त में जरूर दिख रहा है, लेकिन कई जिलों में महागठबंधन ने अपना असर कायम रखा है. अब सबकी निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि यह अनुमान जमीनी सच्चाई से कितना मेल खाते हैं. अभी के लिए इतना तय है कि बिहार की राजनीति में मुकाबला दिलचस्प और निर्णायक मोड़ पर है. एकमात्र सर्वे जो बिहार में बना रहा महागठबंधन सरकार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले अनेकों एजेंसियों े एग्जिट पोल बीच एक आंकड़ा सबसे अलग है. अब तक आए 10 प्रमुख सर्वे एजेंसियों के बीच ‘जर्नो मिरर’ एकमात्र ऐसा पोल है जिसने बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती हुई दिखाई है. जबकि लगभग सभी अन्य एग्जिट पोल्स में एनडीए को स्पष्ट बहुमत या बढ़त दिखाई जा रही है. ‘जर्नो मिरर’ के मुताबिक, महागठबंधन को 130 से 140 सीटें, एनडीए को 100 से 110 सीटें, AIMIM को 3 से 4 सीटें और अन्य को 0 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है. यानी सर्वे के अनुसार आरजेडी-कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन बहुमत के आंकड़े (122) को आराम से पार करता दिख रहा है. ‘जर्नो मिरर’ का दावा है कि यह सर्वे 38 जिलों के 150 विधानसभा क्षेत्रों में 15 हजार से अधिक मतदाताओं की राय के आधार पर तैयार किया गया है. इसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों की नब्ज को शामिल किया गया है. सर्वे टीम से मिली जानकारी के अनुसार ‘जर्नो मिरर’ के दावे में बताया गया है कि महागठबंधन को बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता का समर्थन मिला है, जबकि एनडीए को सत्ता विरोधी लहर का कुछ असर झेलना पड़ा है. इसके उलट, टीवी चैनलों और प्रमुख सर्वे एजेंसियों में एनडीए को 133 से 167 सीटें तक दी गई हैं. यानी इन पोल्स में मोदी-नीतीश की जोड़ी एक बार फिर सत्ता में लौटती दिख रही है. महागठबंधन को युवाओं का साथ ‘जर्नो मिरर’ सर्वे बताता है कि ग्रामीण इलाकों में युवाओं और मुस्लिम यादव … Read more

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी! बिहार विधानसभा चुनाव में तोड़ा वोटिंग का रिकॉर्ड, पुरुषों को छोड़ा पीछे

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों का मतदान संपन्न हो गया है. पहले चरण में 6 नवंबर को 65.08% और दूसरे चरण में इससे भी अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिससे स्पष्ट है कि इस बार जनता ने बढ़-चढ़कर अपनी राय रखी है. खासतौर पर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने इस चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया है. किस पार्टी को मिला महिलाओं का वोट? पीपुल्स पल्स रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के एग्जिट पोल के अनुसार, बिहार की महिलाओं ने एनडीए के पक्ष में बड़ी संख्या में मतदान किया है. सर्वे के मुताबिक 45.8% मतदाताओं ने एनडीए को वोट दिया, जबकि कुल 66.8% ने गठबंधन के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया. लिंग आधारित विश्लेषण में 38.2% पुरुषों ने महागठबंधन को समर्थन दिया, जबकि केवल 24.8% महिलाओं ने विपक्ष को वोट किया. इसका अर्थ है कि महिला वोटर एनडीए के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं. महिलाओं ने क्यों NDA को दिया ज्यादा वोट? महिलाओं द्वारा एनडीए को अधिक वोट देने के पीछे “जीविका दीदी योजना” को अहम कारण माना जा रहा है. इस योजना के तहत बिहार सरकार ने 1.5 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी थी. यह योजना एनडीए के लिए “गेमचेंजर” साबित हुई, क्योंकि इससे महिला मतदाताओं में भारी उत्साह पैदा हुआ. विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्कीम का प्रभाव लगभग 4.5 करोड़ मतदाताओं तक पड़ सकता है, जिससे चुनावी समीकरण पर सीधा असर पड़ा. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को महिलाओं का यह समर्थन निर्णायक बढ़त दिला सकता है. दूसरी ओर, महागठबंधन महिला वोट बैंक में पिछड़ता दिख रहा है. बिहार में इस बार महिलाएं बनेंगी गेमचेंजर?  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महिलाओं ने मतदान के इतिहास की नई पटकथा लिख दी है. राज्य में दो चरणों की वोटिंग में ना सिर्फ रिकॉर्ड मतदान हुआ, बल्कि महिलाओं ने भागीदारी के मामले में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया. दोनों चरणों को मिलाकर 71.06 फीसदी यानी 3.51 करोड़ महिलाओं ने मतदान किया, जो अब तक का सबसे हाई आंकड़ा है. यह पिछले चुनावों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है. दूसरी ओर, पुरुषों में 62.8 फीसदी यानी 3.93 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले. यानी महिला और पुरुष वोटिंग में करीब 9 प्रतिशत (8.8%) का अंतर रिकॉर्ड किया गया है. राज्य में कुल 66.91 फीसदी मतदान के साथ 1951 से अब तक का सबसे हाई वोटिंग रिकॉर्ड बना है. पहले चरण में 69.04 फीसदी महिलाओं और दूसरे चरण में 74.03 फीसदी महिलाओं ने वोट डालकर दिखा दिया कि बिहार की 'नारी शक्ति' अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि चुनावी गणित बदलने वाली संभावित गेमचेंजर बन चुकी है. दोनों चरणों में 71 फीसदी महिलाओं ने वोट किया बिहार में दो चरणों 6 नवंबर और 11 नवंबर को वोटिंग में नारी शक्ति ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और पुरुषों को पीछे छोड़ दिया. दोनों चरणों में 71.06 फीसदी यानी 3,51,45,791 महिलाओं ने वोटिंग में हिस्सा लिया. यह अब तक का सर्वोच्च मतदान है. पिछले उच्च मतदान से 10 प्रतिशत ज्यादा है. पुरुषों की बात करें तो दोनों चरणों में 39379366 ने मतदान किया. यानी कुल 62.8 फीसदी पुरुषों ने मतदान में हिस्सा लिया. यह आंकड़ा भी पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा है. हालांकि, 1990 के दशक के मतदान से कम है. 9 फीसदी कम रहा पुरुषों का मतदान आंकड़े के मुताबिक, पुरुष मतदाताओं की हिस्सेदारी महिला वोटर्स के मुकाबले करीब 9 फीसदी (8.8%) कम रही. महिला और पुरुषों के बीच वोटिंग में 4233575 का अंतर रहा. पहले चरण में वोटिंग की बात करें तो 69.04 फीसदी यानी 1,76,77,219 और दूसरे चरण में 74.03 फीसदी यानी 1,74,68,572 महिलाओं ने मतदान किया.  पुरुषों की बात करें तो पहले चरण में 61.56 फीसदी यानी 1,98,35,325  और दूसरे चरण में 64.1 फीसदी यानी 1,95,44,041 ने मताधिकार का प्रयोग किया. कितने महिला-पुरुषों ने मतदान किया? कुल मतदाताओं की बात करें तो पहले चरण में 37513302 महिला-पुरुषों ने वोटिंग में हिस्सा लिया. यानी पहले चरण में 65.08 फीसदी वोटिंग हुई. दूसरे चरण में 37013556 महिला-पुरुषों ने वोटिंग की और 68.76% वोटिंग हुई. कुल 74526858 लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया और दोनों चरणों में कुल 66.91 प्रतिशत मतदान रहा. हालांकि, ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं और इसमें डाक मत पत्र शामिल नहीं हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साथी आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ दूसरे चरण में सभी 45,399 मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग सुविधा के जरिए ईसीआई के नियंत्रण केंद्र से चुनावों के संचालन की निगरानी की. 8.5 लाख से ज्यादा कर्मचारी उतरे मैदान में बिहार में दो चरणों में हुए चुनावों में 8.5 लाख से ज्यादा मतदान संबंधी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई. 2,616 उम्मीदवार मैदान में उतरे और 1.4 लाख से ज्यादा मतदान एजेंट बनाए गए. 243 सामान्य पर्यवेक्षक, 38 पुलिस पर्यवेक्षक और 67 व्यय पर्यवेक्षक चुनाव संचालन और निगरानी करने वाली चुनाव मशीनरी का हिस्सा रहे. इस वर्ष पहली बार, अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) के अंतर्गत, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया जैसे छह देशों के 16 प्रतिनिधियों ने बिहार का दौरा किया और चुनाव प्रक्रिया देखी. प्रतिनिधियों ने बिहार चुनावों की सराहना करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे सुव्यवस्थित, पारदर्शी, कुशल और सहभागी चुनावों में से एक है. किस पार्टी को मिले कितने प्रतिशत वोट? पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए को लगभग 46.2% वोट मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 37.9% वोट मिलने की संभावना जताई गई है. प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को 9.7% वोट मिलने का अनुमान है, जबकि शेष छोटे दलों को करीब 6.2% वोट मिलने की संभावना है. कुल मिलाकर, बढ़ी महिला भागीदारी ने बिहार चुनाव की दिशा तय कर दी है.

राजनीति की गर्माहट में भाईचारा: तेजस्वी-तेज प्रताप मिले, मीसा हुईं भावुक

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव की गर्मी के बीच एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर सियासत और भावनात्मक दोनों का गुबार फूटा है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनके दोनों भाई तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव एयरपोर्ट पर आमने-सामने आते दिख रहे हैं।   वीडियो दरअसल यूट्यूबर ‘अनफिल्टर्ड विद समदीश’ के शो का एक क्लिप है। इसमें तेज प्रताप एक दुकान में बंडी खरीदते नजर आते हैं, तभी तेजस्वी यादव एयरपोर्ट पर चेक-इन करा रहे होते हैं। जैसे ही दोनों की नजरें मिलती हैं, तेजस्वी मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “शॉपिंग करा रहे हैं क्या भइया?” इस पर तेज प्रताप मुस्कुराने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके चेहरे की मायूसी साफ झलक जाती है। वीडियो के बैकग्राउंड में तेजस्वी यादव के साथ वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और संजय यादव नजर आते हैं, जबकि तेज प्रताप अकेले हैं। इस पल को देखकर मीसा भारती ने टूटे हुए दिल के इमोजी के साथ वीडियो शेयर करते हुए सिर्फ “भाई।” लिखा। चुनावी सरगर्मी के बीच रिश्तों में नरमी की आहट पहले चरण की वोटिंग के बीच यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक दूरी और परिवारिक मतभेद की चर्चा जोरों पर है। तेज प्रताप यादव जहां इस बार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) से महुआ सीट से मैदान में हैं, वहीं तेजस्वी यादव आरजेडी उम्मीदवार के रूप में राघोपुर से किस्मत आजमा रहे हैं। तेज प्रताप को न पार्टी से समर्थन मिला, न परिवार से प्रचार। इसके बावजूद वे अकेले दम पर मैदान में हैं। वहीं तेजस्वी के लिए राबड़ी देवी, मीसा भारती और पूरी आरजेडी मशीनरी सक्रिय दिखी। मगर अब तस्वीर कुछ बदलती नजर आ रही है। राबड़ी देवी ने हाल ही में कहा, “मेरे दोनों बेटे जनता की सेवा कर रहे हैं, जनता का प्यार उन्हें जरूर मिलेगा।” यानी मां के मन में दोनों बेटों के लिए बराबर की ममता है।