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RJD में संकट: दो बड़े नेताओं ने छोड़ा दल, अब नीतीश का हाथ थामेंगे

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक और बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अब नवादा और रजौली से मौजूदा विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों ही विधायक जदयू में शामिल हो सकते हैं। दरअसल, नवादा सीट से विधायक विभा देवी और रजौली (सुरक्षित) से प्रकाश वीर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों विधायकों ने अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को सौंपा, जिसे अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है। इन दोनों विधायकों के इस्तीफे से बिहार की सियासत में खलबली मच गई है। इस्तीफे पर बोलते हुए, प्रकाश वीर ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पार्टी में लौटने का कोई सवाल ही नहीं है। मैंने विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया है… वह (राजद नेता तेजस्वी यादव) एक बार नवादा में यात्रा के लिए गए थे, लेकिन उन्होंने हमें आमंत्रित नहीं किया, इसलिए हम नहीं गए। भीड़ में से कोई उन्होंने कहा, "मैंने चिल्लाकर कहा, 'तेजस्वी भैया, प्रकाश वीर को हटाओ'…इससे मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंची है…(राजद में वापस जाने का) कोई सवाल ही नहीं उठता।" इसी तरह, राष्ट्रीय जनता दल की नेता विभा देवी यादव ने पद से इस्तीफा देते हुए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में अच्छा काम किया है। विभा देवी यादव बिहार विधानसभा में नवादा का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। उन्होंने कहा, "मैंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है…मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवादा और बिहार में अच्छा काम किया है। वह आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे…जनता विकास की उम्मीद करती है। जनता सवाल उठाएगी कि विकास हुआ है या नहीं…" इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को दो चरणों वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हर परिवार को सरकार देने के अपने चुनावी वादे को दोहराया।  

मांझी की पार्टी और HAM के बीच सीट बंटवारे पर फैसला, उम्मीदवारों की घोषणा जल्द

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनडर एनडीए में सीट शेयरिंग पर जारी खींचतान के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और उसकी सहयोगी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। इसी बीच जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मैं अपनी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहूंगा। सूत्रों के मुताबिक, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM को 6 विधानसभा सीटें दी जाएंगी। इसके साथ ही भविष्य में एक विधान परिषद (MLC) सीट देने पर भी बातचीत हुई है। मांझी ने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा, 'अभी मैं पटना निकल रहा हूं..वैसे एक बात बता दूं, मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूं। मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ रहूंगा।' उन्होंने कहा- 'बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी।' बता दें कि यह फैसला शनिवार को दिल्ली में हुई एनडीए की मैराथन बैठक के बाद आया है, जो लगभग 8 घंटे चली। बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर लंबी चर्चा हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार मांझी भाजपा से नाराज चल रहे थे, लेकिन अब बात बन गई है। HAM सूत्रों के अनुसार, सीटों पर अंतिम सहमति के बाद जीतन राम मांझी पटना के लिए रवाना हो गए हैं और जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।

प्रशांत किशोर फंसे, राघोपुर में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज

पटना जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तेजस्वी यादव के चुनावी गढ़ राघोपुर में आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ है। हाजीपुर के पुलिस उपाधीक्षक सुबोध कुमार के अनुसार, एफआईआर वैशाली जिले के राघोपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई।  बताया जा रहा है कि राघोपुर अंचालाधिकारी दीपक कुमार के आवेदन पर प्रशांत किशोर  (Prashant Kishor) के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल, शनिवार को प्रशांत किशोर राघोपुर पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने जनता से संवाद किया था। इस बीच, जब प्रशांत किशोर से इस घटनाक्रम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, "मेरे खिलाफ कई एफआईआर लंबित हैं। एक और हो जाए।" जब यह बताया गया कि चुनाव आयोग उन्हें प्रचार करने से रोक सकता है, तो 47 वर्षीय जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा, "कोई बात नहीं। अगर वे मुझे रोकेंगे, तो मैं रुक जाऊंगा।" उनकी पार्टी ने अब तक राज्य विधानसभा की 243 सीटों में से 51 के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि किशोर खुद राघोपुर में तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे और मतगणना 14 नवंबर को होगी।  

बिहार चुनाव 2025: एनडीए ने सीट बंटवारा किया, जानें किसे कितनी मिली सीटें

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे का ऐलान हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी ने 101-101 बराबर सीटें अपने पास रखी हैं। वहीं, चिराग पासवान की लोजपा रामविलास को 29 सीटें मिली हैं। उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 और जीतनराम मांझी की हम (हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा) को भी 6 सीटें मिली हैं। एनडीए में कई राउंड की बैठकों के बाद यह फॉर्मूला निकला है। एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला की घोषणा साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं हुई बल्कि गठबंधन के नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत अन्य नेताओं ने रविवार को ट्वीट कर सीट बंटवारे का आंकड़ा साझा किया। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग होने के बाद अब घटक दलों की कैंडिडेट लिस्ट आना शुरू हो जाएगी। भाजपा में उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं, रविवार शाम को दिल्ली में हो रही पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर मुहर लगा दी जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में भी कैंडिडेट फाइनल हो चुके हैं। लोजपा (रामविलास) ने भी कल कहा था कि एनडीए में सीट बंटवारा होने के बाद चिराग पासवान कैंडिडेट लिस्ट जारी कर देंगे। कोई बड़ा भाई, कोई छोटा भाई नहीं? पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश की जेडीयू, भाजपा से एक सीट ज्यादा अपने पास रखेगी। मगर दोनों ही दलों ने बराबर सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। दोनों ने साफ संदेश दिया है कि गठबंधन में छोटा या बड़ा भाई फिलहाल कोई नहीं है। फिलहाल एनडीए में कौन-सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी यह ऐलान हुआ है। अब घटक दलों के द्वारा लड़ी जाने वालीं सीटों के नामों का इंतजार है। बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का चुनाव दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। दोनों चरणों के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे, नामांकन की प्रक्रिया चल ही है।  

तेजस्वी यादव पर बरसे पूर्व विधायक — RJD से दिया इस्तीफा, कहा अब पार्टी में मेरी जगह नहीं रही

बिहार बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक उठा पटक का दौर जारी है। इसी बीच राजद को एक बड़ा झटका लगा है। नवादा से दो बार के विधायक रहे प्रकाश वीर ने राजद पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे का कारण उन्होंने तेजस्वी यादव से मनमुटाव को बताया है। नवादा विधायक प्रकाश वीर ने इस्तीफा देने को लेकर कहा कि तेजस्वी यादव ने यात्रा के दौरान उन्हें नहीं बुलाया था, जिस बात का उन्हें बुरा लगा था। इसके बाद से ही प्रकाश वीर ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था। प्रकाश वीर के इसकी जानकारी ट्वीट कर दी।   विधायक के पद से इस्तीफा देने के बाद आरजेडी नेता ने कहा, "मैंने विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया है। वह (आरजेडी नेता तेजस्वी यादव) एक बार नवादा में यात्रा के लिए गए थे, लेकिन उन्होंने हमें आमंत्रित नहीं किया, इसलिए हम नहीं गए। भीड़ में से किसी ने चिल्लाया, 'तेजस्वी भैया, प्रकाश वीर को हटाओ', इससे मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची। अब आरजेडी में वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है।" समझना है बिहार की राजनीति तो भूलकर भी मिस न करें ये सीरीज बता दें कि प्रकाश वीर के अब जेडीयू में जाने की संभावना जतायी जा रही है। हालांकि इसे लेकर उन्होंने कहा कि इसका फैसला क्षेत्र की जनता करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के लिए कुछ भी करेंगे। वहीं शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी प्रेस वार्ता के दौरान कहा भी था राजद में जल्द की भगदड़ मचने वाली है। जिसके हाज 2 बार के विधायक रादज के पुराने नेता रहे प्रकाश वीर के पार्टी छोड़ने से दिलीप जायसवाल की बात सच होती नजर आ रही है। वहीं अब देखना यह है कि आने वाले समय में ऐसी और कोई घटना हो सकती है क्या।

ओवैसी की रणनीति: बिहार में 100 सीटों पर AIMIM का कब्जा, थर्ड फ्रंट बनाने का प्लान

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है. एक तरफ जहां एनडीए और इंडी एलायंस में सीट बंटवारे को लेकर अब तक बात नहीं बनी है वहीं दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बड़ा ऐलान कर दिया है. पार्टी ने कहा है कि वह इस बार करीब 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जो 2020 के मुकाबले पांच गुना ज्यादा है. बिहार में थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश में ओवैसी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने शनिवार को कहा, 'हमारा लक्ष्य बिहार में तीसरा विकल्प तैयार करना है, एनडीए और महागठबंधन दोनों को इस बार हमारी मौजूदगी का एहसास होगा.' उन्होंने बताया कि पार्टी कुछ समान विचारधारा वाले दलों से भी बातचीत कर रही है, ताकि एक 'थर्ड फ्रंट' (Third Front) खड़ा किया जा सके. इमान ने कहा कि उन्होंने पहले लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को गठबंधन के लिए पत्र लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. 'अब हम अपने दम पर विस्तार करेंगे' . बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी. बिहार विधानसभा की हर सीट का हर पहलू, हर विवरण यहां पढ़ें 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने बसपा और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में पार्टी ने 5 सीटें जीतीं, लेकिन 2022 में उसके चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए, जिससे अख्तरुल इमान अब पार्टी के एकमात्र विधायक बचे हैं. सीमांचल में AIMIM का है प्रभाव राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एआईएमआईएम बिहार में विशेषकर सीमांचल क्षेत्र (पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार) में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जहां मुस्लिम आबादी 17% से अधिक है. बीते दिनों ओवैसी ने इन इलाकों में ताबड़तोड़ रैली की थी.

राजनीति में बदलाव: अरुण कुमार ने नीतीश कुमार का हाथ थामा, लालू की सेना को टक्कर देने की तैयारी

पटना बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच सीएम नीतीश कुमार की ताकत में बढ़ोतरी हुई है। लंबे समय के बाद उनके पुराने साथी एक बार फिर से उनकी पार्टी जदयू में शामिल हो गए। दरअसल जहानाबाद के पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता डॉ अरुण कुमार ने आज अपने बेटे ऋतुराज कुमार सहित कई समर्थकों के साथ जदयू परिवार में घर-वापसी की। डॉ अरुण कुमार को जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तथा राज्यसभा सांसद संजय झा ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। ऐसा माना जा रहा है कि ऋतुराज घोसी सीट से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।   पटना में पार्टी की सदस्यता प्रदेश कार्यालय, पटना में पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह माननीय राज्यसभा सांसद संजय झा ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। इस दौरान सदस्यता ग्रहण करने वालों में मुख्य रूप से कलेन्द्र राम, जगनारायण पासवान (मुखिया) एवं सत्येंद्र पासवान, वासुदेव कुशवाहा सहित सैकड़ों समर्थक शामिल रहे।  बता दें कि अरुण कुमार के JDU में शामिल होने का कार्यक्रम काफी पहले ही बन गया था लेकिन सितंबर में BJP के ‘बिहार बंद’ की वजह से उस समय इस कार्यक्रम को आगे के लिए टाल दिया गया था. जिसके बाद आज उन्होंने पार्टी की सदस्यता ले ली।  भूमिहार बिग्रेड का काट मालूम हो कि अरुण कुमार की गिनती बिहार के बड़े भूमिहार नेताओं में होती है। ऐसे में पहले चरण के नामांकन के दौरान अरुण कुमार की वापसी बताती है कि नीतीश कुमार राजद के छलके भूमिहार प्रेम का काट निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता हैं।  इस दौरान विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ़ गांधी जी, पूर्व सांसद सह अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, माननीय विधान परिषद सदस्य श्री संजय सिंह, श्री अनिल कुमार सहित कई वरीय नेता उपस्थित रहे।

RJD के दो विधायकों ने दिया इस्तीफा, बिहार चुनाव से पहले BJP को मजबूत बढ़त

पटना अगले माह होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के दो विधायकों– संगीता कुमारी और चेतन आनंद ने शुक्रवार को विधानमंडल से इस्तीफा दे दिया। दोनों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी की गयी अधिसूचना में कहा गया है कि संगीता कुमारी (मोहनिया) और चेतन आनंद (शिवहर) के इस्तीफे के बाद दोनों सीट रिक्त हो गई हैं। दोनों विधायक तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। इस वर्ष की शुरुआत में जब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) दोबारा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुआ था, तब से संगीता कुमारी और चेतन आनंद विधानसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार सत्तापक्ष की बेंचों पर बैठते नजर आ रहे थे। इसके बाद राजद ने दोनों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी, जो फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव के समक्ष लंबित है। बता दें कि राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे, पहला चरण छह नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इससे पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम और भभुआ से राजद विधायक भारत बिंद ने भी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था।  

BJP शीर्ष नेतृत्व की दिल्ली बैठक: बिहार चुनाव रणनीति पर शाह-नड्डा का मंथन

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बातचीत का दौर अब अंतिम चरण है। भाजपा और जदयू ने अपने कई पुराने चेहरों को हरी झंडी भी दे दी है। लेकिन, अब तक औपचारिक रूप से घोषणा नहीं की है। यह घोषणा आज शाम तक संभावित है। लेकिन, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी के सदस्य दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर जुटे हैं। गृह मंत्री अमित शाह, बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता सीट शेयरिंग समेत कई मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं। एनडीए में चिराग-मांझी की जिद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे का काम 95 फीसदी तक हो चुका है। भाजपा और जदयू दोनों 100 से अधिक पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। केंद्रीय चिराग पासवान की पार्टी को 28, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को आठ और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को करीब पांच सीटें  भाजपा और जदयू देना चाहती है। लेकिन, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा मानने को तैयार नहीं। चिराग 35 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वहीं जीतन राम मांझी का तर्क है कि राज्य स्तर की पार्टी बनने के लिए आठ विधायक चाहिए। हमारे पास पहले से चार विधायक हैं। ऐसे में 15 सीटों से कम पर चुनाव हमलोग नहीं लड़ कसते हैं। वहीं आरएलएसपी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने 24 सीटों की मांग की है। तीनों पार्टी के नेताओं ने चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर अपनी-अपनी बात रख दी है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि एनडीए के घटक दलों के कहीं कोई मतभेद नहीं है। सबलोग एकजुट हैं। जल्द ही सीट बंटवारे का एलान कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के रहते सम्मान की चिंता नहीं बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत पर एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक ढंग से चल रही है और अब अपने अंतिम चरण में है। जिस घोषणा का इंतजार आपलोग कर रहे हैं, वह भी जल्द होने वाली है। हमलोग हर एक चीजों पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। ताकि बाद में गठबंधन के अंदर किसी भी चीजों को लेकर कोई संशय नहीं हो। हम हर छोटे-बड़े मुद्दे, सीटों, उम्मीदवारों और प्रचार को लेकर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं। जहां पर मेरे प्रधानमंत्री हैं, वहां पर मुझे अपने सम्मान करने की चिंता नहीं है। 

भोजपुरी पावरस्टार पवन सिंह ने चुनावी मैदान से दिया किनारा, पारिवारिक विवाद बना कारण

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर अब उन्होंने खुद विराम लगा दिया है. पवन सिंह ने अपने भोजपुरी समाज को स्पष्ट कर दिया है कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए पार्टी नहीं जॉइन किया था. अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने खुद को पार्टी (बीजेपी) का सच्चा सिपाही बताया. पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर किया ऐलान पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर गृह मंत्री अमित शाह के साथ फोटो पोस्ट कर लिखा, “मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूं कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और ना ही मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है. मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा.” अमित शाह और जेपी नड्डा से की थी मुलाकात बता दें कि पवन सिंह ने बीते दिनों बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े और ऋतुराज सिन्हा के साथ उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की थी. उसके बाद उन्होंने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात की. जिसके बाद राजनीति गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि पवन सिंह आरा से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. लेकिन अब उनके खुद के पोस्ट ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया है. पत्नी ज्योति सिंह के साथ विवाद सुर्खियों में इसी बीच, पवन सिंह का अपनी पत्नी ज्योति सिंह के साथ विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. उनका यह निजी और कानूनी टकराव पिछले काफी समय से चर्चा में है. हाल ही में ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, चुनावी मोर्चे पर पवन सिंह ने खुद को पूरी तरह से निष्क्रिय रखते हुए अपने राजनीतिक इरादों को साफ कर दिया है.