samacharsecretary.com

आसमान से फुहार: बिहार में बारिश के संकेत, जानें अगले दिनों का मौसम

पटना बिहार के सभी जिलों में आज यानी शुक्रवार को भी बारिश और वज्रपात के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के अधिकांश भागों में एक या दो स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बक्सर, भोजपुर, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, बांका, जमुई, जहानाबाद, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद में एक या दो स्थानों पर बारिश का यलो का अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद और नवादा में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इधर, गयाजी, कैमूर और पश्चिमी चंपारण में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में पटना, बक्सर, समस्तीपुर, पूर्णिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। आज सुबह से ही कई जिलों में बारिश हो रही है। कुछ जिलों धूप छांव का खेल जारी है। अगले 48 घंटे में तीन डिग्री तक गिर सकता है अधिकतम तापमान मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ रेखा के कारण भारी वर्षा की संभावनाएं बनी हुई हैं। तीन अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इस कारण बिहार के अधिकांश हिस्सों में लगातार हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। तीन, चार और पांच अक्टूबर को पूरे बिहार में अधिकतम स्थानों पर बारिश होगी। वहीं छह से आठ अक्टूबर के बीच वर्षा की तीव्रता धीरे-धीरे घटकर कुछ स्थानों तक सीमित हो जाएगी। अगले 48 घंटे में राज्य के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री तक कमी होने का पूर्वानुमान हैं। तीन अक्टूबर     गया, कैमूर और पश्चिम चंपारण में अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है     पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा में भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।     अधिकांश जिलों में तेज हवा चलने और वज्रपात के आसार हैं। चार अक्टूबर     गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।     सीवान, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज में भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पांच अक्टूबर     पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, बांका, जमुई में अति भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। छह अक्टूबर     पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों  तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

देशभर में गांधी जयंती और अहिंसा का उत्सव: शिल्पी नेहा तिर्की

रांची झारखंड में स्वर्गीय सोमा टाना भगत स्मारक समिति के सौजन्य से बीजुपाड़ा चौक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री एवं स्वर्गीय सोमा टाना भगत जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, स्मारक समिति के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की जनता मौजूद रही। स्मारक समिति के द्वारा मंच से कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के हाथों टाना भगत, सामाजिक कार्यकर्ता, जन जनप्रतिनिधि, मूर्तिकार, शिल्पकार और पत्रकारों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मनीष उरांव नमक युवक भी शामिल था जिसने पिछले दिनों भारी बारिश के बाद बांध में बह रहे अपने दो साथियों की जान बचाई। सम्मान के तौर पर मनीष को साइकल का उपहार मिला। इस मौके पर कृषि मंत्री तिर्की ने कहा कि देश में गांधी की जयंती को अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है, लेकिन आज ही के दिन एक संगठन अपना 100 साल पूरे होने का जश्न मना रही है। ये वही लोग है जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की। तिर्की ने कहा कि उनका जश्न देश की जनता को धर्म – जाति में बांटने, देश में नफरत फैलाने, देश को कमजोर करने का है। वही दूसरी तरफ गांधी को मनाने वाले लोग देश को एक जुट रखने, देश के तानाबाना को गढ़ने, सामूहिकता में जीने पर विश्वास रखते है। मंत्री ने कहा कि समाज में लोगों को ऐसी विघटनकारी शक्तियों से सावधान रहने और उनका जवाब देने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि वर्तमान हालात में युवाओं की भूमिका बढ़ गई है। उन्हें इस को समझना होगा की उनके भविष्य को लेकर केंद्र में बैठी सरकार कैसे बेपरवाह है। वोट चोरी का नारा सिर्फ वोट तक समिति नहीं है बल्कि ये युवाओं के रोजगार, उनके अधिकार, उनकी शिक्षा, उनके भविष्य से जुड़ा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जो सत्य – अहिंसा के साथ अपने अधिकार के लिए लड़ने का संदेश दिया है उसे अपने जीवन में उतारना होगा।  

दिल्ली से लौटते ही आयोग बताएगा बिहार चुनाव की तारीखें

पटना  भारत निर्वाचन आयोग का फाइनल बिहार दौरा होने वाला है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम शुक्रवार रात को पटना पहुंच जाएगी। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश्वर कुमार भी शनिवार को पटना आएंगे। 4 और 5 अक्टूबर को आयोग की टीम आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए दनादन बैठकें करेगी। फिर दिल्ली लौटने के बाद किसी भी समय सीईसी ज्ञानेश कुमार के द्वारा बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। चुनाव आयोग की बिहार के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ शनिवार 4 अक्टूबर को अहम बैठक है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार यह बैठक पटना के होटल ताज में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे। इसमें मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। हर पार्टी से अधिकतम 3 प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी। पत्र में बताया गया कि बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा की जाएगी और आयोग राजनीतिक दलों से सुझाव भी लेगा। निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे अपने प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और इसकी जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को उपलब्ध करा दें। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अमित कुमार पांडेय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट), इंडियन नेशनल कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी, लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन जैसे दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। वहीं, पूर्व में मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग की उच्चस्तरीय टीम बिहार दौरे में राज्य में कानून-व्यवस्था एवं चुनाव संबंधी तैयारियों सहित तमाम पहलुओं की समीक्षा भी करेगी। आयोग की टीम राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी केंद्रीय एजेंसियों के राज्य प्रमुख, सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी, जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों के साथ अलग-अलग बैठक करेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त के साथ भी अलग से बैठक होगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में प्रतिनिधियों से सलाह एवं सुझाव लिए जाएंगे। 4 और 5 अक्टूबर को अलग-अलग बैठकों में तैयारियों की समीक्षा करने के बाद सीईसी ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम दिल्ली वापस लौट जाएगी। इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा।

किसानों के लिए खुशखबरी: नीतीश सरकार बनाएगी हर प्रखंड में आधुनिक सब्जी केंद्र

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहारवासियों के लिए एक बार फिर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार के 534 प्रखंडों में आधुनिक सब्जी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना से ग्रामीणों को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे और शहरवासियों को ताजी और सस्ती सब्जियां सीधे उपलब्ध होंगी। दुर्गा पूजा जैसे पावन अवसर पर यह कदम प्रदेशवासियों के लिए विशेष तोहफे जैसा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से हर घर तक गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध सब्जियां पहुंचेंगी और राज्य के 38 जिलों की जनता स्वस्थ एवं सस्ती सब्जियों का लाभ उठा सकेगी। किसानों को मिलेगा फायदा किसान अब बिचौलियों के बजाय सीधे सब्जी केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे। इससे उन्हें फसल का उचित और पारदर्शी मूल्य मिलेगा। मंडी दलालों का दखल कम होने से किसानों की आय निश्चित रूप से बढ़ेगी। सब्जी केंद्रों में आधुनिक कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों की सब्जियां लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी और फसल खराब होने की समस्या कम होगी। किसानों को इन केंद्रों के माध्यम से नई कृषि तकनीकों, क्वालिटी बीज और उन्नत खेती के गुर सिखाए जाएंगे। इससे उनकी पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा। सब्जी केंद्र नेटवर्क के जरिए स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक किसानों की उपज पहुंच सकेगी। इससे किसानों को अपनी मेहनत का सीधा लाभ मिलेगा और अधिक दाम प्राप्त होंगे। केंद्रों के माध्यम से किसानों तक सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और अनुदान की जानकारी तेजी से पहुंचेगी। इसमें प्राकृतिक आपदा में मुआवजा, बीज पर सब्सिडी आदि शामिल हैं। इन केंद्रों के संचालन, भंडारण, पैकेजिंग और मार्केटिंग से गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अब नहीं रहेगा बिचौलियों का दबदबा मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से सब्जी मंडियों में बिचौलियों और दलालों की मनमानी समाप्त हो जाएगी। सब्जियों की दरें सरकार द्वारा तय उचित मूल्य पर मिलेंगी। हर प्रखंड में बनने वाले सब्जी केंद्र बिहारवासियों को भरोसा देंगे कि अब किसी भी घर का आंगन हरी-भरी सब्जियों से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि वे सिर्फ विकास की बातें नहीं करते, बल्कि जनता के जीवन में ठोस सुधार लाने वाले निर्णय भी लेते हैं। उनका उद्देश्य है, हर घर विकास, हर हाथ को काम और हर थाली में ताजा भोजन। यही नीतीश कुमार की सोच है, जो आज पूरे बिहार की ताकत बन चुकी है।  

डॉ. संजीव के बाद जदयू में उठी सियासी हलचल, एक और MLA पर शक

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बिहार में राजनीति का बड़ा 'खेला' शुक्रवार को हो रहा है। कई 'पूर्व' और 'दिग्गज' पार्टियां बदल चुके हैं, लेकिन चुनावी साल में किसी चर्चित मौजूदा विधायक का पार्टी-बदल पहली बार हो रहा है। खगड़िया के परबत्ता से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड के विधायक डॉ. संजीव कुमार 'आखिरकार' राष्ट्रीय जनता दल में जा रहे हैं। आखिरकार इसलिए, क्योंकि वह फरवरी 2024 से अब तक कभी भी जा सकते थे, लेकिन अब जा रहे हैं। फरवरी 2024 में बिहार विधानसभा के फ्लोर टेस्ट के समय से कई विधायक जदयू छोड़ने वाले थे, लेकिन डॉ. संजीव के बाद अब उनमें से एक और MLA को लेकर पार्टी अपना मन मजबूत कर चुकी है। फ्लोर टेस्ट के समय हुए 'खेला' का प्रभाव आज तक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले अब जो हो रहा है, उसकी नींव 11 फरवरी 2024 को पड़ गई थी। 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होने से एक दिन पहले मंत्री विजय चौधरी के आवास पर जदयू विधायकों की मीटिंग में छह विधायक नहीं पहुंचे थे- पूर्णिया के रूपौली से बीमा भारती, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह, सीतामढ़ी के सुरसंड से दिलीप राय, शेखपुरा के बरबीघा से सुदर्शन कुमार, खगड़िया के परबत्ता से डॉ. संजीव कुमार, पूर्वी चंपारण के केसरिया से शालिनी मिश्रा। तब मंत्री विजय चौधरी ने कहा था कि सभी संपर्क में हैं और जरूरी कारणों से नहीं आए हैं। लेकिन, इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की देखरेख में तेजस्वी यादव के लिए खेला हो रहा था। फ्लोर टेस्ट में इसी खेला के कारण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नंबर 128 से घटकर 125 रहा था। 'अमर उजाला' ने तब सबसे पहले हॉर्स ट्रेडिंग की जानकारी सामने लायी थी। इस साल आर्थिक अपराध इकाई की जांच इस दिशा में आगे बढ़ चुकी है, हालांकि कुछ फाइनल नहीं सामने आया है। जहां तक फ्लोर टेस्ट का सवाल है तो उसका नुकसान ज्यादा विपक्षी महागठबंधन को ही हुआ था। नीतीश कुमार सरकार के फ्लोर टेस्ट के समय अंत में डॉ. संजीव कुमार विधानसभा पहुंच गए थे, लेकिन तब यह माना गया था कि वह राष्ट्रीय जनता दल के गेम-प्लान में शामिल थे। जब लाइव खबरों के जरिए यह पता चलने लगा कि राजद-कांग्रेस के ही कई विधायक टूटकर सत्ता पक्ष में खड़े हो गए हैं तो सरकार गिरने की आशंका नहीं, तब सत्ता पक्ष के कई गायब विधायक आननफानन में विधानसभा पहुंचे थे। उनमें डॉ. संजीव कुमार भी थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव के समय भी डॉ. संजीव खगड़िया से राजग प्रत्याशी के खिलाफ लगातार मुखर रहे थे। खुद को लोकसभा प्रत्याशी तक बता दिया था। अब वह अंतत: राजद में औपचारिक रूप से जा रहे हैं। परबत्ता सीट पर उन्होंने राजद के दिगंबर प्रसाद तिवारी को 952 मतों से हराया था। डॉ. संजीव को राजद इसी सीट से प्रत्याशी बनाएगा। पार्टी में भी उन्हें पद दिए जाने की बात चल रही है। कौन पहले छोड़ गए, कौन टिकेंगे, किनपर खतरा है अब पूर्णिया से रूपौली की तत्कालीन विधायक बीमा भारती तो लोकसभा चुनाव के पहले जदयू छोड़ गईं। पूर्णिया से राजद के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़कर हारीं। फिर रूपौली के उप चुनाव में राजद के टिकट पर उतरीं तो तीसरे नंबर पर रह गईं। पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह राजद के कुछ नेताओं से सटे नजर आए थे, लेकिन बिहार चुनाव से पहले उन्होंने लालू प्रसाद की पार्टी के कई नेताओं को जदयू में लाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। शेखपुरा के बरबीघा से सुदर्शन कुमार ने पिछले दिनों सीएम नीतीश कुमार से मिलकर इस सीट को अपने लिए सुरक्षित कर लिया है। पूर्वी चंपारण के केसरिया से शालिनी मिश्रा फ्लोर टेस्ट के समय निजी काम से दिल्ली में थीं, यह उसी समय पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया था। वह लगातार पार्टी की तरफ से सक्रिय हैं। अब सीतामढ़ी के सुरसंड से दिलीप राय को लेकर संशय है। सीतामढ़ी में जदयू उन्हें पार्टी से बाहर मान चुका है। उन्हें पार्टी के औपचारिक कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है। इंतजार इसी बात का हो रहा है कि कब वह छोड़कर जाएं।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से चार की जान गई, एक की हालत गंभीर

पूर्णिया बिहार के पूर्णिया में भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं एक युवक की हालत गंभीर है। पांचों लोग कसबा में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस ने चार युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल का इलाज पूर्णिया जीएमसीएच में चल रहा है। शव क्षत-विक्षत अवस्था में ट्रैक पर पड़े मिले स्थानीय लोगों का कहना है कि कटिहार जोगबनी रेलखंड के कसबा जबनपुर के पास शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे वंदे भारत ट्रेन के चपेट में आने से पांच लोग कट गए। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। पांच लोगों को बुरी तरह चपेट में। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चार लोगों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में ट्रैक पर पड़े मिले। घटना के तुरंत बाद इलाके में चीख-पुकार और कोहराम मच गया। जांच में जुटी पुलिस पुलिस की टीम हादसे में जान गंवाने वाले किसी भी मृतक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतीत हो रहा है कि पांचों युवक दुर्गापूजा का मेला देखकर लौट रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ है। पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल एकमात्र व्यक्ति को आननफानन में पूर्णिया मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स की टीम उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है, लेकिन हालत चिंताजनक बनी हुई है।

राजनीति में एंट्री? पवन सिंह के आरजेडी से संपर्क की खबरें तेज

पटना  भोजपुरी फिल्म जगत के पावर स्टार पवन सिंह 16 महीने बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में लौट आए हैं. पवन सिंह ने अभी कुछ महीने पहले ही बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की जमकर तारीफ की थी, बड़ा भाई बताया था. उनके राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के संपर्क में होने की चर्चा भी आम रही. कहा तो यह भी गया कि पवन सिंह चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. लेकिन दो महीने पहले आरके सिंह से मुलाकात से शुरू हुआ गिले-शिकवे दूर करने का सिलसिला अब अमित शाह, जेपी नड्डा और उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात के बाद पूरा हो चुका है. इन मुलाकातों की तस्वीरें अपने सोशल मी़डिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए पवन सिंह ने लिखा था कि इन्हें देखकर जातिवादियों के सीने पर सांप लोट रहा होगा. जो पावर स्टार कुछ महीने पहले तेजस्वी की तारीफों के पुल बांध रहे थे, अब अचानक से जातिवादी बता हमलावर हो गए हैं. चुनावी मौसम में बदली परिस्थितियों और पवन सिंह के तल्ख सुर के बीच ये सवाल भी उठ रहे हैं कि वह आरजेडी के दरवाजे पर भी गए थे, ऐसी चर्चा रही. लेकिन जब चुनाव करीब आए, तो उन्होंने बीजेपी को चुना. आरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए पवन को बीजेपी की जरूरत क्यों पड़ी? पवन ने बीजेपी को क्यों चुना? पवन सिंह ने लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ उपेंद्र कुशवाहा जैसे कद्दावर नेता को तीसरे स्थान पर धकेल दिया था. लोकसभा चुनाव में बतौर निर्दल ताकत दिखा चुके पवन सिंह फिल्मी सितारे भी हैं. किसी भी राजनीतिक दल से उनकी बात बन सकती थी या अपने गृह इलाके की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की स्थिति में वह मुकाबले में होते. फिर उनको आरा से चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी की जरूरत क्यों पड़ी? इसके पीछे जातीय समीकरणों के साथ ही संगठन की शक्ति भी एक वजह बताई जा रही है. आरा सीट का जातीय समीकरण पवन सिंह के आरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा अधिक है. इस सीट के समीकरणों की बात करें तो यहां राजपूत, यादव और कोइरी मतदाताओं की तादाद अधिक है. अनुमानों के मुताबिक आरा विधानसभा क्षेत्र में करीब 35 हजार राजपूत, 28 हजार यादव मतदाता हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण और दलित मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं. ब्राह्मण बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाता है और चिराग पासवान, जीतनराम मांझी की पार्टियों के भी गठबंधन में होने से दलित-महादलित के बीच भी एनडीए की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. साल 2000 से बीजेपी का दबदबा आरा विधानसभा सीट के चुनावी अतीत की बात करें तो इस सीट पर साल 2000 से ही बीजेपी का दबदबा रहा है. आरा सीट से अमरेंद्र प्रताप सिंह पांच बार के विधायक हैं. साल 2015 के चुनाव में अमरेंद्र प्रताप सिंह को आरजेडी के मोहम्मद नवाज आलम ने हरा दिया था. तब आरजेडी और जेडीयू गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरे थे. बीजेपी के इस सीट पर दबदबे को देखते हुए भी पवन को चुनाव लड़ने के लिए कमल निशान वाली पार्टी मुफीद लगी होगी. बीजेपी में पवन को क्यों दिख रहा अवसर पवन सिंह को आरा की राजनीति में अवसर दिख रहा है, तो उसके पीछे वाजिब वजहें भी हैं. आरा से पांच बार के विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह पांच बार के विधायक हैं और उनकी उम्र 78 साल हो चुकी है. बीजेपी में 75 साल की उम्र के बाद टिकट ना देने की अघोषित नीति रही है. ऐसे में बीजेपी को भी अमरेंद्र के बाद मजबूत चेहरे की जरूरत आरा में है.  स्टारडम के साथ संगठन की ताकत का मेल पवन सिंह के पास अपना फैन बेस है. पवन सिंह भोजपुर के साथ ही आसपास के इलाकों में भी लोकप्रियता रखते हैं. पवन सिंह लोकसभा चुनाव में जब दूसरे नंबर परा रहे थे, तब उनके समर्थकों में एक 'काश' बाकी रह गया था. उनके समर्थक तब यह कह रहे थे कि अगर किसी पार्टी का सिंबल होता तो चुनाव निकल गया होता. विधानसभा चुनाव में पवन कोई काश बाकी नहीं रहने देना चाहते. उन्हें भी शायद इस बात का एहसास हो गया है कि माननीय बनना है, तो स्टारडम के साथ संगठन की ताकत का मेल जरूरी है. भोजपुर के ही रहने वाले हैं पवन पवन सिंह पहले ही यह ऐलान कर चुके हैं कि वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. हालांकि, पावर स्टार ने सीट को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन चर्चा में दो विधानसभा सीटों के नाम हैं- एक आरा और दूसरा बड़हरा. पवन सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के जोकरही गांव के रहने वाले हैं. जोकरही गांव बड़हरा विधानसभा क्षेत्र में आता है. वहीं, उनका घर आरा शहर में भी है. निवास के लिहाज से देखें तो पवन बड़हरा और आरा, दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में पवन सिंह का घर है.

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत: बिहार को मिले 19 नए केंद्रीय विद्यालय

पटना बिहार में केंद्र सरकार ने 19 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दे दी है जिससे राज्य के सभी 38 जिलों में केंद्रीय विद्यालय खुल जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नए विद्यालयों की स्थापना के लिए स्थायी भवन के वास्ते भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्माण मद एवं फर्नीचर मद में आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।  इसके मुताबिक, शुरुआती संचालन के लिए अस्थायी भवन एवं स्थायी भवन के वास्ते भूमि चिह्नित कर ली गई है, जिससे इन विद्यालयों का संचालन सुगमता से हो सकेगा। अब तक मधुबनी, शेखपुरा, कैमूर, पूर्वी चंपारण और अरवल जिलों में केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत नहीं थे। नए अनुमोदनों के बाद इन जिलों में भी केंद्रीय विद्यालय खुल जाएंगे। इसी के साथ प्रदेश के सभी 38 जिलों में केंद्रीय विद्यालय हो जाएंगे। बयान के अनुसार, राज्य में केंद्रीय विद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 72 हो जाएगी। अबतक 33 जिलों में कुल 53 केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत थे। राज्य सरकार का मानना है कि इन विद्यालयों के खुलने से राज्य में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सहरसा में पर्यटन का नया अध्याय: मत्स्यगंधा झील को मिलेगी विश्वस्तरीय पहचान

सहरसा सहरसा में मत्स्यगंधा झील के कायाकल्प के लिए 98 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दिन पूर्व पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना का शिलान्यास किया था। बुधवार को पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. आलोक रंजन ने जिले के डीएम दीपेश कुमार के साथ स्थल पर कार्य योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। पर्यटन और आस्था का नया केंद्र बनेगा मत्स्यगंधा झील विधायक डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि इस परियोजना के तहत झील के किनारे 400 मीटर का घाट, वृत्ताकार ग्लास ब्रिज और पार्किंग स्थल का निर्माण होगा। यह झील धार्मिक आस्था का केंद्र तो बनेगी ही, साथ ही इसे राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल भी विकसित किया जाएगा। बिहार का दूसरा ग्लास ब्रिज यहां पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगा। रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा विधायक ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हस्तशिल्प, होटल और परिवहन क्षेत्र में हजारों लोगों को काम मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सहरसा जिले को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं से होगा कायाकल्प परियोजना के अंतर्गत अनुभव केंद्र, शौचालय परिसर (शिशु देखभाल कक्ष सहित), स्मृति चिन्ह दुकान, परावर्तन कुंड, विशाल वृक्ष प्रतिरूप, संगीतमय फव्वारा, सेल्फी प्वाइंट, भोजनालय, प्रशासनिक भवन, शहरी हाट, वृत्ताकार लॉन, विशाल वाहन पार्किंग और भव्य मुख्य द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण का काम नहीं है, बल्कि सहरसा के सर्वांगीण विकास, रोजगार और समृद्धि के अवसर सृजित करने का संकल्प है। विधायक डॉ. आलोक रंजन ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए एनडीए सरकार का आभार व्यक्त किया।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बिहार में अगले 5 दिन भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के कई जिलों में तेज हवा, मध्यम बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य भर में मौसम बिगड़ा रह सकता है। मौसम विभाग ने 3 से 7 अक्टूबर तक पूरे बिहार में लगातार बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने राज्य के दक्षिण- पश्चिम हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य, जबकि शेष क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है।  केंद्र ने जिन जिलों के लिये अलर्ट जारी किया है उनमें औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया जी, नालंदा, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, बेगूसराय और मधुबनी शामिल हैं। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, मध्यम वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं दो अक्टूबर को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश हो सकती है। अक्टूबर में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पटना का तापमान दो अक्टूबर को अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस, तीन अक्टूबर को अधिकतम 31 डिग्री सेल्सिअस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस और चार अक्टूबर को अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस  रहेगा।