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जिस मंत्री के जवाब से नाराज थीं मैथिली ठाकुर, सम्राट कैबिनेट से पत्ता साफ

पटना  बिहार में सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार हो गया है. नीतीश कुमार के बेटे सहित 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है. बीजेपी कोटे से 15 मंत्री बनाए गए हैं तो जेडीयू से 13 मंत्री बने हैं. इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी से दो, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बने हैं।  सम्राट सरकार में ज्यादातर नीतीश कैबिनेट में रहने वाले मंत्रियों को ही जगह मिली है. ऐसे में बीजेपी के एक ऐसे दिग्गज मंत्री का पत्ता सम्राट कैबिनेट से कट गया है, उनका नाम मंगल पांडेय है. बीजेपी ने तीन पुराने मंत्रियों को सम्राट सरकार में जगह नहीं दी है।  मंगल पांडेय सीवान से विधायक हैं और बीजेपी के दिग्गज नेता हैं. नीतीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं. इसी साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान मशहूर लोक गायिका और बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया था. इस पर स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा दिए जवाब से संतुष्ट नहीं थी और उसी मंत्री मंगल पांडेय का पत्ता कट गया है।  मंगल पांडेय का मंत्री पद से पत्ता कटा बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता मंगल पांडेय को सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार में जगह नहीं मिल सकी. बीजेपी ने उन्हें इस बार मंत्री नहीं बनाया है जबकि इससे पहले वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जैसा विभाग संभाल रहे थे. मंगल पांडेय 2017 से लेकर 2022 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे. तब मंगल पांडेय को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था।   मंगल पांडेय 2024 से लेकर 2025 तक दूसरी बार मंत्री बने. इस बार स्वास्थ्य मंत्री और कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. साल 2025 में जब एनडीए की सरकार बनी तो फिर से मंत्री बने और उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा मिला, लेकिन सम्राट चौधरी के अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी।  स्वास्थ्य मंत्री से मैथिली ठाकुर ने किया सवाल 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर बीजेपी से विधायक चुनी गई. मैथिली ठाकुर ने बजट सत्र के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में अस्पताल की इमारत की हालत का मुद्दा उठाया था और कहा था कि यह इतनी जर्जर है कि एक बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है.उन्होंने कहा था कि छत से प्लास्टर लगातार गिर रहा है, दीवारों में गहरी दरारें हैं और बरसात के मौसम में वार्डों में पानी रिसता है, जो लोगों की जिंदगी लिए सीधा खतरा है।  मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाया था कि बिहार सरकार द्वारा हर साल स्वास्थ्य बजट बढ़ाने के बाद अस्पतालों की इमारतें इतनी खराब हालत में क्यों हैं? उन्होंने कहा Le कि डॉक्टरों और दवाओं की कमी एक समस्या है,लेकिन इससे भी बड़ा खतरा जर्जर इमारतें हैं, जो कभी भी गिर सकती हैं. क्या सरकार नए भवनों के निर्माण से पहले किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रही है।  मंगल पांडेय के जवाब से संतुष्ट नहीं मैथिली बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के सवालों का जवाब देते हुए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा था कि राज्य सरकार अस्पतालों की इमारतों को लेकर गंभीर है. कई अस्पतालों के लिए नई बिल्डिंग को मंजूरी दे दी गई है और कुछ जगह पर काम जारी है. हालांकि, मंत्री के जवाब से मैथिली ठाकुर संतुष्ट नहीं हुईं।  उन्होंने सदन में ही तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उनके इलाके का अस्पताल कई सालों से लिस्ट में है, लेकिन आज तक न मरम्मत का काम शुरू हुआ है और न ही नई इमारत बनी है. उन्होंने कहा था कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है।  मैथिली ठाकुर ने कहा था कि हर साल सिर्फ योजना बनाने और मंजूरी देने की बात होती है, लेकिन जमीनी हकीकत वही रहती है. उन्होंने यह भी कहा कि मरीज और उनके परिवार डर के साये में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं. मैथिली ठाकुर के बार-बार पूछे गए सवालों के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया था. तीन महीने के बाद ही बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ और सम्राट चौधरी के अगुवाई में कैबिनेट गठन किया तो मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली।  बिहार में तीन पुराने मंत्रियों का पत्ता कटा नीतीश कुमार के अगुवाई वाली सरकार में जितने भी मंत्री थे, उनमें से तीन मंत्री को छोड़कर बाकी मंत्रियों को सम्राट कैबिनेट में जगह मिल गई है. सम्राट कैबिनेट में मंगल पांडे को जगह नहीं मिली. इसके अलावा नारायण प्रसाद और सुरेंद्र मेहता को भी जगह नहीं मिली. नीतीश सरकार में नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्री थे और इससे पहले पर्यटन मंत्री रह चुके हैं. सुरेंद्र मेहता पूर्व की नीतीश सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री थे, लेकिन इस बार उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। 

मैथिली ठाकुर का पप्पू यादव पर गुस्सा: ‘उसे कभी माफ नहीं कर पाऊंगी’

पटना  बिहार की राजनीति में महिलाओं के सम्मान को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं की राजनीति को लेकर दी गई अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को गया सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अलीनगर विधायक ने पप्पू यादव के बयान को घिनौना करार देते हुए कहा कि इस कृत्य के लिए वह उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में महिलाओं के संघर्ष को बिस्तर जैसे शब्दों से तौलना पूरी नारी जाति का अपमान है। "पप्पू यादव के अपने घर में भी महिला नेत्री हैं" विधायक मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव को उनके परिवार की याद दिलाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पप्पू यादव जी को यह शोभा नहीं देता, क्योंकि उनके अपने परिवार में भी महिला राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनकी पत्नी रंजीत रंजन सांसद हैं। फिर भी उन्होंने ऐसा बयान देकर करोड़ों महिलाओं की अस्मिता को ठेस पहुंचाई है।" मैथिली ठाकुर ने सवाल किया कि क्या वह अपनी पार्टी और परिवार की महिलाओं के बारे में भी यही राय रखते हैं? उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे समाज के नैतिक मूल्यों पर चोट है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर हुई भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर भावुक भी हुईं। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा, "मेरे पिता ने मुझे पूरी समझदारी और भरोसे के साथ राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। हर परिवार अपनी परंपराओं और मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है। आज की महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर पंचायत से लेकर संसद तक पहुँच रही हैं, लेकिन पप्पू यादव जैसे नेता उनकी सफलता को 'नेताओं के बिस्तर' से जोड़कर उनकी मेहनत पर पानी फेरना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, हालांकि यह कृत्य माफी के लायक भी नहीं है। विधायक मैथिली ठाकुर ने केवल विवाद पर ही नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल खोखले नारों के पीछे नहीं भागता, बल्कि वह धरातल पर होने वाले कार्यों को देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति' को जो सम्मान मिला है, उसे ऐसे विवादित बयानों से धूमिल नहीं किया जा सकता।

AI का दुरुपयोग पड़ा भारी: निशांत और मैथिली ठाकुर की फर्जी फोटो वायरल करने वाला आरोपी पकड़ा गया

फतेहपुर/गया. सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोवर बढ़ाने की चाह में की गई एक लापरवाही एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गई। एआई तकनीक का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तथा अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक फतेहपुर थाना क्षेत्र के शब्दों गांव निवासी विकास कुमार यादव 35 है। आरोप है कि उसने एक सप्ताह पूर्व फेसबुक पर एआई तकनीक की मदद से निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर से जुड़ी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। पोस्ट वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया और पुलिस तक इसकी सूचना पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहपुर पुलिस तुरंत हरकत में आई और शनिवार की शाम आरोपी युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। युवक ने वीडियो किया पोस्ट गिरफ्तारी के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में गैर कानूनी कार्य है। थानाध्यक्ष ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश बनाकर अथवा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। फर्जी सामग्री न करें पोस्ट थानाध्यक्ष ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक, फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें। यदि किसी के पास इस तरह की कोई सामग्री आती है तो उसे आगे शेयर करने के बजाय तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग समाज के लिए लाभदायक है। लेकिन इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बिहार में बयानबाज़ी तेज: मैथिली ठाकुर के कथन पर तेजस्वी बोले— विधायक बनते ही…

पटना आरजेडी  के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में उनकी पार्टी के शासन के बारे में गायक से नेता बनी मैथिली ठाकुर की टिप्पणी पर आलोचना की। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पहली बार BJP विधायक बनीं मैथिली ठाकुर का नाम तो नहीं लिया, लेकिन अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें टिप्पणियों की आलोचना की गई। दरअसल, गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए, ठाकुर ने RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद के अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव के प्रति लगाव की तुलना हस्तिनापुर के अंधे राजा धृतराष्ट्र के राजकुमार दुर्योधन के प्रति लगाव से की। हालांकि अलीनगर MLA ने किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने "2005 से पहले के बिहार" का ज़िक्र करके इस बात के काफी इशारे दिए थे कि वह क्या कहना चाह रही थीं, जिस साल RJD सत्ता से बाहर हो गई थी। कुछ लोग विधायक बनते ही… नफरत भरे लहजे में, तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को अपनी पोस्ट में लिखा, "कुछ लोग सोचते हैं कि विधायक बनते ही उन्हें पॉलिटिक्स की पूरी जानकारी हो जाती है। लेजिस्लेचर का क, ख, ग भी समझे बिना, उनमें 'जननायक' (लोगों का हीरो, एक ऐसा नाम जो RJD कार्यकर्ता अपने सुप्रीमो के लिए इस्तेमाल करते हैं) के बारे में ताने मारने की हिम्मत होती है।" RJD नेता ने कुछ हफ़्ते पहले दरभंगा जिले में एक दलित लड़की के रेप और मर्डर पर चुप रहने के लिए ठाकुर की भी आलोचना की, जहां उनका अपना चुनाव क्षेत्र आता है। RJD नेता ने मजाक में उन्हें यह भी याद दिलाया कि, हालांकि वह RJD राज के दौरान "जंगल राज" की बात करती थीं, लेकिन उनकी मां ने कुछ दिन पहले उनके अपने जिले मधुबनी में कीमती सामान चोरी होने की शिकायत की थी, जबकि राज्य में उनकी अपनी पार्टी सत्ता में है।  

‘मंत्री जी का जवाब संतोषजनक नहीं था’, विधानसभा में मैथिली ठाकुर ने किया पलटवार

 पटना  बिहार विधानसभा के भीतर एक दिलचस्प और गंभीर बहस देखने को मिली. जानी-मानी गायिका और अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया और सरकार के लिखित जवाब को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है. सदन में विधायक मैथिली ने कहा, ''मंत्री जी के जवाब में लिखा है कि भवन जर्जर नहीं है, बस मरम्मत चाहिए. लेकिन मैं खुद वहां गई हूं, भवन पूरी तरह जर्जर है और एक छोटे से कमरे में पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था सिमटी हुई है." मैथिली ने बताया कि पहले वहां दो-दो MBBS डॉक्टर थे, लेकिन अब सिर्फ आयुष डॉक्टर के भरोसे अस्पताल चल रहा है. उन्होंने 40 से 50 हजार लोगों की आबादी के लिए कम से कम दो एमबीबीएस डॉक्टरों की मांग की. अस्पताल अलीनगर और घनश्यामपुर जैसे दो प्रमुख प्रखंडों के केंद्र में स्थित है, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हो सकते हैं. 'मंत्री जी, मैं जब बहुत छोटी थी तब से आपको देख रही हूं…' युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में राजनीति और मर्यादा का अद्भुत संतुलन पेश किया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वे बचपन से उन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करते हुए देख रही हैं, इसलिए यह प्रश्न नहीं बल्कि एक 'निवेदन' है कि जनहित में इस अस्पताल का कायाकल्प किया जाए. उनके इस अंदाज ने सदन में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा. बिहार के मधुबनी जिले में जन्मी मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में प्रशिक्षित हैं. वह मैथिली, भोजपुरी और हिंदी में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों का गायन करती हैं. मालूम हो कि इस गायिका ने बीते साल ही  बीजेपी के टिकट पर दरभंगा की अलीनगर सीट से चुनाव जीता था.     

बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले अटकलें तेज: मैथिली ठाकुर पर BJP लगा सकती है बड़ा दांव

रांची बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा (JDU) और जदयू (JDU) मंत्रियों के नाम पर मंथन कर रही है। बात करें भाजपा की तो वह इस बार युवा, महिलाएं और सामाजिक रूप से प्रभावशाली वर्गों को कैबिनेट में बड़ा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। इसी रणनीति के तहत मैथिली ठाकुर, श्रेयसी सिंह समेत कई नए चेहरों के नाम लगातार सुर्खियों में हैं। दरभंगा के अलीनगर से जीतकर आईं 25 वर्षीय लोकगायिका और BJP MLA मैथिली ठाकुर नई कैबिनेट के सबसे चर्चित नामों में शामिल हो गई हैं। पहली बार चुनाव लड़कर उन्होंने RJD उम्मीदवार विनोद मिश्रा को 11,730 वोटों से हराया और 2025 के चुनाव में सबसे युवा विधायकों में जगह बनाई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उनकी बढ़ती लोकप्रियता, सांस्कृतिक पहचान और युवाओं में गहरी पकड़ को देखते हुए यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि वे कला-संस्कृति, युवा मामलों या सामाजिक न्याय जैसे अहम विभागों की दावेदार हो सकती हैं। शपथ ग्रहण में साफ होगा कैबिनेट का चेहरा नीतीश कुमार अपनी 10वीं पारी के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे, इसका खुलासा शपथ ग्रहण समारोह में होगा, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि बिहार की नई राजनीति में मैथिली ठाकुर की एंट्री प्रभावशाली साबित हो सकती है।

अलीनगर से आगे निकलीं मैथिली ठाकुर, शुरुआती गिनती में मजबूत बढ़त

अलीनगर बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतगणना जारी है। पोस्टल बैलेट के बाद अब ईवीएम की गिनती चल रही है। रुझानों में NDA ने बढ़त बनाई हुई है जबकि महागठबंधन पीछे चल रहा हैं। वही दरभंगा की हाई प्रोफाइल सीट अलीनगर पर सबकी नजरें टिकी हुई है। यहां से बीजेपी ने प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा है जबकि RJD ने उम्मीदवार विनोद मिश्रा को यहां से टिकट दी थी। वहीं शुरुआती रुझानों मेें मैथिली ठाकुर को बढ़त मिलती दिखाई दे रही। 6 राउंड के बाद भी मैथिली आगे बता दें कि अलीनगर सीट पर कांटे का मुकाबला चल रहा है। 6 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और मैथिली ठाकुर 8544 से ज्यादा वोट से आगे चल रही हैं। मैथिली को 6 राउंड के बाद  22236  वोट मिले हैं। वहीं बिनोद मिश्रा को 13692 वोट मिले हैं।  निर्वाचन आयोग के दोपहर 12 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, राजग (NDA) 243 सीट में से 186 सीट पर आगे था जबकि महागठबंधन लगभग 46 सीट पर ही बढ़त बनाए हुए था। छह और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में 7.45 करोड़ मतदाताओं ने 2,616 उम्मीदवारों का भाग्य तय किया था। राजग में जनता दल-यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, वाम दल, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) शामिल हैं। दोनों गठबंधनों की ओर से मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, राजद के तेजस्वी यादव और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार शामिल हैं।  

मिथिला पाग अपमान मामले में RJD ने खेला इमोशनल कार्ड, सोशल मीडिया पर उड़ा हलचल

पटना  बीजेपी की अलीनगर उम्मीदवार लोक गायिका मैथिली ठाकुर की सभा में मिथिला पाग के अपमान का मुद्दा भुनाने की सियासत जारी है। इसमें राजद ने डायरेक्ट एंट्री मार ली है। पाग को मिथिला का स्वाभिमान, संस्कार और गौरव बताते हुए बीजेपी विधायक केतकी सिंह और कैंडिडेट मैथिली ठाकुर पर निशाना साधा है। पाग में मखाना खाने का मैथिली ठाकुर का वीडियो भी वायरल हो रहा है। राजद ने सोसल मीडिया पर मिथिला संस्कृति का मामला मैथिली भाषा में उछाला है। कहा है कि पाग सिर पर धारण करने वाला वस्त्र मात्र नहीं बल्कि मिथिला के सम्मान, संस्कार और अस्मिता का प्रतीक है। जिसे पाग पहनाया जाता है, पूरा समाज उसे सम्मान और स्वीकृति प्रदान करता है। इसकी अहमियत किसी राजा के मुकुट से कम नहीं है। ऐसे में कोई पाग को किसी व्यक्ति से कमतर बताकर फेंक देता है तो यह पूरी संस्कृति का अपमान करता है। इससे संस्कृति और परंपरा की आत्मा को ठेस पहुंचती है। पाग का मान बनाए रखिए। दरअसल यूपी के बांसडीह की बीजेपी विधायक केतकी सिंह मैथिली ठाकुर के प्रचार अभियान में दरभंगा पहुंची। वहां एक सभा में लोगों को संबोधित करते हुए पाग को टेबल पर फेंक दिया और मैथिली ठाकुर को मिथिला का असली सम्मान बताया। इसका वीडियो वायरल हुआ तो सियासी घमासान मच गया। बाद में भाजपा विधायक ने माफी मांग ली लेकिन राजद इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार नहीं है। आरजेडी ने सोशल मीडिया पर केतकी सिंह का वीडियो शेयर कर मैथिल भावना कैश करने की कोशिश की है। राजद के ट्वीट पर प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। केतकी सिंह न पाग को हाथ में उठाकर पूछा कि यह क्या तो जवाब आया कि मिथिला का सम्मान है। इस पर उन्होंने कहा कि यह पाग नहीं बल्कि यह(मैथिली ठाकुर) मिथिला का सम्मान है। उन्होंने बेपरवाही से पाग को टेबल पर फेंक दिया। वहां मौजूद किसी भाजपाई ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद केतकी सिंह ने माफी मांग ली।  

BJP में एंट्री के बाद मैथिली ठाकुर के चुनावी मैदान में उतरने के संकेत, इस सीट से मिल सकता है टिकट

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में नए चेहरे जुड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसी कड़ी में मंगलवार को लोकगायिका मैथिली ठाकुर बीजेपी में शामिल होने जा रही हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें दरभंगा की अलीनगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है. सूत्र बताते हैं कि अलीनगर सीट से मौजूदा विधायक मिश्रीलाल यादव का टिकट कटना लगभग तय है, और पार्टी इस सीट पर युवा और लोकप्रिय चेहरा लाने के मूड में है. मैथिली ठाकुर के सोशल मीडिया पर बड़े फैन बेस और मिथिला क्षेत्र में लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी उन्हें अपने प्रचार अभियान का चेहरा भी बना सकती है. अगर मैथिली ठाकुर को टिकट मिलता है, तो यह पहली बार होगा जब बिहार की लोक-संस्कृति से जुड़ी कोई प्रसिद्ध गायिका सीधे राजनीतिक मैदान में उतरेंगी. हाल ही में विनोद तावड़े से की थी मुलाकात मैथिली ने हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और संगठन महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं. क्या बोलीं मैथिली? मैथिली ने कहा भी था कि बीजेपी नेताओं के साथ आधे घंटे तक बात हुई. बातचीत सकारात्मक रही है. उन्होंने यह भी कहा कि हम एनडीए के समर्थन में हैं और हमेशा से बीजेपी मेरी प्राथमिकता रही है. मैथिली ने कहा था कि दिल्ली में काम के लिए रहती हूं. मेरी आत्मा बिहार से जुड़ी है. बिहार रहकर लोगों की सेवा करना चाहती हूं, विकास में योगदान देना चाहती हूं. चुनाव लड़ने के लिए तैयार मैथिली ठाकुर बता दें, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने 5 अक्टूबर को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर मैथिली ठाकुर के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि वर्ष 1995 में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़ गए थे, उस परिवार की बिटिया मैथिली ठाकुर अब बदलते बिहार की रफ्तार देखकर वापस आना चाहती हैं. दरभंगा की रहने वाली मैथिली ठाकुर लोक संगीत और मिथिला संस्कृति के लिए जानी जाती हैं और सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है. इसी साल मैथिली ठाकुर 25 की हुई हैं.  कौन हैं मैथिली ठाकुर? मैथिली बिहार की फेमस सिंगर हैं. वो दरभंगा की रहने वाली हैं. मैथिली लोक संगीत के लिए वो जानी जाती हैं. विदेश में भी मैथिली कॉन्सर्ट करती हैं. 25 साल की सिंगर मिथिला संस्कृति के लिए फेमस हैं. बचपन से मैथिली को गाने का शौक है. वो प्लेबैक सिंगर हैं. क्लासिकल म्यूजिक में उनकी ट्रेनिंग हुई है. मैथिली ने कई भाषाओं में गाने गाए हैं. उनके पिता रमेश ठाकुर और मां भारती ठाकुर मैथिली म्यूजिशियन हैं. दोनों बतौर म्यूजिक टीचर काम करते हैं. मैथिली के दो भाई हैं. वो भी संगीत की दुनिया में अपना करियर बना रहे हैं. सभी बच्चों को उनके दादा और पिता ने संगीत की तालीम दी है. तीनों भाई बहनों को हिंदुस्तानी क्लासिक म्यूजिक के अलावा हारमोनियम और तबला बजाने की भी ट्रेनिंग दी गई है. 

मैथिली ठाकुर का राजनीतिक रुख साफ? BJP नेताओं से मुलाकात के बाद जताई चुनावी मंशा

जबलपुर   बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। चुनावों के लिए कौन सी पार्टी किस दावेदार के साथ उतरेगी ये तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे ही एक दावे की चर्चा लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर भी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि मैथिली ठाकुर 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली की बीजेपी के नेताओं से मुलाकात के बाद इस तरह की चर्चा होने लगी है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे।   मैथिली बोलीं- देखते हैं क्या होता है वहीं, जबलपुर पहुंची भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर ने अपने चुनाव लड़ने की खबरों पर कहा, "मैं भी टीवी पर ये सब देख रही हूं। हाल ही में मैं बिहार गई थी और मुझे नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मिलने का मौका मिला। हमने बिहार के भविष्य पर चर्चा की। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। मैं अपने गांव के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगी, क्योंकि मुझे उससे लगाव है" बिहार चुनाव में वह किसे समर्थन दे रही हैं, इस पर उन्होंने कहा, "मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मैं देश के विकास में हर संभव योगदान देने के लिए पूरी ताकत से खड़ी हूं"    ये है मामला दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा था, "वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं!"