samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दो दिवसीय प्रबंधन कैम्पिंग प्रशिक्षण सम्पन्न

भोपाल मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा 17 एवं 18 जुलाई को सीहोर जिले के वन मण्डल अंतर्गत ग्राम कठौतिया ईको जंगल कैम्प में दो दिवसीय गंतव्य स्थल प्रबंधन एवं कैम्पिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ईको पर्यटन स्थल पर कार्यरत समिति सदस्यों को रोजगार के नये आयाम विकसित करना, स्थल पर आने वाले पर्यटकों को वन एवं वन्य-जीव पर्यावरण के संबंध में शिक्षित करना और स्थल के आसपास के सभी गाँवों को वनों को संरक्षित करने के लिये जागरूक करना है। प्रशिक्षण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ईको पर्यटन विकास बोर्ड डॉ. समिता राजौरा ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया। प्रशिक्षण में 12 ईको पर्यटन से आये 49 सदस्यों ने लिया भाग प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 12 ईको पर्यटन गंतव्य स्थलों, जिनमें सापना ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल दक्षिण बैतूल, मगरपाठ व कठौतिया ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल सीहोर, बोदाखो व समर्धा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल भोपाल, चिड़ीखो अभयारण्य वन मण्डल राजगढ़, देलावाड़ी ईको पर्यटन स्थल रातापानी टाइगर रिजर्व, उमरीखेड़ा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल इंदौर, देवखो कूनो वन्य-प्राणी अभयारण्य, चारखेड़ा ईको पर्यटन स्थल वन मण्डल खण्डवा, पनपथा ईको पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व और खिवनी अभयारण्य वन मण्डल देवास से आये कुल 49 सदस्यों, वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन रक्षक, समिति अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सदस्य ने प्रशिक्षण में भाग लिया। ईको पर्यटन की गतिविधियों को समझाया प्रशिक्षण के पहले सत्र में ईको पर्यटन समिति का गठन एवं संचालन, समिति सदस्यों की चयन प्रक्रिया, समिति गठन की प्रक्रिया, समिति सदस्यों तथा अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का दायित्व एवं कर्त्तव्य, प्रत्येक माह में समिति की बैठकों का रजिस्टर संधारण, संघर्ष प्रबंधन, सेवा प्रदाता का चयन और कानूनी अनुपालन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे सत्र में अतिथि सत्कार प्रबंधन, अतिथि रवानगी, स्टोर प्रबंधन, किचन प्रबंधन, कैम्प साइड प्रबंधन, टॉयलेट प्रबंधन, तीसरे सत्र में साइड प्रबंधन, साफ-सफाई एवं स्वच्छता प्रबंधन, बुनियादी सुविधा, भण्डार प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधन, ट्रेकिंग एवं कैम्पिंग आदि के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। ईको पर्यटन के अंतर्गत गतिविधियों में प्राकृतिक पथ-भ्रमण, पक्षी-दर्शन, विलेज वॉक, रात्रि जंगल वॉक, साहसिक गतिविधि, सेल्फी पाइंट और बैलगाड़ी की सैर इत्यादि शामिल है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र भी दिये गये।  

कलेक्टर ने व्हीसी के माध्यम से की बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा

राजस्व अधिकारी अतिवृष्टि बाढ़ से प्रभावित परिवारो का सर्वे कर समय पर कराये राहत राशि का वितरतण :  शुक्ला   सिंगरौली जिले में हो रही भारी बारिस को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला ने व्हीसी के माध्यम से राजस्व अधिकारियो के साथ बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले ऐसे परिवार जिन्हे अतिवृष्टि बाढ़ के कारण जान माल की क्षति हुई ऐसे परिवारो का सर्वे कर उन्हे निर्धारित समय सीमा के अंदर राहत राशि का वितरण कराये।      कलेक्टर शुक्ला ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो की लगातार मानीटरिंग करते रहे। अपना सूचना तंत्र मजबूत रखे ताकि बाढ़ आपदा के समय हर पल की जानकारी लगातार मिलती रहे। उन्होने उपखण्ड अधिकारी चितरंगी को सोन नदी के आस पास वाले गावो की लगतार निगरानी रखने के साथ अपादा के दौरान नगारिको को सुरंक्षित स्थानो पर ले जाने के लिए सभी तैयारिया रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाढ़ आकाशीय बिजली , सर्प दंश सहित अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओ से पिड़ित व्यक्तियो के परिजनो को शासन के नियामनुसार तत्काल राहत राशि का वितरण कराये। निचले क्षेत्रो वाले बस्तियो गावो की जानकारी हर समय मिल सके इस हेतु ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित गाव में रहने वाले कम से कम चार लोगो का मोबाईल नम्बर अपने पास रखे। कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ के समय जो पुल पुलिया जलमग्न हो जाती है उन्हे चिन्हित कर उनके दोनो किनारो में बोर्ड लगाकर  संदेश लिखवाये कि जलमग्न होने पर पुल या पुलिया से आवागमन बिलकुल न करे साथ ही जानकारी प्राप्त होते पुल पुलियो के दोनो ओर बैरिकेंटिग भी कराये।  कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि अपने अपने क्षेत्रो के विद्यालय भवनो सहित शासकीय भवनो का सर्वे कराये कि वे जर्जर हालत मे तो नही यदि भवन जर्जर हालत में मरम्मत कराने योग्य नही है तत्काल उनको डिसमेंटल करने की कार्यवही करे। साथ ही ऐसे स्थल जहा पर जल भराव की समस्या बनी रहती है ऐसे स्थलो को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि बाढ़ आपदा के दौरान अपने क्षेत्रो में होने वाली जानमाल के क्षति की जानकारी से प्रत्येक दिवस शांय के समय दिया जाना सुनिश्चित करे। बैठक के दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी, तहसीलदार सविता यादव, जान्हवी शुक्ला सहित अन्य राजस्व अधिकारी व्हीसी के माध्यम से बैठक में शामिल रहे।

AI साफ्टवेयर का उपयोग कर मां शारदा देवी मंदिर में ब्लास्ट की झूठी अफवाह फैलाने वाला भेजा गया जेल

मैहर पुलिस अधीक्षक मैहर सुधीर कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन एवं चंचल नागर अपुअ, महेन्द्र सिंह चौहान सीएसपी मैहर के मार्गदर्शन में निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर के नेतृत्व में मिली सफलता वीडियो वायरल होने के महज 12 घंटों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। विवरण – दिनांक 18.07.2025 को विभिन्न व्हास्ट्सप ग्रुपों एवं सोशल मीडिया में मां शारदा देवीजी मंदिर मैहर में प्रवेश द्वार पर आतंकवादी हमला (ब्लास्ट) होने एवं कुछ श्रद्धालुओं के हताहत होने की वीडियो वायरल होने पर करीबन 40 लाख से अधिक सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा वीडियो देखा गया तथा उक्त कथित भ्रामक वीडियो के संबंध में लोगों में काफी आक्रोश देखा गया जिस पर कार्यालय अधीक्षक मां शारदा देवी मंदिर मैहर द्वारा थाना मैहर मे अज्ञात व्यक्ति के द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट से उक्त झूठी ब्लास्ट होने की वीडियो वायरल किये जाने व लोगो की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर थाना कोतवाली मैहर मे अपराध धारा 192, 299, 351(1) बीएनएस का पंजीबद्ध कर आरोपी द्वारा वीडियों वायरल हेतु उपयोग किये गये फेसबुक अकाउंट के संबंध में जांच की गई जो आरोपी दीपांशु गुप्ता निवासी सीधी का पाये जाने पर आरोपी उपरोक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक मैहर द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा 12 घंटे के अंदर पकड़ा गया जिसने पूंछताछ पर AI साफ्टवेयर का उपयोग कर देवीजी शारदा मंदिर में ब्लास्ट की झूठी वीडियो बनाकर वायरल करना बताया। जिस पर आरोपी का वीडियो वायरल में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी को गिरफ्तार कर पेश न्यायालय किया गया है। जप्ती विवरणः- भ्रामक वीडियो बनाने एवं वायरल करने में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन कीमती 15 हजार रु. नाम पता गिरफ्तार आरोपीः- दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी सराहनीय भूमिकाः- निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर, सउनि अरविन्द दिवेदी, सउनि पुष्पेन्द्र सिंह, प्रआर पुष्पेन्द्र वर्मा, आर. आशुतोष यादव, संजय तिवारी, शिवम तिवारी एवं सायवर सेल मैहर से आर. संदीप सिंह, सुशील दिवेदी की रही है।

कावड़ियों की सुरक्षा व ट्रैफिक को देखते हुए सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित

 जबलपुर जबलपुर से गुजरने वाली कावड़ यात्रा को मद्देनदजर रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 21 जुलाई सोमवार को सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ये आदेश सभी शासकीय, निजी सीबीएसई, आईसीएसई सभी स्कूलों पर लागू होगा। जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि, 21 जुलाई को जबलपुर में निकलने वाली कावड़ यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कावड़ यात्रा के दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क पर आने की वजह से शहर के कई मार्गों पर जाम लग जाता है, ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। घंटों स्कूली बच्चे और उनके परिजन ट्रैफिक में फंसना पड़ता है, लिहाजा 21 जुलाई को असुविधा से बचने के लिए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की जाती है। नर्मदा का जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं श्रद्धालु आपको ये भी बता दें कि, जबलपुर में कांवड़ यात्रा के दिन लाखों श्रद्धालु नर्मदा से जल लेकर करीब 35 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुए खमरिया घाना स्थित शिवालय पहुंचते हैं। वहीं, पर नर्मदा जल अर्पित कर कर बाबा भोले की पूजा अर्चना करते हैं। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर, हाईवे पर रूट डायवर्जन सावन के दूसरे सोमवार और आगामी शिवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी अव्यवस्था न हो। जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शिवभक्तों की आस्था और सुरक्षा दोनों प्राथमिकता में हैं, इसलिए आम नागरिक भी रूट डायवर्जन और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सूचना जारी कर दी है। यात्रा चरम पर, प्रशासन की बड़ी चुनौती हर साल की तरह इस बार भी अमरोहा में कांवड़ यात्रा का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आने-जाने से जहां आस्था का माहौल है, वहीं ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी का निर्णय इस चुनौती को कम करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर खास नजर: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की वार्डवार समीक्षा

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विभिन्न वार्डों में संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा की राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्डों का दौरा कर निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत परखी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर खास नजर: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की वार्डवार समीक्षा शहर विकास की रफ्तार पर फोकस, राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किए निर्माण कार्यों का निरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हटाए जाएं अतिक्रमण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निकाय अधिकारी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से करें। दर्जनों कॉलोनियों को मिलेगी सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट्स राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इच्छापूर्ण महादेव मंदिर, सोनागिरी ए-सेक्टर में रोड, नाली, शेड और पार्क की बाउंड्रीवाल का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। आनंद नगर मल्टी का कार्य नवंबर तक पूर्ण करने और उसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का सुझाव दिया। विभिन्न कॉलोनियों में सीवेज चैंबर की सफाई, सीसी रोड एवं स्ट्रीट लाइटों के लिए इस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। अमृत 2.0 योजना से जुड़ेंगे सीवेज, अतिक्रमण हटेगा इंद्रपुरी ए-सेक्टर में रोड निर्माण, मंदिर की छत और फ्लोरिंग, सीवेज लाइन सुधार के निर्देश दिए। नवोदा कैंसर हॉस्पिटल के पास गंदगी फैलाने पर नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। अमृत 2.0 योजना से सीवेज लाइन जोड़ने, पार्कों की सफाई, गड्ढों की मरम्मत व अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया गया। तेज़ी से पूरे करें विकासकार्य: राज्यमंत्री श्रीमती गौर इंद्रपुरी सी-सेक्टर में दुकानदारों द्वारा किए गए 10-10 फीट तक के अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए और कार्यवाही के दौरान पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। सतनामी नगर, अर्जुन नगर, रोजवुड कॉलोनी आदि में नाले और सड़कों के निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने और स्ट्रीट लाइट कार्य में तेजी लाने के आदेश भी दिए गए। बैठक में लवकुश यादव, पार्षद श्रीमती ममता विश्वकर्मा, श्रीमती छाया ठाकुर, संतोष ग्वाला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।  

केंद्र के बाद MP सरकार का बड़ा फैसला, मध्यप्रदेश ने भी तय की गेहूं की स्टॉक लिमिट

भोपाल  गेहूं के भाव को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने अधिकतम भंडारण की सीमा निर्धारित कर दी है। मध्य प्रदेश में भी इसके अनुरूप अब व्यापारी और थोक विक्रेता तीन हजार टन से अधिक गेहूं का भंडारण(wheat stock MP) नहीं कर पाएंगे। फुटकर व्यापारियों के लिए यह सीमा 10 टन की रहेगी। यह भंडारण सीमा 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि थोक और फुटकर व्यापारियों के साथ चेन रिटेलर के लिए भी अधिकतम भंडारण की सीमा तय की गई है। चेन रिटेलर के प्रत्येक आउटलेट के लिए 10 टन की सीमा इस आधार पर निर्धारित की गई है कि सभी आउटलेट पर अधिकतम मात्रा आउटलेटों की कुल संख्या के 10 गुना से अधिक भंडारित नहीं होना चाहिए।  प्रोसेसर के लिए भंडारण की मात्रा उसकी मासिक स्थापित क्षमता के 70 प्रतिशत को वर्ष 2025-26 के शेष महीनों से गुणा करने के आधार पर निर्धारित होगी। यह शेष अवधि की मात्रा से अधिक नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार ने तय की स्टॉक की सीमा  इसी तरह चेन रिटेलर के प्रत्येक आउटलेट के लिये 10 मीट्रिक टन की सीमा इस आधार पर निर्धारित की गई है कि सभी आउटलेट पर अधिकतम मात्रा आउटलेटों की कुल संख्या के 10 गुना मीट्रिक टन से अधिक भण्डारित नहीं होना चाहिये। प्रोसेसर के लिये स्टॉक की मात्रा उसकी मासिक स्थापित क्षमता के 70 प्रतिशत मात्रा को वर्ष 2025-26 के शेष महीनों से गुणा करने पर आने वाली मात्रा से अधिक नहीं होना चाहिये। 29 लाख मीट्रिक टन अधिक गेहूं की खरीद  उल्लेखनीय है कि इस साल प्रदेश सरकार ने करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख 74 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जो पिछले साल की तुलना में 29 लाख मीट्रिक टन अधिक है, पिछले साल 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ था। इस साल 2600 रुपये MSP पर मप्र सरकार ने खरीदा गेहूं यहाँ बताना जरूरी है कि इस बार केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया था लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इस पर 175 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस दिया जिसके बाद गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गयी, परिणाम स्वरुप किसानों ने सरकार को गेहूं बेचा जिसका लाभ किसानों और सरकार दोनों को ही हुआ।  

राजस्व कामकाज में सख्ती, तहसीलदार-नायब तहसीलदार को अब पूरे दिन ऑफिस में रहना होगा

जबलपुर  वीआइपी दौरे और लॉ एंड ऑर्डर के चलते प्रभावित होने वाले राजस्व प्रकरणों की समस्या को हल करने के लिए जिले में नई पहल की गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में राजस्व अधिकारियों का नया सेटअप तैयार किया गया है। अब राजस्व न्यायालय का कामकाज संभालने वाले अधिकारियों को वीआइपी दौरे और लॉ एंड आर्डर की जिमेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब अदालती काम में लगाए गए तहसीलदार और नायब तहसीलदार केवल अदालत का काम ही देखेंगे। वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तहसीलों में बैठकर राजस्व प्रकरणों का निपटारा करेंगे। प्रोटोकॉल देखेंगे 14 अधिकारी नए आदेश में प्रोटोकॉल और कानून व्यवस्था संबंधी कार्यों के लिये पृथक से 14 राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। शहरी क्षेत्र के मामले में अपर जिला दंडाधिकारी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मामले में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को थाना क्षेत्र का आवंटन करने के निर्देश दिये हैं। गैर न्यायालयीन कार्यों के लिए नियुक्त प्रभारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख एवं प्रभारी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। पक्षकार होते थे परेशान दरअसल, वीआइपी दौरों के प्रोटोकॉल और अचानक उत्पन्न होने वाली लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को संभालने की जिमेदारी का असर राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर पड़ता था। इससे न केवल आम पक्षकार परेशान होते हैं, बल्कि राजस्व विभाग की छवि पर गंभीर असर पड़ता है। इससे निपटने के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने दो तरह का सेटअप तैयार कराया। राजस्व कोर्ट की बढ़ी संख्या नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने तथा समय सीमा के भीतर उनका निराकरण करने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों की संया 22 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है। इन अधिकारियों की ड्यूटी प्रोटोकॉल, कानून व्यवस्था आदि कार्यों में नहीं लगाई जा सकेगी। संवाद पर जोर नए सेटप के साथ आम जनमानस से संवाद पर भी जोर दिया गया है। अदालती काम संभालने वाले राजस्व अधिकारी अब सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कोर्ट में बैठेंगे। इससे अवगत कराने पूरे जिले में 22 जुलाई को एक साथ सभी तहसीलों में बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

राजस्व कामकाज में सख्ती, तहसीलदार-नायब तहसीलदार को अब पूरे दिन ऑफिस में रहना होगा

जबलपुर  वीआइपी दौरे और लॉ एंड ऑर्डर के चलते प्रभावित होने वाले राजस्व प्रकरणों की समस्या को हल करने के लिए जिले में नई पहल की गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में राजस्व अधिकारियों का नया सेटअप तैयार किया गया है। अब राजस्व न्यायालय का कामकाज संभालने वाले अधिकारियों को वीआइपी दौरे और लॉ एंड आर्डर की जिमेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब अदालती काम में लगाए गए तहसीलदार और नायब तहसीलदार केवल अदालत का काम ही देखेंगे। वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तहसीलों में बैठकर राजस्व प्रकरणों का निपटारा करेंगे। प्रोटोकॉल देखेंगे 14 अधिकारी नए आदेश में प्रोटोकॉल और कानून व्यवस्था संबंधी कार्यों के लिये पृथक से 14 राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। शहरी क्षेत्र के मामले में अपर जिला दंडाधिकारी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मामले में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को थाना क्षेत्र का आवंटन करने के निर्देश दिये हैं। गैर न्यायालयीन कार्यों के लिए नियुक्त प्रभारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख एवं प्रभारी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। पक्षकार होते थे परेशान दरअसल, वीआइपी दौरों के प्रोटोकॉल और अचानक उत्पन्न होने वाली लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को संभालने की जिमेदारी का असर राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर पड़ता था। इससे न केवल आम पक्षकार परेशान होते हैं, बल्कि राजस्व विभाग की छवि पर गंभीर असर पड़ता है। इससे निपटने के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने दो तरह का सेटअप तैयार कराया। राजस्व कोर्ट की बढ़ी संख्या नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने तथा समय सीमा के भीतर उनका निराकरण करने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों की संया 22 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है। इन अधिकारियों की ड्यूटी प्रोटोकॉल, कानून व्यवस्था आदि कार्यों में नहीं लगाई जा सकेगी। संवाद पर जोर नए सेटप के साथ आम जनमानस से संवाद पर भी जोर दिया गया है। अदालती काम संभालने वाले राजस्व अधिकारी अब सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कोर्ट में बैठेंगे। इससे अवगत कराने पूरे जिले में 22 जुलाई को एक साथ सभी तहसीलों में बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

इंदौर-मुंबई तेजस ट्रेन: फुल स्पीड में सफर, देखें स्टेशन व समय का पूरा शेड्यूल

इंदौर   ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को रेलवे ने बड़ा तोहफा दिया है। पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल और इंदौर स्टेशनों के बीच विशेष किराये पर सुपरफास्ट तेजस स्‍पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि, ऐसा पहली बार होगा जब तेजस स्पेशल ट्रेन मध्य प्रदेश में दौडे़गी। अब तक तेजस ट्रेन लखनऊ-नई दिल्ली, अहमदाबाद-मुंबई, और मुंबई-मडगांव जैसे मार्गों पर चलती है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने इस स्‍पेशल ट्रेन की जानकारी दी है। ट्रेन संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल इंदौर स्‍पेशल प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से रात 11.20 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। यह ट्रेन 23 जुलाई से 29 अगस्त तक चलेगी। ट्रेन संख्या 09086 इंदौर मुंबई सेंट्रल स्‍पेशल प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम 5 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन 7.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन 24 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम तथा उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी।इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर एवं एसी 3-टियर कोच होंगे। 21 जुलाई से बुकिंग शुरू ट्रेन संख्या 09085 एवं 09086 की बुकिंग 21 जुलाई से सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रारंभ होगी। ट्रेनों के ठहराव, समय और संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवि स्व. गोपालदास नीरज को अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसिद्ध गीतकार, साहित्यकार एवं पद्म भूषण से सम्मानित स्व. गोपालदास 'नीरज' की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकप्रिय कविताओं के रचियता नीरज जी की कृतियों में देश, समाज और समकालीन परिस्थितियों के साथ संवेदनाओं के सम्मोहक मिश्रण की अनुभूति होती है। उनके द्वारा लिखे गए गीत प्रशंसकों के जीवन को सदैव आनंदित और प्रेरित करते रहेंगे।