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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान तेज, अयोध्या मॉडल पर कार सेवा की तारीख तय

मथुरा  राम मंदिर में दान चोरी का मामला जहां गर्माया हुआ है, वहीं मथुरा से एक नया विवाद उभरने की आहट दिख रही है. मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है. अयोध्‍या की तरह ही यहां भी विवादित ढांचे/गुबंद को तोड़ने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए बाकायदा बैठक, मुलाकातें भी हो रही हैं. चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन से जन्मभूमि आंदोलन को लेकर मुलाकात की है. सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए विवादित गुंबद तोड़ने की घोषणा की है और देवकीनंदन ठाकुर ने उन्‍हें अपना समर्थन भी दे दिया है. ऐसे में दिन और तारीख भी तय कर दी है, ताकि वहां कूच की जा सके।  मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कार सेवा का ऐलान दरअसल, मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए चित्र गुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज से मुलाक़ात की और 9 अगस्त क्रांति दिवस के दिन विवादित गुंबद तोड़ने के लिए समर्थन मांगा. इस पर ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कार सेवा के लिए समर्थन दिया।  स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्त को एक और कार सेवा की जाएगी. इस कार सेवा के लिए ब्रजवासी, साधु संत और धर्म गुरुओं से सम्पर्क कर कार सेवा में शामिल होने की अपील की जा रही है. कार सेवा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने भी अपना समर्थन दिया है।  शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी क्‍या बोली? स्वामी सच्चिदानंद महाराज की इस घोषणा के बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की तरफ से भी बयान आया है. कमेटी के सचिव एवं पक्षकार तनवीर अहमद ने कहा कि जहां मामले न्यायालय में लंबित हों, वहां इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है. न्यायालय पर ही सबको भरोसा है. संविधान पर सबको भरोसा है. राम मंदिर का मामला अलग है. वहां तो रामलला तिरपाल में बैठे थे. यहां तो मंदिर अलग है, मस्जिद अलग है. दोनों के रास्ते भी अलग हैं. मस्जिद में पांच टाइम की नमाज होती है और वहां भजन-पूजन. ये दोनों आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। 

ESIC अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहल, राज्यमंत्री गौर ने केंद्रीय मंत्री से किया आग्रह

भोपाल के ESIC अस्पताल के उन्नयन और चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने की मांग की केंद्रीय मंत्री मांडविया को राज्यमंत्री गौर ने लिखा पत्र भोपाल केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल, सोनागिरी के उन्नयन के संबंध में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए निवेदन किया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उल्लेख किया है कि यह अस्पताल भोपाल, मंडीदीप, सतलापुर एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों तथा उनके परिजनों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। वर्तमान में लगभग 6.5 लाख बीमित कामगार इस अस्पताल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि पूर्व में यह अस्पताल राज्य शासन के श्रम विभाग द्वारा राज्य कर्मचारी बीमा सेवाएं द्वारा संचालित था, लेकिन दिनांक 22 जून 2023 को भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ने इसका संचालन अपने हाथ में ले लिया और आज भी भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के नियंत्रण में है। इसलिए बीमित श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए इसका 300 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में उन्नयन, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, विशेष चिकित्सकों एवं मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता और सेकेंडरी व सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए निवेदन किया है।  

लापरवाह ठेकेदारों पर सख्त एक्शन, राज्यमंत्री गौर ने ब्लैकलिस्ट करने के दिए निर्देश

लापरवाह ठेकेदारों एक्शन की तैयारी, राज्यमंत्री गौर ने ब्लैक लिस्ट करने के दिए निर्देश विकास कार्यों की हुई समीक्षा, 3 दिनों में लंबित कार्य पूर्ण करने के दिये निर्देश भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो ठेकेदार निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि जनता की सुविधा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में जिन विकास कार्यों के वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं, उनका शीघ्र भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए, जिससे आमजन को समय पर इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक में उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समय-सीमा की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों को तय समय में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।  

गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुगम यातायात सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

राज्यमंत्री  गौर ने किया निर्माणाधीन 10 लेन सड़क का जायजा गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुगम यातायात सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर राज्यमंत्री  गौर बोली एक वर्ष में पूर्ण करें 10 लेन सड़क का निर्माण कार्य, आमजन को यातायात में नहीं हो असुविधा भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को निर्माणाधीन 10 लेन सड़क के कार्य का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। यह 10 लेन सड़क परियोजना भी इसी तीव्र विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि 10 लेन सड़क का यह निर्माण कार्य हर हाल में अगस्त 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में सामने आ रही व्यवस्थागत समस्याओं एवं अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया और इनके शीघ्र निराकरण के लिये संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को यातायात, आवागमन एवं अपनी दैनिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और सुव्यवस्थित ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुविधा, सुगम यातायात एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश चंदेरी में 20 वर्षों से निवासरत परिवारों की समस्या का होगा त्वरित निराकरण-राज्यमंत्री गौर भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर से उनके निवास पर घुमंतू जनजाति वर्ग के अगरिया (लोहापीट/गाड़िया लोहार) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में लंबे समय से निवासरत समाज के लोगों को आवासीय पट्टे दिलाए जाने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री राजू राणा ने बताया कि घुमक्कड़ समाज के कई परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से चंदेरी के तमरपुरा क्षेत्र में निवासरत हैं। इन परिवारों के सभी आवश्यक शासकीय दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी आदि) भी चंदेरी के ही बने हुए हैं, लेकिन अब तक पट्टे नहीं मिले हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल अशोकनगर कलेक्टर को शीघ्र समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा और पट्टे वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

शौर्य संकल्प योजना से युवाओं को मिलेगा आत्मविश्वास और अवसरों का नया मंच: राज्यमंत्री गौर

युवाओं को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक अभियान है शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना: राज्यमंत्री गौर शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना का हुआ शुभारंभ भोपाल, नर्मदापुरम और रायसेन के चयनित अभ्यर्थियों को वितरित की किट पहली बार ओबीसी छात्रावासों में फ्री मेस, दिल्ली छात्रगृह योजना की राशि 1550 से बढ़ाकर 10 हजार भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को अपेक्स बैंक परिसर के समन्वय भवन में 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में योजना के अंतर्गत भोपाल, नर्मदापुरम और रायसेन जिले के चयनित अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने प्रशिक्षण किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने युवाओं का स्वागत करते हुए इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमने यह प्रण लिया था कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं का जीवन बेहतर बनाने के लिए हम कुछ ठोस करेंगे और यह योजना युवाओं को सशक्त बनाने का एक बड़ा अभियान है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि 45 दिन तक चलने वाली यह विभाग की पहली ऐसी रोजगार परक प्रशिक्षण योजना है, जो ओबीसी अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, शौर्य, समर्पण और संकल्प का ज्ञान भी देगी। हमारी योजना का नाम ही 'शौर्य और संकल्प' है, जो अपने आप में एक प्रेरणा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नियत किए गए विकास के 4 स्तंभों में युवाओं को एक अहम स्तंभ बताते हुए मंत्री श्रीमती गौर ने युवा शक्ति का आह्वान किया कि वे किसी के भ्रम में न आएं। हमारी केंद्र और राज्य सरकार कौशल, संकल्प और प्रेरणा के जरिए युवाओं को निखारने का काम कर रही है, जो राष्ट्रसेवा की सशक्त राह पर आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए मंत्री श्रीमती गौर ने विभागीय उपलब्धियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार ओबीसी हॉस्टल में 'मेस' की सुविधा शुरू होने जा रही है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संवेदनशीलता है कि 'दिल्ली छात्रगृह योजना' की सहायता राशि को 1,550 रुपए से बढ़ाकर सीधे 10 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा छात्राओं को बेहतर वातावरण देने के लिए 31 कन्या छात्रावासों को 'आदर्श छात्रावास' के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य और हमारा विभाग पहला विभाग है, जो 'सोशल इंपैक्ट बॉन्ड' के माध्यम से युवाओं को ट्रेनिंग देकर विदेश भेजने की तैयारी कर रहा है। 'सरदार पटेल कोचिंग योजना' के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी विद्यार्थियों को नीट, क्लैट और जेईई जैसी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प हमारी सरकार ने किया है। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने ओबीसी वर्ग के छात्रों की बेहतरी के लिए एक शानदार योजना को जमीन पर उतार दिया है। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि राज्यमंत्री श्रीमती गौर के प्रयासों से ही आज यह ऐतिहासिक योजना मूर्त रूप ले रही है। विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण' जैसी योजना देशभर में केवल मध्यप्रदेश सरकार ने ही शुरू की है। इससे प्रतीक होता है कि सरकार सभी वर्गों के विकास के प्रति कितनी संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है। आयुक्त पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सौरभ सुमन ने बताया कि इस योजना के लिए कुल 6,687 आवेदन प्राप्त हुए थे। पारदर्शी स्क्रीनिंग के बाद 3,664 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिनमें 2,030 छात्र और शेष छात्राएं शामिल हैं। इन चयनित अभ्यर्थियों को सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा, आधुनिक तरीके से तैयारी करने के लिए 'ऐप बेस्ड ट्रेनिंग मटेरियल' भी उपलब्ध रहेगा। आयुक्त श्री सुमन ने छात्रों को विश्वास दिलाया कि योजना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अगर आवश्यकता हुई तो मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद अन्य जिलों तक इस योजना का विस्तार किया जाएगा और सीटों की संख्या में भी विस्तार किया जाएगा।  

शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का आज होगा शुभारंभ, राज्यमंत्री श्रीमती गौर करेंगी शुरुआत

राज्यमंत्री श्रीमती गौर आज करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल 20 जिलों के 4000 ओबीसी युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती के लिए मिलेगा 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार 15 मई 2026 को सुबह 11 बजे 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' का शुभारंभ करेंगी। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित रहेंगे। भोपाल, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए ये योजना विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के 20 चयनित जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य अर्ध सैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। योजना में प्रदेश भर से चयनित 4000 प्रतिभागियों को जिला स्तर पर 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100-100 के बैच में पुरुष और महिला वर्ग के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद वैज्ञानिक और सघन बनाया गया है। इसमें कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन 4 घंटे का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 3 घंटे का शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निशुल्क आवास और भोजन के साथ स्टाइपेंड, अध्ययन सामग्री भी मिलेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए एक 'ऐतिहासिक सौगात' है, जो न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि उनमें देश सेवा का जज्बा और अनुशासन भी पैदा करेगी।  

अंधेरे से उजाले की ओर: कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने जगाई नई उम्मीद

अंधेरे से उजाले की ओर- कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी रायपुर, जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है। प्रधानमंत्री के हाथों मिली खुशियों की चाबी        कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी। मनरेगा- आत्मनिर्भरता की नई इबारत       पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है। योजनाओं के सुरक्षा कवच और बदला जीवन        शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।          'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन  के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।

युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर

‘शौर्य संकल्प योजना’ पर लगी कैबिनेट की मुहर, पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए तैयार करेगी योजना युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर 45 दिन का आवासीय प्रशिक्षण, मिलेगी छात्रवृत्ति, 4000 युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग युवा अभ्यर्थियों को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने के लिए “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026” की शुरुआत करने जा रहा है। इसके जरिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, कंप्यूटर एवं अंग्रेज़ी जैसे विषयों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर कहा कि शौर्य संकल्प योजना हमारे युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना से भी सशक्त बनाएगी। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर युवा अपनी क्षमता के अनुसार देश की सेवा में योगदान दे सके। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी को सशक्त बनाकर पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए नए द्वार खोलेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। योजना के प्रारंभिक चरण में 40 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए 4000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए पृथक-पृथक केंद्र संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण की अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये तथा महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। योजना के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा OBC वर्ग का प्रमाण-पत्र (नॉन-क्रीमीलेयर) आवश्यक होगा। चयन प्रक्रिया में 12वीं के अंकों के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। राज्य शासन द्वारा आगामी तीन वर्षों में इस योजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है, जिसके माध्यम से 12,000 युवाओं को सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। यह योजना युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं कर्तव्यबोध विकसित करने के साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।  

Bhopal में विकास को रफ्तार, राज्यमंत्री गौर ने 5.5 करोड़ से अधिक के कार्यों का भूमिपूजन किया

भोपाल के विकास की नई उड़ान: राज्यमंत्री  गौर ने किया साढ़े 5 करोड़ से अधिक लागत के विकासकार्यों का भूमिपूजन साकेत नगर में 2 करोड़ 29 लाख, बाइपास से संपदा कॉलोनी तक 3 करोड़ 36 लाख की लागत से तक बनेगी सड़क भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शुक्रवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में करीब साढ़े 5 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाली दो मुख्य सड़कों का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधि महती भूमिका निभा रहे हैं। हर कार्य को उत्कृष्टता के साथ पूर्ण करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साकेत नगर में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं और ऐसे विकासकार्य निरंतर जारी रहेंगे। राज्यमंत्री गौर ने पंचवटी मार्केट से साकेत नगर एरिया में 1.7 किलोमीटर के रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया, इसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ 29 लाख रुपए है। उन्होंने वार्ड 62 में पिरिया मोहल्ला संपदा कॉलोनी में 60 मीटर चौड़ाई वाली 1.3 किलोमीटर की सड़क का भी भूमिपूजन किया, जिसकी अनुमानित लागत 3 करोड़ 36 लाख रुपए है। कार्यक्रम में पार्षद ममता विश्वकर्मा,  अर्चना परमार,  छाया ठाकुर,  नीरज सिंह,  संतोष ग्वाला,  मनोज विश्वकर्मा,  नरेंद्र ठाकुर, समाजसेवी  करनेल सिंह,  लीलाधर मालवीय,  सुरेंद्र द्विवेदी,  अनिल गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और रहवासी मौजूद रहे।