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उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। श्री परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। श्री परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सभी विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश के सभी 6 विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत कर दी गई है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता व कार्मिकों के लिए बहुप्रतीक्ष‍ित पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना (एमपीपीसीएचएस) के क्रि‍यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। लगभग एक लाख 82 हजार होंगे लाभार्थी मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इस योजना का लाभ प्रदेश की 6 विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कार्मिकों, संविदा कार्मिकों व विद्युत कंपनियों के पेंशनरों और उनके परिजन को मिलेगा। इनकी संख्या लगभग एक लाख 82 हजार है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को प्रदेश की विद्युत कंपनियों में पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यान्वयन सहायता एजेंसी के लिये ई-टेंडर जारी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने जानकारी दी कि पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन के लिये 15 जुलाई को ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) चयन के लिये भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा लाइसेंस प्राप्त किसी मौजूदा तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) या उसकी होल्डिंग कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या उसकी समूह कंपनी, जिन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने का वृहद् अनुभव हो, से टेंडर आमंत्रि‍त किए गए हैं। पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिए प्री-बिड मीटिंग 24 जुलाई को होगी। विद्युत कंपनियों के लिए पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के क्रि‍यान्वयन करने को इच्छुक कंपनियां 18 अगस्त तक टेंडर प्रक्रि‍या में अपनी निविदा जमा कर सकेंगी। आगामी 20 अगस्त को ई-टेंडर खोले जाएंगे। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिंह ने बताया है कि योजना एक अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है।  

नई तकनीक से कृषि में आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन: राज्यमंत्री कृष्णा गौर

भोपाल   नई तकनीकें न केवल समय की बचत करती हैं, बल्कि जीवन को सरल और समृद्ध भी बनाती हैं। मंगलवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर एक निजी उपकरण कंपनी द्वारा संचालित 'परिवर्तन यात्रा' के समापन अवसर पर निवास कार्यालय, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मशीनीकरण अब कृषि का अभिन्न अंग बन चुका है, जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी जीवनशैली को बेहतर बनाने में सहायक है। उन्होंने विशेष रूप से महिला किसानों की सराहना करते हुए कहा कि आज वे भी आधुनिक मशीनों को अपनाकर खेती को आसान और सशक्त बना रही हैं। पावर टूल्स और कृषि उपकरणों की निर्माता कंपनी ने परिवर्तन यात्रा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जागरूकता फैलाने और कृषि के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया है। परिवर्तन यात्रा के तहत 5100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 35 जिलों में 1500 से अधिक किसानों से सीधा संवाद किया गया। इस पहल ने किसानों में नई तकनीकों को लेकर विश्वास और उत्साह उत्पन्न किया है। कार्यक्रम में भोपाल के पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, उपकरण निर्माता कंपनी के एमपी एएसएम श्री अनीमेश वाघेला, एवं भोपाल के अधिकृत डीलर भी उपस्थित रहे। राज्यमंत्री ने कंपनी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयास किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और प्रदेश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएंगे।  

पीएम किसान योजना सैचुरेशन के लिये शुरू होगा अभियान

भोपाल  आयुक्त भू-अभिलेख ने बताया है कि पीएम किसान योजनासैचुरेशन के लिये प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक किसानों से संपर्क कर सेचुरेशन से शेष रह गए किसानों से कार्यवाही पूर्ण कराई जाएगी और लाभ वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के बेहतर संचालन के लिये तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 5 लाख किसानों द्वारा ई-केवायसी एवं आधार बैंक खाता डीबीटी के लिये इनेवल करने की कार्यवाही कर ली गई है। योजना में 20 लाख से अधिक किसानों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने की कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र कृषक परिवारों को वर्ष में कुल 6 हजार रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। योजना की अनिवार्य कार्यवाही ई-केवायसी, आधार, बैंक खाता, डीबीटी केलिए इनेवल एवं फार्मर रजिस्ट्री जैसी अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत ही हितग्राहियों को राशि प्राप्त होती है। योजना की 20वी किस्त का वितरण माह जुलाई 2025 में किया जाना प्रस्तावित है।  

एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश को मिला रजत पदक, म.प्र. के उत्पादों को मिला वैश्विक बाजार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के अंतर्गत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों में उपस्थिति दर्ज हो रही है।  मध्यप्रदेश ने अपनी विशिष्टता और योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए एक जिला एक उत्पाद पुरस्कार 2024 में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश श्रेणी में रजत पुरस्कार प्राप्त किया। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारत मंडपम में एक भव्य समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार राज्य में एक जिला एक उत्पाद योजना के प्रभावशाली क्रियान्वयन, स्थानीय उत्पादों के ब्रांड निर्माण, रोजगार सृजन, और ग्रामीण व शहरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मध्यप्रदेश की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उद्योग विभाग, वाणिज्य एवं निवेश प्रोत्साहन नीति विभाग की उप सचिव, श्रीमती रूही खान ने प्राप्त किया। प्रदेश अब लोकल से ग्लोबल की ओर एक जिला-एक उत्पाद योजना में म.प्र. के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है। प्रदेश स्थानीय से ग्लोबल की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्यातकों का बड़ा समूह तैयार हो रहा है। कई उत्पादों को जी.आई. टैग मिला है जिसमें इन उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है। हस्तशिल्प एवं कृषि और खाद्य उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ कारीगरों और निर्माताओं के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है। ओडीओपी योजना में विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया गया है। सभी जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण शामिल है। स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है। मध्यप्रदेश ने "एक जिला-एक उत्पाद" के अंतर्गत विश्व के प्रमुख बाजारों में अपनी पहचान बनाई है। वैश्विक बाजार तक पहुँचाने की दिशा में ठोस कदम भी उठाए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों के उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बुरहानपुर के उच्च गुणवत्ता वाले केले, रायसेन का सुगंधित बासमती चावल, और बालाघाट का प्रसिद्ध चिनौर चावल इन उत्पादों में प्रमुख हैं। मध्यप्रदेश के उत्पादों की पहचान अब सीमित नहीं रही, बल्कि ये राज्य की आर्थिक प्रगति, रोजगार अवसरों और निर्यात क्षमता को मजबूती दे रहे हैं। "एक जिला-एक उत्पाद योजना अब एक जनभागीदारी आधारित आंदोलन बन चुकी है। इसमें कारीगरों, महिला समूहों, एफपीओ, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों की सक्रिय भूमिका रही है। राज्य सरकार ने एक जिला-एक जिला उत्पाद को स्थानीय से वैश्विक बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उत्पाद आधारित प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सुधार, डिजिटलीकरण और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु लॉजिस्टिक सहयोग भी राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश न केवल संस्कृति और शिल्प की धरती है, बल्कि एक उभरता हुआ औद्योगिक और निर्यातक राज्य भी है। मध्यप्रदेश सरकार की यह उपलब्धि "स्थानीय हाथों से वैश्विक मंच तक" की परिकल्पना को साकार कर रही है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रदेश में इतने विविध उत्पाद हैं जिन्हें विश्व स्तर पर ले जा सकते हैं। “एक जिला, एक उत्पाद” एक अनूठी पहल है और किसी अन्य देश में ऐसा नहीं है। प्रत्येक जिले की अपनी अलग विरासत है। उत्पादों की ब्रांडिंग और गुणवत्ता पर काम किया जा रहा है। पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार किया जा रहा है ताकि उत्पादों को उनकी उच्च गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में सम्मान मिले। ओडीओपी पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा। ओडीओपी उत्पादों को आगे बढ़ाने के तरीके सीखने और अनुकरण करने में मदद के लिए एक सर्वोत्तम प्रथाओं का संग्रह तैयार किया गया है। केंद्र, सरकार ने 750 से अधिक जिलों से 1,200 से अधिक अनूठे उत्पादों की पहचान की है, जो कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य मूल्य संवर्धन, विपणन को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना है। सिंगापुर, न्यूयॉर्क, वैंकूवर, मिलान, कुवैत, बहरीन और जापान में ओडीओपी वॉल्स स्थापित किए गए हैं। ओडीओपी उत्पाद अब सिंगापुर के मुस्तफा सेंटर और सेंटर पॉइंट मॉल जैसे खुदरा दुकानों पर उपलब्ध हैं। ओडीओपी पुरस्कारों के लिए 1 अप्रैल से 11 जून 2024 के बीच राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से कुल 641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें जिलों से 587, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 31 और विदेशों में भारतीय मिशनों से 23 प्रविष्टियां शामिल थीं। 

ऊर्जा मंत्री तोमर नई दिल्ली में मंत्रियों के समूह और विद्युत नियामक आयोगों की बैठक में हुए शामिल

भोपाल केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा विद्युत वितरण कम्पनियों की वित्तीय स्थिरता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिये मंत्री समूह की बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता विद्युत एवं आवास तथा शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने की। बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के हित में लिये जा रहे निर्णयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा विभाग द्वारा किये जा रहे नवाचारों से भी अवगत कराया। बैठक में विद्युत वितरण कम्पनियों की वित्तीय स्थिरता, पारदर्शिता एवं संचालन क्षमता को सुदृढ़ बनाने पर गहन चर्चा हुई। केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्री नाइक ने कहा कि हमारा संकल्प है कि ऊर्जा व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी और जन-हितैषी बनायें, जिससे सभी को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। बैठक में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु एवं उत्तरप्रदेश के ऊर्जा मंत्री तथा केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग एवं राज्य विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य शामिल हुए।  

शालाओं के बच्चों द्वारा पौधारोपण के मामले में बालाघाट प्रदेश में प्रथम

26 हजार 913 से अधिक पौधे लगाए गए भोपाल  पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं में दर्ज छात्र-छात्राओं के माध्यम से एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधे लगाने के निर्देश दिये गए हैं। शालाओं के बच्चों द्वारा पौधरोपण किए जाने के मामले में बालाघाट जिला मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर है। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा के मार्गदर्शन में बालाघाट जिले में इस अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान में लगाए गए पौधो की सुरक्षा के साथ ही उनके फोटो माय लाइफ ऐप पर अपलोड करने के निर्देश दिये गए हैं। इस ऐप पर फोटो अपलोड करने के बाद विद्यालय के प्राचार्य द्वारा पौधे लगाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किये जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि विभाग के निर्देशों के अनुरूप जिले की शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सहभागिता से एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं द्वारा माँ के नाम पर शाला परिसर, अपने घर एवं खेतों में पौधे लगाए जा रहे हैं। बालाघाट जिले में 15 जुलाई तक इस अभियान के अंतर्गत 1255 शालाओं के छात्र-छात्राओं द्वारा 26 हजार 913 पौधे लगाये जा चुके है। इस ऐप पर दर्ज जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में बालाघाट जिला शालाओं के बच्चों द्वारा पौधरोपण के मामले में प्रथम स्थान पर है, जबकि बैतूल जिला 1541 शालाओं के बच्चों द्वारा लगाए गए 25 हजार 324 पौधरोपण के साथ द्वितीय स्थान पर है। इस अभियान के अंतर्गत बालाघाट जिले के स्कूलों में सेंट मेरी स्कूल बालाघाट प्रथम, सांदीपनि विद्यालय बोलेगांव द्वितीय और सांदीपनि विद्यालय कटंगी तृतीय स्थान पर है। शालाओं के बच्चों द्वारा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत लगाये जा रहे पौधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  

नशे से मुक्ति सामाजिक भागीदारी से संभव : मंत्री कुशवाहा

भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने मध्यप्रदेश में 30 जुलाई तक चलाये जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी’’ अभियान में प्रदेशवासियों से अपील की है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। नशामुक्त समाज का निर्माण सामाजिक भागीदारी से ही संभव होगा। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है। इस अभिशाप को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर कार्य करना होगा। मंत्री श्री कुशवाहा ने जन-प्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं से भी आह्वान किया कि वे नशामुक्ति अभियान को जनांदोलन का रूप दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों की सामूहिक इच्छाशक्ति से हम नशे पर निर्णायक विजय प्राप्त कर सकते हैं।  

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. श्री पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स श्री के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी श्री विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी श्री मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी श्री मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

धार में इमामबाड़ा खाली कराने को लेकर तनाव, हालात पर कड़ी नजर

धार हटवाड़ा स्थित इमामबाड़ा को दो सप्ताह के भीतर खाली करने का आदेश दिया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय ने मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 के तहत यह आदेश जारी किया है, क्योंकि इमामबाड़ा पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बना है और ताजिया कमेटी ने लंबे समय से किराया भी नहीं दिया है। मामला कोर्ट में गया तो 45 पेज का आदेश जारी हुआ। आदेश के अंत में मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 का हवाला देते हुए दो सप्ताह की समयसीमा देकर परिसर खाली करने के लिए कहा हैं। जैसे ही इस बात की जानकारी मुस्लिम समाज के लोगों एवं अन्य लाेगों को लगी, बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। प्रशासन ने बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया है। सोमवार रात करीब 8 बजे यह आदेश एसडीएम कोर्ट के निर्देश के तहत मुख्य रूप से ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान आदि को तामील करवाया गया। इसके लिए इमामबाड़े पर इसे चस्पा किया गया। न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इमामबाड़ा भवन मध्यप्रदेश शासन के पीडब्ल्यूडी विभाग की संपत्ति है। पीडब्ल्यूडी का कब्जा लेने में वैधानिक कार्य करते हुए यह सिद्ध होता है कि ताजिया कमेटी शुद्ध रूप से इमामबाड़ा भवन को किराएदार की हैसियत से उपयोग करती रही है। उक्त भवन का किराया नियमित रूप से जमा नहीं किया गया। ताजिया कमेटी द्वारा उपरोक्त भवन पर वैधानिक रूप से बिना किसी अधिकार के अनाधिकृत कब्जा किया गया है। सांस्कृतिक धरोहर रक्षा समिति ने गत 9 जुलाई को हिंदू पंचायत का आयोजन किया था। इसमें हटवाड़ा के सांस्कृतिक मंच (कथित इमामबाड़ा) पर बेदखली अधिनियम के तहत कार्रवाई करने में प्रशासन द्वारा की जा रही लेट-लतीफी का विरोध किया गया था। धार नगर के हिंदू समाज के सभी वर्ग के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए थे।पंचायत के अंत में तीन प्रस्ताव पारित हुए। इसमें पहले प्रस्ताव के तहत हिंदू समाज 16 जुलाई तक प्रशासन की कार्रवाई की प्रतीक्षा करेगा। 16 जुलाई से पंद्रह दिवस पश्चात 31 जुलाई को हिंदू समाज ताला स्वयं लगाने जाएगा। मंच ने कहा था कि एक शासकीय भवन है, जैसे ताजिया रखने की अनुमति दी जाती है, वैसे ही गणेश उत्सव मनाने के लिए भी भवन किराए पर प्रशासन से मांगा जाएगा। हिंदू पंचायत ने इस मामले में कार्रवाई में देरी का विरोध किया था और 16 जुलाई तक प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने की बात कही थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय द्वारा हटवाड़ा स्थित इमामबाड़ा के एक प्रकरण में सोमवार की रात को करीब आठ बजे इमामबाड़ा स्थल पर एक आदेश चस्पा किया गया। इसके तहत संबंधित पक्ष को कहा गया है कि मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम अंतर्गत ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान एवं मोहम्मद सिद्दीकी सहित समस्त व्यक्तियों को उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में दो सप्ताह के भीतर उक्त परिसर को खाली करना होगा। आदेश की तामील इमामबाड़ा के दरवाजे पर चस्पा कर दी गई है।