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MP में अनुराग जैन की सेवावृद्धि पर फैसला नजदीक, राजौरा-बर्णवाल कतार में खड़े

भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्हें सेवावृद्धि मिलेगी या नहीं, इस पर फैसला जल्द होगा। यदि सरकार उन्हें रोकने का निर्णय करती है तो फिर मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से सेवावृद्धि का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजना होगा, जो अभी तक नहीं गया है। यदि दूसरे विकल्प पर विचार किया जाता है तो फिर सबसे वरिष्ठ अधिकारी अपर मुख्य सचिव जल संसाधन राजेश कुमार राजौरा को अवसर दिया जा सकता है। वह मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव भी रहे हैं और उज्जैन संभाग के प्रभारी हैं।   अपर मुख्य सचिव जल संसाधन राजेश कुमार राजौरा वहीं, 1991 बैच के अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल भी कतार में है। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारियों में होती है। प्रदेश में मोहन यादव सरकार को 1988 बैच की वीरा राणा प्रभारी मुख्य सचिव के तौर पर मिली थीं । 31 मार्च 2024 को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा था। इसके पहले आठ मार्च को सरकार ने उन्हें छह माह की सेवावृद्धि दिलाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया था, जिसे स्वीकार करते हुए 30 सितंबर 2024 तक सेवावृद्धि मिल गई।   इसके बाद आईएएस संवर्ग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी 1989 बैच के अनुराग जैन को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लेकर मुख्य सचिव बनाया गया। उनके साथ-साथ अपर मुख्य सचिव राजेश कुमार राजौरा का नाम चर्चा में था, लेकिन अंतिम निर्णय जैन के पक्ष में हुआ। अब एक बार फिर मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई है। यदि अनुराग जैन की सेवाएं सरकार को आगे भी जारी रखना है तो फिर केंद्र सरकार को प्रस्ताव जल्द भेजना होगा। जैन की छवि ईमानदार और समय से काम कराने वाले अधिकारी की है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के साथ 18 नई औद्योगिक नीतियां भी उनके समय में ही आईं। उन्हें छह माह की सेवावृद्धि मिलती है तो फरवरी 2026 तक ही वह काम कर सकेंगे। यदि सरकार दूसरे विकल्प पर काम करती है तो फिर 1990 बैच के राजेश कुमार राजौरा और 1991 बैच के अशोक बर्णवाल प्रदेश में उपलब्ध अधिकारियों में पहली पसंद होंगे। राजौरा मुख्यमंत्री के साथ काम कर चुके हैं और भरोसे के अधिकारी माने जाते हैं तो बर्णवाल भी निर्विवादित हैं। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारी की है। पर्यावरण अनुमतियों को लेकर विवाद होने के बाद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने उन्हें ही पर्यावरण विभाग को पटरी पर लाने का जिम्मा सौंपा था। 

MP में HSRP नंबर प्लेट बिना नहीं होंगे वाहन के कई काम, जल्द करें लगवाना जरूरी

इंदौर प्रदेश में पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसमें बीते छह साल में पंजीकृत हुए सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट की जांच और डीलरों के यहां इसकी पेंडेंसी की पड़ताल भी की जाएगी। परिवहन कार्यालय इंदौर द्वारा सभी डीलरों के पास नंबर प्लेट की पेंडेंसी की पड़ताल की जाएगी और छूटे हुए वाहनों में नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। परिवहन विभाग ने सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी कर वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए है। सभी वाहनों में HSRP नंबर प्लेट जरूरी एक अप्रैल 2019 के बाद के सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जाना है। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को इस आशय के आदेश दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ को निर्देश जारी कर नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इंदौर में भी वाहन डीलरों के यहां पर परिवहन विभाग की टीमें पहुंचकर पेंडेंसी की पड़ताल करेंगी। दल गठित कर संबंधित वाहन डीलरों के माध्यम से एनआईसी वाहन पोर्टल पर अद्यतन स्थिति दर्ज की जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।   बगैर नंबर प्लेट के नहीं होंगे कार्य जिन वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं होगी, उन वाहनों के परिवहन कार्यालय में कार्य नहीं होंगे। एचएसआरपी नहीं होने पर पीयूसी प्रमाण पत्र भी नहीं बनेगा। इसके अलावा आरसी, पता बदलना, आरसी विवरण देखना, स्वामित्व बदलना, नवीन और डुप्लीकेट परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं जारी होंगे। परिवहन विभाग की सेवाओं की जानकारी के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट आवश्यक होगी। परिवहन कार्यालय में प्रवेश होगा प्रतिबंधित एआरटीओ राजेश गुप्ता का कहना है कि वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। वाहनों में यह नंबर प्लेट की पेंडेंसी की जांच वाहन डीलरों के यहां पर की जाएगी। वहीं नंबर प्लेट नहीं होने पर परिवहन कार्यालय में भी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कार्यालय में नंबर प्लेट होने के बाद ही परिवहन कार्य हो सकेंगे।  

शौर्य फाउंडेशन द्वारा बीएसएफ जवानों को समर्पित “बहनों की राखी सरहद के रखवालों के नाम” समारोह सम्पन्न

भोपाल रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शौर्य फाउंडेशन, भोपाल ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वीर जवानों को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम “बहनों की राखी सरहद के रखवालों के नाम” का आयोजन बीएसएफ, भोपाल परिसर में बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया। यह भावनाओं और देशभक्ति से ओतप्रोत आयोजन सभी के लिए अविस्मरणीय रहा। कार्यक्रम में 50 से अधिक बीएसएफ जवानों ने भाग लिया, जबकि 30 से अधिक बहनों ने इन वीर सपूतों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें मिठाई खिलाई। कार्यक्रम की शुरुआत में शौर्य फाउंडेशन के सचिव अभिषेक खरे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बीएसएफ की शौर्यगाथाओं, सेना और बीएसएफ के कार्यों में अंतर, तथा वीरतापूर्ण किस्सों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, सीमा पर तैनात जवानों के त्याग, समर्पण और अनुशासन से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी साझा किए, जिससे उपस्थित जनसमूह गर्व और भावुकता से भर गया। इसके पश्चात निनाद म्यूजिकल एवं सांस्कृतिक विकास समिति की प्रमुख गायिका अर्चना खरे और उनके समूह के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बीएसएफ जवानों ने भी अपने सुरीले स्वर में गीत प्रस्तुत कर माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। पूरे वातावरण में देशप्रेम और जोश की गूंज छा गई। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब बहनों ने बीएसएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर अपने स्नेह व सम्मान को व्यक्त किया। यह दृश्य सभी के हृदय को गहराई से स्पर्श कर गया। बीएसएफ के कमांडेंट श्री प्रभात चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में बीएसएफ के कार्यों, उनकी कार्यप्रणाली और “ऑपरेशन सिंदूर” में उनकी अहम भागीदारी का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने जवानों की वीरता, अनुशासन और बलिदान की प्रेरक कहानियां सुनाकर सभी के मन में गर्व और सम्मान की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया। शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष अंशुमन खरे ने कहा कि यह आयोजन बहनों और सरहद के जवानों के बीच अटूट रिश्ते और गहरे भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अवसर पर सैय्यद नसर, ललित खरे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के प्रायोजक रहे — तन-मन डिटर्जेंट, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, LNCT यूनिवर्सिटी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर शौर्य फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा करने वाले जवान केवल सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि हर बहन के सच्चे और निस्वार्थ भाई भी हैं।

कांवड़ यात्रा में भारी भीड़, भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का विशेष इंतजाम, चलाई स्पेशल ट्रेन

भोपाल  गुरुवार को कुबेरेश्वर धाम कावड़ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते भोपाल रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की तुलना में चार गुना अधिक यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम और टिकट काउंटर यात्रियों से भरे नजर आए। ऐसी स्थिति में भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौकस व्यवस्था की। गुरुवार को करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे रेलवे अधिकारियों के अनुसार बुधवार दोपहर से गुरुवार शाम तक करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ को सुरक्षित ट्रेनों में बैठाने और स्टेशन से बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने दिन-रात एक कर दिया। एडीआरएम अभिराम खरे और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में एक विशेष टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भोपाल से झांसी तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसके अलावा 25 अतिरिक्त टीटीई की ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई, जिसमें कुछ जवानों को निशातपुरा से बुलाया गया। स्टेशन के हर कोने में श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में आरपीएफ के जवानों ने प्रमुख भूमिका निभाई। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष सतर्कता बरती गई।

सनातनी भाई को राखी बांधने की सलाह, भोपाल संस्कृति बचाओ मंच ने दी सख्त अपील

भोपाल  राजधानी भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच रक्षाबंधन से पहले शुक्रवार को अभियान चलाकर राखी की दुकानों पर पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों से अपील की है कि राखी केवल सनातन धर्म के अनुयायी भाइयों को ही बांधें, ताकि किसी प्रकार की आपराधिक या जिहादी घटना की आशंका से बचा जा सके। मंच के पदाधिकारियों ने इस दौरान सनातनी संस्कृति के प्रति जागरूक किया। इस दौरान महिलाओं को   कहा गया कि सनातनी भाइयों की कलाई पर ही राखी बांधने से पवित्रता भी बनी रहेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। दिल्ली की घटना से सतर्क रहने की जरूरत  संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि दिल्ली की एक घटना में एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी, जिसे उसने भाई माना, लेकिन बाद में उसी युवक ने उसकी हत्या कर दी। ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हमें रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का इस दैरान तिवारी ने कहा कि महिलाएं और बहनें राखी वहीं से खरीदें जहां सनातन धर्म के प्रतीक मौजूद हों, जैसे दुकान पर भगवान की फोटो लगी हो या दुकानदार ने तिलक लगाया हो। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का निकला है, इसलिए केवल सनातनी भाइयों की कलाई पर ही रक्षा सूत्र बांधें। मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा तिवारी ने महिलाओं को आगाह किया कि किसी मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने दिल्ली की उस घटना का उल्लेख किया जिसमें एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी थी और बाद में उसी युवक ने उसे छह मंजिला इमारत से नीचे फेंक कर हत्या कर दी थी।  चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि लव जिहाद की घटनाएं देशभर में तेजी से बढ़ रही हैं, जहां कुछ लोग हिंदू नाम रखकर लड़कियों को फंसा रहे हैं और फिर उनके साथ गंभीर अपराध कर रहे हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन किसी अब्दुल को भाई बना लेना आपके जीवन के लिए खतरा हो सकता है।  

जबलपुर में रिश्वतखोरी का खुलासा, हाउसिंग बोर्ड के बाबू से ₹10 हजार की रिश्वत रंगे हाथों पकड़ी गई

जबलपुर   मकान के नामांतरण के मामले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने संजीवनी नगर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में छापा मारकर बाबू को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है. लोकायुक्त दल ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली है. लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के संजीवनी नगर स्थित कार्यालय में पदस्थ क्लर्क अमन कोष्टा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. फरियादी हाकम साहू महाराजपुर स्थित अपने मकान का नामांतरण कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन बाबू ने कार्य के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसकी शिकायत लोकायुक्त से की गई थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी अंजूलता पटले ने टीआई जितेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम बनाकर कार्रवाई की है. जांच में बताया गया है कि बाबू अनुकंपा नियुक्त पर नौकरी कर रहा था, जो बिना रिश्वत लिए नामांतरण नहीं करता था, जिससे लोग परेशान हो चुके थे. बताया गया है कि शिकायतकर्ता दो माह से नामांतरण को लेकर परेशान था, आखिरकार, उसने बाबू से बात की थी, जिस पर उसने रिश्वत देने की पेशकश की थी.

इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख

बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें : मंत्री विजयवर्गीय इंदौर में हुआ रक्षाबंधन पर्व का आयोजन मंत्री विजयवर्गीय ने कहा: बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति के संस्कार दें इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख रक्षाबंधन पर मंत्री विजयवर्गीय का संदेश: संस्कृति से जुड़ें बहन-बेटियां इंदौर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें। ऐसा करके हम समाज में आदर्श परिवार के उदाहरण को प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में कई असामाजिक तत्व बेटियों को गलत रास्ते पर ले जाने के प्रयास कर रहे हैं। हम सबको मिलकर इससे सावधान रहने की जरूरत है। मंत्री विजयवर्गीय गुरूवार को इंदौर में रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर महिलाओं ने मंत्री विजयवर्गीय को राखी बांधी। महिलाओं ने शौर्य और पराक्रम की प्रतीक राखी सीमाओं पर तैनात सैनिकों को भी भेजी। जनता ही हमारा परिवार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरा विधानसभा क्षेत्र एक परिवार के समान है। हम सब एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। साथ ही सामाजिक सद्भाव के माहौल में सभी त्यौहारों को मनाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये ‘लाड़ली बहना योजना’ चलाई है। उन्होंने समाज की महिलाओं से आहवान किया कि वे कुछ समय निकालकर अपने हुनर के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें। इससे मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से और सशक्त हो सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, सुदर्शन गुप्ता और स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट, रायसेन में रक्षाबंधन महोत्सव में हुए शामिल, बोले – स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ हैं प्रदेशवासी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग हमारे लिए मंदिर और देवालय के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का परिदृश्य बदला है, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए 15वें से चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। मध्यप्रदेश का जैविक कपास, चीन, जापान और वियतनाम से लेकर स्पेन तक एक्सपोर्ट हो रहा है। राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास कर रही है। दस अगस्त को रायसेन में ही रेल कोच बनाने के लिए कारखाने का भूमिपूजन होने जा रहा है। धार में प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को टेक्सटाइल उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। इससे मालवा और आसपास के जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट, जिला रायसेन में सागर मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल यूनिट का भ्रमण कर यहां टैक्सटाइल प्रोडक्शन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सागर ग्रुप की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों के बीच जाकर पुष्प वर्षा की और बहनों को उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत सरकार की लड़ाई किसानों की मेहनत के लिए है। किसान कपास, सब्जी और फसलें उगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के किसान, गरीब, मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है, सभी प्रदेशवासी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए का विशेष तोहफा दिया गया है। रोजगार परक उद्योगों में कार्य करने वाली बहनों को प्रतिमाह 6000 रुपए की वेतन सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर ग्रुप ने आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार से जोड़ा है। इकाई में काम करने वाले लोगों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने पर उन्होंने सागर ग्रुप को बधाई दी। सागर ग्रुप में कुल 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 5000 महिलाकर्मी हैं।  

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं में शामिल करने पर मंत्री सिंह का जोर

लोक निर्माण से लोक कल्याण: पर्यावरण से समन्वय विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 11 अगस्त को भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा है कि विभाग अपने ध्येय वाक्य “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को केवल सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण तक सीमित न रखते हुए अब पर्यावरण-संरक्षण और सतत विकास को भी विभागीय कार्यों का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। इसी सोच को साकार करने और अभियंताओं में पर्यावरणीय जागरूकता को और गहरा करने के उद्देश्य से 11 अगस्त को रवींद्र भवन भोपाल में “पर्यावरण से समन्वय” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक ही मंच पर एकत्र करेगा, जिसमें वे न केवल पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का अध्ययन करेंगे बल्कि टिकाऊ विकास के नए आयाम भी सीखेंगे। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पर्यावरणविद् श्री गोपाल आर्य, भास्करायचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह शामिल होंगे और अभियंताओं को प्रेरक संदेश देंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी-सत्र और विशेष प्रशिक्षण-सत्र शामिल हैं। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि वास्तविक लोक कल्याण तभी संभव है जब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण छोड़कर जाएं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हर प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मिलित करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में अभियंताओं को आधुनिक हरित निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने वाली तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन से जुड़ी पद्धतियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी सत्र में भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान गांधीनगर, गुजरात के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की विधि पर विशेष प्रस्तुतीकरण देंगे। साथ ही जीआईएस पोर्टल पर सड़कों एवं पुलों की भौगोलिक मैपिंग की प्रक्रिया और उसके लाभों पर भी अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला न केवल अभियंताओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का भी एक ठोस प्रयास है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना साकार रूप ले सकेगी। पर्यावरण-संरक्षण के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा उठाये गये कदम     ट्री शिफ्टिंग – पर्यावरण हितैषी तकनीकों के तहत पेड़ काटने के बजाय उन्हें स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू, पौधरोपण एवं ट्री-शिफ्टिंग के लिए निविदा दस्तावेज में प्रावधान।     वॉटर रिचार्ज बोर – वर्षा जल को जमीन में समाहित करने के लिये सड़क किनारे प्रत्येक किलोमीटर पर ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर की स्थापना। वर्तमान में 850 किमी सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर के लिए प्रावधान। वर्ष 2025-26 में 10 हजार रिचार्ज बोर निर्माण का लक्ष्य।     लोक कल्याण सरोवर – सड़क निर्माण में मुरम/कोपरा खुदाई को व्यवस्थित कर छोटे-छोटे तालाबों का निर्माण कर इन तालाबों को “लोक कल्याण सरोवर” नाम दिया गया।इस वर्ष 500 लोक कल्याण सरोवर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।     पौधरोपण अभियान – सड़क किनारे पौधरोपण को एसओआर में शामिल कर मुख्यधारा में लाया गया। जुलाई माह में विशेष अभियान के तहत 2 लाख 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। विभागीय इंजीनियर्स और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी। भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से पौधरोपण स्थलों की जियो मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग की व्यवस्था।  

सुश्री भूरिया ने रक्षाबंधन को बताया प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने रक्षाबंधन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई–बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत प्रतीक है, जो रिश्तों में अटूट विश्वास और स्नेह का संचार करता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि रक्षाबंधन का यह अवसर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का समय है। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और बच्चों के स्वस्थ व सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि इस दिन हम सभी अपनी बहनों, माताओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन न केवल भाई–बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि हमें एक सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और सौहार्द के इस पर्व पर हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।