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नशे से मुक्ति सामाजिक भागीदारी से संभव : मंत्री कुशवाहा

भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने मध्यप्रदेश में 30 जुलाई तक चलाये जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी’’ अभियान में प्रदेशवासियों से अपील की है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। नशामुक्त समाज का निर्माण सामाजिक भागीदारी से ही संभव होगा। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है। इस अभिशाप को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर कार्य करना होगा। मंत्री श्री कुशवाहा ने जन-प्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं से भी आह्वान किया कि वे नशामुक्ति अभियान को जनांदोलन का रूप दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों की सामूहिक इच्छाशक्ति से हम नशे पर निर्णायक विजय प्राप्त कर सकते हैं।  

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. श्री पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स श्री के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी श्री विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी श्री मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी श्री मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

धार में इमामबाड़ा खाली कराने को लेकर तनाव, हालात पर कड़ी नजर

धार हटवाड़ा स्थित इमामबाड़ा को दो सप्ताह के भीतर खाली करने का आदेश दिया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय ने मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 के तहत यह आदेश जारी किया है, क्योंकि इमामबाड़ा पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बना है और ताजिया कमेटी ने लंबे समय से किराया भी नहीं दिया है। मामला कोर्ट में गया तो 45 पेज का आदेश जारी हुआ। आदेश के अंत में मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 का हवाला देते हुए दो सप्ताह की समयसीमा देकर परिसर खाली करने के लिए कहा हैं। जैसे ही इस बात की जानकारी मुस्लिम समाज के लोगों एवं अन्य लाेगों को लगी, बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। प्रशासन ने बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया है। सोमवार रात करीब 8 बजे यह आदेश एसडीएम कोर्ट के निर्देश के तहत मुख्य रूप से ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान आदि को तामील करवाया गया। इसके लिए इमामबाड़े पर इसे चस्पा किया गया। न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इमामबाड़ा भवन मध्यप्रदेश शासन के पीडब्ल्यूडी विभाग की संपत्ति है। पीडब्ल्यूडी का कब्जा लेने में वैधानिक कार्य करते हुए यह सिद्ध होता है कि ताजिया कमेटी शुद्ध रूप से इमामबाड़ा भवन को किराएदार की हैसियत से उपयोग करती रही है। उक्त भवन का किराया नियमित रूप से जमा नहीं किया गया। ताजिया कमेटी द्वारा उपरोक्त भवन पर वैधानिक रूप से बिना किसी अधिकार के अनाधिकृत कब्जा किया गया है। सांस्कृतिक धरोहर रक्षा समिति ने गत 9 जुलाई को हिंदू पंचायत का आयोजन किया था। इसमें हटवाड़ा के सांस्कृतिक मंच (कथित इमामबाड़ा) पर बेदखली अधिनियम के तहत कार्रवाई करने में प्रशासन द्वारा की जा रही लेट-लतीफी का विरोध किया गया था। धार नगर के हिंदू समाज के सभी वर्ग के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए थे।पंचायत के अंत में तीन प्रस्ताव पारित हुए। इसमें पहले प्रस्ताव के तहत हिंदू समाज 16 जुलाई तक प्रशासन की कार्रवाई की प्रतीक्षा करेगा। 16 जुलाई से पंद्रह दिवस पश्चात 31 जुलाई को हिंदू समाज ताला स्वयं लगाने जाएगा। मंच ने कहा था कि एक शासकीय भवन है, जैसे ताजिया रखने की अनुमति दी जाती है, वैसे ही गणेश उत्सव मनाने के लिए भी भवन किराए पर प्रशासन से मांगा जाएगा। हिंदू पंचायत ने इस मामले में कार्रवाई में देरी का विरोध किया था और 16 जुलाई तक प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने की बात कही थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय द्वारा हटवाड़ा स्थित इमामबाड़ा के एक प्रकरण में सोमवार की रात को करीब आठ बजे इमामबाड़ा स्थल पर एक आदेश चस्पा किया गया। इसके तहत संबंधित पक्ष को कहा गया है कि मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम अंतर्गत ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान एवं मोहम्मद सिद्दीकी सहित समस्त व्यक्तियों को उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में दो सप्ताह के भीतर उक्त परिसर को खाली करना होगा। आदेश की तामील इमामबाड़ा के दरवाजे पर चस्पा कर दी गई है।  

शादी का झांसा और झूठी पहचान: युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप

सागर दूसरे समुदाय की युवती को झूठे नाम और झूठे वादों के जाल में फंसा कर एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया, जबकि सच्चाई सामने आने पर युवती को ब्लैकमेल कर बदनाम करने की धमकी देने लगा। पीड़िता की शिकायत पर मोतीनगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, जैसीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती सागर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस दौरान गांव से सागर आते-जाते समय उसकी मुलाकात एक बस के कंडक्टर से हुई, जिसने अपना नाम राज बताया। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद युवती की नौकरी भोपाल में लग गई। वहां आरोपी ने उस पर दबाव डालकर नौकरी छुड़वा दी और उसे शादी का झांसा देकर भोपाल में किराए के मकान में साथ रहने के लिए मना लिया। इस दौरान युवक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती को यकीन था कि वह उससे शादी करेगा। करीब आठ महीने बाद जब युवती को सच्चाई का पता चला, तो उसके होश उड़ गए। उसे जानकारी मिली कि आरोपी का असली नाम अकरम खान है, न कि राज। इतना ही नहीं, वह शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है। यह जानने के बाद युवती ने उससे सारे रिश्ते तोड़ दिए और भोपाल छोड़कर अपने गांव वापस आ गई। लेकिन आरोपी ने पीछा नहीं छोड़ा। गांव आने के बाद भी वह फोन पर उसे परेशान करने लगा। कुछ दिन पहले आरोपी ने उसके साथ बिताए पलों की आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर भोपाल लौटने का दबाव बनाया। युवती के इनकार करने पर उसने धमकी दी कि वह इन तस्वीरों को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर देगा। डरी-सहमी युवती ने आखिरकार अपने परिजनों को सारी बात बताई। इसके बाद परिजनों के साथ मोतीनगर थाना पहुंचकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि यह घटना भोपाल में हुई थी, इसलिए पुलिस ने मामले को जीरो पर पंजीबद्ध कर आगे की जांच भोपाल स्थानांतरित कर दी है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि युवती की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है।

दुबई में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- एमपी देगा भरोसेमंद अवसर

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गरीब से गरीब आदमी को सम्पन्न बनाने का संकल्प है। बदलते दौर का भारत प्रधानमंत्री मोदी के गत 11 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प की पूर्ति के लिए उद्योग और अर्थ-व्यवस्था के क्षेत्र में भारत के निरंतर सशक्त होने में पूरी तरह सहभागी है। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहनकारी नीतियों का लाभ देने के साथ ही नीतियों से हटकर भी अतिरिक्त सुविधाएं देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस- फोरम के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पर्यटन, टेक्सटाइल और एमएसएमई सहित अन्य सेक्टर्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता यह है कि उद्यमी न करे धनसंग्रहित बल्कि उस धन को उद्यम में लगाकर अपने व्यवसाय को और बढ़ाएं। इससे व्यापार कई गुना बढ़ जाता है। व्यापार की यह समझ दुबई के उन उद्योगपतियों में है जो भारतीय हैं और इस देश के विकास में विशेष सहयोगी हैं। टेक्समास टेक्सटाइल क्षेत्र देखकर सुखद अनुभव हुआ है, यहां योजना पक्ष की श्रेष्ठता देखने को मिली है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों का स्वागत कर रहा है। हम इसी उद्देश्य से दुबई आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीब से गरीब की जिंदगी बेहतर करने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिला पाएं, इसके लिए सरकार सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उद्योगपतियों के आगे बढ़ने के पीछे भारतीय संस्कृति और खान-पान की बड़ी भूमिका है। मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। राज्य सरकार दीर्घकालिक प्रगति के उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के जो लाभ हैं उनके बारे में मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। भारत के साथ दुबई के परस्पर प्रगाढ़ व्यापारिक संबंध हैं। दुबई का इतिहास देखें तो 19वीं सदी में यह मत्स्य पालन और मत्स्य आखेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1950 से 1970 के मध्य तेल की उपलब्धता ने इस क्षेत्र को बदल दिया। आज दुबई गगनचुम्बी अट्टालिकाओं के कारण जाना जाता है। यूएई की वर्तमान दशा में विश्व बंधुत्व का भाव भी शामिल है। वस्तुत: यह भारतीय दर्शन है। अरब के इस क्षेत्र ने हमारी भावना को अंगीकार किया है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो कहीं भी जाकर समरस हो जाते हैं। अधिकांश बड़े आईआईटी या आईआईएम से शिक्षित नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभव इन डिग्रियों से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुबई में भारत के मसालों की महक और व्यंजन का लाभ लेने का भी अवसर मिला इसकी कोई तुलना नहीं है। अब मेट्रो और बुलेट ट्रेन दुबई की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धन दौलत के साथ मन का प्रेम भी महत्वपूर्ण है। यहां बसे भारतीयों से ऐसा ही स्नेह मिला। दुबई पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद भी देखने को मिलता है। आपरेशन सिंदूर की सफलता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल युग से दुनिया छोटी हो गई है। बिना हिले -डुले करोड़ों का व्यवसाय किया जा सकता है। यही परिवर्तन युद्ध क्षेत्र में भी देखने को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संकल्प दुनिया को दिखा दिया कि हम शत्रु के घर जाकर उसे मार सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जीयो और जीने का संदेश भी दिया है। भारत का विरोध किसी देश से न होकर आतंकवादियों से है। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए चाहिए व्यापार की समझ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर वर्ष 2025 तक दुबई के साथ द्वि-पक्षीय संबंध विकसित किए हैं। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए व्यापार की समझ होना चाहिए। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने 90 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी फ्री करने का कार्य किया। दुबई से उन्होंने दुनिया के द्वार खोले जो एक उदाहरण है। आज अन्य देश भी दुबई मॉडल के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि फूड चैन सप्लाई से लेकर अन्य क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के दुबई से मजबूत संबंध रहेंगे। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले दस वर्ष में बदल गई है। भारत जहां 11वें स्थान पर था अब तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। एविएशन सेक्टर में टाटा संस्थान ने मजबूती प्रदान की है। भारत में भी मेट्रो और वंदेभारत से आगे बढ़कर अहमदाबाद से मुम्बई के मध्य बुलेट ट्रेन शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का सोना जो अन्य देशों में था उसे वापस लाने का बड़ा कार्य भी किया है। इस तरह भारत की साख बढ़ाने का कार्य सक्षम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी कर रहे हैं। किसान कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं और अन्य फसलों पर‍ किसानों को अच्छी कीमत देने के लिए रणनीति तैयार की गई। किसान का उत्पादन उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां बेहतर दाम मिल सकता है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी है। यहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी दुबई सहित अन्य देशों के उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं। इससे पहले अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से अग्रणी बन रहा है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में टेक्नोलॉजी की लहर चल रही है। इंदौर और भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में तकनीकी प्रतिभा और आधारभूत संरचना दोनों उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्वच्छ वातावरण, ट्रांसपोर्टेशन समय में कमी, तकनीकी दक्ष युवा सहित कई सुविधाएं मौजूद है, जो राज्य को देश में तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनाती है। मध्यप्रदेश आईटी और संबंधित क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और निवेशकों को वित्तीय और गैर वित्तीय सुविधाएं देने के लिये 5 नीतियां लागू की है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही स्पेसटेक नीति लागू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि उज्जैन … Read more

हाथी हर्री गांव में घुस गए थे,जहां चार कच्चे मकानों में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखा अनाज खाया

शहडोल संभागीय मुख्यालय के आसपास चालीस किलोमीटर के क्षेत्र में तीन दिन से चार जंगली हाथियों का मूवमेंट बना हुआ है। मंगलवार की साम तक हाथियों का दल बुढ़ार वन परिक्षेत्र के धनपुरा पहुंच गया था और एक गन्ने के खेत में रुका था,जिसकी निगरानी वन विभाग की टीम कर रही है। मंगलवार की रात में हाथी हर्री गांव में घुस गए थे,जहां चार कच्चे मकानों में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखा अनाज खा लिया है। उधिया गांव में घुस गए और वहां भी खेतों में लगे भुट्टे एवं अन्य फसल को खाया और रौंदते हुए चले गए।मंगलवार की रात में तो शहडोल बुढार हाइवे में आ गए थे,जिसके कारण कुछ देर तक सड़क पर आवागमन भी बंद करना पड़ा था।रात भर 15 घंटे में चार गांव की बस्ती से गुजरते हुए हाथियों ने 30 किलोमीटर का सफर तय करते हुए कई घरों व खेतों को नुकसान पहुंचा है।हां इतना जरुर है कि जन हानि नहीं पहुंचाई है,जबकि लोगों ने इन्हें खूब छेड़ा है,लेकिन ये आक्रामक नहीं हुए हैं।   उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई की रात में हाथियों का यह दल विचारपुर नर्सरी पहुंचा था और सिंहपुर रोड पार करते हुए,रात में कंचनपुर ,हर्री एवं धुरवार गांव की बस्ती के बीच से हो कर हाथी गुजरे हैं। शहडोल बुढार हाईवे पर धुरवार टोल प्लाजा के पास हाथी पहुंच गए थे, जिसकी वहज से कुछ समय के लिए रास्ता बंद हो गया था। मंगलवार की सुबह चारों हाथी उधिया बस्ती के अंदर प्रवेश किया और फसलों को खाते राैंदते हुए सुबह 10 बजे तक इसी क्षेत्र में विचरण कर रहे। इसके बाद धीरे-धीरे बस्तियों के पास से होते हुए बुढ़ार क्षेत्र के धनपुरा गांव पहुंच गए हैं और गन्ने के खेत में रुके हैं। जिला प्रशासान और पुलिस के अधिकारियों के साथ वन विभाग का अमला हाथियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सर्तक कर रहा है कि हाथियों के पास न जांए। वनपरिक्षेत्र अधिकारी शहडोल रामनरेश विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार की साम को हाथी धनपुरा गांव बुढ़ार पहुंच गए हैं। 

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान

नशे से दूरी है जरूरी अभियान का शुभारंभ नशा केवल स्वास्थ्य नहीं सामाजिक ताने-बाने को भी करता है छिन्न-भिन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी मध्यप्रदेश पुलिस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

बोट क्लब पर ट्रैफिक प्रतिबंध: सुबह 5 से 9 तक नहीं मिलेगी एंट्री, 26 जुलाई तक लागू

भोपाल  15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के चलते मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक के मार्ग पर सुबह 5 से 9 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन नहीं गुजर सकेंगे।15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के कारण मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक का मार्ग सुबह 5 से 9 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही नहीं हो सकेगी। वन विहार जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटक और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की व्यवस्था की है। ऐसे में वन विहार घूमने की सोच रहे लोग सीधे इस वैकल्पिक गेट का उपयोग करें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस की अपील, नियमों का पालन करें यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर सुबह के समय अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटकों और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे लोग जो वन विहार जाना चाहते हैं, उन्हें गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की सलाह दी जाती है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर अनावश्यक रूप से सुबह के समय यात्रा से बचें। किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करने पर यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

गुडिया लौट आओ नाटक की भव्य प्रस्तुति

भोपाल   स्थानीय रविन्द्र भवन सभागार में यूनाइटेड अवेयरनेस मिशन के तत्वावधान में भोपाल शहर के दसवी एवं बारहवी कक्ष के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान मैं एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के  नागरिको ने शिरकत की जिस में मुख्य अतिथि MLA मध्य विधान जनाब आरिफ़ मसूद साहब एवं पूर्व पार्षद जनाब शावर मंसूरी साहब शिरकत की इस कार्यक्रम में "दिशा वल्फेयर एवं कल्चरल सोसायटी समिति द्वारा नाटक" गुडिया लौट आओ" का मंचन किया गया ! उक्त नाटक में यह संदेश देने का प्रयास दिया गया कि हमारे बच्चों और  नौ जवाने को अपने माता पिता वं बुजुर्गों की दी हुई सीख को अपनाने की जरूरत है। एक गलत कदम आपका भविष्य तबाह कर सकता है। कुदरत ने हमे जो जीवन प्रदान दिया है वह अनमोल है इसलिए इस जीवन मैं हमारे लक्ष्य एसे होने चाहिये कि हम परिवार, समाज एवं देश का भविष्य संवार सके! उक्त नाटक के निर्देशक शकील चाँद लेखक उमर असलम, मंच पर  एस.एम अली , नाएमा अली काज़मी, फ़िरोज़, नोया नूर अंसारी मंच परे मंच व्यवस्थापक फीरोज, संगीत एवं मंच सज्जा जावेद खान, लाइट शावेज़ सिकंदर इस पर स्तुति को भव्यता प्रदान की गई ।

भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘भारत मार्ट’ को बताया वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और निर्यात का हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के तीसरे दिन डीपी वर्ल्ड और जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA) के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर “भारत मार्ट” परियोजना और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मार्ट को “वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार” बताते हुए कहा कि यह आधुनिक व्यापार केंद्र भारतीय उत्पादों, विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों की मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप जैसे बाजारों तक सीधी पहुँच उपलब्ध कराएगा। भारत मार्ट 2026 में परिचालन में आएगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की नीति को नई दिशा देगा। “भारत मार्ट” भारत और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों का प्रतीक भारत मार्ट, जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA), दुबई में लगभग 2.7 मिलियन वर्ग फुट में विकसित किया जा रहा एक बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र है। इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा फरवरी 2024 में संयुक्त रूप से रखी गई थी। यह केंद्र डीपी वर्ल्ड द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसमें 1500 से अधिक शोरूम, अत्याधुनिक गोदाम और कार्यालय सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना भारतीय एमएसएमई को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए तैयार की जा रही है, जिससे वे अपनी गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का निर्यात आसानी से कर सकें। भारत मार्ट, वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाने वाला एक मजबूत स्तंभ बनेगा। मध्यप्रदेश से भारत मार्ट तक निर्बाध लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बैठक में विशेष रूप से मध्यप्रदेश में डीपी वर्ल्ड द्वारा प्रस्तावित रेल टर्मिनल और उज्जैन–नागदा रूट को भारत मार्ट तक निर्बाध माल आपूर्ति का एक निर्णायक माध्यम बताया गया। यह लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी भारत से दुबई तक तेज़, किफायती और सुगम माल परिवहन सुनिश्चित करेगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “हमारी सरकार इस यात्रा को केवल व्यापार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक भविष्य की नींव मान रही है। भारत मार्ट के ज़रिये हमारा प्रदेश वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एक मज़बूत कड़ी बनेगा।” डीपी वर्ल्ड: भारत और मध्यप्रदेश के लिए संभावनाओं से भरा साझेदार डीपी वर्ल्ड, दुबई स्थित एक अग्रणी वैश्विक लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला समाधान प्रदाता है, जो 78 से अधिक देशों में 100 से अधिक टर्मिनलों और पोर्ट्स का संचालन करता है। प्रति वर्ष 70 मिलियन TEU कंटेनर हैंडल करने वाली यह कंपनी विश्व की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटरों में गिनी जाती है। भारत में संचालन डीपी वर्ल्ड भारत के मुंबई, मुंद्रा, कोचीन, चेन्नई और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर छह टर्मिनलों का संचालन करती है। साथ ही यह कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट सेवाओं का भी प्रबंधन करती है। म.प्र. में ड्राय पोर्ट के विकास में दिखाई रूचि डीपी वर्ल्ड ने मध्यप्रदेश में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), कृषि-लॉजिस्टिक्स हब और ड्राय पोर्ट के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। यह राज्य की लॉजिस्टिक्स और निर्यात नीति के अनुरूप है, और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास को मजबूती देने वाला कदम है।