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युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी से देश को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता के साथ हैं प्रदेशवासी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी की भावना प्रदेश में हो रही साकार युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में करेंगे वस्त्रोद्योग पर केन्द्रित पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन एक लाख से अधिक युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर ब्रह्मा-भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेलवे हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग में बनेंगे वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो के कोच लगातार चौथे वर्ष होगा हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन राज्य सरकार भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिन सिटी के विकास की ओर हो रही अग्रसर स्वतंत्रता दिवस पर होगा नवाचार : जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जिले की विकास गतिविधियों का होगा प्रस्तुतिकरण 14 अगस्त बलराम जयंती और 16 अगस्त जन्माष्टमी पर होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम गोकुल-वृदांवन के समान होगा भगवान श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े उज्जैन, जानापाव, अमझेरा और नारायणा का महत्व भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वदेशी की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए देश को अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है। सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी की इस प्रतिबद्धता के साथ हैं। इसी क्रम में स्वदेशी की भावना को साकार करते हुए 10 अगस्त को भोपाल के पास रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में ब्रह्मा (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) का भूमिपूजन और शिलान्यास केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में किया जा रहा है। केन्द्रीय कृषि एवं पंचायतराज मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। प्रदेश में पहली बार रेल कोच, मेट्रो कोच आदि का निर्माण कर देश में आपूर्ति के साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। लगभग 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली परियोजना से 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की रेलवे कोच निर्माण सुविधा स्थापित हो रही है, जो मध्यप्रदेश को देश के रेलवे विनिर्माण मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रायसेन जिले के तहसील गौहरगंज के ग्राम उमरिया में 60.0630 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है। यहां वंदे भारत-अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों भी विकसित होंगे, जिनसे आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। परियोजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों को बहनें भेजेंगी राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में लगातार चौथे वर्ष हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। तिरंगा अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र भक्ति और स्वदेशी अपनाने की भावना से जोड़ना है। साथ ही आम जनमानस में भी राष्ट्र ध्वज के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो। राज्य सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान-2025 में स्वच्छता और स्वदेशी अभियान को भी शामिल किया है। अभियान के अंतर्गत 2 से 12 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगे पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे और 13 से 15 अगस्त तक हम सभी को घर, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा लगाना है। अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से उन्हें राखियां भेजी जाएंगी। स्कूलों में तिरंगे से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। तिरंगा संगीत और प्रदर्शनियों का आयोजन भी होगा। इस अभियान में सभी वर्गों को शामिल करते हुए 1 करोड़ तिरंगे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। धार से विदेशों में भी होंगे वस्त्र निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वदेशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश की दो भावी मेट्रोपोलिटन सिटी भोपाल और इंदौर के विकास की और राज्य सरकार अग्रसर हो रही है। भोपाल के पास बनने वाली रेल कोच इकाई और धार के पास वस्त्र उद्योग पर केन्द्रित विकसित पीएम मित्र पार्क की सौगात से इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्र पार्क मध्य प्रदेश की समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। रेडीमेड गारमेंट सेक्टर की 2000 करोड़ रूपए की इस परियोजना से जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार का पीएम मित्र पार्क एक ओर जहां स्वदेशी के भाव को मजबूती देगा, वहीं धार, झाबुआ, रतलाम और निमांड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को कॉटन का उचित दाम मिलेगा। यहां से विदेशों में भी वस्त्र निर्यात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। प्रदेश में औद्योगिकरण का वातावरण बना है और देश-विदेश से निवेशक उद्योग लगाने के लिए मध्यप्रदेश आ रहे हैं। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का गिफ्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। सावन के पवित्र माह में लाड़ली बहनों को 250 रुपए का शगुन भेजा रहा है। कुल मिलाकर अगस्त में 1500 रुपए की राशि लाड़ली बहनों को भेजी। हमारी मंशा है कि बहनें रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे उल्लास और आनंद से मनाएं। दीपावली के बाद लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए भेजे जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार एक के बाद एक विकास की सौगातें देती जाएगी। 15 अगस्त के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में स्क्रीन पर होगा लाइव टेलीकास्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके अंतर्गत राजधानी भोपाल में होने … Read more

भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान

रेल कोच इकाई भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को गति देगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में रेल कोच फैक्ट्री से मेट्रोपोलिटन विकास को मिलेगी रफ्तार : सीएम डॉ. यादव भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान सीएम डॉ. यादव बोले– रेल कोच यूनिट बनेगी भोपाल मेट्रोपोलिटन ग्रोथ का इंजन 10 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन 60 हेक्टेयर भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेल कोच निर्माण सुविधा के लिए औबेदुल्लागंज में 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुख्य आतिथ्य में होने वाले भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन में हई बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीयजन शामिल होंगे। अत: उनके आवागमन और बैठक की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों के स्वाल्पाहार, भोजन, पेयजल आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि परियोजना का भूमिपूजन 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल होंगे। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3थी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम में लगभग 10 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्सय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

बाबा बनना छोड़ो, नेता बनो – इंदौर की पार्षद रूबीना ने धीरेंद्र शास्त्री को दी खुली चुनौती

इंदौर   अपने बेबाक बयानों से चर्चा में रहने वाले बागेश्वर धाम प्रमुख पं. धीरेंद्र शास्त्री को इंदौर कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने अनोखी सलाह दी है. रुबीना ने कहा है कि बाबा बागेश्वर को अपने सारे काम छोड़कर चुनाव लड़ना चाहिए. इंदौर की कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने बाबा बागेश्वर और साध्वी प्रज्ञा सिंह के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों गलत बयानबाजी कर रहे हैं. इसमें हम लोगों को न घसीटें : रुबीना रुबीना ने कहा, '' ये लोग कह रहे हैं कि हरे रंग के नीचे आतंकवाद पनपता है, इसलिए हिंदू लड़कियों को दुर्गा और काली बनना चाहिए लेकिन बुर्के वाली नहीं बनना चाहिए. आप बनने दीजिए लड़कियों को दुर्गा और काली, अच्छी बात है. पर हम लोगों को इसमें क्यों घसीट रहे हैं.'' रुबीना इकबाल खान का कहना था कि बेटियों को अच्छी शिक्षा दी जाना चाहिए लेकिन उन लोगों को नहीं घसीटना चाहिए. साधु-संत राजनीति न करें : रुबीना इस विषय पर रुबीना ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी हस्तक्षेप करने की मांग की. उन्होंने कहा, '' जब अल्पसंख्यक वर्ग उन्हें एकतरफा मतदान करता है तो उन्हें अल्पसंख्यक वर्ग के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए.'' इस दौरान उन्होंने कहा कि साधु संतों और साध्वियों को राजनीति नहीं और अगर करनी है, तो सब छोड़कर सिर्फ राजनीति करना चाहिए. 'धीरेंद्र शास्त्री राजनीति में उतरें' उन्होंने विशेष तौर पर बागेश्वरधाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जिक्र करते हुए कहा, '' धीरेंद्र शास्त्री तो साधु से ज्यादा राजनेता बन गए हैं. सिर्फ राजनीति पर ही बयान देना है तो फिर सब छोड़कर राजनीति में ही जाओ और चुनाव लड़ो. दरअसल, इंदौर की पार्षद रुबीना की ये प्रतिक्रिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री के एक विवादित बयान पर सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदू लड़कियों को दुर्गा और काली बनना चाहिए लेकिन बुर्के वाली नहीं बनना चाहिए.

रतलाम मंडल को मिली स्पेशल ट्रेन की सौगात, स्टॉपेज और टाइमिंग की पूरी जानकारी यहां

रतलाम  त्योहारों के दौरान रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ जाती है। साथ ही ट्रेनों में सफर करने के लिए सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। त्योहारों में अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने स्पेशल ट्रेन शुरू करने की व्यवस्था की है। यह ट्रेनें रतलाम मंडल के कई रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इससे यहां के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। दरअसल, रतलाम मंडल से कोयंबटूर से जयपुर और सांगानेर से बांद्रा के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। गाड़ी संख्या 06181/06182 कोयंबत्तूर-जयपुर स्पेशल दोनों दिशाओं में 5-5 फेरे लगाएगी। वहीं, गाड़ी संख्या 09023 बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल 7 और 14 अगस्त को चलेगी। त्योहारों में ट्रेन लगाएगी 5-5 फेरे गाड़ी संख्या 06181 कोयंबत्तूर से जयपुर के लिए 7 अगस्त से 4 सितंबर, 2025 तक हर गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन शुक्रवार को दोपहर 1:25 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस दौरान वह रतलाम मंडल में इस ट्रेन का ठहराव रतलाम (03:05/03:15), जावरा (03:55/03:57), मंदसौर (04:42/04:47), नीमच (05:55/05:57), चित्तौड़गढ़ (07:10/07:15) और चंदेरिया (07:43/07:45) स्टेशनों पर होगा। वापसी में ये रहेगा टाइमिंग वापसी में गाड़ी संख्या 06182 जयपुर से कोयंबत्तूर के लिए 10 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक हर रविवार को रात 10:05 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन बुधवार को सुबह 8:30 बजे कोयंबत्तूर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसका ठहराव चंदेरिया (03:18/03:20), चित्तौड़गढ़ (03:30/03:35), नीमच (04:20/04:22), मंदसौर (05:05/05:10), जावरा (06:20/06:22) और रतलाम (07:00/07:10) स्टेशनों पर होगा। इन स्टेशनों पर रहेगा स्टॉपेज इस स्पेशल ट्रेन में थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और स्लीपर श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में तिरुप्पूर, ईरोड, सेलम, जोलारपेट्टै, काटपाड़ी, रेणिगुंटा, कड़पा, यर्रगुंटला, गुत्ती, डोन, कुर्नूल, गदवाल, महबूबनगर, काचीगुडी, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा, हिंगोली, वाशिम, अकोला, भुसावल, जलगांव, नंदुरबार, उधना, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, जावरा, मंदसौर, नीमच, चित्‍तौड़गढ़, चंदेरिया, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर और किशनगढ़ सहित कई अन्य स्टेशनों पर भी रुकेगी। बांद्रा-सांगानेर स्पेशल ट्रेन त्योहार सीजन में गाड़ी संख्या 09023 बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन रात 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। यह ट्रेन शुक्रवार को सुबह 03:00 बजे रतलाम और 03:58 बजे नागदा पहुंचेगी। यह ट्रेन 7 अगस्त से 14 अगस्त के बीच चलेगी। वापसी का ये रहेगा शेड्यूल वापसी में यह ट्रेन संख्या 09024 शुक्रवार को सांगानेर से शाम 04:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन शनिवार रात 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन सांगानेर से 8 और 15 अगस्त के बीच चलेगी। ट्रेन रतलाम मंडल के नागदा स्टेशन पर रात 12:15 बजे पहुंचेगी। वहीं, रात 12:50 बजे रतलाम पहुंचेगी। दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों स्टॉपेज रहेगा।

डॉ. यादव 8 अगस्त को देंगे राहत की सौगात, बाढ़ प्रभावितों को मिलेगा आर्थिक सहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों जैसे जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति एवं अन्य क्षति के लिये प्रभावितों को 8 अगस्त को सिंगल क्लिक के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे और हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पौरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मानसून काल वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं अतिवृष्टि, बाढ़ से हुई क्षति के प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।  

जमजम बेकरी पर प्रशासन की कार्रवाई, लाइसेंस रद्द होने के बावजूद जारी था उत्पादन

खरगोन  लाइसेंस सस्पेंड किए जाने के बावजूद बेकरी संचालित करना भारी पड़ गया। टीम ने भारी मात्रा में टोस्ट जब्त कर बेकरी पर ताला जड़ दिया है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय स्थित जमजम बेकरी को विभिन्न अनियमिताओं के चलते सील कर नौ क्विंटल टोस्ट जब्त किए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई खरगोन के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच एल अवास्या ने बताया कि जिला कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने करीम नगर स्थित जमजम बेकरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने खाद्य पदार्थ पाम तेल, मैदा और टोस्ट का नमूना संग्रहित कर जांच हेतु भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा है। नौ क्विंटल टोस्ट जब्त बेकरी में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006, नियम 2011 के प्रावधानों के तहत पैकेजिंग एवं लेबलिंग में अनियमितता पाए जाने एवं खाद्य लाइसेंस निरस्त होने पर भी संचालन किये जाने पर 9 क्विंटल टोस्ट जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में बेकरी का निरीक्षण किए जाने पर विभिन्न अन-हाइजीनिक कंडीशंस और अनियमितता पाई गई थी। बेकरी संचालक को सेक्शन 32 के तहत नोटिस दिया गया था, लेकिन उसके निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने पर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद बेकरी को संचालित किए जाने पर टीम द्वारा छापा मार कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

दफ्तरों में टिके पुलिसकर्मियों की होगी छंटनी, थानों में भेजने के आदेश जारी

भोपाल  पुलिस मुख्यालय द्वारा व्यवस्था के बदलाव की दिशा में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे है। अब अधिकारियों के कार्यलयों में बरसों से अटैच पुलिसकर्मियों को मूल पदस्थापना में भेजने के डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को वापस थानों में भेजा जाए। इसी के साथ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा यानी कार्यों का मूल्यांकन कर सूची तैयार करने के लिए भी कहा गया है। कर्मचारियों का होगा रोटेशन बता दें, कुछ दिन पूर्व पीएचक्यू में ऐसे भी पुलिसकर्मी अटैच रहे, जोकि कई महीनों से दफ्तर ही नहीं आते थे। विदिशा और फिर सीहोर जिले में ऐसे दो पुलिसकर्मियों को जांच के दौरान लापता पाया गया। इस बात को लेकर भी पुलिस विभाग का मजाक बना था। डीजीपी मकवाना ने नियम के अनुसार मुयालय में अटैच और पदस्थ कर्मचारियों का रोटेशन करने को कहा है। ऐसे अधिकारी जो लंबे समय से दफ्तर में मौज काट रहे हैं अब उन्हें थानों में वापस लौटाया जाएगा। अफसरों के चालकों का होगा रोटेशन पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं में जरूरत से ज्यादा लोग हैं। लिहाजा दफ्तर का प्रबंधन बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों के नियमानुसार रोटेशन करने के लिए निर्देशित किया गया है। खासतौर पर उन वाहन चालकों का रोटेशन किया जाए, जो लंबे समय से एक ही अधिकारी के साथ या थानों पर कार्यरत हैं।

भोपाल में नशे के खिलाफ कार्रवाई, 1.75 लाख की स्मैक के साथ युवक दबोचा गया

भोपाल  राजधानी में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5.84 ग्राम स्मैक के साथ एक 20 वर्षीय युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जब्त की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.75 लाख आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम आदित्य नामदेव है। आरोपी विज्ञान भवन के सामने लाल ग्राउंड क्षेत्र में स्मैक की डिलीवरी के इरादे से खड़ा था। इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उसे धर दबोचा। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बतया कि क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक नशे की खेप लेकर विज्ञान भवन के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर आदित्य नामदेव को पकड़ लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पेशे से डिलीवरी बॉय है, लेकिन स्मैक की अवैध तस्करी में भी संलिप्त था। आरोपी के खिलाफ पहले से कटारा हिल्स थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और यह नेटवर्क कहां तक फैला है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी आदित्य को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच अब इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है ताकि नशे के इस नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

DL के लिए अब ना लाइन, ना भागदौड़ — सीधा घर पर होगी डिलीवरी

भोपाल   विधानसभा का मानसून सत्र अपनी मियाद से दो दिन पहले पूरा हो गया। 8वें दिन सत्र में कई महत्त्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई। विपक्ष ने पुलिस आरक्षक भर्ती में घोटाले के आरोप लगाते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। सदन में गहमा-गहमी रही। इस दौरान परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मप्र मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक में संशोधन की जानकारी दी। उन्हाेंने कहा, जल्द नागरिक सुविधाओं को बेहतर बना फेसलेस सुविधा देंगे। ड्राइविंग लायसेंस (DL) और वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड (RC) में पासपोर्ट की तरह घर पहुंच सेवा शुरू होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी। मंत्री ने कहा, परिवहन कार्यालयों को पारदर्शी बना रहे हैं। पेनल्टी की वसूली में नकद कलेक्शन बंद होगा। अब मशीन के माध्यम से ऑनलाइन पेनल्टी वसूल कर रहे हैं। परमिट व्यवस्था भी सुलभ बनाएंगे। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 लाख रुपए से कम कीमत वाले पेट्रोल वाहनों पर सबसे कम टैक्स लिया जाता है। मप्र में 8त्न टैक्स है, जबकि छत्तीसगढ़ में 10, महाराष्ट्र में 11, राजस्थान में 10 और उत्तर प्रदेश में 9त्न टैक्स है। मानसून सत्र ने रचा इतिहास संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयर्गीय ने मानसून सत्र के सफल आयोजन के लिए विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सिंह सत्तापक्ष और विपक्ष के प्रति आभार जताया। कहा, ऐतिहासिक सत्र चले। 8 विधेयक पास हुए और प्रदेश के जनहित में सार्थक चर्चाएं की गई। बिना फॉर्म भरे घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल पर होगा सीधा डाउनलोड अगर आप भी महीनों से ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आरटीओ के चक्कर काट रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. क्योंकि सरकार की तरफ ऐसी सुविधा शुरू की गई है, जिससे आप घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं. न ही आरटीओ का इंतजार करना पड़ेगा और न ही कोई फॉर्म भरने की जरूरत पड़ेगी. आइए इन स्टेप के बारे में विस्तार से जानते है.  ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया 1. सबसे पहले सारथी पोर्टल पर जाएं और ऑनलाइन आवेदन करें. 2. आवेदन करने के बाद आपको ड्राइविंग टेस्ट देना होगा. 3. टेस्ट पास करने के बाद आपकी फोटो वहीं ली जाएगी. 4. फिर दस्तावेजों की जांच होगी और आरटीओ से ऑनलाइन मंजूरी मिल जाएगी. 5. मंजूरी के बाद आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं. घर बैठे डाउनलोड करें लाइसेंस 1. ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद आवेदक के मोबाइल पर SMS से एक लिंक भेजी जाएगी. 2. लिंक खोलने पर अपना आईडी नंबर और जन्मतिथि (DOB) भरनी होगी. 3. जानकारी सही भरते ही आप डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस डाउनलोड कर सकेंगे. 4. जरूरत पड़ने पर डीएल और आरसी को कितनी भी बार डाउनलोड कर सकते हैं.

171 साल पुरानी सेवा का अंत! स्पीड पोस्ट में मर्ज होगी रजिस्टर्ड डाक, टैक्स भी देना होगा

भोपाल  आपका जन्म यदि सन 70, 80 या 90 के दशक में हुआ है तो आपने डाकघरों में रजिस्ट्री चिट्ठी ( Registered Post ) या रजिस्टर्ड पार्सल (Registered Parcel) का रुतबा देखा होगा। रजिस्ट्री वाली चिट्ठी भेजने के लिए अलग से काउंटर होता था। डाकघर वाले उसके लिए आपको एक रसीद काट कर देते थे। उस चिट्ठी के डिलीवर होने पर आपको पावती या एकनॉलेजमेंट (Acknowledgement) भी मिलता था। कुल मिला कर यह डाकघर की प्रीमियम सर्विस थी। इस सर्विस को डाक विभाग ने बंद करने का फैसला किया है। कब से बंद होगी सेवा भारतीय डाक विभाग के एक परिपत्र के मुताबकि 1 सितंबर, 2025 से रजिस्टर्ड पोस्ट (Registered Post) सेवा बंद हो जाएगी। डाक विभाग स्पीड पोस्ट (Speed Post) के साथ रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को इंटीग्रेट करने क राह पर है। सरकार का दावा है कि ऐसा करने से काम करने का तरीका और भी आधुनिक हो जाएगा। दशकों से बड़ी इज्जत थी रजिस्ट्री चिट्ठी की रजिस्ट्री चिट्ठी या रजिस्टर्ड पोस्ट की अभी तक बड़ी इज्जत रही है। कोई महत्वपूर्ण कागजात भेजना हो, बाहर पढ़ने वाले बच्चों को बैंक ड्राफ्ट बना कर भेजना हो या रक्षा बंधन पर राखी, सबके लिए रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल होता है। आजादी के बाद से ही रजिस्टर्ड पोस्ट बेहद भरोसेमंद माना जाता था। सरकार भी अपाइन्टमेंट लेटर भेजने में इसका इस्तेमाल करती रही है। साथ ही अदालत भी कानूनी नोटिस इसके जरिए भेजा करती थी। एक सितंबर से बदल जाएगा सिस्टम डाक विभाग के सचिव और डायरेक्टर जनरल ने सभी विभागों, अदालतों, संस्थानों और लोगों को 1 सितंबर तक नई व्यवस्था में बदलने के लिए कहा है। 31 अगस्त तक दोनों सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। लेकिन 1 सितंबर से लोगों को अपनी चीजें स्पीड पोस्ट से भेजनी होंगी। इस तरह रजिस्टर्ड पोस्ट का एक युग खत्म हो जाएगा। क्यों हुआ है यह बदलाव बताया जा रहा है कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल बहुत कम हो गया है। लोग अब ऑनलाइन चीजें इस्तेमाल करने लगे हैं। व्हाट्सऐप और ईमेल के चलते अब पत्र लिखना या भेजना भी कम हो गया है। इसके अलावा प्राइवेट कूरियर (Private Courier) और ई-कॉमर्स (E-commerce) लॉजिस्टिक्स से भी रजिस्टर्ड पोस्ट का मुकाबला बढ़ गया है। सरकार चाहती है स्पीड पोस्ट चलता रहे डाक विभाग की ही एक और सेवा स्पीड पोस्ट है। इसे 1986 में शुरू किया गया था। रजिस्ट्री चिट्ठी की तरह ही इसमें भी बुकिंग के वक्त रसीद दी जाती है। इसे आप ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। हालांकि, स्पीड पोस्ट की सेवा रजिस्टर्ड पोस्ट से महंगी है। अब डाक विभाग का रेट देखिए। रजिस्टर्ड पोस्ट की शुरुआत 25.96 रुपये से होती थी। इसके बाद हर 20 ग्राम के लिए 5 रुपये ज्यादा लगते थे। वहीं स्पीड पोस्ट 50 ग्राम तक के पार्सल के लिए 41 रुपये से शुरू होता है। यह लगभग 20-25% महंगा है। रजिस्टर्ड पोस्ट में लगातार आ रही थी गिरावट आधिकारिक डाक डेटा 2011-12 के अनुसार हर साल रजिस्टर्ड पोस्ट की संख्या में गिरावट आ रही है. साल 2011-12 में रजिस्टर्ड डाक से भेजने वाले आर्टिकल 24 करोड़ से घटकर 2019-20 में 18 करोड़ के रह गए. 25 फीसदी की कमी साफ देखी जा सकती है. कोरोना के बाद से तो स्थिति और खराब हो गई है. कितना आएगा खर्चा     50 ग्राम के पार्सल के लिए 200 किमी से ऊपर 35 रुपये,     200 ग्राम के पार्सल के लिए 200 से 1000 किमी के लिए 40 रुपये, 1000 से 2000 हजार किमी के लिए 60 रुपये और 2000 किमी से ऊपर के लिए 70 रुपये चार्ज लगेगा.     201-500 ग्राम के लिए 200 किमी तक 50 रुपये, 1000 किमी तक 60 रुपये, 2000 किमी तक 80 रुपये और 2000 किमी से ऊपर के लिए 90 रुपये का चार्ज लगेगा     हर 500 ग्राम बढ़ाने पर 200 किमी तक 15 रुपये, 1000 किमी तक 30 रुपये, 2000 किमी तक 40 रुपये और 2000 किमी से ऊपर के लिए 50 रुपये डाक विभाग लेगा. एक युग का अंत रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा का बंद होना एक युग का अंत होना है। रजिस्टर्ड पोस् काफी लोगों के लिए भरोसे का प्रतीक रहा है, खासकर गांवों में रहने वाले लोगों के लिए। बैंक, विश्विद्यालय और सरकारी विभाग कानूनी रूप से मान्य कागजात भेजने के लिए रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल करते थे। ब्रिटिश शासनकाल में 1854 में शुरू हुई रजिस्टर्ड डाक (Registered Postal Service) स्पीड पोस्ट (Speed Post) में मर्ज की जा रही है। यह एक सितंबर से लागू होगी। इसके बाद जरूरी कागजात या सामान भेजने के लिए स्पीड पोस्ट विकल्प बचेगा। हालांकि विभाग ने कहा है कि नाम में बदलाव होगा, लेकिन पुरानी सेवा भी ली जा सकती है। शुल्क कम-ज्यादा हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि रजिस्टर्ड डाक का कम से कम शुल्क 26 रुपए है। स्पीड पोस्ट का कम से कम शुल्क 41 है। सरकार टैक्स भी वसूलेगी। रजिस्टर्ड डाक प्राप्तकर्ता के सत्यापन के साथ सुरक्षित डिलीवरी। स्पीड पोस्ट की तुलना में धीमी। तुलनात्मक रूप से कम शुल्क। ट्रैकिंग उपलब्ध। स्पीड पोस्ट तेज और समयबद्ध डिलीवरी। दिए गए पते पर कोई भी व्यक्ति ले सकता है। शुल्क थोड़ा ज्यादा। ट्रैकिंग रियल टाइम के साथ। यहां ज्यादा उपयोग रजिस्टर्ड डाक का कोर्ट, सेना की यूनिटें, रेलवे जोन, पुलिस विभाग, बिजली कंपनियों के मुख्यालय, संभागायुक्त कार्यालय, नगर निगम सहित अन्य जगह। ऐसे समझें फर्क रजिस्टर्ड डाक: प्राप्तकर्ता के सत्यापन के साथ सुरक्षित डिलीवरी। स्पीड पोस्ट की तुलना में धीमी। तुलनात्मक रूप से कम शुल्क। ट्रैकिंग की सुविधा। स्पीड पोस्ट: तेज और समयबद्ध डिलीवरी। दिए गए पते पर कोई भी व्यक्ति कर सकता है। शुल्क थोड़ा ज्यादा। ट्रैकिंग रियल टाइम के साथ। ट्रांसपोर्ट व्यवस्था होगी तेज रजिस्टर्ड डाक सेवा स्पीड पोस्ट में मर्ज की जा रही है। इससे ट्रांसपोर्ट व्यवस्था तेज होगी। विनीत माथुर, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल मध्यप्रदेश परिमंडल, भोपाल