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‘नर्मदा’ नाम से जुड़ा चिकन ब्रिड विवाद, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

हरदा  एक प्राइवेट कॉलेज ने मुर्गियों की बिक्री का विज्ञापन दिया है। इस विज्ञापन में एक नस्ल का नाम 'नर्मदा' लिखा था। इससे बड़ा विवाद हो गया। नर्मदा नदी को मानने वाले लोगों ने इस नाम पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान है। नर्मदा नदी के भक्तों, खासकर नर्मदीय ब्राह्मण समाज ने इसका विरोध किया। समाज के लोगों ने कॉलेज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। कॉलेज ने कहा कि उसका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन, समाज के लोग नाम हटाने की मांग पर अड़े रहे और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। जिला कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन नर्मदीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अशोक पराशर के नेतृत्व में समाज के सदस्य जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार नागू को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 'नर्मदा' नाम का गहरा धार्मिक महत्व है। यह उस देवी से जुड़ा है जिसकी लाखों लोग पूजा करते हैं। खासकर नर्मदा घाटी क्षेत्र में। कॉलेज ने दिया है विज्ञापन विवाद तब शुरू हुआ जब कॉलेज ने मुर्गियों की बिक्री के लिए एक विज्ञापन जारी किया। इसमें 'नर्मदा' और 'सोनाली' नाम की नस्लों का उल्लेख था। समाज के सदस्यों ने दावा किया कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। खासकर सनातन धर्म के अनुयायियों और नर्मदा के भक्तों की। जबलपुर के पोल्ट्री सेंटर से लिए नाम कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए नाम जबलपुर के एक पोल्ट्री सेंटर से लिए गए थे। उस सेंटर में नस्लों के नाम कड़कनाथ, नर्मदा और सोनाली थे। कॉलेज का कहना है कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। संस्थान के निदेशक राजीव खरे से संपर्क नहीं हो सका। नर्मदा नाम हटाने की मांग नर्मदीय ब्राह्मण समाज ने तुरंत चिकन नस्ल से 'नर्मदा' नाम हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे आंदोलन करेंगे। अशोक पराशर ने कहा कि नाम हटाने तक वे विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ा है और वे इसे हल्के में नहीं लेंगे। कॉलेज से माफी की मांग विज्ञापन में 'नर्मदा' नाम के इस्तेमाल से लोगों में गुस्सा है। वे कॉलेज से माफी मांगने और नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि 'नर्मदा' नदी उनके लिए पवित्र है और इसका इस्तेमाल मुर्गियों के नाम के लिए करना गलत है।  

निवेशकों और प्रवासी भारतीयों से डॉ. यादव की मुलाकात, साझा करेंगे एमपी का विजन

स्पेन प्रवास का तीसरा दिन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पेन प्रवास का तीसरा दिन 18 जुलाई को मध्यप्रदेश की वैश्विक क्षमताओं को दर्शाने और निवेश सहयोग को सशक्त करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। दिनभर की गतिविधियाँ निवेश, स्मार्ट सिटी विकास, नवाचार और प्रवासी सहभागिता जैसे विविध पक्षों को समेटे हुए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री की भूमिका निर्णायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दिन की शुरुआत बार्सिलोना के प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स केंद्र 'मर्कारबेना' के भ्रमण से होगी, जो यूरोप का एक प्रमुख आपूर्ति श्रृंखला हब माना जाता है। इस भ्रमण के दौरान लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मध्यप्रदेश की संभावनाओं को समझने और यूरोपीय मॉडल से सीखने का अवसर प्राप्त होगा। इसके बाद 'इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश' थीम पर केन्द्रित बार्सिलोना बिजनेस फोरम का आयोजन होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेनिश उद्योग जगत, कॉरपोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमताओं को प्रस्तुत करेंगे। इस फोरम में प्रदेश की औद्योगिक नीतियाँ, प्राथमिक सेक्टर, अधोसंरचना परियोजनाएँ और ग्लोबल पार्टनरशिप मॉडल पर विशेष फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह संवाद प्रदेश में निवेश की मंशा को ठोस प्रस्तावों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बिजनेस फोरम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न उद्योगपतियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों से वन-टू-वन बैठकों के माध्यम से सीधा संवाद करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य व्यक्तिगत निवेश प्रस्तावों पर ठोस चर्चा करना और नीति से लेकर ज़मीन तक की स्पष्टता देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर बाद बार्सिलोना के स्मार्ट सिटी एवं नवाचार केंद्रों का भ्रमण करेंगे। इस भ्रमण में शहरी प्रबंधन, हरित प्रौद्योगिकी, डेटा-ड्रिवन सर्विस मॉडल और स्टार्टअप सहयोग से संबंधित अवधारणाओं का अवलोकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस दौरान मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी मॉडल के लिए संभावित तकनीकी साझेदारियों की भी जानकारी लेंगे। इसके बाद होटल इंटरकॉन्टिनेंटल में पुनः कुछ महत्वपूर्ण वन-टू-वन बैठकों का दौर चलेगा, जिसमें निवेश प्रोत्साहन विभाग के साथ मिलकर प्रदेश के प्रतिनिधि संभावित सहयोग की दिशा तय करेंगे। दिन का समापन ‘प्रवासी एवं फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’ समारोह के साथ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूरोप में बसे प्रवासी भारतीयों, व्यवसायियों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करेंगे। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्रति प्रवासी समुदाय की प्रतिबद्धता को सम्मान देंगे और उन्हें राज्य की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आमंत्रण देंगे।  

श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय – जगतगुरू रामभद्राचार्य

आध्यात्म, धर्म और संस्कृति के साथ विकास वरदान बनता है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति का होता है प्रगटीकरण- संस्कृति मंत्री लोधी श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय – जगतगुरू रामभद्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में रामायण शोधपीठ होगा स्थापित भोपाल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में रामायण शोधपीठ की स्थापना की जाएगी। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, संस्कृति राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी और जगतगुरू रामभद्राचार्य ने गुरुवार को इसकी शिलापट्टिका का अनावरण किया। रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जगतगुरू रामभद्राचार्य ने कहा कि राम चरित्र वत्सल हैं। उनका आदर्श अनुकरणीय है, जितना समृद्ध साहित्य भगवान श्रीराम का है उतना और किसी का नहीं है। रामायण शोध पीठ की स्थापना रीवा विश्वविद्यालय के लिए शुभ हो और यह रामायण के शोधार्थियों के लिए वरदान बने। इसकी स्थापना रीवा के पूर्व महाराज रामायण अनुरागी रघुराज सिंह को श्रद्धांजलि भी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आचार्यों को ऐसी मर्यादा प्रस्तुत करनी चाहिए, जिससे शिष्य उनका अनुकरण करें। जगतगुरू ने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की बात भी कही। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत आध्यात्म धर्म और संस्कृति है। इनके साथ से ही विकास वरदान बन जाएगा। आज का दिन अविस्मरणीय रहेगा जब जगतगुरू के कर-कमलों से पीठ की स्थापना की शुरुआत हुई है। रामायण पीठ के माध्यम से रामायण के गुणों को अंगीकार करने और शोधार्थियों को नवीनतम शोध में मदद मिलेगी। उन्होंने रामायण पीठ के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की और आश्वस्त किया कि अन्य आवश्यकताओं की भी पूर्ति की जाएगी। संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लोधी ने कहा कि रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रगटीकरण होता है। चरित्रवान व मर्यादाशील होने का भगवान राम से सीख मिलती है। रामायण की शिक्षाएं आज के परिवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि रामायण से जीवन की दशा को सुधार कर चरित्रवान बनते हुए देशहित के लिए सीख मिलती है। सांसद जनार्दन मिश्र ने रामायण पीठ की स्थापना के लिए साधुवाद देते हुए सांसद निधि से 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। कुलगुरू दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट शिशिर पाण्डेय, कुलसचिव सुरेन्द्र सिंह परिहार, नोडल अधिकारी नलिन दुबे, कुलगुरू अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद कुड़रिया, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

कलेक्टर ने हितग्राही मूलक योजनाओं की बैंकर्स के साथ की समीक्षा बैठक

कलेक्टर ने हितग्राही मूलक योजनाओं की बैंकर्स के साथ की समीक्षा बैठक बैंकर्स के साथ विभागीय अधिकारी समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों की  पूर्ति करें :-कलेक्टर श्री शुक्ला  सिंगरौली  केंद्र एवं प्रदेश सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरणों का बैंकर्स समय पर निराकरण कर हितग्राहियों को लाभ प्रदान करें । उन्होने कहा कि जो भी प्रकरण बैंकर्स के पास लंबित है केंद्र एवं प्रदेश सरकार के महत्वकांशी योजनाओं से संबंधित हैं उनका निराकरण समय पर किया जाए उक्त आशय का निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डी एल सी सी की बैठक के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रशेखर शुक्ला  के द्वारा उपस्थित बैंकर्स के अधिकारियों को दिया गया ।    कलेक्टर ने बैंकवर लंबित प्रकरणों की जानकारी लेने के पश्चात निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बैंकर प्रकरणों का निराकरण कर हितग्राहियों को लाभ प्रदान करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि बैंकों से संपर्क कर लंबित प्रकरणों का निराकरण करवाए। एवं नए प्रकरण तैयार कर लक्ष्यों के अनुसार बैंकों में प्रस्तुति करें। साथ ही कितने प्रकरण प्रस्तुत किए गए है उनकी जानकारी से  टीएल  बैठक अवगत कराये ।     कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों के फसल बीमा के साथ साथ सुरक्षा बीमा योजना, जीवन बीमा योजना , अटल पेंशन योजना का भी लाभ प्रदान किया जाए। इसके अलावा भी बैंकों से संबंधित सीएम हेल्प लाईन के प्रकरणों की  संतुष्टि के साथ निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह नागेश , आदिमजाति कल्याण विभाग के ए.सी ट्राइबल नीलकंठ मरकाम, लोकसेवा प्रबंधक रमेश पटेल सहित बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने की लोगों से सावधानी बरतने की अपील

सतना सतना जिले में पिछले 15, 16 घंटे से लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने लोगों से अपील की है कि जल संरचनाओं, नदी, नालों एवं तालाबों के आसपास नहीं जाएं। आवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकले और सुरक्षित रूप से वाहनों का इस्तेमाल करें। जिले में हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत स्कूलों में शुक्रवार का अवकाश घोषित कर दिया गया है। अपने बच्चों को निगरानी में रखें और आपदा अथवा बाढ़ की स्थिति में कंट्रोल रूम, पुलिस प्रशासन के नजदीकी अधिकारियों को तत्काल सूचना दें। कलेक्टर ने कहा है कि जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड सहित आपदा प्रबंधन की टीम अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी विषम परिस्थितियों के उत्पन्न होने की सूचना तत्काल देवें।

मुख्यमंत्री यादव का दावा: स्पेन दौरा साबित होगा ऐतिहासिक निवेश उपलब्धि

निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्पेन दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन दौरा बनेगा निवेश का नया अध्याय: डॉ. यादव का बड़ा बयान मुख्यमंत्री यादव का दावा: स्पेन दौरा साबित होगा ऐतिहासिक निवेश उपलब्धि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में स्पेन का दौरा निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के दौरे के दूसरे दिन और दो देशों की यात्रा के पांचवें दिन मीडिया को जारी संदेश में कहा कि स्पेन के साथ भारत विशेष रूप से मध्यप्रदेश के व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की पहल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में स्पेन के उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश करें, इन संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि निश्चित ही इसके सुखद परिणाम आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा रही है। युवाओं को कार्य का अवसर मिले और राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश और रोजगार के प्रयास किये जा रहे हैं।  

तकनीकी साझेदारी की पहल: मुख्यमंत्री यादव का सबमर कंपनी में दौरा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में सबमर कंपनी का किया दौरा मध्यप्रदेश को एआई-रेडी, ग्रीन और सस्टेनेबल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में अहम पहल तकनीकी साझेदारी की पहल: मुख्यमंत्री यादव का सबमर कंपनी में दौरा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने और वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को स्पेन के बार्सिलोना में स्थित इमर्शन कूलिंग टेक्नोलॉजी में अग्रणी कंपनी सबमर के मुख्यालय का दौरा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबमर की अत्याधुनिक तकनीकों, कार्यप्रणाली और ग्रीन एनर्जी समाधानों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्हें स्मार्ट पोड और माइक्रो पोड जैसी उन्नत तकनीकों के साथ ही कंपनी की डिजाइन एंड बिल्ड क्षमताओं तथा इनोवेशन लैब्स की जानकारी दी गई। सबमर ने बताया कि वह अब तक 400 मेगावॉट से अधिक इमर्शन कूलिंग समाधान विश्वभर में तैनात कर चुकी है और OCP-रेडी ग्रीन कूलिंग सॉल्यूशन प्रदान करने वाली दुनिया की पहली कंपनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश डेटा सेंटर और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक निवेश के लिए एक नई ऊर्जा और अवसर का केंद्र बन रहा है। सबमर जैसी अग्रणी तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी से राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।" दौरे के दौरान सबमर और मध्यप्रदेश सरकार के बीच संभावित रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। कंपनी सबमर को मध्यप्रदेश में तकनीकी सलाहकार और सर्टिफायर के रूप में शामिल कर, नए डेटा सेंटर परियोजनाओं की डिजाइन, सस्टेनेबिलिटी और एआई-रेडिनेस के मानकों को परिभाषित करने में भागीदार बनाया जाएगा। सबमर ने यह भी अवगत कराया कि वह भारत में अपनी कमर्शियल, आरएंडडी और प्रोडक्शन इकाइयों की स्थापना की योजना बना रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश को प्राथमिकता देते हुए कंपनी के इंडिया हेड देव त्यागी जुलाई के अंत में मध्यप्रदेश का दौरा करेंगे, जिससे संभावित साझेदारियों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा न केवल तकनीकी नवाचारों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का माध्यम बनी, बल्कि यह प्रदेश को ग्रीन और AI-रेडी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध होगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड महल न केवल यूरोप के सबसे विशाल और भव्य शाही महलों में से एक है, बल्कि भारत और स्पेन के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि यह महल केवल स्थापत्य सौंदर्य का नमूना नहीं, बल्कि भारत और स्पेन के बीच परस्पर सम्मान, संवाद और सहयोग की जीवंत मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड के भ्रमण के बाद यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉयल पैलेस के भ्रमण के दौरान उसके ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य कला और संरक्षित यूरोप की दुर्लभ कलाकृतियों, शस्त्रों और राजसी वस्तुओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि रॉयल पैलेस जैसी धरोहरें हमें न केवल अतीत की गौरवशाली झलक दिखाती हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की गरिमा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अहमियत भी सिखाती हैं। उल्लेखनीय है कि इसी रॉयल पैलेस में वर्ष 2006 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम का राजकीय सम्मान के साथ स्वागत हुआ था।इन ऐतिहासिक अवसरों की स्मृतियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल भारत और स्पेन के मधुर संबंधों की नींव का जीवंत साक्षी है। निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्पेन दौरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में स्पेन का दौरा निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के दौरे के दूसरे दिन और दो देशों की यात्रा के पांचवें दिन मीडिया को जारी संदेश में कहा कि स्पेन के साथ भारत विशेष रूप से मध्यप्रदेश के व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की पहल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में स्पेन के उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश करें, इन संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि निश्चित ही इसके सुखद परिणाम आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा रही है। युवाओं को कार्य का अवसर मिले और राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश और रोजगार के प्रयास किये जा रहे हैं।  

मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला: एक परीक्षा, कई सरकारी नौकरियों का रास्ता खुलेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में होने वाली कर्मचारियों की नियुक्ति का पैटर्न बदलने जा रहा है. अब सरकारी विभागों में होने वाली नियुक्तियां यूपीएससी की तर्ज पर की जाएंगी. यानि कि विभिन्न सरकारी विभागों के लिए अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से सभी विभागों के विभिन्न रिक्त पदों के लिए एक ही मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी. सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक वर्ष में एक ही भर्ती परीक्षा कराए जाने के संबंध में प्रारंभिक दौर की चर्चा कर चुके हैं. इस संबंध अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है. उम्मीदवारों को केवल एक बार देनी होगी फीस एकल भर्ती परीक्षा से अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा की झंझट से मुक्ति तो मिलेगी ही, साथ ही अलग-अलग विभागों की परीक्षा के लिए बार-बार आवेदन करने और फीस भरने की जरूरत नहीं रहेगी. उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करने और स्लॉट चुनने में दिक्कत नहीं होगी. इससे सरकार को बार-बार परीक्षा आयोजित कराने के लिए समय और पैसा बर्बाद नहीं करना पड़ेगा. यदि कोई उम्मीदवार चयनित पद नहीं लेता है, तो वेटिंग लिस्ट के कारण अगला उम्मीदवार तुरंत नियुक्त हो सकेगा. इससे रिक्तियों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने बार-बार परीक्षा पर जताई चिंता मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि "विभिन्न सरकारी विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं आयोजित करने से सबसे अधिक परेशानी अभ्यर्थियों को होती थी. ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को परिवर्तित करने के निर्देश दिए थे. मालवीय ने बताया कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के लिए एसएससी और यूपीएससी की परीक्षाओं का पैटर्न आदर्श है. जिससे यूपीएससी की तरह मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में भी एकल परीक्षा का आयोजन किया जा सके. जिस तरह संघ लोक सेवा आयोग एक परीक्षा कराता है और विभिन्न श्रेणी के उपलब्ध पदों के लिए मेरिट के हिसाब से चयन होता है. अब यही प्रक्रिया मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में नियुक्ति के लिए अपनाई जाएगी. सभी विभागों में एक जैसे होंगे भर्ती नियम अधिकारियों ने बताया कि एकल परीक्षा प्रणाली में सभी सरकारी विभागों के भर्ती नियम भी अब एक जैसे होंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ही इन्हें बनाकर अधिसूचित करने के लिए देगा. यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि प्रदेश के सभी सरकारी विभागों की नियुक्तियों में एकरूपता रहे. इसमें समान प्रकृति के पदों के लिए एक जैसे नियम हो जाएंगे. साथ ही यह लाभ भी होगा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को विज्ञापन निकालते समय विभागीय भर्ती नियम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और समय पर विज्ञापन जारी हो जाएंगे. कोर्ट जाने के लिए बाध्य नहीं होंगे अभ्यर्थी अभी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं की घटनाएं सामने आती रहती है. लेकिन नई व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए नियम से लेकर परीक्षा का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहेगा. अभी राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली परीक्षा में कई चीज सार्वजनिक नहीं की जाती हैं, जिससे अभ्यर्थी कोर्ट चले जाते हैं. परीक्षा परिणाम या चयन सूची पर रोक लगा जाती है. इससे पूरी प्रक्रिया रुक जाती है. आगे ऐसा न हो, इसके लिए सभी जानकारियां ऑनलाइन की जाएंगी, ताकि किसी को सूचना के अभाव में कोई भ्रम या संदेह ना रहे और अभ्यर्थी कोर्ट जाने के लिए बाध्य न हो. नए पैटर्न में इस प्रकार होंगी परीक्षाएं     मध्य प्रदेश शासन के सभी विभागों के लिए साल में एक बार एकल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा.     इसमें सभी श्रेणी के पदों के लिए मेरिट के हिसाब से सूची बन जाएगी, लेकिन वेटिंग लिस्ट एक रहेगी.     एकल परीक्षा के लिए सभी विभागों से रिक्त पदों की संख्या साल में एक बार पूछी जाएगी.     सभी विभागों से मिले प्रस्तावों के आधार पर सितंबर महीने में परीक्षा का कैलेंडर तैयार किया जाएगा.     सामान्य प्रशासन विभाग जनवरी 2026 से कर्मचारियों के चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी में है. इन विभागों में बड़ी संख्या में होगी भर्ती बता दें कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने साल 2024 के जून महीने में आयोजित कैबिनेट बैठक स्वास्थ्य विभाग के 46,491 नए पदों का भर्ती करने का निर्णय लिया था. इसी प्रकार 22 अक्टूबर, 2024 को हुई कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायिका के 12,670 पद और सुपरवाइजर के 467 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी. वहीं बीते 9 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 49 हजार 263 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इन पदों पर भर्ती आने वाले वर्षों में की जाएगी. बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में 1 लाख 40 हजार पद खाली हैं. सरकार एक साल में इनमें से 27 हजार रिक्त पदों को भरने जा रही है.

डाक व्यवस्था में बड़ा बदलाव: IT 2.0 से होंगी सेवाएं हाईटेक और कुशल

श्योपुर  डाकघर अब पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और डिजिटल होंगे। डाक विभाग ने आईटी 2.0 एप्लिकेशन के रोलआउट की घोषणा की है, जो डाक सेवाओं को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह नया एप्लिकेशन 22 जुलाई 2025 से श्योपुर, मुरैना और भिंड जिलों के सभी डाकघरों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर, तेज और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। डाक विभाग ने बताया कि IT 2.0 एप्लिकेशन की मदद से डाकघरों की कार्यप्रणाली पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी, जिससे लेनदेन की गति और सटीकता में इज़ाफा होगा। यह नया सिस्टम एक यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस के साथ आएगा, जिससे हर उम्र के लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकेंगे। डाउनटाइम की जानकारी इस बदलाव को सही तरीके से लागू करने के लिए 21 जुलाई 2025 को एक दिन का सिस्टम डाउनटाइम निर्धारित किया गया है। इस दिन किसी भी प्रकार का सार्वजनिक लेनदेन नहीं होगा, क्योंकि उस दौरान डेटा माइग्रेशन, सिस्टम चेकिंग और तकनीकी कॉन्फिगरेशन किया जाएगा। डाक विभाग ने ग्राहकों से अपील की है कि वे 21 जुलाई से पहले अपने जरूरी डाक-संबंधी कार्य पूरे कर लें ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। विभाग ने इस अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया है कि इस परिवर्तन के बाद डाक सेवाएं पहले से कहीं अधिक डिजिटल, तेज और विश्वसनीय होंगी। तकनीकी रूप से सशक्त डाक सेवाएं आईटी 2.0 एप्लिकेशन न केवल डाक विभाग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि यह ग्राहक अनुभव को भी पूरी तरह बदल देगा। डिजिटल लेनदेन, ट्रैकिंग सिस्टम, रियल टाइम अपडेट और पेपरलेस वर्कफ्लो जैसी सुविधाएं अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के डाकघरों में उपलब्ध होंगी।