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बड़वानी में तेज बहाव बना जानलेवा, नाला पार करते बहा ट्रैक्टर, चालक का सुराग नहीं

ओझर/नागलवाड़ी (बड़वानी)  क्षेत्र में हो रही तेज वर्षा के कारण पहाड़ी नाले उफान पर हैं। इसी बीच रविवार शाम को एक बड़ी घटना में उफनते नाले को पार करने के प्रयास में एक ट्रैक्टर तेज बहाव में बह गया। हादसे में ट्रैक्टर के साथ चालक भी पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसका रात तक कोई पता नहीं चल सका। पीपरखेड़ा गांव के समीप हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर नागलवाड़ी निवासी प्रकाश बर्फा का है। ट्रैक्टर चला रहे बंसी पुत्र धूलिया, निवासी पीपरखेड़ा, गांव के समीप उफनते नाले को ट्रैक्टर सहित पार करने की कोशिश में बह गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस द्वारा आसपास के नालों और संभावित स्थानों पर सघन तलाश अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण भी खोजबीन में सहयोग कर रहे हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर ट्रैक्टर तो मिल गया, लेकिन चालक अब भी लापता है। डेब और देवनली नदियों में सर्च ऑपरेशन चालक की तलाश जारी है। नागलवाड़ी थाने के सब इंस्पेक्टर कमल किशोर चौहान ने बताया कि घटना रविवार शाम 4 से 5 बजे की है। चालक की तलाश डेब व देवनली नदियों में की जा रही है। क्षेत्र के नालों का पानी उक्त नदियों में आता है। प्रशासन ने लोगों से आह्वान किया है कि वर्षा के दौरान किसी भी उफनते नाले या नदी को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव जानलेवा साबित हो सकता है।  

गिरिबाला के घर चोरों का धावा, पुलिस की मौजूदगी भांपकर मौके से भागे आरोपी

भोपाल  त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के बहुचर्चित मामले में आरोपित सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरी की वारदात हुई। बदमाशों ने पीछे के रास्ते घर में घुसकर सोने के जेवरात और गिरिबाला व समर्थ सिंह से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की एक फाइल चुरा ली। वे लेकर भागने की कोशिश ही कर रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में गश्त कर रही चार्ली पुलिस की सतर्कता से उनकी योजना विफल हो गई। क्या है पूरा मामला पुलिस की मौजूदगी का एहसास होते ही बदमाश चोरी किया गया सामान मौके पर छोड़कर भाग निकले। कटाराहिल्सा थाना पुलिस के अनुसार, घटना के समय गिरिबाला के भाई उनके बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर के भीतर मौजूद थे। बदमाश मकान के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए, जिससे किसी को उनकी आहट तक नहीं लगी। इसी बीच चार्ली पुलिस की टीम गश्त करते हुए घर के बाहर पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही बदमाश घबरा गए और जेवरात व महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरी फाइल वहीं छोड़कर भागने लगे। मौके से सोने के जेवरात और दस्तावेजों वाली फाइल जब्त पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। वारदात के बाद पुलिस ने मौके से सोने के जेवरात और दस्तावेजों वाली फाइल जब्त कर ली है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हर पहलू की गहन जांच की जा रही है पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी का उद्देश्य केवल जेवरात हासिल करना था या फिर ट्विषा शर्मा मौत मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंचने की कोई सुनियोजित कोशिश की गई थी। फोरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।  

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय पंचायतें होंगी पुरस्कृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में भी मातृ वंदना योजना, सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने और बच्चों को खसरा सहित अन्य रोगों से बचाने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्चतम मापदंड स्थापित करने का कार्य किया है। कोविड जैसे बड़े संकट से निपटने के लिए उन्होंने प्रबल इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आज पूरे देश में मातृ और शिशु दर कम करने और रोगों को जागरूकता से नियंत्रित करने की दिशा में सार्थक कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में अनेक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अच्छे परिणाम दिए हैं। जनकल्याण का यह अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, जनभागीदारी आधारित अभिनव नवाचारी पहल "सुमन पंचायत" योजना का शुभारंभ और स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। साथ ही स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख और दिया गया उपचार रोगी को स्वस्थ बनाता है। इस नाते चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया था। मध्यप्रदेश में जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में रविवार की सुबह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रशासन अकादमी में हुए विशेष कार्यक्रम में इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में प्रतीक स्वरूप पांच बच्चों को दवा ‍पिलाई। अभियान के अंतर्गत 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के कार्य में पूरे देश में अव्वल है। यह नतीजे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भूमिका से प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। इन जिलों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरे स्थान पर रहे हैं। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों में बालाघाट को प्रथम, छिंदवाड़ा को द्वितीय और शाजापुर को तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया। उप-मुख्यमंत्रीराजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए मार्गदर्शन दिया है। हमारे देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के पश्चात् सर्वाधिक ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिया गया है। नागरिकों को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश आगे है। सिर्फ दो माह की अवधि में आठ लाख से अधिक बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करने में सफलता मिली है। ऐसी ही सफलता स्वस्थ यकृत मिशन के कार्य में प्राप्त हुई है। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर की जांच एक वर्ष से कम समय में कर ली गई। प्रदेश में करीब ढाई हजार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोगी चिन्हित किए गए हैं। मातृ और शिशु दर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश सुधार की गति बढ़ाने में सफल हुआ है। रोग की शीघ्र पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। सुमन पंचायत योजना के माध्यम से प्रत्येक पंचायत को जागरूक कर हेल्थ सेक्टर में अच्छे नतीजे हासिल किए जाएंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्रीनरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सुमन पंचायत अर्थात (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं। स्वस्थ यकृत का महत्व समझाने के लिए मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है, जिससे ऐसे रोगी सामने आए जो शराब आदि का सेवन नहीं करते लेकिन लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाने की समस्या से प्रभावित हैं। दोषपूर्ण जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले इस लक्षण को पहचान कर सुधार की ओर बढ़ने के लिए यह स्क्रीनिंग कार्य उपयोगी सिद्ध होगा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। आगामी 29 और 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम को दायित्व दिया गया। ‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल प्रदेश में प्रारंभ की गई "सुमन पंचायत" (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी। एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। कार्यक्रम में जानकारी दी … Read more

सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए उपचार के साथ जन-जागरूकता भी जरूरी

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि "धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना" और "प्रधानमंत्री जनमन योजना" जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होaने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए मरीजों के उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। राज्यपाल  पटेल रविवार ने यह बात खरगोन के झिरन्या में आयोजित सिकलसेल शिविर कार्यक्रम में कहीं।  इस दौरान ब्लड बैंक का शुभारंभ किया तथा दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत कुमारी आस्था को पोलियोरोधी दवाई पिलाई। उन्होंने सिकलसेल प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने क्षय रोगियों को फूड बास्केट भेंट की। राज्यपाल  पटेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को भी सुना। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकलसेल रोग अनुवांशिक रोग है। इसकी जांच गर्भावस्था में भी संभव है। बच्चों के गर्भावस्था के दौरान भी सिकल सेल रोग का उपचार प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "सिकलसेल मित्र" मरीजों की मदद में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सिकलसेल रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। अब टीबी रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। मरीज यदि 6 माह तक नियमित रूप से दवाई ले, तो टीबी रोग ठीक किया जा सकता है।        राज्यपाल  पटेल ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास योजनाओं के प्रदर्शन के लिए लगाए गए स्टाल पर जाकर उपस्थित अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश तेजी मे विकास और गरीबों के कल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं। झिरन्या में 1500 करोड़ रुपए लागत की उदवहन सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी। राज्यपाल  पटेल ने मारूगढ़ निवासी कालू के पीएम आवास में किया भोजन राज्यपाल  पटेल ने रविवार को खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहपुर के ग्राम मारूगढ़ निवासी कालू पिता रतन के प्रधानमंत्री आवास में भोजन किया। उन्होंने उपस्थित  ग्रामीणों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विधायक  छाया मोरे, खरगोन के विधायक  बालकृष्ण पाटीदार, महेश्वर के विधायक  राजकुमार मेव, जिला भाजपा अध्यक्ष  नंदा ब्राह्मणे एवं कलेक्टर  भव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक  रवींद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।  

प्रधानमंत्री ने ब्यावरा की बहनों द्वारा किए जा रहे अनुकरणीय प्रयासों का किया उल्लेख

भोपाल प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्रीमोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायकमहेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्रीमोदी ने 'मन की बात' में ब्यावरा में चल रहे 'प्लास्टिक मुक्त अभियान' का उल्लेख किया। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्रीमोदी ने अभियान को 'जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन' और 'वेस्ट टू वेल्थ' का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया। प्रधानमंत्रीमोदी ने 'मन की बात' में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा 'मन की बात' जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो। आखिर क्या है यह अभियान ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजकअनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर इको ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल 'वेस्ट टू वैल्यू' की अवधारणा को साकार कर 'प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन' में बदल रही है। उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संस्था के सदस्यतरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है। नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में इको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।  

जबलपुर में 76 लाख की जमीन घोटाला, मृत महिला के नाम पर फर्जीवाड़ा, दो फरार आरोपियों पर इनाम

जबलपुर. मृत महिला को कागजों में जीवित दर्शाकर उसकी जमीन का फर्जी सौदा करने और 76 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो फरार आरोपियों पर चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एसपी सम्पत उपाध्याय ने इसके आदेश जारी किए। इनामी आरोपियों में गोहलपुर शांति नगर निवासी राकेश गुप्ता और माढ़ोताल निवासी लखन नायक शामिल हैं। मामले में शाहपुरा किरसौद निवासी कमला सेन के खिलाफ भी माढ़ोताल थाने में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज है। व्यापारी से 76 लाख रुपये ऐंठे जवाहरगंज बड़ा फुहारा निवासी व्यापारी दीपक कुमार टिबरेवाला (57) का संपर्क राकेश गुप्ता और लखन नायक से हुआ था। दोनों ने अधारताल के ग्राम ओरिया स्थित फूलमती के नाम दर्ज 37,660 वर्गफीट जमीन का सौदा कराने की बात कही। आरोपियों ने कमला सेन को ही फूलमती बताकर उसकी फर्जी पहचान प्रस्तुत की और व्यापारी से 76 लाख रुपये ऐंठ लिए। उसके बाद में जांच करने पर पता चला कि वास्तविक फूलमती की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अन्य फरार आरोपियों पर भी घोषित हुआ इनाम इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अन्य फरार आरोपियों पर भी इनाम घोषित किया है। बेलखेड़ा थाने के मामले में फरार पिपरियाकला निवासी हेमराज लोधी उर्फ लक्खू और चरण सिंह लोधी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मदन महल थाने के मामले में फरार आरोपी हर्ष यादव (परसवाड़ा) व श्रीकांत राय (शास्त्री नगर) पर पांच-पांच हजार और हनुमानताल थाने के आरोपित विक्की बंशकार, शिवा सोनकर व बेलबाग थाने के फरार सत्यम कुशवाहा पर भी चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ है।

कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को मिलाकर बनेगा एकीकृत टूरिज्म सर्किट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा। ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी। जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। 'कुकरू नेचुरल' के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से "कुकरू नेचुर" के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानसहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं … Read more

नोएडा में मिली ‘लापता’ बेटी, पिता के दावे की खुली पोल; सामने आया बाल विवाह का मामला

ग्वालियर. 15 दिन पहले लापता हुई युवती को पुलिस ने नोएडा से ढूंढ निकाला। जब उसे बरामद कर कोर्ट में पेश किया, तब खुलासा हुआ-वह नाबालिग है। उसका बाल विवाह करा दिया गया। इस मामले में हाइकोर्ट द्वारा बाल विवाह कराने वालों पर एफआईआर कर गिरफ्तार करने के आदेश पुलिस को दिए हैं। 12 जून को दर्ज कराई थी गुमशुदगी बहोड़ापुर स्थित सागरताल स्थित सरकारी मल्टी निवासी एक पुरुष ने 12 जून को शिकायत की थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी लापता हो गई है। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश की और दो दिन पहले उसे उप्र स्थित गौतमबुद्ध नगर से बरामद किया था। उसे किशन खटीक अपने साथ ले गया था। पुलिस ने किशन को भी पकड़ा है। उसे कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पिता ने ही लगाई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका इस मामले में जब उसे बरामद किया तब मामला खुला कि वह नाबालिग है। उसकी शादी नाबालिग होने पर भी कर दी थी। अब पुलिस शादी में सहयोग करने वालों के बारे में भी पता लगा रही है। जब पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगा दी। तब पुलिस सक्रिय हुई और उसे बरामद कर लिया। उसकी मार्कशीट व अन्य दस्तावेजों के साथ जब कोर्ट में पेश किया। तब खुलासा हुआ कि वह नाबालिग है। पुलिस को भी पहले नहीं पता था। अब इस मामले में कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आरोपित को गिरफ्तार कर भेज दिया जेल – पिता ने युवती के लापता होने की जानकारी दी थी। इस आधार पर गुमशुदगी दर्ज की थी। जब कोर्ट में पेश किया, तब सामने आया कि वह नाबालिग है। जो आरोपित किशोरी को ले गया था, उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाल विवाह भी कराया गया है। पिता ने ही ऐसा किया था। – आलोक सिंह परिहार, थाना प्रभारी, बहोड़ापुर

रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति पर खुशखबरी, पात्र कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

भोपाल. रेलवे बोर्ड ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार अब मृतक रेल कर्मचारी के आश्रित द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए पहली बार आवेदन जमा करने की तारीख को ही भर्ती की मुख्य तिथि यानी क्रूशियल डेट माना जाएगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनका आवेदन 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले जमा किया गया था, लेकिन उनकी वास्तविक नियुक्ति एक जनवरी 2004 के बाद हुई। ऐसे कर्मचारियों को भी अब पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा। आवेदन की तारीख होगी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में पहले कोई सीधा विज्ञापन या अधिसूचना जारी नहीं होती थी। इसी वजह से इन नियुक्तियों की कट-ऑफ तारीख तय करने में परेशानी आती थी। प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत किस तारीख से मानी जाए। रेलवे बोर्ड के नए आदेश के बाद अब यह तय कर दिया गया है कि जिस दिन अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन जमा किया गया था, वही तारीख भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तारीख मानी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को दिए निर्देश रेलवे बोर्ड के उप निदेशक वित्त रमेश चंद्र पांडेय ने 24 जून को इस संबंध में नया आदेश जारी किया है। आदेश में उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोन, उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों और मुख्य वित्तीय सलाहकारों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अब उन सभी लंबित मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा, जिनमें तकनीकी तारीखों के कारण आश्रित कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। पहले क्या था नियम? अब तक पुरानी पेंशन का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलता था, जिनकी भर्ती प्रक्रिया एक जनवरी 2004 से पहले शुरू हो गई थी या जिन्हें उस तारीख से पहले नियुक्ति मिल गई थी। अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में प्रक्रिया शुरू होने की तारीख को लेकर असमंजस बना रहता था। नए आदेश से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है और कई कर्मचारियों को पेंशन संबंधी लाभ मिल सकेगा। यूनियनों ने फैसले का किया स्वागत मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव और इंप्लाइज संघ के महामंत्री आरपी सिंह ने रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इसे रेलकर्मियों के परिवारों के हित में ऐतिहासिक और न्यायसंगत कदम बताया। CPRO शशिकांत त्रिपाठी ने जानकारी दी कि इन सभी कर्मचारियों को रेलवे सेवा पेंशन नियम 2026 के तहत कवर किया जाएगा।

इंदौर-उज्जैन हाईवे पर बड़ा हादसा, बस पलटने से 20 लोग घायल, नशे में था चालक

उज्जैन. इंदौर-उज्जैन रोड पर शनिवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। इंदौर से उज्जैन आ रही सपना ट्रैवल्स की यात्रियों से भरी बस मेघदूत होटल के समीप अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में करीब 20 यात्री घायल हो गए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार हादसा रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच हुआ। सपना ट्रैवल्स की बस इंदौर बस स्टैंड से सवारियां लेकर उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड के लिए रवाना हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े होकर सफर कर रहे थे। इसी दौरान मेघदूत होटल के पास चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस डिवाइडर पर चढ़ने के बाद पलट गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय तेज बारिश हो रही थी। यात्रियों का आरोप है कि चालक शराब के नशे में बस चला रहा था, जिससे दुर्घटना हुई। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। चालक के मेडिकल परीक्षण सहित दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है। ये यात्री हुए घायल दुर्घटना में वर्षा पत्नी गोविंद अग्रवाल (54) एवं पुत्र सुधीर अग्रवाल (25) निवासी ग्वालियर, खुशी पुत्री नीरज तिवारी (15) निवासी विजयनगर इंदौर, वंश पुत्र मोहन खत्री (10), वंदना पत्नी मोहन खत्री (32) निवासी साइन धाम कॉलोनी उज्जैन, हरविंदर सिंह पुत्र अर्जुन सिंह (32) निवासी जीवनखेड़ी सहित करीब 20 यात्री घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।