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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगमन भी प्रस्तावित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में ले. जनरल अरविंद चौहान और मेजर जनरल विकास लाल सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस 15 जनवरी 2027 का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर "आर्मी डे परेड- 2027 आपकी सेना आपके पास" की अवधारणा की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि केंद्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह के इस आयोजन में आने की संभावना है। इसके अलावा अन्य विशिष्ट अतिथि भी भोपाल में हो रहे सेना दिवस कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस के अवसर पर होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों और इस संबंध में की जा रही तैयारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना दिवस के अवसर पर आयोजनों को गरिमामय बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा। विभिन्न आयोजनों में राज्य शासन के विभाग सहभागी होंगे। वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी के समुचित प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेना दिवस के अंतर्गत 1 नवम्बर 2026 को संकल्प वृक्ष आयोजन में शौर्य स्मारक परिसर में पौध-रोपण किया जाएगा। माह जनवरी 2027 में सैन्य प्रदर्शनी और एकीकृत युद्ध प्रदर्शन प्रस्तावित है। भोपाल के भेल क्षेत्र में कालीबाड़ी मार्ग पर आर्मी डे मुख्य परेड का आयोजन 15 जनवरी को होगा। साथ ही तात्या टोपे नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम देशभक्ति से और ओतप्रोत शौर्य संध्या, रण हुंकार का आयोजन किया जाएगा। भेल के जंबूरी मैदान में भारतीय सेना के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन और भोजताल स्थित वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल पर आधारित इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले भी किया जाएगा। मुख्य परेड एवं उससे जुड़े कार्यक्रमों में लगभग 50 हजार प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं।  

बेहतर समाधान प्रस्तुत करने वाले होंगे पुरुस्कृत

भोपाल  सेवा संकल्प अभियान 2026 अन्तर्गत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज के मध्यप्रदेश चैप्टर में पंजीयन का कार्य मंगलवार से प्रारंभ हो गया है। "सेवा फर्स्ट इन्नोवेशन चैलेंज" में अधिक से अधिक पंजीयन करने के साथ ही संपूर्ण प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए आज मंत्रालय में मंत्री समूह की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता नवीन नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने की। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, एमएसएमई मंत्री  चैतन्य काश्यप , राज्यसभा सदस्य  रजनीश अग्रवाल,  राजेंद्र सिंह,  आनंद स्वरूप के साथ ही आयुक्त एमएसएमई  कुमार पुरुषोत्तम , आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे। बैठक में "सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज" की रूपरेखा पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से प्रस्तुत की गई। मंत्री समूह ने इसके प्रॉपर क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर से समिति गठन किए जाने संबंधी शासन स्तर पर प्राथमिक तौर पर अनुमोदन दिया। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन और संचालन के लिए शासन स्तर से शीघ्र ही निर्देश जारी किए जाएंगे। इस संबंध में एमएसएमई विभाग द्वारा शीघ्र ही एक प्रारूप तैयार किया जाकर मंत्री समूह के अध्यक्ष  शुक्ला को प्रस्तुत किया जाएगा। "सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज" का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इससे विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, किसानों, कारीगरों और जमीनी नवाचारकर्ताओं को शासकीय, औद्योगिक, सामाजिक एवं पर्यावरण से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्लेटफार्म मिलेगा। इनोवेशन चैलेंज के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, एमएसएमई सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के सहयोग से जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक प्रतिभागियों को इस नवाचार मंच से जोड़ना है। चैलेंज में स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी, युवा, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, किसान, कारीगर, स्वयं सहायता समूह तथा ग्रामीण एवं जनजातीय नवाचारकर्ता सहभागी बन सकेंगे। इसके साथ ही NCC, NSS और NYKS से जुड़े समूहों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, उद्योग, जल, स्वच्छता, ऊर्जा, पर्यटन, हस्तशिल्प, आपदा प्रबंधन तथा महिला एवं युवा उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं के समाधान आमंत्रित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को जिला एवं राज्य स्तर पर विशेषज्ञ समितियों द्वारा मूल्यांकन के बाद मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को इनक्यूबेशन केंद्रों, तकनीकी संस्थानों एवं विषय विशेषज्ञों से सहयोग मिलेगा। प्रतिभागियों को प्रोटोटाइप तैयार करने, बिजनेस मॉडल विकसित करने, बौद्धिक संपदा से संबंधित तैयारी, बाजार के लिए समाधान तैयार करने और पिच प्रस्तुत करने में सहायता दी जाएगी। महिला, ग्रामीण एवं जनजातीय प्रतिभागियों की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसमें समितियों का गठन, समस्याओं का चयन, प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन, जिला स्तर पर मूल्यांकन, मार्गदर्शन, प्रोटोटाइप विकास और राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले शामिल हैं। राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले दिसंबर माह में प्रस्तावित है। राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागी एवं नवाचारकर्ता अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।  

वन विहार में विद्यार्थियों एवं पर्यटकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

भोपाल  वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से वन विहार में विद्यार्थियों एवं पर्यटकों के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को वन्यजीव संरक्षण, वन प्रबंधन, जैव-विविधता तथा प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। 6 अक्टूबर 2026 को विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए 'बन अधिकारियों की भूमिका में एक कदम (वॉक इन द शूज़ ऑफ ए फॉरेस्ट ऑफिसर्स) कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक वन विहार में किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वन अधिकारियों के कार्यों एवं जिम्मेदारियों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने बन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा वन क्षेत्रों में वन विभाग की कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न पहलुओं को समझा। उक्त कार्यक्रम में 200 प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता की। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना रहा कि वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में वन अधिकारियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को वन क्षेत्रों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व से जुड़े विषयों की जानकारी भी दी गई। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी एवं संरक्षण की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए एक दिन बन्यजीव बचावकर्ता के रूप में' (वन डे एज ए वाइल्डलाइफ रेस्क्यूर) कार्यक्रम भी प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वन्यजीव बचाव एवं संरक्षण से जुड़ी व्याबहारिक जानकारी प्रदान की गई। उन्हें वन्यजीबों के संकट में होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में अवगत कराया गया। उक्त कार्यक्रम में 187 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। वन विभाग के विभिन्न प्रभाग क्षेत्रीय (टेरोटोरियल) वन्यजीव शाखा, उत्पादन शाखा, जू, सामाजिक वानिकी इत्यदि के मॉडल बनाकर विद्यार्थियों को विभाग के कार्यों से अवगत कराया गया। उत्पादन डिपो. नर्सरी प्लांटेशन मॉडल वाच टॉवर, पर्गमार्क, पिप, विभिन्न प्रजाति के बीज, बन विहार की बायसन हाउसिंग, मृदा संरक्षण मॉडल चेक डेम, बोरी बंधान, ब्रशवुड चेक डेम विभिन्न वन्यजीवों की स्केट्स तथा कार्निवर्स की पॉप पगमार्क इत्यादि दिखाकर प्रैक्टिकल अनुभव कराया गया, जो अत्यंत रोमांचक रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता, वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी वन विहार एव डॉ. हमजा फारूकी तथा वन विहार टीम द्वारा बताया गया कि वन्यजीवों के संरक्षण में केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और युवा पीढ़ी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, जैव-विविधता का संरक्षण तथा वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार ही उनके दीर्घकालीन संरक्षण का आधार है। गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सरक्षण की भावना को बढ़ावा देना रहा। रेस्क्यू में उपयोग होने वाले उपकरण के साथ "लाइव डेमो" भी दिखाया गया, जिससे विद्यार्थियों ने फील्ड स्थिति पर रेस्क्यू के दौरान क्या-क्या उपाय अपनाये जाते है, उनको महसूस किया। खुले वर्ग के प्रतिभागियों एवं पर्यटकों के लिए 'जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास' विषय पर 'वॉक थू क्विज' (वॉक-थ्रू क्विज) का आयोजन वन विहार स्थित स्नेक पार्क में अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक किया गया। क्विज में वन विहार भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उक्त कार्यक्रम में लगभग 180 प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता की एवं प्रश्नों के सही जबाव देने पर पुरस्कार वितरण भी किया गया। वॉक थ्रू क्विज' के माध्यम से प्रतिभागियों को वन्यजीव जैव-विविधता, प्राकृतिक आवास, पर्यावरण संरक्षण तथा मध्यप्रदेश के वन्यजीवों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जानकारी को परखने का अवसर मिला। सामान्य पर्यटकों के लिए तैयार की गई इस गतिबिधि का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी ज्ञान को बढ़ावा देना रहा। वन्यजीव सप्ताह 2026 के पंचम दिन इस पहल को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जब कुल 96 आगंतुकों ने वन्यजीव पासपोर्ट गतिविधि के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से 27 'वन्यजीव संरक्षण राजदूत बने, जबकि 17 को 'वन्यजीव चैंपियन' के रूप में मान्यता दी गई। 07 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2026 का समापन 7 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11.00 बजे बन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में किया जाएगा। समापन दिवस पर बच्चों एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष रचनात्मक एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। समापन दिवस पर प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक कक्षा नर्सरी से कक्षा दूसरी तक के बच्चों के लिए 'मध्यप्रदेश के वन्यजीव थीम पर टॉडलर वॉक आयोजित की जाएगी। टॉडलर वॉक का उद्देश्य नन्हे बच्चों को खेल एवं रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से मध्यप्रदेश के वन्यजीवों से परिचित कराना है। कम उम्र में ही बच्चों में वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति रुचि एवं संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में यह गतिविधि महत्वपूर्ण होगी। इसी अवधि में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए 'मध्यप्रदेश के वन्यजीव थीम पर फेस पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। फेस पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कला एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन करने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण का संदेश प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागी अपनी कल्पनाशीलता के माध्यम से मध्यप्रदेश में पाए जाने वाले वन्यजीवों तथा उनके संरक्षण से संबंधित विषयों को कलात्मक रूप में प्रदर्शित करेंगे। समापन समारोह में वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।  

क्षमा, अहंकार के निर्मूलन के साथ ही बढ़ाती है जीवन का आनंद और उत्साह

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षमा मनुष्य का आभूषण है। बड़े मन का व्यक्ति ही क्षमा कर सकता है। क्षमा जहां अहंकार का निर्मूलन करती है, वहीं इससे जीने का आनंद और उत्साह भी बढ़ जाता है। आज क्षमावाणी का अवसर है। सरकार के मुखिया होने के नाते कई बार दायित्वों के निर्वहन के लिए कई लोगों के मन के विरुद्ध भी निर्णय करना पड़ता है। कभी कोई भूल-चूक होती है तो अंतरात्मा अहसास करवाती है और सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा परिसर में सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। परम पूज्य आचार्य 108 समयसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, लघु, सूक्ष्म, मध्यम एवं उद्यम मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रधानमंत्री  मोदी ने जियो और जीने दो के उदात्त भाव से दुनिया को दिखाया शांति का मार्ग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र के पावन मंदिर विधानसभा भवन में आचार्य  समयसागर जी महाराज पधारे हैं। यह संयोग है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने "जियो और जीने दो" के उदात्त भाव से दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया है। अब रूस और यूक्रेन जैसे दोनों देश कहते हैं कि प्रधानमंत्री  मोदी ने हमें युद्ध के संकट से बाहर निकलने का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मछार ने अपने साहस से नागरिकों की जिंदगी बचाई और पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति से जुड़ा मानवता का संदेश दिया। गौसेवा के संकल्प को पूरा कर रही है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की धरती पर सभी जीव निर्भय होकर, समान भाव और सहअस्तित्व के साथ जीवन जियें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने भोपाल के पास रातापानी अभयारण्य का नामकरण डॉ. विष्णु धर वाकणकर के नाम पर करते हुए टाइगर रिजर्व की स्थापना की। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के पास माधव नेशनल पार्क भी स्थापित किया गया है। बुधवार 7 अक्टूबर को सागर जिले में 2 चीतों को विमुक्त किया जा रहा है। एक समय एशिया से लुप्त हो चुके चीतों के रहवास का प्रदेश में यह तीसरा स्थल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौपालन को प्रोत्साहित करने, दूध उत्पादन बढ़ाने और गौसेवा के संकल्प को पूरा करने के लिए गत अक्टूबर को राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन में देश में तीसरे से पहले स्थान पर ले जाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं। अहिंसा ही सुख-शांति का आधार परम पूज्य आचार्य  108 समयसागर जी महाराज ने कहा कि अहिंसा किसी व्यक्ति विशेष का धर्म नहीं, अपितु सुख-शांति का आधार है। धर्म की उपासना किए बिना कोई भी व्यक्ति शांतिपूर्वक जीवन निर्वहन नहीं कर सकता। सम्पूर्ण जीव जगत के संरक्षण, करूणा, दया और अनुकम्पा के भाव के बिना विश्व में शांति नहीं रह सकती। समाज में अहिंसा का भाव बढ़े, इस दिशा में सभी स्तर पर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि क्रोधरूपी अग्नि को क्षमा से ही शांत किया जा सकता है। भारत में क्षमा मांगने की परम्परा लंबे समय से रही है, इसी संदर्भ में क्षमा को वीरस्य भूषणम माना गया है। आत्मानुशासन के बिना हम सक्षम नहीं हो सकते। विवेकपूर्ण जीवन यापन से ही उन्नति संभव है। उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में विशेष प्रयास आवश्यक हैं। आचार्य  समय सागर जी महाराज के पदार्पण से विधानसभा परिसर हुआ है गौरवान्वित विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि पूज्य आचार्य  समयसागर जी महाराज के पदार्पण से विधानसभा परिसर गौरवान्वित हुआ है। आचार्य  गौसेवा को विशेष महत्व देते हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में जिस तरह गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है, वह प्रशंसनीय है। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार आचार्य  के संकल्पों को क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम अहिंसा और शांति के रास्ते पर चलते हुए भारत को फिर विश्वगुरू बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। संतों की महिमा है कि दुनिया का कोई भी देश हमारे आध्यात्म की अनदेखी नहीं कर पाता, यह हमारे लिए गर्व का विषय है। भारत युद्ध नहीं, सदैव शांति के पक्ष में रहा है। आचार्य  समयसागर जी महाराज से प्रदेशवासियों को सकारात्मकता, देश भक्ति के संस्कार और देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता का आशीर्वाद प्रदान करने की विनती की। उन्होंने कहा कि आचार्य  के आशीर्वाद से हम लोकतंत्र को सशक्त करते हुए अपने वर्तमान लोक को बेहतर बनाएंगे और विश्व को भी इससे लाभान्वित करेंगे। क्षमा मांगने का भाव जैन पंथ में रखता है विशेष महत्व सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि क्षमा मांगने का भाव जैन पंथ में विशेष महत्व रखता है। पंथ के हजारों आचार्य और विद्वानगण भारत सहित सम्पूर्ण विश्व में जैन सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व मंत्रीगण  जयंत मलैया और  अजय विश्नोई, मप्र गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन,  राहुल कोठारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।  

सेवा संकल्प ज्योति यात्रा की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग ने किया जिला मुख्यालय कार्यक्रम स्थल का दौरा

भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को सेवा संकल्प ज्योति यात्रा की तैयारियों को लेकर भोपाल जिले के मुख्य कार्यकम स्थल रविन्द्र भवन का दौरा किया। मंत्री  सारंग ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  सारंग ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में है। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। इसके साथ ही मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा के समस्त 17 वार्डों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। मंत्री  सारंग ने कार्यकर्ताओं को सभी तैयारियां तय समय पर पूर्ण करने और निर्धारित समय पर जिला मुख्यालय के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा को समाज के प्रत्येक वर्ग को अवगत कराने के उद्देश्य से 7 अक्टूबर को देशभर में एक साथ सेवा संकल्प ज्योति यात्रा निकाली जा रही है। मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के समस्त बूथों से यात्रा निकलते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भोपाल जिला मुख्यालय पर एकत्रित होंगी। बूथ से लेकर जिला मुख्यालय तक यात्रा की जानकारी सेवा ज्योति यात्रा में प्रत्येक बूथ से 20-20 कार्यकर्ता और लाभार्थी सम्मिलित होंगे। सबसे पहले बूथ कार्यकर्ता बाइक से अपने-अपने बूथ का भ्रमण करते हुए मंडल मुख्यालय पर पहुंचेंगे। मंडल पर एकत्रित होकर सभी कार्यकर्ता विधानसभा मुख्यालय पर पहुंचेंगे। विधानसभा मुख्यालय से जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। कार्यक्रम स्थल से 1 या 2 किमी दूर से पदयात्रा के रूप कार्यक्रम स्थल जहां विकसित भारत संकल्प सभा होना है वहां पहुंचेंगे। विधानसभा मुख्यालयों से सभी यात्रायें जिला मुख्यालय पर प्रातः 09:30 बजे तक पहुंचेंगी। जिला मुख्यालय सभा स्थल पर प्रातः 09:45 बजे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी वर्चुअल सभा को संबोधित करेंगे।  

मंदसौर में बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती किसानी तथा औषधीय फसलों में समृद्ध मंदसौर जिला अब तरक्की के नए आयामों को स्पर्श कर रहा है। 8-लेन एक्सप्रेस वे, गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट, पशुपतिनाथ लोक जैसी कई सौगातें जिले को मिली हैं। आगामी दिनों में मंदसौर नीमच जिले को एयरपोर्ट सुविधा, परिवहन सेवा की बसों के माध्यम से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से मंदसौर जिले से जुड़कर बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में नवीन तकनीक के माध्यम से मंदसौर जिला श्रेष्ठ खेती किसानी कर रहा है। जिले में औषधीय फसलें भी उल्लेखनीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के तहत मंदसौर जिले के लहसुन की ब्रांडिंग राज्य शासन द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली दी जाएगी, जिससे किसानों को रात में सिंचाई का झंझट नहीं रहेगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांव-गांव में दुग्ध समितियां बनाई जा रही हैं। ऑर्गेनिक घी और दूध की योजना साकार हो रही है, दुग्ध उत्पादन 12 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों की बधाई देते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा पर कार्यक्रम आयोजित करके उन्नत पशुपालकों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश शासन किसान कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। शासन ने सिंचाई योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसान हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। कार्यक्रम में जिले के उन्नत कृषकों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। अपेक्स बैंक चेयरमैन श्री महेंद्र सिंह यादव, श्री राजेश दीक्षित, श्री कप्तान सिंह और पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने भी संबोधित किया। कृषि उपज मंडी परिसर मंदसौर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष  दुर्गा विजय पाटीदार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ मनुप्रिया यादव, नगर पालिका अध्यक्ष  रमादेवी बंशीलाल गुर्जर तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।  

सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्युत कम्पनी द्वारा मुख्य गतिविधि सेवा सेतु शिविर का विकासखंडवार आयोजन 9 से 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र उपभोक्ताओं को ऑन द स्पॉट पंजीयन कर वित्तीय व तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इस क्रम में पन्ना विकासखंड अंतर्गत वितरण केन्द्र पन्ना शहर कार्यालय में 9 अक्टूबर को शिविर लगेगा, जबकि वितरण केन्द्र कार्यालय गुनौर में 12 अक्टूबर, पवई में 13 अक्टूबर, अजयगढ़ में 14 अक्टूबर और शाहनगर में 15 अक्टूबर को शिविर लगाया जाएगा। विद्युत कम्पनी के कार्यपालन अभियंता द्वारा उपभोक्ताओं से अधिकाधिक संख्या में शिविर में शामिल होकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया व बैंक से मिलने वाली आसान ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

सआईआर की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज थे 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लगभग एक माह तक संचालित विशेष अभियान में मतदाता सूची में नवीन व पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाना हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान गणना चरण में बीएलओ द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं दोहरे पंजीकरण मतदाताओं की सूची तैयार की जाकर निर्धारित स्थलों पर चस्पा करने के साथ-साथ बीएलए को प्रति प्रदान की गई थी तथा इसे निर्वाचन वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था। निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया सतत प्रचलन में रहती है। कोई भी पात्र व्यक्ति, जिसका नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है अथवा विलोपित हो गया है, किसी भी समय मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकता है। आयोग द्वारा विशेष अभियान के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं कि बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची की तुलना एसआईआर पूर्व की मतदाता सूची से करेंगे और ऐसे मतदाताओं की पहचान भी करेंगे, जिनके नाम पूर्व की निर्वाचक नामावली में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं हैं। इन मतदाताओं की सूची तैयार कर एवं चिन्हित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का पता लगाकर पात्रता अनुसार नाम शामिल करने हेतु घर-घर जाकर सत्यापन व भ्रमण किया जाएगा तथा प्रारूप-6 भरवाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। बताया गया है कि प्री-एसआईआर की मतदाता संख्या व गणना चरण के दौरान 40 हजार 144 मतदाताओं के गणना पत्रक संकलित नहीं होने से नाम विलोपित हो गए थे। 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम एसआईआर सूची में कुल 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता दर्ज हैं। इस संबंध में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से बीएलए को सूचित कर अपने मतदान केन्द्र से बीएलओ को छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है। साथ ही ऐसे मतदाताओं की पहचान व आगामी एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए भी सहयोग की अपील की गई है।

जनगणना के द्वितीय चरण के लिए प्रशिक्षण 13 से 16 अक्टूबर तक

जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुक्रम में जनगणना के द्वितीय चरण में जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, सभी अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, चार्ज जनगणना लिपिक, तकनीकी सहायक एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना के कला भवन में आगामी 13 से 16 अक्टूबर तक होगा। प्रथम दिवस सुबह 9ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक एवं द्वितीय दिवस सुबह 09ः30 बजे से शाम 06ः15 बजे तक प्रशिक्षण का समय निर्धारित है। जनगणना निदेशालय द्वारा नियुक्त प्रशिक्षक मिलन गुप्ता एवं हरिओम चौधरी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रथम दो दिवस 33 तथा अंतिम दो दिवस 37 प्रतिभागी प्रशिक्षण में शामिल होंगे। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ऊषा परमार द्वारा नामांकित अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराने एवं गंभीरतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया है।

कृषि यंत्रों के लिए 13 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित

ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर आगामी 13 अक्टूबर तक फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर, स्वचलित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर बूम टाईप, रीपर स्वचलित, रीपर ट्रेक्टर चलित, शुगरकेन रेटून मैनेजर, रिजर एवं ब्रॉड बेड फरो प्लांटर कृषि यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसकी लॉटरी प्रक्रिया 14 अक्टूबर को संपादित की जाएगी। इच्छुक किसानों को आवेदन के साथ स्वयं के बैंक खाते से संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री पन्ना के नाम से निर्धारित राशि का डीडी जमा करना अनिवार्य है। धरोहर राशि के बिना आवेदन मान्य नहीं होगा। फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर के लिए 5500, स्वचलित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर बूम टाईप के लिए 15,000, रीपर स्वचलित के लिए 2300, रीपर ट्रेक्टर चलित के लिए 2300, शुगरकेन रेटून मैनेजर के लिए 5000, रिजर के लिए 2500 एवं ब्रॉड बेड फरो प्लांटर के लिए 3000 रूपए की राशि निर्धारित है।