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मंत्री सारंग ने की अपने जन्म दिन पर पौध-रोपण की अपील

पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को करों सशक्त भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सभी शुभचिंतकों एवं कार्यकर्ताओं से अपना जन्मदिन वर्चुअल और सादगीपूर्ण मनाने की अपील की है। मंत्री श्री सारंग ने सभी से आग्रह किया कि जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए पेड़ लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को सशक्त करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है और आज के समय में हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस वर्ष भी वे अपना जन्मदिन वर्चुअल तरीके से मनाएंगे। सभी शुभचिंतकों से उन्होंने अनुरोध किया कि वे अपनी शुभकामनाएं सोशल मीडिया प्लेटफार्म- फेसबुक व ट्विटर पर हैशटैग #HBDVishvasSarang के साथ, वाट्सएप्प नंबर- 9981222321 पर तथा वर्चुअल माध्यम से ही भेजें। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वे यथासंभव सभी संदेशों और शुभकामनाओं का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।  

मध्यप्रदेश पुलिस और MANIT के बीच हुआ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU)

MANIT भोपाल में स्थापित होगा Center of Excellence for Public Safety पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने ग्लोबल एलुमनाई मीट–2025 में की घोषणा भोपाल  मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल में आज ‘ग्लोबल एलुमनाई मीट–2025’ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संस्थान के 1986 बैच के पूर्व छात्र एवं वर्तमान पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाणा विशेष अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस एवं MANIT के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस MoU के अंतर्गत संस्थान परिसर में ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence for Public Safety) की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य तकनीकी नवाचारों को सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिसिंग से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है। तकनीक आधारित भविष्य की पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम इस अवसर पर डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र एक थिंक टैंक एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जो पुलिस और शैक्षणिक जगत के बीच सहयोग का राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बनेगा। केंद्र के माध्यम से स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स, क्राउड मैनेजमेंट तथा यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध, नवाचार एवं प्रशिक्षण गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी। उन्होंने विशेष रूप से सड़क सुरक्षा को वर्ष 2026 का प्रमुख लक्ष्य बताते हुए कहा कि MANIT की सिविल एवं सड़क इंजीनियरिंग विशेषज्ञता सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह केंद्र सिंहस्थ–2028 जैसे विशाल आयोजनों के लिए वैज्ञानिक क्राउड मॉडलिंग, यातायात योजना और सुरक्षा प्रबंधन में भी सहयोग प्रदान करेगा।  मध्यप्रदेश पुलिस की उपलब्धियाँ अपने संबोधन में डीजीपी श्री मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस की प्रमुख उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभावी रणनीति, सशक्त अभियानों तथा रिकॉर्ड संख्या में आत्मसमर्पण के चलते मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त प्रदेश बन चुका है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए शुरू की गई ई–जीरो एफआईआर (e-zero FIR) व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड मामलों में शिकायत स्वतः एफआईआर में परिवर्तित हो सकेगी, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए गए जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’ को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किए जाने की जानकारी भी उन्होंने साझा की। संस्थान से जुड़ी स्मृतियाँ और ‘ब्लेजर’ परंपरा का सुझाव पूर्व छात्र के रूप में भावनात्मक क्षण साझा करते हुए डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि उनके छात्र जीवन के दौरान संस्थान की पहचान एक विशिष्ट रंग के ‘ब्लेजर’ से होती थी, जो छात्रों में अनुशासन, गर्व और आत्मीयता की भावना को दर्शाता था। उन्होंने MANIT के निदेशक प्रोफेसर करुणेश कुमार शुक्ला से इस परंपरा को पुनः प्रारंभ करने पर विचार करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने संस्थान के 90 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट, सुदृढ़ होते शैक्षणिक वातावरण एवं निरंतर विकसित हो रहे आधारभूत ढांचे की सराहना की। राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बनेगा उत्कृष्टता केंद्र डीजीपी ने कहा कि यह ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जीआईएस मैपिंग, ड्रोन तकनीक एवं उन्नत डेटा विश्लेषण के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, स्मार्ट और प्रभावी बनाएगा। इस MoU को मूर्त रूप देने में वास्तुकला एवं नियोजन विभाग के डॉ. राहुल तिवारी ने उत्प्रेरक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह साझेदारी एक सुरक्षा कवच के समान है, जिसमें MANIT की तकनीकी दक्षता और मध्यप्रदेश पुलिस का व्यावहारिक अनुभव मिलकर समाज को अपराध, दुर्घटनाओं एवं आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक सशक्त, नवाचारी और स्थायी समाधान प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ पूर्व छात्र, शिक्षाविद् एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।  

संस्कार और सेवा का संगम: लालघाटी गुरुकुल में बच्चों के श्लोक-पाठ व संध्या आरती ने किया सभी को भाव-विभोर

भोपाल  ज्योति जनकल्याण सोसाइटी द्वारा मनभावन टेकरी लालघाटी पर गुरुकुल में विद्यार्थियों  को ठंड से बचाव के लिए ऊनी वस्त्र भोजन प्रसादी वितरित की गई   गुरुकुल में आचार्य श्री द्वारा दिए जा रहे संस्कार और शिक्षा   तारीफ ए काबिल है बच्चों के मुखरबिंद से श्लोक और संध्या आरती करते हुए देख अति प्रसन्नता हुई  और प्रफुल्लित हो गया हम उन बच्चों के मां-बाप को दिल से धन्यवाद करते हैं जिन्होंने इस गुरुकुल में अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेजा  क्योंकि संस्कृति और सभ्यता हमारे राष्ट्रहित के लिए सर्वोपरि है । संस्था  की संयोजक श्रीमती ज्योति राय ने बताया बचपन से  बच्चों में जिस तरह से संस्कार डाले जाते हैं आगे  चलकर वह संस्कार ही काम आते हैं और आज हमें गुरुकुल में इन बच्चों को देखकर बहुत ही गर्व महसूस हो  हुआ है  हमारे साथ सेवा में सहयोगी बने आदरणीय श्री विष्णु श्रीवास्तव जी पूर्व कृषि मंत्री सलाहकार, , रवि महाराज जी,  मुकेश जी,अनीता जी नीतू जी संस्था के सचिव श्री नमन  जी, और कई समाज सेवी सम्मिलित हुए उन सभी का संस्था दिल से धन्यवाद करती है।

गांधी मेडिकल कॉलेज में रिक्त चिकित्सा अधिकारी सीनियर रेसिडेंट एवं जूनियर रेसिडेंट के पदों की भर्ती को लेकर बैठक सम्पन हुई

भोपाल  भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में रिक्त चिकित्सा अधिकारी एवं सीनियर रेसिडेंट एवं जूनियर रेसिडेंट के पदों की भर्ती की जाना प्रस्तावित है। उपरोक्त भर्ती को लेकर एडमिन ब्लाक तृतीय तल में जी. एम. सी. रोस्टर निर्धारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया ,जिसमे केई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।      समिति के सदस्य बंशीलाल धनवाल ने बताया की राज्य के सभी शासकीय अर्ध शासकीय, निगम, मंडल आदि कार्यालयों में कार्यरत शासकीय सेवकों का स्थापना शाखा में एक स्थाई रिकॉर्ड जो रोस्टर पंजी के नाम से संधारित होता है, इसी 100 बिंदु रोस्टर पंजी के मान से सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति की प्रक्रिया वर्गवार संपन्न होती है। जो की एक शासकीय नियम है। समिति की बैठक के प्रारंभ में श्री धनवाल ने जीएमसी की स्थानीय यूनिटों में रिक्त पदों को रोस्टर पंजी से मिलान करने के लिए, रोस्टर पंजी का अवलोकन करने की बात कहीं। तो सम्बंधित शाखा प्रभारी ने रोस्टर पंजी संधारित होने की बात तो स्वीकारी,  लेकिन सदन के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाये। तदोपरांत सदन के सभापति डॉक्टर लोकेंद्र दवे ने बैठक स्थगित कर दी, ओर कहा कि भर्ती प्रक्रिया से पहले अगली बैठक में, 100 बिंदु रोस्टर पंजी सदन के समक्ष प्रस्तुत करे।          बैठक में डॉक्टर लोकेंद्र दवे प्राध्यापक रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग,  बंशीलाल धनवाल संभागीय अध्यक्ष अजाक्स  भोपाल संभाग, डॉक्टर आशीष कोष्टी प्राध्यापक पैथोलॉजी विभाग,  डॉक्टर हरेसिंह मकवाने सहायक प्राध्यापक बायोकेमेस्ट्री विभाग , डॉक्टर देवेंद्र चौधरी सहायक प्राध्यापक जनरल सर्जरी विभाग , डॉक्टर अनिल सेजवार प्राध्यापक मेडिसिन विभाग , डॉक्टर मुकेश हिंडोलिया सहायक प्राध्यापक फार्मोक्लॉजी विभाग तथा  अजय वर्मा गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल उपस्थित रहे। 

नए साल में करें नई शुरूआतः 2026 में ओरल हेल्थ पर दें खास ध्यान – डॉ सोनिया दत्ता

भोपाल डॉ सोनिया दत्ता, एमडीएस, पीएचडी; प्रोफेसर, पब्लिक हेल्थ डेन्टिस्ट्री के अनुसार, क्या आप जानते हैं कि आपकी ओरल हेल्थ यानि मुंह के स्वास्थ्य का असर शरीर के पूरे स्वास्थ्य पर पड़ता है। उदाहरण के लिए अगर आपके मसूड़ों में सूजन है तो इसका असर पाचन पर, हृदय पर और पूरी सेहत पर भी पड़ सकता है। तो क्यों न नए साल की शुरूआत के साथ अपनी आदतों में कुछ बदलाव लाएं और मुंह की देखभाल पर विशेष ध्यान दें। अक्सर जब भी सेहत की बात आती है तो हम अपने खाने, व्यायाम, और नींद जैसे पहलुओं की बात करते हैं। क्योंकि हमें लगता है कि ये सभी पहलु हमारे स्वास्थ्य पर सीधा असर डालते हैं। लेकिन एक और महत्वपूर्ण पहलु है आपका मुंह, जिससे पूरे शरीर का स्वास्थ्य जुड़ा है। इसलिए अगर आप 2026 में अपनी सेहत की देखभाल का संकल्प लेने जा रहे हैं, तो सबसे पहले ओरल केयर पर ध्यान दें। आयुर्वेद को अपनाएं-आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां को सदियों से मुंह के स्वास्थ्य के लिए कारगर माना जाता रहा है। ऐसी ही कुछ जड़ी-बूटियां हैं: लौंग का तेल- यह मुंह में बैक्टीरिया को पनपने से रोकता हैं, और असहजता को दूर करता है।; पुदीना सत्वा- सांसों की ताज़गी बनाए रखता है।; तोमर बीज- मसूड़ों को साफ एवं स्वस्थ बनाता है।; डाबर रैड जैसे टूथपेस्ट में ये सभी जड़ी-बूटियां हैं, इसे आईडीए की सील ऑफ एक्सेप्टेन्स भी मिली है। ऐसे में प्राकृतिक और कारगर है।  2026 में अपनाएं छोटी-छोटी आदतें-ये आदतें ला सकती हैं बड़ा बदलाव: दिन में दो बार पूरे दो मिनट तक ब्रश करें-40 सैकण्ड में जल्दी-जल्दी नहीं।; डाबर रैड टूथपेस्ट जैसे आयुर्वेदिक टूथपेस्ट चुनें।; रोज़ाना अपनी जीभ को साफ़ करें।; फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनर का इस्तेमाल करें।; ज़्यादा पानी पीएं, ऐसा करने से लार अच्छी बनेगी, जो आपके मुंह को भीतर से सुरक्षित रखेगी।  अगर आप ओरल केयर के लिए बेहतर रूटीन अपनाते हैं, तो इसका असर आपको तुरंत दिखने लगेगा और लम्बे समय तक महसूस होगा। मुंह की देखभाल सही तरह से करने पर दांतों का इनेमल मजबूत होता है, प्लॉक कम जमता है और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं। दोपहर तक भी आपकी सांसों की ताज़गी बरक़रार रहती है। ऐसा करने से आप सेंसिटीविटी, कैविटी और इन्फेक्शन से बचे रहते हैं। इसके अलावा मुंह की सही देखभाल आपके पूरे शरीर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल भवन और क्रिटिकल केयर यूनिट का किया भूमि-पूजन

650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन की मिली सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना में शासकीय मेडीकल कॉलेज में 383 करोड रूपये की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन का भूमि-पूजन किया। चिकित्सालय भवन का निर्माण हो जाने से मेडिकल कॉलेज के समीप ही 650 बिस्तर के आधुनिक अस्पताल की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को उपचार की प्रेक्टिस के लिए अब दूर नहीं जाना पडेगा। सतना शहर में ही आधुनिक अस्पताल की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अस्पताल सतना में बनने वाले 100 बिस्तरीय आधुनिक वार्ड और 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ वार्ड का शिलान्यास भी किया। इसकी लागत 32 करोड 54 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 100 सीटर श्रमिक विश्राम गृह का भी शिलान्यास किया। इसकी लागत 6 करोड 16 लाख रूपये है। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, जनप्रतिनिधि, मेडीकल कॅलेज के डीन डॉ. एस.पी. गर्ग, चिकित्सक और नर्सिग स्टॉफ उपस्थित रहा।  

सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे।  

MP Board Exam 2026: 5वीं और 8वीं की डेटशीट घोषित, जानें परीक्षा की तारीखें

भोपाल मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी गई है। एमपी 5वीं 8वीं बोर्ड परीक्षा 26 फरवरी 2026 से शुरू होगी। परीक्षाएं सिंगल शिफ्ट में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच होंगी। स्कूल 10 फरवरी और 10 मार्च, 2026 के बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित करेंगे। प्रथम भाषा के रूप में हिन्दी/उर्दू/मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी और प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। 8वीं की परीक्षा फर्स्ट लैंग्वेज के पेपर के साथ शुरू होगी। मैथ्स का पेपर 25 फरवरी को होगा। 26 फरवरी को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। एमपी 5वीं बोर्ड परीक्षा टाइम टेबल तारीख विषय 20 फरवरी, 2026 हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), उर्दू, मराठी 21 फरवरी, 2026 गणित, संस्कृत (SCERT, NCERT) 23 फरवरी, 2026 हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT) 25 फरवरी, 2026 पर्यावरण अध्ययन 26 फरवरी, 2026 सामाजिक विज्ञान – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), हिंदी/ उर्दू/ पंजाबी, संस्कृत (SCERT, NCERT) एमपी बोर्ड 8वीं का टाइम टेबल तारीख दिन विषय 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार पहली भाषा – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), मराठी (SCERT, NCERT) 21 फरवरी, 2026 शनिवार दूसरी भाषा – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), संस्कृत (SCERT, NCERT), हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT) 23 फरवरी, 2026 सोमवार तीसरी भाषा – (अंग्रेजी / क्षेत्रीय भाषा), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), हिंदी / मराठी (SCERT, NCERT) 26 फरवरी, 2026 गुरुवार सामाजिक विज्ञान – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), संस्कृत (SCERT, NCERT), हिंदी / मराठी (SCERT, NCERT) 28 फरवरी, 2026 शनिवार विज्ञान (SCERT, NCERT) एमपी में 5वीं और 8वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में करीब 24 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो सकते हैं।  

सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार- राज्यमंत्री पटेल

दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने हो रहे हैं समन्वित प्रयास : पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री पटेल सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार गौवंश के अवैध परिवहन पर वाहन किये जायेंगे राजसात पशुओं की नस्ल सुधार के लिए संचालित है हिरण्यगर्भा अभियान दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य दो वर्ष की उपलब्धि और आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना की दी जानकारी भोपाल  पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा यह सतत प्रयास रहा है कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत आधार बनाया जाए। पटेल ने बताया कि पिछले 02 वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर निरंतर प्रगति की है। हमने शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यकमों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दृढ़ता से निभाया है। हमारी सरकार ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में निराश्रित पशुओं के लिए नवीन गौशाला नीति बनाई है। राज्यमंत्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभा हॉल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे। गौसंवर्धन राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि गौवंश की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश के 1.87 करोड़ गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत गौवंश अवर्णित नस्ल के हैं। शासन द्वारा निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 2500 से अधिक गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन हेतु दिए जाने वाले अनुदान की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रूपये प्रतिदिन/गौवंश की गई है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड प्रति वर्ष से बढ़ाकर 505 करोड़ कर दिया गया है, जिसमे से 369.02 करोड़ की राशि गौशालाओ को वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के प्रतिफल से हमारी सरकार ने 'स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना नीति 2025' लागू की है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना के लिए 5 हजार गौवंश के लिये अधिकतम 130 एकड़ भूमि उपयोग हेतु दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ दी जा सकेगी। इस योजना में 20 स्वावलम्बी गौशाला की स्थापना हेतु निविदा जारी की गयी, जिसकी अंतिम दिनांक 29 दिसम्बर है। दुग्ध उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उददेश्य से अभिनव योजना "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" प्रारंभ की गई है। एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। योजना अंतर्गत देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालकों के भैसपालन की रूचि के अनुरूप दो दुधारू भैंस उपलब्ध करायी जाती है। पहले इस योजना को मात्र 3 जिलों सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में थी, जिसे वर्ष 2024-25 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संकलन व प्रसंस्करण सरकार द्वारा सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को उन्नयन करने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश शासन, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध पर सहमति दी गई तथा सहकार्यता अनुबंध किया गया। हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध संकलन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। सहकारिता अंतर्गत ग्रामों का कवरेज आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना। इस हेतु राज्य में 4000 करोड से अधिक का निवेश होगा। दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में 2.50 रूपये से 8.50 रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। हिरण्यगर्भा अभियान प्रदेश में पशुपालकों को समृद्ध करने हेतु पशुओं का नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण साधन है, इस हेतु "हिरण्यगर्भा अभियान" संचालित किया जा रहा है। परम्परागत सीमन डोज की जगह सॉर्टेड सेक्सड सीमन के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11500 हजार कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं में से अक्रियाशील कार्यकर्ता की पहचान कर उन्हें क्रियाशील तथा क्रियाशील कार्यकर्ताओं को रिफेंशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुग्ध संपर्क समृद्धि अभियान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दो गुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूर्ती हेतु आयोजित इस अभियान में पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय पर गृह भेंट कर उन्नत पशुपालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान तीन चरणों में संचालित होना है। प्रथम चरण में 10 या अधिक गाय भैंस के पशुपालक, द्वितीय में 5 या अधिक के पशुपालक तथा तृतीय चरण में 5 से कम पशुसंख्या वाले पशुपालक सम्मिलित होंगे। दुग्ध समृध्दि सम्पर्क अभियान" का प्रथम चरण 3 से 9 अक्टूबर के मध्य संचालित हुआ, जिसमें 3.76 लाख पशुपालको के यहां 8752 प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा गृह भेटं दी गई। अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसम्बर 2025 से प्रारम्भ हुआ है। "क्षीर धारा ग्राम योजना" यह अवधारणा ऐसे ग्रामों को विकसित करने की है जिसमें पशुपालकों द्वारा उन्नत तरीके से पशुपालन किया जाता है। उन्नत पशुपालन अंतर्गत उन्नत नस्ल के पशु, उनका रखरखाव, पशु पोषण, पशु उपचार, पशु टीकाकरण और गोबर व गौमूत्र का समुचित निष्पादन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियां सम्मिलित हैं। जिले के अन्य ग्रामों को इन ग्रामों से प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करने तथा उदाहरणीय आदर्श स्वरुप में प्रस्तुत करने हेतु योजना … Read more

राजनीति में बदला सुर? दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा— संगठन की शक्ति दिखी

भोपाल  कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और अपने स्वभाव के उलट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) उसके संगठन और पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने जो फोटो शेयर किया उसमें भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन, आनंदी बेन पटेल दिखाई दे रहे हैं, जबकि मोदी जमीन पर बैठे हुए दिख रहे हैं। इस फोटो को उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली बताया और कहा कि यह संगठन की ही शक्ति है कि पार्टी का एक कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है।   इस फोटो को शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।' सबसे खास बात यह है कि अपनी इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस पार्टी, मध्य प्रदेश कांग्रेस, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और खुद पीएम मोदी को भी टैग किया। यूजर्स ने निकाले सिंह की पोस्ट के अलग-अलग मायने दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट को लेकर यूजर्स ने अलग-अलग मायने निकाले। एक यूजर ने उनकी पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, 'सीधे मुंह क्यों नहीं कहते कि कांग्रेस में सिर्फ एक परिवार को राज करने का अधिकार हैं। बाकी कार्यकर्ताओं को तो राज परिवार और उसका युवराज अपना गुलाम समझता हैं। समझदार कांग्रेसी कार्यकर्ता को गुलामी छोड़कर देश सेवा के लिए दूसरी पार्टी में अपना भविष्य तलाशना चाहिए।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप जिनको बता रहे है उन्होंने अपने कान बंद कर लिए है, जिन्हें दिखा रहे है उन्होंने आखें बंद कर रखी है और जिनको समझाने की कोशिश कर रहे है वो धृतराष्ट्र बने हुए हैं। सच को कब तक झुठलायेंगे कभी तो सच में जलना पड़ेगा, तपना पड़ेगा तब कहीं सम्मान मिलेगा राजनीति का।' एक यूजर ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हालत के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार बताते हुए लिखा, 'जितना फायदा आपने उन्हें दिलाया है MP में,उतना कोई नहीं दिला सकता। जय सिया राम' जबकि एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘कांग्रेस मैं यह असंभव हैं। काश दिग्गीराजा या सचिन पायलट एक दिन ऐसे बन जाते।