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मध्य प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को रफ्तार, CM मोहन यादव नीमच और शाजापुर के सौर पार्कों का करेंगे लोकार्पण

नीमच  मध्यप्रदेश में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां सरकार लोगों को बड़ी सौगात देनें जा रही है। जी हां सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा करोड़ो रूपए के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी करेंगे।   सोमवार को राज्य को मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आई है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है। ऐसे में लोगों को सस्ती बिजली की सौगात मिलेगी। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। इस मौके पर केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है।

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में CM मोहन यादव का बड़ा बयान, कप्तान सिंह सोलंकी ने पेंशन टैक्स फ्री करने की उठाई मांग

भोपाल  लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लंबे समय से यह मांग है कि उन्हें भी स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्ज की  मांग उठाई।कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपए मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी मांग रखी गई थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। सम्मेलन में सोलंकी ने 95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों से कहता हूं कि खूब जियो और 95 वर्ष की आयु तक पहुंचकर सम्मान प्राप्त करो।” उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है। वे राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया। आपातकाल के सेनानियों (मीसाबंदियों) के अखिल भारतीय संगठन 'लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश' के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग दो हजार मीसाबंदी और उनके परिवार शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिरकत कर रहे हैं। उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद कैलाश सोनी तथा संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक भी मंच साझा कर रहे हैं। सीएम बोले-कांग्रेस ने आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लोकतंत्र सेनानियों ने लड़ी, जबकि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को रोकने और दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के समय कई देश हमारे साथ या हमारे बाद स्वतंत्र हुए थे। इजरायल हमसे एक वर्ष बाद आजाद हुआ, लेकिन आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पांचवीं पीढ़ी राजनीति में आ चुकी है, लेकिन उसकी कार्यशैली नहीं बदली। उन्होंने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आपातकाल लगा, तब उनकी उम्र मात्र नौ वर्ष थी। उनके पिता 19 महीने तक जेल में रहे। उस समय परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजरा, लेकिन थोड़ी-बहुत खेती होने के कारण घर का गुजारा चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस के लोग जेल में बंद लोगों से कांग्रेस की सदस्यता लेने की शर्त पर रिहाई की बात करते थे। डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की वजह से आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई, लेकिन भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की राजनीतिक स्थिति सभी के सामने है। लोकतंत्र की मशाल जलाए रखने का श्रेय लोकतंत्र सेनानियों को जाता है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। उन्हें सरकारी रेस्ट हाउस में दो दिन तक निशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और मार्गों का नामकरण किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस से भी उपचार की व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने यह भी घोषणा की कि अधिक आयु के कारण जिन लोकतंत्र सेनानियों को जिला या बैंक शाखा बदलने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। जिन सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस संविधान बचाने की बात करती है, लेकिन उसने हमेशा एक परिवार को आगे बढ़ाने और सत्ता के बल पर दूसरों को दबाने का प्रयास किया। इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों का सम्मान समारोह है। कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बीजेपी के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह मंत्री कृष्णा गौर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया विधायक रामेश्वर शर्मा मौजूद हैं। पूर्व मंत्री सहित तीन वयोवृद्ध लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया। इमरजेंसी पर बनी फिल्म भी दिखाई कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे लोकतंत्र प्रहरी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल द्वारा तैयार किया गया है।

उज्जैन दौरे पर CM मोहन यादव, 207 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का करेंगे शुभारंभ

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील में 188.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण करेंगे। छोटी कालीसिंध नदी पर बने इस बैराज से क्षेत्र के 18 गांवों के करीब 11 हजार से अधिक किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना की जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटर है और इससे 7236 हेक्टेयर कृषि भूमि में पाइप लाइन पद्धति से सिंचाई हो सकेगी। सामाकोटा बैराज परियोजना से नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टियाजस्सा, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाटा, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, महिदपुरिया, सोमचिड़ी और झारड़ा सहित कई गांवों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री इस दौरान 19 करोड़ रुपए से अधिक लागत के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे। इनमें उच्च शिक्षा विभाग के 4.35 करोड़ रुपए लागत के महाविद्यालय भवन, लोक शिक्षण विभाग के तहत सेमलिया, महिदपुर रोड और कुंडीखेड़ा में कन्या स्कूल भवन, मोचीखेड़ा में 33/11 केवी उपकेंद्र तथा झारड़ा क्षेत्र के 13 उप स्वास्थ्य केंद्र भवन शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 207 करोड़ रुपए के विकास कार्य जनता को समर्पित किए जाएंगे।

वन्यजीव संरक्षण, जल सुरक्षा और हरित भविष्य की आधारशिला हैं वन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत विकास के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। वन केवल हरियाली के स्रोत नहीं हैं, बल्कि वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास, जल संरक्षण का आधार और भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर हैं। इसी संकल्प को साकार करते हुए दक्षिण पन्ना वनमंडल ने वन क्षेत्रों को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए वर्ष 2025 के विभिन्न पौधारोपण स्थलों से 11 हजार 260 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का संग्रहण कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया है। इस पहल से पौधारोपण स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में सफलता मिली है, साथ ही 68 हजार किलोग्राम कार्बन-डाइ-ऑक्साइड के बराबर ग्रीन-हाउस गैसों के उत्सर्जन की रोकथाम भी हुई है। इतना ही नहीं, प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से स्थानीय वन समितियों को लगभग 56 हजार 300 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। वन विभाग द्वारा वर्ष-2025 के विभिन्न पौधरोपण स्थलों पर रोपण कार्य पूरा होने के बाद शेष बचे प्लास्टिक पॉलीबैगों के संग्रहण के लिए विशेष अभियान चलाया गया। स्थानीय वन समितियों और वनकर्मियों के सहयोग से व्यापक स्तर पर प्लास्टिक कचरे का संग्रहण किया गया। इसके उपरांत संग्रहित सामग्री को साफ कर उसमें मिश्रित मिट्टी, पत्थर तथा अन्य अशुद्धियों को पृथक किया गया, जिससे उसका सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। संग्रहित प्लास्टिक कचरे को ऊर्जा पुनर्प्राप्ति (एनर्जी रिकवरी) के लिए अमानगंज स्थित जेके सीमेंट संयंत्र को विक्रय किया गया। सीमेंट संयंत्रों में उपलब्ध आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियां तथा इलेक्ट्रो स्टैटिक प्रीसिपिटेटर (ईएसपी) जैसी उन्नत तकनीकों के कारण इस प्रकार के अपशिष्ट का निस्तारण सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जा सकता है। यह व्यवस्था खुले में प्लास्टिक जलाने अथवा अवैज्ञानिक तरीके से फेंकने की तुलना में अधिक प्रभावी और सुरक्षित मानी जाती है। वन विभाग के अनुसार पौधरोपण के बाद पॉलीबैग्स् को वन क्षेत्रों में छोड़ देना, गड्ढों में दबा देना अथवा खुले में जला देना पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। समय के साथ यह प्लास्टिक सूक्ष्म कणों में परिवर्तित होकर माइक्रोप्लास्टिक का रूप ले लेता है, जो मिट्टी की गुणवत्ता, जल स्रोतों, जैव-विविधता तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अभियान की विशेष उपलब्धि यह है कि अपशिष्ट समझी जाने वाली सामग्री को उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया गया है। इस प्रक्रिया से प्राप्त आय का उपयोग वन समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन, सामुदायिक विकास तथा जन-जागरूकता संबंधी गतिविधियों में किया जाएगा। इससे वन संरक्षण के प्रयासों में जनभागीदारी को भी और अधिक मजबूती मिलेगी। दक्षिण पन्ना वनमंडल की यह पहल जन-सहभागिता, स्वच्छता और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह दर्शाती है कि सामूहिक प्रयासों एवं नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से न केवल वन क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है, बल्कि स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ पहुंचाते हुए पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा वन्यजीव संवर्धन के लक्ष्यों को भी प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।  

MP में कपास पर मेहरबान मोहन यादव सरकार, मंडी टैक्स 50% कम; किसानों की बढ़ी उम्मीदें

बुरहानपुर  मध्यप्रदेश में कपास यानी सफेद सोना उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है. हाल ही में मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने कपास उत्पादक किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है, कपास पर लागू मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत (एक रुपए प्रति सैकड़ा) से घटाकर 0.50 प्रतिशत (50 पैसे प्रति सैकड़ा) कर दिया गया है, बीतें दिनों विधायक अर्चना चिटनीस ने मुख्यमंत्री के सामने कपास पर मंडी शुल्क घटाने की मांग रखी थी. अब सीएम ने चिटनिस की मांग पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. उइससे कपास उत्पादक किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।  फिर खिल उठेगा कपास उद्योग मोहन यादव सरकार के इस निर्णय से कपास उत्पादक किसानों, व्यापारियों सहित कृषि आधारित उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जाग उठी है. किसानों ने बताया कि बुरहानपुर में करीब एक दशक से ज्यादा समय से कपास उद्योग प्रभावित हो चुका है, अधिकांश जिनिंग फैक्ट्रियां बंद करके उद्योगपतियों ने पलायन किया है, लेकिन अब मंडी शुल्क कम किए जाने से दोबारा कपास जिनिंग शुरू होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।  प्रदेश के इन कपास उत्पादक क्षेत्रों को होगा फायदा इस निर्णय का सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है, जो उद्योग पलायन कर चुके हैं, वह दोबारा लौट सकते हैं. खास बात यह है कि मोहन यादव सरकार के इस फैसले से न सिर्फ बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, आलीराजपुर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, क्षेत्र बल्कि संपूर्ण प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों और कपास आधारित उद्योगों को लाभ होगा. मध्य प्रदेश का में उत्पादित कपास अधिक मात्रा में मध्यप्रदेश की जिनिंग, प्रेसिंग सहित प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचेगा, इससे प्रदेश में स्थानीय स्तर पर उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा होगा।  मंडी शुल्क घटने से लाभ मिलेगा, रकबा बढ़ेगा कपास उत्पादक किसान सुनील महाजन ने सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्णय को स्वागत योग्य बताया है. किसान सुनील ने कहा, '' इससे कपास उत्पादक किसानों को लाभ होगा, साथ ही जो उद्योग पलायन कर चुके है, अब मंडी शुल्क घटाए जाने के बाद दोबारा जीवित होंगे. अब तक मंडी शुल्क ज्यादा होने के कारण कपास फसल से किसानों का मोहभंग हो गया था, लेकिन अब कपास का रकबा दोबारा बढ़ेगा, इससे जिनिंग फैक्ट्री संचालको भी लाभ मिलेगा. सरकार से मांग है कि भारतीय कपास निगम (CCI) का खरीदी केंद्र बुरहानपुर में स्थापित किया जाए और किसानों का पंजीयन किया जाए, इससे किसानों को राहत मिलेगी।  सीएम के सामने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा : अर्चना चिटनिस बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में निमाड़ इंडस्ट्रियल मीट में शिरकत की थी, यहां उन्होंने उद्यमी संवाद कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित किया था, इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव से कपास पर मंडी शुल्क कम करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. हमने सीएम से कहा था कि महाराष्ट्र की तुलना में अधिक मंडी शुल्क होने से मध्य प्रदेश के किसान, व्यापारी सहित जिनिंग उद्योग प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान का सामना कर रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मांग को गंभीरता से लिया, उन्होंने हाल ही में कैबिनेट की बैठक में शुल्क में कमी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 

खेत से सड़क तक सुरक्षा पर जोर, किसानों को फ्री हेलमेट बांटेगी MP सरकार

शुजालपुर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि उनकी सरकार उन किसानों को मुफ्त हेलमेट देगी जो अपनी फसल, दूध, फल और सब्जियां बेचने के लिए मोटरसाइकिलों से शहरों और कस्बों की आवाजाही करते हैं। सीएम ने कहा कि अक्सर बिना हेलमेट सफर करने वाले इन किसानों को सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों के कारण जान गंवानी पड़ती है। इन किसानों का जीवन बचाना ही इस योजना का मकसद है। इस पहल के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है। हेलमेट देने की वजह भी बताई सीएम ने कहा कि किसान दूध-फल-सब्जी जैसा सामान मोटरसाइकिल पर गांव से शहर लाते हैं। हेलमेट न होने की वजह से उन पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हमारी सरकार हेलमेट देकर किसानों की जान बचाएगी। इस तरह हम दुर्घटनाओं को भी रोकेंगे और किसानों को सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। किसानों की बढ़ाएंगे आमदनी मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 134वां संस्करण सुनने के बाद किसानों से संवाद के दौरान यह घोषणा की। सीएम ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार हर हाल में किसानों की आमदनी बढ़ाएगी। गेहूं खरीद में बनाया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी सरकार जो निर्णय करती है, उसे लागू करती है। हमने आज 2,625 रुपये क्विंटल के दाम पर 1 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद का रिकॉर्ड बनाया है। अभी तक हमने अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लगभग 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड भी मध्य प्रदेश सरकार ने बनाया है। उड़द पर बोनस, दाल उत्पादन में एमपी नंबर वन सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। सरकार सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को लाभ देकर वचन को निभा रही है। हमारी सरकार उड़द को भी प्रोत्साहन दे रही है। पहली बार हम उड़द पर बोनस दे रहे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 है। हम उसमें और आगे बढ़ रहे हैं। तूअर दाल के आयात पर दी छूट मुख्यमंत्री ने कहा कि कि एक तरफ सरकार खेती पर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ कारखानों के माध्यम से दालों का उत्पादन भी यहीं करने की कोशिश कर रही है। तूअर दाल के आयात पर कारखानों को टैक्स की छूट देकर हमने वचन निभाया। मूंग और उड़द भी खरीदेगी सरकार सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार आने वाले समय में बरसात के बाद जब रबी की फसल आएगी तब दिन में बिजली देकर किसानों को कठिनाइयों से मुक्त करेगी। सरकार ने उड़द और मूंग की फसल के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से अब किसानों से मूंग और उड़द की फसलों की भी खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाद में शुजालपुर शहर में एक रोड शो भी किया।

CM मोहन यादव ने भोपाल से रवाना की ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026’

भोपाल  धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक स्मृति, इन तीनों के संगम के रूप में ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' ने भोपाल से अपनी पहली यात्रा शुरू की. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हुई यह विशेष तीर्थ यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि हजार वर्षों की आस्था, संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना की यात्रा के रूप में देखी जा रही है. मध्यप्रदेश से पहली बार रेल मार्ग के जरिए शुरू हुई इस यात्रा में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए श्रद्धालु शामिल हैं. सोमनाथ मंदिर, जो भारतीय इतिहास और सनातन परंपरा का सशक्त प्रतीक माना जाता है, इस यात्रा का केंद्र बिंदु है।  रानी कमलापति स्टेशन से दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है. हेली सेवा के बाद अब रेल मार्ग से इस तरह की विशेष तीर्थ यात्रा श्रद्धालुओं की सुविधा और पहुंच को और आसान बनाएगी. मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर को स्वाभिमान, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बताते हुए इसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान पर प्रतिष्ठित बताया।  गंगोत्री से गंगा सागर तक बिखर रहा आनंद : CM मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधु जिनके चरण पखारता है, मस्तक पर जिनके चंद्र देव बिराजे हैं, अक्षय स्वाभिमान के ज्योतिर्लिंग, भगवान सोमनाथ के चरणों में कोटि-कोटि वंदन. सोमनाथ का संबंध देश के स्वाभिमान के साथ है. द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण ने जब अधर्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी, तब पूरा समय चक्र ही बदल गया. हम सभी जानते हैं कि एक हजार साल पहले भारत को काली छाया का ग्रहण लग गया था. उस समय बाबा सोमनाथ ने इस ग्रहण को नष्ट किया था. सोमनाथ हमारे विकास का पर्याय भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा प्रारंभ हुई.  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, पुल, पुलिया, सड़क, नगर, कारखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी लेकर चल रही है. इस सनातन संस्कृति पर हमें गर्व है. प्रधानमंत्री मोदी के मन में भी सनातन धर्म के साथ सबको लेकर चलने की भावना है. यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. हमें अयोध्या और मथुरा में जो आनंद आता है, वही आनंद पश्चिम बंगाल के काली घाट पर आता है. आज भगवान की दया से गंगोत्री से गंगा सागर तक आनंद बिखर रहा है. लोकतंत्र की नई बयार पूरे देश को उत्साह-उमंग से भर रही है।  हमले के बाद भी लहराती रही सनातन संस्कृति की ध्वजा : मोहन यादव सीएम डॉ. यादव ने लोगों से कहा कि इस यात्रा के जरिये आपको बाबा सोमनाथ के दर्शन का लाभ मिलेगा. मेरी ओर से सभी यात्रियों को बधाई. वहीं, पास में चार पीठों में से एक द्वारका पीठ भी है. यहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कर हमारे हृदय में छवि बनाई. सोमनाथ मंदिर पर दुश्मनों ने 17 बार आक्रमण किए थे. लेकिन, हमारी सनातन संस्कृति की ध्वजा लहराती रही. एक हजार साल बाद सोमनाथ का शिखर आसमान से बात कर रहा है. दुश्मन लाख चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो बाबा सोमनाथ चाहें. उन्होंने तीर्थयात्रियों से कहा कि आप बाबा सोमनाथ से आशीर्वाद लेना कि दुनिया में चारों ओर खुशहाली हो. यह सांस्कृतिक जानगरण राष्ट्रीय एकता को और सुदृढ़ करे. उन्होंने कहा कि जीवन भी एक यात्रा है. जीवन की इस यात्रा में हम आते हैं और शरीर छोड़ते हैं. लेकिन, इस बीच परमात्मा ने हमें जो मौका दिया है, इस मौके का उपयोग हम परोपकार में करें।  देवलोक बनने से बदल जाती है अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की है. हमारी सरकार कई देवलोक बनवा रही है. महाकाल लोक बनने के बाद आर्थिक रूप से पूरा इको-सिस्टम बदल गया. साल 2022 से पहले उज्जैन में एक वर्ष में 25-30 हजार लोग आते थे, आज रोज डेढ़ लाख लोग दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं. इस तरह पूरा माहौल बदल रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह के देवलोक बनने के बाद होटल वालों, ठेले वालों, ऑटो वालों, दुकान वालों के जीवन में बदलाव आता है. भारतवासी जब एक-दूसरे के क्षेत्र में जाते हैं, तो एक-दूसरे को अपनी-अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं. इससे आंतरिक एकता का निर्माण होता है. यही एकता एकात्मवाद में परिवर्तित होती है।  मेरी अपनी ओर से सभी तीर्थयात्रियों को बधाई श्रद्धालुओं का बड़ा कारवां मध्यप्रदेश से पहली बार निकल रही इस यात्रा में 1,100 श्रद्धालुओं का दल शामिल है. यह विशेष रेलगाड़ी भोपाल के साथ-साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन से भी यात्रियों को लेकर सोमनाथ के लिए रवाना हुई. यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ पहुंचेकर दर्शन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सोमनाथ से जुड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक कथाओं को साझा किया जाएग।  धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक जुड़ाव सरकार और संस्कृति विभाग के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य केवल दर्शन तक सीमित नहीं है. यह पहल धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करने का प्रयास है. रेलवे के माध्यम से सामूहिक तीर्थ यात्रा ने बुजुर्गों, परिवारों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सरल बनाया है. यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं, आवास और कार्यक्रमों का समन्वय संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है।  ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' की पृष्ठभूमि संस्कृति संचालनालय के निदेशक एन.पी. नामदेव के अनुसार, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का मूल उद्देश्य देशभर में भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, आस्था और ऐतिहासिक संघर्षों की स्मृति को जीवंत करना है. यह पर्व राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीकात्मक महाकुंभ है, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य करता है।  इतिहास से भविष्य तक की यात्रा सोमनाथ मंदिर को भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है. हजार वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद इस मंदिर का पुनर्निर्माण और उसकी निरंतर परंपरा भारतीय सांस्कृतिक जीवटता को दर्शाती है. ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' … Read more

CM मोहन यादव का बुरहानपुर को विकास का तोहफा, निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट की घोषणा

बुरहानपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को बुरहानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में उद्योगपतियों से संवाद किया और निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट कराने की बड़ी घोषणा की। इसके बाद सीएम भाजपा के 'विजय उत्सव' में शामिल हुए. मुख्यमंत्री सुबह 10:30 बजे रेणुका माता हेलीपैड से सीधे ऑडिटोरियम पहुंचे थे। यहां उद्योगपतियों ने अपनी समस्याओं और मांगों से उन्हें अवगत कराया। डॉ. यादव ने कहा, “हमने निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट कराने का वादा किया था और हम इसे जरूर पूरा करेंगे। व्यापारिक कल्याण बोर्ड बनाने पर भी कैबिनेट में चर्चा हुई है, जो आगे चलकर जिला स्तर तक काम करेगा।” केला किसानों और औद्योगिक क्लस्टर पर फोकस सीएम ने कहा कि इस साल को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है, जिसमें बुरहानपुर के केला किसानों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बुरहानपुर का व्यापार 400 करोड़ से बढ़कर 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार ने निंबोला औद्योगिक क्लस्टर के लिए 350 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी दे दी है। इसके अलावा देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं, क्योंकि सरकार का मकसद लोगों की जिंदगी बदलना है। जीत के जश्न में खाई झालमुड़ी, कार्यकर्ताओं को बांटी उद्योगपतियों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री ऑडिटोरियम में ही नीचे आयोजित 'विजय उत्सव' और 'जन विश्वास उत्सव' में शामिल हुए। यह कार्यक्रम बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस की ओर से पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत की खुशी में आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम ने मंच पर झालमुड़ी खाई। उन्होंने अपने हाथों से जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, नेपानगर विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने सहित अन्य कार्यकर्ताओं को भी झालमुड़ी बांटी। कांग्रेस पर राम मंदिर और बंटवारे को लेकर साधा निशाना विजय उत्सव को संबोधित करते हुए सीएम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "देशभक्त लोगों के बीच जहर फैलाने और देश के बंटवारे का पाप कांग्रेस ने किया है। वंदे मातरम को बांटने और भगवान राम के मंदिर में ताला लगाने का पाप भी कांग्रेस के ही सिर पर है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर को हिंदू और मुसलमान, सभी ने आनंद के साथ स्वीकार किया, लेकिन कांग्रेस के नेता आज तक वहां दर्शन करने नहीं गए। 'बंगाल को 75 साल बाद सही मायनों में मिली आजादी' डॉ. यादव ने अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "केजरीवाल जेल जाने के बाद भी पद नहीं छोड़ते। वहीं, इतनी बड़ी हार के बाद भी ममता बनर्जी निर्ममता के साथ पेश आती हैं और पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं।" सीएम ने कहा कि बंगाल और असम के चुनाव में मुस्लिम समुदाय ने भी बड़े पैमाने पर भाजपा का साथ दिया है। 17वें मुख्यमंत्री गुरु रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर शपथ लेने जा रहे हैं। आज 75 साल बाद बंगाल सही मायनों में आजाद हुआ है और अब वह देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा।

CM मोहन यादव ने कहा: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम सदी का सबसे क्रांतिकारी कदम’

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।  विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।  33% महिला आरक्षण पर विपक्ष से समर्थन की अपील राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।  दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।  उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  OBC-दलित महिलाओं के अधिकार पर बोले CM उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्यप्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है। 

वंदे मातरम के अपमान पर भड़के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस से इस्तीफा मांगा: ‘नहीं गाऊंगी’ का बयान बड़ी बेशर्मी

भोपाल  इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ 'वंदे मातरम' विवाद अब पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस पार्षदों द्वारा सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत गाने से इनकार करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभक्तों का अपमान बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व इस पर कार्रवाई नहीं कर सकता, तो पूरी प्रदेश इकाई को इस्तीफा दे देना चाहिए। सीएम ने बताई बेशर्मी की राजनीति इंदौर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर 'वंदे मातरम' गाने से मना कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 'बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह केवल एक पार्षद का बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस के उस चरित्र को दर्शाता है जो हमेशा से राष्ट्र प्रतीकों के खिलाफ रहा है।' जीतू पटवारी और राहुल गांधी से सीधे सवाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि हर छोटी बात पर मुखर रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इस 'राष्ट्रद्रोह' जैसे कृत्य पर चुप क्यों हैं? सीएम ने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इस तरह की मानसिकता को पार्टी में प्रोत्साहित कर रहे हैं। हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते अपने प्राणों की आहुति दे दी। जब कांग्रेस पार्षद भगवान राम और हिंदुओं की निंदा करते हैं, तब पार्टी चुप रहती है। लेकिन अब राष्ट्रगीत के अपमान पर मौन रहना यह बताता है कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश पुरानी है वंदे मातरम की खींचतान? मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को कुरेदते हुए कहा कि यह पार्टी आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा करती रही है। डॉ. यादव के अनुसार, कांग्रेस की पुरानी सरकारों ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर बीजेपी अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है, खासकर तब जब मामला सीधे तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा हो।