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भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4285 रुपए

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

प्रारंभिक कक्षाओं का अर्धवार्षिक मूल्यांकन अब 8 दिसंबर से

राज्य शिक्षा केन्द्र ने जारी की नई समय सारिणी भोपाल  प्रदेश की शासकीय और अशासकीय शालाओं में कक्षा 3 से 8 के लिए सोमवार 24 नवम्बर से आयोजित होने वाला अर्धवार्षिक मूल्यांकन की तिथि बढ़ाई गई है। अब मूल्यांकन का कार्य 8 दिसम्बर से 13 दिसम्बर 2025 के मध्य होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक श्री हरजिंदर सिंह ने वर्तमान में प्रदेश में संचालित चुनावी प्रक्रिया एसआईआर में शासकीय कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण कक्षा 3 से 8 के अर्धवार्षिक मूल्यांकन की तिथियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नवीन समयसारिणी जारी की है।  

मध्यप्रदेश को बनाए वैज्ञानिक अनुसंधान का हब : मंत्री सारंग

भोपाल में राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का हुआ आयोजन भोपाल खेल युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में है यहां की सारी परिस्थितियां विज्ञान अनुसंधान के अनुकूल है। इस कारण केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को विज्ञान अनुसंधान हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां देश के अन्य राज्यों में हो रहे वैज्ञानिक अनुसंधानों से बेहतर समन्वय किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के आयोजन को महत्वपूर्ण क्षण बताया। मंत्री श्री सारंग शनिवार को भोपाल में 59वीं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। बाल विज्ञान प्रदर्शनी में 23 राज्यों 7 केन्द्र शासित प्रदेशों और 7 अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के 800 से अधिक बाल वैज्ञानिक और शिक्षकों ने संयुक्त रूप से 240 साइंस मॉडल प्रदर्शित किये। इस मौके पर महापौर भोपाल नगर निगम श्रीमती मालती राय भी मौजूद थी। बाल वैज्ञानिकों में भारत की उज्ज्वल तस्वीर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बाल वैज्ञानिकों ने साइंस पर केन्द्रित नवाचार करते हुए मॉडल प्रदर्शित किये हैं। इससे हमें भारत के भविष्य की उज्ज्वल तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बाल वैज्ञानिकों को सतत प्रोत्साहन दिया जाये तो इनमें से किसी को भी नोबल पुरस्कार मिल सकता है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनुसंधान को महत्व देते हुए नया नारा 'जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान और जय अनुसंधान' दिया है। इस नारे में प्रधानमंत्री ने अनुसंधान को भी महत्व दिया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई को हिन्दी माध्यम से किये जाने के लिये मेडिकल की पुस्तकें हिन्दी में तैयार की हैं। इसकी प्रसंशा देश भर में हुई है। नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा को महत्व सचिव केन्द्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्ली श्री संजय कुमार ने राष्ट्रीय बाल विज्ञानिक प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दीं। नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए सचिव श्री संजय कुमार ने कहा, "इसमें जोर दिया गया है बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृ भाषा में होना चाहिए"। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक काल में बच्चों का मस्तिष्क विकास मातृ भाषा में ही होता है। सचिव श्री संजय कुमार ने अंग्रेजी को एक विषय के रूप में पढ़ने और अधिक से अधिक भाषाओं के सीखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में जो बच्चा पहली कक्षा में आता है वह कम से कम 12वीं कक्षा तक अनिवार्य रूप से पढ़ाई करे। केन्द्रीय सचिव श्री संजय कुमार ने बच्चों को स्कूल में आनंद पूर्ण माहौल में शिक्षा दिये जाने की भी बात कही। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली श्री दिनेश प्रसाद सकलानी, निदेशक राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधी नगर गुजरात डॉ. अरविंद सी. रानाडे, एनसीईआरटी प्रो. सुनीता फरक्या ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

बड़वानी में हथियार तस्करी पर करारा प्रहार, संयुक्त पुलिस कार्रवाई में 10 आरोपी पकड़े गए

बड़वानी जिले के महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में बसे उमर्टी में एक बार फिर पुलिस कार्रवाई में अवैध हथियार निर्माण की फैक्ट्री पकड़ी गई है। इस बार कार्रवाई में बड़वानी, खरगोन सहित महाराष्ट्र पुलिस के 200 कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। संयुक्त कार्रवाई में अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर महाराष्ट्र पुलिस के अपराध से संबंधित सात आरोपित और वरला थाना के तीन आरोपितों को धर दबोचा। मौके से एक देशी पिस्टल सहित भारी मात्रा में अवैध हथियार निर्माण करने की सामग्री बरामद की। पहले रैकी कराई, फिर दी दबिश उक्त कार्रवाई के पूर्व खरगोन के मंडलेश्वर, बेडिय़ा और वरला पुलिस टीम से उमर्टी क्षेत्र की रैकी कराई गई। इसके बाद दबिश कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई में पुणे पुलिस महाराष्ट्र की टीम का नेतृत्व डीसीपी समय मुंडे, खंडवा-खरगोन की टीम का नेतृत्व एएसपी खरगोन बिट्टू सहगल और बड़वानी टीम का नेतृत्व सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने किया। इस दौरान थाना प्रभारी वरला भी अपने बल के साथ मौजूद रहे। बड़वानी पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर के निर्देशन में कार्रवाई में वरला थाना प्रभारी नारायण रावल, सेंधवा ग्रामीण प्रभारी ओमप्रकाश चोंगड, सेंधवा शहर बलजीत सिंह बिसेन, उपनिरीक्षक कृष्णा मंडलोई, सहायक उपनिरीक्षक उमाशंकर मंडलोई, गुजरा बारिया सहित खरगोन, खंडवा का बल शामिल रहा।   इन आरोपितों को बड़वानी पुलिस ने पकड़ा     सतवंत सिंह पुत्र बडवानी सिंग टकराना से एक पिस्टल और अवैध हथियार निर्माण करने की सामग्री लोहे के पाइप, भट्टी चलाने का पंखा, कानस, लोहे की प्लेट, सरिए, अवैध हथियार बनाने के सांचे (कुल कीमत 25 हजार रूपये)     अवतार सिंह पुत्र महुसिंग से अवैध हथियार निर्माण करने का लोहे के पाइप, भट्टी चलाने का पंखा, कानस, लोहे की प्लेट, सरिए, अवैध हथियार बनाने के सांचे, लोहे के धारदार फरसे (कुल कीमत 25 हजार रूपये)     नूरबिन सिंह पुत्र हेटसिंग के कब्जे से अवैध हथियार निर्माण करने का लोहे के पाइप, भट्टी चलाने का पंखा, कानस, लोहे की प्लेटे, सरिए, अवैध हथियार बनाने के सांचे, लोहे के धारदार फरसे (कीमत 25 हजार रूपये) इन आरोपितों को ले गई महाराष्ट्र पुलिस     राजपाल सिंह पुत्र प्रधान सिंह     नानक पुत्र अजित सिंह     गुरूचरण सिंह पुत्र आव सिंह     बच्चन सिंह पुत्र दिवान सिंह     जशवीर पुत्र प्रकाश सिंह     प्रवीण पुत्र उत्तम सिंह टकराना     अलोक सिंह पुत्र जोहरसिंह (सभी निवासी उमर्टी, उक्त सभी आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये मूल्य की हथियार निर्माण सामग्री जब्त की गई।)

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया साढ़े 4 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में साढ़े चार करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं स्थानीय विकास को अधिक गति प्रदान करेंगी। क्षेत्र में बढ़ती आबादी के साथ पीने के पानी की मांग भी बढ़ रही है, गोविंदपुरा में 9 पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भविष्य में पानी की समस्या नहीं होगी और पर्याप्त आपूर्ति होने से घर-घर नर्मदा जल पहुंचेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 74, कैलाश नगर में 1 करोड़ 80 लाख की लागत वाली पानी की टंकी तथा 23 लाख की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों आरसीसी नाली, रोडक्रॉस, रिटेनिंग वॉल एवं सीसी रोड का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 74 के कोलुआ में 28 लाख की लागत से सीसी रोड, आरसीसी नाली, पेविंग ब्लॉक रिटेनिंग वॉल के निर्माण कार्य के साथ महोली में 17 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। इसमें सीसी रोड का निर्माण, चबूतरा रेलिंग एवं कोटा स्टोन लगाने का कार्य तथा हनुमान मंदिर के पास आरसीसी नाली निर्माण शामिल है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 68 अयोध्या नगर सेक्टर – एफ में 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किय, इसकी लागत करीब 2 करोड़ 26 लाख रुपए है। यह परियोजना क्षेत्रवासियों को सुचारू एवं सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में श्रीमती शकुन लोधी, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्रीमती पूनम प्रजापति, श्री नीलेश गौर, श्री राजू लोधी, श्री लवकुश यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।  

दिसंबर तक हो लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान : आयुक्त श्री सुमन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वल्लभ भवन स्थित मीटिंग हॉल में हुई। बैठक की अध्यक्षता आयुक्त श्री सौरभ कुमार सुमन ने की। आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सुमन ने दिसंबर तक पूर्व वर्षों की लंबित छात्रवृत्तियों के भुगतान करने के निर्देश दिए। सीहोर जिले के बालक छात्रावास में सड़क निर्माण से संबंधित समस्या के निराकरण के लिए निर्देशित किया गया। सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना को ऑनलाइन करने की पहल भी की गई है। आयुक्त श्री सुमन ने बताया कि इससे जिलेवार जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध हो सकेगी। आयुक्त श्री सुमन ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति में जाति प्रमाणपत्र से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए दो वर्षों में चयनित लगभग 100 छात्रों के जाति-प्रमाणपत्रों का सत्यापन संबंधित जिलों के कलेक्टर कार्यालय से कराया जाए। साथ ही योजना का लाभ लेने वाले अपात्र विद्यार्थियों से प्राप्त राशि, शेष प्रकरणों में की गई वसूली एवं कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने उच्च न्यायालयों में लंबित अवमानना याचिकाओं में जवाब-दावा शीघ्र प्रस्तुत कर विभाग को अवगत कराने को कहा। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए आयुक्त ने ग्वालियर और जबलपुर की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन केवल ऑनलाइन प्राप्त किए जाएं, जिससे छात्रवृत्ति वितरण सुचारू रूप से किया जा सके।  

36,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त, 27,800 रोजगार होंगे सृजित

सभी निवेशकों का स्वागत है मध्यप्रदेश में निवेशकों को सभी क्षेत्रों में दिया जा रहा है आगे बढ़ने का अवसर तेलंगाना और मध्यप्रदेश की जोड़ी है हीरा-मोती की तरह निवेशकों की सहूलियत के लिये बनाई 18 निवेश नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में निवेश की विद्यमान संभावनाओं को साकार करने के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश की प्रोत्साहनकारी निवेश नीतियों से निरंतर निवेश आ रहा है। आज सभी के संयुक्त प्रयासों से अपने प्रदेश के साथ संपूर्ण देश की प्रगति का विचार रखते हुए क्रियान्वयन की राह पर आगे बढ़ना है। मध्यप्रदेश सरकार की 18 नवीन निवेश नीतियाँ निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। निवेशकों के लिये आवश्यक हुआ तो इन नीतियों की परिधि के बाहर जाकर भी उद्योगपतियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पलक-पांवड़े बिछाकर सभी निवेशकों का स्वागत कर रही है। हम हैदराबाद के निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिये आये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैदराबाद में अनेक उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। इसमें 36 हजार 600 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य राज्यों में उन्होंने बिना राजनैतिक एजेंडा के सिर्फ एक उद्देश्य, औद्योगिक निवेश को लेकर यात्राएं की हैं। ऐसे इंटरैक्टिव सेशन मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की बहुआयामी संभावनाओं को बताने और निवेश के लिए आमंत्रित करने का माध्यम बने हैं। यह क्रम चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विचारों का उद्योगपतियों और निवेशकों ने समर्थन करते हुए करतल ध्वनि से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मैं बाबा महाकाल की नगरी से हूं। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है, जहां हीरा निकलता है। तेलंगाना राज्य में मोती निकलते हैं। इस प्रकार से हमारी जोड़ी हीरा-मोती की तरह है। हैदराबाद के लोग मोती की पहचान कर लेते हैं, उनके लिए आदमी पहचानना तो बहुत आसान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैदराबाद एक ऐसा शहर है, जो भविष्य को भांप कर आगे बढ़ता है। इसका अर्थ यह है कि हैदराबाद आने वाले समय का अनुमान लगाने में सक्षम है। यहां निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिए आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। देश ने कई मिथकों को तोड़कर अंतरिक्ष सहित सभी क्षेत्रों में विकास की तेज गति हासिल की है। भारत अब रेल कोच भी निर्यात करने की स्थिति में है। मध्यप्रदेश में बीईएमएल को 18 हजार करोड़ लागत की रेल कोच निर्माण की यूनिट लगाने के लिए भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश में डिफेंस टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश हो रहा है। राज्य में सभी क्षेत्रों के निवेशकों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाईड्रा पॉवर पंप स्टोरेज का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नीमच में चंबल नदी पर बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण आगामी 2 वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। यह एक बड़ा प्रकल्प है। मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों से किए हर संकल्प को पूरा कर रही है। राज्यों के बीच साहचर्य का भाव है, देश बदल रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्यों के बीच साहचर्य की भावना विकसित हो रही है। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और हमारे पास पर्याप्त जल उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान के साथ चल रहे सालों पुराने जल विवाद को खत्म कर पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना को आगे बढ़ाया है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार 90 प्रतिशत राशि प्रदान कर रही है। आज का समय स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने और प्रदेश को आगे बढ़ाने का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब देश बदल रहा है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में भी अपना कार्य शुरू करने का अवसर दे रही है। उद्योग-व्यापार बढ़ने से गरीबों और जरूरतमंदों को रोजगार मिलता है। वन-टू-वन बैठकों में प्राप्त निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा के दौरान 10 कम्पनियों द्वारा 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए गए। इससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होंगे। प्रमुख निवेश प्रस्ताव में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलाबेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये, डर्माक्योर फार्मास्युटिकल्स कम्पनी द्वारा नवकरणीय ऊर्जा एवं आईटी सेक्टर में 150 करोड़ रुपये, विंडपोनिक्स इण्डिया कम्पनी द्वारा नवकरणीय ऊर्जा एवं कृषि सेक्टर में 280 करोड़ रुपये, विंटेज कॉफी एण्ड बेवरेजेस लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 1100 करोड़ रुपये, विश्वनाथ प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कम्पनी द्वारा अधोसंरचना सेक्टर में 350 करोड़ रुपये और वुमेनोवा एग्रो फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 720 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया गया। ग्रीनको ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट एवं फाउंडर श्री महेश कोली का अनुभव ग्रीनको ग्रुप प्रेसिडेंट श्री महेश कोली ने बताया कि ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में मध्यप्रदेश में 12 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश से 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले पाँच वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना भी तैयार है, जो मध्यप्रदेश के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नीमच में 1,900 मेगावॉट का हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट किसी भी अन्य देश में 8 से 10 वर्ष में पूरा होता, जबकि मध्यप्रदेश में यह 3 वर्षों से भी कम समय में पूरा हुआ है। … Read more

MP में भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, कई प्रभारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

भोपाल भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई में प्रभारी की नियुक्ति की गई है। यह नियुक्तियां मोर्चा, प्रकोष्ठ और कार्यालय व्यवस्था प्रभारी की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सहमति से प्रदेश मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा, प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी आशुतोष तिवारी और कार्यालय व्यवस्था प्रभारी जितेंद्र लिटोरिया को बनाया गया है। प्रदेश में भाजपा अपने संगठन को निरंतर व्यवस्थित और मजबूत करने के मकसद से नियुक्तियां कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल को विष्णु दत्त शर्मा के स्थान पर जिम्मेदारी सौंपी गई। लंबी जद्दोजहद के बाद खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया। विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की भी नियुक्ति हो चुकी है; कुछ नियुक्तियां वर्तमान विशेष हैं। राज्य में एक तरफ जहां संगठन को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर, सरकार में राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर पार्टी में लंबे अरसे से मंथन का दौर जारी है। तमाम दिग्गज निगम मंडलों में अपनी अथवा समर्थकों की नियुक्तियां करना चाहते हैं। इसके लिए वे संगठन और सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पहले निगम मंडल पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी और उसके बाद ही राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार का रस्ता भी साफ हो सकता है। राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में अभी समय है और पार्टी की कोशिश यही है कि इन चुनावों से पहले तमाम नियुक्तियां कर ली जाएं। वहीं, दूसरी ओर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य में भी पार्टी पदाधिकारी पूरी सक्रियता से लगे हुए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर संसद और विधायक भी एसआईआर अभियान की सफलता के लिए जगह-जगह दौरा और बैठक कर पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश भी जारी कर रहे हैं। साथ ही उन्हें कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से भी अवगत कराया जा रहा है।

मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी: खंडवा के वोटर्स को भोपाल-दतिया में कर दिया मैप, अधिकारी बोले—जल्द सुधारे जाएंगे नाम

खंडवा एसआईआर के कार्य में बीएलओ द्वारा शुरुआत में की गई टेबलटॉप एक्सरसाइज का खामियाजा मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इसी कार्यशैली की भेंट चढ़े शहर के कुछ मतदाता अब अपना नाम खोज रहे हैं। भैरोतालाब वार्ड की अमीना पत्नी शरीफ का नाम भोपाल की हजूर विधानसभा में बीएलओ द्वारा मैप कर दिया गया। अमीना का मायका भुसावल का है और शहर में परिवार के साथ निवास कर रही हैं। भोपाल से उसका कोई लेना-देना नहीं है। इसी प्रकार रमा कॉलोनी निवासी रितु शर्मा का नाम दतिया के डिरोलीपर गांव में बीएलओ द्वारा मैप कर दिया गया है, जबकि इनका मायका राजगढ़ का है। इस प्रकार के कुछ मामले शहर में सामने आ रहे हैं जो कि मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।   इसे लेकर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन प्रफुल्ल शुक्ला ने बताया कि यह भोपाल बीएलओ स्तर पर मैपिंग की त्रुटि है। उन्होंने बताया कि यह बीएलओ द्वारा शुरुआत में की गई टेबलटॉप एक्सरसाइज के दौरान हुई होगी। एक जैसे नाम होने के चलते ऐसा हुआ होगा। मतदाता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बीएलओ जब मतदाता की जानकारी गणना पत्रक के आधार पर भरेगा तो वहां स्वीकार नहीं होगा और सही मतदाता की जानकारी भरने के लिए वहां के बीएलओ को यह नाम अनमैप करना पड़ेंगे। जैसे ही वहां से अनमैप हुआ कि यहां का बीएलओ मतदाता की जानकारी भर सकेगा। इस प्रकार के नामों को लेकर हम लोग भी वहां के निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर त्रुटि से अवगत करवाने के साथ नाम को अनमैप करवाएंगे।

19 लाख की लूट का पर्दाफाश: मास्क हटते ही सामने आए दोनों भाई, पुलिस ने ऐसे किया ट्रेस

जबलपुर कृषि उपज मंडी के अनाज व्यापारी के मुनीम से 19 लाख रुपये की लूट के आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित सगे भाई हैं, जिन्होंने लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद शहर की गई गलियों में भ्रमण किया, ताकि वे कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में न आ सकें। लेकिन आरोपितों की तमाम कवायद के बाद भी पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए आखिर में दोनों को दबोच ही लिया। आरोपित व्यापार में घाटे और कर्ज से परेशान थे। उधार लौटने का दबाव बढ़ने और व्यापार ठप होने पर जब कोई विकल्प नहीं सूझा तो लूट की वारदात की। यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपित ग्रीन सिटी के गोल्डन टाउन कालोनी निवासी मोहित मनवानी उर्फ राहुल (26) और ऋषि मनवानी (18) है।   आरोपितों के कब्जे से लूट की राशि के 14 हजार 71 हजार 490 रुपये बरामद किए गए हैं। उनके कब्जे से लूट के लिए प्रयोग की गई बिना नंबर की मोपेड और हमले करने के लिए खरीदी गई चाइना राड भी जब्त की गई है। आरोपित कर्ज से उबरने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। जब सफल नहीं हुए तो अपराध के रास्ते पर चल पड़े। उन्होंने दो बार लूट की अलग-अलग योजना बनाई। लेकिन घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा सकें। कुछ समय पूर्व वे विजय नगर के एचडीएफसी बैंक गए। जहां, कृषि उपज मंडी के एलएलजी सेल्स के मुनीम विकास साहू को काफी रुपये नकद लेकर अकेले जाते देखा। उसकी रैकी की। फिर बुधवार की शाम को मुनीम जब रुपये लेकर लौट रहा था तो कृषि उपज मंडी के पास सुनसान जगह पर रोका। उस पर राड से हमला कर उसकी मोपेड में टंगा रुपयों से भरा बैग लूट लिया। कैमरे में दिखा बिना मास्क का चेहरा आरोपितों की तलाश में कंट्रोल रूम आरक्षक पूनम, पूर्णिमा ने कई सीसीटीवी कैमरे फुटेज निकाले। सायबर सेल के निरीक्षक कपूर सिंह मरावी ने घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबर खंगाले। इसके साथ ही विजय नगर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार, बृजेंद्र तिवारी, एसआइ संदीप पटेल ने लगातार छानबीन की। गुमराह करने फेरा लगाकर पहुंचे घर, चुकाया कर्ज लूट के बाद दोनों भाई मोपेड से फ्लाइओवर के रास्ते भागे। पुलिस को चकमा देने के लिए एक घंटा तक इधर-उधर घूमते रहे। फिर लंबा फेरा लगाकर अमखेरा होकर पीछे के रास्ते माढ़ोताल में अपने घर पहुंचे। लूट की राशि से अपने क्रेडिट कार्ड का बिल भरा। कुछ स्वजन और व्यापारियों की उधारी चुकाई। पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाई पर 15 लाख रुपये से अधिक कर्ज था। आरोपित कुल तीन भाई और दो बहन हैं। एक बहन का विवाह पक्का हो गया था, उसके लिए भी रुपये की व्यवस्था का उन पर दबाव था।