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शिक्षक सहायता कोष को बढ़ाने का होगा प्रयास : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षकों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है। संकट के दौरान शिक्षकों को समय पर हर संभव मदद दी जायेगी। मंत्री श्री सिंह बुधवार को मंत्रालय में शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की राज्य स्तरीय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में तय हुआ कि वर्ष 2026 में शिक्षक दिवस पर प्रत्येक जिले से 2 शिक्षकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिये सम्मानित किया जायेगा। इससे प्रदेश के प्रत्येक जिले को प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग की ओर से जिला स्तर पर भी शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रतिष्ठान की हर 3 माह में बैठक हो यह सुनिश्चित किया जाये। शिक्षकों को संकट के समय आर्थिक सहायता समय पर मिले, इसके लिये राज्य, संभाग और जिला 3 स्तर पर कमेटियाँ होंगी। शिक्षक सदन पर हुई चर्चा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 18 शिक्षक सदन संचालित हो रहे हैं। इन शिक्षक सदनों का जरूरत के हिसाब से संधारण किया जायेगा। भोपाल स्थित शिक्षक सदन भवन पर 2 करोड़ 80 लाख रुपये व्यय कर वहाँ केंटीन समेत आधुनिक रूप से व्यवस्थित किया जायेगा। लंबित अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों की होगी नियमित समीक्षा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दिवंगत शिक्षकों के परिजनों के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जायेगी। प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द कैसे मदद हो, इसका संतोषजनक रास्ता निकाला जायेगा। बैठक में संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री डी.एस. कुशवाहा एवं शिक्षक संघों के प्रतिनिधि डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, श्री दिनेश शर्मा, श्री राकेश गुप्ता, श्री महेन्द्र सिंह रघुवंशी और श्री सत्यनारायण शर्मा भी उपस्थित थे।  

पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय

मंत्री श्री सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ) श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ) श्री महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय वाहन चोरी के प्रकरणों में व्यापक कार्रवाई

अभियान के दौरान चार जिलों से 51 दुपहिया एवं 1 चार पहिया वाहन जब्‍त भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत छतरपुर, खण्डवा और शिवपुरी जिलों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। सतत मॉनिटरिंग, तकनीकी विश्लेषण,  मुखबिर तंत्र की सक्रियता और त्वरित फील्ड कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 39 दोपहिया एवं 1 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 31 लाख रूपए से अधिक आंकी गई है। प्रमुख कार्रवाई रीवा- जिले की कोतवाली पुलिस ने मोटर साइकल चोरी में लिप्त एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 12 मोटर साइकलें बरामद की गईं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रुपये है। पूछताछ में आरोपियों द्वारा रीवा सहित अन्य जिलों में भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। छतरपुर- जिले में थाना सिविल लाइन एवं कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में छतरपुर, पन्ना, जालौन, दतिया एवं महोबा जिलों से चोरी की गई कुल 23 मोटरसाइकिलें, जिनकी कीमत लगभग 14 लाख रूपए है, बरामद हुईं। खण्डवा- जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रूपए  है। इसके अलावा गुलमोहर कॉलोनी से चोरी हुई कार (6 लाख रूपए) का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शिवपुरी- जिले में थाना कोलारस पुलिस ने मुखबिर सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से चोरी की गई 06 मोटरसाइकिलें एवं विभिन्न वाहनों के इंजिन, चेसिस, टंकी और सीट कवर आदि सामान बरामद किया। जांच में सामने आया कि आरोपी वाहनों का रंग बदलकर और नकली नंबर प्लेट लगाकर उन्हें बेचने का प्रयास कर रहा था। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 3 लाख आंकी गई है। उल्‍लेखनीय है कि इससे पूर्व नवंबर माह में ही मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न जिलों से कुल 54 मोटरसाइकिलें बरामद की थीं, जिनमें छतरपुर,  दमोह,  अशोकनगर,  मंडला,  मंदसौर,  शिवपुरी, बैतूल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और उज्जैन जिले शामिल हैं। यह उपलब्धि पुलिस की निरंतर मॉनिटरिंग, मजबूत मुखबिर तंत्र और समय पर की गई कार्रवाई का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया तथा फील्ड पर केंद्रित कार्यप्रणाली के चलते वाहन चोरी से जुड़े प्रकरणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। इस प्रकार की कार्रवाई से नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।  

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4263 रुपए

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 19 नवंबर को 4263 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए तथा 18 नवंबर को 4255 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।भावान्तर का मॉडल रेट बढ़ने का आशय यह है कि मंडी में सोयाबीन का भाव बढ़ रहा है। दिन-ब-दिन नमी कम होने से सोयाबीन की गुणवत्ता ठीक होने के कारण रेट का बढ़ना अत्यंत स्वाभाविक है। अर्थात् किसानों को मंडी में अच्छा भाव मिल रहा है। वैसे भी मॉडल भाव पिछले चौदह दिन के सोयाबीन के बाजार भाव का भारित औसत है। एमएसपी से ऑक्शन भाव / मॉडल भाव के अंतर की राशि सरकार दे रही है और किसान के नुक़सान की भरपाई कर रही है। प्रदेश में भावान्तर योजना के सफल क्रियान्वयन ने किसानों को एमएसपी की राशि मिलने की गारंटी दी है। व्यापारियों को मंडी से व्यापार मिल रहा है, जो उपार्जन की वजह से प्रभावित हो जाता है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी कार्रवाई, लगभग डेढ़ करोड़ रूपएकी जब्ती

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अवैध मादक पदार्थों के तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिये निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सघन निगरानी, खुफिया सूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण तथा त्वरित फील्ड कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने हाल ही में विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान करोड़ों रुपए मूल्य के डोडाचूरा, कोकीन, स्मैक, एमडी तथा ब्राउन शुगर जब्त की गई है। नीमच-522 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त जिले की सिंगोली पुलिस ने हाल ही में मादक पदार्थ तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो पिकअप वाहन से 522 किलोग्राम डोडाचूराजप्त किया है। नाकाबंदी देखकर वाहन चालक द्वारा वाहन को मोड़कर भागने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पकड़ा।जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 78 लाख 30 हजार रुपये आँकी गई है। पुलिस द्वारा तस्करी नेटवर्क के स्रोत, परिवहन और संबंधित आरोपियों की जांच की जा रही है। इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई इंदौर नारकोटिक्स विंग ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने रेसिडेंसी क्षेत्र में कार्रवाई कर कोटेडीआइवर (पश्चिम अफ्रीका) की एक महिला तस्कर को पकड़ा, जिसके पास से 31.85 ग्राम कोकीन बरामद हुई। बरामद कोकीन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 15 लाख 50 हजार रुपये है। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि उक्त महिला मुंबई के नालासोपारा क्षेत्र में रहकर ड्रग सप्लाई गतिविधियों में संलिप्त थी और इंदौर शहर में भी ग्राहकों की तलाश में आई थी। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ड्रग सप्लाई के इस अंतरराष्ट्रीय स्रोत को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। विगत दिनों में शिवपुरी, भोपाल और खरगोन जिलों द्वाराकी गई कार्रवाइयाँ— प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाइयाँ की गईं। शिवपुरी जिले में पुलिस टीम ने 56 लाख रूपए की 280 ग्राम स्मैकजप्त की। इसी तरह भोपाल पुलिस ने एक महिला से 9 ग्राम MD ड्रग तथा एक एप्पल मोबाइल जप्त किया, जिसकी कीमत 1लाख 52हजार रूपए है। वहीं खरगोन जिले के बड़वाह थाना क्षेत्र में पुलिस ने 55 हजार रूपए की 5.47 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद कीहै। इन कार्रवाइयों में लगभग 57.57 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जप्त किए गए। यह उपलब्धि पुलिस की सतत रणनीति, जिलों के मध्य समन्वित प्रयासों और फील्ड स्तर पर सक्रिय निगरानी का परिणाम है। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ प्रतिबद्धता और कठोरता से कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर सतत निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई तथा जनजागरूकता के प्रयास जारी हैं।मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील भी आमजन से की गई है, जिससे समाज को इस घातक अवैध कारोबार से मुक्त किया जा सके। 

प्रमुख सचिव श्री यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक

भोपाल प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा श्री संदीप यादव की अध्यक्षता में गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड पी.सी.पी.एन.डी.टी. की बैठक में अनेक निर्णय लिये गये। बैठक में विधानसभा सदस्य श्रीमती प्रियंका मीणा, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, अतिरिक्त सचिव विधि एवं विधायी कार्य श्री निशित खरे सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागिता की गयी। राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक में लिये गये मुख्य निर्णयों में मध्यप्रदेश में भ्रूण लिंग चयन संबंधी सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने एवं सामाजिक भागीदारिता को बढ़ावा देने के लिये "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना'' संचालित है, जिसका प्रदेश में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना'' अंतर्गत 2 लाख रुपये के पुरस्कार का प्रावधान है, जिसमें मुखबिर के सूचना पर पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम अंतर्गत प्रकरण सफल स्टिंग ऑपरेशन होने अथवा प्रकरण पंजीबद्ध होने पर मुखबिर या सूचनादाता को 50 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है। साथ ही न्यायालय द्वारा पंजीबद्ध प्रकरण में दंडित किये जाने पर मुखबिर या सूचनादाता को पुन: 30 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है। पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम की धारा-22 अंतर्गत किसी भी व्यक्ति, संगठन, केन्द्र द्वारा लिंग चयन सुविधाओं के संबंध में किसी भी प्रकार का विज्ञापन भौतिक या इंटरनेट के माध्यम से प्रकाशन, वितरण एवं संसूचित करने पर प्रतिबंध है। लिंग चयन के संबंध में साइबर एडवर्टाइजमेंट, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर बेची जा रही सामग्री, इंटरनेट पर उपलब्ध आपत्तिजनक ब्लॉग्स/वीडियोज आदि को साइबर निगरानी द्वारा नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता है। इसके लिये विभाग द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, इंटेलिजेंस के समन्वय से सुदृढ़ कार्यवाही पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम, 1994 एवं आई.टी. अधिनियम, 2000 के स्थापित प्रावधान अनुरूप कार्यवाही की जायेगी। समाज में लिंग चयन आधारित गर्भपात से संभावित सामाजिक असंतुलन एवं लैंगिक हिंसा के नियंत्रण के लिये जन-प्रतिनिधियों के सोशल मीडिया पेज तथा जिलों के आधिकारिक वेबसाइट तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं जन-भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।  

आसियान देशों के प्रतिनिधियों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का किया भ्रमण

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आसियान देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच सांस्कृतिक व पर्यटन सहयोग को और मजबूत बनाना था। आसियान समिति प्रतिनिधि मंडल भारत में वियतनाम के राजदूत श्री गुयेन थान्ह हाई, भारत में फिलीपींस के राजदूत श्री जोसेफ एफ. इग्नासियों, भारत और श्रीलंका में कंबोडिया की राजदूत सुश्री रथ मनी, भारत में तिमोर लेस्ते के राजदूत श्री कार्लितो नुनेस, भारत में थाईलैंड की राजदूत सुश्री छवनार्ट थांगसुमफंट, भारत और भूटान में इंडोनेशिया की राजदूत सुश्री इना एच कृष्णमूर्ति और मिशन प्रमुख द्वितीय सचिव ब्रुनेई दारुस्सलाम गणराज्य श्री पेंगिरन मोहम्मद शफी अलवाली बिन पेंगिरन अबू बकर शामिल थे। प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक एवं बौद्ध विरासत को समझने और भारत–आसियान संबंधों को गहराई देने के उद्देश्य से यह भ्रमण किया। प्रतिनिधियों ने सांची के महान स्तूप, अशोक स्तंभ, तोरण द्वारों और पुरातात्विक संग्रहालय का अवलोकन करते हुए इसकी कलात्मकता और संरक्षण कार्यों की सराहना की। पुरातत्व विशेषज्ञों ने उन्हें सांची के 2300 वर्ष पुराने इतिहास, मौर्य कालीन धरोहर, बौद्ध धर्म के प्रसार में इसकी भूमिका और दक्षिण–पूर्व एशिया से इसके ऐतिहासिक संबंधों के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सांची जैसे धरोहर स्थल भारत–आसियान सांस्कृतिक साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और भविष्य में पर्यटन, निवेश तथा सांस्कृतिक आदान–प्रदान के नए अवसर खोलते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे संरक्षण और पर्यटन विकास प्रयासों की भी सराहना की।  

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन

एक भारत, श्रेष्ठ भारत की अवधारणा पर मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की झांकियां बनीं आकर्षण 21 नवंबर को मध्यप्रदेश दिवस समारोह भोपाल  अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन प्रगति मैदान दिल्ली में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में किए जा सकते हैं। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले मेला में मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की अद्भुत झांकी, एक जिला-एक उत्पाद और परम्परागत कलाकृतियों ने आगंतुकों को आकृषित किया है। मंडप में आगामी 21 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश दिवस भी मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश मण्डप 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में मध्यप्रदेश मण्डप ग्वालियर किला के रूप में तैयार किया गया है तथा मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर मुरैना के दर्शन होते है। मण्डप को मेले की थीम एक भारत, श्रेष्ठ भारत के अनुरूप सजाया गया है। गौरतलब है कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होने भारत वर्ष की नामी गिरामी इमारतों के डिजायन बुलवाये थे जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही उन्होने भारतीय संसद के भवन का निर्माण कराया था। इस स्थान पर सभी देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण करने के लिए आते हैं। जिससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत होती है। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहार खजुराहों, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक माहोत्सव, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया है। इन उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री भी हो रही है। राज्य शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी है। मण्डप में सिंहस्थ 2028 की तैयारी को भी स्थान दिया गया है। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा का संजीव प्रदर्शन हो रहा है। स्टार्ट-अप भी अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ विकय भी कर रहे हैं। मध्यप्रदेश मण्डप, निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित करता है। मण्डप जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित कर रहा है वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संदेश भी दे रहा है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक साफ देखी जा सकती है। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि एतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है। एक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने विगत वर्ष मध्यप्रदेश को दुनिया के टॉप 10 टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल किया जो गौरव का विषय है। इस सन्दर्भ का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 25 दिसम्बर को खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती कार्यक्रम में किया गया था। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विगत 43 वर्षों से इस मेले में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य किया जा रहा है। इस मेले में विगत दो वर्षों से निरन्तर मध्यप्रदेश राज्य को विषयांतर्गत प्रस्तुति के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। मेला में राज्य दिवस समारोह 21 नवम्बर को मनाया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं विशेष अतिथि के रूप में मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम श्री चेतन्य कुमार काश्यप के शामिल होना प्रस्तावित है। इस समारोह के अंत में मध्यप्रदेश राज्य के सांस्कृतिक कार्यकम बघेली लोक गायन, मटकी एवं पनिहारी लोक नृत्य होगा। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला प्रत्येक वर्ष प्रगति मैदान, नई दिल्ली में दिनांक 14-27 नवम्बर के मध्य भारत व्यापार संवर्धन सगंठन (ITPO) के द्वारा आयोजित किया जाता है। इस वर्ष मेले का यह 44 वों संस्करण है। इस मेले में विभिन्न राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अलावा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा भाग लिया जाता है। आम नागरिकों के लाभ के लिए राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा व्यापार, उद्योग एवं सेवाओं को बढावा देने का यह मेला एक मंच है। इससे "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की थीम के अनुरूप भारत के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में रहने वाले विविध संस्कृति के लोगों के बीच सक्रिय रूप से सम्पर्क, आपसी समझ और जुड़ाव को बढावा मिलेगा तथा भारत की एकता एवं अखण्डता मजबूत होगी। इससे स्वदेशीय वस्तुओं के निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन, निवेश को बढावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होगी तथा उसे वैश्विक रूप प्राप्त होगा।  

मध्यप्रदेश: SIR सर्वे करने गई टीम पर हिंसक हमला, पत्थरबाज़ी में नायब तहसीलदार घायल, दो गिरफ्तार

रतलाम सैलाना विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) कार्य का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासनिक टीम पर अज्ञात बदमाशों ने पत्थरों से हमला कर दिया। घटना रावटी थाना क्षेत्र के जुलवानिया पंचायत के अधरशिला गांव हुई। हमले में नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत और बीएलओ विक्रम सिंह राठौड़ घायल हुए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सूचना के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों की पहचान कर दो आरोपितों ग्राम उमर निवासी 28 वर्षीय सायसिंह पुत्र रायसिंह गामड और ढोल फंटा ग्राम उमर निवासी 55 वर्षीय बापू ताड़ पुत्र बज्या ताड़ को गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपित 31 वर्षीय शोकसिंह पुत्र रायसिंह गामड़ की तलाश पुलिस के रही है।   नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत के साथ गए पटवारी बाबूलाल मुनिया ने बताया कि वे अधरशिला गांव की नहर पुलिया के पास बीएलओ विक्रमसिंह और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से एसआईआर कार्य की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन लोग, जो नशे की हालत में थे, मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने टीम से पूछा कि रोड पर क्यों खड़े हो और पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण, आरोपितों की जारी है तलाश सूचना मिलते ही रावटी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को पहले रावटी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें मेडिकल कालेज भेजा गया। सैलाना एसडीएम तरुण कुमार जैन ने बताया कि नायब तहसीलदार और बीएलओ निर्वाचन संबंधी एसआईआर कार्य के निरीक्षण पर गए थे। वहीं तीन शरारती तत्वों ने बिना किसी कारण हमला कर दिया। दोनों अधिकारियों को चोटें आई हैं। पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया होटल द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस का शुभारंभ

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश को दी वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की सौगात भारत में चिन्हित की गई 17 आइकोनिक सिटीज में खजुराहो भी शामिल राजगढ़ पैलेस होटल के जरिए स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। खजुराहो में एयरपोर्ट तो पहले से है ही, अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से खजुराहो नई वंदे भारत ट्रेन की सौगात दे दी है, जिससे बुंदेलखंड की शान मतंगेश्वर महादेव सीधे काशी विश्वनाथ से जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटकों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए नई पीएमश्री हेली टूरिस्ट सर्विस शुरू की है। इसके अलावा प्रदेशवासियों को इंटर स्टेट हवाई सेवा और एयर एंबुलेंस की सुविधा भी मिल रही है। पर्यटक इन सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में 526 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। बीते साल 13 करोड़ 41 लाख से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश की धरती पर आए। हमारी पर्यटन प्रोत्साहन योजनाओं के कारण भविष्य में यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को खजुराहो में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने खजुराहो में 'होटल द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस' का दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर ओबेरॉय ग्रुप के स्वामी श्री अर्जुन ओबेरॉय ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो का ईश्वर का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। ओबेरॉय ग्रुप के राजगढ़ पैलेस होटल के माध्यम से आज खजुराहो समृद्धि के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार बुंदेलखंड के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। खजुराहो की प्राचीनतम स्थापत्य कला को देखने के लिए पूरी दुनिया खिंची चली आती है। खजुराहो महाराजा छत्रसाल की राजधानी रही है। बुंदेलखंड में आल्हा-ऊदल की वीरता की कहानियां जोश से भर देती हैं। यहां 70 एकड़ में यह भव्य होटल बनकर तैयार हुआ है, जिससे पर्यटकों को तो लग्जरियस फेसिलिटी मिलेगी ही, स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। क्षेत्रीय सांसद श्री वीडी शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। खजुराहो एक विश्व धरोहर है, यहां रोजाना दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में 17 आइकोनिक सिटी चिह्नित की हैं, इनमें खजुराहो भी शामिल है। यहां नजदीक ही पन्ना टाइगर रिजर्व को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने खजुराहो को हवाई सेवा के साथ सुपरफॉस्ट ट्रेन वंदे भारत की रेगुलर कनेक्टिविटी भी दे दी है। पन्ना में हीरे तो मिलते ही हैं, भविष्य में राजगढ़ पैलेस 'होटल इंडस्ट्री का डायमंड' बनकर उभरेगा। राजगढ़ पैलेस की भव्यता की जानकारी देते हुए श्री अर्जुन ओबेरॉय ने बताया कि मध्यप्रदेश अतुलनीय पर्यटन संभावनाओं और संस्कृति का केंद्र है। राजगढ़ पैलेस के डिजाइन और रूप आगंतुकों को मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने का मौका देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजगढ़ पैलेस पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश का गेट-वे बनेगा। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, विधायक श्री अरविंद पटेरिया, विधायक श्रीमती ललिता यादव, विधायक श्री राजेश शुक्ला, विधायक श्री कामाख्या प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विद्या अग्निहोत्री, अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, डी आईजी विजय खत्री, कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ओबेरॉय ग्रुप के स्टॉफ मेंबर्स उपस्थित रहे।