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मध्य प्रदेश में भावांतर योजना के तहत सागर की मंडियों में सोयाबीन खरीदी, CCTV से होगी मॉनिटरिंग

सागर   मध्य प्रदेश में सोयाबीन की खरीदी भावांतर योजना के तहत किया जाना है. पहली बार भावांतर योजना से सोयाबीन की खरीदी को लेकर किसानों के मन में तरह-तरह की आशंकाएं हैं. इन सब आशंकाओं को ध्यान रखते हुए कलेक्टर संदीप जी आर ने जिले की सभी कृषि मंडियों में तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्मार्ट सिटी के सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनीटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को तत्काल सीसीटीवी लगाने को कहा. गड़बड़ी करने वालों पर सख्त होगी कार्यवाही भावांतर योजना के तहत पहली बार सोयाबीन की खरीदी हो रही है. जिसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और आशंकाएं किसानों ने समय-समय पर कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखी. इन बातों को ध्यान रखते हुए कलेक्टर संदीप जी आर ने कहा है कि, ''किसानों की सुविधा के लिए भावांतर योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है. योजना के तहत किसानों को कोई समस्या का सामना न करना पड़े और समय पर सोयाबीन का खरीदी के साथ सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सके, इसके लिए सभी कृषि मंडियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं. जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रहे और गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.'' किसान सोयाबीन लेकर मंडी आएं कलेक्टर संदीप जी आर ने किसानों से अपील की है कि, वह अपने सोयाबीन की उपज को बेंचने के लिए कृषि उपज मंडियों में पहुंचे और भावांतर योजना के अंतर्गत फसल बेंचे. समय-समय पर किसानों ने अपनी आशंकाओं और समस्याओं के बारे में बताया था. जिनको लेकर तमाम तरह की व्यवस्थाएं करने की कोशिश की है. पात्र किसानों ने पंजीयन कराये जाने के बाद भावांतर योजना के माध्यम से खरीदी शुरू हो चुकी है. किसान मंडी में अपना पंजीयन क्रमांक, आधार क्रमांक लेकर आए. क्या है भावांतर योजना मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए भावांतर योजना शुरू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके उत्पाद, खासकर सोयाबीन, का सही मूल्य मिले. केंद्र सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹5328 प्रति क्विंटल तय किया है. यानी किसानों को उनकी उपज का इतना दाम तो निश्चित रूप से मिलेगा ही. अब तक 61,970 किसान इस योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. पहले सरकार गेहूं और अन्य फसलों के किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयास कर चुकी है, और अब विशेष ध्यान सोयाबीन उत्पादक किसानों पर दिया जा रहा है ताकि उन्हें बाजार में उचित लाभ मिल सके.

6 नवंबर से बदलेंगे इंदौर के चेकिंग पॉइंट, पुलिस एक्शन में पेश करेगी बॉडी कैमरा और POS मशीन

इंदौर प्रदेश भर में इस सप्ताह से हेलमेट जागरूकता और यातायात नियमों के पालन को लेकर 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में, इंदौर यातायात पुलिस ने हेलमेट के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक बाइक रैली का आयोजन किया। 5 नवंबर तक चलने वाले इस जागरूकता अभियान के बाद, 6 नवंबर से नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त रुख अपनाएगी। पुलिस अधिकारियों ने खुद संभाली कमान अभियान के तहत इंदौर में एक हेलमेट बाइक रैली निकाली गई, जो पलासिया से शुरू होकर रीगल होते हुए राजबाड़ा पहुंची और फिर पलासिया लौट आई। इस रैली में प्रभारी डीसीपी यातायात आनंद कलादगी, एडिशनल डीसीपी पश्चिम संतोषकुमार कौल, एडिशनल डीसीपी पूर्व नरेश अन्नोटिया, एसीपी जोन 2 मनोजकुमार खत्री समेत कई थाना प्रभारी, निरीक्षक, सूबेदार और आरक्षक शामिल हुए। अधिकारियों ने खुद बाइक चलाकर और बैनर-पोस्टर दिखाकर दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों से नियम पालन की अपील की। 5 नवंबर तक जागरूकता, फिर सख्ती सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (PTRI) ने यह अभियान शुरू किया है। 5 नवंबर तक शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजार जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस दौरान सीएसआर एक्टिविटी के जरिए मुफ्त हेलमेट वितरण भी किया जा सकता है। 6 नवंबर से नई व्यवस्था: पुलिसकर्मी भी होंगे जिम्मेदार जागरूकता अभियान खत्म होने के बाद 6 नवंबर से सख्त चेकिंग की जाएगी और इसके लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं: * चेकिंग पॉइंट पर पर्याप्त स्टॉपर रखे जाएंगे। * पारदर्शिता के लिए चेकिंग टीम बॉडी वॉर्न और वेब कैमरों से लैस होगी। * सभी चालान पीओएस (POS) मशीन के जरिए बनाए जाएंगे। * नियमित रूप से नियम तोड़ने वाले चालकों का लाइसेंस अमान्य करने के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजे जाएंगे। * यदि चेकिंग के दौरान कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाले वाहन चालक को बिना कार्रवाई के छोड़ता है, तो इसके लिए उक्त पुलिसकर्मी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। * हर दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट गूगल शीट के जरिए पीटीआरआई को भेजनी होगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- विकास के हर क्षेत्र आगे बढ़ रहा जनजातीय समुदाय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय की समृद्धि के लिए संकल्पित है। सरकार के रणनीतिक प्रयासों से विकास के हर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय आगे बढ़ रहा है। जनजातीय कल्याण की योजनाओं के लिए बजट बढ़ाकर 47 हजार 295 करोड़ किया गया है जो पिछले वर्ष से 6,491 करोड़ रूपये ज्यादा है। सरकार के सतत् प्रयासों से मध्यप्रदेश आज जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदायों को आर्थिक विकास के भरपूर अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ-सबका विकास' दर्शन अपनाते हुए जनजातीय समुदायों योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष रूप से पिछ़डी और कमजोर जनजातियों (पीवीटीजी) के समग्र विकास और कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कई ऐतिहासिक प्रयास और नवाचार किए हैं। जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर को गुणवत्तापूर्ण बनाने और देशज संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए समर्पित प्रयास किए गए हैं। परिणामस्वरूप जनजातीय समुदाय को न केवल अपने अधिकार मिले हैं, बल्कि संस्कृति की भी रक्षा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा के लोकव्यापीकरण के जरिए जनजातीय युवाओं को चयन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए आजीविका के नए-नए विकल्प और जरूरी साधन भी दिए जा रहे हैं। आदि संस्कृति को आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है। जनजातीय समुदायों के जन, जल, जंगल, जमीन और वन्यप्राणियों की नैसर्गिक सुरक्षा के अधिकार से लेकर वन अधिकार पत्र और इनकी आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण के लिए भी सरकार ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है। पेसा नियमों से सशक्त हुई ग्राम सभाएं मध्यप्रदेश में पेसा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जनजातीय ग्राम सभाओं को अपने जैविक संसाधनों, भूमि, जल, वन और पारम्परिक व्यवस्थाओं पर अधिकार प्राप्त हुए हैं। अब ग्राम सभाएं विकास योजनाओं में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, जिससे जनजातीय अंचलों में स्वशासन की दिशा में एक सशक्त आधार स्थापित हुआ है। वे अपने गांवों की विकास योजनाएं खुद बना रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का बढ़ा पारिश्रमिक जनजातीय समुदाय की आजीविका से जुड़े लाखों तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाकर अब 4,000 रुपये प्रति मानक बोरी कर दिया गया है। इस निर्णय से संग्राहकों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। तेंदू पत्ता व्यापार बढ़ने से उन्हें लाभ हुआ है। ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा’ योजनाओं से विकास को गति प्रदेश में प्रधानमंत्री जन-मन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष जैसी योजनाओं के अंतर्गत 68 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। साथ ही, जनजातीय अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराने के लिये 21 जिलों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) प्रारंभ की गई हैं। सिकलसेल उन्मूलन मिशन का विस्तार मध्यप्रदेश में सिकलसेल हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में लागू किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से प्रदेश में हाल ही में एक करोड़वां सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग कार्ड वितरण का ऐतिहासिक क्षण भी दर्ज हुआ है। शिक्षा एवं छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय कार्य जनजातीय वर्ग के सभी विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए इन्हें छात्रवृत्ति देने की अवधि साल में 10 माह से बढ़ाकर अब पूरे 12 माह कर दी गई है। उनके छात्रावासों को सुविधा संपन्न बनाया गया है।जनजातीय वीर नायकों की शौर्य कथाएं और गौरवगाथाएं स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी की जीवनी अब विद्यालयीन शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगी। प्रदेश के सभी जनजातीय कन्या आवासीय शिक्षा परिसरों को अब ‘माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर’ नाम दिया गया है। यह जनजातियों को सम्मान देने का एक अनूठा उदाहरण है। आंगनवाड़ी भवन निर्माण में म.प्र. अव्वल ‘पीएम जन-मन कार्यक्रम’ अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों (बैगा, भारिया, सहरिया) को अत्यधिक लाभ मिला है। इससे पीवीटीजी परिवारों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में उत्तरोत्तर सुधार देखा जा रहा है। सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना राज्य सरकार द्वारा जनजातीय गौरव और पहचान को सम्मान देने के लिए अलीराजपुर जिले का नाम परिवर्तित कर अब ‘आलीराजपुर’ कर दिया गया है। यह निर्णय जनजातीय वर्ग की अस्मिता के सम्मान और इनके सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।  

उप मुख्यमंत्री ने आचार्य आश्रम नयागांव में किया छात्रावास भवन का शिलान्यास

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने चित्रकूट में नयागांव आचार्य आश्रम में श्री बलराम दैसिक संस्कृत विद्यालय द्वारा संचालित छात्रावास के नवीन भवन का शिलान्यास किया। प्रियंबदा बिरला वैदिक एवं संस्कृत विद्यापीठ द्वारा संचालित छात्रावास के निर्माण के लिए लगभग 1 करोड रूपये से अधिक राशि का सहयोग बिरला कार्पोरेशन और विंध्या टेली लिमिटेड द्वारा किया गया है। इस अवसर पर चित्रकूट आचार्य आश्रम के श्री बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज, प्रयागराज के श्रीराम सुमनदास जी महाराज, पूर्व विधायक सेमरिया केपी त्रिपाठी, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, बालेन्द्र गौतम, प्रबल राव श्रीवास्तव, बीटीएल के रमेश सिंह, प्रधानाचार्य वेद विद्यालय सुनील शास्त्री भी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आचार्य आश्रम परिसर में स्थापित प्रियबंदा बिरला वैदिक एवं संस्कृत विद्यापीठ के छात्रावास का विधि-विधान से भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में मानव जीवन के पावन कर्तव्यों को पूरा करने में मार्गदर्शन देने के लिए संत और ऋषि परंपरा प्राचीन काल से रही है। उन्होंने कहा कि रीवा में रामानुज संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रयास किये गये हैं। ताकि विंध्य क्षेत्र के संस्कृत विद्यालयों से निकलने वाले 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की शिक्षा ग्रहण कर सके। उन्होंने बिडला और बीटीएल को क्षेत्र में औद्योगिक क्रान्ति के साथ आध्यात्मिक और धर्म के कार्यो में सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया। आचार्य आश्रम श्रीबद्री प्रपन्नाचार्य ने अपने आर्शीवचनों में कहा कि पूर्व काल से ही चित्रकूट अत्रि मुनि की तपस्या स्थली रही है। जहां भगवान श्रीराम ने अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आयु अवधि चित्रकूट में बिताई। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से चरित्र का पाठ सीखने की लालसा लेकर लोग चित्रकूट आते हैं।  

उप मुख्यमंत्री ने किया मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत लग रहे शिविरों का लिया जायजा भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शनिवार को सतना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत प्रदेश के सभी सामुदायिक केन्द्रों में प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को लग रहे स्वास्थ्य जांच शिविरों की गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के विभिन्न वार्डो, आपरेशन थियेटर, पैथालॉजी, प्रसूति वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों को दी जारी उपचार सेवायें, जांच सुविधाओं और साफ-सफाई का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां के ओपीडी, आयुष्मान कक्ष, चिकित्सक कक्ष, रसोई, प्रतीक्षा कक्ष, प्रसूति वार्ड, नेत्र परीक्षण कक्ष, जनरल भर्ती वार्ड, टू्र नॉट प्रयोगशाला में डीएन एक्सटेक्शन मशीन, पैथालॉजी में सैम्पलिंग और जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं और विकासखण्ड मझगवां की स्वास्थ्य केन्द्र संस्थाओं में दी जा रही सुविधाओं और उपचार सेवाओं की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत सभी सामुदायिक केन्द्रों में प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को लगाये जा रहे शिविरों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करे तथा इसका बेहतर प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ दिलायें। स्वास्थ्य मंत्री ने टेली मेडीसिन के संबंध में जानकारी ली और सेटअप जमा कर इसकी निगरानी भी करने के निर्देश दिये।  

डॉ. खेमरिया बने दिव्यांगजन आयुक्त

भोपाल  राज्य शासन ने शिवपुरी में दिव्यांगजनों के लिए संचालित मंगलम संस्था के संचालक डॉ. अजय खेमरिया को मप्र का दिव्यांगजन आयुक्त नियुक्त किया है। डॉ. खेमरिया का पद राज्य सरकार के सचिव के समकक्ष रहेगा। आयुक्त का कार्यालय दिव्यांगजन न्यायालय के रूप में कार्य करता है एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रवर्तन का कार्य करता है। डॉ. खेमरिया का चयन तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय सर्च कमेटी की अनुशंसा पर शासन द्वारा किया गया है। डॉ. खेमरिया वर्तमान में मंगलम संस्था के संचालक भी हैं। इससे पूर्व वे, नागरिक सहकारी बैंक, पीजी कॉलेज प्रबंधन समिति के साथ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य रहे हैं। 

नगरीय निकायों के पेंशनर्स को भी राज्य शासन के पेंशनर्स के समान मंहगाई राहत

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को राज्य शासन के पेंशनरों के समान महंगाई राहत का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने आदेश जारी किये हैं। आदेश के अनुसार अब नगरीय निकायों के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को 1 सितम्बर 2025 से देय महंगाई राहत सातवें वेतनमान में 55 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान में 252 प्रतिशत की दर से प्राप्त होगा। राज्य शासन के इस निर्णय से नगरीय निकायों के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को प्रभावी राहत मिलेगी तथा उन्हें राज्य शासन के पेंशनरों के समान आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं ताकि पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत का लाभ मिल सके।  

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा परंपरा को संजोये हुए है सांदीपनि विद्यालय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर परिणाम परिलक्षित हो रहे हैं। उन्होंने यह निर्णय भगवान श्रीकृष्ण के गुरू आचार्य सांदीपनि के सम्मान में लिया है। उच्च गुणवत्ता शिक्षा, अनुशासन और बेहतर शिक्षण शोध के संगम से सांदीपनि विद्यालय एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गए हैं। नीमच जिले के उपखण्ड मुख्यालय मनासा का सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है, जिससे यह विद्यालय क्षेत्र में एक आदर्श शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इस विद्यालय ने शिक्षा के साथ ही अनुशासन संस्कार और आधुनिक तकनीकी शिक्षण में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की है। सांदीपनि  स्कूल के नवाचार घर से विद्यालय तक के नवाचार सभी कक्षाओं के लिए सुबह उठने के बाद माता-पिता के चरण स्पर्श करने, विद्यालय आते समय दादा-दादी, नाना-नानी या जो भी बड़े हों, उनका आशीर्वाद लेने जैसे संस्कार विद्यालय को अनूठा बना रहे हैं। बस के लिए अनुशासन में खड़े रहने, बस में अनुशासन से चढ़ने व बैठने, विद्यालय पहुंचते ही पंक्तिबद्ध होकर उतरने,विद्यालय की दहलीज को नमन करने, गुरुजनों को नमन करने, मां सरस्वती को नमन करना, अपने पगवेश (जूते) पंक्तिबद्ध तरीके से रखने, प्रार्थना सभा के लिए पंक्तिबद्ध होकर आने, कॉरिडोर में हमेशा हाथ बांधकर चलने, प्रार्थना सभा में सक्रिय सहभागिता करने, प्रार्थना सभा समाप्त होने पर मौन होकर कक्षा में जाने जैसे अनुशासन ने इस विद्यालय को उच्च संस्कार से सुशोभित किया है। कक्षा के प्रवेश द्वार पर कक्षा अध्यापक का आशीर्वाद एवं अनुमति लेकर प्रवेश करने, विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए कक्षा के नियमों का पालन करने, कक्षा की शुरुआत संस्कारों की बातों से करने,सभी विषयों का गहन अध्ययन करने, भोजन से पहले हाथ धोने, भोजन प्रार्थना एक स्वर में बोलने, थाली में झूठा भोजन न छोड़ने और न नीचे गिराने,एक साथ भोजन करने और भोजन के बाद अपनी थाली उठाने, छुट्टी समय पंक्तिबद्ध होकर कक्षा से बाहर आने,कक्षा की लाइट व पंखे बंद करने, रूट नंबर के अनुसार लाइन बनाने एवं अनुशासन से बस में बैठने सम्बधी नवाचार किए जा रहे है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश मेरिट सूची में आने पर विद्यार्थी के नाम से कक्षा का नामकरण किया जा रहा है। एक दिन का प्राचार्य विद्यालय में कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं अर्द्धवार्षिक परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त तीन विद्यार्थियों को “एक दिन का प्राचार्य” बनाया जाता है। ऑनलाइन टेस्ट-सीरीज के माध्यम से विषय सामग्री को सरल और रोचक बनाया गया है।, जिससे विद्यार्थी बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि में विचारशील व कर्मशील व्यक्तियों का सम्मान किया जाता है। ताकि विद्यार्थियों को प्रेरणा मिल सके।  उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को एक दिवस का प्राचार्य बनाया जाता है, जिससे उनमें नेतृत्व व प्रबंधन कौशल का विकास हो सके। सर्वसुविधा युक्त विद्यालय विद्यालय में चार मंज़िला भव्य इमारत निर्मित है। भवन सर्वसुविधा युक्त एवं आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप है। संपूर्ण विद्यालय परिसर में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सभी गतिविधियों पर सुरक्षा गार्ड एवं कैमरों की निगरानी रहती है। विद्यार्थियों के लिए बड़ा खेल मैदान उपलब्ध है। विद्यालय परिसर में बगीचा एवं बाल-बगीचा बच्चों के मनोरंजन व विकास हेतु बनाया गया है। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है। साफ-सुथरे सुविधा घर उपलब्ध हैं। पूरा विद्यालय भवन वातावरणानुकूल बनाया गया है जिससे विद्यार्थियों को स्वस्थ व सुखद वातावरण मिल रहा है। प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों के लिए सुंदर व आरामदायक फर्नीचर उपलब्ध है। शासन द्वारा सांदीपनि विद्यालय में  विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की व्यवस्था की गई है। 17 बसों से 1220 विद्यार्थी दूरस्थ क्षेत्रों से आसानी से विद्यालय पहुँच रहे हैं। यह सुविधा पूर्णतः निशुल्क है और सभी बसों में ड्राइवर पुरुष है और कंडक्टर महिलाएं हैं। विषय विशेषज्ञ अनुभवी शिक्षक विद्यालय में सभी विषयों के लिए विषय विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक हैं, जिनकी कुल संख्या 56 है। प्रत्येक विषय में बच्चों को स्मार्ट बोर्ड, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी और प्रयोगशालाओं के माध्यम से आधुनिक शिक्षा दी जाती है जिसमें संगीत एवं खेलकूद एवं व्यायाम शिक्षकों द्वारा भी विद्यार्थियों को दक्षता प्रदान की जा रही है गुणात्मक एवं मात्रात्मक दृष्टिकोण से परीक्षा परिणाम श्रेष्ठतम आ रहे हैं। विद्यालय में भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान की लेब सर्व संसाधनों से युक्त है जिसका लाभ विद्यार्थी ले रहे है और अपने कौशल विकास मे प्रमुख परफॉर्मेंस प्रदर्शित कर रहे हैं । केमिस्ट्री लैब: नवीनतम उपकरणों के साथ रासायनिक प्रयोग की सुविधा है। फिजिक्स लैब से सिद्धांतों को व्यवहार में समझने का अवसर उपलब्ध हो रहा है। बायोलॉजी लैब जीवन विज्ञान से जुड़े प्रयोगों और अध्ययन के लिए संसाधन उपलब्ध है। आईटी विषय में विद्यालय में 172 विद्यार्थी नामांकित है विद्यार्थी सूचना प्रौद्योगिकी लैब के माध्यम से कौशल विकास पर कार्य कर रहे हैं  नेटवर्किंग एनालिसिस प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम तकनीकी ज्ञान और इलेक्ट्रॉनिक प्रयोगों के लिए विशेष लैब की सुविधा भी इस विद्यालय मे उपलब्ध है। इस विषय मे वर्तमान में 139 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को सर्किट प्रोटेक्शन, पीसीबी डिजाइनिंग, रोबोटिक तकनीक, एम्बेडेड सिस्टम, माइक्रोप्रोसेसिंग एवं माइक्रोकंट्रोलिंग, और आधुनिक विकासात्मक प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने की जानकारी दी जा रही है। विद्यालय में जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान हेतु संसद लैब स्थापित की गई है। यहाँ विद्यार्थी विभिन्न विषयों पर तकनीकी अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थी स्वयं प्रयोग कर रहे हैं और विज्ञान की गहराई को समझते हुए अपने कौशल को विकसित कर रहे हैं। जिले में 9 विद्यार्थियों का चयन। विशेष मॉडल प्रस्तुति: होनहार विद्यार्थी लकी राज ने “स्वचालित कपड़ा संरक्षण प्रणाली” तैयार की। डिजिटल और इंटरएक्टिव शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया गया है। विद्यालय में सुसज्जित पुस्तकालय है जिसमें 100 बच्चों की बैठक व्यवस्था है। पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रेरणादायक साहित्य और ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध हैं। संदीपनी विद्यालय में दो छात्रावास संचालित है। दूरदराज़ से आने वाले विद्यार्थियों के लिए 100 सीटर बालिका हॉस्टल और 100 सीटर बालक हॉस्टल है। सुरक्षित, अनुशासित और घर जैसे वातारण में बच्चे,योग कक्षाओं और संस्कारी गतिविधियों के माध्यम से सर्वांगीण विकास कर रहा है।  

भोपाल में राज्य स्तरीय कला उत्सव का रंगारंग समापन

स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग का राज्य स्तरीय कला उत्सव का रंगारंग समापन भोपाल में शनिवार को हुआ। राजधानी भोपाल स्थित वाल्मी संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव में स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कला उत्सव में प्रदेश के विभिन्न संभागों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गायन, वादन, नृत्य, लोकगीत, लोकनृत्य, नाटक, कहानी वाचन, मूर्तिकला, चित्रकला एवं स्थानीय शिल्प जैसी 12 श्रेणियों में अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अपनी कला प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में अपर परियोजना संचालक श्रीमती मनीषा सेतिया ने विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं और पुरस्कार वितरित किये। कला उत्सव का उद्देश्य स्कूल विद्यार्थियों में भारतीय कला परंपरा की समझ विकसित करना तथा उनके सर्वांगीण विकास में कला की भूमिका को सशक्त बनाना है। प्रतियोगिता परिणाम संगीत वादन – तबला: भोपाल संभाग के आश्रय जायसवाल प्रथम, उज्जैन की गीत अखंड द्वितीय एवं रीवा के श्लोक तिवारी तृतीय स्थान पर रहीं। संगीत वादन स्वर – सागर संभाग के एकांश भट्ट को प्रथम, भोपाल के अंश पाटीदार को द्वितीय तथा शहडोल के अनमोल केवट को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। लोक वाद्य समूह – वादन में भोपाल के लक्ष्मण नारायण एवं समूह प्रथम, उज्जैन के सत्यम पाटीदार एवं समूह द्वितीय, नर्मदापुरम के कपिल परिहार एवं समूह तृतीय स्थान पर रहे। कहानी वाचन : ग्वालियर संभाग प्रथम, जबलपुर द्वितीय एवं भोपाल तृतीय स्थान पर रहा। नाटक वर्ग में ग्वालियर संभाग ने रानी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नाटिका को प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आधारित नाटिका पर जबलपुर को द्वितीय एवं रानी दुर्गावती पर आधारित नाटिका की प्रस्तुति पर भोपाल संभाग तृतीय रहा। लोकनृत्य में भोपाल संभाग प्रथम, सागर संभाग द्वितीय (बधाई लोकनृत्य) एवं ग्वालियर संभाग तृतीय (धीमीराई लोकनृत्य) स्थान पर रहा। शास्त्रीय नृत्य (एकल) : इंदौर की तपस्या त्रिपाठी प्रथम, जबलपुर की अवनी अग्रवाल द्वितीय एवं रीवा की प्रांजल जोशी तृतीय रहीं। कला उत्सव में शास्त्रीय गायन : एकल में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रीवा के सृजन मिश्रा प्रथम, ग्वालियर की भारती यादव द्वितीय एवं भोपाल के कुणाल ठाकुर तृतीय स्थान पर रहे। स्थानीय शिल्प में शासकीय श्रमोदय विद्यालय जबलपुर के साहिल नाथ एवं दिव्यांशी पांडे को प्रथम, नर्मदापुरम के स्नेह एवं राहुल को द्वितीय स्थान मिला। मूर्तिकला में श्रमोदय विद्यालय जबलपुर के दिनेश विश्वकर्मा को प्रथम, भोपाल की रेचल गौर को द्वितीय एवं नर्मदापुरम के सत्यम नामदेव को तृतीय पुरस्कार मिला। चित्रकला में भोपाल की विदिका जैन प्रथम, ग्वालियर के प्रतीक बलिया द्वितीय एवं जबलपुर की कशिश मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं। राष्ट्रीय स्तर पर चयन राज्य स्तरीय कला उत्सव में चयनित सभी प्रतिभागी आगामी 15 नवंबर को पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 से एनसीईआरटी के सहयोग से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय कला परंपरा को सजीव रखना, विद्यार्थियों में एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को विकसित करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और विरासत से जोड़ना है।  

शहडोल में दिल दहला देने वाली घटना: भाईयों की बेरहमी से पिटाई, चीखों के बीच मौत

शहडोल जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र की केशवाही पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बलबहरा में 21 अक्टूबर की रात पुरुषोत्तम तिवारी के ऑटो पार्ट्स दुकान में हुए हमले के खौफनाक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। दरिंदों ने तीनों भाइयों को गाली दे-देकर बेरहमी से पीटा है। हमलावरों की संख्या दो दर्जन से अधिक है और मारपीट करते समय दो या तीन लोग पकड़े थे और बाकी बेरहमी से लाठियां भांज रहे थे। तीनों भाई जान बचाने के लिए चीख-चिला रहे थे, लेकिन दंरिदों का ह्दय थोड़ा भी नहीं पसीजा। पुलिस ने नौ लोगों को किया गिरफ्तार जब तक तीनों भाइयों को होश था, तब तक पीटते रहे। घटना में राकेश तिवारी (38)और राहुल तिवारी (30) की मौत हो गई है, जबकि बड़े बेटे सतीश तिवारी(42) का गंभीर हाल में बिलासपुर में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित अनुराग शर्मा के पिता सहित नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके एक साथी आरोपित को शनिवार को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार दो दर्जन से अधिक आरोपित इसमें शामिल हैं, जिनकी तलाश चल रही है।   आरोपित में मारपीट करने वालों के अलावा वे लोग भी शामिल हैं, जो इस हत्याकांड की योजना में सहभागी थी। अब तक की जांच में आए तथ्यों के अनुसार यह घटना योजनाबद्ध तरीके से की गई है। कई दिनों से रैकी की जा रही थी और कई लोग इसमें लगे थे, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इससे यह माना जाए कि पुलिस का सूचनातंत्र मर चुका है और यदि सूचना तंत्र मजबूत था तो फिर पुलिस की चूक के कारण इतनी बड़ी घटना हुई, जिससे शहडोल दागदार हो गया। चौकी प्रभारी की लापरवाही आई सामने पीड़ित पक्ष भी ऐसा ही आरोप लगा रहा है कि केशवाही चौकी प्रभारी की लापरवाही से ही यह घटना हुई है। घटना के भयानक वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और इससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। यह गुस्सा आरोपितों के प्रति तो है ही, लेकिन पुलिस भी इससे अछूती नहीं हैं। हत्या की घटना के दूसरे दिन केशवाही चौकी प्रभारी को लाइन अटैच कर उन्हें सुरक्षित कर दिया गया और इसके बाद बुढ़ार थाना प्रभारी को यातायात प्रभारी बना दिया गया। इस कार्रवाई में भी चार दिन लग गए हैं। वीडियो को देखने के बाद हर व्यक्ति इस घटना में बड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है। मुख्य आरोपित अनुराग शर्मा, नयन पाठक, धनेश शर्मा, नीलेश कुशवाहा, सचिन शर्मा, अखिलेश यादव, अंकित राय निवासी ओपीएम अमलाई और रवि चौधरी बलबहरा एवं एक नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपितों का किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। अब घटना की आगे की कार्रवाई नए थाना प्रभारी करेंगे।