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शेखावाटी को सर्दी से राहत, मौसम करवट लेने को तैयार, बारिश के संकेत

सीकर शेखावाटी क्षेत्र में पिछले करीब दो सप्ताह से कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, लेकिन अब लोगों को इस तेज ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में एक के बाद एक दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के कारण तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार सुबह शेखावाटी के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई। शेखावाटी के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल फतेहपुर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। इसके प्रभाव के चलते बारिश की संभावना बेहद कम है, हालांकि आगामी दो दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम का असर खत्म होने के बाद 22 जनवरी से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इस मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से 22 से 25 जनवरी के बीच शेखावाटी क्षेत्र और जयपुर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। बारिश के दौरान तापमान में खास उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ते ही मौसम साफ होने लगेगा और उत्तरी हवाओं का असर बढ़ेगा। मौसम साफ होते ही एक बार फिर शेखावाटी में सर्दी का असर तेज हो सकता है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मौजूदा वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर है, इसलिए इससे बारिश की संभावना कम है, लेकिन 22 से 25 जनवरी के बीच सक्रिय होने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश करा सकता है।  

जनजातीय छात्रों के सपनों को पंख: भजनलाल शर्मा सरकार में एकलव्य स्कूल बने शिक्षा की उम्मीद

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के सुदूर जनजाति अंचलों में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) शिक्षा, समरसता और सामाजिक सुरक्षा के क्षितिज पर सूरज की तरह चमक रहे हैं। राज्य के 31 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चे नीट, आईआईटी, जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, कंप्यूटर लैब, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे नवाचार जनजातीय बालक-बालिकाओं के सपनों में नए रंग भर रहे हैं। ईएमआरएस में पढ़ रहे 11 हजार 619 अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की रोशनी से जनजाति क्षेत्रों में हजारों घर-परिवार भी उम्मीदों से रोशन हैं। इनमें 6 हजार 710 बालक और 4 हजार 909 बालिकाएं शामिल हैं। अभावों में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आशंकित माता-पिता की आंखों में नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की चमक और चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक साफ देखी जा सकती है। राज्य के ईएमआरएस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की गारंटी का असर है कि सत्र 2024-25 में 9 हजार 999 बच्चों के मुकाबले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 1 हजार 620 अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले बच्चों की संख्या भी साल दर साल बढ़ी है। शिक्षा के साथ आवास, भोजन और किताबें भी निःशुल्क राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल सोसायटी द्वारा राज्य में संचालित सीबीएसई से संबद्ध 31 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल विद्यालयों में से नवीनतम 31वां विद्यालय जमवारामगढ़ (जयपुर) में जून 2025 से प्रारंभ किया गया है। सभी ईएमआरएस विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा 11 एवं 12 में विज्ञान और कला संकाय उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, पाठ्यपुस्तकें, आवास, भोजन, पौष्टिक आहार, जूते-मौजे सहित दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड वर्चुअल रिएलिटी, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, एग्रीकल्चर तथा ऑटोमोटिव स्किल लैब्स में इन विद्यालयों में संचालित की जा रही हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद और सह-शैक्षिक गतिविधियों पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य स्तरीय स्टेट स्पोर्ट्स मीट-2025 उदयपुर में से चयनित 154 विद्यार्थियों ने ओडिशा के राउरकेला में आयोजित नेशनल स्पोर्ट्स मीट-2025 में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए 9 इवेंट्स में पदक अर्जित किए। वहीं, राज्य स्तरीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक फेस्ट-2025 उदयपुर में से चयनित 59 विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक फेस्ट-2025 में भाग लिया। जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष व्यवस्था एकलव्य विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन देकर भविष्य के लिए सही दिशा भी दिखाई जाती है। इन विद्यालयों में कक्षा 9 से 11 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इनेबल कार्यक्रम के अंतर्गत टाटा मोटर्स के सहयोग से आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। दक्षणा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नेशनल लेवल परीक्षा में चयनित 12 विद्यार्थियों को भोपाल (मध्यप्रदेश) में आईआईटी, जेईई और नीट की विशेष कोचिंग दी जा रही है। ईएमआरएस बिहारीपुरा, जयपुर के छात्र मोहनलाल मीना, अनिकेश मीना और ईएमआरएस बरनाला, सवाईमाधोपुर की छात्रा राजकुमारी मीना ने नेशनल एलीजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) परीक्षा में चयनित होकर राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों से एमबीबीएस कर रहे हैं। ईएमआरएस से एमबीबीएस तक का सफर सवाईमाधोपुर जिले में बामनवास तहसील के बरनाला के पास एक गांव की रहने वाली राजकुमारी मीना के किसान पिता का सपना था कि उनकी बेटी बड़ी होकर डॉक्टर बने। राजकुमारी ने बताया कि उनके गांव में बायोलॉजी नहीं थी। सरकारी स्कूल से दसवीं में 93 फीसदी से उत्तीर्ण होने के बाद ईएमआरएस प्रवेश परीक्षा दी और ईएमआरएस बरनाला में उनको प्रवेश मिल गया। आज वे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, भावनगर में एमबीबीएस सैकंड ईयर की छात्रा हैं। राजकुमारी ने बताया कि हर कोई प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ सकता और न ही महंगी कोचिंग कर सकता। एमबीबीएस के बाद वे एमडी मेडिसिन करना चाहती हैं। राजकुमारी का छोटा भाई भी ईएमआरएस में पढ़ रहा है। इसी तरह ईएमआरएस बिहारीपुरा, जयपुर के छात्र अनिकेश मीना पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना जिले में डायमंड हार्बर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं। अनिकेश ने बताया कि वे करौली के नादौती के पास एक गांव के रहने वाले हैं। पिताजी किसान हैं। ईएमआरएस में छठी कक्षा में प्रवेश लेने के बाद से उनकी जिंदगी बदल गई। ईएमआरएस की बदौलत ही उन्हें नीट परीक्षा में सफलता मिली। अनिकेश कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। पिता गुजरात में हमाली करते हैं, बेटा पढ़ रहा डॉक्टरी जयपुर के बस्सी के पास के किशनपुरा गांव के रहने वाले मोहनलाल मीना के पिता गुजरात के सिद्धपुर में ईसबगोल की बोरियां उठाते हैं। मोहन ने बताया कि उन्होंने छठी कक्षा में ईएमआरएस में दाखिला लिया। ईएमआरएस में शिक्षकों ने ही उन्होंने बताया कि डॉक्टर कैसे बन सकते हैं। ईएमआरएस में रहकर ही नीट की तैयारी की और आज वे पंजाब के फरीदकोट में गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं। मोहन एमबीबीएस के बाद जनरल फिजिशियन बनना चाहते हैं।

पलक्कड़ में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का अनोखा अंदाज: कुर्सी नहीं, जमीन पर बैठक

जयपुर सत्ता या शक्ति का वास्तविक अर्थ केवल पद, कुर्सी या औपचारिक प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं होता—यह बात केरल के पलक्कड़ में आयोजित तपस्या गोल्डन जुबली इंटरनेशनल म्यूजिक फेस्टिवल में उस समय स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जब केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने परंपरागत औपचारिकताओं से अलग सादगी का मार्ग चुना।  अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त इस संगीत महोत्सव में, जहां आमतौर पर विशिष्ट अतिथियों के लिए मंच, विशेष आसन और कड़े प्रोटोकॉल की व्यवस्था होती है, वहीं मंत्री शेखावत ने इन सबसे दूरी बनाते हुए श्रोताओं के बीच जमीन पर बैठकर भारत के कालजयी भक्ति संगीत का रसास्वादन किया। उनके इस सहज और शांत व्यवहार ने न केवल उपस्थित श्रोताओं बल्कि कलाकारों का भी ध्यान आकर्षित किया।   महोत्सव में प्रस्तुत भक्ति संगीत भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की आत्मा को दर्शाता है—जहां सुर, साधना और समर्पण का संगम होता है। ऐसे वातावरण में मंत्री का जमीन पर बैठना केवल एक व्यक्तिगत चयन नहीं था, बल्कि यह एक गहरा सांस्कृतिक संदेश भी था। यह संकेत था कि संस्कृति को जीने के लिए पद या शक्ति की ऊंचाई आवश्यक नहीं, बल्कि विनम्रता और श्रद्धा ही उसका वास्तविक आधार है। गजेंद्र सिंह शेखावत का यह व्यवहार उस विचार को मजबूत करता है कि संस्कृति केवल मंच से प्रदर्शित करने की वस्तु नहीं, बल्कि उसे आत्मसात करने की प्रक्रिया है। बिना किसी चकाचौंध, बिना सुरक्षा घेरों और विशेष प्रोटोकॉल के, उन्होंने यह दिखाया कि नेतृत्व का वास्तविक स्वरूप सादगी, सम्मान और सहभागिता में निहित होता है। पलक्कड़ का यह दृश्य सोशल मीडिया और सांस्कृतिक हलकों में चर्चा का विषय बना, जहां कई लोगों ने इसे भारतीय परंपराओं के अनुरूप एक प्रेरक उदाहरण बताया। यह क्षण इस बात की याद दिलाता है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं संस्कृति के साथ समान स्तर पर जुड़ते हैं, तभी उसका संरक्षण और संवर्धन वास्तव में संभव होता है।  

अपराधियों पर प्रशासन का वार, कोटा में हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा का घर जमींदोज

कोटा कोटा के नामी हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा के घर आज बुलडोजर आ धमका। प्रशासन ने पहले ही उसके मकान को अवैध बताकर कुछ रोज पहले घर गिराने वाली नोटिस चिपका दी थी। आदिल का यह अवैध घर 225 गज में बना है जिसे अब गिराया जा रहा है। मौके पर भारपी पुलिस बल भी मौजूद रहा। हाल ही में अपने अपराध से खौफ पैदा करे चुके आदिल को पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ा था। इस कार्रवाई में उसके साथी भी चोटिल हुए थे।   कौन है आदिल मिर्जा? आदिल मिर्जा का यह घर कोटा के अमृतखेड़ी गांव में बना है। आलीशान घर पहले से अवैध घोषित है और बावड़ी श्रेणी की जमीन पर बना है। आदिल मिर्जा अपराध जगत में एक कुख्यात नाम है। इसके खिलाफ कुल 34 मामले दर्ज हैं। आदिल मूल रूप से सांगोद का निवासी है। नाबालिग होते ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले आदिल पर जानलेवा हमला करने, पुलिस पर फायरिंग, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, महामारी अधिनियम, दंगा, डकैती, चोरी, धार्मिक भावनाएं भड़काना और राज कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। सांगोद थाने में दर्ज इन मामलों के अलावा आदिल के खिलाफ मोडक, कनवास, नयापुरा और कैथूनीपोल थानों में भी केस दर्ज हैं। पहले ही बता दिया था होगी बुलडोजर वाली कार्रवाई आदिल और उसके तीन दोस्तों को बीते दिनों गिरफ्तार करने के बाद इस नामी हिस्ट्रीशीटर के संपत्तियों की जांच की गई जिसमें उसके इस अवैध मकान की बात सामने आई थी। सांगोद में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। नगर पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा सांगोद तहसीलदार जतिन दिनकर के अनुसार, अमृत खेड़ी गांव की एक जमीन, जो सरकारी रिकॉर्ड में 'बावड़ी' के नाम पर दर्ज है और नगर पालिका की संपत्ति है, उस पर अवैध रूप से मकान बनाया गया है। पुलिस और प्रशासन ने इस आलीशान घर पर नोटिस चिपका दिया था। आदिल को 3 दिन की मोहलत दी गई है कि वह खुद अपना अतिक्रमण हटा ले। अगर तय समय (नोटिस की मियाद) तक कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर देगा। पुलिस की जांच जारी थानाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अपराधी आदिल मिर्जा की सभी संपत्तियों की गहराई से जांच की जा रही है। इसी जांच के दौरान पता चला कि उसने सरकारी जमीन कब्जाकर अपना घर खड़ा किया है, जिस पर अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।  

राजस्थान सरकार ने औद्योगिक विकास का तैयार किया वार्षिक रोडमैप

जयपुर. राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026 के औद्योगिक विकास के लिए रोडमैप तैयार किया है। सरकार का फोकस बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नए स्तर पर ले जाने पर है, ताकि प्रदेश निवेशकों और उद्यमियों के लिए अधिक आकर्षक बन सके। इसमें जेपीएमआइए (जयपुर-मुंबई इंडस्ट्रियल एरिया) के विकास, डीएमआइसी के तहत दौसा और केबीएनआइआर जैसे दो नए नोड्स, भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क तथा किशनगढ़ में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जोन को विकसित करना शामिल है। इसके साथ ही इस वर्ष दौसा-बांदीकुई औद्योगिक क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब बनेगा जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र को पूर्ण इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित कर रही है। यह टाउनशिप लगभग 3600 हेक्टेयर भूमि में विकसित की जा रही है। योजना के तहत पहले चरण में 641 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभिक विकास कार्य शुरू कर दिया गया है। इस चरण में करीब 370 करोड़ की लागत से इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट होगा। दूसरे चरण में करीब 1100 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक विकास किया जाएगा। इस औद्योगिक टाउनशिप में राज्य का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी है। इसके जरिए परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा उद्योगों की लागत में कमी आएगी। उद्यमियों को प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि आवंटन शुरू करने की तैयारी कर ली है।

हस्तशिल्प भारतीय सभ्यता की आत्मा और अर्थव्यवस्था की शक्ति: शेखावत

जयपुर. एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट द्वारा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी उपस्थित रहे। शेखावत ने कहा कि भारत की शिल्प, काष्ठ एवं रंग कला हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता की जीवंत पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने में नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्पियों की रचनात्मकता पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित हुई है। यह कला न केवल कौशल का प्रतीक है, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ी सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति भी है। विविधताओं से समृद्ध है भारतीय कला जगत संस्कृति मंत्री ने कहा कि आज क्रिएटिव इकोनॉमी के विभिन्न आयामों में हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई पहचान मिली है। जहां कुछ देशों की कला सीमित शैलियों तक केंद्रित है, वहीं भारतीय हस्तशिल्प विविधताओं से परिपूर्ण और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। हस्तशिल्प उद्योग रोजगार और समावेशन का माध्यम शेखावत ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले क्षेत्रों में शामिल है। ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की ओर भारत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार हस्तशिल्प उद्योग सहित समस्त व्यापारिक क्षेत्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। संस्कृति मंत्री ने कहा कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन में सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी की भावना से कार्य कर रही है, ताकि कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में एपीसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश रावत, निर्मल भंडारी, हंसराज बाहेती, नरेश बोथरा सहित जनप्रतिनिधि एवं हस्तशिल्प उद्यमी उपस्थित रहे।

जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे- दिया कुमारी

जयपुर. कला जगत में शनिवार (17 जनवरी) का दिन बेहद खास रहा जब प्रदेश की उपमुख्यमंत्री  तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जवाहर कला केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में सुप्रसिद्ध जलरंग कलाकार डॉ. सुषमा महाजन के कला चित्रों से सुसज्जित तीन दिवसीय “मेलोडी ऑफ़ कलर्स”  एकल प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यहां प्रदर्शित डॉ. सुषमा महाजन की 60 जलरंग कृतियों को निहारने और उनका बारीकी से अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि "डॉ. सुषमा महाजन द्वारा तैयार ये कला कृतियां निश्चित ही उत्कृष्ट हैं, अद्भुत है। उन्होंने कहा कि "ये जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे हैं" उपमुख्यमंत्री दिया ने उत्कृष्ट कला कृतियों से अत्यंत प्रभावित भाव से कहा " डॉ. सुषमा द्वारा ये जल रंग कृतियां बहुत बारीकी से ऊकेरी गई हैं, जिनमें वाइब्रेन्ट रंग और उनकी कलात्मकता मानवीय संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। दिया कुमारी ने कहा कि डॉ. सुषमा महाजन वास्तव में जल रंग कला कृतियों की सिद्धस्त कलाकार हैं, वे इस वाटर कलर आर्ट की मास्टर हैं। जल रंग में महारथ रखने वाली डॉ सुषमा की यह कला देश-प्रदेश और समूचे सृजन जगत में नायाब है, जो देश और दुनिया में राजस्थान की कला संस्कृति के परचम को फहरा रही है। उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन 19 जनवरी तक कला प्रेमी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 7:30 बजे तक कर सकेंगे। इस प्रदर्शनी में लगभग 60 जलरंग कृतियां प्रदर्शित की गईं हैं। इनमें 22 नई कृतियां विशेष रूप से इस प्रदर्शनी के लिए तैयार की गई हैं। साथ ही, पेरिस, जयपुर और नई दिल्ली में पूर्व में प्रदर्शित चुनिंदा कृतियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया।

किसानों को हर क्षेत्र में उन्नत एवं खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर. प्रदेश में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026’ से पूर्व गिरदावर सर्किल स्तर पर 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीट में अधिक से अधिक कृषकों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और उन्हें धरातल पर विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ये शिविर महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।  शर्मा ने कहा कि किसानों के लिए बसंत पंचमी का विशेष महत्व है क्योंकि यह रबी फसलों की कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है, जो अच्छी पैदावार और समृद्धि की उम्मीद जगाती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर ग्रामीणों को शिविरों के आयोजन के संबंध में जानकारी दी जाए।  गिरदावर सर्किल स्तर आयोजित होंगे शिविर— प्रदेश में गिरदावर सर्किल स्तर पर इन शिविरों का आयोजन 23, 24, 25 व 31 जनवरी तथा 1, 5, 6, 7 व 9 फरवरी को किया जाएगा। शिविरों में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम-2025 (वीबी-जी राम जी) के तहत गांवों में आवश्यक विकास कार्यों के प्रस्ताव लेने के साथ ही सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मंगला पशु बीमा योजना के तहत पॉलिसी वितरण, पॉलीहाउस की स्वीकृति, पशु टीकाकरण सहित कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी आदि से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर क्षेत्र में उन्नत एवं खुशहाल बनाने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 का आयोजन करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों के सफल आयोजन के लिए कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, सिंचाई सहित सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर कृषकों एवं पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।  देश-विदेश के कृषक एवं विशेषज्ञ होंगे शामिल — मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मीट के राज्य स्तरीय आयोजन में देश-विदेश के किसान, पशुपालक हिस्सा लेंगे। साथ ही, कृषि एवं पशुपालन की उन्नत तकनीक साझा करने के लिए देश-विदेश से विभिन्न प्रदर्शक फर्म भी आएंगी। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का भी ग्राम-2026 में   सम्मान किया जाए। साथ ही, देश-विदेश में उन्नत कृषि, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों को उपयोग में लाने वाले कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिकों तथा तकनीकी जानकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे ग्रामीण स्तर पर किसानों को कार्यक्रम एवं योजनाओं की जानकारी मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, कहा- ‘जनमानस के साथ खेल रही है भ्रम की राजनीति’

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हर योजना में कमी निकालने का काम करते हैं। चाहे वह सीएए हो, ईवीएम का मुद्दा हो या फिर एसआईआर। कांग्रेस हर विषय पर भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस को ‘जी रामजी’ नाम से भी आपत्ति है। हमने तो राजस्थान से ‘आरए’ और मध्यप्रदेश से ‘एम’ लिया और महत्वपूर्ण परियोजना ईआरसीपी का नाम स्वतः ही ‘राम जल सेतु’ हो गया। यदि कांग्रेस को राम जी से ही दिक्कत है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। प्रकृति का नियम है कि जो होना है, वह होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश धीरे-धीरे रामराज्य की ओर बढ़ रहे हैं।   न भ्रष्टाचार करने देंगे, न होने देंगे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश को खोखला करने का काम किया है। वह हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है, लेकिन अब मोदी जी का जमाना है। अब न तो भ्रष्टाचार करने दिया जाएगा और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जाएगा। कांग्रेस को इस बात का दर्द है कि अब वे भ्रष्टाचार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ भी है तो मोदी सरकार उसे बाहर निकाल कर सामने लाएगी। सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलने में नंबर वन है, भ्रम फैलाने में नंबर वन है और तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति करना चाहती है। इसलिए झूठ का पर्दाफाश करना आज सबसे अधिक आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान को लेकर गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचना होगा। लोगों को यह बताना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार दिया है और 15 दिन में मजदूरी की गारंटी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार युवाओं के रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं, 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रिया में हैं और 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमने पहले ही कह दिया था कि आप पेन और डायरी लेकर बैठ जाएं, हम आपको हर बात का हिसाब देंगे। पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब तक 400 लोग जेल में हैं। अब यह गिनती करना कांग्रेस का काम है कि ये 400 लोग छोटी मछली हैं या बड़े मगरमच्छ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरेगी।  

सेना दिवस परेड में दिखा राजस्थान का रंग, विशाल कठपुतली ने बिखेरी लोक कलाओं की छटा

जयपुर सेना दिवस के अवसर पर जयपुर में महल रोड पर आयोजित सेना परेड में राजस्थान पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से प्रस्तुत कलात्मक एवं भव्य झांकी को देखकर वहां उपस्थित दर्शकगण मन्त्रमुग्ध हो गए। राजस्थान की इस भव्य झांकी में ने हमारी गौरवशाली परंपराओं एवं आधुनिक पर्यटन का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें राज्य की सदियों पुरानी वास्तुकला, पारंपरिक हस्तशिल्प और विश्व प्रसिद्ध लोक कलाओं की अनूठी झलक दिखी। भारत माँ की जयकार तथा वहां उपस्थित प्रत्येक भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति की हिलोरों के बीच राजस्थान की लोक कलाओं का खूब जयगान एवं यशगान हुआ। ऐसी रही राजस्थान की झांकी झांकी के आगे की साइड में राजस्थान की सबसे लोकप्रिय लोक कलाओं में से एक, कठपुतली कला को उत्कृष्ट रूप में दर्शया गया। जिसमें एक विशाल कठपुतली (पपेट) राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति की अगुवाई करते नज़र आई। राजस्थान की झांकी में कठपुतली कलाकार राजू भाट की अंगुलियों पर नाचती हुई कठपुतलियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। आर्मी डे परेड में राजस्थान की समस्त लोक कलाओं का नेतृत्व कर रही यह विशाल कठपुतली जैसे आगंतुकों का स्वागत करने की राजस्थान की विशिष्ट परम्परा का निर्वहन कर रही हो। झांकी के वाहन के मध्य भाग पार्ट पर राजस्थान के क्राफ्ट & स्किल्स को दिखाया गया। जिसमें राजस्थान के प्रसिद्ध मोलेला की टेराकोटा में उकेरी गई मूर्तियों का धार्मिक व सांस्कृतिक आकृतियों का कलाकारों द्वारा प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी के बर्तनों का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है। झांकी में फड़चित्रण दिखाया गया। राज्य के कुटीर उद्योगों की जीवटता को दिखाते हुए झांकी में हस्तशित्य कलाकारों को पारंपरिक पेशभूषा में कार्य करते हुए दिखाया गया है। झांकी के ऊपरी भाग पर राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध फूलों की होली नृत्य की लोक कलाकारों द्वारा मनुहारी प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही बम रसिया नृत्य प्रस्तुत किया गया।