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ज्वेलर ने DSP पर लगाए सनसनीखेज आरोप, ACB में दी शिकायत, जान का खतरा बताया

फतेहाबाद फतेहाबाद के व्हिसल ब्लोअर ज्वेलर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीएसपी व उसके रीडर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी है। आरोप है कि पुलिस उसके घर व दुकान की रैकी कर रही है। उसे डरा रहे है कि पुलिस कभी भी मरवा सकती है। मीडिया से बातचीत में भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी ने बताया कि डीएसपी की तरफ से उसके पास नोटिस आया कि आपके खिलाफ भागुराम ने शिकायत दे रखी है। यह शिकायत उस मामले को दबाने के लिए दिलवाई गई है, जिसमें उन्होंने डीएसपी संजय बिश्नोई के भ्रष्टाचार का मामला उठाया था।   उस मामले को दबाने के लिए पुलिस ऐसे फर्जी शिकायतें लेकर उसको परेशान कर रही है। जिसने शिकायत दी है, उसी ने डीएसपी के रीडर तक पैसे पहुंचाए थे। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो थाने में रीडर पर केस भी दर्ज हो चुका है। इस मामले की हाईकोर्ट में 18 दिसंबर को सुनवाई है। उससे पहले उस पर दबाव डालकर मामला निपटाने की कोशिश की जा रही है। सिलसिलेवार जानिए नरेश सोनी और पुलिस में खींचतान के मामले  राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत दी: 17 अप्रैल 2023 को भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी के खिलाफ क्रिकेट मैच सट्‌टा बुकी चलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद इस केस को चैलेंज करते हुए नरेश सोनी ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत की थी। उस मामले की जांच के बाद प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। इन पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की सिफारिश: प्राधिकरण ने डीएसपी को चेतावनी जारी करने की सिफारिश का फैसला सुनाया था। प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, एचसी गुरपान सिंह, एचसी रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कॉन्स्टेबल कमलदीप व कॉन्स्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। डीएसपी व रीडर पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप ज्वेलर नरेश सोनी ने एससी-एसटी एक्ट का केस रद्द करने के लिए डीएसपी संजय बिश्नोई और उनके रीडर दर्शन लाल पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। इस मामले में एसीबी के हिसार थाने में रीडर दर्शनलाल पर केस दर्ज हुआ था। डीएसपी संजय बिश्नोई से भी पूछताछ की गई थी। एक महीने पहले किया था सोनी पर केस दर्ज वहीं, भूना पुलिस ने करीब तीन साल पुरानी शिकायत के आधार पर एक महीने पहले नरेश सोनी के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद स्वर्णकार समाज ने भूना थाने पहुंच कर रोष भी जताया था। एफआईआर रद्द करने की मांग उठाई गई थी।  

‘हरियाणा को मिले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की सह-मेज़बानी’—संसद में सांसदों ने उठाई मांग

नई दिल्ली देश में खेलों का पावरहाउस माने जाने वाले हरियाणा को कॉमनवेल्थ खेल 2030 का सह-मेज़बान राज्य (Co-host state) बनाने की मांग को लेकर आज संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन हुआ। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में, हरियाणा के कई सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से खेल आयोजन में हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदर्शन में उनके साथ सांसद जय प्रकाश, सांसद वरुण मुलाना, और सांसद श्रवण कुमार ब्रह्मचारी भी शामिल थे। इस दौरान मांग की गई कि  कॉमनवेल्थ खेल 2030, जिसकी मेजबानी हाल ही में भारत को मिली है, उसमें हरियाणा को सह-मेज़बान राज्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही, राज्य के खेल अवसंरचना (Sports Infrastructure) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए।   सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हरियाणा देश की कुल आबादी का मात्र तीन फीसदी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय खेलों में यह भारत के लिए लगभग 50 प्रतिशत मेडल दिलाता है। उन्होंने इस आयोजन की मेज़बानी से हरियाणा को बाहर रखने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के खिलाड़ियों के साथ "अन्याय और उनके अद्वितीय योगदान का अपमान" बताया।   यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है, जिसके लिए अहमदाबाद को प्रमुख मेज़बान शहर के रूप में औपचारिक मंजूरी मिली है। हरियाणा के सांसदों का कहना है कि राज्य की खेल प्रतिभा और मौजूदा खेल सुविधाओं को देखते हुए, उसे सह-मेज़बान बनाना देश के हित में होगा।

दिल्ली की जहरीली हवा ने छीने 2 साल! RBI ने 4 साल के आंकड़ों से खोली सच्चाई

नई दिल्ली  उत्तर भारत के शहरों में सांस लेना अब महंगा पड़ रहा है। दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में प्रदूषण की वजह से लोगों की औसत आयु लगातार घट रही है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में दिल्ली में लोगों की औसत आयु 1.7 साल कम हो गई है। विशेषज्ञ प्रदूषण के साथ पानी और बदलती जीवनशैली को इसका मुख्य दोषी मान रहे हैं। वहीं, कुछ राज्यों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सुधरी जीवनशैली ने जीवन प्रत्याशा बढ़ाई है। हाल में केंद्रीय बैंक ने सांख्यिकी पुस्तिका 2024-25 में औसत आयु से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-19 के मुकाबले 2019-23 में दिल्ली में 1.7 साल और पंजाब में दो साल औसत आयु कम हुई। वहीं, हरियाणा में औसत उम्र 1.1 वर्ष कम हो गई। इस तरह, औसत आयु में गिरावट के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली है। हालांकि, इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 0.6 साल बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 70.3 वर्ष की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने और जीवनशैली में सुधार से यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में औसत आयु में वृद्धि दर्ज की गई है। केरल में औसत आयु बेहतर : रिपोर्ट के अनुसार, केरल में औसत आयु सबसे अधिक 75.1 वर्ष है। सबसे कम औसत आयु छत्तीसगढ़ में 64.6 वर्ष है। हालांकि, 2019 के बाद से लगातार औसत आयु में गिरावट के बाद भी दिल्ली में लोगों की उम्र यूपी, पंजाब समेत अन्य राज्यों से अधिक है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बीते पांच-छह वर्षों से लगातार औसत उम्र कम हो रही है। हरियाणा में पांच वर्षों में बढ़ोतरी हुई आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में वर्ष 2019-22 के बीच औसत आयु 68.6 वर्ष की थी, जो वर्ष 2019-23 में 68.8 वर्ष हो गई। यानी बीते पांच वर्षों में हरियाणा में लोगों की औसत आयु में 0.2 वर्ष की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूपी में औसत आयु सबसे अधिक बढ़ी उत्तर प्रदेश के लोगों की औसत आयु 65.6 वर्ष से बढ़कर 68.0 वर्ष हो गई है। यह पूरे देश में सबसे अधिक है। उत्तर प्रदेश में 2015-2019 से वर्ष 2019-2023 के बीच औसत आयु 2.4 वर्ष बढ़ी है। उत्तराखंड में 70.6 वर्ष से बढ़कर 71.3 वर्ष हो गई है। बिहार में औसत आयु 69.2 से बढ़कर 69.3 वर्ष हो गई है। कई अन्य रिपोर्ट में दावा हाल में जारी शिकागो विश्वविद्यालय की 2025 की रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण से औसत उम्र 3.5 साल तक घट रही है। अधिकांश आबादी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से ज्यादा प्रदूषित हवा में रहती है। इससे हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां, कैंसर का खतरा बढ़ता है। प्रदूषण कम हो तो जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में जो जहरीली हवा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डॉ. संजय राय, प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स, ''मौजूदा दौर में जीवनशैली के साथ हवा, भोजन-पानी सब प्रदूषित हो चुका है। हवा और पानी में ऐसे कैंसर कारक तत्व मिले हैं, जिसे कम उम्र में कैंसर हो रहा है। इसलिए प्रदूषण भी जीवन प्रत्याशा कम होने का कारण हो सकता है।''

डांस फ्लोर बना रणक्षेत्र: शादी समारोह में महिला डांसर से बदसलूकी, युवक की जमकर पिटाई

नूंह  नूंह जिले में शादी से पहले आयोजित डांस कार्यक्रमों को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। पल्ला गांव में सोमवार देर रात आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिला डांसर से अभद्रता की कोशिश के आरोप के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना में एक युवक को मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने पकड़कर लाठियों से पीट दिया। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में मेवात की प्रसिद्ध महिला डांसर और बॉलीवुड सिंगर सलमान अली प्रस्तुति देने पहुंचे थे। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक युवक ने स्टेज पर महिला डांसर के साथ अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद कुछ युवकों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उसकी लाठियों से पिटाई कर दी।   वायरल वीडियो में युवक को जमीन पर गिराकर लाठियों से पीटते हुए साफ देखा जा सकता है। वहीं, महिला डांसर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उसके साथियों ने दीवार फांदकर उसे वाहन में बैठाया और वहां से ले गए। घटना के दौरान कार्यक्रम स्थल पर पुलिस तैनात थी, इसके बावजूद हिंसा होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 नवंबर को तावड़ू उपमंडल के पचगांव गांव में भी शादी से पहले आयोजित डांस कार्यक्रम में महिला डांसर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई थी। हालांकि, उस मामले में भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि पल्ला गांव के इस कार्यक्रम को लेकर कुछ धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने पहले ही आपत्ति जताई थी और इसे सामाजिक बुराई बताते हुए रोकने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया। रातभर चले आयोजन में युवाओं की भारी भीड़ जुटी रही। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग ऐसे कार्यक्रमों को सामाजिक समस्याओं से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहे हैं। एक महीने के भीतर मेवात क्षेत्र में महिला डांसरों से जुड़ी छेड़छाड़ की यह दूसरी घटना सामने आने से बहस और गहरा गई है। पुलिस की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही यह स्पष्ट है कि किसी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। आरोपी युवक की पहचान भी फिलहाल नहीं हो सकी है।

बाजरा किसानों की बल्ले-बल्ले! हरियाणा सरकार ने खातों में डाले 380 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपए बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी किए हैं। किसानों की समृद्धि के बिना प्रदेश में खुशहाली नहीं आ सकती, इसलिए किसान हित सरकार के लिए सर्वोपरि हैं। किसान को बिजाई से लेकर कटाई तक के कृषि यंत्रों पर सबसिडी दी जाती है। यदि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होता है तो मुआवजे व फसल बीमा का प्रावधान है। कटाई के बाद फसल के दाने-दाने की खरीद की व्यवस्था की गई है और भुगतान सीधा किसान के खाते में डाला जाता है। वह रविवार को अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के प्रति प्रेरित करें, इससे जहां पानी की बचत होगी वहीं फसल पर किसान की लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आज किसान की सभी 24 फसलों की खरीट न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रह है। आपदा के समय किसानों के साथ सरकार खड़ी रहती है। पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15,728 करोड़ रुपए दिए हैं। खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 53,821 किसानों को 116 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक की राशि मुआवजे के रूप में जारी की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म कर दिया है। यही नहीं किसानों की तरफ पिछले आबियाने का 133 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपए बकाया माफ किया गया। हरियाणा आप्रेशनल पायलट परियोजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 1 लाख 54 हजार 985 एकड़ भूमि का सुधार किया जा चुका है। प्राकृतिक खेती योजना के तह 31,873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खे अपनाने के लिए 19,723 किसा का सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही किसानों की पैक्सों की तरफ बका अतिदेय ऋण की समस्या समाधान के लिए एकमुश्त निपट योजना शुरू की गई। इस योज तहत प्रदेश के 6 लाख 81 हजा 182 किसानों और गरीब मजद का 2 हजार 266 करोड़ रुपए क ब्याज माफ किया है। उन्होंने कहा कि बैंकों से किसा के लेन-देन पर लगने वाली स्टाम फीस 2000 रुपए से घटाकर 10 रुपए की गई है। साल से अधिन पुराने रजबाहों को भी दोबारा पक्क किया जाएगा।

पंजाब से कुरुक्षेत्र मेले तक सफेद घोड़े का जलवा, करोड़ों की कीमत के बावजूद मालिक ने बेचने से किया इनकार

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र के पिहोवा पशु मेले में 1 करोड़ का घोड़ा पहुंचा है। यह घोड़ा पंजाब के संगरूर से लाया गया है। घोड़े का नाम प्रताप रूप है, जो सिर से पैर तक पूरी तरह सफेद है। घोड़े की उम्र 28 महीने की है और यह 67 इंच ऊंचा है। लोग घोड़े के साथ फोटो खिंचवाने आ रहे हैं।  घोड़े के मालिक सरपंच हरप्रीत सिंह और उनके पिता निर्भय सिंह ने बताया कि इसकी 1 करोड़ रुपए तक की कीमत लग चुकी है। लेकिन तब भी उन्होंने इसे नहीं बेचा। घोड़े को 3 टाइम अलग-अलग डाइट दी जाती है। सर्दियों में उसे दूध में बादाम उबालकर दिए जाते हैं। इसके अलावा नहलाकर एक घंटे तेल मालिश की जाती है। जानें घोड़े की तीनों टाइम की डाइट   सुबह के समय प्रताप को 2 से 3 किलो काले चने दिए जाते हैं। 11 बजे उसे फॉर्म में घुमाने के लिए लेकर जाते हैं।   दोपहर को फॉर्म में उसे खुला रखते हैं, जहां वो घास चरता है।   शाम को प्रताप रूप को घर लाकर दूध पिलाते हैं। सर्दी में दूध में बादाम को डालकर उबालकर दिया जाता है। इसके बाद खाने के लिए उबला जौ भी देते हैं। गर्मी के दिनों में उसे सेब भी दिए जाते हैं।  

जांच में सनसनीखेज तथ्य: दिल्ली ब्लास्ट के पीछे हवाई हमले की प्लानिंग, कश्मीरी स्टूडेंट की भूमिका उजागर

फरीदाबाद  नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) वीरवार को दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल कश्मीरी छात्र जसीर बिलाल वानी को निशानदेही के लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां उसको विस्फोटक रखने वाली जगहों पर लेकर जाया गया।  जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जसीर वानी ने आटा-चक्की से यूरिया को पीसकर, उसमें से अमोनियम नाइट्रेट अलग करने में आतंकी मुजम्मिल की मदद की थी। जसीर वानी के साथ एजेंसी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल को भी लेकर आई थी, लेकिन केवल जसीर वानी को गाड़ी से उतारकर निशानदेही कराई गई। जसीर वानी डॉ. मुजम्मिल के साथ उसके फ्लैट पर भी रुका था। बम निरोधक दस्ता साथ लाया गया नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) अपने साथ बम निरोधक दस्ते को भी साथ लेकर आई थी। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के साथ लगते लगभग दो एकड़ के खेत में बने कमरे की जांच बम निरोधक दस्ता के द्वारा कराई गई, ये वो ही कमरा था, जिसमें 12 दिन तक विस्फोटक सामग्री को रखा गया था। बाद में उसको फतेहपुर तगा के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। यहां कमरे के अंदर व पास में मिट्टी खोदकर भी देखा गया। लगभग एक घंटे बाद बम निरोधक दस्ता की टीम यहां से चली गई। इसके बाद डॉ. मुजम्मिल और शाहीन को यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक ले जाया गया। जहां पर करीब एक आध घंटे तक उनको रखा गया। पूछताछ में कई डॉक्टर फैकल्टी स्टाफ सहित छात्रों को भी शामिल किया गया था। दरअसल मुजम्मिल और शाहीन रिमांड के दौरान जो जानकारी दे रहे हैं, एनआईए उस जानकारी को पुख्ता कर रही है कि वह सच बोल रहे हैं या झूठ, इसलिए टीम आतंकियों को बार-बार यूनिवर्सिटी लाकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करती है। गांव धौज में रखी गई थी आटा चक्की इस दौरान NIA की टीम जसीर वानी को डॉ. मुजम्मिल के यूनिवर्सिटी वाले फ्लैट, गांव धौज में जहां पर आटा-चक्की रखी गई थी, गांव खोरी जमालपुर में पूर्व सरपंच का मकान जहां पर मुजम्मिल ने 3 कमरों को फ्लैट किराए पर लिया था, इन सभी जगहों पर लेकर गई और उसकी निशानदेही करवाई गई। पॉलिटिकल साइंस का छात्र  NIA के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसीर वानी (20) पुलवामा का रहने वाला है। जसीर अनंतनाग के एक कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड ईयर का छात्र है। दिल्ली ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। डॉ शाहीन और मुजम्मिल से जसीर वानी की मुलाकात आतंकी उमर ने कराई थी। हवाई हमले की थी प्लानिंग जसीर वानी से एजेंसी की पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि पहले हवाई हमले की प्लानिंग की गई थी। जिसमें विस्फोटक को भरकर दूर से ही हमले को अंजाम दिया जा सके, लेकिन ऐसा नही हो पाया। जिसके बाद उमर ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में कई जगहों पर एक साथ हमले की योजना बनाई थी। श्रीनगर में प्लान तैयार, कुछ प्रयोग भी किए इसके लिए कश्मीर के श्रीनगर पूरा प्लान तैयार किया गया था। जहां पर कुछ प्रयोग भी किए गए थे, लेकिन बजट ज्यादा होने के चलते ऐसा संभव नही हो पाया। जांच में पता चला है कि जसीर वानी पुलवामा स्थित एक गांव का रहने वाला है और उसके गांव से कुछ ही दूरी पर आतंकी मुजम्मिल का भी गांव है, इसलिए वह जब भी फरीदाबाद आता, तो वह मुजम्मिल के फ्लैट पर ही रुकता था।

पीएम मोदी विरोधी नारों पर भड़के ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस की दिल्ली रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश विरोधी नारे लगाने पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने गिरते हुए स्तर का प्रदर्शन किया गया है। निराशा, हताश, फेल, थके हुए, हारे हुए लोग ही इस प्रकार की बातें करते हैं। वहीं,अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुआएं देते हुए कहा कि "जुग-जुग जिए हमारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने आज हिंदुस्तान की तस्वीर और सूरते हाल बदल दिया"। आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, पूरे विश्व में नरेंद्र मोदी की वजह से देश की साख बड़ी है। विश्व में देश के साथ मधुर संबंध बने हैं। इनके (कांग्रेस) के प्रधानमंत्री मीटिंग में जाकर सो जाया करते थे, कभी बोला ही नहीं करते थे।   कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान कि यदि बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा को एक भी वोट न मिले, के बारे में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि जब मत पत्र से चुनाव होते थे हमने देखा हुआ है कि तब ये कैसे वोट छापते थे। उस दौरान चुनाव में एक शब्दावली थी “वोट छापना”, मगर ईवीएम के आने के बाद इनका (कांग्रेस) वह काम बंद हो गया। ये बदमाशों को, माफिया को सेट करके उनसे वोट छपवाया करते थे, छापे जाते थे, तब चुनाव में यह शब्दावली थी। ईवीएम आने से वह खत्म हो गई और इनको ही पीड़ा हो रही है। ये उस दौरान वोट छापने से ही जीतते थे और उनके वोट छापने का धंधा बंद हो गया, इसलिए इस पीड़ा को लेकर कांग्रेस वाले बार-बार रो रहे हैं।   एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ वोट कट गए हैं जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां-जहां पर ठीक तरीके से एसआईआर होगा वहां जाली वोटो का तंत्र, जो कांग्रेस ने इतने सालों से बसा रखा था, वह खत्म होता जा रहा है। जाली वोट कांग्रेस ने बनाई थी, इतने वर्षों तक कांग्रेस ने जो राज किया, पता नहीं कौन कौन से भाग में कितनी वोट, इन्होंने बना रखी थी, आज वह वेरीफाई नहीं हो रही और इसलिए वह वोट कट रही है। वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के आरोप कि लोग अपनी जान बचाने के लिए मोटी रकम/ फिरौती कहां से दें, पर मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सरकार ने गलत आदमियों को पकड़ने के लिए बहुत बड़ी मुहिम चला रखी है। इस मुहिम के तहत लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। 

सरकार का बड़ा कदम: हरियाणा में 27 IAS-HCS अधिकारियों का ट्रांसफर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 IAS और HCS अधिकारियों के तबादला किया है।जारी आदेशों के अनुसार यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस सूची में कुल 27 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के तहत योगेश कुमार, IAS को नगर निगम करनाल का आयुक्त एवं जिला नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। सुभिता ढाका, IAS को पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जयदीप कुमार, IAS को स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) का मिशन डायरेक्टर बनाया गया है। कई HCS अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग मिली है। इनमें वत्सल वशिष्ठ, HCS को मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD-I लगाया गया है, जबकि गौरव कुमार, HCS को हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में SDM, अतिरिक्त उपायुक्त और विभागीय निदेशक स्तर पर भी तबादले किए गए हैं। 

जांच रिपोर्ट ने खोली पोल: हरियाणा के 44 जूनियर कोच अयोग्य, सेवा समाप्ति की आशंका

चंडीगढ़  हरियाणा खेल विभाग में कार्यरत 44 जूनियर कोचों की नौकरी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विभागीय जांच में ये सभी खिलाड़ी हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (ग्रुप-A, B और C) सेवा नियम-2021 की शर्तों को पूरा नहीं करते पाए गए हैं। अब राज्य सरकार को इनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लेना है। जानकारी के अनुसार, इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने के आधार पर जूनियर कोच (OSP) के पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि 2021 में लागू सेवा भर्ती नियमों के तहत यह अनिवार्य है कि संबंधित खिलाड़ी ने ओलंपिक में शामिल खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। जांच में सामने आया कि 44 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया है, जिससे वे नियमों के तहत अयोग्य हो गए। कोर्ट पहुंचा था मामला खेल विभाग ने पिछले साल इन खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां प्रिया सांगवान केस के आधार पर खिलाड़ियों को अस्थायी राहत मिल गई थी। लेकिन खेल विभाग ने इस आदेश के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिस पर स्टे हटा लिया गया। अब विभाग को कानूनी रूप से निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।   नौकरी पर मंडराया खतरा सूत्रों के मुताबिक, मामले में कानूनी सलाह लेने के लिए फाइल एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजी गई है। यदि वहां से कोई राहत नहीं मिलती है तो इन 44 खिलाड़ियों को नौकरी से हटाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट का फैसला विभाग के पक्ष में आ चुका है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले विधिक राय लेना आवश्यक है। आवेदन रद्द होने खुला भेद इस मामले से जुड़ा एक और पहलू भी सामने आया है। खेल विभाग ने 2018 की नीति और 2021 के नियमों के तहत कुल 77 खिलाड़ियों को नियुक्त किया था। इनमें से करीब 50 अन्य खिलाड़ियों के आवेदन पहले ही खारिज कर दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने भी कोर्ट का रुख किया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 44 जूनियर कोचों को अनजाने में नियुक्ति दे दी गई थी।