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हरियाणा को मिला बड़ा विकास पैकेज: शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1700 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को बताया कि हमारी सरकार शहरी विकास को उच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के नागरिकों को विश्वस्तरीय शहरी अवसंरचना प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे. नायब सिंह सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अभिभाषण में बाहरी विकास कार्यों के लिए ईडीसी फंड से 3,000 करोड़ रुपये हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और हिसार के विकास प्राधिकरणों को आवंटित किए जाने की घोषणा की थी. सीएम सैनी ने कहा कि बजट घोषणा को मूर्तरूप देते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने एडीसी फंड के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में तेजी आएगी. 1500 करोड़ रु. पहले ही जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईडीसी फंड से विभिन्न महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 1500 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं. इसके अलावा, आज विभिन्न शहरी एस्टेट्स में विकास कार्यों के लिए कुल 1700 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये, फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण को 170 करोड़ रुपये, पंचकूला महानगरीय विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये, सोनीपत महानगरीय विकास प्राधिकरण को 80 करोड़ रुपये और हिसार महानगरीय विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. नायब सिंह सैनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विभाग ने विभिन्न शहरी एस्टेट्स में विकास कार्यों के लिए राज्य के महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 2188 करोड़ रुपये जारी किए. गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह, कृषि विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यश पाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे.  

कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई सिहरन: कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे, फरीदकोट रिकॉर्ड न्यूनतम पर

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा में बृहस्पतिवार को भी शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। दोनों ही पड़ोसी राज्यों में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फरीदकोट पंजाब का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस जबकि लुधियाना में 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। पटियाला में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वहीं, पठानकोट में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस, बठिंडा में 6.2 डिग्री सेल्सियस और गुरदासपुर में सात डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में पारा 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस, हिसार में 6.4 डिग्री सेल्सियस, करनाल में 6.5 डिग्री सेल्सियस, नारनौल में छह डिग्री सेल्सियस, रोहतक में 7.8 डिग्री सेल्सियस, भिवानी में 7.5 डिग्री सेल्सियस और सिरसा में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के कारण लोगों को रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहीं कई हिस्सों में हल्की धुंध छाई रही। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में बुधवार रात को तापमान मंगलवार रात के मुकाबले एक डिग्री गिरकर शून्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि रात का तापमान इस मौसम के सामान्य तापमान से 2.3 डिग्री कम था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में 1.6 डिग्री कम था।   उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि गुलमर्ग में तापमान में 1.5 डिग्री की वृद्धि हुई और यह शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां शहर जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां दोनों जगहों पर तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने कहा कि 12 दिसंबर तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि 13 से 15 दिसंबर के बीच उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में घाटी के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की धुंध छाई रहने का अनुमान है।

स्पाईिंग आरोपों में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा ने HC से मांगी राहत, सरकार को नोटिस जारी

हरियाणा  ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ज्योति 15 मई 2025 से जेल में बंद है। अब ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ज्योति के वकील ने बीएनएस की धारा 152 को दी चुनौती दी है। उन्होंने दलील दी कि ज्योति मल्होत्रा प्रोफेशनल ट्रैवल ब्लॉगर है। वह सार्वजनिक रूप से पोस्ट कंटेंट करती है। वहीं याचिका में ज्योति ने कहा कि वह एक महिला है और परिवार में अपने बुजुर्ग पिता और बीमार चाचा की एकमात्र सहारा हैं। उसके चाचा काफी बीमार हैं।  ज्योति मल्होत्रा पर आरोप है कि उन्होंने साल 2023 में पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली वीजा आवेदन के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। ज्योति पर भारत से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान का आरोप है। 

रियल एस्टेट को राहत! हरियाणा में हाईराइज बिल्डिंग के नियम बदले, डेवलपर्स को बड़ी सहूलियत

चंडीगढ़ हरियाणा में मकान बनाने से लेकर ऊंची कमर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने तक की प्रक्रिया अब पहले जैसी थकाऊ नहीं रहेगी। हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में किए गए बड़े बदलावों के बाद अब घर, दुकान, होटल, मॉल और फैक्टरी बनाने वालों को न तो महीनों सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही निरीक्षण की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार ने अब पूरे सिस्टम को आसान करते हुए दो श्रेणियों में बांटा है – कम जोखिम और उच्च जोखिम वाली बिल्डिंग। कम जोखिम वाले घरों और दुकानों का आक्युपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) अब आर्किटेक्ट खुद जारी कर सकेगा, जबकि बड़े प्रोजेक्ट का प्रमाणन थर्ड पार्टी तकनीकी विशेषज्ञ देंगे। इसके साथ ही, एफएआर बढ़ाया गया है। सुरक्षा नियम अपडेट हुए हैं और पहली बार गरीब वर्ग के मकानों में बाथरूम और टॉयलेट का न्यूनतम आकार तय कर दिया गया है।   यहां बता देंकि लंबे समय से आम नागरिक, डेवलपर्स और उद्योगपति शिकायत कर रहे थे कि कि बिल्डिंग परमिशन और ओसी लेने में महीनों लग जाते हैं। निरीक्षण प्रक्रिया धीमी और अपारदर्शी है। नियम अस्पष्ट हैं और हर अधिकारी अलग व्याख्या करता है। छोटे उद्योग और मकान निर्माण के मामले में सिस्टम जरूरत से ज्यादा जटिल है। सरकार ने माना कि इस प्रक्रिया में सुधार जरूरी है और अब संशोधन लागू कर दिए गए हैं। अब कौन सी बिल्डिंग कैसे मंजूर होगी नई प्रणाली में अब बिल्डिंग्स को दो श्रेणियों में रखा गया है ताकि अनुमोदन प्रक्रिया सरल और तेज हो। पहली श्रेणी मंे कम जोखिम वाली बिल्डिंग्स में छोटे और बड़े प्लॉटों पर बने आम मकान (16.5 मीटर तक ऊंचाई), दुकानें – एचसीएफ, एससीओ व डीएसएस शामिल होंगे। वहीं वे उद्योग भी इसी कैटेगरी में रहेंगे, जिनकी बिल्डिंग की ऊंचाई 30 मीटर तक होगी। इन पर सरकार ने भरोसा दिखाया है। अब इनका प्रमाणन आर्किटेक्ट द्वारा सेल्फ सर्टिफिकेटेशन मोड में किया जाएगा। वहीं दूसरी दूसरी श्रेणी में उच्च जोखिम वाली बिल्डिंग शामिल रहेंगी। इनमें मल्टीप्लेक्स, ऊंची आवासीय इमारतें, डेटा सेंटर, बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तथा होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं। इनका प्रमाणन अब सरकारी अधिकारी नहीं बल्कि थर्ड पार्टी एम्पेनल्ड इंजीनियर/आर्किटेक्ट करेंगे। सरकार केवल मॉनिटर करेगी।   बाथरूम और टॉयलेट की जगह तय नायब सरकार ने पहली बार राज्य ने ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के घरों के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं। अब इन घरों में अलग टॉयलेट 0.90 वर्गमीटर से छोटा नहीं होगा। बाथरूम कम से कम 1.20 वर्गमीटर का होगा। यदि दोनों एक साथ हैं तो वह 1.80 वर्गमीटर से छोटा नहीं बनाया जा सकेगा अब और ऊंची और चौड़ी बिल्डिंगें संभव एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेसो में भी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। इसी से तय होता है कि किसी जमीन के प्लॉट पर कितनी मंजिलें या कितना निर्माण किया जा सकता है। पहले एफएआर सीमित था और बढ़ाने की गुंजाइश कम रहती थी। अब संशोधनों के बाद उद्योगों को 150 प्रतिशत से अधिक एफएआर खरीदने की सुविधा मिलेगी। डेटा सेंटरों के लिए एफएआर 500 प्रतिशत तक उपलब्ध होगा। वहीं कमर्शियल और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर के लिए एफएआर की सीमा बढ़ाई गई है। इससे उद्योगों, मॉल, होटल और डेटासेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण और निवेश की संभावना बढ़ेगी। होटल, रिसॉर्ट और बैंक्वेट हॉल्स को राहत हॉस्पिटेलिटी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। पहले निर्माण सीमित था और एफएआर कम मिलता था। अब नये नियम लागू होने से रिसॉर्ट, होटल और मोटल अधिक एफएआर खरीद सकेंगे। ऊंचाई और कवरेज सीमा में ढील दी गई है। यह बदलाव केवल प्रक्रिया आसान करने का नहीं बल्कि सुरक्षा को मजबूत करने का भी है। अब बड़ी इमारतों में फायर एनओसी अनिवार्य होगी। सोलर पैनल इंस्टॉल करने का प्रमाण-पत्र लेना जरूरी होगा। एनर्जी इफिशिएंसी स्टैंडर्ड अपनाने होंगे। गलत जानकारी छिपाने पर एक्शन सरकार ने साफ किया है अगर कोई गलत रिपोर्ट जमा करता है, नियम तोड़कर निर्माण करता है या जानबूझकर जानकारी छुपाता है तो ओसी को रद्द किया जाएगा। संबंधित इंजीनियर या आर्किटेक्ट पर कार्यवाही होगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा सिस्टम अब ऑनलाइन होगा। कुछ भी-दबाकर नहीं रखा जा सकेगा। पहले कई लोगों की फाइलें महीनों दबाई जाती थीं। अब ऐसा संभव नहीं होगा क्योंकि अब हर बिल्डिंग आवेदन, स्वीकृति, ओसी और निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन ई-रजिस्टर में सार्वजनिक रूप से दिखेगी।  

नौकरी का मेगा पिटारा तैयार! हरियाणा के इस शहर में बनेगा देश का बड़ा ट्रांसपोर्ट हब

चंडीगढ़  हरियाणा के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए सरकार कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. इसी कड़ी में सरकार हरियाणा के एक जिले में मॉडर्न और डायनामिक ट्रांसपोर्ट हब बना रही है, जिससे न सिर्फ शहर के आने-जाने वालों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि दिल्ली-NCR और आस-पास के राज्यों से आसान कनेक्टिविटी भी मिलेगी। इस जिलें में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बस अड्डा, मैट्रो और रैपिड रेल (RRTS) की सेवाएं एक ही परिधि में मिलेंगी. इससे यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.   नए बस अड्डे के लिए जाट जोशी गांव में 9.43 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यहां आधुनिक बस स्टैंड, वर्कशॉप, पार्किंग, रैन बसेरा, वेटिंग हॉल और अन्य यात्री सुविधाओं के निर्माण के लिए पैमाइश और निशानदेही का काम शुरू हो चुका है। यह बस अड्डा न सिर्फ बस संचालन का केंद्र होगा, बल्कि यात्रियों को आरामदायक माहौल और बेहतर सेवाएं  भी प्रदान करेगा।   जाट जोशी से लगभग 300 मीटर की दूरी पर सेक्टर-7 मोड़ के पास रैपिड रेल (RRTS) स्टेशन प्रस्तावित है. इसके साथ ही दिल्ली मैट्रो के फेज-5 के तहत बैलो लाइन का विस्तार नाथूपुर, कुंडली होते हुए सेक्टर-7 तक करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। इस विस्तार में करीब 26.5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और 21 नए स्टेशन शामिल होंगे। अनुमान है कि इस रूट से प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्री सफर कर सकेंगे।   इन तीनों सेवाओं बस, मैट्रो और रैपिड रेल के एक ही क्षेत्र में उपलब्ध होने से न केवल ये जिला,बल्कि इसके आसपास के इलाकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। दिल्ली और एनसीआर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा और कई बार परिवहन के साधन बदलने की समस्या भी समाप्त होगी। सोनीपत में कनेक्टिविटी बढ़ने से निवेश, रियल एस्टेट, रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे. केएमपी, केजीपी और यूईआर-2 जैसे प्रमुख मार्गों के साथ मैट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क के जुड़ने से यह क्षेत्र तेजी से एक नियोजित और उभरते शहर के रूप में विकसित हो रहा है।निवेशकों और रियल एस्टेट कंपनियों की रुचि भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है।    नई परिवहन सुविधाएं लागू होने के बाद सोनीपत न केवल दिल्ली का उपनगर रहेगा, बल्कि एक विकसित, सुविधायुक्त और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार आधुनिक शहर के रूप में उभरेगा। ये परियोजनाएं हरियाणा के सोनीपत जिले को चीन और जापान की तरह एक आधुनिक मल्टी-मॉडल परिवहन केंद्र में बदल देंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।   

हरियाणा के इस जिले में मौजूद है दूसरा ‘ताजमहल’, इतिहास ऐसा कि सोचने पर मजबूर कर दे

चंडीगढ़  हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर शहर में स्थित शेख चिल्ली का मकबरा एक प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल है। इसकी बनावट और स्थापत्य कला इतनी सुंदर है कि इसे अक्सर "हरियाणा का ताजमहल" कहा जाता है। मकबरे के निर्माण में प्रयुक्त पत्थर और स्थापत्य शैली आगरा के ताजमहल से मिलती-जुलती मानी जाती है। इस मकबरे का निर्माण मुगल राजकुमार दाराशिकोह ने प्रसिद्ध सूफी संत शेख चिल्ली की याद में करवाया था। इसका निर्माण कार्य लगभग 1650 ई. के आसपास पूरा हुआ। दाराशिकोह, जो बादशाह शाहजहाँ का बड़ा बेटा था, शेख चिल्ली को अपना आध्यात्मिक गुरु मानता था। यह मकबरा उसकी श्रद्धा और सूफी परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। मकबरा हर्ष के टीले के पूर्वी किनारे पर स्थित है, जो स्वयं एक प्राचीन ऐतिहासिक स्थल रहा है।   इतिहासकारों के अनुसार, शेख चिल्ली मूल रूप से ईरान से आए थे और भारत आकर उन्होंने कुरुक्षेत्र में जलालुद्दीन साहब साबरी से भेंट की। जलालुद्दीन की आध्यात्मिक प्रसिद्धि से प्रभावित होकर शेख चिल्ली ने यहीं रहना प्रारंभ कर दिया और यहीं उनका जीवन भी समाप्त हुआ। उनकी मृत्यु के बाद, उनके शिष्य ने उनकी याद में इस भव्य मकबरे का निर्माण करवाया। समय के साथ यह ऐतिहासिक स्थल गुमनामी की ओर बढ़ने लगा, लेकिन बाद में इसे भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) द्वारा संरक्षित किया गया। विभाग ने इसकी मरम्मत और संरक्षण का कार्य कर इसे दोबारा जीवित किया। आज यह न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए भी अध्ययन का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत बन गया है।   शेख चिल्ली का मकबरा हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसकी अद्वितीय मुग़ल शैली की वास्तुकला, सुंदर नक़्क़ाशी, और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व इसे एक अनमोल ऐतिहासिक धरोहर बनाते हैं। घूमने की सलाह     स्थान: थानेसर, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)     प्रसिद्धि: मुग़ल स्थापत्य, सूफी विरासत, पुरातत्वीय महत्व     खुलने का समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक     प्रवेश: पुरातत्व विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार  

नायब सरकार का VIP ट्रीटमेंट? निर्दलीय विधायक की 314 मांगें, 60% कामों को मिली हरी झंडी

बहादुरगढ़ हरियाणा की नायब सरकार बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक पर खूब मेहरबान है। निर्दलीय विधायक राजेश जून मुख्यमंत्री के सामने जो भी डिमांड रखते हैं वो हर डिमांड लगभग पूरी हो चुकी है। एक साल में विधायक राजेश जून ने सरकार के सामने अलग अलग विभागों के 314 कामों की डिमांड रखी थी जिसमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा मांगे पूरी हो चुकी है। उन पर काम करने के लिए करीबन 400 करोड़ रूप्ए भी मंजूर हो गए है। एक साल के कार्यकाल पर चर्चा करते हुए विधायक राजेश जून ने बताया कि उन्होंने हल्के के हर गांव को 60 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रूप्ए तक विकास कार्यों के लिए दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि ये आवंटन गांव की जनसंख्या के आधार पर है किसी में कम तो किसी में ज्यादा लेकिन कम से कम 60 लाख हर गांव को मिल चुके हैं। राजेश जून ने बताया कि बहादुरगढ़ शहर के सैक्टरों की सड़कों के निर्माण के लिए 18 करोड़ रूप्ए।सीसीटीवी कैमरों के लिए 12 करोड़ और पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नहरी क्षमता विकास के लिए भी 14 करोड़ रूप्ए मंजूर हो चुके हैं। राजेश जून का कहना है कि पैसा आ चुका है और जल्द ही सारे काम भी शुरू हो जाएंगे। उन्होंनें कहा कि बहादुरगढ़ हल्के का नसीब अच्छा है जो उन्हे विधायक बनाया है और एक निर्दलीय विधायक चुने हुए विधायकों से ज्यादा काम अपने हल्के में करके दिखाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का उनपर पूरा भरोसा और आर्शिवाद है। राजेश जून ने शहर के छोटूराम नगर में गलियों के निर्माण कार्य की शुरूवात भी करवाई है जहां पहुंचने पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत भी किया।

मानवता शर्मसार: भाइयों ने मिलकर युवती को बनाया दरिंदगी का शिकार, पंजाब में गैंगरेप

चंडीगढ़   पंजाब के लुधियाना में हरियाणा की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात हुई है। लुधियाना के शिमलापुरी के बसंत एवेन्यू सतजोत नगर इलाके में दो भाइयों सहित तीन युवकों ने युवती को घर बुलाया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने युवती के साथ मारपीट की और उसे धमकियां दी कि अगर वह किसी को इसके बारे में बताएगी तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।    पीड़िता की शिकायत के मुताबिक वह आरोपियों को पहले से किसी के जरिए जानती थी। आरोपियों ने उसे घर मिलने के लिए बुलाया। वहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपियों ने उसे धमकियां दी और वहां से मारपीट कर भगा दिया।  इसके बाद डरी सहमी युवती हरियाणा के फरीदाबाद अपने परिवार वालों के पास चली गई। वहां उसने यह सारी जानकारी परिवार को दी। पीड़िता के परिवार वालों ने हरियाणा पुलिस से संपर्क किया। फरीदाबाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तरनपाल सिंह मोंगा, उसके भाई दविंदरपाल सिंह मोंगा और गुरकरण सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर लुधियाना पुलिस को भेज दी। कमिश्नरेट के थाना शिमलापुरी पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि यह वारदात सितंबर महीने की बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।   जांच अधिकारी सलविंदर पाल सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच करवाई जाएगी। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

HSSC बायोमेट्रिक विवाद पर नया खुलासा, हिम्मत सिंह ने अभ्यर्थियों को दी अहम जानकारी

हरियाणा  हरियाणा CET 2025 ग्रुप C परीक्षा के दौरान जिन अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक किसी कारण नहीं नहीं हो पाई थी। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने उन अभ्यर्थियों को राहत दी है। इसको लेकर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने अपने सोशल मीडिया X पर पोस्ट शेयर की है।  उन्होंने पोस्ट में लिखा कि जिसमें उन्होंने लिखा कि जिन अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाया है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयोग इस विषय पर काम कर रहा है। बहुत जल्द सभी को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए निर्धारित समय के बारे में सूचना दी जाएगी। उन्होंने पोस्ट में यह भी लिखा है कि 26 एवं 27 जुलाई को संपन्न हुए CET 2025 ग्रुप C परीक्षा के दौरान जिन अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाए थे, उन्होंने फोन कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी क्वायरीज आयोग को भेजी हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों को कहा कि अफवाहों पर ध्यान न देने और आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।  

सरकारी–प्राइवेट अस्पतालों के लिए बड़ी गाइडलाइन जारी, बकाया बिल विवाद पर सरकार का स्पष्ट आदेश

चंडीगढ़  पंजाब में अब निजी या सरकारी अस्पताल बकाया बिल के कारण किसी भी शव को परिजनों को सौंपने से इनकार नहीं कर सकेंगे। साथ ही, अज्ञात शव को 72 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखने की भी अनुमति नहीं होगी। पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पंजाब में मृतकों की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि मृतक से संबंधित कोई बकाया राशि होती भी है, तो अस्पताल बाद में कानूनी तरीके से बिल की वसूली कर सकता है, लेकिन शव को बिना देरी किए परिजनों को सौंपना अनिवार्य होगा। बिल का भुगतान न करने की स्थिति में परिजनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। मानवाधिकार आयोग ने अस्पतालों में मरीजों के बेड की संख्या को ध्यान में रखते हुए शवों की संभाल से संबंधित विशेष प्रोटोकॉल भी तय किए हैं। आयोग के संज्ञान में फगवाड़ा अस्पताल का एक मामला भी आया था, जहां शवों को कूड़ा ले जाने वाले वाहन में ले जाया गया था। सभी अस्पतालों को करनी होगी मॉर्चरी वैन की व्यवस्था आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने सभी अस्पतालों को मॉर्चरी वैन (शव वाहन) की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर मॉर्चरी वैन से जुड़े संपर्क नंबर और नि:शुल्क अंतिम संस्कार योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा। इस जानकारी में मॉर्चरी वैन चालकों के संपर्क नंबर और लावारिस शवों के प्रबंधन के लिए हेल्पडेस्क नंबर शामिल होंगे। आयोग ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि जब अस्पताल में कोई लावारिस शव होता है, तो उसकी पहचान कराने के नाम पर अस्पताल और पुलिस उसे लंबे समय तक मॉर्चरी में रख देते हैं। अब भविष्य में ऐसा नहीं किया जाएगा। कोई भी अस्पताल 72 घंटे से अधिक समय तक लावारिस शव नहीं रख सकेगा। ऐसे लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए मॉर्चरी वैन नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं जिन परिवारों के पास अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं है, उनकी सहायता अस्पताल द्वारा की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकेंगे।