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हुड्डा बोले— रिपोर्ट ने खोली सरकार की पोल, न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इंडिया जस्टिस रिपोर्ट ने मौजूदा भाजपा सरकार की वास्तविक तस्वीर सामने रख दी है। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा पुलिस की रैंकिंग पिछले पांच साल में 8वें स्थान से गिरकर 14वें स्थान पर पहुंच गई है। हुड्डा के अनुसार 18 बड़े राज्यों में हरियाणा की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। तुलना में बिहार चार पायदान ऊपर है और पड़ोसी पंजाब 7वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर देने में सरकार पूरी तरह असफल रही है। पुलिस में एससी अधिकारियों की नियुक्ति के मामले में हरियाणा 18 में से 17वें स्थान पर है। एससी सिपाही और ओबीसी कांस्टेबल भर्ती में भी राज्य पिछड़ता दिख रहा है। हुड्डा ने कहा कि ये आंकड़े बताते हैं कि आरक्षित वर्गों की नियुक्तियां लगभग ठप पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 80 से अधिक गैंग सक्रिय हैं, जो हत्या, लूट, फिरौती और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस विभाग की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। कांस्टेबल स्तर के 38.9 प्रतिशत पद खाली हैं और महिला अधिकारियों के 17.8 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हैं। प्रति व्यक्ति पुलिस खर्च हरियाणा में मात्र 1,908 रुपये है, जबकि पंजाब में यह 2,604 रुपये है। रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में एक थाने पर औसतन 1,09,325 की आबादी का भार है, जबकि केरल में यह संख्या केवल 23,992 है। हुड्डा ने कहा कि हाल ही में एडीजीपी रैंक के एक अधिकारी और एक एएसआई द्वारा की गई आत्महत्या पुलिस विभाग के भीतर बढ़ते तनाव और अव्यवस्था को उजागर करती है। कांग्रेस ने इन घटनाओं की सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है, लेकिन उनका आरोप है कि सरकार मामले को लगातार टाल रही है

हरियाणा की हवा में जहर: इस जिसे का AQI पहुंचा 500 पार, हेल्थ एक्सपर्ट ने दे डाली चेतावनी

फरीदाबाद  हरियाणा में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। फरीदाबाद का AQI 508 और गुरुग्राम का 498 खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोनीपत, रोहतक, कैथल व कुरुक्षेत्र की हवा भी खराब श्रेणी में दर्ज हुई।  हवा में धुंध ऐसी मिल गई है कि आसमान तक धुंधला पड़ गया है. आज सुबह अलग-अलग शहरों के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की रिपोर्ट ने हालात की गंभीरता को और साफ कर दिया। कई शहरों में हवा बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।   सबसे बुरा हाल फरीदाबाद का है जहां AQI 508 दर्ज हुआ। यह स्तर खतरनाक श्रेणी में आता है। इतनी ज़हरीली हवा में ज्यादा देर रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. सांस की समस्या आंखों में जलन, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण आम हो जाते हैं। फरीदाबाद में रहने वालों के लिए मास्क पहनना और बाहर कम निकलना ही समझदारी है। गुरुग्राम भी फरीदाबाद से बहुत पीछे नहीं है। यहां AQI 498 दर्ज किया गया जो खतरनाक श्रेणी में ही आता है।बड़े-बड़े ऑफिस, ट्रैफिक की भीड़ और निर्माण कार्य इन सबने हवा को और खराब कर दिया है. सुबह-शाम सड़कों पर चलना मुश्किल होता जा रहा है। सोनीपत में AQI 220 रहा जो गंभीर श्रेणी में आता है। भले फरीदाबाद और गुरुग्राम जितना खराब नहीं लेकिन सेहत पर इसका भी साफ असर पडरहा है। अस्थमा और दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्तर काफी खतरनाक है।  

नायब सैनी बोले—किसान मजबूत होगा, तभी विकसित भारत बनेगा

पलवल  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब हरियाणा का किसान आत्मनिर्भर, तकनीक से जुड़ा और वैश्विक बाजार के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को राष्ट्रीय नीति के केंद्र में रखकर देश के कृषि भविष्य को मजबूत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को पलवल के नेताजी सुभाष चंद बोस स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के 15 लाख 82 हजार किसानों को 316 करोड़ 38 लाख रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किसानों के साथ देखा और सुना। सैनी ने किसानों से कहा कि वे पारंपरागत खेती के साथ मूल्य संवर्धित फसलों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, एग्री-टूरिज्म, ब्रांडिंग और ‘फार्म-टू-फोर्क’ मॉडल की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के चार स्तम्भ गरीब, महिला, युवा और किसान तय किए हैं और इनमें किसान सबसे महत्वपूर्ण है। हरियाणा सरकार इसी सोच के अनुरूप खेती को लाभकारी बनाने पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पराली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। भावांतर भरपाई योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में तीस हजार किसानों को 135 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहाँ सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होती है और भुगतान 48 घंटे में किसानों को मिल जाता है। डिजिटल व्यवस्था ने योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी बना दिया है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनैतिक सचिव और पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व विधायक प्रवीण डागर, पूर्व विधायक जगदीश नायर, पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, पूर्व जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया, डॉ. हरेन्द्रपाल राणा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, महानिदेशक राज नारायण कौशिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ब्राह्मण धर्मशाला, पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के दादा स्वर्गीय जयपाल गौतम की स्मृति में आयोजित रस्म पगड़ी और प्रेरणा सभा में पहुंचे। उन्होंने तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय जयपाल गौतम का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। सभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल कौशिक, हरियाणा भाजा प्रभारी सतीश पुनिया, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल जैन, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, जबलपुर से विधायक अभिलाष पांडे, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, लोनी से विधायक नंद किशोर नंदी, पूर्व राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, पूर्व विधायक दीपक मंगला, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, पूर्व जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया और ग्रेट खली सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

सरकार का बड़ा फैसला: JAG प्रमोशन से पहले IAS ट्रेनिंग जरूरी

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने आईएएस अधिकारियों के लिए अनिवार्य मिड-करियर ट्रेनिंग कार्यक्रम (फेज-थ्री एमसीटीपी) की तिथियों की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि यह प्रशिक्षण केवल एक पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि पदोन्नति से जुड़ी अनिवार्य शर्त है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की संयुक्त सचिव (प्रशिक्षण) छवि भारद्वाज द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि फेज-थ्री पूरा किए बिना किसी भी अधिकारी को जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। यह प्रावधान आईएएस वेतन नियमों के तहत अनिवार्य है। केंद्र ने स्पष्ट कहा है कि फेज-थ्री एमसीटीपी के लिए आवश्यक तैयारियां – संस्थान, विशेषज्ञ, पाठ्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थाएं लंबी प्रक्रिया के बाद तय की जाती हैं। इसलिए नामांकन में देरी या अनुपस्थित रहने को गंभीरता से देखा जाएगा। यह प्रशिक्षण आईएएस अधिकारियों के करियर के सबसे निर्णायक चरणों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसके पूरा होने के बाद ही उच्च प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों की ओर उनका मार्ग प्रशस्त होता है। यह प्रशिक्षण पांच जनवरी से 30 जनवरी, 2026 तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित होगा। सभी अधिकारियों को चार जनवरी को अकादमी में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रशिक्षण के विभिन्न मॉड्यूल – नीति-निर्माण, नेतृत्व विकास और प्रशासनिक रणनीति समय पर प्रारंभ किए जा सकें। 2016 बैच को ‘अंतिम अवसर’ इस राउंड की सबसे अहम बात यह है कि 2016 बैच को फेज-थ्री में भाग लेने का तीसरा और अंतिम अवसर दिया गया है। 2017 बैच के लिए यह दूसरा अवसर और 2018 बैच के लिए पहला अवसर होगा। केंद्र ने साफ शब्दों में कहा है कि 2016 बैच को इस प्रशिक्षण के लिए आगे कोई अवसर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही, 2010 से 2015 बैच तक के अधिकारी ‘केस टू केस’ आधार पर शामिल किए जाएंगे, यदि वे सेवा-नियमों के अनुरूप पात्र हों। सेवानिवृत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान भी स्पष्ट केंद्र ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों की सेवा 31 दिसंबर, 2029 से पहले समाप्त होने जा रही है, उन्हें नामांकित न किया जाए। प्रशिक्षण के बाद कम से कम तीन वर्ष की शेष सेवा अनिवार्य मानी गई है, ताकि अधिकारी प्रशिक्षण के बाद उसके व्यावहारिक लाभ के साथ उच्च दायित्व निभा सकें। 12 दिसंबर तक करना होगा रजिस्ट्रेशन सभी अधिकारियों को 12 दिसंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा। यह पंजीकरण कार्मिक मंत्रालय की वेबसाइट पर ही किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकारों को अपने-अपने अधिकारियों की सहमति और नामांकन 19 दिसंबर तक केंद्र को भेजना अनिवार्य किया गया है। किसी भी प्रश्न के लिए अकादमी ने अपना ईमेल पता साझा किया है। हरियाणा के 26 आईएएस के नाम हरियाणा सरकार की ओर से जारी पत्र में राज्य कैडर के 26 आईएएस अधिकारियों के नाम सूचीबद्ध किए गए हैं, जिन्हें फेज-थ्री एमसीटीपी के लिए पात्र माना गया है। इनमें अम्मा तसनीम (2012), निशांत कुमार यादव (2013), पार्थ गुप्ता (2013), अजय कुमार (2013), प्रदीप दहिया (2013), मनदीप कौर (2013), मुनिश शर्मा (2014), विक्रम (2014), रानी नगर (2014), मोनिका गुप्ता (2014), राहुल हुड्डा (2015), मोहम्मद इमरान रज़ा (2015), उत्तम सिंह (2015), अभिषेक मीणा (2016), राहुल नरवाल (2016), विवेक भारती (2016), हरीश कुमार वशिष्ठ (2016), रणेंद्र सिंह छिल्लर (2016), विश्राम कुमार मीणा (2017), स्वप्निल रविंद्र पाटिल (2017), जिल्हा गुप्ता (2017), वैशाली शर्मा (2017), रचिन गुप्ता (2018), आयुष सिन्हा (2018), अपराजिता (2018) और अखिल पिलानी (2018) शामिल हैं।

हरियाणा में अजब कारनामा: मंत्री ने खोली सड़क, लेकिन निर्माण करना ही भूल गए अधिकारी

फरीदाबाद  हरियाणा के फरीदाबाद में प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है, जहां मंत्री से सड़क का उद्घाटन तक करा लिया गया, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। दरअसल बल्लभगढ़–तिगांव–मंझावली मार्ग की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तिगांव में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी रोड बननी थी। तीन अक्टूबर को इस रास्ते के निर्माण कार्य का शुभारंभ प्रदेश के राज्य मंत्री राजेश नागर द्वारा नारियल फोड़कर किया गया था। निर्माण कार्य के शुभारंभ के बाद के बाद से अधिकारियों ने यह भी दावा कर दिया था कि कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। हालांकि डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस देरी की वजह से रोजाना 30 हजार से अधिक वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि यह मार्ग दर्जनभर से अधिक गांवों को सीधे जोड़ता है। प्रस्तावित फिरनी को सीमेंटेड बनाया जाना है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग पांच करोड़ रुपये है।   सात मीटर सड़क चौड़ी की जा चुकी है इसके साथ ही, विभाग की ओर से पानी निकासी के लिए नाली बनाने की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि बल्लभगढ़ से तिगांव के सरकारी स्कूल तक सात मीटर सड़क को 16 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जा चुका है। मंत्री राजेश नागर की सिफारिश पर इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी थी, जबकि परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अपने कोटे से इसके लिए बजट उपलब्ध कराया था। मंझावली पुल शुरू होते ही बढ़ेगा यातायात दबाव यमुना नदी पर मंझावली पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। हरियाणा की ओर से सड़क भी बन गई है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सड़क बनना बाकी है। इसके पूरा होते ही ग्रेटर नोएडा तक आवागमन शुरू हो जाएगा। इससे तिगांव की मुख्य सड़क पर वाहनों का भार कई गुना बढ़ जाएगा। यदि फिरनी का चौड़ीकरण समय पर नहीं हुआ, तो यहां लगातार जाम की स्थिति बनी रह सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल भी किसी आयोजन जैसे शादी-ब्याह के समय सड़क पर लंबा जाम लग जाता है, और पुल चालू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाएगी।

ASI पत्नी नियुक्ति मामला: अगले महीने मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार पूरा करेगी मांग

रोहतक जींद के जुलाना निवासी एएसआई संदीप लाठर की पत्नी संतोष को लेक्चरर पद पर अगले माह तक नौकरी दी जाएगी। अगले सप्ताह बैठक कराकर परिवार की यह मांग पूरी कराई जाएगी । मुख्यमंत्री से दोबारा बात कराने की जरूरत पड़ी तो यह प्रयास भी किया जाएगा। यह आश्वासन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने एएसआई के परिवार को सोमवार रात एमडीयू में मुलाकात के दौरान दिया।  एएसआई संदीप लाठर के ममेरे भाई लाढ़ौत निवासी संजय ने बताया कि मंत्री से मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। एएसआई मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसमें जल्दी ही परिवार को भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।  

16 लाख किसानों को बड़ी सौगात: हरियाणा सरकार ने बांटे 15,728 करोड़ रुपये, जानें किस जिले को सबसे ज्यादा लाभ

चंडीगढ़  प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर दी। इस किस्त के तहत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में मदद राशि भेजी गई, जिसमें हरियाणा के लगभग 16 लाख किसान भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े और किसानों को मिली इस राहत पर खुशी व्यक्त की। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री की अगुवाई में कृषि क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहे हैं और किसान कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होनें कहा कि आज हरियाणा के 15 लाख 82 हजार किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि भेजी गई।  वहीं, पलवल जिले के 74,299 किसानों को कुल 14 करोड़ 86 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, पूरे राज्य में फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को 15,728 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की गई है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कई किसानों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है और प्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जो 24 फसलों की खरीद MSP पर सुनिश्चित करते हैं। किसानों को समय पर भुगतान मिल सके इसके लिए राज्य सरकार ने ई-खरीद एप्लिकेशन की शुरुआत की है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से किसान घर बैठे अपनी फसल बिक्री के लिए ई-गेट पास बनवा सकते हैं और 48 घंटे के भीतर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों को सीधा फायदा: हरियाणा के 15 जिलों में जौ-गेहूं के लिए शुरू हुई विशेष सब्सिडी योजना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी सीजन में किसानों को मजबूत सहारा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य में जौ और गेहूं की फसलों के लिए बीज वितरण से लेकर प्रदर्शन प्लांट और पौध व मृदा संरक्षण प्रबंधन तक पर अनुदान दिया जाएगा। यह पहल किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, बेहतर किस्मों को बढ़ावा देने और मिट्टी की उर्वरता कायम रखने में मदद करेगी। जौं की खेती को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला, रोहतक, भिवानी, सिरसा, हिसार, झज्जर और चरखी दादरी जिलों को चुना गया है। इन जिलों में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, फसल प्रदर्शन इकाइयों और मृदा प्रबंधन तकनीकों पर सरकारी सहायता दी जाएगी। इच्छुक किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह गेहूं के लिए अम्बाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, मेवात, पलवल, चरखी दादरी और रोहतक जिलों में अनुदान मंजूर किया गया है। इस स्कीम का उद्देश्य अधिक उत्पादन और वैज्ञानिक तरीके से खेती को बढ़ाना है। किसान बिजाई की समय-सारणी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और मृदा संरक्षण उपायों से फसल की पैदावार बढ़ेगी और किसानों के लाभ में भी इजाफा होगा। आवेदन प्रक्रिया हुई बेहद आसान दोनों फसलों के लिए किसान विभाग की वेबसाइट पर कुछ सरल चरणों में आवेदन पूरा कर सकते हैं। साथ ही, हर जिले के कृषि विकास अधिकारी, ब्लॉक कृषि अधिकारी, उप-मंडल कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक के कार्यालयों में जानकारी और सहायता उपलब्ध रहेगी।

मांगों को लेकर MPHW कर्मी नाराज़, ब्लैक बैज के साथ ड्यूटी; 11 ऑनलाइन पोर्टल बंद

चंडीगढ़  हरियाणा में बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (MPHW) वर्ग ने सरकार की उपेक्षा के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लंबित मांगों को लगातार अनदेखा किए जाने से नाराज़ कर्मचारियों ने बुधवार को प्रदेशभर में काली पट्टी बांधकर टीकाकरण किया और चेतावनी दी कि जनवरी तक हर बुधवार यही प्रतीकात्मक विरोध जारी रहेगा। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला, महासचिव सहदेव आर्य और उपाध्यक्ष सुदेश रानी ने कहा कि सरकार केवल आश्वासन दे रही है, कार्रवाई नहीं। बार-बार पत्र लिखने और ज्ञापन देने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कर्मचारियों में गहरा रोष है। राज्य प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने बताया कि अत्यधिक ऑनलाइन कार्यों का बोझ एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को मानसिक तनाव में धकेल रहा है। इसी कारण 25 अक्टूबर से कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टलों का बहिष्कार कर चुके हैं। इसके चलते अनमोल, एनसीडी, डिज़ीज़ सर्वेलेंस, निरोगी हरियाणा, आयुष्मान भारत, एनीमिया मुक्त भारत, सुरक्षित नारी सुरक्षित परिवार, यूवीन वैक्सीनेशन समेत कुल 11 प्रमुख पोर्टल ठप पड़े हैं। इन पोर्टलों पर डेटा एंट्री रुकने से कई योजनाओं की जमीनी मॉनिटरिंग गड़बड़ा गई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई केवल अधिकारों के लिए है, राजनीतिक नहीं। ऑनलाइन कार्यक्रमों की जवाबदेही तय करना, मानव व तकनीकी संसाधन उपलब्ध करवाना, एमपीएचडब्ल्यू पदनाम में संशोधन, पदोन्नति, प्रमोशनल स्केल व कंफर्मेशन लिस्ट जारी करना, एनएचएम में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को एफपीएल-6 वेतनमान देने, ड्रेस, एमपीएस व ट्रेवल अलाउंस, रिटायरमेंट बेनिफिट और ग्रेच्युटी, मेवात व पलवल के कर्मचारियों को तबादले का अवसर, मेवात अलाउंस तथा खाली पदों पर नियमित भर्ती करने की उनकी प्रमुख मांग हैं।

क्राइम पर करारा प्रहार: हरियाणा पुलिस ने 24 घंटे में 98 बदमाश दबोचे, 81 हिस्ट्री शीट खोलीं

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत 17 नवंबर का दिन हरियाणा की पुलिसिंग हिस्ट्री में ‘रिकॉर्ड-ब्रेकर डे’ के तौर पर दर्ज हो गया है। एक ही दिन में 75 केस दर्ज, 98 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और 256 अन्य अपराधियों को जेल भेजकर पुलिस ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। मात्र 24 घंटों में 81 हिस्ट्री शीट खोली गईं। यह आंकड़ा पिछले 12 दिनों में खोली गई कुल हिस्ट्री शीट (179) को अचानक 260 तक पहुंचा देता है। ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत पुलिस हर संदिग्ध और पुराने अपराधियों की प्रोफाइलिंग करके भविष्य के अपराधों की रोकथाम पर फोकस कर रही है। जितनी हिस्ट्री शीटें खुलीं, उतने ही गैंगों की ‘वर्किंग स्टाइल’ जैसी अंदरूनी जानकारियां बाहर आईं, जिन्हें आगे गैंग-फ़्री हरियाणा मॉडल में शामिल किया जाने वाला है। झज्जर जिले ने किया लीड 17 नवंबर का ‘टॉप परफॉर्मर’ झज्जर जिला रहा, जिसने 18 मामलों में 21 कुख्यात अपराधियों को पकड़कर बाकी जिलों के लिए मानक तय कर दिया। इसके बाद करनाल (9 गिरफ्तारियां), कैथल (8) और रोहतक (8) ने भी अच्छी परफॉरमेंस दर्ज की। हिस्ट्री शीट खोलने में सोनीपत सबसे आगे रहा, जिसने 26 हिस्ट्री शीटें खोलकर स्पष्ट संदेश दिया कि अब अपराधियों की पुरानी लोकेशन और चालबाज़ियों को रिकॉर्ड में कैद किया जाएगा। अपराध का ब्रेकडाउन: कौन सबसे ज्यादा फंसा एक दिन में दर्ज हुए कुल 75 मामलों में सबसे अधिक केस आर्म्स एक्ट के रहे। 27 केस और 33 गिरफ्तारियां हुईं। इसके अलावा हत्या का प्रयास के 16 केस में 23, उगाही के 10 केस में 10 और लूट के 6 केस में 10 गिरफ्तारियां हुईं। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि पुलिस सीधे उन अपराधियों को निशाना बना रही है, जो कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बनते हैं। करनाल: अवैध कब्ज़ा गैंग पर सबसे बड़ी चोट ट्रैकडाउन की अगली बड़ी कड़ी करनाल से सामने आई, जहां जमीन कब्ज़ा करने वाले नेटवर्क को पुलिस ने निशाना बनाया। 18 नवंबर को रमेश और विशाल वालिया को गिरफ़्तार किया गया। ये दो आरोपी 16 नवंबर को यमुना विहार कॉलोनी में प्लॉटों पर कब्ज़ा करने की कोशिश में थे। तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी रमेश पर पहले से 6 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 384 आईपीसी (जबरन वसूली), आर्म्स एक्ट, 307 (हत्या का प्रयास) जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। दोनों को रिमांड पर लेकर पुलिस अब उनके गैंग की ‘जमीन कब्ज़ा रैकेट’ की पूरी संरचना खंगाल रही है। बबली गैंग पर हुई बड़ी कार्रवाई ट्रैकडाउन के अंतर्गत करनाल पुलिस ने पुरानी रंजिश के मामले में चार और वांछित आरोपियों – बबली, जसराम, प्रदीप और सागर को हिरासत में लिया। ये सभी 26 अप्रैल को मीरा घाटी पार्क में शिकायतकर्ता पर हमला करके फरार हो गए थे। पूछताछ में पता चला कि गैंग लीडर बबली भी 6 मामलों में वांछित है। इनमें 2015 का आर्म्स एक्ट, 2019 का उगाही का मामला भी शामिल है। पुलिस पहले ही इस केस में पांच गिरफ्तारियां कर चुकी थी। अब इन चार की गिरफ्तारी के बाद पूरा गैंग लगभग ध्वस्त माना जा रहा है।   700 बड़े अपराधी सलाखों के पीछे डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत अब तक कुल 768 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके अलावा 2980 अन्य अपराधी धर दबोचे गए। पुलिस का कहना है कि ट्रैकडाउन सिर्फ बड़ी मछलियां नहीं पकड़ रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे लेकिन खतरनाक अपराधियों को भी खत्म कर रहा है, जो भविष्य में बड़े अपराधों की जड़ बनते हैं। अब ‘क्राइम-फ्री ज़ोन मैपिंग’ शुरू सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब हजारों गिरफ्तारियों और हिस्ट्री शीट डेटा को जोड़कर ‘क्राइम-फ्री ज़ोन मैपिंग’ तैयार कर रही है। एक ऐसा डिजिटल सिस्टम जो अपराधियों की मूवमेंट, उनके पुराने ठिकानों और गैंग पैटर्न को हाई-रिस्क ज़ोन से लिंक करेगा। इससे हर जिले की पुलिस को ‘प्री-क्राइम अलर्ट’ मिल सकेगा। यानी ट्रैकडाउन अब सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, एक टेक-इनेबल्ड क्राइम इरैडिकेशन मॉडल बन रहा है।