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फ्लोरिडा में नौकरी कर रहे अंबाला के युवक को अमेरिका ने डिपोर्ट किया, कहा 25 घंटे तक पैरों में बेड़ियां

 अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के छह युवकों समेत 50 भारतीयों को अमेरिका ने हाल ही में डिपोर्ट कर दिया है. इनमें अंबाला के जगोली गांव के हरजिंदर सिंह भी हैं, जो फ्लोरिडा के जैक्सन वेल में रसोइए की नौकरी करने गए थे. हरजिंदर ने अमेरिका पहुंचने के लिए अपने माता-पिता की मेहनत की कमाई, करीब 35 लाख रुपये, खर्च कर दिए थे. उन्हें विश्वास था कि वहां जाकर वह परिवार के लिए एक सुखद भविष्य बनाएंगे, लेकिन उनकी उम्मीदें और सपने वहीं टूटकर रह गए. हरजिंदर सिंह ने बताया कि अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद उन्हें और बाकी भारतीयों को पकड़कर देश से बाहर कर दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, सभी को करीब 25 घंटे तक बेड़ियों में रखा गया, जिससे उनके पैरों में सूजन आ गई. इस बर्ताव ने हरजिंदर और उनके जैसे कई लोगों के लिए अमेरिका का सपना किसी बुरे अनुभव में बदल दिया. उन्होंने इस अमानवीय व्यवहार की निंदा की और भारतीय सरकार से मदद की गुहार लगाई है. सपनों की मजबूरी और बेरोजगारी की सच्चाई हरजिंदर ने कहा कि अपने घर-परिवार से दूर जाकर, हजारों किलोमीटर दूर सिर्फ रोजगार की तलाश में जाना आसान नहीं था. उनके मुताबिक, वही व्यक्ति इस दर्द को समझ सकता है जिसकी मेहनत की कमाई और उम्मीदें ऐसे ही बर्बाद हो जाएं. हरजिंदर ने सरकार से अपील की है कि अगर हिंदुस्तान में ही युवाओं के लिए पर्याप्त और अच्छा काम उपलब्ध हो जाए, तो कोई भी मजबूरी में विदेश नहीं जाना चाहेगा. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की वजह से आज लाखों युवाओं को अपने घर और परिवार छोड़ना पड़ता है, लेकिन विदेशों में भी उन्हें अपमान और परेशानी का सामना करना पड़ता है. हरजिंदर और उनके जैसे कई युवाओं की-जिंदगी में यह घटना एक बड़ी सीख है कि देश में रोजगार का अभाव लोगों को मजबूर करता है, और उन्हें अपना सब कुछ खोकर भी कुछ हासिल नहीं होता. अब वह सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि बेरोजगार युवाओं को अपने देश में ही अच्छे रोजगार के अवसर दिए जाएं ताकि कोई भी अपना घर छोड़कर बाहर जाने के लिए मजबूर न हो.

गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस: हरियाणा में शुरू होगा 25 दिन का श्रद्धांजलि पर्व

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि हरियाणा सरकार गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में एक से 25 नवंबर तक राज्य भर में कई कार्यक्रम आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, तैयारियों पर चर्चा के लिए यहां आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सैनी ने कहा कि 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। सैनी ने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों में स्कूली छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि लोग नौवें सिख गुरु के जीवन, बलिदान और शिक्षाओं से प्रेरणा ले सकें।

एएसआई संदीप लाठर के घर पहुंचे हरियाणा के राज्यपाल

जुलाना हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष आज एएसआई संदीप लाठर के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मिलकर सांत्वना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने एएसआई के परिजनों से 40 मिनट कर बातचीत की।   राज्यपाल असीम कुमार घोष के जुलाना पहुंचने से पहले एएसआई संदीप लाठर के घर के बाहर और गलियों में पुलिस तैनात की गई थी। वहीं,  सुबह से ही नगर पालिका के कर्मचारियों की ओर से गलियों की सफाई की गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि कुछ देर में हरियाणा के राज्यपाल के आने के चलते नगर पालिका ने इलाके की गलियों की सफाई की है।   

सीएम सैनी ने दी श्रद्धांजलि: IPS पूरन कुमार के परिवार से मिले, कहा– पूरा प्रदेश आपके साथ है

पंचकूला हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के लिए रविवार, 26 अक्टूबर को पंचकूला स्थित नाडा साहिब गुरुद्वारे में अंतिम अरदास का आयोजन हुआ। गुरबाणी पाठ के बीच पूरन कुमार की छोटी बेटी अमूल्या और उनके ससुर बी. रतन सिंह शोक संदेश पढ़ते हुए भावुक हो उठे। पूजा-अर्चना में बड़ी संख्या में नेता और अधिकारी पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। Y पूरन कुमार के घर पहुंचे मुख्यमंत्री  शाम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पूरन कुमार के घर पहुंचे। सीएम ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "दुख की घड़ी में मेरी और पूरी सरकार की संवेदनाएं परिजनों के साथ हैं।" अंतिम अरदास में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा समेत कई प्रमुख हस्तियां शरीक हुईं। दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि ने भी बताया कि दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में जल्दी ही बड़ी शोक सभा आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथि जल्द घोषित की जाएगी।   सुसाइड नोट में उठे गंभीर सवाल गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को वाई. पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को उनके पास से 8 पेज का सुसाइड नोट और 1 पेज की वसीयत मिली थी। इसमें उन्होंने हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक के तत्कालीन SP नरेंद्र बिजारणिया समेत कुल 15 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।

अस्पताल में काम कर रही थी पंजाब की बेटी, कनाडा में हुई मौत

चंडीगढ़  पंजाब के संगरूर से बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गई 27 वर्षीय अमनप्रीत कौर सैनी की ओंटारियो के लिंकन में हत्या कर दी गई है। कत्ल करने वाले की पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई, जिसकी उम्र 27 साल बताई जा रही है। कनाडा पुलिस ने इस मामले में मनप्रीत सिंह के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज किया है और उसकी तलाश जारी है। 2021 में कनाडा गई थी अमनप्रीत अमनप्रीत कौर सैनी का शव पुलिस को गहन छानबीन के बाद लिंकन, ओंटारियो में बरामद हुआ। संगरूर में अमनप्रीत के परिवार को जब इस दुखद घटना की जानकारी मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अमनप्रीत के पिता इंद्रजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी बहुत होनहार थी और वह कनाडा के एक अस्पताल में काम कर रही थी। अमनप्रीत 2021 में कनाडा गई थी और जल्द ही उसे स्थायी निवासी (PR) का दर्जा मिलने वाला था। मृतका के पिता इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अमनप्रीत ने कभी भी उन्हें अपनी जिंदगी की किसी अंदरूनी परेशानी के बारे में नहीं बताया। वह हमेशा परिवार के साथ खुश होकर बातें करती थी। उन्होंने कहा कि अमनप्रीत अपनी मेहनत के दम पर कनाडा में कार भी खरीद चुकी थी और एक अच्छी जिंदगी जी रही थी। भारत आने के लिए थी उत्साहित पिता ने यह भी बताया कि अमनप्रीत भारत आने के लिए बहुत उत्साहित थी। उसने कहा था कि जैसे ही वह पीआर हो जाएगी, वह सबसे पहले भारत आएगी। लापता होने के दो दिन बाद मिली लाश अमनप्रीत के चाचा ने जानकारी दी कि 20 तारीख को कनाडा में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की छानबीन के बाद पता चला कि उसका कत्ल कर दिया गया है और उसका शव दो दिन बाद बरामद हुआ। परिवार ने सरकार से मांगी मदद शोकाकुल परिवार ने अब पंजाब सरकार से मदद की अपील की है। वहीं, कनाडा पुलिस द्वारा आरोपी मनप्रीत सिंह की तलाश की जा रही है।

हरियाणा में बढ़ता नशा: सुरजेवाला ने BJP सरकार पर किया कड़ा हमला

चंडीगढ़  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में बढ़ते नशे के प्रसार पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नायब सरकार के नकारेपन की हरी झंडी तले नशा तस्कर और माफिया हरियाणा को ‘उड़ता हरियाणा’ से ‘उजड़ता हरियाणा’ बना चुके हैं। सुरजेवाला ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ साइकिल पर फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं, जबकि नशे का जहर अब हर गांव, हर शहर और हर घर की दीवारों में रिस चुका है। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा का युवा आज नशे की गिरफ्त में जकड़ा हुआ है। नशे की लत इतनी भयावह हो चुकी है कि ममता भी मर रही है। माताएं अपने छह माह के बच्चों को बेचने तक मजबूर हैं। गांवों और शहरों में नशे की ओवरडोज से सैकड़ों युवाओं की रोज मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि अब हालात इतने बदतर हैं कि पिता अपने बेटे की लाश पर रोते हुए कहते हैं – ‘मेरा बेटा तो गया, अब औरों को बचाओ।’ सुरजेवाला ने कहा – हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट खुद कहती है कि प्रदेश के 860 कुख्यात नशा तस्करों में से 730 जेल से बाहर खुलेआम घूम रहे हैं। ये माफिया सरकार की नाक के नीचे धड़ल्ले से नशा बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कागजों पर नशा मुक्ति असल में भाजपाई युक्ति बन गई है, जहां सरकार दावा करती है कि प्रदेश के 3,000 से अधिक गांव और 600 से अधिक वार्ड नशामुक्त हैं, लेकिन असलियत में वहीं ड्रग पेडलर खुलेआम कारोबार चला रहे हैं।   खेत से खलिहान तक फैल रहा नशे का जाल सुरजेवाला ने कहा कि नशे का यह जहर अब केवल समाज को नहीं, बल्कि हरियाणा के वर्तमान और भविष्य दोनों को निगल रहा है। खेती, मजदूरी, खेल – हर क्षेत्र में नशे का असर दिख रहा है। यह युवा शक्ति को अपराध, चोरी और अंधकार की ओर धकेल रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब हरियाणा का नौजवान नशे से मर रहा है, तब मुख्यमंत्री ‘जुबानी हवाबाजी’ और ‘फोटोशूट राजनीति’ में व्यस्त हैं। भाजपा सरकार नशे के खिलाफ नहीं, नशे के साथ खड़ी दिख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हरियाणा को ‘उजड़ते हरियाणा’ से ‘बचते हरियाणा’ की राह पर लाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के मामले में HHRC का सख्त कदम, DGP और स्वास्थ्य प्रमुख को किया नोटिस

चंडीगढ़  हरियाणा मानव अधिकार आयोग (HHRC) ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के एक गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक (DGP) और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि इस मामले की गहराई से जांच कर 17 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह निर्देश आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने शिकायत संख्या 1037/10/2023 के अंतर्गत जारी किए। इस दौरान शिकायतकर्ता के पिता धर्म सिंह और सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद (सीआईए-।।, करनाल) आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। मामला एफआईआर संख्या 64 दिनांक 11 मार्च, 2023 से जुड़ा है। निसिंग पुलिस स्टेशन में भादंसं की धारा-379 और विद्युत अधिनियम की धारा-136 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस प्रकरण की जांच सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद द्वारा की गई थी। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता लवदीप को 14 अप्रैल, 2023 को गिरफ्तार किया गया था और उसी दिन उसका चिकित्सकीय परीक्षण भी करवाया गया था। हालांकि आयोग के समक्ष प्रस्तुत चिकित्सकीय रिपोर्ट अस्पष्ट थी और पढ़ने योग्य नहीं थी। दस्तावेज़ों से यह प्रतीत हुआ कि उस रिपोर्ट में किसी नई चोट का उल्लेख नहीं किया गया था। चोटों की रिपोर्ट में विरोधाभास पर सवाल आयोग ने पाया कि 15 अप्रैल, 2023 को किए गए एमएलआर (मेडिकल लीगल रिपोर्ट) में कई चोटों का उल्लेख किया गया है, जिनकी अवधि 4 से 7 दिन पुरानी बताई गई। आयोग ने इस विरोधाभास पर प्रश्न उठाया कि जब 14 अप्रैल की रिपोर्ट में कोई चोट नहीं थी, तो फिर 15 अप्रैल की रिपोर्ट में पुरानी चोटें कैसे दर्ज हो गईं। इस प्रश्न पर जांच अधिकारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। ‘सतही परीक्षण’ पर आयोग की नाराज़गी आयोग के समक्ष सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद और निरीक्षक दिनेश कुमार (महानिदेशक जांच, आयोग) ने बताया कि पुलिस हिरासत में आमतौर पर डॉक्टर केवल उन्हीं चोटों का उल्लेख करते हैं जिनकी शिकायत आरोपी स्वयं करता है, और शरीर का संपूर्ण परीक्षण नहीं किया जाता। इस पर आयोग सदस्य दीप भाटिया ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण अत्यंत चिंताजनक है। हिरासत में प्रताड़ना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में लापरवाही अस्वीकार्य है। वरिष्ठ अधिकारी से जांच के आदेश मानवाधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को इस मामले की गहन जांच के लिए नामित करें। उन्हें यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता के साथ हुई कथित हिरासत प्रताड़ना तथा पुलिस की कार्यप्रणाली की पूरी समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के महानिदेशक को भी आदेश दिए हैं कि 14 अप्रैल और 15 अप्रैल, 2023 के दोनों चिकित्सकीय परीक्षणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट 17 दिसंबर से पहले आयोग में प्रस्तुत करें।

हरियाणा: औरंगपुर गांव में पिता-पुत्र की हत्या, आरोपी बेटा अशोक पुलिस के हत्थे चढ़ा

झज्जर  झज्जर-गुरुग्राम मार्ग के गांव औरंगपुर (Aurangpur) में करीब ढाई माह पहले हुई पिता और बेटे की हत्या (Father-Son Murder) का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी अशोक (Ashok) को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। हत्या के शिकार 80 वर्षीय खजान सिंह (Khajan Singh) और उनके 30 वर्षीय बेटे संजय (Sanjay) थे। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण जमीनी विवाद (land dispute) था। इस दोहरे हत्याकांड को खजान सिंह के एक अन्य बेटे अशोक ने अंजाम दिया। डीसीपी क्राइम अमित दहिया (DCP Crime Amit Dahiya) ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी ने करीब ढाई माह पहले दोनों के शवों को मकान के पिछले हिस्से में खेत में जलाया और अवशेष को खुर्द-बुर्द करके जुताई कर दिया, ताकि कोई सबूत हाथ न लगे। हत्या का मुख्य कारण खजान सिंह की पुस्तैनी जमीन और खरीदी गई चार एकड़ भूमि बताया गया। अशोक को शक था कि पिता यह जमीन संजय के नाम कर सकते हैं। पुलिस ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियारों (weapons used in the murder) की बरामदगी और क्राइम सीन रिक्रिएट (crime scene recreation) की जाएगी। इसके अलावा जांच यह भी कर रही है कि और कौन-कौन लोग इस जघन्य अपराध में शामिल थे। उन्होंने बताया कि एक ही स्थान पर रहते हुए परिवार के अन्य लोगों ने इस मामले में ढाई माह तक चुप्पी आखिर क्यों साधे रखी यह जांच का विषय है। जैसे-जैसे जांच आगे बढे़गी तो मामले की सभी परतें भी खुलती चली जाएगी। उन्होंने आरोपी अशोक को मीडिया के सामने भी पेश किया। अशोक की गिरफ्तारी के बाद परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पुलिस की नजर । डीसीपी ने कहा कि मामले की सभी परतें उजागर करने के लिए पूरी गंभीरता से जांच जारी है।

DGP ने थानेदारों को बताया जनता से जुड़ने का तरीका, कानून के साथ जागरूकता भी जरूरी

चंडीगढ़  हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने राज्यभर के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) को सख्त लेकिन प्रेरक लहजे में पत्र लिखा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर थाना अपने क्षेत्र में 31 अक्तूबर तक राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे। पत्र में डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की असली ताकत जनता का विश्वास है, और यह विश्वास सिर्फ शब्दों से नहीं, कर्मों से हासिल किया जा सकता है। डीजीपी सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि थाना केवल एक भवन नहीं, बल्कि कानून और सुरक्षा की पहली चौकी है। उन्होंने कहा – ‘आपके पास वर्दी, लाठी, बंदूक और कानून की ताकत है। यह शक्ति जनता की रक्षा के लिए है, भय पैदा करने के लिए नहीं। अगर आपके इलाके में ठग, बदमाश और अपराधी चैन की सांस ले रहे हैं, तो यह आपकी नाकामी है।’ डीजीपी ने चेतावनी दी कि किसी भी थाना प्रभारी के क्षेत्र में अपराध बढ़ा या जनता का भरोसा टूटा, तो उसकी जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि थाने की मेज़ पर बैठने से पुलिसिंग नहीं होती, थाने से निकलकर गलियों, स्कूलों, चौपालों में जाना ही सच्ची पुलिसिंग है। नशे और इंटरनेट के जाल में फंसा युवा पत्र में ओपी सिंह ने युवाओं के बीच फैलती नशाखोरी और ऑनलाइन ठगी पर चिंता जताई। उन्होंने थानेदारों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करें। उन्होंने कहा कि आज का युवा इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की आभासी दुनिया में उलझ रहा है। उन्हें समझाइए कि जीवन मोबाइल में नहीं, मैदान में है। वे खेलें, नाचें, गाएं, जिएं, लेकिन जिएं अपने सपनों के लिए, नशे के लिए नहीं। डीजीपी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी महंगी गाड़ी के इंजन में चीनी डालने से इंजन जाम हो जाता है, वैसे ही नशे का ज़हर शरीर और दिमाग को जकड़ देता है। ड्रग्स यानी नशा, इंसान की नसों को नहीं, उसकी पीढ़ियों को खत्म करता है। जन-जागरूकता कार्यक्रम बनें पुलिस-जन सहयोग का जरिया डीजीपी ने थानेदारों से कहा कि वे शाम के समय सामुदायिक सभाएं, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, खेलकूद और संवाद कार्यक्रम आयोजित करें। इनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के चित्र और वीडियो (चित्रांकन और चलचित्र) भी बनाए जाएं और पुलिस मुख्यालय को भेजे जाएं ताकि आने वाली डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शित किया जा सके। डीजीपी ने कहा कि जो थाने जनता से जुड़ेंगे, वही पुलिस की पहचान बनाएंगे। ‘एक नन्हा शम्मा…’, बदलाव की शुरुआत थाने से ही अपने पत्र के अंत में डीजीपी सिंह ने एक प्रेरक शेर का उल्लेख किया – ‘एक नन्हा शम्मा अंधेरे में जलाया सिखाया, सुबह होने के माहौल को बनाया सिखाया।’ उन्होंने लिखा कि हर थाने में यह छोटा-सा दीपक जलना चाहिए – एक आशा, एक सुरक्षा और एक बदलाव का प्रतीक बनकर। डीजीपी ने कहा कि यदि हर थाना अपनी जिम्मेदारी निभाएगा तो हरियाणा पुलिस देश की सबसे जवाबदेह और जनहितैषी पुलिस बनकर उभरेगी।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए अहम कदम, हरियाणा के सभी जिमों में महिला ट्रेनर अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में राज्य महिला आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने आदेश जारी कर अब प्रदेश के सभी जिमों और फिटनेस सेंटरों में महिला ट्रेनरों की नियुक्ति अनिवार्य कर दी है। राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बात करते हुए कहा, "जिम एक ऐसा स्थान है, जहां महिलाएं अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जाना चाहती हैं। इस निर्णय से महिलाओं को आत्मविश्वास मिलेगा और वे बिना किसी झिझक के फिटनेस गतिविधियों में भाग ले सकेंगी।" उन्होंने कहा कि जिमों में पुरुष और महिला सदस्यों के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि महिलाएं सुरक्षित और सहज माहौल में एक्सरसाइज कर सकें। जिम में महिलाओं के साथ कोई गलत काम न हो, इसका विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। रेनू भाटिया ने बताया कि हरियाणा में इसे ‘हरियाणा महिला सुरक्षा मॉडल’ के रूप में लागू किया जाएगा। आयोग ने सभी जिम संचालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर महिला ट्रेनरों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आदेशों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शुरुआत में यह योजना गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, करनाल और हिसार जैसे शहरी जिलों में लागू की जाएगी, जहां महिलाओं की जिम में भागीदारी सबसे अधिक है। आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया स्वयं विभिन्न जिलों का निरीक्षण करेंगी ताकि नियमों के पालन की पुष्टि की जा सके। भाटिया ने कहा कि सिर्फ जिम ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए भी आयोग ने एक और पहल शुरू की है। अब इच्छुक महिलाओं को कार ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे कैब चलाकर आत्मनिर्भर बन सकें। यह निर्णय उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें महिलाओं ने कैब ड्राइवरों द्वारा छेड़छाड़ की शिकायतें की थीं। प्रशिक्षित महिला ड्राइवरों को कैब सेवाओं से जोड़कर सुरक्षित महिला कैब नेटवर्क तैयार किया जाएगा। महिला ट्रेनर और महिला ड्राइवर कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में हरियाणा सरकार का महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। यह कदम उन महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा है जो जिम में ट्रेनिंग के दौरान असहज महसूस करती हैं या अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं।