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स्मार्ट सिटी योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप: लोकसभा में कुमारी सैलजा ने उठाया मुद्दा

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने लोकसभा में स्मार्ट सिटी मिशन के क्रियान्वयन में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और अधूरी परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के फरीदाबाद और करनाल सहित देश के कई शहरों में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का काम अपेक्षित गति से नहीं हुआ है और अनेक योजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों शहरों में कुल 167 परियोजनाओं में से जून 2024 तक केवल 112 परियोजनाएं ही शुरू की जा सकीं, जबकि उनमें से भी 67 परियोजनाओं में तीन से चार वर्ष तक की देरी हुई है। नगर स्तरीय निगरानी समिति की 133 निर्धारित बैठकों के स्थान पर केवल 10 बैठकें आयोजित की गईं, जिससे परियोजनाओं की सही समीक्षा और निगरानी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 3896.82 करोड़ रुपये की प्रस्तावित वित्तीय व्यवस्था के मुकाबले केवल 1825.86 करोड़ रुपये (लगभग 46.86 प्रतिशत) ही जुटाए जा सके। इसके अलावा करनाल में 356.87 करोड़ रुपये ऐसे कार्यों पर खर्च किए गए जो चिन्हित विकास क्षेत्र से बाहर थे। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन भी नहीं कराया गया। कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि इन अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच करवाई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए। मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग का कुमारी सैलजा ने समर्थन किया है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी का संघर्ष करोड़ों बहुजनों को अधिकार, हिस्सेदारी और आत्मसम्मान की राह दिखाने वाला रहा है। ऐसे महान समाज सुधारक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना देश की सामाजिक न्याय की भावना को और मजबूत करेगा।

फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों की बाढ़, ACB रिपोर्ट ने खोली 10 साल की पोल

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पिछले 10 वर्षों के दौरान 1017 अवैध कॉलोनियां विकसित होने का बड़ा खुलासा हुआ है। यह जानकारी हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की रिपोर्ट में सामने आई है। यह रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर तैयार की गई है और इसे जल्द ही कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। हाई कोर्ट के आदेश पर तैयार किया गया डाटा दरअसल, गुरुग्राम निवासी अशोक मुंजाल ने प्रदेश में तेजी से बस रही अवैध कॉलोनियों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो को प्रदेश में विकसित हुई अवैध कॉलोनियों का विस्तृत डाटा तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के तहत फरीदाबाद समेत अन्य जिलों का आंकड़ा जुटाया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो के एसपी अनिल यादव ने बताया कि हाई कोर्ट ने उन अधिकारियों के नामों की सूची भी मांगी है, जिनके कार्यकाल के दौरान ये अवैध कॉलोनियां विकसित हुईं। हालांकि, संबंधित विभागों की ओर से अभी तक इस संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। एसीबी की ओर से इस मामले में दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। इन इलाकों में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां एसीबी की जांच में सामने आया है कि सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में विकसित हुई हैं। यहां करीब 500 कॉलोनियां बसाई गई हैं। इसके अलावा पृथला, आईएमटी, बसंतपुर, पल्ला, सेहतपुर, अगवानपुर, ददसिया, टिकावली और वजीरपुर जैसे इलाकों में भी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित हुई हैं। इन क्षेत्रों में 300 से अधिक कॉलोनियां पाई गई हैं। इन विभागों पर होती है रोकथाम की जिम्मेदारी अवैध कॉलोनियों को विकसित होने से रोकने की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार (इनफोर्समेंट) और नगर निगम की होती है। इसके अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) और ग्रामीण क्षेत्रों में डीटीपी विभाग भी कार्रवाई करता है। नगर निगम क्षेत्र में तोड़फोड़ विभाग के एसडीओ के पास अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करने और कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने के अधिकार होते हैं।

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- भारत का ईरान युद्ध पर स्टैंड सही, संघ की सोच शांति की है, भारतीयता-हिंदुत्व मानसिकता नहीं जीवनशैली

पानीपत हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन  सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच ईरान को लेकर भारत के स्टैंड पर कहा कि भारत हित में सरकार सही कर रही है, ऐसा विश्वास है कि सरकार का स्टैंड सही है। उन्होंने कहा कि संघ पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। होसबाले ने कहा- भारतीयता क्या है, हिंदुत्व क्या है, इसकी एक स्पष्ट अवधारणा होनी चाहिए। यह केवल एक मानसिकता नहीं बल्कि एक जीवनशैली है। हरियाणा में भी RSS का बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत के लिए हरियाणा में बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी। RSS की 3 दिवसीय सभा की अहम बातें संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई। यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं। गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है। 3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया। संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे। उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है। पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ तालमेल बैठना आसान नहीं। इसलिए पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को नए सिरे से एक्टिव किया जाएगा। संघ यह मैसेज देना चाहता है कि सिखों और हिंदुओं का रिश्ता 'नख-मांस' जैसा है। पंजाब में अगले साल के शुरु में चुनाव होने हैं। पंजाब को लेकर आरएसएस की 4 रणनीति     राष्ट्रीय सिख संगत का मिशन 'डोर-टू-डोर': सिखों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 'राष्ट्रीय सिख संगत' दल को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। यह दल पंजाब के गांवों में घर-घर जाकर संपर्क साधेगा और भ्रांतियों को दूर कर राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार करेगा।     सामाजिक समरसता और ममता संगम: पंजाब के विभिन्न जिलों में मातृशक्ति के विशेष 'ममता संगम' सम्मेलन आयोजित किए हैं। इन सम्मेलनों के दौरान जो सुझाव या चुनौतियां आईं, उनके आधार पर आगे की तैयारी होगी।     नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर मुहिम: पंजाब की सबसे बड़ी समस्या 'ड्रग्स' को लेकर संघ ने अपनी चिंता जताई है। बैठक में तय हुआ कि संघ अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से गांव-गांव में नशा मुक्ति अभियान छेड़ेगा, ताकि युवाओं को विनाश से बचाया जा सके।     'पंच प्रभुदन' और प्रवासियों से संपर्क: पंजाब से भारी संख्या में युवा विदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। संघ 'पंच प्रभुदन' कार्यक्रम के तहत विदेशों में बसे पंजाबी और सिख समुदाय से संपर्क साधेगा, ताकि उन्हें अपनी मिट्टी और संस्कृति से दोबारा जोड़ा जा सके।

हवाओं ने बढ़ाई सर्दी: हरियाणा में मौसम का यू-टर्न, छह दिन तक बारिश की संभावना

अंबाला. मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। दिन में हल्की गर्माहट के बावजूद सुबह और शाम की हवाओं ने शहरवासियों को हल्की ठंडक का एहसास कराया। शनिवार को न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम का मिजाज थोड़ा सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक रहा। इससे पहले शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया था। वहीं, अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा है। सुबह के समय वातावरण में 76 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जिसके कारण सुबह हल्की नमी और ठंडक महसूस हुई। दिन चढ़ने के साथ धूप निकली, लेकिन बीच-बीच में चलने वाली हवाओं ने गर्मी को ज्यादा बढ़ने नहीं दिया। शाम के समय भी हवा चलने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। 15 और 16 मार्च को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने के साथ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके बाद भी सप्ताह के दौरान मौसम में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अगले कुछ दिनों में हो सकती है तापमान में गिरावट पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। 16 मार्च को अधिकतम तापमान 26 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के इस समय में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में ऐसे बदलाव सामान्य हैं। बादलों की आवाजाही और संभावित हल्की बारिश से दिन के तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है और मौसम में हल्की ठंडक बनी रह सकती है। शहर में शनिवार को सूर्यास्त शाम छह बजकर 30 मिनट पर हुआ, जबकि रविवार को सूर्योदय सुबह छह बजकर 35 मिनट पर होने का अनुमान है। आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के चलते मौसम का मिजाज कुछ हद तक बदला-बदला रहने की संभावना है।

बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल: हरियाणा में ‘प्रहरी’ पहल, स्वयंसेवक करेंगे नियमित मुलाकात

चंडीगढ़. उम्र के आखिरी पड़ाव में अकेलेपन का दंश झेल रहे हरियाणा के बुजुर्गों के लिए एक बेहद सुकून भरी खबर है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'प्रहरी' योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब प्रदेश भर में एक हजार 'स्वयंसेवकों' की फौज उतारने का फैसला किया है। ये वॉलंटियर न सिर्फ नियमित रूप से बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल जानेंगे, बल्कि बीमारी या किसी अन्य जरूरत के वक्त तुरंत सरकारी मशीनरी को एक्टिव कर उनकी मदद भी सुनिश्चित करेंगे। दरअसल, साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए इस अनूठी योजना का खाका खींचा था। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे नई रफ्तार देते हुए इसके लिए अलग से बजट का भी भारी-भरकम प्रावधान कर दिया है। सरकार की इस पहल से उन बुजुर्गों को सबसे बड़ा संबल मिलेगा, जिनके बच्चे नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में दूर शहरों या विदेशों में बस गए हैं। प्रहरी योजना के इस राज्यव्यापी विस्तार का सीधा असर हरियाणा के करीब तीन लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की जिंदगी पर पड़ेगा। मैदान में उतरे ये स्वयंसेवक सिर्फ हालचाल पूछने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आपात स्थिति में एंबुलेंस बुलाने से लेकर अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ दिलाने तक हर मोर्चे पर मुस्तैद दिखेंगे। एक तरह से ये वॉलंटियर बुजुर्गों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। इस नेक काम में राज्य सरकार ने समाज के उन रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को भी शामिल करने का फैसला किया है, जो अपनी दूसरी पारी में समाजसेवा का जज्बा रखते हैं। फिलहाल रोहतक, गुरुग्राम, भिवानी और पंचकूला समेत प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों में डे-केयर सेंटर शानदार तरीके से चल रहे हैं। इन सेंटरों का मुख्य मकसद बुजुर्गों को दिन के वक्त एक ऐसा खुशनुमा और सुरक्षित माहौल देना है, जहां वे अपनी हमउम्र संगत के साथ अपना अकेलापन बांट सकें। बुजुर्गों को स्थायी छत और पक्का आसरा देने के लिए राज्य के हर प्रमुख शहर में 'वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम' खोलने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। रेवाड़ी और करनाल में ये आश्रम बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 14 नए स्थानों को भी इस नेक काम के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इसके अलावा, पानीपत और अंबाला में रेडक्रॉस सोसाइटी अपना मोर्चा संभाले हुए है, वहीं पंचकूला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड का आधुनिक वृद्धाश्रम बेसहारा बुजुर्गों के लिए एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है।  

हाइड्रोजन ट्रेन की वापसी: एयर ब्रेक टेस्ट और तकनीकी जांच पूरी कर दिल्ली से जींद पहुंची

जींद. एक सप्ताह बाद दिल्ली से हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंची। दिल्ली में हाइड्रोजन ट्रेन के एयर ब्रेक की जांच की गई। डीजल इंजन की सहायता से ट्रेन को जींद लाया गया है। सात मार्च को तकनीकी सुधार व मेंटेनेंस के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को दिल्ली के शकूरबस्ती भेजा गया था। शनिवार को लगभग साढ़े नौ बजे ट्रेन जींद पहुंच गई थी। इसके बाद इसे हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड में खड़ा कर दिया गया है। हाइड्रोजन प्लांट में इलेक्ट्रोफायर भी खराब पड़ा है, जिससे प्लांट में अच्छी गुणवत्ता वाली गैस का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रोफायर की वाल्व खराब बताई जा रही है, जिसे ठीक करने के लिए बाहर से तकनीकी कर्मचारी को बुलाया जाएगा। बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल 25 से 28 फरवरी तक हुआ था। पहले दिन पांडू पिंडारा तक डीजल इंजन की मदद से ट्रेन को ले जाया गया था। पांडू पिंडारा से आगे ललित खेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन के साथ ट्रेन का रनिंग ट्रायल हुआ था। दोनों स्टेशनों के बीच दो बार ट्रेन को चलाया गया था। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी। फिर पिंडारा पहुंचने के बाद गोहना से आगे मुहाना तक डीजल इंजन के साथ हाइड्रोजन ट्रेन को ले जाया गया। वापसी में ट्रेन को हाइड्रोजन इंजन संग चलाया गया। 26 फरवरी को दूसरे दिन जींद से सोनीपत जाते समय ट्रेन की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी।

मार्च में ही गर्मी का कहर: हरियाणा में मई-जून जैसा तापमान, बिजली खपत में उछाल

भिवानी. हरियाणा के तमाम जिलों में मार्च के शुरुआती दिनों में ही इस बार गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का अहसास अभी से होने लगा है। दिन में तेज धूप और रात में बढ़ती गर्मी के कारण घरों में पंखे चलने लगे हैं। यही वजह है कि जिले में बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में प्रतिदिन बिजली की खपत 82 लाख यूनिट तक पहुंच गई है, जो मार्च महीने के लिहाज से काफी अधिक मानी जा रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च 2026 में कई दिनों की बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा रही है। तीन मार्च 2026 को बिजली की खपत 87.29 लाख यूनिट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 64.46 लाख यूनिट थी। चार मार्च को 73.74 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि 2025 में यह 69.09 लाख यूनिट थी। पांच मार्च को 69.31 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई, जो पिछले साल 65.78 लाख यूनिट थी। छह मार्च 2026 को बिजली की खपत 78.34 लाख यूनिट रही, जबकि 2025 में यह 72.46 लाख यूनिट थी। सात मार्च को 79.68 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, हालांकि पिछले वर्ष इस दिन 80.57 लाख यूनिट खपत हुई थी। आठ मार्च को इस वर्ष 79.75 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 84.92 लाख यूनिट था। नौ मार्च को बिजली की खपत 80.87 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल 82.28 लाख यूनिट थी। इस तरह से बिजली खपत रफ्तार पकड़ने लगी है। कूलर और पंखों की बढ़ने लगी डिमांड दुकानदारों का कहना है इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की खपत और बढ़ सकती है। साथ ही पंखे, कूलर और एसी की बिक्री भी तेजी पकड़ने लगी है। कुल मिलाकर मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और इसका सीधा असर बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम में बदलाव की संभावना बेशक समय से पहले तेज गर्मी ने दस्तक दे दी हो मगर मौसम वैज्ञानिकों की माने तो शनिवार से मौसम में परिवर्तन हो सकता है। प्रदेश में कुछ जगह वर्षा की संभावनाएं जताई जा रही है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद है। मार्च 2025 और 2026 ने में इस प्रकार हुई बिजली खपत तिथि     यूनिट खपत लाख (2026)     यूनिट खपत लाख (2025) 3 मार्च     87.29     64.46 4 मार्च     73.74     69.09 5 मार्च     69.31     65.78 6 मार्च     78.34     72.46 7 मार्च     79.68     80.57 8 मार्च     79.75     84.92 9 मार्च     80.87     82.28 10 मार्च     81.15     81.10 11 मार्च     81.70     80.20 12 मार्च     82.90     81.15 बिजली सुचारू आपूर्ति के जरूरी प्रबंध किए बिजली की सुचारू आपूर्ति के लिए जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इस बार गर्मियों में बिजली संकट नही होने दिया जाएगा। उपभोक्ताओं से आग्रह है बिजली की फिजूल खर्ची न करें। हमारा प्रयास है 24 घंटे सप्लाई दी जाए। – विनोद पूनिया, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।

राज्यसभा चुनाव को लेकर BJP सतर्क, हरियाणा विधायकों को गुप्त जगह पर कराया जाएगा मॉक ड्रिल

चंडीगढ़. हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बीजेपी ने हरियाणा निवास में अपने विधायकों को इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं। हरियाणा निवास से सभी बीजेपी विधायकों को बसों में बैठाकर किसी दूसरी स्थान पर ले जाया जाएगा, जहां उनकी एक मीटिंग होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी, हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहनलाल बडौली और हरियाणा बीजेपी के प्रभारी सतीश पूनिया मौजूद रहेंगे। इस मीटिंग में बीजेपी अपने विधायकों को राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की प्रक्रिया के बारे में समझाएगी। बीजेपी कराएगी चुनावी मॉक ड्रिल इतना ही नहीं, राज्यसभा चुनाव की एक मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें राज्यसभा में जिस तरह से चुनाव होता है, ठीक उसी तरह चुनाव करवाया जाएगा। ताकी बीजेपी विधायक पहली वरीयता वोट, दूसरी वरीयता वोट कहां टिक मार्क करना है ये प्रक्रिया आसानी से समझ जाएं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को चुनाव एजेंट बनाया गया। कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा और विधायक योगेंद्र राणा को काउंटिंग एजेंट नियुक्त किया है। वहीं, पार्टी प्रतिनिधि एवं पार्टी एर्जेंट के तौर पर खेल मंत्री गौरव गौतम और विधायक सुनील सांगवान जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी ने काउंटिंग एजेंट के तौर पर चेतन मित्तल और घनश्याम को लगाया है।

कचरा अलग-अलग करना होगा जरूरी: हिसार के 1.55 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर जुर्माना

हिसार. शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्ती के संकेत दे दिए हैं। अब घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का सेग्रीगेशन (गीला-सूखा अलग करना) अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रापर्टी मालिकों को अब चेतावनी ही नहीं, बल्कि आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ेगा। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि कचरा अलग-अलग डस्टबिन में नहीं रखने वालों के चालान किए जाएंगे। चालान के संबंध में नगर निगम के मुख्य सभागार में आयोजित बैठक में निगमायुक्त नीरज ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, सीएसआइ राजकुमार, एक एनजीओ प्रतिनिधि डॉ. रूबी मखीजा, एएसआई तथा कचरा संग्रहण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कचरा सेग्रीगेशन की व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के नियमानुसार चालान किए जाएं। गलती दोहराई तो 500 का चालान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई घर कचरे का सेग्रीगेशन नहीं करता पाया जाता है तो पहली बार 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि वही गलती दोबारा दोहराई गई तो 500 रुपये का चालान किया जाएगा। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालना अब अनिवार्य है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर नगर निगम जोड़ेगा प्रापर्टी टैक्स में नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर में कार्रवाई करते हुए खुले में कचरा फेंकने के मामले में दो लोगों के चालान भी किए। प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगमायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा। जुर्माना जमा न करने पर यह राशि संबंधित प्रापर्टी के टैक्स में जोड़ दी जाएगी। सड़क के किनारे पशुओं को गीला कचरा डालने पर भी होगी कार्रवाई शहर में कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के लिए लोग सड़क किनारे गीला कचरा डाल देते हैं। निगम ने इसे भी स्वच्छता नियमों का उल्लंघन माना है। अब सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह कचरा डालते पाए जाने पर भी चालान किए जाएंगे। एजेंसियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट निगमायुक्त ने शहर से कचरा संग्रहण करने वाली निजी एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि कितने घरों से नियमित कचरा एकत्रित हो रहा है और कितने घर अभी इस व्यवस्था से नहीं जुड़े हैं। इसके अलावा कचरा सेग्रीगेशन की स्थिति का भी विवरण देना होगा। एजेंसियों की रिपोर्ट का सत्यापन एएसआइ करेंगे और उसके बाद सीएसआई व एएसआइ की टीम नियमों के तहत चालान की कार्रवाई करेगी। एनजीटी भी सख्त, बढ़ाए जुर्माने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। पहली बार उल्लंघन पर पांच हजार, जबकि दोबारा गलती पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) पर पहली बार में 25 हजार व पुनः उल्लंघन पर 50 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। दो व्यक्तियों के काटे 10 हजार के चालान एएसआई राहुल सैनी, राहुल पंवार व रोहित ने खुले में कचरा डालने पर ज्योतिपुरा मुहल्ले के पास एक दुकानदार का पांच हजार का चालान काटा। एएसआइ कपिल ने कैमरी रोड पर खुले में कचरा जलाने पर एक व्यक्ति का पांच हजार का चालान किया। कचरे का सेग्रीगेशन करना अनिवार्य कचरे का सेग्रीगेशन करना अब अनिवार्य है। जो घर कचरे को अलग-अलग नहीं करेंगे उनके चालान किए जाएंगे। शहरवासियों से अपील है कि स्वच्छता में सहयोग करें। खुले में कचरा न फेंकें। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार

नकल कांड पर हरियाणा शिक्षा बोर्ड सख्त, परीक्षा केंद्र का पूरा स्टाफ हटाया

बाढड़ा. बाढड़ा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला सामने आने के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा केंद्र के पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है। जानकारी के अनुसार 9 और 11 मार्च को आयोजित परीक्षा के दौरान केंद्र पर सामूहिक नकल की शिकायत मिली थी। विशेष उड़नदस्ते द्वारा की गई जांच में सीसीटीवी फुटेज में भी नकल के दृश्य सामने आए थे। फुटेज में परीक्षार्थियों द्वारा खुलेआम नकल करते हुए देखा गया, जिसके बाद रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को भेजी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र पर नियुक्त समस्त स्टाफ को बदलने के निर्देश जारी कर दिए। बोर्ड प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नकल के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। वहीं, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।