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महाकुंभ वाले IIT बाबा अभय सिंह अब गृहस्थ बने, विज्ञान और सनातन के मेल से छाए थे

झज्जर. हरियाणा के जिला झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले और प्रयागराज महाकुंभ मेले में प्रसिद्ध हुए आईआईटी बाबा अभय ने शादी की। शादी के बंधन में बंधने के बाद आज (सोमवार) वे अपने झज्जर वाले घर पहुंचे। उन्होंने 15 फरवरी को शिवरात्रि शुभ अवसर पर शादी की। इसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की। आखिर महाकुंभ में क्यों चर्चा में आए अभय सिंह? देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने वैराग्य का मार्ग चुना। अपनी वेशभूषा, बल्कि अपनी तार्किक क्षमता और जीवन के प्रति नजरिये के कारण फेमस हुए। उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थान से स्नातक करने के बाद विदेश में मिलने वाले करोड़ों के वेतन और ऐशो-आराम की जिंदगी को ठुकरा दिया।उनका यह निर्णय आज के उस युवा वर्ग को हैरान कर रहा है जो सफलता का पैमाना केवल आर्थिक समृद्धि को मानता है। प्रवचनों में केवल पौराणिक कथाएं नहीं होतीं, बल्कि वे धर्म को विज्ञान की कसौटी पर कसकर समझाते हैं। वे क्वांटम फिजिक्स से लेकर न्यूरोसाइंस तक के उदाहरणों के माध्यम से सनातन धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध करते हैं, जो शिक्षित युवाओं को खासा प्रभावित कर रहा है। उनके पास न तो कोई बड़ा तामझाम था और न ही वीआईपी संस्कृति का दिखावा। उनकी सरलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। उन्होंने मानसिक शांति और अवसाद से मुक्ति के लिए आध्यात्मिक मार्ग को वैज्ञानिक तरीके से सुझाया

हरियाणा में 6 ट्रेनी IAS की पोस्टिंग, विवेक यादव होंगे हिसार सहायक आयुक्त, विशाल को मिला रोहतक, शिवानी को कैथल

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। अमितेज पांगटे को नूंह तथा मुस्कान श्रीवास्तव को फरीदाबाद में सहायक आयुक्त लगाया गया है। इसी तरह शिवानी पांचाल को कैथल, सोहम शैलेन्द्र को करनाल, विशाल सिंह को रोहतक तथा विवेक यादव को हिसार में सहायक आयुक्त लगाया गया है।

महिलाओं के हाथ में स्टीयरिंग: हरियाणा सरकार की ‘पिंक कैब’ योजना से बढ़ेगा रोजगार

चंडीगढ़. हरियाणा की गरीब व जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत खासकर “लखपति दीदी” बनाने के लिए राज्य सरकार खास पहल करने जा रही है। प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए पिंक कैब योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत न केवल महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार ने युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विकास की योजनाओं को बढ़ावा देने की कड़ी में पिंक कैब योजना आरंभ करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। महिलाओं के लिए विशेष “पिंक टैक्सी” या “महिला कैब” का विचार भारत और दुनिया के कई हिस्सों में अलग-अलग समय पर शुरू हुआ। देश में सबसे शुरुआती संगठित पहल चेन्नई (2014) में “पिंक टैक्सी” के रूप में देखी गई, जहां महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए कैब सेवा शुरू की गई थी। इसके बाद देश के कई शहरों जैसे बेंगलुरु, कोलकाता और दिल्ली में इस तरह की सेवाएं शुरू हुईं। वैश्विक स्तर पर भी 2015 के आसपास “पिंक टैक्सी” जैसे महिला केंद्रित माडल सामने आए, जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बार के बजट में पिंक कैब योजना की शुरुआत करने के संकेत दिए हैं। राज्य में करीब पांच लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें से आधी से ज्यादा महिलाएं अब तक लखपति बन चुकी हैं। लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह की एक ऐसी सदस्य होती है, जिसकी सालाना पारिवारिक आय एक लाख रुपये या इससे अधिक है। इस आय की गणना कम से कम चार कृषि मौसमों या चार व्यापार चक्रों के लिए की जाती है, जिनकी औसत मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक है, जो कि लगातार बनी रहे। पिंक कैब योजना के अंतर्गत सरकार की चाह है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें स्वाभिमान पैदा किया जा सके। प्रदेश सरकार “पिंक कैब योजना” शुरू कर महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ेगी, ताकि उनमें आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की भावना बढ़ सके। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को न सिर्फ रोजगार देना है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना भी है। पिंक कैब योजना के तहत महिलाएं स्वयं वाहन चलाकर आय अर्जित कर सकेंगी और परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। पिंक कैब योजना को केंद्र सरकार की “लखपति दीदी” अवधारणा से इसलिए जोड़ा गया है, ताकि महिलाएं नियमित आय के स्रोत से जुड़ सकें। महिलाओं को मिलेंगी कई प्रकार की सुविधाएं – – वाहन चलाने का विशेष प्रशिक्षण – इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण – स्वरोजगार के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता – सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था महिलाओं को क्या-क्या लाभ होंगे? 1. आर्थिक सशक्तीकरण – महिलाएं खुद वाहन चलाकर नियमित आय कमा सकेंगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी 2. रोजगार के नए अवसर – परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और बड़े स्तर पर रोजगार सृजित होगा 3. सुरक्षित यात्रा व्यवस्था – महिला ड्राइवर होने से महिला यात्रियों को अधिक सुरक्षित महसूस होगा, जिससे इस सेवा की मांग भी बढ़ेगी 4. आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास – प्रशिक्षण और स्वरोजगार से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सामाजिक रूप से अधिक सशक्त बनेंगी 5. हरित (ग्रीन) परिवहन को बढ़ावा 6. इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश सरकार ने युवाओं को उद्यमी बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से तीन राज्य उद्यमिता विकास संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया है। ऐसे प्रत्येक संस्थान में प्रति वर्ष एक हजार युवाओं को उद्यमिता का प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। इनमें महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक राज्य कौशल संकाय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र भी स्थापित करने की राज्य सरकार की योजना है।

MDU शोधार्थी का कमाल: नैनोसस्पेंशन से दमा और सीओपीडी का प्रभावी इलाज, कम डोज में अधिक असर

 रोहतक महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) की शोधार्थी निशा गुलाटी ने दमा (अस्थमा) और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के इलाज में कारगर नैनोपार्टिकुलेट ड्रग डिलीवरी सिस्टम तैयार किया है। नैनोसस्पेंशन तकनीक के इस्तेमाल से दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचती है। इससे दवा की प्रभावशीलता बढ़ जाती है। यह तकनीक दवा के साइड इफेक्ट्स भी कम करती है।  प्रो. हरीश दुरेजा के मार्गदर्शन में शोध कर रहीं पीएचडी शोधार्थी निशा गुलाटी ने बताया कि दमा और सीओपीडी ऐसी बीमारी है जिसमें फेफड़ों की नलियां संकुचित हो जाती हैं। इससे मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है। धूल, धुआं, एलर्जी और मौसम के बदलाव से यह समस्या और बढ़ जाती है। श्वांस नलियां सिकुड़ने से दवा का असर कम हो जाता है और मरीज की हालत भी बिगड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने रोफ्लूमिलास्ट दवा का नैनोसस्पेंशन तैयार किया। फिर इसे हाई शियर होमोजेनाइजेशन और अल्ट्रासोनिक तकनीक के जरिए विकसित किया। बताया कि नैनोसस्पेंशन तकनीक से सीधे दवा फेफड़ों तक पहुंचने में कारगर है। इससे मरीज को जल्द लाभ मिलता है।  साल 2022-24 में एनसीआर में मिले दो लाख से अधिक श्वास रोगी संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022-24 के बीच दिल्ली-एनसीआर में दो लाख से अधिक श्वास रोगी अस्पताल पहुंचे थे। द लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन (2026) में प्रकाशित एक अध्ययन में पता चला है कि एशिया में करीब 43 फीसदी लोग श्वसन रोगों से पीड़ित हैं। जानें…सांस के रोगी के लक्षण लगातार खांसी आना श्वास रोग का सामान्य लक्षण है। इसके अलावा सूखी खांसी, बलगम वाली खांसी, सांस फूलना, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना, सीने में जकड़न या दर्द होना भी शामिल है। इन बीमारियों के कारण सामान्य गतिविधियां जैसे चलना, सीढ़ियां चढ़ना या यहां तक कि बात करना भी मरीज के लिए थकाने वाला हो जाता है। हम अब नैनोपार्टिकुलेट ड्रग डिलीवरी सिस्टम पर आधारित नई नैनोसस्पेंशन दवा विकसित कर रहे हैं, जो सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों के लिए अधिक प्रभावी साबित होगी। इस तकनीक से दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचेगी, जिससे कम डोज में बेहतर असर मिलेगा और साइड इफेक्ट्स भी काफी कम होंगे। -प्रो. हरीश दुरेजा, डीन रिसर्च और विकास, एमडीयू रोहतक।  

सरकारी कर्मचारियों को AI से लैस करने की तैयारी, हरियाणा में स्किलिंग बढ़ाने के आदेश

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रदेश में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरकारी कर्मचारियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्किलिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रशिक्षण संस्थानों, बोर्डों, निगमों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा गया है। यह पहल राज्य सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनके तहत अधिकारियों-कर्मचारियों को उभरती डिजिटल क्षमताओं से लैस कर अधिक दक्ष, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। मिशन कर्मयोगी के तहत राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग पोर्टल आईजीओटी कर्मयोगी पर  सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के लिए निःशुल्क, स्वयं-गति (सैल्फ पेस्ड) और प्रमाणित एआई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों को कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार बिना नियमित कार्य प्रभावित किए पूरा कर सकते हैं। राज्य के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) द्वारा इस पहल को सक्रिय रूप से समर्थन दिया जा रहा है। प्रशासन में एआई के उपयोग से निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार, डेटा आधारित नीति निर्माण तथा सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी की संभावना है। सरकारी कर्मचारियों के लिए सुझाए गए एआई पाठ्यक्रमों में बुनियादी अवधारणाओं से लेकर प्रशासन में उन्नत उपयोग तक के विषय शामिल हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र में दक्षता के लिए जनरेटिव एआई, शहरी प्रशासन में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, ग्रामीण विकास और शिक्षा में एआई का उपयोग तथा माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट जैसे उत्पादकता उपकरणों से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम कर्मयोगी भारत, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (एमईआईटीवाई), वाधवानी फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट और इन्वेस्ट इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन कर इन पाठ्यक्रमों में नामांकन करने और अपने कौशल को उन्नत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि वे डिजिटल रूप से सशक्त प्रशासन के निर्माण में योगदान कर सकें।

हरियाणा में मौसम का अलर्ट: तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, गुरुग्राम रहेगा सबसे गर्म

गुरुग्राम हरियाणा में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार के मुकाबले रविवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। गुरुग्राम का सबसे ज्यादा तापमान प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी (गुरुग्राम) में दर्ज किया गया, जबकि भिवानी में 32.9 और हिसार में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव देखा गया। आज चलेंगी तेज हवाएं मौसम विभाग ने 6 अप्रैल को प्रदेश के कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। वहीं 7 और 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 7-8 अप्रैल को होगी हल्की बारिश सात अप्रैल को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, 5 और 6 अप्रैल को भी कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। इन जिलों में रहेगा ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सिरसा, फतेहाबाद, जींद और हिसार जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

CM सैनी ने गुरुग्राम में अटल बिहारी की प्रतिमा का अनावरण किया, ग्रीवेंस मीटिंग में की फरियादियों से मुलाकात

गुरुग्राम  गुरुग्राम में भाजपा के जिला कार्यालय गुरुकमल में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने ग्रीवेंस मीटिंग में पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनी। मीटिंग में कुल 15 शिकायतें रखी गई थी। उनके साथ कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक मुकेश शर्मा, डीसी अजय कुमार समेत तमाम जिला के बड़े अधिकारी मौजूद हैं। ग्रीवेंस मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुकमल जिला कार्यालय पहुंचे और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यकर्ताओं में होगा नई ऊर्जा का संचार विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम भाजपा की स्थापना की याद में विशेष महत्व रखता है। अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा, उनकी दूरदर्शी सोच, कविता प्रियता और सुशासन के प्रतीक के रूप में उनकी छवि युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी। एजेंडे को आगे बढ़ा रही भाजपा विधायक ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई है। अनावरण समारोह में स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और मौजिज लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान को याद दिलाएगा, बल्कि हरियाणा सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों को भी मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश में सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।

हरियाणा में बीएसएल से पानी की सप्लाई रुकी, सरकार ने BBMB से मांगा जवाब, गेज रीडिंग 4 मार्च से जीरो

चंडीगढ़  हरियाणा को बीस-सतलुज लिंक (BSL) से 4 मार्च 2026 से लगातार पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने इस संबंध में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को लेटर लिखकर कारण बताने और तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। विभाग के अनुसार 4 मार्च से अब तक गेज रीडिंग शून्य दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट है कि हरियाणा को इस अवधि में BSL के माध्यम से कोई पानी नहीं मिला। लेटर में कहा गया है कि BSL सिस्टम से पानी का प्रवाह पूरी तरह बंद रहने के कारण हरियाणा को अपने हिस्से से कम पानी मिल रहा है। राज्य की जल आपूर्ति काफी हद तक ब्यास और सतलुज नदियों पर निर्भर है, इसलिए पानी की उपलब्धता में कमी का सीधा असर राज्य की जरूरतों और दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई पर पड़ सकता है। बन सकती है गंभीर स्थिति विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि SYL के योगदान न होने के कारण हरियाणा मौजूदा सिस्टम से केवल 1.62 MAF पानी ही वहन कर पा रहा है। ऐसे में पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कटौती राज्य के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। अंत में BBMB से आग्रह किया गया है कि हरियाणा को उसका निर्धारित हिस्सा तत्काल जारी किया जाए और BSL सुंदर नगर के माध्यम से पानी की सप्लाई शून्य स्तर तक कम न होने दी जाए। 4 मार्च से सप्लाई बंद लेटर में लिखा है कि 4 मार्च 2026 से BSL से हरियाणा को पानी की सप्लाई बंद है। लगातार गेज रीडिंग शून्य दर्ज की जा रही है। सिंचाई विभाग ने BBMB से इसको लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। राज्य को अपने हिस्से से कम पानी मिलने की आशंका जताई गई है। दरअसल, हरियाणा ब्यास और सतलुज के पानी पर काफी निर्भर है। SYL नहीं बनने से क्षमता पहले ही सीमित है। पानी की कमी का असर दिल्ली-NCR सप्लाई पर भी पड़ सकता है बीबीएमबी की ओर से ये दिया गया तर्क वहीं, सूत्रों के अनुसार, बीएसएल के माध्यम से कम जल प्रवाह का कारण डायवर्जन प्रणाली के एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट, देहर पावर हाउस में तकनीकी दिक्कतें हैं। देहर परियोजना में छह टरबाइनों में से केवल दो ही वर्तमान में चालू हैं, जिससे ब्यास बेसिन से सतलुज में जल का स्थानांतरण काफी हद तक सीमित हो गया है। बीबीएमबी ने इस समस्या का कारण पुरानी अवसंरचना को बताया है और कहा कि चार दशक से अधिक पुराने देहर पावर हाउस को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। CEA को लेटर लिख चुका बीबीएमबी अधिकारियों ने बताया कि बीबीएमबी ने टर्बाइनों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करने हेतु केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से पहले ही संपर्क कर लिया है। मरम्मत और जीर्णोद्धार प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, जिसके दौरान विद्युत प्रवाह को मोड़ने की क्षमता सीमित रह सकती है।

मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी, हरियाणा के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार. हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले 15-20 दिनों से मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। बादलों की आवाजाही, हल्की वर्षा, अंधड़ और ओलावृष्टि की गतिविधियों से पूरे क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे किसानों को बार-बार मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। शनिवार रात से लेकर रविवार को 11 जिलों में वर्षा और तीन जिलों में ओलावृष्टि हुई। शनिवार रात को हिसार के उकलाना व बरवाला और फतेहाबाद के टोहाना में वर्षा हुई। वहीं जींद के नरवाना, कैथल और गुरुग्राम के पटौदी क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ओले गिरे। रविवार को भी हिसार, कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक और यमुनानगर सहित कई जिलों में हल्की वर्ष दर्ज की गई। यह मौजूदा मौसम प्रणाली रविवार शाम तक आगे निकल जाएगी। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के बीच जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आएगी। रविवार को प्रदेश में सोनीपत का न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस सबसे कम रहा। वहीं गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस सबसे अधिक रहा। सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले दो दिनों में तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा, बूंदाबांदी और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। छह अप्रैल की रात से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान के आसपास चक्रवाती परिसंचरण तंत्र विकसित होगा, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण 7-8 अप्रैल को फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, आंधी-अंधड़, हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। नौ अप्रैल को इसका असर केवल उत्तरी जिलों तक सीमित रहेगा, जबकि 10 अप्रैल से तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंड का अहसास होगा। 11 जिलों में आरेंज अलर्ट जारी भारतीय मौसम विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर, सोनीपत और पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। इस मौसम प्रणाली का असर हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के 70 से 90 प्रतिशत क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए। मंडियों में अनाज को तिरपाल या वेयरहाउस में ढककर सुरक्षित करें और कृषि कार्य मौसम के अनुसार ही करें। तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला 19.8 – 31.7     हिसार 16.6 – 32.4     करनाल 16.3 – 32.2     सोनीपत 14.7 – 33.1     जींद 15.9 – 32.2     यमुनानगर 17.3 – 30.6     मेवात 18.7 – 31.6     पानीपत 16.8 – 31.5     गुरुग्राम 19.2 – 33.3

नाराज कर्मचारियों की हड़ताल, कुरुक्षेत्र अस्पताल में कर्चमारी के चलते इलाज प्रभावित

कुरुक्षेत्र. लोक नायक जय प्रकाश जिला नागरिक अस्पताल (एलएनजेपी) के पुरुष वार्ड में बीती रात बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अलसुबह करीब 3 बजे कौशल रोजगार निगम के माध्यम से तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामेश्वर पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। घटना के बाद अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में रोष फैल गया और उन्होंने सुबह हड़ताल का एलान कर दिया। हड़ताल के कारण अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं। सुबह 10 बजे तक ओपीडी शुरू नहीं हो सकी और न ही मरीजों की पर्ची काटी गई। स्थिति यह है कि सुबह 8 बजे से लाइन में खड़े मरीज परेशान हो रहे हैं। पर्ची काउंटर बंद रहने के कारण इलाज ठप है। इस दौरान एक महिला कर्मचारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पीएमओ ने तीन बार लिखकर भेजा कि यहां चौकी बनाओ, तो क्यों नहीं बनाते। सिक्योरिटी के लिए दो-तीन बार पुलिस को लिखा गया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल मौके पर पहुंचीं और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। वहीं, केयूके थाना प्रभारी विशाल कुमार भी अस्पताल पहुंचे और आरोपितों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल कर्मचारी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।