samacharsecretary.com

2100 तक धरती का 40% हिस्सा बन सकता है रेगिस्तान! सूखे की मार से इंसानों और पेड़-पौधों पर बड़ा खतरा

नई दिल्ली हमारी धरती लगातार गर्म हो रही है और इसका नतीजा बेहद भयानक होने वाला है. बढ़ते तापमान के कारण दुनिया के कई इलाके तेजी से सूख रहे हैं. जब ऐसा होता है तो सूखे इलाकों की सीमाएं आगे बढ़ने लगती हैं. इससे पूरी दुनिया का लैंडस्केप बदल जाता है और पेड़-पौधे खत्म होने लगते हैं. अब साइंटिस्ट्स ने इसे लेकर एक खतरनाक अलर्ट जारी किया है. एक नई रिसर्च के मुताबिक 21वीं सदी के अंत तक धरती का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा ड्राईलैंड्स बन सकता है।  ‘एनवायर्नमेंटल रिसर्च लेटर्स’ में पब्लिश एक रिपोर्ट में यह डरावना दावा किया गया है. हालांकि इस रिसर्च में एक हैरान करने वाली बात भी सामने आई है. क्लाइमेट चेंज के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) इस खतरे को थोड़ा धीमा कर रही है. आइए इस डरावनी रिसर्च को डिटेल में समझते हैं।  धरती पर ड्राईलैंड्स बढ़ने का कारण क्या है? ड्राईलैंड्स उन इलाकों को कहते हैं जहां पानी की भारी कमी होती है. यहां बारिश बहुत कम होती है और वाष्पीकरण के जरिए पानी ज्यादा उड़ जाता है. साइंटिस्ट्स का मानना है कि दुनिया भर में ड्राईलैंड्स लगातार बढ़ रहे हैं।  चाइनीज एकेडमी ऑफ फॉरेस्ट्री के साइंटिस्ट्स ने इसे लेकर गहराई से एनालिसिस किया है. उन्होंने दुनिया भर के क्लाइमेट डेटा और भविष्य के अनुमानों का इस्तेमाल किया. इसके लिए 1960 से 2023 तक का मौसम डेटा देखा गया. टीम ने एक नई तकनीक का इस्तेमाल करके यह पूरा डेटा तैयार किया है।      रिसर्च टीम के एक साइंटिस्ट ने कहा, ‘सूखे इलाकों का बढ़ना ग्लोबल सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए बड़ा खतरा है।  अगर सूखे इलाके उन जगहों पर फैलेंगे जहां अभी अच्छी नमी है, तो पानी की कमी और गंभीर हो जाएगी. इससे पूरे इकोसिस्टम को भारी नुकसान पहुंचेगा और रेगिस्तान तेजी से बढ़ने लगेंगे. इंसान और जानवरों के लिए पानी जुटाना भी काफी मुश्किल हो जाएगा।  1994–2023 के दौरान दुनिया भर के शुष्क क्षेत्रों और उनसे जुड़े जलवायु क्षेत्रों का भौगोलिक वितरण (a); हर जलवायु क्षेत्र का प्रतिशत (b). (Visuals Credit : Cai et al., Environmental Research Letters, 2026) कार्बन डाइऑक्साइड गैस इस खतरे को धीमा कैसे कर रही है?     इस रिसर्च में सबसे हैरान करने वाली बात कार्बन डाइऑक्साइड गैस को लेकर है. हम सभी जानते हैं कि यह गैस ग्लोबल वॉर्मिंग का सबसे बड़ा कारण है. लेकिन यही गैस धरती को पूरी तरह सूखने से थोड़ा बचा भी रही है।      दरअसल वातावरण में जब CO2 का लेवल बढ़ता है तो इसका असर पौधों पर पड़ता है. पौधों की पत्तियों में छोटे छेद होते हैं जिन्हें स्टोमेटा कहा जाता है. ज्यादा CO2 होने पर यह स्टोमेटा पूरी तरह नहीं खुलते हैं. इससे पौधों के अंदर का पानी भाप बनकर कम उड़ता है. इस वजह से पेड़-पौधे लंबे समय तक अपने अंदर पानी बचाकर रख पाते हैं।      स्टोमेटा के आंशिक रूप से बंद होने के कारण पानी का नुकसान काफी कम हो जाता है. साइंटिस्ट्स का कहना है कि पुरानी रिसर्च में इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया था. पुराने क्लाइमेट मॉडल में इस खास फैक्टर को इग्नोर कर दिया गया था. इसीलिए पहले की कुछ रिपोर्ट्स में 2100 तक 56 प्रतिशत धरती के सूखने का दावा किया गया था. लेकिन नई कैलकुलेशन के बाद इसे करीब 40 प्रतिशत माना गया है।  फिलहाल धरती के कितने हिस्से पर मौजूद है सूखा और बंजर इलाका? रिसर्च टीम ने 1994 से 2023 के बेसलाइन डेटा के आधार पर नई जानकारी दी है. अंटार्कटिका को छोड़कर फिलहाल धरती का करीब 38.58 प्रतिशत हिस्सा ड्राईलैंड्स है. इन सूखे इलाकों को चार अलग-अलग कैटिगरी में बांटा गया है। 

Punjab Weather Update: बारिश और तेज हवाओं की दस्तक, अगले 5 दिनों तक मौसम विभाग का अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में आज से फिर मौसम के मिजाज बिगड़ेंगे। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने वीरवार से पांच दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत बिजली चमकने, 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने और बारिश के आसार हैं। इससे आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके बाद 23 जून से पंजाब में मौसम शुष्क हो जाएगा। पंजाब में बुधवार को मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है। सबसे अधिक 39 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह भी सामान्य के पास दर्ज किया गया। सबसे कम 22.6 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  अमृतसर का अधिकतम पारा 37.1 डिग्री, लुधियाना का 37.5 डिग्री, पटियाला का 38.8 डिग्री, पठानकोट का 38.2 डिग्री, फिरोजपुर का 36.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 35.5 डिग्री, फाजिल्का का 35.6 डिग्री, होशियारपुर का 35.5 डिग्री और रूपनगर का 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 26.4 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 26.2 डिग्री, पठानकोट का 24.2 डिग्री, फाजिल्का का 23.5 डिग्री, फिरोजपुर का 25.7 डिग्री, होशियारपुर का 23.9 डिग्री और रूपनगर का 24.0 डिग्री दर्ज किया गया। 

तपती दिल्ली पर मेहरबान हुआ मौसम! तेज बारिश और ठंडी हवाओं से गिरा तापमान

  नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है. तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में बारिश हो रही है. नई दिल्ली में भी जोरदार बारिश देखने को मिली है. मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है और भयानक गर्मी से राहत महसूस की जा रही है।  मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-NCR में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद संवहन विकसित हुआ है. इसके चलते संतुलन बनने तक कुछ समय के लिए गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।  येलो अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. आंधी-तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बता दें, दिल्ली के कई इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट जारी है. जबकि नई दिल्ली में भी जोरदार बारिश शुरू हो गई है।  मुंबई में भी मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 घंटों के दौरान मुंबई, रायगढ़ और रत्नागिरी में हल्की बारिश की संभावना है।  रविवार को मौसम कैसा रहेगा? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 24 मई रविवार को दिल्ली में आसमान ज्यादातर साफ रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में लू चल सकती है. दिन के दौरान सतह पर लगातार तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।  दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. वहीं, अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना जताई गई है। 

मध्य प्रदेश तंदूर बना! रिकॉर्ड तापमान से लोग बेहाल, इन जिलों में भीषण गर्मी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मई के तीसरे सप्ताह में आग बरसने लगी है. सोमवार को पूरा प्रदेश तप गया. यहां कई जिलों में पारा 46°C से ऊपर पहुंच गया. वहीं मंगलावर को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है. सोमवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वहीं आज मध्य प्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है।  47 डिग्री के करीब पहुंचा पारा सोमवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि नौगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजगढ़ में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, श्योपुर-मुरैना में 45 डिग्री सेल्सियस, दमोह-सतना में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस, सागर में पारा 44.7 डिग्री सेल्सियस, गुना-रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री, धार में 44.1 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  वहीं राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।  30 जिलों में लू का अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पांच जिलों में तीव्र लू की चेतावनी जारी की है, जबकि 30 जिलों में लू चलने का अलर्ट है. IMD के अनुसार, आज छतरपुर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है. तो वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 20 जिलों में तेज गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है।  इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा जबलपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, हरदा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा।  इन जिलों में लू का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार को सूबे के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, सतना, रीवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि, संबंधित क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई है। बड़े शहरों में तेज गर्मी बताया ये भी जा रहा है कि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन वहां भी तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं। 16 शहरों में 43 डिग्री से ऊपर तापमान  प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच बना रहा।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि गर्मी का असर अभी कम होने की संभावना नहीं है।

MP Weather Alert: बुंदेलखंड और चंबल में लू का प्रकोप, छतरपुर में तपिश ने तोड़े रिकॉर्ड

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है. बीते बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. वहीं कुछ हिस्सों में शाम के समय हल्के बादल और तेज हवाएं चल सकती है।  मौसम विभाग के अनुसार आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम जिलों में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है साथ ही रात के समय तापमान में बढ़ोतरी देखने के मिलेगी. विभाग ने इन इलाकों में वॉर्म नाइट की चेतावनी भी दी है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं।  कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय सबसे अधिक तप रहा है. बुधवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा. इसके अलावा धार में 45 डिग्री, उज्जैन में 44.7 डिग्री और गुना में 44.6 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया.'' अरुण शर्मा ने बताया कि, ''लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए रतलाम और आसपास के जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है।  मौसम विभाग ने 15 मई से 17 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू का असर और बढ़ने की चेतावनी जारी की है. इसके अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर, अलीराजपुर, झाबुआ और धार में हीटवेव लोगों को परेशान करेगी. वहीं 16 और 17 मई को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी लू का दायरा फैलने की संभावना है. ऐसे में दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में येलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. रात में भी वार्म नाइट का अलर्ट जारी तेज धूप की वजह से अब सिर्फ दिन की तपिश ही नहीं, बल्कि रात की गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है. इंदौर, उज्जैन और धार में मौसम विभाग ने वार्म नाइट यानी गर्म रातों का अलर्ट जारी किया है. इन शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रात में भी बना हुआ है. इसका असर लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है, क्योंकि रात में भी शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।  15 से नया विक्षोभ, लेकिन राहत नहीं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण शुष्क हवाओं को बढ़ावा दे रहा है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ रही है. हालांकि 15 मई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन मध्य प्रदेश में इससे तत्काल राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।  सिवनी और जबलपुर में बारिश की संभावना एक ओर जहां पश्चिमी मध्य प्रदेश गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वी हिस्सों में मौसम का अलग रूप में देखने को मिल रहा है. सिवनी और जबलपुर समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है. जबकि इससे पहले सिवनी में पिछले 24 घंटों के दौरान 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर कुछ राहत महसूस की गई।  इन जिलों में भी 44 के आसपास रहेगा तापमान इसके अलावा नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में भी लू चलने की संभावना जताई गई है. राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान जताया है।  मौसम विभाग की सलाह लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है. शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।  मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से 10 मई तक पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिला था. अब मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में गर्म और शुष्क हवाओं का असर बढ़ गया है. वर्तमान में लू और तेज गर्मी का दौर शुरू हो चुका है. हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्के बादल या तेज हवाएं चल सकती हैं। 

पंजाब में मौसम बदलेगा करवट: आज बारिश का अलर्ट, शुक्रवार से बढ़ेगी गर्मी और शुरू होगी हीटवेव

अमृतसर एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बाद पंजाब में आज भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब के कुछ जिलों में आज बारिश की संभावनाएं जताई जा रही हैं। लेकिन अब राहत खत्म होती दिख रही है। वीरवार से राज्य के तापमान में एक बार फिर बढ़ौतरी होने लगी है। वहीं, मौसम विभाग ने 17 मई से लू को लेकर भी यलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आज कुछ इलाकों में तेज हवाएं, गरज चमक और हल्की बारिश की संभावना है। बीते दिन शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ौतरी देखने को मिली। बुधवार जारी आंकड़ों के अनुसार फरीदकोट प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में 12.6 एमएम बरसे बादल बठिंडा में 43.4 डिग्री, फाजिल्का में 40.7 डिग्री, फरीदकोट शहर में 40 डिग्री और भटिंडा में 41.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना में 38.8 डिग्री, अमृतसर में 38.5 डिग्री, चंडीगढ़ में 38.6 डिग्री और पटियाला में 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम बदलने के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। अमृतसर में 12.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां लोगों को हल्की राहत मिली। 15-16 मई सामान्य रहेगा मौसम 14 मई– गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मानसा, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का जिलों में गरज चमक और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई– पंजाब में किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की हवाएं चलने के आसार बने रहेंगे। वहीं, तापमान में भी हल्की बढ़ौतरी देखने को मिलेगी। 16 मई- प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है और किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है। 17 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिंडा, मानसा और बरनाला जिलों में लू को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने की सलाह दी है। बढ़ेगी गर्मी, लू से बचें वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होने के बाद अब राज्य में गर्मी बढ़ने लगेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी और बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम में बदलाव को देखते हुए फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज धूप के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्म हवाओं से बचाव के उपाय अपनाएं।  

आसमान से बरस रही आग: मध्यप्रदेश में दिन ही नहीं, रातें भी हुईं तपती; मौसम विभाग की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम का असर खत्म होते ही प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी की शुरुआत हो गई है. हालात यह हैं कि सोमवार को रतलाम में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि मालवा-निमाड़ के कई जिले भी भीषण गर्मी और लू की गिरफ्त में आ चुके हैं. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. वहीं दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे लोगों को चौबीस घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। रतलाम बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर मध्य प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में दर्ज किया गया, जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह सामान्य से करीब 5.7 डिग्री अधिक है. वहीं धार में भी तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. जबकि इंदौर में 43.2 डिग्री, उज्जैन में 43.0 डिग्री, खरगोन में 42.6 डिग्री और खंडवा में 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं ने मालवा और निमाड़ क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ा दिया है. यही कारण है कि दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। भोपाल में भी बढ़ी तपिश, रात की ठंडक गायब राजधानी भोपाल भी तेज गर्मी की चपेट में है. सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री तक पहुंच गया. वहीं रात में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार इस बार मई में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने से गर्मी का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है. पिछले कुछ वर्षों में मई में प्री-मानसून बारिश से राहत मिल जाती थी, लेकिन इस बार मौसम शुष्क बना हुआ है. ऐसे में राजधानी समेत कई शहरों में पुराने रिकार्ड टूटने की आशंका बढ़ गई है। पूर्वी जिलों में भी चढ़ रहा पारा मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार गर्मी अब सिर्फ पश्चिमी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रही. पूर्वी और मध्य जिलों में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है. सागर में 41.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 41.0 डिग्री, जबलपुर में 40.8 डिग्री और दमोह में 40.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. वहीं ग्वालियर में फिलहाल तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, लेकिन आने वाले दिनों में वहां भी लू चलने की संभावना जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी दौरान गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। 15 मई तक हीट वेव का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल ने 12 मई से कई जिलों में हीट वेव का येलो अलर्ट जारी किया है. रतलाम, धार, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में लू का असर सबसे अधिक रहने की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मई तक दक्षिण-पश्चिम और मध्य मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं का दौर जारी रहेगा. जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य प्रदेश में इसलिए बढ़ रही गर्मी मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर खिसक चुका है. वहीं दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है. इसके कारण राजस्थान और पश्चिमी इलाकों से गर्म और शुष्क हवाएं मध्य प्रदेश की ओर आ रही हैं. यही वजह है कि प्रदेश में लगातार तापमान बढ़ रहा है और लू की स्थिति बन रही है। इधर भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने को कहा गया है. लगातार पानी, नींबू पानी और ओआरएस पीते रहने की सलाह दी गई है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले कुछ दिन प्रदेशवासियों को तेज गर्मी और लू के लिए तैयार रहना होगा।

राजस्थान-बंगाल के सिस्टम का असर: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन मौसम रहेगा खराब

रायपुर  छत्तीसगढ़ का मौसम इन दिनों काफी बदल चुका है। राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल तक जो ट्रफ लाइन बनी है और बिहार से आंध्र प्रदेश तक का एक्टिव साइक्लोनिक सर्कुलेशन, इसका सीधा असर हमारे प्रदेश पर देखने को मिल रहा है। इसी कारण शाम और रात के समय कई जगहों पर अचानक बादल छाने, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने में आ रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, और बिजली गिरने का खतर भी बना रहेगा। लोगों को खासतौर पर खुले मैदानों और खेतों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि मौसम के इस बदलाव से अचानक जोखिम बढ़ सकता है। कई जगहों पर हल्की बारिश और थंडरस्टॉर्म जैसी स्थिति बन रही है। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक 11 मई के बाद इसकी तीव्रता थोड़ी कम होने लगेगी। फिर भी अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी, जिससे मौसम को पूरी तरह स्थिर कहना मुश्किल है। पिछले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन गर्मी का असर बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्म हवाओं का असर फिर से बढ़ेगा। इसी बीच, दुर्ग में कल का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा, जो उस दिन का सबसे गर्म तापमान था। वहीं, पेंड्रा रोड में 19.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडी स्थिति रही। रायपुर समेत कई शहरों में दिन के समय बादल छाए रहे और शाम तक मौसम ने करवट ली। राजस्थान से बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन और बिहार से आंध्र प्रदेश तक एक्टिव साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण छत्तीसगढ़ का मौसम बदला हुआ है। इसके प्रभाव से शाम और रात में बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है। इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि आज (11 मई) के बाद से थंडरस्टॉर्म की एक्टिविटी धीरे-धीरे कम होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर फिर तेज होगा। पिछले 24 घंटे में 39 डिग्री के साथ दुर्ग सबसे गर्म रहा। वहीं 19.2 डिग्री के साथ पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा। अगर हम राजधानी रायपुर की बात करें, तो यहां दिन में आंशिक बादल छाए रहने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। भिलाई और अंबिकापुर जैसे क्षेत्रों में हाल ही में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली की आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं भी सामने आईं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। हालांकि, 11 मई के बाद धीरे-धीरे थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां कम होने लगेंगी। लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर, शाम और रात के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें, क्योंकि मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है।

गर्मियों से राहत की खबर: पंजाब में बारिश और तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में रविवार से मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से तेज हवाएं चलने के साथ कई इलाकों में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 11 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए धूल भरी आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक 14 मई तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इस बदलाव से लोगों को तेज गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। फरीदकोट बना सबसे गर्म जिला पंजाब में पिछले कई दिनों बाद तापमान फिर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। फरीदकोट सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बठिंडा में 40.9 डिग्री, फाजिल्का में 39 डिग्री और फिरोजपुर में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन दिन के समय गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत तापमान अभी भी सामान्य से करीब 2.8 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में तापमान में सबसे ज्यादा 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं बठिंडा और एसबीएस नगर में भी तापमान बढ़ा है। दूसरी ओर रोपड़, पटियाला और चंडीगढ़ में हल्की गिरावट देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। माझा और दोआबा क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चंडीगढ़ और मोहाली एयरपोर्ट क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में अचानक तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो सकती है। मालवा बेल्ट में बारिश के आसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदला मौसम तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर समेत मालवा क्षेत्र के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियों से खेतों और खुले इलाकों में धूल कम होगी और तापमान में राहत महसूस की जाएगी। हालांकि किसानों को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है। कई जिलों में रविवार रात से ही बादल छाने शुरू हो गए थे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। यह सिस्टम शनिवार रात पहाड़ी इलाकों तक पहुंचा, जिसके बाद पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ली। विशेषज्ञों के मुताबिक इसी सिस्टम के कारण 11 मई की रात और 12 मई की सुबह कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग का मानना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अस्थायी राहत मिलेगी। 14 मई तक जारी रहेगा बदला हुआ मौसम मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 14 मई तक पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो सकता है। अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 11 मई को कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 12 से 14 मई के बीच हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 11 मई से मौसम करवट ले रहा है। इसके चलते कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जानें किस शहर में कैसा रहेगा मौसम- 11 मई- अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर, लुधियाना, संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर सहित कई जिलों में ओरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 मई- अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, होशियारपुर और पठानकोट सहित कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। 13 मई-  गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, एसएएस नगर और पटियाला जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 14 मई– गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला और जालंधर जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। अलर्ट के दौरान बरतें सावधानियां सुरक्षित स्थानों पर रहें: तेज आंधी और बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलें, जब तूफान की तीव्रता अधिक हो। बिजली के खंभों/पेड़ों से बचें: पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे मकान या कमजोर ढांचों (होर्डिंग) के नीचे आश्रय न लें, क्योंकि तेज हवा में इनके गिरने का खतरा है। यात्रा में सावधानी: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा टालें, खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां भूस्खलन का जोखिम हो सकता है। बिजली के उपकरण बंद करें: तूफान और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग (बंद) कर दें ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे।

मप्र मौसम अपडेट: ग्वालियर और 11 जिलों में बारिश का अलर्ट, कुछ शहरों में तापमान रहेगा अधिक

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। एक तरफ ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने गुरुवार को 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से मौसम लगातार बदल रहा है। कई जिलों में बादल, आंधी और हल्की बारिश का सिलसिला बना हुआ है। गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।  इधर दूसरी तरफ प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का दूसरा रुख भी देखने को मिल रहा है, जहां गर्मी धीरे-धीरे अपना असर दिखा रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत करीब 40 से ज्यादा जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और कई जगह पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। खासकर निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर जैसे जिलों में गर्म हवा और तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 दिन तक ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रहेगा, यानी कहीं बारिश तो कहीं लू जैसे हालात। वहीं 9 और 10 मई को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी तेज रहने का अनुमान है, जबकि 10 मई के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसका असर कुछ दिन बाद देखने को मिलेगा। पिछले कुछ दिनों के हालात देखें तो मध्य प्रदेश में लगातार छठे-सातवें दिन भी मौसम बदला हुआ रहा है और कई जिलों में आंधी-बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत दी है। धार, बालाघाट, पीथमपुर और मुलताई जैसे इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण सड़कें भीग गईं और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश के बीचोंबीच एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है, जबकि दूसरा सिस्टम ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और पूर्वी मध्य प्रदेश से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से मौसम में यह अस्थिरता बनी हुई है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में मई के महीने में अक्सर गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड देखा जाता है, जहां कभी तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंच जाता है तो कभी अचानक बौछारें राहत दे देती हैं। इस बार भी वही पैटर्न देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिन मौसम तेजी से बदल सकता है। अगले चार दिन मौसम रहेगा अस्थिर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले दो दिन कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 9 और 10 मई से गर्मी का असर ज्यादा बढ़ेगा। इसके बाद 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर अगले दो दिनों में देखने को मिल सकता है। लगातार सातवें दिन बदला मौसम प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। मई की शुरुआत में लगातार बारिश होने से फिलहाल भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। प्रदेश में क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश के मध्य हिस्से और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके साथ ही पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इन तीनों सिस्टमों के संयुक्त असर से प्रदेश में आंधी, बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है।  थल-पुथल वाला मौसम रहेगा मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश में उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार है। वहीं, 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 2 दिन बाद देखने को मिल सकता है। छह दिन से बारिश का दौर प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में असर देखने को मिला। यानी, इस बार मई के शुरुआत छह दिन तक बारिश हुई है। मौसम में बदलाव होने से गर्मी का असर कम हुआ है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। 10 मई से नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचोंबीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है।