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सात IAS अधिकारियों के तबादले के साथ पंजाब में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अर्शदीप थिंद को नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने  प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।  2003 बैच के आईएएस कमल किशोर यादव को वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस अर्शदीप सिंह थिंद को जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। आईएएस अमित तलवार को ड्रग्स मामलों और जनगणना से संबंधित नोडल अधिकारी, आईएएस परमिंदर पाल सिंह को रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव, आईएएस गौतम जैन को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक, आईएएस जसबीर सिंह पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और आईएएस पल्लवी मिश्रा को कलानौर में एसडीएम नियुक्त किया गया है। 

सीनियर IAS अधिकारियों का पुनर्वितरण, ACS होम ने संभाला सामान्य प्रशासन विभाग, अतिरिक्त जिम्मेदारी जनसंपर्क

भोपाल   मध्य प्रदेश में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई है।  ACS संजय कुमार शुक्ल अपर मुख्य सचिव गृह , ACS शिवशेखर शुक्ला अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन और अरविंद दुबे संचालक जनसंपर्क (अतिरिक्त प्रभार)होंगे। इस बाबत आदेश भी जारी  हो गए हैं। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले और नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत दो वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है, वहीं एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 1994 बैच के आईएएस अधिकारी  संजय कुमार शुक्ल को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसके साथ ही शुक्ल को विमानन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं दूसरी ओर  1994 बैच के ही वरिष्ठ अधिकारी शिवशेखर शुक्ल को अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा उन्हें संस्कृति विभाग एवं आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान का प्रभार दिया गया है।

आईपीएस अधिकारियों के थोकबंद तबादले, कई जिलों में एसपी की बदली जिम्मेदारी

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में थोकबंद तबादले करते हुए 23 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर पुलिस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रदेश के भिंड, शिवपुरी, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, झाबुआ, नीमच सहित 21 जिलों के एसपी को बदला गया है. इसके अलावा भोपाल देहात और इंदौर देहात के पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है. उधर पुलिस ट्रेनिंग में नए-नए प्रयोगों के लिए चर्चा में रहने वाले एडीजी राजाबाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है. इसके अलावा कई रेंज के आईजी को भी बदल दिया गया है. इन जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले प्रदेश के 21 जिलों में नए पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं. इसमें भिंड, शिवपुरी, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, झाबुआ, नीमच, पांढुर्णा, आगर मालवा, अनूपपुर, मऊगंज, डिंडौरी, मंडला, दतिया, सीहोर, सिंगरौली, दमोह, सिवनी जिले शामिल हैं. इसके अलावा भोपाल और इंदौर देहात के दो और पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है. इस तरह कुल 23 एसपी को बदला गया है. यह पुलिस अधीक्षक बदले गए मनोज कुमार राय– पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. राहुल कुमार लोढ़ा – पुलिस अधीक्षक (रेल, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. सिमाला प्रसाद – पुलिस अधीक्षक (रेल, जबलपुर) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. असित यादव – पुलिस अधीक्षक (जिला-भिण्ड) को उप पुलिस महानिदेशक (ग्वालियर रेंज, ग्वालियर) बनाया गया. विवेक सिंह – पुलिस उपायुक्त (जोन-2, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (शहडोल रेंज, शहडोल) बनाया गया. शैलेन्द्र सिंह चौहान – पुलिस अधीक्षक (जिला-रीवा) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, भोपाल) बनाया गया.   कुमार प्रतीक – पुलिस उपायुक्त (जोन-2, इन्दौर) को उप पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स, इन्दौर) बनाया गया.   शिव दयाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-झाबुआ) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. मयंक अवस्थी – पुलिस अधीक्षक (जिला-धार) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, इन्दौर) बनाया गया. अरविन्द तिवारी – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को सेनानी (34वीं वाहिनी, विसबल, धार) बनाया गया. सूरज कुमार वर्मा – पुलिस अधीक्षक (जिला-दतिया) को पुलिस अधीक्षक (जिला-भिण्ड) बनाया गया. यांगचेन डोलकर भुटिया – पुलिस अधीक्षक (देहात, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-शिवपुरी) बनाया गया. गुरूकरण सिंह – सेनानी (24वीं वाहिनी, विसबल, रतलाम) को पुलिस अधीक्षक (जिला-रीवा) बनाया गया. दीपक कुमार शुक्ला – पुलिस अधीक्षक (जिला-सीहोर) को सेनानी (32वीं वाहिनी, विसबल, उज्जैन) बनाया गया. अमन सिंह राठौड़ – पुलिस अधीक्षक (जिला-शिवपुरी) को पुलिस उपायुक्त (जोन-2, इन्दौर) बनाया गया. अनुराग सुजानिया – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सागर) बनाया गया. सचिन शर्मा – संयुक्त आवासीय आयुक्त (नई दिल्ली) को पुलिस अधीक्षक (जिला-धार) बनाया गया. वाहनी सिंह – पुलिस अधीक्षक (जिला-डिंडौरी) को पुलिस अधीक्षक (पीटीसी, इन्दौर) बनाया गया. विकास कुमार सहवाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-सागर) को पुलिस उपायुक्त (जोन-2, भोपाल) बनाया गया. धर्मराज मीना – सेनानी (32वीं वाहिनी, विसबल, उज्जैन) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मुरैना) बनाया गया. समीर सौरभ – पुलिस अधीक्षक (जिला-मुरैना) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रेडियो, भोपाल) बनाया गया. रजत सकलेचा – पुलिस अधीक्षक (जिला-मण्डला) को पुलिस अधीक्षक (जिला-छतरपुर) बनाया गया. अगम जैन – पुलिस अधीक्षक (जिला-छतरपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) बनाया गया. मनीष खत्री – पुलिस अधीक्षक (जिला-सिंगरौली) को सहायक पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. सुनील कुमार मेहता – पुलिस अधीक्षक (जिला-सिवनी) को पुलिस उपायुक्त (जोन-4, इन्दौर) बनाया गया. देवेन्द्र कुमार पाटीदार – पुलिस अधीक्षक (जिला-बुरहानपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-झाबुआ) बनाया गया. रामशरण प्रजापति – पुलिस अधीक्षक (देहात, भोपाल) को सहायक पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया. सुन्दर सिंह कनेश – पुलिस अधीक्षक (जिला-पांढुर्ना) को पुलिस अधीक्षक (रेल, जबलपुर) बनाया गया. राजेश व्यास – पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-नीमच) बनाया गया. विनोद कुमार सिंह – पुलिस अधीक्षक (जिला-आगर मालवा) को सेनानी (24वीं वाहिनी, विसबल, रतलाम) बनाया गया. पंकज कुमार पाण्डे – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (देहात, भोपाल) बनाया गया. प्रकाश चन्द्र परिहार – पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-पांढुर्ना) बनाया गया. दिलीप कुमार सोनी – पुलिस अधीक्षक (जिला-मऊगंज) को पुलिस अधीक्षक (जिला-आगर मालवा) बनाया गया. राजेन्द्र कुमार वर्मा – पुलिस अधीक्षक (पीटीसी, इंदौर) को पुलिस अधीक्षक (देहात, इन्दौर) बनाया गया. विक्रांत मुराब – सहायक पुलिस महानिदेशक (अ.वि., पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-अनूपपुर) बनाया गया. सुरेन्द्र कुमार जैन – पुलिस अधीक्षक (पीटीएस, रीवा) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मऊगंज) बनाया गया. आशीष खरे – जोनल पुलिस अधीक्षक (विशेष शाखा, जबलपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-डिंडौरी) बनाया गया. अंकित जायसवाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-नीमच) को पुलिस अधीक्षक (रेल, भोपाल) बनाया गया. राजेश रघुवंशी – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मण्डला) बनाया गया. मोती उर्र रहमान – पुलिस अधीक्षक (जिला-अनूपपुर) को सेनानी (9वीं वाहिनी, विसबल, रीवा) बनाया गया. श्रुतकीर्ति सोमवंशी – पुलिस अधीक्षक (जिला-दमोह) को सेनानी (13वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर) बनाया गया. मयूर खण्डेलवाल – पुलिस उपायुक्त (जोन-4, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-दतिया) बनाया गया. सोनाक्षी सक्सेना – पुलिस उपायुक्त (आसूचना व सुरक्षा, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सीहोर) बनाया गया. शियाज, के.एम. – सेनानी (हॉकफोर्स, बालाघाट) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सिंगरौली) बनाया गया. आनंद कलादगी – पुलिस उपायुक्त (जोन-4, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-दमोह) बनाया गया. कृष्ण लालचंदानी – पुलिस उपायुक्त (जोन-1, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सिवनी) बनाया गया. आयुष गुप्ता – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-जबलपुर) को पुलिस उपायुक्त (जोन-3, भोपाल) बनाया गया. आदर्शकांत शुक्ला – प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एन्टी नक्सल आपरेशन, बालाघाट) को पुलिस उपायुक्त (जोन-4, भोपाल) बनाया गया. नरेन्द्र रावत – माननीय राज्यपाल के परिसहाय को पुलिस उपायुक्त (जोन-1, इन्दौर) बनाया गया. अभिषेक रंजन – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-उज्जैन) को पुलिस उपायुक्त (जोन-3, इन्दौर) बनाया गया. राहुल देशमुख – सीएसपी (कोतवाली, उज्जैन) को माननीय राज्यपाल का परिसहाय बनाया गया. सीनियर पुलिस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी रवि कुमार गुप्ता – विशेष पुलिस महानिदेशक (रेल, भोपाल) को विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं निदेशक, पुलिस अकादमी, भौरी भोपाल) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. राजाबाबू सिंह – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेल, भोपाल) बनाया गया. डी.पी. गुप्ता – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक पुलिसिंग, आरटीआई, लोक सेवा गारंटी आदि) बनाया गया. सोलोमन यश कुमार मिंज – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को … Read more

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: 6 IAS और 39 PCS अधिकारियों के ट्रांसफर, कई अहम विभागों में बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 आईएएस और 39 पीसीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। सरकार ने कई अहम विभागों और जिलों में नई तैनातियां करते हुए प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। इस फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक कसावट और विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। गृह, आवास एवं शहरी विकास, कृषि, परिवहन और राजस्व विभाग सहित कई महत्वपूर्ण महकमों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आईएएस अधिकारियों में नीलिमा को सचिव गृह नियुक्त किया गया है। मनीष राणा एमडी पीआरटीसी पटियाला नियुक्त साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के साथ अतिरिक्त तौर पर डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की जिम्मेदारी दी गई है। संदीप कुमार को मुख्य प्रशासक गमाडा बनाया गया है। अभिजीत कपलिश को डायरेक्टर माइनिंग एंड जियोलॉजी के साथ अतिरिक्त तौर पर चीफ एग्जीक्यूटिव पेड़ा नियुक्त किया गया है। मनीष राणा को एमडी पीआरटीसी पटियाला और लतीफ अहमद को अतिरिक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण के साथ पंजाब वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजेश कुमार शर्मा बने तलवंडी साबो के एसडीएम   पीसीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। संजीव शर्मा को एडीसी जनरल शहीद भगत सिंह नगर, रोहित गुप्ता को अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर एवं जनरल मैनेजर पंजाब भवन नई दिल्ली, अलका कालिया को एसडीएम अमृतसर-1 और एस्टेट ऑफिसर अमृतसर डेवलपमेंट अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। दीपज्योति कौर को एसडीएम बस्सी पठाना, हरप्रीत सिंह अटवाल को आरटीओ मोहाली, राजेश कुमार शर्मा को एसडीएम तलवंडी साबो और अतिरिक्त तौर पर आरटीओ बठिंडा लगाया गया है। लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया इसके अलावा मनजीत कौर को एसडीएम भवानीगढ़, अर्शदीप सिंह लुभाने को एडीसी जनरल पठानकोट, शुभ अग्रवाल को एसडीएम जालंधर-1, अंकिता कांसल को एसी जनरल मोहाली, मनदीप सिंह मान को एसडीएम पठानकोट, सुखजिंदर सिंह टिवाना को एसडीएम राजपुरा, तरुण गुप्ता को एसडीएम फतेहगढ़ साहिब, मनवीर सिंह ढिल्लों को एसडीएम लोपोके और लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया गया है। सरकार ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। प्रशासनिक हलकों में इस बड़े फेरबदल को आगामी चुनौतियों और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

चंडीगढ़ में यूटी कैडर के IAS अधिकारियों का वर्चस्व बढ़ने से पंजाब-हरियाणा का प्रभाव कम हुआ

 चंडीगढ़  केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन में अफसरशाही का संतुलन तेजी से बदलता नजर आ रहा है। यूटी कैडर के एक नए आईएएस अधिकारी डी. कार्तिकेयन ने वीरवार को प्रशासन में ज्वाइन किया। डी. कार्तिकेयन के ज्वाइन करने से यूटी कैडर के प्रशासन में आठ आईएएस हो गए, वहीं पंजाब और हरियाणा के दो-दो आईएएस प्रशासन में सेवाएं दे रहे हैं। केंद्रीय सेवा नियम लागू होने से पहले चंडीगढ़ प्रशासन में एडवाइजर को छोड़कर सभी विभागों में 60-40 के अनुपात से पंजाब और हरियाणा कैडर के आईएएस कार्यरत होते थे लेकिन अब यह परिस्थिति बदलती नजर आ रही है। डी. कार्तिकेयन को ज्वाइनिंग के बाद सेक्रेटरी आईटी, सेक्रेटरी विजिलेंस, सेक्रेटरी एग्रीकल्चर मार्केट बोर्ड और चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर (सीईओ) चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का चार्ज दिया गया है। आईटी का हरियाणा और हाउसिंग बोर्ड सीईओ पद से पंजाब का खोया कब्जा : केंद्रीय सेवा नियम लागू होने से पहले प्रशासन के आईटी विभाग में सचिव पद का कार्यभार हरियाणा कैडर के आईएएस जो कि गृह सचिव पर आसीन होते थे, वह संभालते थे। वहीं, हाउसिंग बोर्ड के सीईओ का चार्ज पंजाब कैडर के आईएएस के पास होता था। इसी प्रकार शिक्षा विभाग सचिव का कार्यभार पंजाब कैडर से आए वित्त सचिव के पास होता था, जो कि आज यूटी कैडर की आईएएस प्रेरणा पुरी के पास है। अभिजीत हुए रिलीव तो कार्तिकेयन ने किया ज्वाइन चंडीगढ़ प्रशासन में अभी तक आठ आईएएस यूटी जबकि दो-दो पंजाब हरियाणा के ही हैं। वीरवार को स्पेशल सेक्रेटरी अभिजीत विजय चौधरी प्रशासन से रिलीव हुए, वह चंडीगढ़ में ही बीएसएफ में डिप्टी फाइनेंशियल एडवाइजर ज्वाइन करेंगे। वहीं, दानिक्स कैडर से प्रमोट हुए डी. कार्तिकेयन ने चंडीगढ़ में ज्वाइन किया। 60-40 के अनुपात पर इसलिए भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि बीते दिनों प्रशासन की तरफ से पंजाब के चार आईएएस का नाम केंद्र को भेजा था जिसे नकारा जा चुका है। ऐसे में इस समय यूटी कैडर का दबदबा बढ़ रहा है जबकि पंजाब-हरियाणा का वजूद कमजोर प्रतीत हो रहा है। पंजाब और हरियाणा सरकारें पहले भी चंडीगढ़ प्रशासन में अपने अधिकारियों की संख्या और अहम विभागों की जिम्मेदारी को लेकर मुद्दा उठाती रही हैं। अब यूटी कैडर के लगातार बढ़ते दखल और 60-40 फार्मूले के कमजोर पड़ने से यह विवाद फिर गहराने के संकेत हैं। यह है यूटी कैडर के आईएएस इस समय चंडीगढ़ में आठ आईएएस आफिसर हैं, जिसमें चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रताप सिंह, कार्मिक विभाग में सचिव स्वप्निल एम. नाइक, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, फूड एंड सप्लाई सचिव मोहम्मद मंसूर, संस्कृति और पर्यटन सचिव डॉ. सैयद आबिद राशिद शाह, सीएसएस से अनुराधा चगती हैं। वहीं, हरियाणा कैडर से होम सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़ और डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव और पंजाब कैडर से फाइनेंस दीप्रा लाकड़ा और नगर निगम में कमिश्नर अमित कुमार तैनात हैं। राधिका को रिलीव कर डॉ. पालिका को बनाया उच्चतर शिक्षा विभाग निदेशक वीरवार को हुए प्रशासनिक फेरबदल में डी. कार्तिकेयन की ज्वाइनिंग के साथ निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग का कार्यभार भी बदला गया। निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग का कार्यभार डॉ. राधिका से लेकर डॉ. पालिका को दिया गया है।  

प्रशासनिक फेरबदल में बड़े बदलाव, इन अधिकारियों का तबादला और नई जिम्मेदारी सौंपी गई

रायपुर  छत्तीसगढ़ में से बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। यहां डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन का तबादला किया गया है। उन्हें जिला कार्यालय कांकेर में भेजा गया है। इसके लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आदेश जारी किया है।   जारी आदेश के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के पद से हटाया गया। उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला कार्यालय कांकेर में पदस्थ किया गया है। वहीं, उनके स्थान पर मनीष देव साहू, जो डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आदेश के तहत जिला प्रशासन में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से शासकीय कर्मचारियों के अवकाश संबंधी नियमों को अस्थायी रूप से कड़ा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश को बुधवार को सभी विभागों में भेजा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, अगले तीन महीनों तक बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी कर्मचारी को अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासनिक अधिकारीयों के अनुसार, यह निर्णय जनगणना कार्य और राज्य में प्रस्तावित 'सुशासन तिहार' जैसे बड़े कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो और सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जा सकें। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में विभागीय कारर्वाई की जा सकती है। वहीं, आकस्मिक परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को अवकाश लेने से पहले दूरभाष या डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होगा तथा बाद में इसकी औपचारिक पुष्टि करनी होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी अवधि के अवकाश पर जाने से पूर्व संबंधित कर्मचारी को अपने कार्यभार का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित करना होगा, ताकि कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों। राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इसे प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने और प्राथमिकता वाले कार्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एमपी में अगले पांच साल में बदलाव, 90 अफसर होंगे रिटायर, 32 सीनियर अफसर होंगे शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार के लिए सिविल सर्विस डे (21 अप्रैल) पर एक बड़ी चुनौती सामने आई है। प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस (IAS) के अफसरों की पहले से ही कमी है। ऊपर से अगले पांच साल में 90 और अनुभवी अफसर सेवानिवृत्त होने वाले हैं। एमपी कैडर में कुल 459 पद स्वीकृत हैं। इनमें से अभी सिर्फ 390 आईएएस काम कर रहे हैं। यानी 69 पद पहले से खाली पड़े हैं। अब जैसे-जैसे और अफसर रिटायर होंगे, यह संख्या और बढ़ेगी। 2027 में सबसे बड़ा झटका आंकड़े देखें तो 2026 में 14 आईएएस रिटायर होंगे। इसके बाद 2027 में सबसे ज्यादा 26 अफसर एक साथ सेवानिवृत्त होंगे। 2028 में 16, 2029 में 21 और 2030 में 13 अफसर रिटायर हो जाएंगे। इस तरह 2026 से 2030 के बीच कुल 90 आईएएस प्रदेश की सेवा से हट जाएंगे। 2027 इसलिए भी अहम है क्योंकि इस साल अपर मुख्य सचिव (एसीएस) स्तर के चार बड़े अफसर रिटायर हो रहे हैं। इनमें एसीएस जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा मई 2027 में, एसीएस स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल जनवरी 2027 में, एसीएस नवीकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव सितंबर 2027 में और एसीएस कुटीर एवं ग्रामोद्योग केसी गुप्ता अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। ये चारों अफसर अपने-अपने विभागों में लंबे अनुभव के साथ काम कर रहे हैं। सीएम दफ्तर के करीबी अफसर भी जाएंगे मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह सितंबर 2027 में रिटायर होंगे। वहीं मुख्यमंत्री के ही एक और सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ये दोनों अफसर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़े हैं। प्रमुख अधिकारी और सेवानिवृत्ति का समय नाम पद सेवानिवृत्ति आईएएस अनुराग जैन मुख्य सचिव सितंबर 2026 आईएएस अशोक वर्णवाल एसीएस, स्वास्थ्य जनवरी 2027 आईएएस मनु श्रीवास्तव एसीएस, नवीकरणीय ऊर्जा सितंबर 2027 आईएएस कैलाश चंद गुप्ता एसीएस, कुटीर एवं ग्रामोद्योग अगस्त 2027 आईएएस उमाकांत उमराव प्रमुख सचिव, पशुपालन सितंबर 2026 आईएएस राजेश राजौरा एसीएस, जल संसाधन मई 2027 आईएएस आलोक कुमार सिंह सचिव, मुख्यमंत्री सितंबर 2027 आईएएस अलका उपाध्याय सचिव, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग मई 2026 आईएएस आशीष श्रीवास्तव सचिव, अंतरराज्यीय काउंसिल सचिवालय अगस्त 2026 आईएएस अरुणा गुप्ता सचिव, लोकायुक्त मप्र अक्टूबर 2026 आईएएस माल सिंह एमडी, एमपी खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड जून 2026 आईएएस सुरेश कुमार संभागायुक्त, चंबल संभाग सितंबर 2026 आईएएस चंद्रशेखर वालिम्बे सचिव, मुख्यमंत्री नवंबर 2026 आईएएस केदार सिंह कलेक्टर, शहडोल नवंबर 2026 आईएएस वीएल कांताराव सचिव, खनिज मंत्रालय दिसंबर 2027 आईएएस बाबू सिंह जामोद संभागायुक्त, रीवा संभाग मई 2027 आईएएस अनिल सुचारी संभागायुक्त, सागर सितंबर 2027 आईएएस मनीष सिंह आयुक्त, जनसंपर्क दिसंबर 2027 नए जिले बनाने की मांग, अफसर कहां से आएंगे? मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन कर दिया है। नए जिले, नए संभाग और नई जिला पंचायतें बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। वहीं, सवाल यह है कि इन नई इकाइयों को चलाने के लिए अफसर कहां से आएंगे? जानकार बताते हैं कि प्रदेश की आबादी तेजी से बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं का दायरा भी लगातार फैल रहा है। ऐसे में आईएएस अफसरों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। पहले जहां ये अफसर सिर्फ नीति बनाने का काम करते थे, अब संचालनालयों में नीतियों को लागू करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर है। नगरीय विकास, स्वास्थ्य जैसे विभागों में आईएएस अफसर ही आयुक्त, संचालक और अपर संचालक की भूमिका निभा रहे हैं। यानी एक-एक अफसर कई जिम्मेदारियां संभाल रहा है। कैडर रिवीजन क्यों जरूरी? मध्यप्रदेश कैडर का आखिरी रिवीजन 2022 में हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि अब फिर से कैडर रिवीजन का समय आ गया है। जब तक केंद्र से नए आईएएस अफसरों का आवंटन नहीं बढ़ता, तब तक प्रदेश में प्रशासनिक दबाव बना रहेगा। कैडर रिवीजन (Cadre Revision) वह प्रक्रिया है जिसमें राज्य की जरूरत के आधार पर केंद्र सरकार आईएएस पदों की संख्या तय करती है। यह प्रदेश की बढ़ती जरूरतों के लिहाज से बेहद जरूरी कदम है। 32 सीनियर अफसर होंगे सेवा मुक्त नया साल 2026 मध्य प्रदेश की नौकरशाही और पुलिस महकमे के लिए बड़े बदलाव लेकर आने वाला है। मध्य प्रदेश कैडर के 16 आईपीएस और 16 आईएएस अधिकारी अगले वर्ष अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इनमें पुलिस महानिदेशक से लेकर मुख्य सचिव, एडीजी, आईजी, कलेक्टर और संभागायुक्त स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के बाहर जाने से शासन और पुलिस व्यवस्था में व्यापक फेरबदल तय माना जा रहा है। गृह विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रदेश के मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाणा भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल होना जरूरी है, इसी कारण उनकी रिटायरमेंट तिथि बढ़ाई गई है।   डीजी से लेकर एसपी तक खाली होंगे पद वर्तमान सूची के मुताबिक 2026 में पुलिस विभाग से डीजी रैंक के 4 अधिकारी, एडीजी के 2, आईजी के 5, डीआईजी के 3 और एसपी रैंक के 2 अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे। इससे पुलिस मुख्यालय से लेकर रेंज और जिला स्तर तक कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हो जाएंगे। इसमें डीजीपी कैलाश मकवाना, अजय कुमार शर्मा, आलोक रंजन, सोनाली मिश्रा, संजीव समी, आशुतोष राय, ए साई मनोजर, संजय तिवारी, अंशुमान सिंह, अरविंद सक्सेना, हिमानी खन्ना, मिथिलेस शुक्ला, शशिकांत शुक्ला, महेश चंद्र जैन, सविता सोहाने और जगदीश डावर शामिल हैं।    आईएएस कैडर में भी बड़ा बदलाव सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवा में भी 2026 अहम रहने वाला है। 16 आईएएस अधिकारी अगले साल रिटायर होंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम मुख्य सचिव अनुराग जैन का है, जिनका कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को पूरा होगा। यदि केंद्र सरकार उन्हें दोबारा सेवा विस्तार नहीं देती है, तो राज्य को नया मुख्य सचिव चुनना पड़ेगा।  मुख्य सचिव के अलावा एसीएस स्तर की अलका उपाध्याय और आशीष श्रीवास्तव, चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी और शहडोल कलेक्टर केदार सिंह भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में हैं। इसके साथ ही शिक्षा, खनिज, राजस्व, आयुष और लोकायुक्त जैसे विभागों से जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी सेवा से बाहर होंगे। यह आईएएस होंगे रिटार्यड  सितंबर में- मुख्य सचिव अनुराग जैन, अलका उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, स्मिता भारद्वाज, उमाकांत उमराव, अरुणा गुप्ता, माल सिंह भयडिया, … Read more

एमपी कैडर की IAS अनुग्रह पी को मिली अहम जिम्मेदारी, चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में CVO नियुक्त

भोपाल भारत की प्रशासनिक सेवा में एक अहम बदलाव के तहत मध्य प्रदेश कैडर से आने वाली 2011 बैच की आईएएस अधिकारी अनुग्रह पी (Anugraha P IAS) ने चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) का पदभार संभाल लिया है। यह नियुक्ति न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के प्रमुख बंदरगाहों में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह फैसला केंद्र सरकार के उच्चस्तरीय निकाय Appointments Committee of the Cabinet (ACC) द्वारा लिया गया है, जो वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों के लिए जिम्मेदार होता है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर रह चुकीं अनुग्रह पी का यह पदभार पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले भी वे विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक और केंद्रीय विभागों में सेवाएं दे चुकी हैं। चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी का महत्व Chennai Port Authority देश के सबसे पुराने और व्यस्त बंदरगाहों में से एक है। यह दक्षिण भारत के व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र है। चेन्नई पोर्ट का महत्व केवल राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भी इसे एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। मुख्य विशेषताएं     भारत के प्रमुख आयात-निर्यात केंद्रों में शामिल     ऑटोमोबाइल, कंटेनर और बल्क कार्गो का बड़ा हब     हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करता है     अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान में CVO की भूमिका बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण होती है। क्या होता है CVO? चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) किसी भी सरकारी संस्था में भ्रष्टाचार की रोकथाम और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है। CVO का मुख्य उद्देश्य संस्थान में कार्यरत अधिकारियों के आचरण की निगरानी करना और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना होता है। मुख्य जिम्मेदारियां     भ्रष्टाचार के मामलों की जांच     कर्मचारियों की गतिविधियों पर निगरानी     शिकायतों का निवारण     नियमों के पालन को सुनिश्चित करना नियुक्ति प्रक्रिया और कार्यकाल अनुग्रह पी की नियुक्ति Appointments Committee of the Cabinet (ACC) द्वारा अनुमोदित की गई है। आमतौर पर CVO का कार्यकाल 3 से 5 वर्षों का होता है, जिसमें अधिकारी को संस्थान में सतर्कता तंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जाती है। यह नियुक्ति सरकार की “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” (Minimum Government, Maximum Governance) नीति के तहत की गई है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जाता है। IAS अनुग्रह पी की नियुक्ति को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। नई भूमिका में प्रमुख चुनौतियां 1. भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पोर्ट जैसे बड़े संस्थान में वित्तीय लेनदेन की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है। बड़ी मात्रा में आने-जाने वाला माल और संबंधित प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। 2. डिजिटल ट्रांसपेरेंसी ई-गवर्नेंस और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से निगरानी को मजबूत बनाना, ताकि हर लेन-देन और गतिविधि पारदर्शी और ट्रैक की जा सके। 3. शिकायत निवारण तंत्र कर्मचारियों और हितधारकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना ताकि संस्थान में कार्यक्षमता बनी रहे।

IAS अधिकारी की 20 करोड़ की संपत्ति जब्त, करप्शन केस में बड़ी स्ट्राइक, प्रशासनिक हलचल

रायपुर  छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां IAS अधिकारी पर एक बड़ी कार्रवाई हुई है। दरअसल भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे IAS समीर विश्नोई के खिलाफ अहम कार्रवाई करते हुए 20 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित आईएएस (IAS) अधिकारी समीर विश्नोई के खिलाफ कड़ा एक्शन अमल में लाया गया है। कोयला लेवी स्कैम से जुड़ा है मामला आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विश्नोई के खिलाफ की गई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई के बाद अफरा-तफरी मच गई है। ACB/EOW की जांच के बाद विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रायपुर ने विश्नोई और पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर अर्जित करीब 20 करोड़ रुपए की बेनामी अचल संपत्तियों को अटैच करने के आदेश से हलचल है।राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इसमें समीर विश्नोई को कोयला लेवी घोटाले का प्रमुख आरोपी माना गया है और अब बेनामी अचल संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई  हुई है। कोयला लेवी स्कैम से जुड़ा मामला राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अपराध क्रमांक 23/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। समीर विश्नोई को कोयला लेवी घोटाले का प्रमुख आरोपी माना गया है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भी कोयला लेवी स्कैम में विश्नोई की 5 अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैच किया जा चुका है। वहीं एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच में करीब 4 करोड़ रुपए मूल्य की 9 अतिरिक्त संपत्तियों का खुलासा हुआ, जिनके अटैचमेंट के लिए विशेष अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती 17 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में सुनवाई के बाद सभी चिन्हित संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया गया। आदेश के बाद अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। पहले भी हुई है कार्रवाई उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इसी मामले में आरोपी रहीं सौम्या चौरसिया की अवैध संपत्तियों की कुर्की न्यायालय के आदेश से की जा चुकी है। समीर विश्नोई ने पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर फर्म बनाकर की अवैध कमाई जांच में सामने आया है कि समीर विश्नोई ने अपनी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम परफर्म बनाकर अवैध कमाई को उसमें निवेश किया और फिर कई संपत्तियां खरीदीं। करप्शन के मामले मे महासमुंद जिले में करीब 22 एकड़ जमीन, नया रायपुर में प्लॉट, जैसे अचल संपत्तियां शामिल हैं। यही नहीं रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर भी निवेश करके प्रापटी कमाई गई है। वहीं आपको बता दें कि इससे पहले भी ED द्वारा कोयला लेवी स्कैम में विश्नोई की 5 अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैच किया जा चुका है। वहीं अब पिछले कल यानीकि 17 अप्रैल को विशेष न्यायालय में सुनवाई के बाद सभी चिन्हित संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया गया है। लिहाजा आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित आईएएस विश्नोई के खिलाफ यह  बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

प्रदेश में एक और प्रशासनिक सर्जरी: 20 CMO समेत 37 अधिकारियों के तबादले, लिस्ट जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कुल 37 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले कर दिए हैं और साथ ही आदेश भी जारी किया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से आदेश जारी हो गया है। नगर पालिकाओं एवं जिला मुख्यालयों में नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही 6 सहायक राजस्व अधिकारियों एवं जूनियर कर्मचारियों, उन्हें उनके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है। इस आदेश के तहत सबसे बड़ा फोकस नगर पालिकाओं और जिला मुख्यालयों में नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) की तैनाती पर रखा गया है। लंबे समय से कई नगरीय निकायों में प्रभारी व्यवस्था के सहारे काम चल रहा था, जिससे विकास कार्यों की गति और जवाबदेही दोनों प्रभावित हो रही थीं। अब सरकार ने इन जगहों पर नियमित अधिकारियों की पदस्थापना कर प्रशासनिक स्थिरता लाने की कोशिश की है। वहीं, इस फेरबदल का एक अहम पहलू यह भी है कि 6 सहायक राजस्व अधिकारियों और जूनियर कर्मचारियों को, जो अब तक प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे, उन्हें उनके मूल पदों पर वापस भेज दिया गया है। यह कदम इस बात का संकेत देता है कि शासन अब जिम्मेदार पदों पर योग्य और नियमित अधिकारियों की नियुक्ति को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सके। हालांकि, राज्य में नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की कमी अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ नगरीय निकायों में वरिष्ठ कर्मचारियों को प्रभारी CMO के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह एक अस्थायी व्यवस्था है, लेकिन इससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, इसकी कोशिश की गई है। नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की कमी को देखते हुए कुछ नगरीय निकायों में वरिष्ठ कर्मचारियों को प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। लिहाजा ये एक बड़ा प्रसासनिक  फेरबदल हुआ है। सूची इस तरह से है।