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MP के 16 स्टेट अफसर को मिला IAS का प्रतिष्ठित सम्मान, सरकार ने किया नोटिफिकेशन जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 16 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन मिला है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2023 और 2024 में खाली हुए IAS पदों के विरुद्ध यह अवार्ड जारी किया। वर्ष 2023 और 2024 के प्रत्येक आठ-आठ अफसरों को इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 16 अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2023 और 2024 में उपलब्ध IAS पदों के लिए यह निर्णय लिया है। इसका  नोटिफिकेशन सोमवार को जारी किया गया। वर्ष 2023 के आठ और 2024 के आठ अधिकारियों को आईएएस अवॉर्ड हुआ है। हालांकि इस आदेश के साथ ही यह भी शर्त जोड़ी गई है कि यह नियुक्तियां मध्य प्रदेश सरकार बनाम कमल नागर और अन्य संबंधित प्रकरणों में जबलपुर हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।  वर्ष 2023 के IAS अवार्ड प्राप्त अधिकारियों में नारायण प्रसाद, नामदेव, डॉक्टर कैलाश बुंदेला,  नंदा भलावे कुशरे, अनिल कुमार डामोर, सविता झानिया,  सारिका भूरिया, कमल सोलंकी, जितेंद्र सिंह चौहान शामिल है। वहीं, वर्ष 2024 के IAS अवार्ड प्राप्त अधिकारियों में संतोष कुमार टिगोर, निशा डामर, राकेश कुशरे, शैली कनाश, रोहन सक्सेना, कविता बतुला, सपना अनुराग जैन औरआशीष कुमार पाठक है।   

IAS अधिकारी के मुरीद बने ज्योतिरादित्य सिंधिया, खूब सराहा कामकाज

अशोकनगर मध्यप्रदेश की गुना शिवपुरी सीट से सांसद और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के एक IAS के कायल हो गए हैं। सिंधिया ने भरे मंच से IAS की तारीफ करते हुए उनके लिए तालियां बजवाईं और उन्हें धन्यवाद भी दिया। पूरा वाक्या अशोकनगर का है जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए पहुंचे थे। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह के काम की जमकर तारीफ की है। कलेक्टर के कायल हुए सिंधिया बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री कार्यक्रम वितरण के दौरान मंच से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है और आपके पास तो ऐसे कलेक्टर हैं जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं चलाते वह तो साइकिल पर बैठकर अशोकनगर से चंदेरी पहुंच जाते हैं। इन के लिए तालियां बजाएं। इस पर मंच पर मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ करते हुए सिंधिया को बताया कि कलेक्टर कीचड़ में एक-एक घर तक पहुंचे थे जिससे सिंधिया और भी प्रभावित हुए और फिर से कलेक्टर के लिए तालियां बजवाईं।   कलेक्टर ने कहा थैंक्यू ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान मंच से ये भी कहा कि हमारे नाम भी एक ही हैं ये आदित्य हैं और मैं ज्योतिरादित्य हूं। बाढ़ के समय कलेक्टर आदित्य सिंह ने कलेक्टर की तरह नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह आप लोगों की सेवा की है। सिंधिया के द्वारा की गई इस तारीफ पर कलेक्टर आदित्य सिंह ने भी मुस्कुरा कर उन्हें थैंक्यू कहा। बता दें कि आदित्य सिंह 2014 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के IAS हैं। उन्होंने करीब 4 महीने पहले अशोकनगर कलेक्टर का पद संभाला और लगातार कार्रवाई करने के लिए चर्चाओं में रहे। उन्होंने साइकिल से अशोकनगर जिले में 65 किमी. का दौरा भी किया जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी।

प्रशासनिक हलकों में हलचल, देर रात राज्य शासन ने किए तबादले

भोपाल   राज्य शासन ने सोमवार देर रात प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का तबादला किया है। इस आदेश के तहत उमरिया जिले में दो अहम प्रशासनिक नियुक्तियां की गई हैं। जिले में लंबे समय से खाली चल रहे अपर कलेक्टर के पद पर अब 2014 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी प्रमोद कुमार सेन गुप्ता को नियुक्त किया गया है। प्रमोद सेन गुप्ता की नियुक्ति को जिले के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीते दो महीनों से अपर कलेक्टर का पद रिक्त होने के कारण कई अहम फैसलों में विलंब हो रहा था। अब उनके कार्यभार ग्रहण करने से जिले में नीति निर्धारण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इधर, मानपुर के एसडीएम टीआर नाग का तबादला अनूपपुर जिले में कर दिया गया है। टीआर नाग का कार्यकाल मानपुर में काफी सक्रिय और उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने स्थानीय विवादों के समाधान, राजस्व मामलों की सुनवाई और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों में प्रभावी कार्य किया। उनके स्थानांतरण के बाद मानपुर में एसडीएम का पद रिक्त हो गया है, जिस पर शीघ्र नई नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। प्रदेशभर में इस तबादला सूची को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। माना जा रहा है कि यह बदलाव आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और सुशासन की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। शासन द्वारा संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अधिक प्रभावशाली और जनहितैषी बनाया जा सके। उमरिया जिले के प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को उम्मीद है कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी।