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जींद फैक्ट्री अग्निकांड में दो और महिलाओं ने तोड़ा दम

जींद. सफीदों की गीता कालोनी की फैक्ट्री में हुए अग्निकांड के बाद मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात दो और महिलाओं की मौत हो गई। अब तक कुल नौ महिलाओं की मौत हो चुकी है। इनमें से एक महिला रोहतक पीजीआइ व एक पानीपत के एक निजी अस्पताल में दाखिल थी। डीसी मोहम्मद इमरान रजा व एसपी कुलदीप सिंह मंगलवार को पीजीआइ रोहतक पहुंचे और यहां दाखिल चार लोगों का हालचाल जाना। यहां तीन महिलाएं आइसीयू में दाखिल हैं जबकि एक व्यक्ति वार्ड में दाखिल है। इन तीनों की हालत भी नाजुक बनी हुई है। सात फरवरी को सफीदों की गीता कालोनी में अवैध रूप से चल रही रंग-गुलाल फैक्ट्री में आग लग गई थी। सोमवार रात को इसमें गीता कालोनी निवासी कमलेश (54) की पीजीआइ रोहतक और गांव सिंघपुरा निवासी राजबाला (55) की पानीपत के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। डीसी व एसपी पीजीआई में दाखिल लोगों से मिले मंगलवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह पीजीआइ रोहतक पहुंचे और फैक्ट्री में हुई आगजनी में झुलसे उपचाराधीन मजदूरों का हालचाल जाना। दोनों अधिकारियों ने झुलसे लोगों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। रोहतक पीजीआइ में तीन महिलाएं व एक पुरुष दाखिल है। एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इनमें से एक महिला की हालत थोड़ी सी नाजुक है। चिकित्सकों ने कहा कि यहां दाखिल सभी को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। आरोपित फैक्ट्री संचालक को दिल्ली लेकर गई पुलिस एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में रिमांड पर चल रहे आरोपित फैक्ट्री संचालक राकेश को एसआइटी दिल्ली लेकर गई। राकेश ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि वह दिल्ली के सदर से कच्चा मेटीरियल खरीद कर लाता था। यहां से वह गुलाल तथा इसमें प्रयोग किया जाने वाला अन्य कच्चा माल लेकर आता था। यह कच्चा मेटीरियल होली से पहले ही मिलता था। वह पहले ही इसको खरीद कर ले आया था और फैक्ट्री में स्टोर कर रखा था।

हरियाणा के बुजुर्ग ट्रेन से मुफ्त में करेंगे तीर्थ स्थलों के दर्शन

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार हरियाणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत प्रदेश के पात्र बुजुर्ग श्रद्धालुओं को अब ट्रेन के माध्यम से विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार और आई.आर.सी.टी.सी. (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार की ओर से सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग तथा आई. आर.सी.टी.सी. की तरफ से सर्कल रीजनल मैनेजर (सी. आर.एम.) हरजोत सिंह संधू ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए। महानिदेशक पांडुरंग ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के पात्र बुजुर्ग श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों की निःशुल्क यात्रा करवाने के लिए हरियाणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है। इसके तहत अब तक अलग-अलग जिलों से हरियाणा परिवहन विभाग की वोल्वो बसों के माध्यम से हजारों पात्र बुजुर्गों को अयोध्या सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों के निःशुल्क दर्शन करवाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन के माध्यम से भी तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाने की योजना बनाई गई है। इसी के अंतर्गत हरियाणा सरकार और आई.आर.सी.टी.सी. के बीच समझौता ज्ञापन साइन किया गया है। इस अवसर पर रेलवे से हर्ष दीप व नितिन शर्मा तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक रणबीर सिंह सांगवान सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इन पवित्र स्थलों पर ले जाने का हुआ करार सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक पांडुरंग ने बताया कि आई.आर.सी.टी.सी. के साथ हुए समझौते के तहत हरियाणा से अयोध्या, वाराणसी, पटना साहिब, नांदेड़ साहिब, पुष्कर जी, वैष्णो देवी तथा शिरडी व शनि शिंगणापुर तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाने बारे समझौता हुआ है। जरूरत अनुसार और तीर्थ स्थल भी जोड़े जा सकते हैं। खाने-पीने व ठहरने की भी निःशुल्क व्यवस्था उन्होंने बताया कि एक ट्रेन में 11 कोच होंगे। इनमें से 10 कोच श्रद्धालुओं के लिए तथा एक कोच सर्विंग स्टाफ के लिए रहेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने की व्यवस्था, नजदीकी रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थल तक पहुंचाने के लिए बसों आदि का प्रबंध तथा ठहरने की व्यवस्था भी हरियाणा सरकार द्वारा निशुल्क की जाएगी। हरियाणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत, 60 वर्ष से अधिक आयु के हरियाणा के वरिष्ठ नागरिकों, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए से कम है, को निःशुल्क पवित्र स्थलों की यात्रा करवाई जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र व्यक्ति तीर्थ यात्रा के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं।

हरियाणा में पूर्व DGP का वाट्सऐप नंबर हैक कर परिचितों से पैसों की डिमांड

पंचकूला. प्रदेश के एक पूर्व डीजीपी का वाट्सएप नंबर हैक कर उनके परिचितों को पैसे की डिमांड वाले मैसेज भेजे गए। अधिकांश परिचित तो उस मैसेज की लैंग्वेज देखकर समझ गए, लेकिन अंबाला एक हैड कांस्टेबल ट्रैप का शिकार हो गए। पूर्व डीजीपी के द्वारा अब साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया गया है। पूर्व डीजीपी निर्मल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नौ मार्च की शाम को करीब 4 बजे उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। उसने बताया कि आपके पास एक पार्सल आया है, उसे रिसीव करने के लिए अपने फोन से कॉल करके अपने पार्सल के बारे पता कर सकते हैं। जिसके बाद कॉल करने वाले ने उनके वाट्सएप का ओटीपी अपने नंबर पर रिसीव कर लिया और खुद के फोन में पूर्व डीजीपी का वाट्सएप नंबर शुरू कर दिया। हेड कॉन्स्टेबल बना ठगी का शिकार साइबर ठगों ने पूर्व डीजीपी के सभी परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगना शुरू कर दिया। अधिकांश परिचित तो मैसेज की लैंग्वेज देखकर समझ गए और उन्होंने उसे कोई रुपये नहीं भेजे। लेकिन अंबाला के एक हैड कांस्टेबल ने 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

हरियाणा में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों पर 6 महीने में होगी कार्रवाई

चंडीगढ़. हरियाणा में अब पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतों की जांच में लेटलतीफी नहीं चलेगी। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण और जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण के लिए किसी भी शिकायत के छह महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से विधानसभा में हरियाणा पुलिस (संशोधन) अधिनियम 2026 पारित कराया जाएगा। पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आमजन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे पुलिस में जवाबदेही बढ़ेगी और प्रशासनिक मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी। हालांकि, गुमनाम या फर्जी नाम से भेजी गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को डीएसपी या इससे बड़े रैंक के पुलिस अधिकारी के खिलाफ मानवाधिकार आयोग की संस्तुति, पीड़ित के शपथपत्र, पुलिस हिरासत में मृत्यु, दुष्कर्म या दुष्कर्म का प्रयास, गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखने, प्रताड़ित करके संपत्ति जुटाने या संगठित अपराध के मामलों में जांच का अधिकार दिया गया है। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण शिकायत की सत्यता के बारे में प्रथम दृष्टया संतुष्ट होने पर ही जांच करेगा। अदालतों, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग या लोकायुक्त के समक्ष चल रहे मामलों या पहले से निपटाए जा चुके मामलों के साथ ही पांच साल पुराने मामलों की जांच का अधिकार नहीं होगा। धरने-प्रदर्शन या रोड जाम के मामलों में पुलिस लाठीचार्ज की जांच भी अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगी। इसी तरह जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण को इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की जांच का अधिकार दिया गया है।

डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन उत्कृष्ट, हम उन श्रेष्ठ परंपराओं को लागू करेंगे: हरविंदर कल्याण

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का कहना है कि कई राज्यों की विधानसभाओं का दौरा किया। उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, केरल सहित 13 राज्यों की विधानसभाओं का अध्ययन किया। इसेक अलावा पटना तथा लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलनों में भी भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता ओम बिरला ने की। हर राज्य में कुछ न कुछ श्रेष्ठ है। कहीं समिति प्रणाली मजबूत है, कहीं डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन उत्कृष्ट है। हम उन श्रेष्ठ परंपराओं को हरियाणा में लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कल्याण ने कहा कि नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल स्पीकर सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला। इसके बाद सीपीए सम्मेलन के तहत ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। सिडनी और मेलबर्न की संसदों में डिजिटल कार्यप्रणाली, ई-ऑफिस और मजबूत समिति तंत्र देखने को मिला। हम भी हरियाणा विधानसभा में ई-गवर्नेंस, डिजिटल आर्काइव और क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि तकनीक से कार्यवाही तेज और पारदर्शी दोनों बनती है। कल्याण ने कहा कि ‘युवा संसद-2025’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए हम छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ रहे हैं। जब युवा संसदीय परंपराओं को समझेंगे, तभी भविष्य का नेतृत्व तैयार होगा। लोकतंत्र केवल वोट देने तक सीमित नहीं है, यह संवाद और भागीदारी की संस्कृति है। महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय पर कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। नीतियों में संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा। यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। कल्याण ने कहा कि सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमारा प्रयास है कि चर्चा केवल औपचारिकता न रहे। कानून बनने से पहले उसकी गुणवत्ता पर गंभीर विमर्श हो। इसके लिए विधायी ड्राफ्टिंग कार्यशालाएं करवाई जा रही हैं। विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं ताकि वे आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक मुद्दों पर तथ्यपूर्ण ढंग से बोल सकें। हम अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी क्षमता निर्माण कार्यक्रम चला रहे हैं। लोकतंत्र की मजबूती विधायिका की मजबूती से ही संभव है। कल्याण ने कहा कि नई विधानसभा भवन की योजना के लिए हम ऐसी आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम नई विधानसभा की परिकल्पना कर रहे हैं, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सके। लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के अनुरूप भवन निर्माण हमारी प्राथमिकता होगी।परिसीमन राष्ट्रीय प्रक्रिया है। यदि सीटें बढ़ती हैं तो अधोसंरचना का विस्तार आवश्यक होगा। इस दिशा में प्रारंभिक विचार-विमर्श चल रहा है। कल्याण मानते हैं कि विधानसभा को जनता के प्रति और अधिक जवाबदेह, सहभागी व आधुनिक बनाना का मेरा प्रयास है। समिति प्रणाली को मजबूत करना और शोध आधारित चर्चा को बढ़ावा देना मेरी प्राथमिकताएं हैं। मैं चाहता हूं कि हरियाणा विधानसभा देश की अग्रणी विधानसभाओं में शामिल हो तथा प्रभावी विधायिका के माध्यम से हरियाणा प्रदेश नई ऊँचाइयों को छूते हुए विकसित राष्ट्र के सफर में महत्वपूर्ण योगदान दे। कल्याण कहते हैं कि विधानसभा को देश की अग्रणी विधायिकाओं में शुमार करना उनका लक्ष्य है। सदन की कुर्सी सिर्फ ऊंची नहीं होती, वह जिम्मेदारियों का सबसे कठिन आसन भी होती है। करनाल जिले के घरौंडा से लगातार तीसरी बार विधायक बने हरविन्द्र कल्याण जब 2024 में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए, तो यह केवल राजनीतिक पदोन्नति नहीं थी, यह संसदीय परिपक्वता की परीक्षा भी थी। छात्र राजनीति से लेकर 2004 की लंबी पदयात्रा, 2014 में पहली जीत, हैफेड के चेयरमैन, लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और अब स्पीकर। हर पड़ाव ने उन्हें सत्ता और व्यवस्था के भीतर की कार्यप्रणाली को गहराई से समझने का अवसर दिया। आज वे सदन को अधिक जवाबदेह, तकनीकी रूप से आधुनिक और शोध आधारित बहसों का मंच बनाने के मिशन पर हैं। 

Haryana की 59 पंचायतें 2 अप्रैल को दिल्ली में होंगी सम्मानित

यमुना नगर. पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण की रोकथाम तथा महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को महिला एवं बाल विकास विभाग और केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष प्रदेश की 59 पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें सबसे अधिक पंचायतें कुरुक्षेत्र जिले से हैं, जबकि करनाल और यमुनानगर की पंचायतें भी सूची में शामिल हैं। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों, संबंधित खंड की CDPO और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2 अप्रैल को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक चयनित पंचायत से तीन प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इनमें एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत का मुखिया या प्रतिनिधि और संबंधित खंड की सीडीपीओ शामिल होंगी। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का विवरण विभाग को भेजना आवश्यक है। मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को ट्रेन किराए की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी। निर्धारित मापदंडों के आधार पर हुआ है चयन : मिक्षा रंगा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने बताया कि सुपोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किए जाने के संबंध में विभाग को पत्र प्राप्त हुआ है और संबंधित पंचायतों को इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही इन पंचायतों का चयन किया गया है। जिलों के अनुसार चयनित पंचायतें जारी सूची के अनुसार कुरुक्षेत्र जिले से सबसे अधिक 13 पंचायतों का चयन हुआ है। करनाल से 11 पंचायतें, अंबाला और रोहतक से 6-6 पंचायतें, महेंद्रगढ़ से 6, यमुनानगर से 5 पंचायतें, पंचकूला से 3, भिवानी और रेवाड़ी से 2-2 पंचायतें चयनित हुई हैं। इसके अलावा चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, सिरसा और सोनीपत से एक-एक पंचायत को सूची में शामिल किया गया है। इन पंचायतों ने पोषण अभियान को सफल बनाने, कुपोषण की रोकथाम और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इन पंचायतों को मिलेगा सम्मान करनाल से गढ़ी गुजरान, हथियाना, खेड़ी सरफअली, भूडनपुर, बलरंगरन, डाकवाला रोड़ान, जूडला, मनूरा, अछनपुर, चखड़ा, चूरनी जागीर, अंबाला से मुनहारहेड़ी, नदियाली, भीलपुरा, मधेरी सेखान, कुरुक्षेत्र से बूला, चमूकलां, इसरहेड़ी, झीवैरी, खानपुर रोहड़ान, बहलौरपुर, जिनारपुर, जंधेड़ा, मूरादनगर, घिसरपड़ी, शाहबाद से कलसानी, शहजादपुर प‌ट्टी, रोहतक से ससरोली, करोंधा, पटवारपुर, घूसकनी, किसरांधी, सांपल, महेंद्रगढ़ से माधोगढ़, करिया, लबान, सेका, चरखीदादरी से माइकला, सिरसा से खाईशेरगढ़, पंचकूला से भगवानपुर, मौली, भिवानी से किकरल, नूनसार, यमुनानगर से पिंजौरा, भगवानपुर, संधाए, एमटी करहेड़ा, नगला जागीर, कैथल से सालूमाजरा, फतेहबाद से हिम्मतपुर, सोनीपत से रोलध लतीफपुर, रेवाड़ी से उसन, बराइवबास, फरीदाबाद से काबूलपुर बांगर ग्राम पंचायत शामिल हैं। सुपोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किए जाने को लेकर विभाग की ओर से पत्र मिला है। संबंधित ग्राम पंचायतों को अवगत करवा दिया गया है। विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के मुताविक ही इन ग्राम पंचायतों को सम्मान के लिए चुना गया है।

चूल्हा-चौका के साथ ई-रिक्शा की स्टेयरिंग थाम पूनम बनीं आत्मनिर्भर

हिसार. महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हर चुनौती का सामना कर सकती हैं। जब घर की जिम्मेदारियां कंधों पर बढ़ती है तो महिलाएं चूल्हा-चौका संभालने के साथ-साथ रोजी-रोटी के लिए नए रास्ते भी तलाश लेती हैं। समाज की परंपराओं को पीछे छोड़ आजाद नगर निवासी पूनम भी पति और बच्चों का सहारा बनने के लिए ई-रिक्शा का स्टेयरिंग संभाल रही है। पूनम पिछले दो वर्षों से ई-रिक्शा चला रही है। उसने बताया कि जब घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई तो उन्होंने पति के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई लोग ताना मारते थे कि यह महिलाओं का काम नहीं है। सिटी बसें चलने से घटा है ई-रिक्शा का काम पूनम ने बताया कि शहर में सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद आटो और ई-रिक्शा चालकों के काम में काफी कमी आई है। कई सवारियां बसों में चली जाती हैं। जिससे रिक्शा चालकों की आमदनी प्रभावित हो रही है। कई बार सवारियों को लेकर चालकों के बीच विवाद भी हो जाता है। उनका कहना है कि दिनभर मेहनत करने के बाद भी कई बार पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती। क्यों उठाना पड़ा यह कदम पूनम ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। पति की आमदनी से बढ़ती महंगाई में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। दो बच्चों की जिम्मेदारी बढ़ने के कारण उसने भी कमाने का निर्णय लेना पड़ा। पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण कोई नौकरी नहीं मिली, इसलिए उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। यह भी बताया कि वह किराये के मकान में अपने परिवार के साथ रहती है, आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर घर का किराया देना भी मुश्किल हो गया था। इसलिए उसे पति की मदद के लिए यह कदम उठाना पड़ा। कई बार आ जाती मारपीट की नौबत पूनम ने बताया कि आज भी कई बार अन्य रिक्शा चालकों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती है। कुछ मामलों में तो मारपीट तक की नौबत आ जाती है, लेकिन परिवार की जरूरतों को देखते हुए वह हर चुनौती का सामना कर रही है।

जींद फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजनों को CM ने की 5-5 लाख देने की घोषणा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गत दिवस जींद जिले के सफीदों में स्थित रंग-गुलाल बनाने वाली फैक्टरी में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 महिलाओं की मृत्यु हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुख्यमंत्री सैनी ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को अस्पताल में बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं और उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। राज्य सरकार ने संबंधित अस्पतालों को घायलों के समुचित इलाज के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

हिसार/पानीपत. घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर को एसएचओ के थप्पड़ मारने के मामले में रविवार को छह और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना वाले दिन चार मार्च को इन सभी की ड्यूटी सीएचसी में थी। थाना प्रभारी दीपक को पांच मार्च को सस्पेंड किया जा चुका है। उधर, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. अनिल, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. नितिन व स्टेट को-आर्डिनेटर डा. दीपक गोयल ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में डॉक्टर अपनी ड्यूटी देंगे और ओपीडी शुरू करेंगे। उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। इसलिए पीड़ित डॉ. प्रशांत अदालत जाएंगे। शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने और रविवार को अवकाश के कारण उपचार लगभग ठप रहा। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 80 से 85 हजार मरीज प्रभावित रहे और दो दिन में यह संख्या करीब 1.6 लाख तक पहुंच गई। क्या कहते हैं आंकडे? प्रभावित सेवा     प्रभाव का प्रतिशत     विवरण सरकारी चिकित्सक भागीदारी     93%     औसतन इतने डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे, जिससे केवल सीमित सेवाएं ही मिल पाईं। नियोजित सर्जरी (Planned Surgeries)     95%     दो दिनों के भीतर अधिकांश सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं और पोस्टमार्टम के मामले भी लंबित रहे। एमएलसी (MLC) सेवाएं     98%     यह सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि इसके लिए सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। जिलों में घटती ओपीडी से बढ़ी परेशानी प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी लगभग ठप रही। भिवानी में 130 में से करीब 100 चिकित्सक कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में सामान्य दिनों की ढाई हजार ओपीडी के मुकाबले शनिवार को लगभग 1700 मरीज ही पहुंचे। हिसार में करीब 900 मरीज बिना उपचार लौट गए। यमुना नगर, जींद और झज्जर सहित कई जिलों में एनएचएम व जूनियर रेजिडेंट के सहारे सीमित सेवाएं चलती रहीं। राज्य स्तर के आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों में प्रतिदिन 80-85 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। करनाल में लगभग 5200, हिसार में 6100, गुरुग्राम में 6800 और फरीदाबाद में 6300 मरीज प्रभावित हुए। क्या हुआ हड़ताल का असर? कुल प्रभावित ओपीडी: इन 20 जिलों में लगभग 80,000 से 85,000 मरीज प्रतिदिन प्रभावित हुए, जिसका कुल योग शनिवार और रविवार को लगभग 1.6 लाख के पार रहा। भागीदारी: राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल में भागीदारी का औसत 93% के आसपास रहा। शेष 7% में कुछ आयुष चिकित्सक और एनएचएम के कर्मी शामिल थे जो सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे थे। सेवा का नाम     प्रभाव का स्तर     मुख्य कारण/विवरण पोस्टमार्टम     90% से अधिक लंबित     प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम के मामले बड़ी संख्या में रुक गए। सर्जरी     95% रद्द     पूरे प्रदेश में नियोजित (Planned) सर्जरी को स्थगित करना पड़ा। एमएलसी (MLC)     98% बाधित     सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य होने के कारण यह सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही। मेडिकल प्रमाण पत्र भी रुके प्रदेशभर में चिकित्सकों की दो दिन की हड़ताल का असर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने पर भी पड़ा। भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट व एनएचएम चिकित्सकों ने केवल सीमित ओपीडी सेवाएं संभालीं, जबकि मेडिकल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। जिले में प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है। प्रमाण पत्र न बनने से कई सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में अड़चन आई। इन दिनों आईटीआई, पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं के अलावा पुलिस, होमगार्ड व अन्य सुरक्षा इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ रही है।

CM नायब सैनी ने होला मोहल्ला में की शिरकत, कहा- वीरता और आध्यात्मिकता से मिलती है जीवन की दिशा

सिरसा सीएम नायब सैनी ने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज सिरसा जिले में आयोजित होला मोहल्ला के समापन समारोह में शिरकत की। मुख्य रूप से मस्तानगढ़ या जीवन नगर क्षेत्र में नामधारी समाज द्वारा आयोजित इस गौरवशाली पर्व में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, वीरता और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। होला मोहल्ला केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प और पुरुषार्थ का प्रतीक है। जीवन में आध्यात्मिकता और वीरता का संतुलन आवश्यक है, और ऐसा होला मोहल्ला हमें सीख देता है।"  उन्होंने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी।"मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हरियाणा सरकार हर सामाजिक और धार्मिक प्रयास में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।" इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।होला मोहल्ला सिख परंपरा में गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा शुरू किया गया पर्व है, जिसमें निशानेबाजी, घुड़सवारी, मार्शल आर्ट्स और धार्मिक उत्साह दिखाया जाता है। नामधारी समुदाय द्वारा मस्तानगढ़ जैसे स्थानों पर बड़े स्तर पर मनाया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।