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NCR में पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर सख्ती, हरियाणा सरकार ने EV-CNG को दी प्राथमिकता

चंडीगढ़  हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग चंडीगढ़ में सचिवालय में हुई. सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में 27 एजेंडों को मंजूरी दी गई. अहम बात है कि  कैबिनेट ने हरियाणा मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव किया है. मीटिंग में पानीपत की चुलकाना धाम को श्राइन बोर्ड का दर्जा भी दिया गया है।  कैबिनेट मीटिंग में बीसीए और और बीसीबी वर्ग के तहत नौकरी अप्लाई करने वाले लोगों को राहत दी गई है. इस संबंध में 3069 पदों के लिए ऐड दी गई थी. लेकिन जो तकनीकी प्रॉब्लम थी उसे आज कैबिनेट में राहत दी गई है. उधर, मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 को लागू करने का फैसला लिया गया. पॉलिसी बनाने से पहले दिल्ली में इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के सुझाव लिए गए थे. इसमें अगले 5 वर्षों में करोड़ों के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।  जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम और पंचकूला में आईटी से जुड़े सेंटर खोलने को लेकर कैबिनेट ने मंजूरी दी है और यहां पर युवाओं को आईटी और एआई से जुड़ी जानकारी सिखाई जाएगी।  मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 को मिली मंजूरी     हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग नीति 2026 को मंजूरी.     हरियाणा खिलौना एवं खेल उपकरण निर्माण नीति 2026 को मिली मंजूरी.     ड्राफ्ट हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट रीसाइकलिंग नीति 2026 को मंजूरी.     हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज मैन्युफैक्चरिंग नीति 2026 को मंजूरी.     हरियाणा आईटी, आआई और उभरती प्रौद्योगिकी नीति 2026 को मंजूरी. अहम बात है कि हरियाणा में एनसीआर व्हीकल नीति में बदलाव किया गया है और मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर में अब इलेक्ट्रिक व्हीकल और सीएनजी गाड़ियां ही चलेंगी. वहीं, हरियाणा में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कोई रजिस्ट्रेशन टैक्स नहीं लगेगा. गौर रहे कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत समेत करनाल तक के इलाके दिल्ली एनसीआर में आते हैं. प्रदेश के कुल 14 जिले एनसीआर में आंशिक और पूरी तरह आते हैं।  मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आने वाले समय मे इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा मिल रहा है. ऐसे में ईवी रजिस्ट्रेशन फ्री करने पर काम किया जा रहा है. वर्क फ्रॉम होम पर भी काम किया जाएगा और वर्चुल बैठकों पर भी जोर दिया जाएगा।  इलेक्ट्रिक वाहनों पर शत-प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर इलेक्ट्रिक वाहनों पर शत-प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है , ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. उन्होंने कहा कि यदि ईवी वाहनों पर टैक्स में राहत दी जाती है तो लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ेगा. विज सोमवार को चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक से पूर्व मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर टैक्स छूट देने के लिए भी प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. यह प्रस्ताव चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हों सकें।  एक प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव लाने का विशेष अधिकार मुख्यमंत्री का होता है और कौन-सा प्रस्ताव बैठक में लाया जाएगा, इसका निर्णय वहीं लेते हैं. उन्होंने कहा कि विभागों के बीच लगातार वर्चुअल बैठकें होती रहती हैं और कई प्रशासनिक कार्य टेलीफोन के माध्यम से भी संपन्न हो जाते हैं।  कांग्रेस पर बरसे सीएम सैनी सीएम नायब सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधा कि उनके समय में महंगाई चरम पर थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे काबू किया.सैनी ने कहा कि ये समय राजनीति करने का नहीं है, ये विश्व की समस्या है. उधऱ, इनेलो की तरफ से पंचकूला में दिए गए एचपीएसी (HPSC) के खिलाफ धरने पर सीएम ने कहा कि कांग्रेस और इनेलो ने अपने समय जो किया, वो सबको पता है. लोगों को हमारे पर भरोसा है. ये पारदर्शी सिस्टम है, जहां कोई भी अप्लाई कर सकता है. बाहरी राज्यों के युवाओं को नोकरी देने के विपक्ष के आरोपों पर मुख्य्मंत्री ने कहा विपक्ष ने अपने शासनकाल में कभी मेरिट को प्राथमिकता नहीं दी। 

ताशकंद में चमका हरियाणा का नाम, हरनूर कौर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मारी बाजी

अंबाला अंबाला की होनहार मुक्केबाज़ हरनूर कौर ने ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में (1 से 15 मई 2026 तक आयोजित ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में)  66 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। हरनूर कौर गांव शाहपुर की निवासी हैं तथा वर्तमान में पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी में कक्षा 10वीं की छात्रा हैं तथा वर्तमान में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि हरनूर कौर इससे पहले भी जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।   इसके साथ ही उन्होंने बहरीन में आयोजित यूथ एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। अब उनका चयन मई माह में कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कोच संजय कुमार ने उनकी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरनूर कौर भविष्य में भी देश के लिए और अधिक पदक जीतेंगी।

हरियाणा CM का लुधियाना दौरा, नायब सैनी वर्करों से करेंगे विधानसभा चुनाव की योजना पर चर्चा

फिरोजपुर पंजाब में संगठन को धार देने और आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लुधियाना के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर को फिरोजपुर रोड स्थित शहंशाह पैलेस पहुंचेंगा।  पार्टी के आधार को मजबूत करने की कवायद सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में पार्टी के आधार को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री सैनी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं (वर्करों) से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का मंत्र देंगे। बैठक में जिला स्तर के बड़े नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए फिरोजपुर रोड और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं ताकि आम जनता को असुविधा न हो। भाजपा जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की हैं।  

विश्व बैंक के सहयोग से हरियाणा बनेगा एआई का हब, गुरुग्राम और पंचकूला में स्थापित होंगे एडवांस्ड कंप्यूटिंग सेंटर

 चंडीगढ़  हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की अध्यक्षता की। लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम ने छह एवं सात अप्रैल को पंचकूला में दौरा किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है। इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबाक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो 'निवेश से पूर्व परीक्षण' प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबाक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।  

हरियाणा के मुख्यमंत्री को मिली बम से उड़ाने की धमकी, थ्रेट मेल में धमाके और हमले की चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी को फिर से धमकी मिली है। चंडीगड़ के स्कूलों को सोमवार सुबह मिले मेल में ये थ्रेट दिया गया। मेल में लिखा- सीएम सैनी चंडीगढ़ में रहिंदे ने, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। इसी के साथ कहा गया कि हम चंडीगढ़ और पंजाब के कई स्कूलों को सोमवार को निशाना बनाएंगे। 1 अप्रैल को चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला हुआ था। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। हाई अलर्ट जारी किया गया।  सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। धमकी वाली ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया। धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- ‘चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। चंडीगढ़ में सीएम सैनी रहिंदे, जदों तक नहीं ठोकदे, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में भी बम फटेगा।’ ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी।  

किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध: अमित अग्रवाल का बयान

चंडीगढ़  हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के साथ फरीदाबाद जिले की मोहना अनाज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर फीडबैक लिया। निरीक्षण दौरे में किसानों की मांग पर प्रतिबद्धता जताते हुए मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और साथ ही गेहूं की खरीद के बाद भुगतान किसानों के खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के आश्वस्त करते हुए कहा कि "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसान स्वयं अपनी फसल का पंजीकरण और ट्रैकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण से किसी कारण वंचित किसानों को पुनः पंजीकरण की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।  बीते दस वर्षों से लगातार किसान हित में अग्रणी भूमिका निभा रही हरियाणा सरकार   अमित अग्रवाल ने किसानों को पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में की गई उपलब्धियां की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों ने 'अन्नदाता' को 'उद्यमी' बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे, किसान सुविधा केंद्र तथा अटल किसान कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। अटल किसान कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और मजदूरों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताई। 

हरियाणा में पंचायती जमीन पर निजी परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नए नियम लागू, ग्राम सभा की अनुमति जरूरी

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ग्राम पंचायत की सामूहिक भूमि (शामलात देह) पर निजी परियोजनाओं के लिए रास्ता बनाने के नये नियम लागू करने वाली है। अब कोई भी निजी प्रोजेक्ट ग्राम पंचायत की जमीन के जरिए रास्ता लेना चाहे, तो उसके लिए पहले ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की मंजूरी लेना अनिवार्य होगी। प्रस्तावित नई नीति के मुताबिक, ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों में से कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों का समर्थन होना चाहिए। उसके बाद गांव की आम बैठक यानी ग्राम सभा में उपस्थित लोगों में से दो-तिहाई लोगों की हां जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रास्ता बनाने का फैसला सिर्फ कुछ लोगों के स्वार्थ के लिए नहीं होगा, बल्कि पूरी पंचायत और गांव की सहमति से लिया जाए। प्रदेश सरकार यह भी प्रस्तावित कर रही है कि रास्ता बनाने के लिए जमीन बेची या लीज पर नहीं दी जाएगी। नया रास्ता पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और सभी गांववासियों के लिए सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा। निजी प्रोजेक्ट के लिए रास्ता बनाते समय पंचायत की भूमि का लाभ निजी लाभ के लिए नहीं लिया जाएगा। इस नियम का उद्देश्य है कि निजी परियोजनाओं के विकास में ग्राम पंचायत की जमीन सुरक्षित रहे, गांववासियों की सहमति सुनिश्चित हो और कोई विवाद न उठे। साथ ही, यह नीति निजी निवेश और बुनियादी ढांचे के निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि अब रास्ता बनाने की मंजूरी प्रक्रिया साफ, सरल और नियमबद्ध होगी। पानीपत की ग्राम पंचायत मच्छरौली ने शामलात देह की नौ कनाल तीन मरला भूमि को एमएस कपूर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 15 कनाल जमीन के साथ बदलने का प्रस्ताव पास किया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि मौजूदा कुछ रास्ते और खाल अब उपयोग में नहीं हैं, और नए रास्ते की सुविधा प्रदान करने के लिए यह आदान-प्रदान आवश्यक है। आज कैबिनेट मीटिंग में पंचायत के इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। तय फार्मेट के अनुसार दिखाना होगा सरकारी अनुदान का उपयोग राज्य सरकार ने वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। वित्तीय नियम 8.14 (बी) के तहत यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) का नया फार्मेट निर्धारित किया जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। सरकारी अनुदान (ग्रांट-इन-एड) अक्सर स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों, बोर्ड/कार्पोरेशनों और सहकारी समितियों को दी जाती है। इन संस्थाओं को यह प्रमाण देना होता है कि अनुदान का उपयोग केवल उस उद्देश्य के लिए किया गया, जिसके लिए इसे मंजूरी मिली थी। पहले इस यूसी का कोई तय फार्मेट नहीं था, जिससे जवाबदेही और निगरानी में दिक्कतें आती थीं। अब वित्त विभाग ने एक मानक फॉर्मेट बनाया है, जिसे सभी संस्थाओं को अब अपनाना होगा।

हरियाणा में फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी, इन जिलों पर पड़ेगा असर; कैबिनेट बैठक में तय होंगी नई दरें

चंडीगढ़  हरियाणा में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की जाने वाली है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की नई बढ़ी हुई दरों पर मुहर लगेगी। गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे मेट्रो सिटी में फ्लैट की कीमत में तीन से चार लाख रुपये तक बढ़ने की पूरी संभावना है। जमीन की बढ़ती कीमतों व निर्माण लागत में बढ़ोतरी के चलते हरियाणा सरकार कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में बिल्डर गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम से मुंह मोड़ चुके हैं। इसका मुख्य कारण लगातार बढ़ती भूमि कीमतें, निर्माण सामग्री और श्रम लागत है, जिसने योजना को आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस कदम के बाद शहरों में अफोर्डेबल फ्लैट्स की कीमतों में वृद्धि होगी, लेकिन बिल्डर्स के लिए यह योजना में निवेश करना आसान बनाएगा। अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समय हुई थी। योजना का उद्देश्य मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती फ्लैट्स उपलब्ध कराना था। मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स के निर्माण के लिए पांच एकड़ तक की भूमि पर मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने इसे जारी रखा। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। वर्तमान दरें (2021 और 2023 की नीति के अनुसार)     गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला – 5,000 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन – 4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन – 3,800 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित नई दरें     गुरुग्राम: 5,575 रुपये प्रति वर्ग फुट     फरीदाबाद: 5,450 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन: 5,050 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन: 4,250 रुपये प्रति वर्ग फुट संस्थागत साइट्स पर 350 प्रतिशत तक हो सकता एफएआर हरियाणा सरकार ट्रांजिट ओरंटिड डेवलेपमेंट (टीओडी) पालिसी में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस पालिसी के तहत एफएआर (फ्लोर एरिया रेसो) में बढ़ोतरी संभव है। अभी तक टीओडी जोन में संस्थागत साइट्स के लिए 100 से 150 प्रतिशत तक एफएआर है। अब इसे बढ़ाकर 250% से 350% तक करने का प्रस्ताव है। सरल भाषा में कहें तो पहले 1,000 वर्ग मीटर जमीन पर 1,500 वर्ग मीटर तक भवन बन सकता था। अब उसी जमीन पर 2,500 से 3,500 वर्ग मीटर तक भवन बनाया जा सकेगा। यह बढ़ी हुई क्षमता सिर्फ संस्थागत साइट्स पर लागू होगी। संस्थागत साइट्स का अर्थ है स्कूल, कालेज, अस्पताल, आफिस, सरकारी संस्थान। घर, दुकान या माल जैसी वाणिज्यिक निर्माण गतिविधियों के लिए एफएआर बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि मेट्रो या रेलवे स्टेशन के पास अब सिर्फ संस्थानिक उपयोग वाली जगह पर ज्यादा निर्माण संभव होगा। मौजूदा भवनों में बदलाव के लिए स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी होगा। ग्राउंड कवरेज 40% तक ही सीमित रहेगा। न्यूनतम साइट का आकार एक एकड़ होना चाहिए।

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र समाप्त, 54 घंटे से ज्यादा चली विचारपूर्ण चर्चा

चंडीगढ़  15वीं हरियाणा विधान सभा का दूसरा बजट सत्र सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हो गया। 20 फरवरी को शुरू हुए इस सत्र में 18 मार्च तक कुल 13 बैठकें हुईं, जिनमें लगभग 54 घंटे 24 मिनट सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अनेक विषयों पर सदन का माहौल गर्म भी हुआ, जिसे विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपनी कुशलता से संभाला और कार्य उत्पादकता की मिसाल पेश की। सत्र संपन्न होने के अगले दिन वीरवार को मीडिया में जारी एक बयान में विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि बजट सत्र 20 फरवरी को राज्यपाल प्रो. असीम घोष द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिभाषण से शुरू हुआ था। इस अभिभाषण पर सदन में 23, 24, 25, 26 और 27 फरवरी को कुल 7 घंटे 58 मिनट व्यापक चर्चा करवाई गई।  इस चर्चा में मुख्यमंत्री समेत भाजपा के 19 सदस्य 217 मिनट, कांग्रेस के 14 सदस्य 229 मिनट, इनेलो के 2 सदस्य 24 मिनट तथा 2 निर्दलीय विधायकों ने 8 मिनट अपनी बात रखी। 2 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट प्रस्तुत किया। सदन में 5, 6, 9 और 17 मार्च को 10 घंटे 3 मिनट इस पर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित भाजपा के 15, कांग्रेस के 7 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के जवाब सहित भाजपा को 407 मिनट, कांग्रेस को 167 मिनट तथा निर्दलीय विधायकों को 29 मिनट का समय मिला। सत्र के दौरान 6 दिन शून्यकाल रहे। इस दौरान 5 घंटे 3 मिनट चली कार्यवाही में भाजपा के 23 विधायक 129 मिनट बोले, कांग्रेस के 24 विधायक 139 मिनट बोले, इनेलो के 2 विधायक 23 मिनट तथा निर्दलीय 3 विधायकों को 12 मिनट का समय मिला। इनेलो के एक विधायक को दो बार बोलने का मौका मिला। इस प्रकार कुल 52 विधायकों ने शून्यकाल में हिस्सा लिया। बजट सत्र के दौरान 11 दिन प्रश्नकाल हुए। इसके लिए 220 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, इनमें से 168 के जवाब हाउस में दिए गए। विधान सभा सचिवालय को 57 सदस्यों से 390 तारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 258 एडमिट हुए। इनमें भाजपा के 23, कांग्रेस के 29, इनेलो के 2 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने प्रश्नों के लिए नोटिस भेजे। इस दौरान एक रिकॉर्ड यह बना कि लगातार 3 दिन और कुल 4 दिन निर्धारित सभी सवालों के जवाब सदन में दिए गए। इसी प्रकार 28 विधायकों की ओर से 183 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए। अतारांकित प्रश्न लगाने वालों में भाजपा के 10, कांग्रेस के 15 इनेलो के 2 तथा एक निर्दलीय विधायक शामिल रहा। इनमें से 145 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए। सभी 145 प्रश्नों के जवाब विधायकों को भेजे गए। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए 32 नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 5 स्वीकृत हुए। इसी प्रकार कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए 4 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से एक स्वीकृत किया गया। सत्र के लिए 8 विधेयकों के प्रारूप मिले थे। ये सभी चर्चा उपरांत पारित कर दिए गए। सत्र के दौरान 2 सरकारी संकल्प भी पारित किए गए। इनमें आवासन बोर्ड को भंग कर इसका एचएसवीपी में विलय करने तथा सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम, 1993 के निरसन शामिल हैं। इसके अलावा नियम 84 के अधीन ‘विकसित भारत जी-राम’ योजना के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। नियम 66 व 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा भी चर्चा हुई। यह स्थगन प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग की हाल ही में आयोजित भर्ती के बारे में था। नियम 171 के तहत एक गैर सरकारी प्रस्ताव पर भी पारित किया गया। इसके तहत सदन ने राज्य सरकार से केन्द्र सरकार को यह सूचित करने के लिए सिफारिश की कि जी.एस.टी. के अतंर्गत टैक्स स्लैब में संशोधन सराहनीय तथा प्रशंसनीय है। इस बीच अध्यक्ष ने कुछ मुख्य रूलिंग्स भी दी, जिनमें राज्य सभा चुनाव संबंधी भी प्रमुख रही। सत्र के दौरान बजट का अध्ययन करने के लिए गठित 8 स्थायी समितियों समेत अनेक कमेटियों की वार्षिक रिपोर्ट्स भी पेश हुईं। इनमें एक प्रिविलेज कमेटी की फाइनल रिपोर्ट भी शामिल है। सत्र के बीच होली पर्व आया। इस अवसर विधान परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सत्र के अंतिम दिन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान दिया गया। उनके मार्गदर्शन से सदन को विशेष जानकारी मिली। इस सत्र के दौरान अलग-अलग दीर्घाओं में 2139 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। 

किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा में रबी फसलों की खरीद शुरू, MSP के अनुसार भुगतान होगा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने  चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है। मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 28 मार्च से होगी सरसों की सरकारी खरीद सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होगी और 1 मई तक अनाज मंडियों में सरसों को खरीदा जाएगा. चने की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी जबकि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी. चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा बैठक बुलाई थी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को बिना किसी देरी के MSP का लाभ मिल सके. साथ ही, किसानों में MSP और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए. यह रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी समीक्षा की गई. सरसों के लिए MSP 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. पूर्व वर्षों की खरीद की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत प्रभावी खरीद सुनिश्चित की है। वर्ष 2024-25 में 8.12 लाख टन से अधिक सरसों की खरीद की गई। वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 प्रतिशत खरीद सीमा सहित सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें। यदि आवश्यक हो तो किसानों के हित में इस सीमा से अधिक खरीद के लिए भी आवश्यक वित्तीय प्रविधान सुनिश्चित करें।