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ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: हरियाणा के इस जिले में बनेगा पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 200MW पावर जनरेशन

चंडीगढ़ प्रदेश में किसानों को निर्बाध और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार हरियाणा एग्री डिस्काम नाम से तीस्सरी ऊर्जा बिजली वितरण कंपनी स्थापित करेगी। साथ ही सरकार हरियाणा हरित हाइड्रोजन नीति भी लागू करेगी। ऊर्जा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के 6,379.63 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2026-27 के लिए बजट 7.66 प्रतिशत बढ़ाकर 6,868 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। हरियाणा एयी डिस्काम राज्य के सभी 5,084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य नए ट्यूबवेल कनेक्शन तेजी से जारी करना, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलना और किसानों के खेतों तक नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वर्तमान में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम 14,391 फीडरों से घरेलू, वाणिज्यिक, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। 2004-05 से 2014-15 के बीच इन दोनों निगमों ने 1,89,978 नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए थे। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 35,000 नए सौर पंप स्थापित होंगे। 13 जिलों में 200 मेगावाट क्षमता की पराली आधारित बायोमास परियोजनाएं स्थापित होंगी। किसान अपने ट्यूबवेल पर सौर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेंगे। किसानों के मौजूदा बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शनों पर खेतों में सौर ऊर्जा लगाने की अनुमति मिलेगी। ऐसे में उपयोग से बढ़ने वाली बिजली निगम खरीदेंगे। प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनेगा। वर्ष 2030 तक 250 किलो टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन और 2 गीगावाट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.2 लाख घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगेंगे। गैर बकायेदार उपभोक्ताओं और अंत्योदय परिवारों को इसके लिए ब्याज मुक्त सहायता भी दी जाएगी। शेष 68 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

हरियाणा थंडर ने रोमांचक फाइनल में दिल्ली दंगल वॉरियर्स को हराकर पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब जीता

नोएडा  हरियाणा थंडर नोएडा इंडोर स्टेडियम में दिल्ली दंगल वॉरियर्स के खिलाफ फाइनल में आखिरी बाउट तक चले मैच के बाद प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 का चैंपियन बन गया। आठ बाउट के बाद स्कोर 4-4 से बराबर था, नतीजा आखिरी महिलाओं की 62 किलोग्राम बाउट पर निर्भर था, जिसमें पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट इरीना कोलियाडेन्को ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी शानदार टेक्निकल जीत ने हरियाणा थंडर को 5-4 से जीत दिलाई और पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब दिलाया, जो लीग के इतिहास के सबसे नाटकीय फाइनल में से एक था। हरियाणा थंडर पीडब्ल्यूएल 2026 ट्रॉफी के साथ 1.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि घर ले जाएगा। रनर-अप, दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 75 लाख रुपये मिलेंगे। व्यक्तिगत पुरस्कारों में, दिल्ली दंगल वॉरियर्स के तुरान बायरामोव ने 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में सभी 7 बाउट जीतकर और पीडब्ल्यूएल 2026 में कुल 59 अंक हासिल करके 2.5 लाख रुपये का 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' खिताब जीता। पंजाब रॉयल्स के चंदरमोहन टूर्नामेंट के टॉप पॉइंट स्कोरर थे। नेहा सांगवान (हरियाणा थंडर) को आखिरी बाउट तक फाइनल को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला। रौनक (दिल्ली दंगल वॉरियर्स) को पुरुष 125 किलोग्राम वर्ग में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए 'फाइटर ऑफ द मैच' का सम्मान मिला। 'इंपैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच' अक्षय धेरे (हरियाणा थंडर) थे, जिन्हें 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में उनके मजबूत प्रदर्शन के लिए पहचाना गया। चैंपियनशिप की रात दिल्ली ने बढ़त के साथ शुरू की, जब अजेय तुरान बायरामोव ने 74 किलोग्राम पुरुष बाउट जीती, जल्दी ही शुरुआती बढ़त बनाई और 8-1 से जीत हासिल करने के लिए नियंत्रण बनाए रखा। हरियाणा ने 76 किलोग्राम महिला वर्ग में तुरंत जवाब दिया, जहां अंडर20 विश्व चैंपियन काजल धोचक ने यूरोपीय चैंपियन अनास्तासिया अल्पीयेवा को 3-1 से हराकर स्कोर बराबर कर दिया। 65 किलोग्राम पुरुषों के मैच में मोमेंटम तब बदला जब दिल्ली के कप्तान सुजीत कल्कल ने शानदार वापसी करते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट तुमुर ओचिर तुलगा को 8-6 से हरा दिया। हरियाणा ने तुरंत अपनी स्टार और कई बार की वर्ल्ड चैंपियन यूई सुसाकी के साथ जवाब दिया, जिन्होंने सारिका पर शानदार टेक्निकल जीत हासिल करके अपना कौशल दिखाया और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। 86 किलोग्राम पुरुषों के मैच में दिल्ली ने फिर से बढ़त बना ली, जब एशियन चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट वफाईपुर हादी बख्तियार ने अशिरोव अशरफ को 11-0 से हरा दिया। हरियाणा ने जोरदार जवाब दिया, जिसमें अक्षय धेरे ने 57 किलोग्राम पुरुषों के इवेंट में दिल्ली के अमित कुमार को टेक्निकल सुपीरियरिटी से हरा दिया। हेवीवेट मैच निर्णायक था, जिसमें रौनक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनिरुद्ध गुलिया को 12-2 से हराया, जिससे दिल्ली को 4-3 की बढ़त मिली। हरियाणा ने हार नहीं मानी, और नेहा सांगवान ने 57 किलोग्राम महिलाओं के मुकाबले में अंजलि को पिन करके मैच को जारी रखा, जिससे स्कोर 4-4 से बराबर हो गया। चैंपियनशिप दांव पर लगी थी, और इरीना कोलियाडेन्को ने महत्वपूर्ण 62 किलोग्राम महिलाओं के मैच में कदम रखा। अपने अनुभव और शांत स्वभाव का फायदा उठाते हुए, पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट ने लगातार टर्न-एंड-एक्सपोजर मूव्स से अंजलि को हराया और 16-0 से टेक्निकल जीत हासिल की। ​​इस जीत ने उन्हें हरियाणा थंडरर्स के लिए खिताब दिलाया।

हरियाणा का राखीगढ़ी 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल

चंडीगढ़/हिसार. हरियाणा की धरती पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान राखीगढ़ी अब एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर है। केंद्रीय बजट में किए गए एलान के बाद राखीगढ़ी को देश के 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की सूची में शामिल करने की घोषणा हुई है। इस फैसले के साथ ही राखीगढ़ी केवल खुदाई और शोध का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि इसे संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आम लोगों से जोड़ने के लिए चयनित पुरातात्विक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी नीति के तहत हिसार जिले की राखीगढ़ी को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथ-वे, सूचना तंत्र और गाइड की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आने वाले लोग सभ्यता के अवशेषों के साथ उसका ऐतिहासिक संदर्भ भी समझ सकें। बजट से पहले भी बनी थी जमीन यह पहला मौका नहीं है जब बजट में राखीगढ़ी का जिक्र हुआ हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में पहले ही राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जा चुकी है। उस घोषणा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां खुदाई और संरक्षण के कार्यों को गति मिली, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को और मजबूती मिली है। इन बिंदुओं से समझें बजट के बाद राखीगढ़ी को मिलने वाली नई पहचान को – देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया जाएगा  – संरक्षित टूरिज्म साइट के रूप में विकास, पाथ-वे और गाइड की व्यवस्था – पहले से घोषित 500 करोड़ के आवंटन से संरक्षण और खुदाई को बल – सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा टूरिज्म के नजरिये से क्या बदलेगा बजट के बाद राखीगढ़ी में केवल खोदाई स्थल नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यटन ढांचा विकसित करने की योजना है। परिसर के भीतर पाथ-वे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। प्रशिक्षित गाइड नियुक्त किए जाएंगे, जो सभ्यता, खुदाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्राचीन जीवन-शैली को समझाने का प्रयास किया जाएगा। क्यों खास है राखीगढ़ी राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। यहां अब तक हजारों साल पुराने मानव कंकाल, मकानों की दीवारें, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें और जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिल चुके हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह नगर सुव्यवस्थित शहरी योजना और तकनीकी समझ के साथ विकसित हुआ था। नदी से नगर तक की कहानी इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली के किनारे बसा था। माना जाता है कि इसी नदी की सहायक धाराओं के सूखने के बाद इस नगर का पतन हुआ। खुदाई में मिले सूखे नदी-तल, कुएं और जल संरचनाएं इस थ्योरी को मजबूती देती हैं।

हरियाणा में 31 पेड़ों की कटाई पर दो अधिकारी सस्पेंड

सिरसा. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने सिरसा में कष्ट निवारण समिति की बैठक में डेढ़ साल से चल रहे 31 पेड़ कटाई की शिकायत मामले में दो अफसरों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया। इसमें एक जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय ढांडा और दूसरे वन विभाग कटाई के रेंज आफिसर सुंदर संधू है। विज ने अपने फैसले के खिलाफ दोनों को कोर्ट में जाने का सुझाव भी दे दिया। गांव कालुआना के ग्रामीणों ने 9 अप्रैल 2023 को गांव के जलघर से पेड़ काटने की शिकायत दी थी। इस शिकायत पर 25 मई 2024 को कष्ट निवारण समिति की बैठक में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं को इसमे झूठा फंसाया जा रहा है। विज ने पिछली मीटिंग में चर्चा की तो पता चला कि 51 पेड़ों के अनुमति के अतिरिक्त 31 पेड़ काटे गए हैं। इसका खुलासा होने पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में डीएसपी और जिला वन मंडल अधिकारी को शामिल करके जांच कमेटी का गठन किया। एडीसी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि पेड़ 12 से 13 काटे गए है। बाकी झाड़ियां थी। विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर द्वारा अपनी संपत्ति की देखभाल ना करने और वन विभाग के रेंज आफिसर द्वारा जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र ना करने पर सख्ती दिखाते हुए दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही लेबर ठेकेदार द्वारा झूठा शपथ पत्र देने पर उसके खिलाफ भी कारवाई के निर्देश दिए। विज ने पीडब्लूडी से आरओबी की मांगी रिपोर्ट मीटिंग के दौरान अनिल विज ने हिसार के उकलाना में बनाए जा रहे आरओबी को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा। विज ने कहा कि आरओबी के चलते तंग गलियों से लोग गुजर रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिकारियों से पूछा कि ये कौन सा साल चल रहा है। अधिकारी ने जवाब दिया कि 2026, विज ने कहा कि उकलाना के हालात देखकर मुझे तो 1946 लग रहा है। विज ने डीसी शांतनु शर्मा से पूछा कि डीसी साहब आप चंडीगढ़ किधर से जाते हो। डीसी ने जवाब दिया कि मैं तो पंजाब से जाता हूं। विज ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से कहा कि मैं कहीं पर भी किसी भी जिले की रिपोर्ट ले सकता हूं। आरओबी की संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर मुझे भेजो। वहीं, पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में जल्द ही नई बसों को शामिल किया जाएगा और बसों में ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से बसों की सटीक लोकेशन यात्रियों को मिलती रहेगी। आम आदमी एप के जरिए भी बसों की लोकेशन ट्रेस कर सकेंगे। इसके अलावा बस अड्डों पर स्क्रीन भी लगाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बस के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

राष्ट्रपति के साथ गणतंत्र परेड में होंगी हरियाणा की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता

झज्जर. कासनी गांव निवासी अक्षिता धनखड़ का नाम आज पूरे देश में गूंज रहा है। वह भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट हैं और गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ रहेंगी। अक्षिता ने बताया कि वे बचपन में गणतंत्र दिवस की परेड देखती थीं और कर्तव्य पथ पर खड़े होने का सपना देखती थीं। पिता ने भी गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया था। उनकी कहानियां सुनकर वर्दी पहनने का सपना पक्का हो गया। बचपन की यादें ही कॅरिअर का आधार बनीं। अक्षिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पढ़ाई की। एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) में हिस्सा लिया। अक्षिता ने मेहनत से कैडेट सजेंट मेजर का रैंक हासिल किया। एनसीसी यूनिट ने उन्हें एक्स-सीएसएम कहकर याद किया क्योंकि उन्होंने साथी कैडेट्स को उदाहरण से प्रेरित किया। एनसीसी की मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सेना के लिए तैयार किया। अक्षिता ने बताया कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। जहां उनको देश की राष्ट्रपति के साथ तिरंगा झंडा फहराने का मौका मिला है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 27 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। अक्षिता की माता सुनीता ने भी इसे गर्व का क्षण बताया।

डोडा हादसे में बलिदान हुए हरियाणा के दो लालों की आज होगी अंतिम विदाई

यमुना नगर. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर हुए सैन्य वाहन हादसे ने झकझोर दिया। इस हादसे में सेना के 10 जवान बलिदान हो गए। हरियाणा के लिए यह हादसा और भी पीड़ादायक रहा। इनमें हरियाणा के दो शामिल हैं। बलिदानियों में यमुनानगर जिले के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल और झज्जर जिले के गिजाड़ौद गांव निवासी मोहित चौहान शामिल हैं। दोनों वीर सपूतों की शहादत की सूचना मिलते ही उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर अंबाला और मोहित का पािर्थव शरीर दिल्ली पहुंच गया है। दोनों जवानों के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज उनके गांवों में किया जाएगा। हादसे में बलिदान जवान यमुनानगर के छछरौली खंड के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल (30) हैं। सुधीर वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 19 वर्ष थी। वह 72 टैंक बटालियन में तैनात थे। करीब दो वर्ष पहले उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हुई थी। हादसे में सुधीर नरवाल के बलिदान होने की सूचना सेना के अधिकारियों ने वीरवार शाम उनके स्वजन को फोन पर दी। यह सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। राजकीय सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार सेना अधिकारियों ने स्वजनों को बताया कि शुक्रवार सुबह सुधीर का पार्थिव शरीर अंबाला एयरपोर्ट पर पहुंचना था, लेकिन सुबह से दोपहर बाद तक लगातार वर्षा होने के कारण इसमें देरी हो गई। परिजनों को उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। फोन आने के बाद पत्नी हो गई थी बेसुध परिजनों के अनुसार सुधीर की पत्नी रूबी अपनी जेठानी के साथ खेतों की ओर टहलने गई हुई थीं। उसी दौरान सेना के एक अधिकारी का फोन आया। जैसे ही फोन पर सुधीर के बलिदान होने की जानकारी मिली, रूबी सदमे में बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिवार और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। घटना की जानकारी फैलते ही रिश्तेदारों और गांव के लोगों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया। हर आंख नम थी और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा था। दो बहनों के इकलौते भाई थे सुधीर सुधीर नरवाल के पिता हरपाल सिंह किसान थे, जिनका वर्ष 2017 में निधन हो चुका है। पिता के निधन के बाद से ही परिवार पहले से दुख के साये में था। अब जवान बेटे के बलिदान ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुधीर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दो बहनों के भाई थे। परिवार में उनकी मां उर्मिला देवी, पत्नी रूबी और सात वर्षीय मासूम बेटा अयांश है। इस हादसे ने मां से उनका सहारा, पत्नी से जीवनसाथी और मासूम बेटे से पिता का साया छीन लिया। झज्जर के मोहित भी हुए बलिदान डोडा हादसे में मां भारती के चरणों में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले झज्जर जिले के गांव गिजाड़ौद निवासी मोहित चौहान का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात 8:55 पर दिल्ली पहुंच गया। लेकिन पैतृक गांव में शनिवार सुबह पहुंचेगा। दिनभर स्वजन और ग्रामीण वीर सपूत का इंतजार करते रहे। शुक्रवार सुबह से ही गिजाड़ौद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और हर आंख गांव की दहलीज पर टकटकी लगाए बैठी रही। सेना के अधिकारियों ने पहले सुबह 11 बजे और फिर दोपहर 2 बजे पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचने की सूचना दी थी बाद में रात 8:55 पर पहुंचने की जानकारी दी गई। गांव के सरपंच नरेश कुमार सैन्य मुख्यालय के निरंतर संपर्क में हैं। बलिदानी के छोटे भाई जितेंद्र उर्फ जीतू ने रुंधे गले से बताया कि उसकी मोहित से अंतिम बार बुधवार शाम को ही बात हुई थी। मोहित ने वादा किया था कि वह मार्च में छुट्टी लेकर घर आएगा। करीब दो महीने पहले ही मोहित शादी की सालगिरह मनाने घर आया था। वर्ष 2019 में सेना में भर्ती हुए मोहित की शादी एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। गांव में बनेगा स्मारक जीतू ने बताया कि पहले घायल होने की सूचना मिली थी, लेकिन शाम पांच बजे जब शहादत की खबर आई, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता सतपाल, माता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गिजाड़ौद गांव ने अपने वीर सपूत के सम्मान में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत ने मुख्य सड़क के साथ लगती 500 वर्ग गज पंचायती भूमि बलिदानी मोहित चौहान के स्मारक के लिए आवंटित की है। शुक्रवार को दिनभर जेसीबी मशीनों से इस जमीन को समतल करने का कार्य चला। शनिवार को मोहित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

HERC का बड़ा आदेश: हरियाणा में बिजली निगमों को 3 महीने में देना होगा CSI सर्टिफिकेट, ISO सर्टिफिकेशन अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की पावर यूटिलिटीज को सेवा गुणवत्ता के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई), बैलेंस्ड स्कोरकार्ड सिस्टम लागू करने और सभी पावर यूटिलिटीज के लिए आईएसओ प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है।    एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (एसएसी) की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि अब एसएसी की बैठक वर्ष में तीन बार आयोजित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि एसएसी की बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को पावर यूटिलिटीज द्वारा समयबद्ध ढंग से लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एचईआरसी के सदस्य मुकेश गर्ग और  शिव कुमार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी. आर. कंबोज , एचईआरसी के सचिव प्रशांत देष्टा, विद्युत लोकपाल आर. के. खन्ना व एचपीजीसीएल, एचवीपीएन, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य एसएसी सदस्य उपस्थित रहे। आयोग ने सभी पावर यूटिलिटीज को निर्देश दिया कि वे तीन माह के भीतर सुव्यवस्थित उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई) लागू करें, जिसकी मासिक निगरानी की जाएगी। यह स्पष्ट किया गया कि सीएसआई का मूल्यांकन सेक्शन स्तर पर जूनियर इंजीनियर से लेकर उप-मंडल, मंडल और यूटिलिटी स्तर तक किया जाना चाहिए, ताकि जवाबदेही तय हो और उपभोक्ता सेवाओं में प्रभावी सुधार हो। लक्ष्य आधारित प्रदर्शन और प्रणालीगत सुधार को संस्थागत रूप देने के लिए अध्यक्ष ने चार माह के भीतर बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। इसे एक रणनीतिक प्रदर्शन प्रबंधन उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा, जिसके माध्यम से वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के लक्ष्यों का निर्धारण और उनकी निगरानी की जाएगी। प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा फील्ड स्तर से लेकर शीर्ष प्रबंधन स्तर तक की जाएगी, जिनमें उपभोक्ता संतुष्टि, संचालन दक्षता, सुरक्षा, हानियों में कमी, सेवा गुणवत्ता और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इसकी मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी। प्रक्रियाओं के मानकीकरण पर आयोग ने बताया कि हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) वर्तमान में राज्य की एकमात्र आईएसओ प्रमाणित यूटिलिटी है। आयोग ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम  (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) तथा डीएचबीवीएन को भी आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि पारदर्शिता, एकरूप प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां सुनिश्चित की जा सकें। लागत अनुकूलन पर जोर देते हुए शर्मा ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि अल्पकालिक और मध्यम अवधि की बिजली खरीद में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने उपभोक्ताओं पर अनावश्यक भार कम करने के लिए उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। बैठक के दौरान डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल (एटी एंड सी) हानियों को और कम करने के लिए निरंतर उपाय किए जा रहे हैं। यह भी जानकारी दी गई कि यूएचबीवीएनऔर डीएचबीवीएन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 51,156.71 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का अनुमान प्रस्तुत किया है।

हरियाणा में अब अस्पताल संचालकों को देना होगा आपरेशन का रिकार्ड

चंडीगढ़. हरियाणा के कुछ अस्पतालों में केंद्र की आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के तहत मरीओं के इलाज में फर्जीवाड़ा करने की शिकायत के बाद एक एडवाइजरी जारी की गई है। सीईओ आयुष्मान भारत (हरियाणा) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि आइसीयू में भर्ती मरीज की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जरूरी होंगे और उन्हें चालू रखने की जिम्मेदारी अस्पताल की होगी। जरूरी जांच में कैमरों की फुटेज उपलब्ध करानी पड़ेगी। इस एडवाइजरी को लेकर कई अस्पताल संचालकों की ओर से मरीजों की निजता पर सवाल उठे तो आइएमए हरियाणा की ओर से स्पष्ट किया गया कि एडवाइजरी में आइसीयू के गेट पर तथा गैलरी पर कैमरे चालू हालत में रखने के सलाह दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ जगहों पर आइसीयु तथा अन्य कंबर दुनिट के अंदर कैमरे लगाने की एडवाइजरी में उल्लेख नहीं हैं। आइएमए (हरियाणा) की ओर से प्रेस रिलीज में भी कहा गया है कि कुछ अस्पतालों की ओर से फर्जीवाड़ा किए जाने पर यह सलाह जारी की गई है। सीसीटीवी कैमरे के लिंक का इस्तेमाल कैवत सत्यापन के लिए होगा।

हरियाणा के युवाओं के लिए जापान का बड़ा निवेश, नौकरी के नए अवसर मिलेंगे

चंडीगढ़ जापान अब हरियाणा में ऑटोमोबाइल, शिक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगा। जापान के प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सहयोग विभाग के साथ एमओयू करने में रुचि दिखाई है। जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड रयो मुराओ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सिविल सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर  नायब सिंह सैनी ने  रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की। प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार  पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है। यह विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने भी अपनी बात रखी।

हरियाणा में एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग गोशालाओं को दो रुपये यूनिट मिलेगी बिजली

चंडीगढ़. हरियाणा में गौशाला आयोग में पंजीकृत गोशालाओं को दो रुपये यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती है। इसमें और राहत देते हुए बिजली वितरण निगमों ने एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग स्थानों पर संचालित गोशालाओं को रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है। इस दिशा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशानुसार रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन पाने के लिए गोशालाओं का हरियाणा गौशाला आयोग में पंजीकरण अनिवार्य है। तभी गोशालाओं को दो रुपये प्रति यूनिट बिजली का लाभ मिलेगा। निगमों ने नए टैरिफ में स्पष्ट किया है कि दरें बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स से अलग होगी। हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि एक पंजीकृत गोशाला में गोवंश की संख्या ज्यादा होने के कारण दूसरी जगह भी गोशाला बनाकर उन्हें रखा जाता है। ऐसे में बिजली की दरों का लाभ लेने के लिए सरकार से काफी समय से मांग की जा रही थी जिसे अब पूरा किया गया है। प्रदेशभर में 694 पंजीकृत गोशालाएं और चार लाख से अधिक गोवंश हैं।