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हरियाणा में सरकारी दफ्तरों में एआई की एंट्री, चंडीगढ़ में होगी मेगा वर्कशॉप

चंडीगढ़. कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे काम करती है और आप अपनी परियोजनाएं बनाने के लिए एआई उपकरणों का कैसे उपयोग कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने के लिए हरियाणा सरकार और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) राज्य में मिलकर काम करेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (हारट्रोन) और स्टार्ट अप हरियाणा के सहयोग से 31 जनवरी को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यशाला-सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। एआई का तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाली यह कार्यशाला इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री के नाते अपने वार्षिक बजट में पंचकूला व गुरुग्राम को एआई का हब बनाने की घोषणा कर रखी है। भविष्य विभाग का निर्माण भी इसी योजना का हिस्सा है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा और महासचिव रवि शर्मा ने एआई आधारित कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निमंत्रण दिया। राज्य के पूर्व मंत्री असीम गोयल टाई प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से मिले। चैट जीपीटी के इस्तेमाल और एआई तकनीक की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यशाला में काफी रुचि दिखाई है और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। देश-विदेश से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब तीन दर्जन तकनीकी विशेषज्ञ इस कार्यशाला-सेमीनार में जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एआई की जानकारी के बिना न तो उद्योग तरकीकी कर सकते हैं और न ही सरकारी कामों में इस तकनीक के बिना प्रगति की जा सकती है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा के अनुसार एडब्ल्यूएस, गूगल, एक्सेंचर, विश्व बैंक और माइक्रोसाफ्ट जैसी विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विचारकों को एक मंच पर लाकर विभिन्न क्षेत्रों में एआई के विकास का पता लगाया जाएगा। पंचकूला और ट्राइसिटी के वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करना, एआई पर काम करना और वैश्विक बाजार में निर्यात को बढ़ावा देना इस कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं में शामिल है। पंचकूला आइटी पार्क में स्थित कुछ कंपनियां ग्राजिट्टी इंटरएक्टिव, अल्ट्रूइस्ट सिस्टम्स और आउटसोर्सिंग टेक्नोलाजीज पहले से ही स्वास्थ्य सेवा, विपणन और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एआई के साथ काम कर रही हैं। हरियाणा स्थित एआई स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए बूथ स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की जाएगी। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित एआई आधारित व्यवसायों को वित्तपोषण और बाजार तक पहुंचने में सहायता प्रदान की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में एआई के कार्यान्वयन और अधिकारी अपने दैनिक कार्यों में एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं, इस विषय पर अलग सेमीनार रखा गया है। प्रतिभा विकास के लिए हरियाणा के पांच से 10 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा। इनमें एनआइटी कुरुक्षेत्र, आइआइएम रोहतक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, आइआइआइटी सोनीपत, पानीपत इंजीनियरिंग संस्थान, महर्षि मार्कंडेय मुल्लाना विश्वविद्यालय प्रमुख हैं। हरियाणा में नये उद्योगों के लिए जमीन की कमी नहीं हरियाणा सरकार ने जयपुर में आयोजित डिजीफेस्ट के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रति प्रतबद्धता जताई है। एचएसआइआइडीसी और टाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्यमी, उद्यम पूंजी फर्म, इनक्यूबेटर और स्टार्टअप के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की। हरियाणा की ओर से उद्यमियों को अवगत कराया गया कि राज्य में 9,500 से अधिक डीपीआइआइटी पंजीकृत स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। नीति आयोग के भारत इनोवेशन इंडेक्स और बीआरएपी में 'टाप अचीवर' के रूप में मान्यता मिली है। एचएसआइआइडीसी की ओर से उद्यमियों को भरोसा दिलाया गया कि राज्य में नये उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है।

हरियाणा प्रशासन ने हांसी को नया जिला बनाया, अब राज्य में कुल 23 जिले होंगे

हांसी  हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने हांसी को आधिकारिक तौर पर नया जिला घोषित कर दिया है. हांसी अब हरियाणा का 23वां जिला है, जिसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. हांसी को हिसार से काटकर बनाया गया है.  बता दें, हिसार एक ऐसा जिला है, जिससे अब तक चार जिले बनाए जा चुके हैं. भिवानी, सिरसा फतेहाबाद और अब हांसी. इसके अलावा, भिवानी से काटकर चरखी दादरी को भी नया जिला बनाया गया है, तो काफी पहले हिसार का ही हिस्सा रहा है.  हांसी में दो उप मंडल, 3 तहसीलें और 3 ब्लॉक नए जिले में दो उपमंडल हैं, जिन्हें हिसार जिले से अलग किया गया है. इसके अलावा, हांसी जिले में तीन तहसीलें हैं- हांसी, नारनौंद और बास. वहीं, एक उप तहसील खेड़ी जालब को भी शामिल किया गया है. नए जिले हांसी में तीन ब्लॉक हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद भी होंगे.   हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी आज से हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी। वर्तमान में हिसार जिले में 6 तहसील और 3 उप-तहसील हैं। तहसील हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला, बास और आदमपुर, बालसमंद, उकलाना और खेरी जालब उप-तहसील हैं। हांसी जिला बनने से 3 तहसील अलग हो जाएगी अब बास, नारनौंद, हांसी अलग जिले में गिनी जाएगी। हिसार में हिसार और बरवाला उपमंडल रह जाएगा। इसके अलावा हांसी में नारनौंद और हांसी दो उपमंडल गिने जाएंगे। हांसी में DC बैठेंगे, नई योजनाएं आएंगी हांसी के जिला बनने के बाद कई चीजें बदल जाएंगी। हांसी के लोगों को अब प्रशासनिक कामों और DC से मिलने के लिए हिसार नहीं आना होगा। हांसी में ही DC बैठेंगे। इसके साथ ही मुकदमों की पैरवी के लिए हिसार जिला कोर्ट भी नहीं आना पड़ेगा। हांसी में जिला एवं सत्र न्यायालय का गठन होगा। जिला न्यायाधीश भी बैठेंगे। इसके अलावा हांसी के जिला बनने से इलाके का विकास तेजी से हो सकेगा। सरकार जिले के विकास के लिए नई योजनाएं लाएगी, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जीवन स्तर में सुधार होगा। हरियाणा बनने के बाद यूं बंटता गया हिसार…     पहला बड़ा बंटवारा 1972: 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ और हरियाणा नया स्टेट बना। उस समय हिसार, एरिया वाइज हरियाणा का बड़ा जिला था और आज के कई जिले- जैसे भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद व चरखी-दादरी, उसी का पार्ट थे। हिसार का पहला विभाजन 22 दिसंबर 1972 को हुआ, जब भिवानी को अलग जिला बनाया गया।     दूसरा विभाजन वर्ष 1975: हिसार का दूसरा बंटवारा 1 सितंबर 1975 को हुआ जब सिरसा को नया जिला बनाया गया। हालांकि, व्यावहारिक रूप से सिरसा जिला 1979 में अस्तित्व में आया।     तीसरा विभाजन 1997: हिसार का तीसरा बंटवारा 15 जुलाई 1997 को हुआ, जब फतेहाबाद को जिला बनाया गया। फतेहाबाद उस समय तक हिसार जिले की एक तहसील होती थी। 22 जनवरी 2016 को किसी समय हिसार का हिस्सा रहे भिवानी जिले को तोड़कर चरखी-दादरी को जिला बनाया गया। चरखी-दादरी ऐतिहासिक रूप से पुराने हिसार मंडल का हिस्सा रहा।     अब चौथी बार हिसार का बंटवारा: सीएम नायब सैनी ने 16 दिसंबर 2025 को हांसी को अलग जिला बनाने का ऐलान किया। जिसका 22 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। हांसी की दूरी हिसार से 25 किलोमीटर संभवतः हांसी पहला ऐसा जिला है जिसकी दूसरे जिले से दूरी महज 25 किमी है। दूरी के मामले में चरखी दादरी दूसरे स्थान पर है, जिसकी भिवानी से दूरी करीब 27 किमी है। इसी तरह, हांसी तीसरा ऐसा जिला है जहां केवल दो विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें हांसी और नारनौंद शामिल हैं। चरखी दादरी में भी दादरी और बाढ़डा विधानसभाएं हैं। वहीं पंचकूला में पंचकूला और कालका विधानसभाएं आती हैं। अब तक हिसार विधानसभा सीटों के मामले में पहले नंबर पर था, जहां 7 विधानसभा सीटें थीं। विभाजन के बाद हिसार में 5 सीटें रह गई हैं,, जिनमें आदमपुर, उकलाना, बरवाला, हिसार और नलवा शामिल हैं। हांसी और नारनौंद के 110 गांव शामिल हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले 110 गांव, जो अब हांसी में शामिल हो गए हैं, उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं-  हांसी शहर, अनीपुरा, बडाला, बांडा हेडी, बाडा जग्गा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास ख़ुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज और खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेडी, माढा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजिमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कांगसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोला, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन, उमरा 5 लाख के करीब होगी हांसी की जनसंख्या प्रस्तावित जिला हांसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1 लाख 34 हजार 976 हेक्टेयर है. इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 5 लाख 40 हजार 994 होगी. गौरतलब है कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार तथा हांसी क्षेत्र के लोगों को सरकारी सेवाओं की प्रभावी और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हिसार के उपायुक्त द्वारा यह प्रस्ताव हिसार मंडल आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था.

राशन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: हरियाणा में बनेंगे 4,000 नए डिपो, वितरण होगा आसान

चंडीगढ़  प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार प्रदेशभर में करीब 4 हजार नए राशन डिपो खोलने की योजना पर काम कर रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के अनुसार हर जिले और गांव में 500 राशन कार्ड पर एक नया राशन डिपो स्थापित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही राशन उपलब्ध हो सकेगा। इस प्रस्ताव के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कुल नए डिपो में से लगभग 33 प्रतिशत, यानी करीब 1320 डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रखने की योजना है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हालांकि, योजना को लागू करने से पहले कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। इनमें पात्रता के नियम, आवेदन की शर्तें, जांच प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियां शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के दौरान आवश्यकतानुसार कुछ बदलाव भी संभव हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जनवरी माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं। खाद्य आपूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट अश्वनी कुमार ने बताया कि नए डिपो खोलने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी के अंत तक नए राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।   वर्तमान स्थिति की बात करें तो हरियाणा में इस समय 9247 राशन डिपो संचालित हैं। इन डिपो के माध्यम से 40 लाख 69 हजार से अधिक परिवारों को राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें कुल 1 करोड़ 59 लाख से ज्यादा सदस्य पंजीकृत हैं। राज्य में पीला (BPL), गुलाबी (AAY) और खाकी श्रेणी के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। पीले कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं, 2 लीटर तेल और 1 किलो चीनी मिलती है, जबकि गुलाबी कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो गेहूं, 2 लीटर सरसों का तेल और 1 किलो चीनी दी जाती है। नए डिपो खुलने से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुगम व पारदर्शी होने की उम्मीद है।

UHBVNL ने जारी किया निर्देश, मुख्यालय आने से पहले लें परमिशन; टेलीफोन या ईमेल से संपर्क करें

चंडीगढ़  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) के कर्मचारी अधिकारी बिना परमिशन के मुख्यालय नहीं आ सकेंगे। इसको लेकर ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। ऑर्डर में लिखा है कि क्षेत्रीय कार्यालयों, उप-मंडलों, मंडलों, जोनों और मुख्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारी के लिए निर्देश। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस काम में वह सहयोग करें और दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं। यहां पढ़िए ऑर्डर में और क्या… 1. कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे निजी मामलों के लिए मुख्यालय या सीनियर ऑफिसर्स से मिलने से पहले, जहां तक ​​संभव हो, अनुमति जरूर लें, ताकि मिलने के लिए सही समय तय किया जाए और उन्हें इंतजार से बचाया जाए। 2. कर्मचारियों को बताया जाता है कि वे व्यक्तिगत मामलों के समाधान के लिए सबसे पहले संबंधित एसडीओ, उप-विभागीय अधिकारी या कार्यालय प्रभारी के स्तर पर प्रयास करें, ताकि समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। 3. किसी भी आवेदन के लिए विभाग में पहले से तय प्रॉपर चैनल (एसडीओ/एक्सईएन/एसई/सीई/सक्षम प्राधिकारी) को फॉलो किया जाए। ये उन मामलों पर लागू नहीं होगा, जहां तत्काल समाधान की जरूरत हो। 4. ऐसे मामलों में जहां मामला पहले ही एक स्तर पर उठाया जा चुका है और हायर अथॉरिटी के ध्यान की आवश्यकता है, कर्मचारियों को अपने नियंत्रण अधिकारी को सूचित करने के बाद अगली अथारिटी से मिलने की अनुमति दी जा सकती है। 5. कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे नियमित मुद्दों के लिए बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय या वरिष्ठ अधिकारियों के पास सीधे जाने से बचें, ताकि कार्यालय का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रस्तुतियां ठीक से दर्ज और संसाधित की गई हैं। आपातकालीन स्थितियों में इन्हें फॉलो करना होगा… 1. तत्काल ध्यान देने योग्य या संवेदनशील मामलों में, कर्मचारी संबंधित नियंत्रक अधिकारी से टेलीफोन या ईमेल द्वारा संपर्क कर सकते हैं। इस तरह के संचार को उच्च अधिकारियों से मिलने की वैध अनुमति माना जाएगा। 2. सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि वे सहयोग प्रदान करें तथा कर्मचारियों द्वारा उठाए गए वास्तविक एवं अत्यावश्यक मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करें। इन निर्देशों का अक्षरशः और पूरी भावना के साथ सावधानीपूर्वक और सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

ग्रुप-सी कर्मचारियों के लिए हरियाणा सरकार का निर्देश, 15 नवंबर तक मांगे जाएं आवेदन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्व अग्निवीरों के पदों को छोड़कर, ग्रुप-सी पदों की नई और वापस ली गई मांगों (रिक्विजिशन) को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पोर्टल पर 15 नवंबर, 2025 तक अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों/मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है।  पत्र में कहा गया है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा समूह-सी पदों के लिए समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) का आयोजन 26 और 27 जुलाई, 2025 को किया गया था। इसके उपरांत राज्य सरकार द्वारा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी की भर्ती प्रक्रिया) नियम, 2025 अधिसूचित किए गए। इन नियमों के तहत राज्य सरकार के अधीन सभी विभागों और संगठनों को संबंधित सेवा नियमों में निर्दिष्ट पात्रता मानदंडों का पालन करते हुए, अपने रिक्त ग्रुप-सी पदों की मांग आयोग को निर्धारित प्रारूप में भेजनी होती हैं। 

भारत-अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में सफलता, जॉर्जिया से पकड़े गए हरियाणा के दो कुख्यात अपराधी

जॉर्जिया सुरक्षा एजेंसियों और हरियाणा पुलिस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी सफलता मिली है। विदेशों में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के तहत भारत के दो मोस्ट वांटेड अपराधी वेंकटेश गर्ग और भानु राणा को क्रमश: जॉर्जिया और अमेरिका में हिरासत में ले लिया गया है। ये दोनों गैंगस्टर हरियाणा और पंजाब में कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित थे। जॉर्जिया में वेंकटेश गर्ग गिरफ्तार कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया में हिरासत में लिया गया है। वह लंबे समय से विदेश भागकर अपने आपराधिक नेटवर्क को सक्रिय रखे हुए था। वेंकटेश गर्ग कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के गैंग से जुड़ा हुआ है। इसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उसे जल्द ही जॉर्जिया से प्रत्यर्पित (Extradited) किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हरियाणा पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम जॉर्जिया पहुंच चुकी है।  अमेरिका में पकड़ा गया कुख्यात अपराधी भानु राणा दूसरी तरफ हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर भानु राणा अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। यह गिरफ्तारी भारत की ओर से दिए गए इनपुट और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का हिस्सा है। भानु राणा को भी जल्द ही अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत भेजा जाएगा।  लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनेक्शन पुलिस जांच में सामने आया है कि भानु राणा लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है। उसका नेटवर्क हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक फैला हुआ है। पंजाब में हुए एक ग्रेनेड हमले की जांच में उसका नाम सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार अमेरिका में बैठे उसके कुछ संपर्क भी इस नेटवर्क से जुड़े थे। पुलिस पहले ही भानु राणा के कई साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उसके खिलाफ कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि विदेशों में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।  

हरियाणा चुनाव पर राहुल गांधी का बड़ा आरोप — फर्जी वोटर लिस्ट से 25 लाख वोट गायब!

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने वोट चोरी के अपने आरोप दोहराए और अपने दावे के पक्ष में बातें बताईं। राहुल गांधी ने मतदाताओं के फर्जी फोटो और फर्जी मकान के पतों पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या हुआ, सिलसिलेवार ढंग से जानें   राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कई राज्यों के एग्जिट पोल दिखाए। उन्होंने इनके जरिए कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में वोट चोरी पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत दिखाई गई। और भी कई जगहों पर ऐसे ही नतीजे पेश किए गए। लेकिन हमें बाद में वोट चोरी की शिकायतें मिलीं।     राहुल ने एक महिला की तस्वीर दिखा कर कहा कि हरियाणा में एक महिला ने अलग-अलग नाम से 10 जगह 22 बार वोट डाला। उन्होंने दावा किया कि यह महिला एक ब्राजील की मॉडल है। उसने स्वीटी, विमला, सरस्वती आदि नाम से वोट डाला। उन्होंने कहा कि ये बूथ स्तर पर नहीं हो रहा है। ये सेंट्रलाइज ऑपरेशन है।     राहुल गांधी ने कहा कि 'हमारे पास 'H' फाइल्स हैं और यह इस बारे में है कि कैसे एक पूरा राज्य चुरा लिया गया है। हमें शक है कि यह सिर्फ अलग-अलग सीटों पर नहीं हो रहा है, बल्कि राज्य और नेशनल लेवल पर हो रहा है। हमें हरियाणा में अपने उम्मीदवारों से बहुत सारी शिकायतें मिलीं कि कुछ गड़बड़ है। हमने ऐसा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में भी अनुभव किया था, लेकिन हमने हरियाणा पर फोकस किया कि वहां क्या हुआ था, उसकी पूरी जानकारी लेने का फैसला किया।'     राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में हर आठ में से एक वोटर नकली है। उन्होंने कहा कि नकली फोटो वाले हरियाणा में एक लाख से ज्यादा मतदाता हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुए।     राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कई मतदाताओं के मकान नंबर शून्य होने पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि फर्जी मतदाताओं की कोई पहचान नहीं होती और फर्जी मतदाता वोट डालने के बाद गायब हो जाते हैं और उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जांच में 500 मतदाताओं का एक ही पता पाया गया।       राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई लोगों की वीडियो क्लिप प्रसारित कराई, जिनमें वो लोग कह रहे थे कि उनकी वोट काट दी गई। नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि हरियाणा चुनाव के दौरान 3.5 लाख मतदाताओं के वोट काटे गए।     राहुल गांधी ने एक मतदाता का उदाहरण देते हुए कहा कि डालचंद यूपी में भी वोटर हैं, हरियाणा में भी वोटर है। उनका बेटा भी हरियाणा में भी वोटर है, यूपी में भी वोट करता है। ऐसे हजारों की तादाद में लोग हैं, जिनका भाजपा से जुड़ाव है। मथुरा के सरपंच प्रह्लाद का नाम भी हरियाणा में कई जगह वोटर लिस्ट में है।      इससे पहले राहुल गांधी ने एक सितंबर को भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह जल्द ही वोट चोरी’ से जुड़ा हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे, जबकि महादेवपुरा से जुड़ा खुलासा तो केवल एटम बम था। वोटर अधिकार यात्रा अंतिम दिन एक सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला था और कहा था कि जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की, वही अब भारत के संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि गांधी अपने पहले के आरोपों को लेकर विस्तार से बात कर सकते हैं।  

सीजनल पॉल्यूशन रोकने हरियाणा में दो जिलों में वाहन और डीजल जनरेटर पर रोक

चंडीगढ़  हरियाणा के NCR शहरों फरीदाबाद और गुरुग्राम में प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन दोनों शहरों में ठंड के दिनों में आमतौर पर सबसे खराब वायु गुणवत्ता (AQI) स्तर दर्ज होती है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने 2025-26 के लिए विंटर सीजन वर्क मेगा प्लानिंग तैयार की है। इस मेगा प्लान के तहत गाड़ियों और उद्योग से होने वाले प्रदूषण के साथ ही सड़कों और निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल की जांच की जाएगी। HSPCB के इस मेगा प्लान से प्रदेश में हो रहे प्रदूषण पर रोक लगाई जाएगी। HSPCB का मेगा प्लान क्या है?     HSPCB के मेगा प्लान में पुरानी गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के संचालन पर रोक लग सकती है। अधिकारियों द्वारा शहर में इस तरह की 15 लाख गाड़ियों की पहचान की गई है। इसे लेकर जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है।     सरकार ने सभी बिल्डरों और डेवलपर्स को 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स को राज्य के धूल नियंत्रण पोर्टल पर पंजीकरण करने का निर्देश दिया है। HSPCB इसका निरीक्षण करेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा।     गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों शहरों में प्रशासन ने डीजल जनरेटर (DG) पर भी रोक लगाने का आदेश दिया है, जबकि उद्योगों को तुरंत ग्रीन फ्यूल अपनाने के लिए कहा है। अगर कोई व्यक्ति निर्देशों का पालन नहीं करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।     गुरुग्राम नगर निगम ने धुंध से छुटकारा पाने के लिए अपने जल छिड़काव यंत्रों की संख्या 8 से बढ़ाकर 40 करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 29 नए सड़क सफाई यंत्र जोड़ेगा, जिसकी कुल संख्या 54 हो जाएगी। मुख्य निर्माण जगहों पर 850 से ज्यादा एंटी-स्मॉग गन की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह फरीदाबाद अपने स्प्रिंकलरों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 कर देगा। 15 रोड स्वीपर कनेक्ट करेगा और मुख्य प्रदूषण वाली जगहों पर 190 स्मॉग गन की व्यवस्था की जाएगी। योजना के सबसे बड़े फैसलों में से एक है 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाना। गुरुग्राम और फरीदाबाद में ऐसे लगभग 15 लाख वाहनों की पहचान की गई है। जिला परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने इन पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक से होने वाले वायु प्रदूषण में भारी कमी लाना है। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अब 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण प्रोजेक्ट्स को राज्य सरकार के धूल नियंत्रण पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। HSPCB नियमित निरीक्षण करेगा और नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम निर्माण क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही दोनों जिलों में डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। सभी औद्योगिक इकाइयों को तुरंत ग्रीन फ्यूल अपनाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने वाले उद्योगों पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम उद्योगों से होने वाले धुएं और जहरीली गैसों के उत्सर्जन को कम करने की दिशा में उठाया गया है। धुंध और स्मॉग से निपटने के लिए दोनों नगर निगमों ने एंटी-स्मॉग गनों और सफाई यंत्रों की संख्या में इजाफा किया है। गुरुग्राम में जल छिड़काव मशीनों की संख्या 8 से बढ़ाकर 40 की जा रही है, साथ ही 29 नए सड़क सफाई यंत्र शामिल किए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 54 हो जाएगी। 850 से अधिक एंटी-स्मॉग गन प्रमुख निर्माण स्थलों पर तैनात की जाएंगी। इसी तरह, फरीदाबाद में भी स्प्रिंकलरों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 की जाएगी, 15 नई रोड स्वीपर मशीनें जोड़ी जाएंगी और 190 स्थानों पर स्मॉग गन लगाई जाएंगी। प्रशासन ने दोनों शहरों को "कम उत्सर्जन क्षेत्र" (Low Emission Zone) घोषित किया है, जहां उच्च स्तर का प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन क्षेत्रों में सख्त निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस साल वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। कार्य योजना का अमल शुरू हो चुका है और संबंधित विभागों को समन्वय में रहकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उद्योगपतियों और आमजन को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि वे प्रदूषण नियंत्रण में प्रशासन का सहयोग करें। 1. 15 लाख डीजल-पेट्रोल वाहन नहीं चलेंगे इस योजना में पुराने वाहनों पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन सड़कों से हटा दिए जाएंगे। अधिकारियों ने दोनों जिलों में लगभग 15 लाख ऐसे वाहनों की पहचान कर ली है। जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 2. बिल्डरों का धूल नियंत्रण पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होगा निर्माण संबंधी प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़े कदम के तहत, सभी बिल्डरों और डेवलपर्स को 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स को राज्य के धूल नियंत्रण पोर्टल पर पंजीकृत करने का निर्देश दिया गया है। एचएसपीसीबी नियमित निरीक्षण करेगा और उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। 3. डीजल जनरेटर पर रोक रहेगी दोनों जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद प्रशासन ने डीजल जनरेटर (DG) सेटों पर भी पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश दिया है, जबकि उद्योगों को तुरंत ग्रीन फ्यूल अपनाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। 4. दोनों जिलों में एंटी स्मॉग गन तैनात होंगी धुंध से निपटने के लिए, गुरुग्राम नगर निगम अपने जल छिड़काव यंत्रों की संख्या 8 से बढ़ाकर 40 करेगा तथा 29 नए सड़क सफाई यंत्र जोड़ेगा, जिससे कुल संख्या 54 हो जाएगी। प्रमुख निर्माण स्थलों पर 850 से अधिक एंटी-स्मॉग गन तैनात की जाएंगी।इसी प्रकार, फरीदाबाद अपने स्प्रिंकलरों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 करेगा, 15 रोड स्वीपर जोड़ेगा, तथा प्रमुख प्रदूषण वाले स्थानों पर 190 स्मॉग गन तैनात करेगा। ​​​​​​​क्यों लिया फैसला? गुरुग्राम और फरीदाबाद … Read more

जापान दौरे पर हरियाणा सीएम सैनी, निवेशकों को दिया समिट 2026 का न्यौता, ये है पूरा कार्यक्रम

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार से तीन दिवसीय जापान दौरे पर रहेंगे। यह दौरा विकसित भारत-विकसित हरियाणा के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री 6 से 8 अक्तूबर तक टोक्यो और ओसाका में कई उच्च स्तरीय बैठकों और निवेशक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही विदेशी कंपनियों को हरियाणा में औद्योगिक साझेदारी और निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जापान पहुंच गए हैं। उनकी अध्यक्षता में जापान सरकार के साथ हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल मिला है। जापान के विदेशी मामलों के राज्यमंत्री मियाजी तकुमा से सीएम सैनी ने मुलाकात की है। हरियाणा और जापान के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक के संबंधों को और भी मजबूत करने पर दोनों देशों के नेताओं में बात हुई है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2026 का भी न्यौता दिया है।  9 अक्तूबर को वापसी कर पीएम नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे को लेकर दिल्ली हरियाणा भवन में सीएम सैनी सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक और दोपहर एक बजे भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इससे पूर्व सीएम सैनी शनिवार को शताब्दी ट्रेन से चंडीगढ़ से दिल्ली रवाना हुए। ट्रेन में यात्रा के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि 17 अक्तूबर को प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर सोनीपत में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और प्रदेश को अनेक परियोजनाओं की सौगात देंगे। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सैनी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में संकल्प पत्र के 42 वायदे पूरे किए जा चुके हैं और 90 पर कार्य प्रगति पर है। राज्य की 19 लाख बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और अब तक 25 हजार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। ऐसे रहेगा सीएम का विदेश दौरा 6 अक्तूबर: सीएम सुबह टोक्यो पहुंचेंगे और अपनी आधिकारिक गतिविधियों की शुरुआत जापान के विदेश मंत्रालय एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के मंत्रियों से मुलाकात से करेंगे। वे जापान के विदेश राज्य मंत्री मियाजी ताकुमा और उद्योग राज्य मंत्री कोगा यूइचिरो के साथ द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे टोक्यो में भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और जेईटीआरओ, डेंसो, सुमितोमो, निसिन फूड्स, टोप्पन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। 7 अक्तूबर : शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) से ओसाका जाएंगे जहां वे वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भाग लेकर हरियाणा स्टेट जोन का उद्घाटन करेंगे। सीएम जापानी मेयरों और उद्योगपतियों के साथ निवेश बैठकें करेंगे तथा निवेश रोड शो में राज्य के औद्योगिक अवसरों को प्रस्तुत करेंगे। 8 अक्तूबर: सैनी सुजुकी और कुबोटा संयंत्र का दौरा करेंगे और ओसाका प्रिफेक्चर के गवर्नर से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा हरियाणा को वैश्विक औद्योगिक साझेदारी और विदेशी निवेश के नए अवसरों से जोड़ने वाला मील का पत्थर साबित होगा।  

महिला कर्मचारियों को खास तोहफा: हरियाणा सरकार देगी ढाई गुना ज्यादा छुट्टियां

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को पुरुषों की तुलना में अधिक आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) देने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नए निर्देश जारी कर दिए हैं, जो हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2016 में किए गए संशोधन के तहत लागू किए गए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार, अब हर वर्ष नियमित महिला कर्मचारियों को 25 दिन, जबकि पुरुष कर्मचारियों को केवल 10 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा। यह बदलाव 30 जून 2025 से पहले नियुक्त होने वाले सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होगा। नियुक्ति तिथि के अनुसार अवकाश की व्यवस्था     30 जून से पहले नियुक्त महिलाएं – 25 दिन     30 जून से पहले नियुक्त पुरुष – 10 दिन     1 जुलाई से 30 सितंबर के बीच नियुक्त महिलाएं – 12 दिन     पुरुष कर्मचारी – 5 दिन     1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच नियुक्त महिलाएं – 6 दिन     पुरुष कर्मचारी – 2 दिन     1 दिसंबर के बाद नियुक्त महिलाएं – 3 दिन     पुरुष कर्मचारी – 1 दिन पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त लाभ हालांकि महिला कर्मचारियों को पूरे साल 25 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे, लेकिन पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त अवकाश का प्रावधान किया गया है:-     10 साल की सेवा पर – 10 दिन     10 से 20 साल की सेवा पर – 15 दिन     20 साल से अधिक सेवा पर – 20 दिन यह अतिरिक्त लाभ उसी वर्ष से प्रभावी होगा, जिस वर्ष कर्मचारी अपनी सेवा की निर्धारित अवधि पूरी करता है। नियम तुरंत प्रभाव से लागू माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेज दिए हैं, ताकि स्कूलों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सरकार का मानना है कि यह कदम महिला कर्मचारियों को अधिक सहयोग और संतुलन प्रदान करेगा।