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नामी स्कूल की महिला शिक्षक से हिंसा, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

 गुरुग्राम हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुग्राम के एक नामी स्कूल की टीचर से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामले में चार जिम ट्रेनर्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता टीचर इस स्कूल में विदेशी भाषा पढ़ाती है और सभी आरोपी जिम में बतौर ट्रेनर और जूंबा डांस की कोचिंग देते हैं। पीड़िता की ओर से मिली शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम पुलिस के ईस्ट महिला पुलिस थाना को महिला टीचर ने शिकायत दी जिसमें बताया कि सितंबर में महिला टीचर की एक पार्टी में जिम ट्रेनर गौरव से दोस्ती हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे की फोन पर बातचीत होने लगी। 1 अक्टूबर की रात को करीब 1 बजे गौरव ने महिला टीचर को फोन किया और मिलने की बात कही, जिसके बाद पीड़िता गौरव से मिलने महिला थाना पूर्व इलाके में गई थी। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया कि जिम ट्रेनर गौरव महिला टीचर को अपने दोस्त के कमरे में ले गया, जहां गौरव ने पीड़िता के साथ रेप किया। उसके बाद गौरव ने नीरज और उसके दोस्त अभिषेक और योगेश को भी बुला लिया और दोनों ने मिलकर महिला के साथ रेप किया। अगले दिन यानी 2 अक्टूबर को पीड़िता अपने घर पहुंची और परिवारवालों को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता ने 2 अक्टूबर को महिला थाना पूर्व में पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने पीड़िता की  शिकायत के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले को लेकर पुलिस प्रवक्ता ने संदीप कुमार ने बताया कि महिला टीचर के साथ रेप करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 64(1), 70(1) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कांग्रेस के नए हरियाणा अध्यक्ष पर सीनियर नेता ने उठाए सवाल, पार्टी में उबाल

रोहतक  हरियाणा में कांग्रेस ने बीते साल विधानसभा चुनाव में करारी मात खाई थी। 2009 में आखिरी बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली कांग्रेस को लगातार तीन बार हार झेलनी पड़ी है। इसके बाद नेतृत्व को लेकर रस्साकशी हुई तो एक साल बाद ही नेता विपक्ष के तौर पर भूपिंदर सिंह हुड्डा को चुना गया है तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष अहीरवाल बेल्ट के नेता राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस को लगता है कि इससे उसे भाजपा के गढ़े बने अहीरवाल में सेंध लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन इसका उलटा होता दिख रहा है। कैप्टन अजय सिंह यादव ने ही इस फैसले पर सवाल उठा दिए हैं, जो पार्टी के सीनियर लीडर हैं। उनका कहना है कि यह फैसला गलत है और इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। कैप्टन अजय यादव ने ट्वीट किया, 'हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के लगातार गिरते ग्राफ को देखते हुए आज लिए गए निर्णय पर पार्टी को आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी जी की इच्छा थी कि हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष एक ऐसे व्यक्ति को बनाया जाए जिसकी छवि पूरी तरह साफ-सुथरी, बेदाग और युवा नेतृत्व की पहचान रखने वाली हो। लेकिन आज का निर्णय इसके ठीक उलट दिखाई देता है। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बिलकुल गिर गया है।' उनका सीधा इशारा राव नरेंद्र सिंह की ओर है, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली है। राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ 2016 में दर्ज हुआ था करप्शन का केस सीनियर लीडर कैप्टन अजय यादव ने यह साफ नहीं किया कि वह क्यों राव नरेंद्र सिंह को साफ-सुथरी छवि का नेता नहीं मानते हैं, लेकिन इसके तार 2016 के एक केस जोड़े जा रहे हैं। दरअसल राव नरेंद्र सिंह पर 2016 में एफआईआर दर्ज हुई थी। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जमीन का इस्तेमाल बदलने के लिए कैश लिया था। लोक अदालत की जांच के बाद राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ केस फाइल हुआ था। क्यों इतने खफा हैं कैप्टन अजय यादव माना जा रहा है कि कैप्टन अजय यादव ने इशारों में उसी केस का जिक्र करते हुए राव नरेंद्र सिंह को अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ओबीसी नेता के नाम पर खुद कैप्टन अजय यादव दावेदारी कर रहे थे। ऐसे में उनकी ही बिरादरी के राव नरेंद्र सिंह को बनाए जाने से वह खफा हैं। उन्हें लगता है कि इससे उनकी अपनी सियासी जमीन भी कमजोर होगी।

पाकिस्तान के लिए जासूसी करता पकड़ा गया तौफिक, हरियाणा से हुई गिरफ्तारी, पूछताछ में कई राज उजागर

पलवल पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा से एक और शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान पलवल निवासी के तौर पर हुई है और वह पाकिस्तान भी गया था. फिलहाल, आरोपी से खुफियां एंजेसियां पूछताछ कर रही हैं औऱ बड़े खुलासे की उम्मीद है. जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसियों के इनपुट पर पलवल पुलिस की सीआईए पुलिस ने यह कार्रवाई की है. आरोपी की पहचान हथीनखंड के आलीमेव गांव के तौफिक के रूप में हुई है और उस पर देशद्रोह समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. सूत्रों का कहना है कि आरोपी भारतीय सेना की गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान उच्चायोग को भेजता था और आरोपी के मोबाइल से देशद्रोह से जुड़े सबूत बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी तौफिक 2022 में पाकिस्तान गया था और वहीं से यह जासूसी का खेल शुरू हुआ था. आरोपी ने पूछताछ में  कई लोगों को वीजा लगवाकर पाकिस्तान भेजने की भी बात कबूल की है और फिलहाल, आरोपी से खुफिया एजेसिंयों के लोग और हरियाणा पुलिस पूछताछ कर रही है. पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारियां गौरतलब है कि हरियाणा में इससे पहले भी जासूसी कांड़ के चलते गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इससे पहले हिसार की चर्चित यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की भी गिरफ्तारी हुई थी और वह अब तक जेल में बंद है. इसके अलावा, कैथल, पानीपत और नूंह से भी जासूसी के आरोप में पुलिस ने लोगों को गिरफ्तार किया था. वहीं, पंजाब से भी ऐसे ही जासूसी कांड में गिरफ्तारियां हुई हैं.

सैनी सरकार का बड़ा तोहफा: दिवाली से पहले 25 हजार परिवारों को मिलेगा अपना प्लॉट

चंडीगढ़   हरियाणा के लोगों के लिए दिवाली से पहले एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार करीब 25,000 पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटित करने जा रही है। ये प्लॉट उन लोगों को दिए जाएंगे जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत सरकार 17 अक्टूबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को प्राप्त हो चुकी है, और आवंटन की प्रक्रिया पंचायत विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। ड्रॉ पहले से हो चुका है, सूची तैयार जिन लाभार्थियों ने पहले आवेदन किया था, उन्हीं में से ड्रॉ के माध्यम से चयन किया गया है। राज्य सरकार ने 561 गांवों और 16 कस्बों की सूची तैयार की है, जहां यह प्लॉट दिए जाएंगे। ये प्लॉट करीब 50 गज क्षेत्रफल के होंगे। इस योजना के तहत 14 जिलों के 55 ब्लॉकों को शामिल किया गया है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, यानी जैसे-जैसे ज़मीन उपलब्ध होगी, वैसे-वैसे प्लॉटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस संबंध में सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को मिल गई है। सभी तरह की कार्यवाही पंचायत विभाग की ओर से की जाएगी।  सभी के ड्रॉ पहले ही कर दिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के 561 गांवों की सूची तैयार की है, जिनमें यह प्लॉट मुहैया कराए जाएंगे। इनके अलावा 16 अन्य कस्बों में भी 50 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, यानी कुल मिलाकर आंकड़ा 25 हजार प्लॉट तक पहुंचेगा। 14 जिलों के 55 ब्लॉकों के गांवों में यह प्लाट मिलेंगे। जिनको ये मकान मिलेंगे, उन्होंने पहले से आवेदन किया है। आवेदनों में से ही ड्रॉ निकाले जाएंगे। हरियाणा में जिला के हिसाब से मिलेंगे प्लाट हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों को प्लाट देने की योजना बना ली है। जहां पर हर जिले के हिसाब से प्लाटों का निर्धारण कर लिया गया है। इसके तहत भिवानी 39 प्लाट, फरीदाबाद में 33 प्लाट, फतेहाबाद में 165 प्लाट, हिसार में 766 प्लाट,  कैथल में 87 प्लाट, करनाल में 2111 प्लाट, कुरुक्षेत्र में 1834 प्लाट, महेंद्रगढ में 313 प्लाट, नूंह में 449 प्लाट, पानीपत में 258 प्लाट, रोहतक में 252 प्लाट, सिरसा में 2398 प्लाट, सोनीपत में 784 प्लाट, यमुनानगर में 86 प्लाट दिए जाएंगे।  सरकार पंचायतों को देगी राशि सरकार की योजना है कि प्रति एकड़ पंचायत को राशि भी दी जाएगी। इसके तहत महाग्राम में प्रति एकड़ 50 लाख रुपए और अन्य गांवों में प्रति एकड़ 35 लाख रुपए की राशि पंचायत के खाते में जाएगी। इसके तहत चरण वाइज काम होगा। यानी जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध होगी, प्लॉटों की संख्या बढ़ती जाएगी। जिला अनुसार प्लॉटों का आवंटन     भिवानी- 39 प्लाट     फरीदाबाद- 33 प्लाट     फतेहाबाद-165 प्लाट     हिसार- 766 प्लाट     कैथल- 87 प्लाट     करनाल- 2111 प्लाट     कुरुक्षेत्र- 1834 प्लाट     महेंद्रगढ़- 313 प्लाट     नूंह- 449 प्लाट     पानीपत- 258 प्लाट     रोहतक- 252 प्लाट     सिरसा- 2398 प्लाट     सोनीपत- 784 प्लाट     यमुनानगर- 86 प्लाट पंचायतों को मिलेगी वित्तीय सहायता इस योजना के तहत राज्य सरकार पंचायतों को प्रति एकड़ के हिसाब से वित्तीय सहायता भी देगी। महाग्रामों में: प्रति एकड़ ₹50 लाख अन्य गांवों में: प्रति एकड़ ₹35 लाख यह राशि पंचायतों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। 

राज्य में बदलेगा सिस्टम, हरियाणा के अफसरों के लिए नई व्यवस्था फायदे का सौदा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और बिल प्रक्रिया और अनुमोदन से सम्बन्धित सभी कार्य केवल हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स (एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, ने इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार, सरकार ने पाया है कि फाइलों का भौतिक रूप से आदान-प्रदान न केवल विलंब का कारण बनता है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य को भी बाधित करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अब किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और सभी बिल संबंधी कार्यवाही, अनुमोदन तथा कार्यों की निगरानी केवल एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही की जाए। पत्र में कहा गया है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा: हरियाणा सरकार का स्टार्टअप मिशन, 60% महिलाओं की भागीदारी पर फोकस

हिसार  हरियाणा अब महिलाओं को स्टार्टअप इकोनॉमी की नई ताकत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की भागीदारी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए न केवल हर जिले में उद्यमिता विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे, बल्कि नए इनक्यूबेशन सेंटर्स में भी महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चंडीगढ़ में स्टार्टअप पॉलिसी को लेकर आयोजित बैठक में सीएम ने कहा कि हरियाणा का भविष्य तभी मजबूत होगा जब हमारी बेटियां और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। स्टार्टअप पॉलिसी में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना इसी दिशा में एक ठोस कदम है। वर्तमान में हरियाणा के लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाएं चला रही हैं, जो देशभर में एक रिकॉर्ड है। अब लक्ष्य इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना है, ताकि हरियाणा महिला स्टार्टअप्स की राजधानी के रूप में उभरे। बैठक में बताया गया कि नए इनक्यूबेशन सेंटर्स में महिलाओं को मेंटॉरशिप, टेक्नोलॉजी सपोर्ट, फंडिंग और नेटवर्किंग की विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही, बूटकैंप्स और पिचिंग सत्रों में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता मिलेगी। हरियाणा में पहले से ही 9,100 से अधिक स्टार्टअप्स कार्यरत हैं। इनमें से कई का संचालन महिलाएं कर रही हैं। देश के 117 यूनिकॉर्न में से 19 हरियाणा से हैं और इनमें महिला उद्यमियों की भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में हरियाणा की महिला नेतृत्व वाली स्टार्टअप्स देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएंगी। कृषि-टेक, आईटी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर सेक्टर में महिला स्टार्टअप्स ने राज्य की रोजगार व नवाचार शक्ति को नई दिशा दी है।