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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 31 को ई-नीलामी से बेचेगा फ्लैट और प्लॉट

चंडीगढ़. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस माह कई व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री करेगा। एचएसवीपी ने ई-नीलामी का ब्योरा तैयार कर लिया है। 28 जनवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसवीपी ने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बोली की योजना तय की है। एचएसवीपी ने नीलामी के लिए नियमों में बदलाव किया है। बीते साल 19 सितंबर को संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, बहु मंजिला इमारतों के लिए अब केवल न्यूनतम दो ईएमडी (बयाना राशि जमा करना) ही अनिवार्य होंगी। इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी को ई-नीलामी होगी। प्राधिकरण के ब्योरे के अनुसार सभी जोन में आवासीय और व्यावसायिक साइट की बिक्री के लिए 28 जनवरी को ई-नीलामी होगी जिनमें नर्सिंग होम, क्लीनिक, सभी स्कूल साइट आदि शामिल हैं। इसी तरह से गुरुग्राम और रोहतक जोन की आवासीय और व्यावसायिक साइट (सामान्य) के लिए 29 जनवरी को नीलामी होगी।

बिल्लू की “सुंदरा” भैंस ने 29.650 किलो दूध देकर जीता बुलेट

अंबाला. अंबाला के साहा कस्बे के रहने वाले रवींद्र सिंह जिसे लोग बिल्लू के नाम से जानते है। उन्होंने डेयरी फार्म का काम कर अपनी पहचान दूर दूर तक बना ली है।  बता दें कि बिल्लू हालांकि कम पढ़ें लिखे है लेकिन बचपन से ही उन्हें पशुओं का शौक रहा है । बिल्लू के बजुर्ग शुरू से ही भैंसों का व्यावसाय करते है लेकिन बिल्लू ने इसे अपना प्रोफेशन बना लिया है। बिल्लू ने एक साल पहले वर्ल्ड की सबसे महंगी भैंस 51 लाख 30 हजार में खरीदी थी और जब से उन्होंने ये भैंस खरीदी तब से मेलों में प्रतियोगिता में ले जाने लगा। ताजा मामला कुरुक्षेत्र में हुई DFA डेयरी फार्म एसोसिएशन हरियाणा की और से चल रहे तीन दिवसीय पशु मेला रविवार को संपन्न हुआ जिसमें हरियाणा के इलावा पंजाब  राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कईं अन्य राज्यों से किसान अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ पहुंचे । इस मेले में बिल्लू की भैंस ने 29.650 किलो ग्राम दूध देकर पहला इनाम जीता जिसमें उनको बुलेट दिया गया । जब हमारी टीम ने बिल्लू से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे पिता जी पहले अपने हिसाब से पशु रखते थे लेकिन उनको ब्रीड के बारे में नहीं पता था लेकिन पशुओं में सबसे ज्यादा होता है ब्रीड अगर हमारे पास अच्छे पशु है तो हम मेले में प्रतियोगिता लड़ सकते है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में हमने दो प्रतियोगिता जीती जिसमें ट्रैक्टर जीता और एक बात दो लाख रुपए जीते । उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में हमने प्रतियोगिता जीती जिसमें हमारा पहला इनाम आया और हमने बुलेट बाइक जीती। सबसे बड़ी बात ये है कि इस प्रतियोगिता में हम सभी पशु पालक बड़े प्यार से रहे । बिल्लू ने अपनी इस भैंस का नाम सुंदरा रखा हुआ है जो सभी को काफी पसंद आ रहा है। बिल्लू ने ये भैंस पवित्र सरदार से 51लाख 30 हजार में खरीदी थी। उन्होंने बताया कि इस भैंस ने अभी तक सभी की इज्जत रखी है । उन्होंने बताया कि लोग अपने बच्चों को विदेश भेजते है लेकिन मैने अपने बच्चों को भी इसी व्यावसाय में लगाया है । उन्होंने कहा कि ये धंधा बहुत अच्छा है और इससे लोगों को दूध भी मिलेगा और हमारी इनकम भी अच्छी होगी।

हरियाणा में जीरो डिग्री तक पारा लुढ़कने से जमी बर्फ

हिसार/पानीपत. हरियाणा में कड़ाके की ठंड और उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सोमवार को गुरुग्राम जिला प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात रही। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों में गंभीर शीतलहर और ठंडे दिन का रेड अलर्ट जारी किया है। घने कोहरे के कारण कई जिलों में दृश्यता 0 से 50 मीटर तक सिमट गई। चार जिलों में पारा जमाव बिंदु के करीब हैं। खेतों में जमा पाला दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में पाले का असर सबसे अधिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में ठंड व पाले का प्रकोप सबसे अधिक रहा। कई जगह पारा गिरने से पाला जम रहा है। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। झज्जर जिले के गांव गोरिया के खेतों में जमा पाला। क्षेत्र में कई जगह सुबह के समय सफेद बर्फ की परत भी दिखी। गुरुग्राम के बाद नारनौल में न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री, भिवानी में 1.5 डिग्री, सोनीपत में 1.6 डिग्री और सिरसा में 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे खेतों में पाला पड़ने की स्थिति बनी। ट्रेनें लेट, बाजारों में सन्नाटा कोहरे के कारण प्रदेश में 25 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। भीषण ठंड में बाजारों की गतिविधियां प्रभावित रहीं, लोग घरों में ही दुबके रहे। सोमवार तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (अंबाला-दिल्ली) और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (हिसार-रोहतक) कोहरे की चपेट में रहे। क्यों अचानक बढ़ी ठंड मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद आसमान साफ हो गया। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ने से मैदानी इलाकों में रेडिएशन कूलिंग तेज हुई। इसी कारण रात के तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। करनाल में हादसा, युवक की मौत घने कोहरे के कारण करनाल के इंद्री क्षेत्र के धूमसी गांव में बड़ा हादसा हुआ। टी-पाइंट के पास एक कार अनियंत्रित होकर जोहड़ (तालाब) में जा गिरी। हादसे के समय कार में केवल एक युवक सवार था, जिसकी डूबने से मौत हो गई। सोमवार सुबह क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। दो से तीन डिग्री लुढ़केगा पारा मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और रोहतक में ठंडे दिन की स्थिति बनी रहेगी। 14 जनवरी के बाद एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है।

शिवहर से पूर्वी चंपारण व सीतामढ़ी को जोड़ने बागमती पर बनेगा नया रेल पुल

पटना. बिहार में बागमती नदी पर एक नया हाई-लेवल रेलवे पुल बनने जा रहा है, जो राज्य के पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी जिलों को मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। यह परियोजना एक बहुप्रतीक्षित रेलखण्ड का हिस्सा है, जिसका मकसद क्षेत्र की कनेक्टिविटी, आर्थिक गतिविधियों और आम जनता की सुविधा को और बेहतर बनाना है। रेलवे विभाग ने सीतामढ़ी-शिवहर-मोतिहारी रेलखंड के अंतर्गत शिवहर में बागमती नदी पर 61 मीटर लंबे और करीब 9 मीटर चौड़े हाई लेवल पुल का निर्माण करने का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। यह पुल दो ट्रैक के लिए बनाया जाएगा और इसे इस रेलखंड का सबसे बड़ा पुल बताया गया है। परियोजना पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह नया रेलखंड सीतामढ़ी से शुरू होकर शिवहर तक और वहां से मोतिहारी तक विस्तृत होगा। इस रेल लाइन के बनने से यह क्षेत्र रेल नेटवर्क में पहले से कहीं अधिक मजबूती से जुड़ जाएगा और यात्रियों तथा माल ढुलाई के रास्ते सुगम होंगे। परियोजना के पहले चरण में सीतामढ़ी से शिवहर तक लगभग 28 किलोमीटर और उसके बाद शिवहर से मोतिहारी तक करीब 51 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई जाएगी। स्थानीय लोगों को सीधा फायदा शिवहर स्टेशन से मीनापुर प्रखंड सहित आसपास के कई पंचायतों, जैसे सिवाईपट्टी, तुर्की, बेलहिया लच्छी, चतुरसी और बनघारा, की करीब पांच लाख से अधिक आबादी को इस रेल नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा। ये लोग अब रेल मार्ग से आसानी से यात्रा कर सकेंगे और उनके लिए बड़े शहरों तक पहुंचना भी सरल होगा। वर्तमान में इन इलाकों से मुख्य रेल स्टेशनों की दूरी लगभग 10–12 किलोमीटर अधिक है, जो इस पुल से काफी कम हो जाएगी। रेल पुल के निर्माण से न सिर्फ यात्री सुविधा में सुधार होगा बल्कि स्थानीय बाजारों, कृषि उत्पादकों और व्यापार में भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। रेल सुविधा के विस्तार से यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। विदित हो कि यह परियोजना अब तक की अनुमानित लागत 926 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसमें भूमि अधिग्रहण और सर्वे काम में काफी प्रगति हो चुकी है। रेल परियोजनाओं का विस्तार बिहार में व्यापक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि इन क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को भी बल मिलेगा। रेल नेटवर्क विस्तार से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सस्ती यात्रा के अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की समग्र प्रगति को बल मिलेगा। यह पुल निर्माण के साथ-साथ पूरे सीतामढ़ी–शिवहर–मोतिहारी रेलखंड का विस्तार बिहार के रोड और रेल कनेक्टिविटी मानचित्र में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है। इसके पूरा होने के बाद यहां के युवाओं, व्यवसायियों और यात्रियों को बेहतर अवसरों के साथ-साथ जवाबदेह और सुरक्षित रेल सेवा का लाभ मिलेगा।

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी हरियाणा की झांकी

चंडीगढ़. गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर इस बार हरियाणा की झांकी नहीं दिखेगी। प्रदेश सरकार ने हिसार स्थित राखीगढ़ी को झांकी की विषय वस्तु के रूप में रक्षा मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा था। राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन स्थल है, जो हिसार जिले में अब सूख चुकी सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। यह सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक के रूप में उभरा है, जो पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा दोनों संस्कृतियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। रक्षा मंत्रालय ने नियमों का हवाला देकर हरियाणा के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, इससे पहले लगातार चार साल हरियाणा की झांकी कर्तव्य पथ पर दिखती रही है। उससे पहले 2015 व 2017 में भी हरियाणा की झांकी ने सबका ध्यान खींचा था। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय ने 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड के लिए स्वीकृति दी है। हरियाणा सरकार के अधिकारियों का कहना है कि सभी राज्यों को उनकी झांकियां प्रदर्शित करने का मौका मिले, इसलिए एक रोटेशन पीरियड तय किया गया था। इस बार उन प्रदेशों को मौका दिया गया है, जिनकी कुछ सालों से झांकियां कर्तव्य पथ पर नहीं दिख रही थी। पिछले 10 सालों में हरियाणा की छह बार झांकियों ने कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाई है। साल 2015 में सुल्तान बर्ड सेंचुरी, 2017 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, 2022 में हरियाणा नंबर वन इन स्पोर्ट्स, 2023 में अंतराष्टीय गीता जयंती महोत्सव, 2024 में मेरा परिवार मेरी पहचान और 2025 में समृद्ध हरियाणा-विरासत व विकास की थीम पर झांकी प्रदर्शित की गई थी। नई व्यवस्था की वजह से हिमाचल प्रदेश की पांच साल के लंबे अंतराल के बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर झांकी देखने को मिलेगी। साल 2020 के बाद से गणतंत्र दिवस परेड के लिए हिमाचल प्रदेश की झांकी का चयन नहीं हो पाया था। पंजाब की भी झांकी को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर आधारित भव्य झांकी पंजाब की ओर से देखने को मिलेगी, हालांकि पिछले साल भी पंजाब की झांकी का चयन किया गया था।

सीवर में 2 लोगों की मौत पर मानव अधिकार आयोग सख्त

चंडीगढ़. हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने सीवर में सफाई के दौरान दो व्यक्तियों की दर्दनाक मृत्यु के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी अमानवीय घटनाएं न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मानवाधिकारों पर गंभीर आघात भी हैं। हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा तथा दोनों सदस्यों कुलदीप जैन और दीप भाटिया को मिलाकर बने पूर्ण आयोग के आदेश से है कि दोषियों की जवाबदेही तय किए बिना किसी भी सूरत में मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाएगा। आयोग के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता में पारित आदेश में यह उल्लेख किया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सफाई कर्मचारी आंदोलन बनाम भारत संघ मामले में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सीवर में बिना सुरक्षा उपकरणों के मैनुअल एंट्री कराए जाने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे मामलों में मृतक के परिजनों को ₹10 लाख मुआवजा देने को अनिवार्य ठहराया है। हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, हांसी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए पाया कि मामले की जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी है तथा अब तक जिम्मेदार व्यक्तियों की स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई है। रिपोर्ट में जिम्मेदारी तय करने के संबंध में कोई स्पष्ट विवरण नहीं है, जबकि जिला अटॉर्नी की राय में संज्ञेय अपराध प्रथम दृष्टया बनता पाया गया है। यह लापरवाही मानव जीवन की हानि एवं गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में जांच एजेंसी के उदासीन रवैये को दर्शाती है।आयोग यह भी पाता है कि एफआईआर संख्या 326 दिनांक 19.10.2025 की जांच अपेक्षित ढंग से आगे नहीं बढ़ी है, विशेषकर जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान एवं जवाबदेही तय करने के संदर्भ में। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयोग ने जांच अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक (अपराध), हांसी को समस्त मूल रिकॉर्ड सहित व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त हिसार छह सप्ताह के भीतर मृतक श्रमिकों के परिवारों को दी गई या स्वीकृत राहत एवं मुआवजे, किसी भी अंतरिम सहायता तथा आश्रितों के पुनर्वास हेतु प्रस्तावित उपायों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। नगर परिषद, हांसी (या यदि क्षेत्र नगर सीमा से बाहर हो तो संबंधित ग्राम पंचायत, ग्राम रामपुरा, तहसील हांसी, जिला हिसार, सरपंच के माध्यम से) छह सप्ताह के भीतर घटना की परिस्थितियों, होटल परिसर के लाइसेंस व निरीक्षण तथा मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के उल्लंघन के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। पुलिस अधीक्षक, हांसी छह सप्ताह के भीतर दर्ज की गई एफआईआर, लागू धाराओं तथा मृत्यु के लिए जवाबदेही तय करने हेतु जांच की प्रगति की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। होटल प्रबंधन तत्काल बिना सुरक्षा उपकरणों, गैस परीक्षण, रेस्क्यू स्टैंडबाय, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन मास्क एवं यंत्रीकरण के सेप्टिक/सीवर टैंक में किसी भी प्रकार की मैनुअल एंट्री को निलंबित करे तथा छह सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे।”

हरियाणा में घनी धुंध के बीच विजिबिलिटी हुई जीरो

चंडीगढ़. हरियाणा में आज सुबह कड़ाके की ठंड के साथ धुंध पड़ी। कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर, फतेहाबाद और महेंद्रगढ़ में विजिबिलिटी जीरो से 50 मीटर तक रही। फसलों और पानी की पाइपों पर पाला जम गया। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। 15 जनवरी से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ ठंड का प्रकोप न केवल रात में, बल्कि दिन में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से लोगों को दिन और रात हाड़ कंपा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में धुंध और शीतलहर का प्रकोप 14 जनवरी तक जारी रहेगा। 15 जनवरी से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे हरियाणा में बादल छाए रहेंगे। लोगों को दी चेतावनी मौसम विभाग ने इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्ट के जरिए चेतावनी जारी की है कि घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम रहेगी, जिससे यातायात और विमान सेवाओं पर असर पड़ सकता है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि ठंड के लंबे समय तक संपर्क में रहने से फ्लू, नाक बहना और फ्रॉस्ट बाइट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

पंचकूला में रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल की हादसे में मौत

पंचकूला. पंचकूला के सेक्टर-4 एमडीसी में सड़क हादसे में 83 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल कुलवंत सिंह मान (सेवानिवृत्त) का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह अपने आवास के पास सैर कर रहे थे, इसी दौरान डॉल्फिन चौक की ओर जाने वाली सड़क पर अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक यह हादसा साकेत्री रोड पर भाजपा कार्यालय के समीप हुआ। राहगीरों ने उन्हें सड़क पर घायल अवस्था में देखा और तत्काल कमांड अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही एमडीसी पुलिस थाना ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरा नहीं है, लेकिन आसपास के इलाकों, विशेषकर नजदीकी पेट्रोल पंप पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी व वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस ने बताया कि मृतक के पुत्र के कनाडा से आने के कारण पोस्टमार्टम संभवतः आज कराया जाएगा। वहीं अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी। कुलवंत सिंह मान के एक पुत्र कनाडा पुलिस में सेवारत हैं, जबकि दूसरे पुत्र भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। उनका परिवार मूल रूप से बठिंडा का निवासी है और उनकी तीन पीढ़ियां भारतीय सेना में सेवाएं दे चुकी हैं।इस मामले में माता मनसा देवी थाना पुलिस ने बतायाकि इस हादसे की पुलिस के द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने बतायाकि आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। उन्होंने बतायाकि जल्द ही वाहन चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।

ED का बड़ा एक्शन: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के परिसर पर PMLA के तहत कुर्की की तैयारी

 फरीदाबाद   दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी मॉड्यूल मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की समस्याएं और गहराती दिख रही हैं। न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून (PMLA) के तहत यूनिवर्सिटी परिसर को अस्थायी रूप से कुर्क करने की तैयारी कर रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका दिल्ली ब्लास्ट के मामले में सामने आई है, जिसके बाद संस्थान को कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क का केंद्र मानते हुए जांच तेज कर दी गई है। NIA की कार्रवाई, कई गिरफ्तार दिल्ली ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर शाहीन सईद और डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया है। डॉ. मुजम्मिल पर विस्फोटक जुटाने और डॉ. शाहीन सईद पर आर्थिक मदद देने का आरोप है। इसके अलावा, एजेंसी ने अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ और गिरफ्तारियां की हैं। फंडिंग और निर्माण लागत की जांच प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जांच कर रहा है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगा धन कहीं “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” से तो नहीं जुटाया गया। ईडी ने इस मामले में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार किया था। ईडी का दावा है कि यूनिवर्सिटी ने खुद को यूजीसी और एनएएसी से मान्यता प्राप्त बताकर छात्रों को गुमराह किया, जबकि आवश्यक मान्यताएं मौजूद नहीं थीं। इसके बावजूद यहां छात्रों को दाखिला देकर पढ़ाई कराई गई और भारी फीस वसूली गई। 415.10 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप ईडी ने अदालत को बताया है कि यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के नाम पर विदेशों से फंडिंग ली गई और कथित तौर पर झूठी मान्यताओं के आधार पर छात्रों व उनके परिजनों से फीस वसूली गई। एजेंसी के अनुसार, इस तरीके से ट्रस्ट ने लगभग 415.10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। जांच के दौरान ईडी को कई वित्तीय अनियमितताएं भी मिली हैं। इनमें एक ही पते पर 9 शेल कंपनियों का पंजीकरण, अलग-अलग कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल और EPFO रिकॉर्ड का अभाव शामिल है। PMLA के तहत कुर्की संभव न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईडी PMLA के तहत उन इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क कर सकती है, जिनका निर्माण कथित तौर पर गैरकानूनी फंडिंग से किया गया है। फिलहाल ईडी और एनआईए दोनों एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

बिजली निगम सुधारेगा लाइनमैन-असिस्टैंट फोरमैन का व्यवहार

चंडीगढ़. हरियाणा के बिजली निगम कर्मियों के कम्यूनिकेशन स्किल को सुधार के लिए अब उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। पंचकूला के हरियाणा पावर ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट में लाइनमैन और असिस्टैंट फोरमैन को 2 दिन क्लास लेने के लिए बुलाया गया है। हरियाणा पावर ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट के निर्देश पर उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अपने तहत आने वाले हर जिले से 1-1 कर्मचारी को ट्रेनिंग पर भेजने का फैसला लिया है। 10 जिलों से पंचकूला में 10 लाइनमैन-असिस्टैंट फोरमैन को भेजा जाएगा। पंचकूला के ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट में 15 व 16 जनवरी को सुबह साढ़े 9 से शाम 5 बजे तक इनकी वर्कशॉप रहेगी। ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट में इन कर्मियों को मोटिवेशन, प्रोफैशनल व्यवहार, समय प्रबंधन, उचित कम्यूनिकेशन स्किल, तनाव प्रबंधन, फर्स्ट एड, हीट स्ट्रैस, कार्यस्थल पर शराब और ड्रग्स का सेवन, सर्विस रूल्स, उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत का तौर-तरीकों के बारे में समझाया जाएगा। अगर नामित किए गए कर्मियों में से कोई कर्मचारी ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लेता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ ट्रेनिंग कार्यक्रम के खर्च का हिस्सा उसकी सैलरी से काटा जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित कर्मचारी के ऑफिसर इंचार्ज के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई होगी। वहीं किसी आपात स्थिति में ट्रेनिंग केंद्र को सूचना देने के साथ ही दूसरे कर्मचारी को ट्रेनिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।