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प्रशासनिक सुधार की ओर बढ़े कदम, कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन ट्रेनिंग लेंगे झारखंड के कर्मचारी

 रांची झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अनूठी पहल करते हुए ‘साधना सप्ताह’ की शुरुआत की है. यह कार्यक्रम 2 अप्रैल 2026 से 8 अप्रैल 2026 तक पूरे राज्य में चलाया जा रहा है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से इस संबंध में सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कौशल और कार्यक्षमता को बढ़ाना है. क्षमता विकास और निरंतर सीखने पर जोर साधना सप्ताह का मुख्य उद्देश्य सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों में निरंतर सीखने की आदत विकसित करना और उनकी कार्यक्षमता को मजबूत करना है. सरकार चाहती है कि कर्मचारी बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखें और आधुनिक तकनीकों व प्रशासनिक चुनौतियों के अनुरूप अपनी क्षमता का विकास करें. इससे शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा. आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पाठ्यक्रम इस कार्यक्रम के तहत सभी सरकारी कर्मियों को आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है. यह प्लेटफॉर्म केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है. कर्मचारियों को उनके कार्य क्षेत्र से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण लेकर अपनी दक्षता बढ़ाने का अवसर मिल रहा है. पाठ्यक्रमों में आधुनिक विषय शामिल साधना सप्ताह के दौरान जिन विषयों पर पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से आधुनिक और जरूरत आधारित हैं. इनमें इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का परिचय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल बातें, गवर्नेंस सस्टेनेबिलिटी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाव, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड बिगिनर और कार्यस्थल पर योग जैसे विषय शामिल हैं. इन पाठ्यक्रमों की अवधि अलग-अलग तय की गई है, ताकि कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार इन्हें पूरा कर सकें. विभागीय स्तर पर समिति का गठन कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रत्येक विभाग और कार्यालय में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया गया है. यह समिति संयुक्त सचिव या उप सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में बनेगी, जिसमें 3 से 4 पदाधिकारी शामिल होंगे. समिति की जिम्मेदारी होगी कि वह साधना सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करे. वेबिनार और चर्चा सत्र होंगे आयोजित साधना सप्ताह के दौरान केवल ऑनलाइन पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि समूह चर्चा, वेबिनार और पैनल चर्चा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. इन सत्रों में समकालीन प्रशासनिक चुनौतियों, नीतियों और बेहतर कार्यप्रणालियों (बेरूट प्रैक्टिसेज) पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इससे कर्मचारियों को व्यावहारिक अनुभव और नई सोच विकसित करने का अवसर मिलेगा. विभागाध्यक्षों को दी गई विशेष जिम्मेदारी राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित करें. साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि इस कार्यक्रम से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाही समय पर पूरी हो. इससे साधना सप्ताह का उद्देश्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके. प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम साधना सप्ताह को झारखंड सरकार के प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यदि इस कार्यक्रम का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होता है, तो इससे सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा. साथ ही, इससे आम जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है.

लखीमपुर खीर,भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने जारी की पदाधिकारियों की सूची, महिलाओं और युवाओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

 लखीमपुर यूपी पंचायत चुनाव से पहले लखीमपुर खीरी जिले में भाजपा ने नई टीम की घोषणा कर दी है। भाजपा जिलाध्यक्ष अरविन्द गुप्ता ने 33 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी की लिस्ट जारी की है। इसमें कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है तो कुछ पुराने चेहरों को पदाधिकारी बनाया गया है। जिसमें जिला कार्यकारिणी में आठ उपाध्यक्ष, तीन जिला महामंत्री, आठ जिला मंत्री सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। जिला कार्यकारिणी में इस बार चार महिलाओं को भी शामिल किया गया है। हालांकि जिला कार्यकारिणी में कई विधानसभा क्षेत्र के लोगों को जगह नहीं मिली है। भाजपा की नई कार्यकारिणी में संतोष कुमारी, किरण अग्रवाल, रामजी मौर्य, आशू मिश्रा, संजय मिश्रा, जितेन्द्र साहनी और विनोद लोधी को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है जबकि एक पद रिक्त है। इसके अलावा अनुराग मिश्रा, राजेश सिंह, मनोज वर्मा को जिला महामंत्री बनाया गया है। जिला मंत्री राकेश अर्कवंशी, रश्मि गुप्ता, राम भरोसे वर्मा, संगीता पुरी, शरद मिश्रा, अमित सिंह, गणेश शंकर गौतम और एक पद रिक्त है। वही सुदीप निगम को जिला कोषाध्यक्ष, संजय गुप्ता व सुनील दीक्षित को जिला सह कोषाध्यक्ष बनाया गया। रमेश चंद मिश्रा को जिला मीडिया प्रभारी उनके सहयोगी के रूप में अंकित अवस्थी, राजीव मिश्रा व हर्ष गुप्ता को जिला मीडिया सहप्रभारी बनाया गया है। अभिजात मिश्रा को जिला कार्यालय मंत्री, सौरभ त्रिवेदी को जिला कार्यालय सहमंत्री, जिला सोशल मीडिया संयोजक निष्कर्ष मिश्रा बनाए गए हैं। ऋषभ पांडे और अभिनव रावड़ा को सहसंयोजक बनाया गया है। वहीं जिला आईटी संयोजक शौर्य सक्सेना और सहसंयोजक अमित मिश्रा बनाए गए हैं। भाजपा की नई कार्यकारिणी में कई नए चेहरों को तरजीह दी गई है वहीं कई पुराने चेहरे भी कार्यकारिणी में शामिल है।

वार्ड क्र. 38 लालघाट चेकपोस्ट के नागरिकों को मिली सर्वसुविधायुक्त उद्यान की सौगात

रायपुर प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने रजत जयंती उद्यान को जनसेवा के लिए समर्पित किया। नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 38 लालघाट चेकपास्ट बस्ती के रहवासियों को आज एक सर्वसुविधायुक्त उद्यान की सौगात प्राप्त हुई है। इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत, मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद चेतन सिंह मैत्री, सत्येन्द्र दुबे, मुकुंद सिंह कंवर, मंगल बंदे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा बालको जोनांतर्गत वार्ड क्र. 38 लालघाट के चेकपोस्ट बस्ती मुख्य मार्ग में 21 लाख 50 हजार रूपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त उद्यान का निर्माण कार्य कराया गया है, छत्तीसगढ़ गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2025 से मनाये जा रहे रजत जयंती समारोह के तहत उक्त उद्यान का नामकरण रजत जयंती उद्यान किया गया है।  इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी ने 25 वर्ष पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था। राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस उद्यान का नाम भी रजत जयंती उद्यान रखा गया, मुझे खुशी है कि आज यह सर्वसुविधायुक्त उद्यान जनताजनार्दन की सेवा हेतु समर्पित किया गया है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ को हमारी सरकार ने ही बनाया था और अब हमारी सरकार ही छत्तीसगढ़ को संवार रही है। 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह जी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे तथा प्रदेश का ऐतिहासिक रूप से विकास किया, अब उन्हीं की तर्ज पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अगुवाई में प्रदेश सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, यह हमारा सौभाग्य है कि जनताजनार्दन के आशीर्वाद से देश-प्रदेश व कोरबा मे ट्रिपल इंजन की सरकार चल रही है तथा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार द्वारा दर्जनों जनकल्याणकारी योजनायें संचालित कर गरीब, मजदूर, किसान, युवा, महिला सहित समाज के सभी वर्गाे के जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा रहा है।  इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बनाये गये रजत जयंती उद्यान की यह सौगात आज लालघाट चेकपोस्ट बस्ती के नागरिक बंधुओं को प्राप्त हुई है। जिसके लिये मैं उन्हें हृदय से  बधाई देती हूॅं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कोरबा नगर निगम क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है, आमजनता की समस्याएं प्राथमिकता के साथ दूर की जा रही है, विगत 01 वर्ष के दौरान नगर निगम केारबा ने अनेक उपलब्धियॉं अर्जित की है, बर्षाे की समस्यायें दूर की गई है।   

सेवा ही साधना: नर्मदा तट पर जागृत हुआ जनचेतना का दीप”

भोपाल बुदनी की पावन धरा पर स्थित गुंजारी नर्मदा संगम घाट आज पुनः उस दिव्य अनुभूति का साक्षी बना, जहां श्रद्धा और सेवा एकाकार होकर जनचेतना का नया इतिहास रचती दिखाई दी। मां नर्मदा की शांत, कल-कल बहती धारा में जब जनप्रतिनिधि, संत और आमजन एक साथ श्रमदान में जुटे, तो वह दृश्य केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जागरण का सजीव प्रतीक बन गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने श्रमदान कर यह स्पष्ट किया कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो अपने आचरण से प्रेरणा देता है। नर्मदा परिक्रमा के तपस्वी, पूज्य दादागुरु जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। चार बार नर्मदा परिक्रमा पूर्ण कर चुके और केवल नर्मदा जल का सेवन करने वाले संत का संगम पर आगमन मानो स्वयं मां नर्मदा का आशीर्वाद प्रतीत हुआ। दादागुरु जी महाराज ने संगम के समग्र विकास पर अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे केवल एक भौतिक स्थल नहीं, बल्कि साधना, आत्मशुद्धि और आंतरिक जागरण का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला हैं, जिनकी पवित्रता बनाए रखना हम सभी का धर्म है। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार, मंत्री  पटेल एवं जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से इस प्राचीन धरोहर को पुनर्जीवित किया जा रहा है, जो वर्षों से उपेक्षित रही थी। आज उसी प्राचीन घाट पर जिस प्रकार स्वच्छता और विकास के कार्य गति पकड़ रहे हैं, वह वास्तव में अनुकरणीय है और अन्य स्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। मंत्री  पटेल ने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल शासन का दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना का दर्पण है। उन्होंने स्वच्छता को अभियान से आगे बढ़ाकर जीवन का संस्कार बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करेगा, तभी स्थायी परिवर्तन संभव हो सकेगा। उन्होंने संगम स्थल पर चल रहे स्वच्छता एवं संरक्षण कार्यों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, जिससे इस पावन स्थल का विकास निरंतर और सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ता रहे। गुंजारी नर्मदा संगम घाट पर आज का यह आयोजन प्रशासन, आध्यात्म और जनसहभागिता का अद्भुत संगम बन गया। श्रमदान करते हाथ, संतों का आशीर्वाद और जनसमूह की सक्रिय भागीदारी ने मिलकर यह सिद्ध कर दिया कि जब सेवा को साधना का रूप मिलता है, तब परिवर्तन अवश्यंभावी हो जाता है। माँ नर्मदा की पावन धारा के साक्ष्य में लिया गया यह संकल्प केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुंदर और संस्कारित धरोहर का वचन है। यह आयोजन हमें यह भी स्मरण कराता है कि प्रकृति की सेवा ही सच्ची पूजा है और जन सहभागिता ही उसका सबसे प्रभावी मार्ग है।  

नक्सलियों की पुरानी ‘जन-अदालत’ वाली जगह का मंत्री ने किया निरीक्षण, बोले- विकास से ही खत्म होगा उग्रवाद

बूढ़ा पहाड़  झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर शुक्रवार को उग्रवादियों का बहुचर्चित शरणस्थली बूढ़ा पहाड़ पहुंच गए. उनका यह दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है. वित्त मंत्री दुर्गम रास्तों से होते हुए सड़क मार्ग, पैदल और बाइक के सहारे दोपहर करीब दो बजे बूढ़ा पहाड़ पहुंचे. लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित रहे इस इलाके में उनका दौरा सरकार की जमीनी सक्रियता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. वित्त मंत्री ने बूढ़ा पहाड़ का लिया जायजा बूढ़ा पहाड़ पहुंचने के बाद वित्त मंत्री ने सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने पिकेट पर तैनात अधिकारियों और जवानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और चुनौतियों को जाना. साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया दौरे के बाद क्षेत्र में आए बदलावों की समीक्षा की. मंत्री ने सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही क्षेत्र में उग्रवाद पर काफी हद तक नियंत्रण संभव हो पाया है. इसके बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी बीडीओ, सीओ और संबंधित पंचायत के मुखिया बिंको उरांव से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में अब तक हुए विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों की जरूरतों के बारे में विस्तृत जानकारी ली. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाय, ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके. नक्सलियों के जन-अदालत वाले स्थान का किया निरीक्षण दौरे के क्रम में वित्त मंत्री ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया, जहां कभी नक्सली नेता जन-अदालत लगाया करते थे. यह निरीक्षण क्षेत्र में बदलते हालात और शांति स्थापना की दिशा में उठाए गये कदमों का प्रतीक माना जा रहा है. स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी. सड़क, अस्पताल और स्कूल बनवाने का आश्वासन वित्त मंत्री ने कुल्ही से बूढ़ा पहाड़ तक सड़क निर्माण, हेसातु में हाई स्कूल की स्थापना और कुल्ही में अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. उन्होंने गढ़वा के उपायुक्त को निर्देश दिया कि अगले 10 दिनों के अंदर एक विशेष बैठक आयोजित कर अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की जाए और आगे की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए. नियंत्रण में है उग्रवाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि उग्रवाद अभी नियंत्रित स्थिति में है, लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.ऐसे में बुढ़ा पहाड़ क्षेत्र से सीआरपीएफ कैंप हटाना जल्दबाजी होगा. जब तक ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल जाता, तब तक सुरक्षा बलों की तैनाती जरूरी है. कुल मिलाकर, यह दौरा सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. विकास के बदौलत उग्रवाद होगा खत्म: वित्त मंत्री वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर शुक्रवार को बूढ़ा पहाड़ पहुंचे. इस दौरान उन्होंने न केवल विकास योजनाओं का जायजा लिया, बल्कि मुख्य धारा से भटके हुए उग्रवादियों को परोक्ष रूप से संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि उग्रवाद अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उस पर नियंत्रण किया गया है. विकास के बदौलत ही उग्रवाद को समूल खत्म किया जा सकता है. इसलिए बूढ़ा पहाड़ के लोगों का विकास हो सके, इसके लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है. केंद्र और राज्य की पुलिस ने उग्रवाद पर नियंत्रण करने में कामयाबी हासिल की है. इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं. मानवीय है बूढ़ा पहाड़ का दौरा उन्होंने कहा कि बूढ़ा पहाड़ का यह दौरा राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय है. यहां आने पर उन्हें धरातल पहुंचने वाली योजनाओं के बारे में वास्तविक जानकारी मिली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बूढ़ा पहाड़ के कुछ समय पहले दौरा करने के बाद ही यहां आने की इच्छा थी. हालांकि, 21 वर्ष पहले वह यहां आ चुके थे. उन्होंने कहा कि यहां केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का तो पहुंचाया गया है, लेकिन इसका पर्याप्त लाभ अभी नहीं मिल सका है. यहां के लोग अभी भी सड़क ,बिजली, शौचालय, हाई स्कूल आदि की आस लगाए बैठे हैं. इसके लिए प्रयास किया जाएगा कि यहां समुचित विकास हो सके. इसके गढ़वा और पलामू डीसी को स्थिति से अवगत कराया जाएगा. मंईयां सम्मान योजना का मिल रहा लाभ उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही पेयजल और स्वच्छता विभाग, आपूर्ति विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों के साथ बैठकर बूढ़ा पहाड़ के लिए योजनाओं के पैकेज के लिए समीक्षा करेंगे. यहां एक किलोमीटर तक आरसीसी सड़क बनाया जाना बेहद जरूरी है. यहां विकास की गति को तेज किया जाएगा. जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक मंईयां सम्मान योजना का लाभ यहां के लोगों को मिला है, लेकिन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उनके क्रय शक्ति को बढ़ाने की दिशा में काम करने की जरूरत है. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में उग्रवाद कभी स्वीकार्य नहीं उन्होंने कहा कि मैं पलामू के छतरपुर इलाके से रहा हूं. इसलिए मैंने उग्रवाद को करीब से देखा है. मैं बूढ़ा पहाड़ से उग्रवादियों को को संदेश देना चाहता हूं कि जो गलत निर्णय लिया है, उसे भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उग्रवादी घटनाओं को अंजाम देकर कुछ पैसे की वसूली से आत्मनिर्भर नहीं बना जा सकता है. इसके लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था जरूरी है. इसलिए उग्रवादी विचारधारा को खत्म कर भारतीय लोकतंत्र के मुख्य धारा से जुड़ें.

पटना समेत इन शहरों के यात्रियों के लिए खुशखबरी, ऑनलाइन टिकट और मंथली पास के साथ मिलेंगी हाई-टेक बसें

पटना बिहार में लोगों की यात्रा आसान, तेज और सुरक्षित हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने एक और निर्णय लिया है. राज्य में नई 340 एसी यात्री बसें चलाई जायेंगी. इसको लेकर परिवहन विभाग ने योजना बनाई है. विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, बसों में सभी सुविधाएं रहेंगी और यह सभी बस इलेक्ट्रिक या सीएनजी की होंगी. जून से पीपीपी मोड में इस योजना को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. इस जिले में चलेंगी सबसे ज्यादा बसें परिवहन विभाग ने पटना में सबसे ज्यादा 31 बसों को चलाने का निर्णय लिया है. जबकि बाकी शहरों में वहां की आबादी और एरिया को देखते हुए बसों का परिचालन होगा, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को योजना का लाभ मिल सकें. पीपीपी मोड में बसों का परिचालन फेज वाइज किया जाएगा. पहले फेज में पटना, गया, भागलपुर, राजगीर, नालंदा में परिचालन होगा. उसके बाद धीरे-धीरे बाकी जिलों में परिचालन होगा. दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व पटना नगर निगम की ओर से बसों का परिचालन पहले से हो रहा है, लेकिन उन बसों में भीड़ अधिक होने से यात्रियों को परेशानी होती है. इन बसों को भी दुरुस्त किया जाएगा, ताकि बसों में सफर करने वाले यात्रियों को दिक्कत नहीं हो. खास बात यह भी होगी कि बसों के परिचालन शुरू होते ही इन बसों में दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व की जायेंगी. ऑनलाइन टिकट के साथ मंथली पास की भी सुविधा शहरी इलाकों में परिचालन के लिए मंथली पास बनाने की सुविधा दी जायेगी और ऑनलाइन टिकट काटने की भी लोगों को सुविधा मिलेगी. साथ ही बसों के रूट के हिसाब से नंबर का निर्धारण किया जाएगा, जिसका डिस्पले ठहराव के पास होगा, ताकि यात्रियों को बस पकड़ने में दिक्कत नहीं हो और वह उसी स्टॉप पर रूकें. जहां उस बस का ठहराव होगा.

नियद नेल्लानार योजना का असर: पालनार के ग्रामीणों को अब गांव में ही मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

रायपुर नियद नेल्लानार योजना: बीजापुर के पालनार में स्वास्थ्य क्रांति, 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' से सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को मिल रही नई सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए संचालित 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गाँव) योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही है। जिला बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के खुलने से 28 जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रिकॉर्ड ओपीडी और इनडोर सुविधाएं पालनार और आस-पास के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति आई इस जागरूकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस अल्प अवधि में ही कुल 747 मरीजों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का लाभ उठाया है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार 16 मरीजों को भर्ती कर उनका सफलतापूर्वक उपचार किया गया। पहले जिन ग्रामीणों को छोटी बीमारियों के लिए भी मीलों पैदल चलना पड़ता था, उन्हें अब विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क दवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षित प्रसव और त्वरित सेवाएं संवेदनशील क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस केंद्र में अब तक 5 सुरक्षित प्रसव कराए गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप, नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही, क्षेत्र की 15 गर्भवती महिलाओं (ANC) और 18 धात्री माताओं (PNC) की नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है। गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान (NCD स्क्रीनिंग) योजना के तहत गैर-संचारी रोगों (NCD) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पालनार केंद्र में अब तक 250 ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जिसमे 25 मरीज उच्च रक्तचाप (Hypertension) से ग्रसित पाए गए। बारह मरीज मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित मिले। एक ग्रामीण में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिलने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर किया गया।  पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

राजस्थान के बाद अब MP में सक्रिय: ‘म्याऊं-म्याऊं’ नेटवर्क ने रतलाम और मंदसौर को अपना गढ़ बनाया

रतलाम राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के देवलदी, नौगांव और अखेपुर जैसे क्षेत्रों में कभी एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) बनाने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था, लेकिन पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियों की सख्ती के बाद अब यह नेटवर्क धीरे-धीरे मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में शिफ्ट हो गया है। पिछले तीन-चार वर्षों में लगातार हुई कार्रवाई के बाद तस्करों ने अपना ठिकाना बदल लिया और अब रतलाम, मंदसौर व आसपास के क्षेत्रों में छोटे-छोटे नेटवर्क के जरिए सिंथेटिक ड्रग का निर्माण किया जा रहा है। ड्रग निर्माण और सप्लाई का नेटवर्क एमडी ड्रग, जिसे महानगरों में ‘म्याऊं-म्याऊं’ के नाम से जाना जाता है, की सबसे ज्यादा खपत मुंबई, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियों में होती है। जांच एजेंसियों के मुताबिक रतलाम में ढाई महीने के भीतर दूसरी एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि राजस्थान से फरार आरोपित अब मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में शरण लेकर यहीं से ड्रग निर्माण और सप्लाई का नेटवर्क चला रहे हैं। रतलाम अफीम तस्करी के लिए कुख्यात तस्कर अब भी अफीम तस्करी के पुराने बेल्ट और स्थापित रूट का ही उपयोग एमडी ड्रग के लिए कर रहे हैं। मंदसौर-नीमच-रतलाम क्षेत्र पहले से ही अफीम तस्करी के लिए कुख्यात रहा है, ऐसे में यहां पहले से मौजूद नेटवर्क और संपर्कों का इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग के कारोबार में किया जा रहा है। छोटे-छोटे नेटवर्क के जरिए होती है एमडी ड्रग तैयार हाल ही में भोपाल, रतलाम और मंदसौर में पकड़ी गई फैक्ट्रियों की कड़ियां प्रतापगढ़ के देवलदी क्षेत्र से जुड़ी मिली हैं। इससे साफ है कि नेटवर्क का संचालन अब भी राजस्थान से हो रहा है, जबकि निर्माण इकाइयां मध्य प्रदेश में शिफ्ट हो चुकी हैं। सूत्र बताते हैं कि मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में अब छोटे-छोटे नेटवर्क के जरिए एमडी ड्रग तैयार की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए समन्वित कार्रवाई कर रही हैं। भोपाल ड्रग फैक्ट्री से खुला राजस्थान का नेटवर्क 6 अक्टूबर 2024 को भोपाल के बगरोदा में एनसीबी व गुजरात एटीएस ने एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी। आरोपित सान्याल बाने और अमित चतुर्वेदी गिरफ्तार हुए। पूछताछ में मंदसौर निवासी हरीश आंजना का नाम सामने आया, जिसे बाद में पकड़ा गया। जांच में खुलासा हुआ कि नेटवर्क का सरगना प्रतापगढ़ के देवलदी निवासी शोएब लाला है, जो राजस्थान से संचालन कर एमपी व गुजरात में सप्लाई कर रहा था। आरोपित के ससुराल में चल रही थी फैक्ट्री 16 जनवरी 2026 को रतलाम के चिकलाना में पुलिस ने एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी। 10 से अधिक आरोपित गिरफ्तार हुए। दिलावर खान पठान के मकान से 10.50 किलो एमडी ड्रग, 300 लीटर मेफेड्रोन कैमिकल, 2 बंदूकें व 91 कारतूस जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि देवलदी निवासी उसका दामाद याकूब खान, जो फरार है, ड्रग बनाने में माहिर था और उसी ने ससुराल को फैक्ट्री में बदला। ड्रग्स का डाक्टर जमशेद बना ट्रेनर 31 मार्च 2026 को रतलाम के बोरखेड़ा में पोल्ट्री फार्म पर चल रही एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी गई। देवलदी निवासी जमशेद लाला उर्फ डाक्टर सहित चार आरोपित गिरफ्तार हुए। मौके से 200 ग्राम एमडी ड्रग, भारी मात्रा में केमिकल व उपकरण जब्त हुए। जांच में सामने आया कि जमशेद को ड्रग बनाने के लिए हायर किया गया था। उसने 7-8 वर्षों में 250 किलो एमडी ड्रग बनाने और कई लोगों को ट्रेनिंग देने की बात कबूली। एमडी ड्रग फैक्ट्री और तस्करों पर रेंज में कार्रवाई जारी रहेगी। राजस्थान के प्रतापगढ़ और झालावाड़ पुलिस के साथ समन्वय बैठक कर सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई के बारे में विमर्श किया जाएगा।- निमिष अग्रवाल, डीआइजी, रतलाम रेंज।  

उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल सफर होगा आसान, दानापुर-सोनपुर मंडल को बड़ी सौगात

 पटना मोकामा में गंगा नदी पर बन रहे नए रेल पुल का इंतजार अब खत्म होने वाला है. रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, यह पुल लगभग तैयार है और जून के महीने में इस पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी. शुक्रवार को पटना के पाटलिपुत्र रेल परिसर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मध्य रेल के जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को एक नई मजबूती देगा. आना-जाना हो जाएगा बहुत आसान अभी तक पुराने राजेंद्र पुल पर ट्रेनों का बहुत ज्यादा लोड रहता था, जिससे गाड़ियां अक्सर लेट हो जाती थीं. नया पुल शुरू होने से दानापुर और सोनपुर रेल मंडलों के बीच ट्रेनों का आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा. इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि झाझा और पटना की तरफ रेल ओवर रेल (ROR) बनाया गया है. इसका फायदा यह होगा कि मेन लाइन की गाड़ियों को रोके बिना पैसेंजर और मालगाड़ियां आराम से गुजर सकेंगी. चौथी रेल लाइन बिछाने की भी तैयारी जीएम ने इसे भविष्य के लिए गेम चेंजर बताया है. इसके अलावा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन से झाझा के बीच 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की भी तैयारी है. इसी योजना के तहत कोइलवर में सोन नदी पर एक नया रेल पुल बनाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है. काम को तेजी से पूरा करने के लिए पूरे रेलखंड को छोटे-छोटे हिस्सों जैसे दानापुर-फतुहा और बख्तियारपुर-किऊल में बांटा गया है. आने वाले समय में बिहार में रेल सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि यात्रियों को जाम और वेटिंग से भी निजात मिलेगी.

भवन हादसा अनूपपुर: दो मृत, कई फंसे, घायल को तुरंत अस्पताल भेजा गया

अनूपपुर कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक तीन मंजिला लाज इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, इस घटना में कई लोग मलबे में दब गए जबकि दो की जान चली गई है। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मलबे में दस से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। शहर के नागरिकों और बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भेजा गया। वहां उनका उपचार जारी है। घटनास्थल पर एक क्रेन और चार जेसीबी से मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। दो पुरुष व्यक्तियों की मौत की खबर सामने आई है। बताया गया संजय अग्रवाल की लाज थी जो भर भराकर गिर गई इसके पीछे की वजह यह थी कि बाजू में एक कंस्ट्रक्शन का कार्य चल रहा था जहां 10 फीट गहरा नींव खोद दिया गया था जिसके कारण बड़े की भवन कमजोर पड़ गई और गिर गई।