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पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद चिंतामणि महाराज

रायपुर पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद  चिंतामणि महाराज बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत राजपुर के सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद, सांसद सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला पशु रोगी कल्याण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम वर्चुअल रूप से जुड़े। इस दौरान सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक मती उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक मती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष मती हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी  आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर  आर.एन. पाण्डेय, जनपद एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद  चिंतामणि महाराज मंत्री  नेताम ने सांसद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कहा कि शराब पीकर और तेज गति से वाहन चलाने वालों पर सख्ती के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने हाट-बाजारों में भी प्रचार-प्रसार कर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने सुझाव दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना से बचने के लिए अनिवार्य रूप से हेलमेट एवं चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट की उपयोगिता सुनिष्चित करने को कहा। उन्होंने बैठक में पिछले वर्ष स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण हो चुके कार्यों की भी जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के महत्वपूर्ण कार्यों एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के अनुमोदन की जानकारी दी। उन्होंने डीएमएफ मद के अंतर्गत प्राप्त राशि एवं व्यय, कार्यों की प्रगति और महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।  सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा के संबंध में जनजागरूकता लाने और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने नाली निर्माण और पानी निकासी की उचित व्यवस्था के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालक आवष्यक दस्तावेजों के साथ यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाए यह सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता ना बरती जाए। पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर ने आगामी कार्ययोजना के बारे में अवगत कराते हुए जानकारी दी कि योजनाबद्ध तरीके से अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट और दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी। जिला पशु रोगी कल्याण समिति की बैठक में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने अब तक हुए कार्यों एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पंजीयन शुल्क के निर्धारण, आवश्यक संसाधनों के क्रय और विभागीय कार्यों के लिए तकनीकी मशीनों की खरीदी के संबंध में चर्चा कर इनके अनुमोदन हेतु प्रस्ताव रखे गए। 

एग्जाम से पहले छात्रों का बढ़ाया हौसला, डिप्टी सीएम विजय शर्मा का संदेश

रायपुर परीक्षाएँ केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि संयम, समर्पण और आत्मबल की कसौटी – उपमुख्यमंत्री  शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के पूर्व विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर विद्यार्थियों को दिए शुभकामना संदेश में सभी परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएँ आरंभ होने जा रही हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद। यह परीक्षाएँ केवल अंकउ प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आपके संयम, समर्पण और आत्मबल की भी कसौटी हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पूरे वर्ष आपने जो लगन और परिश्रम किया है, वह निश्चित ही आपको उत्कृष्ट सफलता दिलाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि माँ सरस्वती का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे और आप आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाएँ और उन्हें शांत एवं संतुलित वातावरण प्रदान करें।

अदालत में सनसनी: महिला ने चाकू लहराकर अधिवक्ता को डराया, जज भी रह गए सन्न

वाराणसी वाराणसी कचहरी परिसर स्थित एसीजेएम षष्ठम (ACJM VI) के कोर्ट रूम में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला ने जज के सामने ही अपने बैग से चाकू निकाल लिया। महिला एक पुराने मारपीट के मामले में पैरवी के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक महिला अधिवक्ता से उसकी तीखी नोकझोंक हुई तो चाकू निकाल लिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और वकीलों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को काबू में कर लिया। पुलिस ने फिलहाल महिला को हिरासत में ले लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मिर्जामुराद थाने के चंगवार बेनीपुर की रहने वाली महिला एसीजेएम षष्ठम की अदालत में पहुंची थी। बताया जा रहा है कि करीब दो माह पहले महिला के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की थी। महिला इसी मामले का मेडिकल रिपोर्ट (मुआयना) बनवाकर कोर्ट में अपनी बात रखने पहुंची थी। कोर्ट रूम के भीतर वह एक महिला अधिवक्ता से मिली और उनसे अपने मामले में कड़ी कार्रवाई कराने की जिद करने लगी। जब महिला अधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए तुरंत कार्रवाई से असमर्थता जताई तो महिला उग्र हो गई। बहस के दौरान ही उसने अचानक अपने बैग से चाकू निकाल लिया और वकील को धमकाने लगी। जज के सामने हुई इस घटना से कोर्ट रूम में खलबली मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके पास से मिले चाकू को कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच और पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। कैंट पुलिस के अनुसार, महिला अपने पारिवारिक विवाद को लेकर काफी तनाव में थी। वह बार-बार अपने साथ हुई मारपीट का जिक्र कर रही थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद महिला चाकू लेकर कोर्ट रूम के भीतर तक कैसे पहुंच गई। फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है। सुरक्षा में बड़ी चूक महिला का चाकू लेकर कचहरी परिसर ही नहीं कोर्ट रूम में पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार कोर्ट में बम धमाके की धमकी मिल रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने का दावा किया जा रहा है। पिछले तीन चार दिनों से लगातार चेकिंग अभियान भी चलाने की बात कही जा रही है। इसके बाद भी महिला का चाकू लेकर पहुंचना गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

माघ मेले की घटना पर अविमुक्तेश्वरानंद का कटाक्ष, बोले—बटुक पूजन से नहीं मिलेगा प्रायश्चित

वाराणसी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है। उन्होंने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे। कहा कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु- संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे। कहा कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं।

यूपी विधान परिषद में गंगा क्रूज मुद्दे पर तीखी बहस, सरकार ने दी सफाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में वाराणसी की गंगा नदी पर संचालित सरकारी और निजी क्रूजों को लेकर बुधवार को जोरदार चर्चा हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष के सवालों का विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में प्रश्न उठाते हुए पूछा कि वाराणसी में कितने सरकारी और निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं, उनके संचालन के मानक क्या हैं और क्या संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस पर मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में 5 सरकारी और 2 निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनके संचालन के मानक भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए गए हैं और उनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण संबंधी विधेयक पारित किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया। इसके बाद 6 दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और सदन को उपलब्ध कराने में कोई आपत्ति नहीं है। चर्चा के दौरान मंत्री ने विपक्ष पर पर्याप्त जानकारी के अभाव में सवाल उठाने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि अगर थोड़ा पढ़ लेते तो यह प्रश्न नहीं उठता। उनके इस बयान से सदन में कुछ देर के लिए राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन का परिणाम है। उनके अनुसार, वाराणसी समेत प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक नगर पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

श्रमदान से करेंगे स्वच्छता के लिए जागरूक

रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय में स्वच्छता के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का संकल्प नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का आज प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा राज्य के नवा रायपुर में बेहतरीन डिजिटल संग्रहालय बनकर तैयार हुआ है। इनका रख-रखाव तथा रंगरोदन करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने संग्रहालय को स्वच्छ और साफ-सुथरे (नीट एण्ड क्लीन) रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय का अवलोकन करने राज्य के विभिन्न जिलों, देश के अन्य राज्यों सहित विदेशों से भी पर्यटक आ रहे हैं। संग्रहालय के बनने से प्रदेश का मान सम्मान देश-दुनिया में बढ़ा है।   बोरा ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी संकल्प ले कि महीने में कम से कम एक दिन संग्रहालय में श्रम दान करेंगें और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी श्रमदान करने आएंगे। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि जनजातीय संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा।  इस दौरान आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ राज्य अंत्याव्यवसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम, सयुक्त सचिव  बी. के. राजपूत, कार्यपालन अभियंता  त्रिदिप चक्रवर्ती, रायपुर जिला के सहायक आयुक्त  शरदचन्द्र शुक्ला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स तथा आर्टिस्ट उपस्थित थे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई है। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने इस दौरान आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा भी लिया।

घर बैठे बना करोड़पति! भारतीय मूल के आरोपी ने अमेरिकी कंपनी को लगाया लाखों डॉलर का चूना

नई दिल्ली फर्जीवाड़े के कई मामले आपने सुने होंगे, लेकिन यह मामला सुनकर आपकी आंखें भी चौंधिया जाएंगी कि ऐसा भी संभव है। अमेरिका में भारतीय मूल के करण गुप्ता (47 वर्ष) को अपने 'जीवन भर के दोस्त' को नौकरी पर रखकर कंपनी से 12 लाख डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ( DOJ) और मिनेसोटा जिले के अटॉर्नी कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, करण गुप्ता पर वायर फ्रॉड की साजिश, 10 काउंट्स में वायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के आरोप सिद्ध हुए हैं। बताया गया कि करण गुप्ता यूनाइटेडहेल्थ ग्रुप की सहायक कंपनी ऑप्टम में सीनियर डायरेक्टर ऑफ डेटा एनालिटिक्स के पद पर कार्यरत थे। डीओजे के अनुसार, 2015 में गुप्ता ने अपने अयोग्य दोस्त को एक फर्जी रिज्यूमे देकर ऑप्टम में डेटा इंजीनियरिंग या संबंधित उच्च पद पर नियुक्त करवा दिया। गुप्ता खुद उसके सुपरवाइजर बन गए। इसके बाद करीब चार साल तक उस दोस्त ने कंपनी के लिए बिल्कुल कोई काम नहीं किया। न कोई मीटिंग, न ईमेल, और कई हफ्तों तक वह अपने ऑफिशियल कंप्यूटर में भी लॉग इन नहीं करता था। फिर भी उसे 1 लाख डॉलर से ज्यादा का सालाना वेतन मिलता रहा, जो बोनस और बढ़ोतरी के साथ और बढ़ता गया। बताया गया कि करण गुप्ता खुद अपने करियर के चरम पर ऑप्टम से 2.6 लाख डॉलर से अधिक सालाना कमाते थे। दोस्त ने अपनी सैलरी का आधे से ज्यादा हिस्सा गुप्ता को रिश्वत (Kickback) के रूप में दिया। रिश्वत की रकम ट्रांसफर करने के लिए शुरुआत में दोस्त न्यू जर्सी में रहते हुए अपने बैंक से कैश निकालता और गुप्ता के न्यू जर्सी बैंक खाते में जमा करता, ताकि गुप्ता कैलिफोर्निया से उस तक पहुंच सके। बाद में दोस्त ने नया चेकिंग अकाउंट खोला, उसे ऑप्टम के डायरेक्ट डिपॉजिट के लिए लिंक किया और गुप्ता को डेबिट कार्ड भेज दिया। गुप्ता कैलिफोर्निया के एटीएम से इस रकम को नकद निकाल लेता था। कैसे हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया जब 2019 में गुप्ता को किसी अन्य धोखाधड़ी के मामले में ऑप्टम ने बर्खास्त कर दिया। कंपनी की जांच में यह 'घोस्ट एम्प्लॉयी' स्कीम सामने आई और मामला संघीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। एफबीआई के मिनियापोलिस फील्ड ऑफिस के कार्यवाहक विशेष एजेंट रिक इवानचेक ने कहा कि गुप्ता ने अपने भरोसे के पद का दुरुपयोग कर एक फर्जी कर्मचारी की नियुक्ति की और अमेरिका की सबसे बड़ी हेल्थकेयर प्रदाता कंपनी से सैकड़ों हजारों डॉलर की ठगी की।  

खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री  साय ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग में नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यबल मजबूत होगा तथा खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों को और गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करते हुए खनिज प्रशासन से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, टिन, डायमंड, गोल्ड और लिथियम सहित विभिन्न खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत भी हैं और सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने नवनियुक्त अधिकारियों को खनिज राजस्व वृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 नव चयनित खनि निरीक्षकों को आज मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग  पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म  रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

निरंतर डायलिसिस सेवाओं से किडनी मरीजों को राहत, निःशुल्क योजना बनी संबल

रायपुर. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण अंचलों में भी दिखाई देने लगे हैं। विशेष रूप से किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए संचालित निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपचार का महत्वपूर्ण आधार बनकर उभर रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध हो पा रहा है और उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में किडनी रोग लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और शासन की पहल से उपचार व्यवस्था अधिक संगठित और सुलभ हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग में डायलिसिस सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 10 दिनों में यहां कुल 95 डायलिसिस सत्र आयोजित किए गए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि औसतन प्रतिदिन लगभग 10 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निरंतर उपचार व्यवस्था से मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल रही है और उनकी स्थिति की नियमित निगरानी भी की जा रही है। किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से कराना आवश्यक होता है। इस संदर्भ में प्रदेश सरकार द्वारा अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य तंत्र की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए उपचार की राह काफी आसान हुई है। प्रदेश स्तर पर भी डायलिसिस सेवाओं के विस्तार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा चिकित्सा दल की सक्रियता के कारण उपचार व्यवस्था अधिक प्रभावी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग अब केवल उपचार तक सीमित न रहकर मरीजों की समय पर पहचान, नियमित जांच और सतत उपचार व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। देवभोग में 10 दिनों के भीतर किए गए 95 डायलिसिस सत्र इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। निःशुल्क डायलिसिस योजना न केवल मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। डायलिसिस सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, उपकरणों के नियमित रखरखाव और मरीजों की सतत निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और किडनी रोग के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि गंभीर स्थितियों से समय रहते बचाव किया जा सके।

चिरायु योजना से बदली जिंदगी, एम्स रायपुर में तीन बच्चों का सफल कॉक्लियर इंप्लांट

रायपुर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) का असर: जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन बच्चों का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इंप्लांट राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) का असर: जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन बच्चों का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इंप्लांट सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और बाल स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल ने एक बार फिर ठोस परिणाम दिए हैं। जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन मासूम बच्चों का सफल कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में संपन्न हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम द्वारा समय पर पहचान और समन्वित प्रयासों के कारण इन बच्चों को निःशुल्क उन्नत उपचार उपलब्ध हो सका। वर्तमान में तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय देखरेख में हैं। आंगनबाड़ी से सुपर स्पेशियलिटी तक सुदृढ़ स्वास्थ्य श्रृंखला कबीरधाम जिले के स/लोहारा विकासखंड स्थित ग्राम चिलमखोदरा निवासी धैर्य मरकाम (पिता– श्यामू मरकाम) जन्म से श्रवण बाधा से पीड़ित थे। चिरायु टीम ‘ए’ स/लोहारा द्वारा नियमित स्क्रीनिंग के दौरान समस्या की समय रहते पहचान की गई। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं रेफरल प्रक्रिया के बाद 16 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में उनका कॉक्लियर इंप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वर्तमान में बालक चिकित्सकीय निगरानी में है। इसी क्रम में कोरबा जिले के बालको क्षेत्र निवासी ढाई वर्षीय नक्ष कोशले  की श्रवण समस्या का पता भी प्रारंभिक जांच के दौरान चला। विशेषज्ञ परामर्श के पश्चात 14 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में सर्जरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक स्वस्थ है तथा नियमित फॉलो-अप जारी है। सक्ति जिले के जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम हसौद की तीक्षिका साहू में भी जन्मजात बधिरता की पुष्टि आंगनबाड़ी स्तर पर स्क्रीनिंग के दौरान हुई। चिरायु टीम जैजैपुर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण को उच्च संस्थान में रेफर किया गया। 17 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में सफल कॉक्लियर इंप्लांट के उपरांत अब तीक्षिका स्वस्थ हैं और स्पीच थेरेपी के माध्यम से श्रवण एवं भाषाई विकास की दिशा में निरंतर प्रगति कर रही हैं। शासन की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता इन तीनों मामलों में यह स्पष्ट हुआ है कि यदि समय रहते जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध हो तो जन्मजात श्रवण बाधा जैसी गंभीर समस्या का भी प्रभावी समाधान संभव है। चिरायु टीम की सतत स्क्रीनिंग, आंगनबाड़ी स्तर पर पहचान और उच्च संस्थान में निःशुल्क उपचार की व्यवस्था ने इन परिवारों को नई उम्मीद दी है। परिजनों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग ने उनके बच्चों का भविष्य बदल दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉक्लियर इंप्लांट जैसी जटिल और महंगी सर्जरी सामान्य परिवारों के लिए अत्यंत कठिन होती है। किंतु शासन की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत यह उपचार निःशुल्क संभव हुआ। आंगनबाड़ी स्तर पर स्क्रीनिंग, जिला स्तरीय चिकित्सा परीक्षण और सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में समयबद्ध सर्जरी यह संपूर्ण तंत्र राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।