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ज्वैलरी शॉप से लाखों रुपए की सोने की चेन ले उड़ा कबूतर

नागौर. राजस्थान के नागौर जिले से सामने आया एक अनोखा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कबूतर सोने की चेन चोंच में दबाकर उड़ता और बाद में उसे गले में डालकर बैठा नजर आ रहा है। जहां एक ओर सोने-चांदी के भावों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, वहीं इस ‘सोने की चेन पहने कबूतर’ ने लोगों को हैरान कर दिया है। ये है पूरा मामला ये वायरल वीडियो नागौर जिले के डेगाना कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार डेगाना के सर्राफा बाजार स्थित एक ज्वेलरी शॉप में सोने के आभूषण तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक कबूतर दुकान के भीतर घुस आया और काउंटर पर रखी तैयार हो रही सोने की चेन को अपनी चोंच में दबाकर उड़ गया। कुछ ही पलों में कबूतर चेन लेकर दुकान के बाहर जा बैठा और उसे गले में डाल लिया। घटना को देखकर दुकान संचालक और आसपास मौजूद व्यापारी कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। सोने जैसी कीमती वस्तु को इस तरह उड़ते देख वहां अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों ने तुरंत कबूतर पर नजर बनाए रखी और उसे नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी देर की मशक्कत के बाद कबूतर ने चेन वहीं गिरा दी और उड़ गया, जिससे सोने की चेन सुरक्षित वापस मिल गई। इसके बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली। ये कमेंट कर रहे यूजर्स इस घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद ये तेजी से वायरल हो गया। वीडियो पर यूजर्स मजेदार कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'लगता है कबूतर को भी सोने की कीमत समझ आ गई है।' वहीं दूसरे ने कहा, 'कोई पुराना हिसाब-किताब बाकी होगा।' कुछ यूजर्स ने तो अनोखी डिमांड करते हुए लिखा कि “ये कबूतर मुझे चाहिए।' एक अन्य यूजर ने लिखा, भाई ये मॉडर्न कबूतर है, चिट्ठी नहीं अब सोने की चेन लेकर जाता है।' अन्य ने कहा कि 'शायद पत्नी ने एनिवर्सरी पर गोल्ड चेन की डिमांड कर दी होगी,' तो किसी ने इसे वेलेंटाइन डे से जोड़ते हुए लिखा कि 'वैलेंटाइन डे से पहले कबूतर अपनी GF के लिए गिफ्ट लेकर जा रहा है।'

बरेली में मस्जिद पर बुलडोजर का एक्शन, कोर्ट के आदेश से अवैध निर्माण ध्वस्त, भारी पुलिस तैनात

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है. इसी क्रम में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अधिकारियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर बनाई गई थी. अदालत में लंबे समय तक सुनवाई हुई, अब अदालत के आदेश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद का निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. करीब 300 वर्ग गज में यह निर्माण था. लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा. प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया जा रहा है. ग्राम समाज के गाटा संख्या पर बनी मस्जिद का विवाद पहले तहसीलदार कोर्ट में चला, जहां से मस्जिद के पक्ष में कोर्ट में पेश होने वाले लोगों के खिलाफ आदेश आया. आदेश में यह साफ हुआ कि यह सरकारी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से अस्थाई निर्माण हुआ. इसके बाद मुस्लिम पक्ष सिविल कोर्ट पहुंचा. वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मोहर लगी. इसके बाद कई नोटिस दिए गए. नोटिस के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा की पुलिस, थाना अध्यक्ष, एसडीएम सदर व एएसपी की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया गया. एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे. उन्हीं के द्वारा कोर्ट में केस दायर किया गया. विरोध में फैसला आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया. एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण हुआ था. इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी. तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे. पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उनका केस खारिज हो गया. अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था. सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई.

12 फरवरी से शुरू होगा उज्जैन में 139 दिवसीय विक्रमोत्सव: अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला

भोपाल. अपर मुख्य सचिव संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से 15 फरवरी को विक्रमोत्सव-2026 का भव्य औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। महोत्सव सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर अपनी पूर्णता जो प्राप्त करेगा। इसके पूर्व 12 फरवरी से महाकाल वन मेला में हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस तरह 12 फरवरी से 30 जून, 2026 तक यह 139 दिवसीय आयोजन देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने यह जानकारी एमपीटी लेक व्यू रेजिडेंसी में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के  एन.पी. नामदेव, मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक राम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे। देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि गणनायक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के 3 राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ संचालित की जाएगी। शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ शामिल है। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। और सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला का आयोजन विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की जायेगी तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही है। देव महादेव पर्वः प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मंदिरों की साज सज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ प्रमुख है। पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, कृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है। विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी के मंचन के साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन किया जाएगा। पुतुल समारोह 25 से 28 फरवरी तक भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियाँ होगी। भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन लोकरंजन के अंतर्गत 1 मार्च को जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। इसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। इसका संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे। शिव पुराण शिवपुराण के अंतर्गत 13 से 17 मार्च तक भारतीय ज्ञान परंपरा के 18पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा। अंतर्राष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में 25 से अधिक देश होंगे शामिल पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 25 से देश शामिल हो रहे है। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक, भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।  

अक्षरधाम मंदिर में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने की नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिये प्रार्थना

भोपाल उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने इंदौर में स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में स्वामीनारायण की आरती कर नागरिकों के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर इंदौर अतिसुंदर रूप में निर्मित हुआ है। मंदिर में आकर अत्यंत आत्मिक शांति मिली है। मंदिर से बड़ी संख्या में भक्त जुड़कर सफलतम जीवन की कामना करते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफल होते हैं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि यहां पहुंचकर स्वामीनारायण के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूर्व सांसद  कृष्णमुरारी मोघे ने भी स्वामीनारायण भगवान की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अतिथियों को मंदिर समिति के सेवादारों ने शॉल, फल एवं साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर  जे.पी. मूलचंदानी,  नीलेंद्र अजमेरा,  राकेश अजमेरा,  रमेश भाई पटेल,  गिरीश नीमा सहित सेवा मंडल के सदस्य उपस्थित थे।  

Punjab में IAS/PCS अधिकारियों के तबादले

पटियाला. पंजाब सरकार के आदेशों के तहत पंजाब में IAS/PCS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनकी तैनातियां तुरन्त प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए हैं। 2 IAS और 2 PCS का तबादला किया है जिनमें कुमार अमित, रामवीर, सुरिंदर सिंह, यशपाल शर्मा शामिल हैं। आदेश के अनुसार IAS अधिकारी आदित्य डेचलवाल को रोपड़ का DC लगाया गया है। इसके साथ विजय नामदेव राव को वित्त विभाग के सचिव के साथ प्रवासी भारतीय मामलों के विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS गुलप्रीत सिंह औलख को नवांशहर का डिप्टी कमिश्नर, IAS नीरू कत्याल गुप्ता को लुधियाना नगर निगम का कमिश्नर और IAS वरजीत वालिया को पटियाला का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। IAS साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्य प्रशासक, शहरी योजना एवं विकास प्राधिकरण तथा निदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS अजीत बालाजी जोशी को प्रमुख सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। IAS अभिनव त्रिखा को सचिव, वित्त विभाग लगाया गया है। IAS कंवलप्रीत बराड़ को सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें आयुक्त, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा IAS कुमार अमित को विशेष प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पंजाब लगाया गया है। उन्हें प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। IAS विमल कुमार सेतिया को सचिव, गृह विभाग नियुक्त किया गया है। IAS प्रीति यादव को प्रबंध निदेशक, मार्कफेड नियुक्त किया गया है। IAS परमवीर सिंह को विशेष सचिव, माल एवं पुनर्वास विभाग बनाया गया है। साथ ही उन्हें निदेशक, भूमि अभिलेख का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

23 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक होगी आरक्षक (जी.डी.) भर्ती 2025 की द्वितीय चरण PET

भोपाल. आरक्षक (जी.डी.) एवं आरक्षक (रेडियों) के कुल 7500 पदों पर भर्ती हेतु मध्‍यप्रदेश कर्मचारी मंडल भोपाल द्वारा ऑनलाईन परीक्षा दिनांक 30.10.2025 से 15.12.2025 तक आयोजित कराई गई थी। उक्त परीक्षा का परिणाम दिनांक 25.01.2026 को वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर घोषित किया जा चुका है। सफल उम्‍मीदवार को अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा physical proficiency test (PPT) ली जाएगी। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण एवं 800 मीटर दौड़, लम्बी कूद एवं गोला फेंक मध्यप्रदेश के 10 स्थानों पर 23 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक प्रतिदिन प्रात: 6:00 बजे से आरंभ होगी। ऑनलाइन परीक्षा में सफल उम्मीदवार म.प्र.कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर निर्धारित शारीरिक प्रवीणता परीक्षा स्थल पर पहुंचे। सभी उम्मीदवारों को उनकी निर्धारित दिनांक को ही पहुंचना आवश्यक है। उम्मीदवार को शारीरिक प्रवीणता के लिये जो दिनांक व स्थान सूचित किया जा रहा है उस दिनांक व स्थान में कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। इन जगहों पर होगा शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन भोपाल में लाल परेड ग्राउड भोपाल, इंदौर में माउण्टेड ट्रूप डिपार्टमेंट (MTD) परिसर आरएपीटीसी इन्दौर, जबलपुर में परेड ग्राउण्ड 6वीं वाहिनी विसबल रांझी जबलपुर, ग्वालियर में परेड ग्राउण्ड 14वीं वाहिनी विसबल कम्पू ग्वालियर, उज्जैन में महानंदा एरीना ग्राउण्ड देवास रोड उज्जैन, सागर में शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज बहेरिया सागर, रीवा में परेड ग्राउण्ड 9वीं वाहिनी विसबल रीवा, बालाघाट में फुटबॉल/हॉकी ग्राउण्उ 36वीं वाहिनी विसबल बालाघाट, रतलाम में भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बस स्टैण्ड के पास जावरा रतलाम तथा मुरैना में परेड ग्राउण्ड 05वीं वाहिनी विसबल मुरैना में आयोजित होगी। शारीरिक दक्षता चयन के विभिन्न चरणों में आधार ई-केवायसी सत्यापन कराया जाएगा। अत: अभ्यार्थी अपना आधार कार्ड साथ लेकर आएं। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नम्बर उनके द्वारा लॉक न कर दिया गया हो। दस्तावेज परीक्षण हेतु उम्मीदवारों को समस्त मूल आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति (photocopy) साथ लेकर उपस्थित होना अनिवार्य है।  

हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल रहा सफल

जींद. जींद जंक्शन से सीनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। जींद जिले के गांव भंभेवा के पास पहले रनिंग ट्रायल किया गया और अब इस ट्रेन का दूसरा ट्रैक ट्रायल किया जाएगा। ट्रैक ट्रायल के बाद इसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच सरपट दौड़ने लगेगी। इस मामले में रेलवे के अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन विधिवत रूप से फरवरी के आखिर तक चल सकती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल हो गया है। रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तकनीकी ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए। पिछले सप्ताह इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी टैस्टिंग शुरू की थी। हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सेफ्टी सिस्टम, प्रैशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इंजन के इलैक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई। टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाऊनकर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तकनीकी ट्रायल के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसके तहत ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जब ट्रेन पूरी तरह से सफल हो जाए‌गी तो उसके बाद इसके उद्‌घाटन की औपचारिकता के लिए रेल मंत्रालय से परमिशन ली जाएगी। चूंकि यह देश की पहली और और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है इसलिए उम्मीद है कि इस ट्रेन का उ‌द्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हरी झंडी दिखाकर करवाया जाएगा।

गौवंश संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल: मध्यप्रदेश पुलिस की तस्करों पर सख्त कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध गौवंश एवं पशु तस्करी के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्‍त की है। पुलिस की सक्रिय, समन्वित और तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप विगत 7 दिनों में 141 गौवंश एवं अन्‍य पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया है। छतरपुर (थाना नौगांव): हाईवे पर पुलिस की घेराबंदी थाना नौगांव पुलिस ने सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए फोरलेन हाईवे पर एक संदिग्ध 16 चक्का ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में क्षमता से अधिक 45 मवेशी भरे पाए गए। इस कार्यवाही में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अनूपपुर (थाना कोतमा): अवैध हथियार के साथ तस्कर गिरफ्तार कोतमा पुलिस ने एक ट्रक से 22 नग भैंस/पाड़ा बरामद किए। इस कार्यवाही में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा और 02 जिंदा कारतूस भी जप्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये आंकी गई है। सिवनी (थाना कोतवाली): रात्रि गश्त के दौरान बड़ी सफलता सिवनी पुलिस ने एक कंटेनर वाहन को जब्त कर उसमें अवैध रूप से ले जाए जा रहे 27 गौवंश को मुक्त कराया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने एक वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 39 गौवंश को भी मुक्त कराया। खरगोन एवं उमरिया खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 04 गौवंश को मुक्त कराया। वहीं उमरिया पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जब्त कर 04 मवेशियों (भैंस व पाड़ा) को तस्करों से मुक्त कराया। इन मामलों में पशु क्रूरता अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गौवंश एवं अन्य पशुओं की तस्करी में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सतत् कार्यवाही जारी है। यह कार्यवाही न केवल गौवंश संरक्षण बल्कि पशु क्रूरता की रोकथाम एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

थाना करनपठार पुलिस ने आरोपी – तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह के कब्जे से अवैध रूप से लोहे की बका जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

अनूपपुर /करनपठार पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग पुष्पराजगढ के मार्गदर्शन में निरी. बीरेन्द्र कुमार बरकरे थाना प्रभारी करनपठार के नेतृत्व में सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार, चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर. 476 संतोष मरावी के द्वारा दिनांक 05/02/26 को जरिये मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की एक व्यक्ति  ग्राम करपा ग्राउण्ड रंग मंच के पास खडा होकर बका लहरा  रहा है और आने जाने वालो को डरा धमका रहा है । सूचना की तस्दीक हेतु गवाहान केशव नायक पिता मोती नायक निवासी मेढाखार एवं हीरा सिंह पिता स्व. नेशू राम निवासी करपा  को मुखबिर की सूचना से अवगत कराने के  उपरान्त गवाहानों को सांथ में लेकर मुखबिर के बताये स्थान में पहुंचा मुखबिर के बताये हुलिया के अनुसार एक व्यक्ति मिला ,जो  पुलिस  को आता देखकर वहां से भागने का प्रयास करने लगा । जिसे हमराह स्टाफ व  गवाहों के घेरा बंदी कर पकडा गया जो नाम पता पूंछने पर वह व्यक्ति अपना नाम तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह पिता नान सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी पंडानटोला मेढाखार थाना करनपठार जिला अनूपपुर (म.प्र.) का होना बताया । हिरासत में लेकर जामा तलाशी ली गई तो उसके दाहिने तरफ कमर में खोंचकर बका रखा होना पाया गया । जिसे मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया । वापसी पर अपराध धारा 25B आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया । उपरोक्त कार्यवाही में निरी. वीरेन्द्र कुमार बरकरे के नेतृत्व में हमराह सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार , चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर.476 संतोष मराव  का  सराहनीय योगदान रहा ।

शक्ति से सुरक्षा की ओर: सृजन कार्यक्रम का भव्य समापन

भोपाल . राजधानी के निशांतपुरा थाना क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को धरातल पर उतारते हुए आयोजित 16 दिवसीय 'सृजन' कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस विभाग और मुस्कान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर और एहसान नगर के लगभग 350 बच्चों ने भाग लेकर आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास के गुर सीखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनीत कपूर (DIG),मती किरण लता केरकेट्टा (DIG), मयूर खंडेलवाल (DCP ZONE-4), अमृत मीणा (AIG) और अक्षय चौधरी (ACP) निशातपुरा उपस्थित रहे। साथ ही थाना प्रभारी (TI) मनोज पटवा, एस.आई. अशोक शर्मा एवं निशातपुरा थाने का समस्त स्टाफ, मुस्कान संस्था, यूथ फैसिलिटेटर्स सहित उदय संस्था के स्टाफ की विशेष उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जिसके बाद बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मार्शल आर्ट और पावर वॉक का प्रदर्शन रहा। बच्चों ने अपनी शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन करते हुए 'शक्ति से सुरक्षा की ओर' के संकल्प को जीवंत कर दिया। बच्चों ने जब पुलिस की वर्दी पहनकर अनुशासित परेड की, तो हर कदम के साथ यह एहसास गहरा होता गया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती—उसे बस अवसर और विश्वास चाहिए। कार्यक्रम का सबसे सशक्त, सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब DCP जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने अपनी पावर वॉक करती नन्ही बच्ची को, जो स्वयं पुलिस यूनिफ़ॉर्म में थी, अपनी IPS कैप महिला निरीक्षक के हाथों पहनवाई। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए एक जीवित सपना था कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में, इसी गरिमा के साथ समाज और देश की सेवा कर सकते हैं। उस एक पल ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास बोया, उनकी आँखों में भविष्य जगाया और यह संदेश दे दिया कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संकल्प हो तो कोई भी बच्चा अपने सपनों तक पहुँच सकता है। यही क्षण इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बना। प्रशिक्षण के दौरान आए बदलावों पर चर्चा करते हुए बच्चों ने बताया कि इन 16 दिनों ने उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित किया है। एक प्रतिभागी की माता ने भावुक होकर बताया कि कैसे उनकी बेटी अब पढ़ाई, घर के काम और प्रशिक्षण के बीच बेहतरीन संतुलन बना रही है। मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी को दूर करने और मजबूत पारिवारिक संबंध बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षक गोविंद और अन्य समन्वयकों ने प्रशिक्षण की चुनौतियों और बच्चों के व्यवहार में आए सुधारों की रिपोर्ट साझा की। सभी 350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि पुलिस एवं आमजन के मध्य बढ़ते विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता का सशक्त प्रतीक है। ‘सृजन’ कार्यक्रम का उद्देश्य: ‘सृजन’ मात्र एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा की दिशा में एक मानवीय पहल है। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन बस्तियों के बच्चों तक पहुँचकर उन्हें मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे वे आत्मविश्वासी, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें और पुलिस को अपना विश्वसनीय साथी समझें।