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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के खम्हारडीह ( ऐश्वर्या विंड मिल ) स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुंचकर स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल समाजसेवा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्रीविजय शर्मा, विधायक राजेश मूणत, विधायक सम्पत अग्रवाल, छगन मुंदड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हस्तशिल्प भारतीय सभ्यता की आत्मा और अर्थव्यवस्था की शक्ति: शेखावत

जयपुर. एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट द्वारा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी उपस्थित रहे। शेखावत ने कहा कि भारत की शिल्प, काष्ठ एवं रंग कला हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता की जीवंत पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने में नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्पियों की रचनात्मकता पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित हुई है। यह कला न केवल कौशल का प्रतीक है, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ी सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति भी है। विविधताओं से समृद्ध है भारतीय कला जगत संस्कृति मंत्री ने कहा कि आज क्रिएटिव इकोनॉमी के विभिन्न आयामों में हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई पहचान मिली है। जहां कुछ देशों की कला सीमित शैलियों तक केंद्रित है, वहीं भारतीय हस्तशिल्प विविधताओं से परिपूर्ण और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। हस्तशिल्प उद्योग रोजगार और समावेशन का माध्यम शेखावत ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले क्षेत्रों में शामिल है। ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की ओर भारत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार हस्तशिल्प उद्योग सहित समस्त व्यापारिक क्षेत्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। संस्कृति मंत्री ने कहा कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन में सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी की भावना से कार्य कर रही है, ताकि कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में एपीसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश रावत, निर्मल भंडारी, हंसराज बाहेती, नरेश बोथरा सहित जनप्रतिनिधि एवं हस्तशिल्प उद्यमी उपस्थित रहे।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष पहल, शहर में निःशुल्क बस सेवा शुरू

रायपुर रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में भाग लेने से वंचित न रह जाए। निःशुल्क बस सेवा से शहरवासियों को उत्सव स्थल तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन तीनों दिनों में बसों का संचालन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे आमजन बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल हो सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 15 बसें इस निःशुल्क सेवा के अंतर्गत चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने और लौटने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि दर्शकों को कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। बसों की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है कि भीड़ के समय भी सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए बस संचालन हेतु कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोगों को उत्सव स्थल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।निःशुल्क बस सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों में आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। समय-सारणी जारी होते ही इसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो। उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि परिवहन की किसी भी असुविधा के बिना लोग इस उत्सव का हिस्सा बन सकें। इस पहल के माध्यम से रायपुर साहित्य उत्सव को एक व्यापक जन-सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

विराट रामायण मंदिर में स्थापित हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, सीएम नीतीश ने देखी ऐतिहासिक घटना

मोतिहारी विश्व के सबसे बड़े और चर्चित शिवलिंग को 54 दिनों की कड़ी साधना के बाद मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित कर दिया गया। बनारस और पटना के पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ मंडप में विधि-विधान से पूजा के बाद रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना कार्य शनिवार (17 जनवरी 2026)संपन्न हुआ। महावीर मंदिर ट्र्स्ट पटना की अगुआई में मोतिहारी के कल्याणपुर पंचायत के कैथवलिया गांव में शिवलिंग स्थापना के ऐतिहासिक क्षणों के गवाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत लाखों लोग बने। विश्व के करोड़ों लोगों ने इंटरनेट पर पूरेविधान को ऑनलाइन भी देखा। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और आचार्य किशोर कुणाल के पु्त्र शायन कुणाल और उनकी पत्नी सांसद शाम्भवी चौधरी ने यजमान की भूमिका में भोलेनाथ का आवाहन किया। बनारस, अयोध्या व हरिद्वार से पहुंचे आचार्यों ने विधि- विधान से पूजा संपन्न कराई। अयोध्या से पधारे 21 बटुकों ने स्वास्ति वाचन किया तो भक्ति और मंत्रोच्चार से वातावरण पवित्र हो गया। मंडप में पूजन के बाद शिवलिंग की पूजा और आरती की गई। दो क्रेन की मदद से शिवलिंग को उठाकर कर चबूतरे पर स्थापित करने में 30 मिनट का समय लगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार व ऋचाओं से कैथेवलिया के जानकीनगर में बन रहे विराट रामायण मंदिर का इलाका गूंज उठा। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ मंदिर का भ्रमण किया और निर्माण कार्य का जायजा लिया। प्राण प्रतिष्ठा विधान में शामिल होने के लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सर्दी और कच्चे रास्तों की चुनौती देते हुए आस पास के कई जिलों से लोग कैथवलिया पहुंचे। 8 जनवरी को महाबलीपुरम से शिवलिंग पहुंचने के दिन से ही कैथवलिया में मेला लगा है। माना जा रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मेट्रिक टन वजन वाला है जो ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है। तामिलनाडु के महाबलीपुरम में इसका निर्माण कराया गया। 96 चक्के वाले ट्रक से इसे 21 नवम्बर को वहां से रवाना किया गया। रास्ते भर शिवलिंग की पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार

गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 40 साल पुराने रासायनिक कचरे का हुआ निष्पादन, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का होगा विकास परिसर की वायु पूर्ण स्वच्छ, मुख्यमंत्री ने बिना मास्क पहने किया मुआयना यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बनाएंगे भोपाल गैस त्रासदी स्मारक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइट (एमआईसी) गैस का रिसाव एक भीषण दुर्घटना थी। घटना में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां के रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर यूनियन कार्बाइड परिसर का विकास करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से इस परिसर में स्मारक निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना, संचालक गैस राहत स्वतंत्र कुमार सिंह, निगमायुक्त श्रीमती संस्कृति जैन और गैस त्रासदी राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फैक्ट्री परिसर के समुचित विकास के लिए करेंगे सभी जरूरी प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ इस परिसर के भी समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना किसी सेफ्टी मास्क के गए और फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस भीषण त्रासदी के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भाग जाने में मदद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का मिटाने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अब हमारी सरकार माननीय न्यायालय के मार्गदर्शन में परिसर में स्मारक बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी। इसमें सभी पक्षों को चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी। प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित आस-पास के 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के दायरे में आएंगे। ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को हरसंभव प्रयास कर दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने महिला के अनुरोध पर रूकवाया अपना काफिला…. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का सघन मुआयना करने के बाद लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आरिफ नगर में पूजा कर रही एक महिला ने रोका। महिला के अनुरोध पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री से महिला ने अनुरोध किया कि भगवान भोलेनाथ को 2 अगरबत्ती लगा दीजिए। महिला ने अगरबत्ती जलाकर मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति पर महिला के आग्रह पर अगरबत्ती लगाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां क्षेत्रीय महिलाओं से आत्मीयता से पूछा कि सब ठीक है, लाड़ली बहना के पैसे मिल रहे हैं ? इस पर लाड़ली बहनों ने कहा कि हाँ, उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल जा रहे बच्चों से भी बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली बच्चों के साथ खुद सेल्फी लेकर उन सबको खुश कर दिया। आरिफ नगर में एक महिला श्रीमती मंजु बाई ने बताया कि उसके पति बीमार हैं। कुछ आर्थिक मदद कर दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती मंजु को दिलासा दी और एक अन्य महिला श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा सहित दोनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हज़ार रुपए मौके पर ही मंजूर कर दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम कमिश्नर भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन को इन दोनों महिलाओं के बैंक खाता नंबर नोट कर जल्द से जल्द बीमारी सहायता राशि उन्हें पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर … Read more

टिमरनी में बच्चों द्वारा खोली गई पुस्तकालय, डॉ. श्रीकांत गंगवार ने किया उद्घाटन

टिमरनी टिमरनी में कुछ बच्चों ने मिलकर एक पुस्तकालय की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस पुस्तकालय का उद्घाटन डॉ. श्रीकांत गंगवार एवं मीनाक्षी यादव, शासकीय महाविद्यालय टिमरनी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान भग्या रच वेलफेयर फाउंडेशन,  जो कि डॉक्टरों की एक सामाजिक संस्था है, के द्वारा पुस्तकालय के लिए कॉपी व अन्य स्टेशनरी सामग्री दान की गई। साथ ही संस्था का यह मानना है कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है, इसी को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन द्वारा पुस्तकालय परिसर में डस्टबिन भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में शिक्षा और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा देते हैं।  भग्या रच वेलफेयर फाउंडेशन, का यह कदम सामाजिक सरोकारों की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

रांची में अतिक्रमण कर बनाए 50 निर्माण बुलडोजर से तोड़े

रांची. व्यस्त मार्ग रातू रोड में नगर निगम की इन्फोर्समेंट टीम की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। पांच घंटे से अधिक समय तक न्यू मार्केट चौक से पिस्का मोड़ तक सड़क के एक छोर से अतिक्रमण हटाया गया। 50 से अधिक अवैध संरचना को ध्वस्त किया गया। दुकान-प्रतिष्ठान के बाहर सीढ़ियों पर किए गए अतिक्रमण और निर्माण को ढाह दिया गया। दुकान के ऊपर लगे शेड को भी हटाया गया। टीम ने अभियान के क्रम में दो दर्जन से अधिक ठेला-खोमचा, स्टील के काउंटर, टेबल-कुर्सी, बेंच, बांस-बल्ली व लोहे के चदरे समेत अन्य सामान को जब्त किया। कई जगहों पर दुकानदारों ने अभियान का विरोध का प्रयास किया, लेकिन टीम की ओर से व्यवस्था के अलावा कार्रवाई के संबंध में बताए जाने पर ऐसे लोग पीछे हट गए। नालों पर सामान नहीं रखने की दी गई सख्त हिदायत अभियान के क्रम में प्रतिष्ठान संचालक एवं दुकानदारों को फिर से अतिक्रमण करने और नालियों पर सामान रखने समेत शेड को सड़क तक विस्तार देने के मामले पकड़ में आने पर कठोर कार्रवाई को चेताया। निगम का यह प्रयास है कि सार्वजनिक सड़क अतिक्रमण मुक्त रहे और फुटपाथ पर किसी तरह का कब्जा नहीं हो। बताया गया कि अवैध अतिक्रमण को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।

जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे- दिया कुमारी

जयपुर. कला जगत में शनिवार (17 जनवरी) का दिन बेहद खास रहा जब प्रदेश की उपमुख्यमंत्री  तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जवाहर कला केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में सुप्रसिद्ध जलरंग कलाकार डॉ. सुषमा महाजन के कला चित्रों से सुसज्जित तीन दिवसीय “मेलोडी ऑफ़ कलर्स”  एकल प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यहां प्रदर्शित डॉ. सुषमा महाजन की 60 जलरंग कृतियों को निहारने और उनका बारीकी से अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि "डॉ. सुषमा महाजन द्वारा तैयार ये कला कृतियां निश्चित ही उत्कृष्ट हैं, अद्भुत है। उन्होंने कहा कि "ये जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे हैं" उपमुख्यमंत्री दिया ने उत्कृष्ट कला कृतियों से अत्यंत प्रभावित भाव से कहा " डॉ. सुषमा द्वारा ये जल रंग कृतियां बहुत बारीकी से ऊकेरी गई हैं, जिनमें वाइब्रेन्ट रंग और उनकी कलात्मकता मानवीय संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। दिया कुमारी ने कहा कि डॉ. सुषमा महाजन वास्तव में जल रंग कला कृतियों की सिद्धस्त कलाकार हैं, वे इस वाटर कलर आर्ट की मास्टर हैं। जल रंग में महारथ रखने वाली डॉ सुषमा की यह कला देश-प्रदेश और समूचे सृजन जगत में नायाब है, जो देश और दुनिया में राजस्थान की कला संस्कृति के परचम को फहरा रही है। उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन 19 जनवरी तक कला प्रेमी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 7:30 बजे तक कर सकेंगे। इस प्रदर्शनी में लगभग 60 जलरंग कृतियां प्रदर्शित की गईं हैं। इनमें 22 नई कृतियां विशेष रूप से इस प्रदर्शनी के लिए तैयार की गई हैं। साथ ही, पेरिस, जयपुर और नई दिल्ली में पूर्व में प्रदर्शित चुनिंदा कृतियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया।

HEC सरकारी कंपनी पर 280 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया

रांची. झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) पर बकायेदारों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ा बकायेदार हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) है, जो हर महीने 80 से 90 लाख रुपये की बिजली खपत करने के बावजूद बिजली बिल के एवज में एक रुपये का भी भुगतान नहीं कर रहा है। स्थिति यह है कि एचईसी पर जेबीवीएनएल का बकाया 280 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और अगर यही रफ्तार रही तो यह राशि जल्द ही 350 करोड़ रुपये के पार चली जाएगी। इस गंभीर मुद्दे पर शुक्रवार को रांची एरिया बोर्ड की बैठक में गहरी चिंता जताई गई। बैठक में एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी राशि को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सीधे तौर पर बिजली वितरण व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने बताया कि बैठक में केवल एक ही एजेंडा पर चर्चा हुई है, बड़े बकायेदारों से बिजली बिल वसूला जाए, नहीं तो कनेक्शन काटा जाए। बताया गया कि पिछले चार महीनों से सरकार की ओर से 200 यूनिट फ्री बिजली के एवज में जेबीवीएनएल को भुगतान नहीं मिल रहा है, जिसके कारण एनटीपीसी और डीवीसी को भुगतान अटक गया है। निगम पर एनटीपीसी का करीब 450 करोड़ और डीवीसी का लगभग 300 करोड़ रुपये बकाया है। बैठक में रांची एरिया बोर्ड के सभी कार्यपालक अभियंता शामिल हुए। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब रिलेशन मेंटेन करने के बजाय बकायेदारों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें और जरूरत पड़े तो बिजली कनेक्शन काटें। रिंग रोड के अंदर 90 हजार हाई वोल्टेज कंज्यूमर मौजूद, जल्द होगा वसूली इस मौके पर जीएम मनमोहन कुमार ने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति तभी संभव है जब उपभोक्ता समय पर बिजली बिल का भुगतान करें। उन्होंने कहा कि जैसे निगम की जिम्मेदारी लगातार बिजली देने की है, वैसे ही उपभोक्ताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे समय पर बिलें। उन्होंने कहा कि रांची रिंग रोड के अंदर हाई वोल्टेज कंज्यूमर की संख्या 90 हजार है, जिससे वसूली के लिए 21 से 23 जनवरी तक योजना बनाकर वसूली किया जाएगा। सबसे पहले वेस्ट डिविजन में वसूली के लिए कार्रवाई होगी, अंत में कोकर डिविजन में वसूली होगी। उन्होंने कहा कि कई अन मीटर और डिफेक्टिव मीटर के भी मामले सामने आए है, इसकी जांच कर इसे ठीक किया जाए।

किसानों को हर क्षेत्र में उन्नत एवं खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर. प्रदेश में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026’ से पूर्व गिरदावर सर्किल स्तर पर 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीट में अधिक से अधिक कृषकों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और उन्हें धरातल पर विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ये शिविर महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।  शर्मा ने कहा कि किसानों के लिए बसंत पंचमी का विशेष महत्व है क्योंकि यह रबी फसलों की कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है, जो अच्छी पैदावार और समृद्धि की उम्मीद जगाती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर ग्रामीणों को शिविरों के आयोजन के संबंध में जानकारी दी जाए।  गिरदावर सर्किल स्तर आयोजित होंगे शिविर— प्रदेश में गिरदावर सर्किल स्तर पर इन शिविरों का आयोजन 23, 24, 25 व 31 जनवरी तथा 1, 5, 6, 7 व 9 फरवरी को किया जाएगा। शिविरों में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम-2025 (वीबी-जी राम जी) के तहत गांवों में आवश्यक विकास कार्यों के प्रस्ताव लेने के साथ ही सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मंगला पशु बीमा योजना के तहत पॉलिसी वितरण, पॉलीहाउस की स्वीकृति, पशु टीकाकरण सहित कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी आदि से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर क्षेत्र में उन्नत एवं खुशहाल बनाने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 का आयोजन करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों के सफल आयोजन के लिए कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, सिंचाई सहित सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर कृषकों एवं पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।  देश-विदेश के कृषक एवं विशेषज्ञ होंगे शामिल — मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मीट के राज्य स्तरीय आयोजन में देश-विदेश के किसान, पशुपालक हिस्सा लेंगे। साथ ही, कृषि एवं पशुपालन की उन्नत तकनीक साझा करने के लिए देश-विदेश से विभिन्न प्रदर्शक फर्म भी आएंगी। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का भी ग्राम-2026 में   सम्मान किया जाए। साथ ही, देश-विदेश में उन्नत कृषि, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों को उपयोग में लाने वाले कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिकों तथा तकनीकी जानकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे ग्रामीण स्तर पर किसानों को कार्यक्रम एवं योजनाओं की जानकारी मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।