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लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

केसी त्यागी की JDU से छुट्टी, पार्टी ने कहा- ‘अब उनका हमारे साथ कोई संबंध नहीं’

पटना  जेडीयू के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी में अध्याय अब समाप्त हो चुका है. हाल के दिनों में के.सी. त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं. सूत्रों के अनुसार, त्यागी ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था, जिसके बाद जेडीयू नेतृत्व ने उन्हें दूरी बनाने का फैसला किया. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब के.सी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है.  के.सी. त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. उन्होंने बाकायदा पीएम मोदी को लेटर लिखकर इसकी मांग की थी. अपने पत्र में त्यागी ने लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इसके पूरी तरह हकदार हैं. लेकिन जेडीयू ने उनकी इस मांग से किनारा कर लिया. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'के.सी त्यागी की इस मांग का पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है. दरअसल, वह जेडीयू के साथ हैं या नहीं, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ये भी पता नहीं है. इसलिए उनके बयानों को और उनकी विज्ञप्ति को उनकी निजी क्षमता में दिए गए बयान के तौर पर लेना चाहिए.' सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल के.सी. त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. इसकी वजह पार्टी से उनके लंबे और पुराने संबंध बताए जा रहे हैं. जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, के.सी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते. मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में दिया था बयान भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों और राजनीतिक रुख में उनका कोई दखल नहीं होगा. जेडीयू नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल संतुलित रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि यह अलगाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से हुआ है. जेडीयू के अंदरूनी हलकों में इसे एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी नेतृत्व आगे की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. बता दें कि हाल ही में के.सी. त्यागी ने मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को नागवार गुजरा. उन्होंने कहा था, 'खेल में राजनीति नहीं लाना चाहिए. जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है, तो भारत को भी मुस्तफिजुर पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएम में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.' बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल में लेने का भारत में जबरदस्त विरोध हुआ. इसके बाद बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया. हालांकि, के.सी. त्यागी ने ये माना था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों से भारत में गुस्सा है. लेकिन उनका आईपीएल को लेकर दिया गया बयान जेडीयू को रास नहीं आया. पार्टी सूत्रों का मानना है कि उन्हें आईपीएल पर बयान देने की क्या जरूरत है और वो भी ऐसा बयान जो जनमत की भावना के खिलाफ हो और एनडीए गठबंधन में अलग-अलग राय दिखाए?  जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि जब मामला दो देशों के बीच का हो तो सरकार के सहयोगी दल के नाते बोलने से पहले त्यागी को पार्टी में बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. के.सी. त्यागी पहले भी बड़े सरकारी पदों पर लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्ति, समान नागरिक संहिता और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर एनडीए की नीतियों से अलग बयान दे चुके हैं, जिसने जेडीयू के लिए असहज स्थिति में डाल दिया. इन बयानों के कारण ही के.सी. त्यागी से जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उनकी जगह राजीव रंजन को जेडीयू ने अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था. 

कॉस्मो ट्रेड फेयर एक्सपो में मुख्यमंत्री साय बोले- ‘विकसित छत्तीसगढ़ में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, श्रीराम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

हरियाणा में अब अस्पताल संचालकों को देना होगा आपरेशन का रिकार्ड

चंडीगढ़. हरियाणा के कुछ अस्पतालों में केंद्र की आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के तहत मरीओं के इलाज में फर्जीवाड़ा करने की शिकायत के बाद एक एडवाइजरी जारी की गई है। सीईओ आयुष्मान भारत (हरियाणा) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि आइसीयू में भर्ती मरीज की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जरूरी होंगे और उन्हें चालू रखने की जिम्मेदारी अस्पताल की होगी। जरूरी जांच में कैमरों की फुटेज उपलब्ध करानी पड़ेगी। इस एडवाइजरी को लेकर कई अस्पताल संचालकों की ओर से मरीजों की निजता पर सवाल उठे तो आइएमए हरियाणा की ओर से स्पष्ट किया गया कि एडवाइजरी में आइसीयू के गेट पर तथा गैलरी पर कैमरे चालू हालत में रखने के सलाह दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ जगहों पर आइसीयु तथा अन्य कंबर दुनिट के अंदर कैमरे लगाने की एडवाइजरी में उल्लेख नहीं हैं। आइएमए (हरियाणा) की ओर से प्रेस रिलीज में भी कहा गया है कि कुछ अस्पतालों की ओर से फर्जीवाड़ा किए जाने पर यह सलाह जारी की गई है। सीसीटीवी कैमरे के लिंक का इस्तेमाल कैवत सत्यापन के लिए होगा।

CJI सूर्यकांत यादें ताजा कर बोले- ‘हांसी से गुजरने पर याद आता है बचपन’

चंडीगढ़/हांसी. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हांसी से जुड़ी यादें ताजा करते हुए कहा कि मैं जब भी कभी हांसी से गुजरता हूं बचपन याद आता है। बचपन की यादें इस शहर से जुड़ी हैं। पिता के साथ पहली बार सिनेमाघर में यहीं फिल्म देखी थी। न्यायालय परिसर में बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने बचपन से सीजेआई बनने तक का सफरनामा सामने रखा। न्यायाधीश के रूप में 22 वर्ष पूरे होने की बात सबसे पहले हांसीवासियों के सामने कही। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्होंने पिता के साथ हांसी के सिनेमाघर में फिल्म देखी थी। 20 अप्रैल 1984 को उनकी लॉ की अंतिम परीक्षा थी और 21 अप्रैल 1984 से उन्होंने हिसार कोर्ट में वकालत शुरू कर दी। 29 जुलाई को उन्हें वकालत का लाइसेंस मिला। इसके बाद उन्हें हिसार के नामी वकीलों के साथ चंडीगढ़ के उच्च न्यायालय में भी वकालत करने का अवसर मिला। तब जज ने कहा था- इसे उच्च न्यायालय में भेज दो सीजेआई ने बताया कि उनके पिता कुछ समय के लिए हांसी में तैनात रहे। यहां स्कूल में उनका दाखिला करवाया गया। हांसी के सिनेमाघर में ही पहली बार फिल्म देखी थी। तब उनके पिता साइकिल पर बिठा कर उन्हें लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि लॉ की पढ़ाई के बाद परिजनों ने उन्हें कोर्ट में जाने के लिए कहा था। 21 अप्रैल 1984 से हिसार कोर्ट में वकालत शुरू की थी। उसके बाद 29 जुलाई 1984 में उन्हें लाइसेंस मिला। उन्होंने कहा कि एक बार कोर्ट में नामी वकील के सामने केस की बहस की थी। तब जज ने फैसला सुनाते हुए उनके बारे में कहा था कि इस युवक का भविष्य खराब न करके इसे उच्च न्यायालय में भेज दो। इसके बाद नामी वकील अपने साथ उन्हें चंडीगढ़ के साथ गए। अटैची में दो कपड़े डालकर वह चंडीगढ़ चले गए। हिसार में दो वकीलों का पूरा आशीर्वाद मिला था। पत्नी को विशेष अतिथि बताया समारोह में जज मंच पर बैठे जजों व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का नाम ले रहे थे तो उन्होंने अपनी पत्नी सविता को विशेष अतिथि कहकर सबको गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि कहीं नाम लेने से चूक न जाएं और मुश्किल हो जाए इसलिए नाम लिया है। पिता की फोटो देख भावुक हुए स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में पहुंचने पर सीजेआई को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मंच पर बार एसोसिएशन के प्रधान पवन रापड़िया ने उन्हें भगवान श्रीराम का मूर्ति भेंट की। डीसी डॉ. राहुल नरवाल ने सीजेआई को उनका चित्र भेंट किया। इस दौरान एसडीएम राजेश खोथ ने सीजेआई को उनके पिता मदन गोपाल शास्त्री की हाथ से बनी हुई फोटो भेंट की जिसे देख सीजेआई भावुक हुए व फोटो को माथे से लगाया। एसडीएम ने पहली बार सीजेआई के पिता को ही अपनी कविता सुनाई थी। यह एसडीएम के लिए भी यादगार थी। एडवोकेट पारिशा राजपाल ने उच्च न्यायालय की जज अल्का सरीन का स्वागत किया। हांसी मेरी जन्म व कर्म भूमि : सीजेआई हांसी मेरी जन्म व कर्म भूमि है। सीजेआई ने कहा कि मैं हांसी से भावना से जुड़ा हुआ हुं। शपथ ग्रहण के समय भी हांसी के वकील व परिवार के सदस्य वहां उपस्थित थे। जिला बनने से पुरानी मांग हुई पूरी सीजेआई ने कहा कि हांसी को जिला बनाने से पुरानी मांग पूरी हुई है। इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि जब हांसी कोर्ट परिसर का नया भवन बना था। वह तब यहां आए थे। तब भी यहां हांसी को जिला बनाने की मांग उठी थी। उन्होंने कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और विधायक विनोद भयाना के सामने कहा कि पहले लोग कहते थे कि हांसी जिला नहीं बनता है तो यहां पर सेशन कोर्ट बना दें। हांसी जिस रफ्तार से बोझ बढ़ा, वैसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना मंच पर वकीलों को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा कि पहले कोर्ट परिसर की ऐसी व्यवस्था होती थी कि जहां ज्यूडिशियल अधिकारी, महिला वकीलों के लिए शौचालय तक नहीं थे। वकीलों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। धीरे धीरे देश ने प्रगति कर न्यायिक व्यवस्था का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बदला। हरियाणा ने देश में न्यायिक व्यवस्था में अच्छा नाम कमाया है। सभी सेशन व उपमंडल स्तरीय कोर्ट में अच्छे कोर्ट परिसर हैं। जिस रफ्तार से न्यायिक व्यवस्था पर बोझ बढ़ा है उस रफ्तार के हिसाब से अभी तक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बन पाया है।

जालंधर में नगर निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों को शनिवार-रविवार को भी करनी होगी Duty

जालंधर. जालंधर नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दौरे को लेकर ये कदम उठाया गया है। इस संबंध में डीसी की तरफ से एक आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों में कहा गया है कि 10 और 11 जनवरी को शनिवार-रविवार होने के बावजूद कर्मचारियों को दफ्तर और फील्ड में ड्यूटी देनी होगी। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि इन दो दिनों में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा। बताया गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दो दिनों में जालंधर दौरे पर रहेंगे और शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन परियोजनाओं का उद्घाटन या कहां कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।

टामन सिंह की पत्नी को NGO के जरिए वसूली पर गिरफ्तार करेगी CBI?

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2021–22 भर्ती घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की ओर से कोर्ट में पेश की गई पूरक चार्जशीट और उसमें शामिल सरकारी गवाह के बयान से सामने आया है कि सोनवानी का कथित वसूली तंत्र एनजीओ से लेकर कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था। जांच में पहले यह तथ्य सामने आया था कि सोनवानी की पत्नी के एनजीओ जीवीएस में सीजीपीएससी के सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर कोषाध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे। इसी एनजीओ के माध्यम से बजरंग पावर से 50 लाख रुपये की वसूली की गई थी। अब जांच में कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आरोप है कि उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले। सीबीआई और सरकारी गवाह के बयान के अनुसार, प्री परीक्षा पास कराने के बाद मेंस परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर उत्कर्ष ने प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच से दस लाख रुपये की मांग की थी। पूरक आरोप पत्र में उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 फरवरी 2024 और 10 अप्रैल 2024 की अधिसूचनाओं के माध्यम से राज्य सेवा परीक्षा 2021 की भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आए कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी और तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच अपने पदों का दुरुपयोग किया और अपने पुत्रों, बेटियों तथा रिश्तेदारों का चयन सुनिश्चित कराया। सरकारी गवाह वी. चंद्राकर ने अदालत में बयान देते हुए बताया कि उनकी छोटी बहन भी सीजीपीएससी की तैयारी कर रही थी। वर्ष 2021–22 में एक रिश्तेदार के माध्यम से रायपुर के बोरियाकला स्थित पेट्रोल पंप पर उत्कर्ष चंद्राकर से मुलाकात हुई थी। उत्कर्ष ने खुद को प्रभावशाली अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए परीक्षा पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद कई अभ्यर्थियों को जोड़कर राशि जुटाई गई और उत्कर्ष को दी गई। गवाह के अनुसार, प्री परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को डीडी नगर स्थित सिद्धि विनायक पैलेस ले जाया गया, जहां उन्हें प्री परीक्षा की प्रिंटेड कॉपी दी गई थी। प्री का परिणाम आने पर सभी अभ्यर्थी सफल हो गए, जिससे भरोसा और बढ़ गया। मेंस परीक्षा के लिए भी उत्कर्ष ने अतिरिक्त रकम की मांग की। नवापारा स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराने और बस की व्यवस्था कराई गई, लेकिन बाद में और पैसे नहीं देने पर सभी अभ्यर्थी मेंस परीक्षा में असफल हो गए।

केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र के व्यक्तियों के अनुभव का किया जाएगा उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल  केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम जिले के औद्योगिक विकास एवं इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना हेतु 1500 एकड़ जमीन करें आरक्षित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की व्यापक समीक्षा शहडोल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट शहडोल के विराट सभागार में आयोजित हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की बिंदुवार समीक्षा की। जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला विकास सलाहकार समिति के अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल नगर, मेडिकल कॉलेज एवं नगरीय निकाय में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु 27 करोड़ रूपए की लागत से सोन नदी में बनाए जाने वाले एनीकट बैराज के प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा प्रयास किया जाए कि इसी वर्ष गर्मी में योजना के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा सके। बैठक में बताया गया कि एनीकट बैराज निर्माण का टेंडर इसी माह जारी कर दिया जाएगा। शहडोल नगर में सीवरेज लाइन के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मार्च माह तक काम पूरा कर लिया जाए। सीवरेज लाइन का विस्तार पतली गलियों में भी किया जाए। सीवरेज लाइन से शहर की जो रोड क्षतिग्रस्त हुई हैं उनका रेस्टोरेशन भी कराया जाए। कार्य पूरा हो जाने पर नगरवासियों को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया जाएगा कि किस तरह से शहर का गंदा पानी फिल्टर कर शहर को गंदगी एवं बीमारियों से बचाने का कार्य किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना की लागत 170 करोड़ रूपए है तथा नेटवर्क 213 किलोमीटर का है अभी तक 140 किलोमीटर में कार्य कर लिया गया है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में खनिजो के अवैध उत्खनन एवं परिवहन प्रतिबंधित किया जाए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जयसिंहनगर में बाईपास एवं ब्यौहारी में रिंग रोड, शहडोल से उमरिया मार्ग, टेटका से शहडोल मार्ग के प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाएं और इन कार्यों के निर्माण में आने वाली समस्याओं का निराकरण संबंधित अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें। जहां भी आवश्यकता होगी सहयोग के लिए उपलब्ध रहूंगा। बैठक में बताया गया कि शहडोल बाईपास में फ्लाई ओव्हर का निर्माण एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।     जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों ने संभागीय मुख्यालय शहडोल में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री शुक्ल को धन्यवाद ज्ञापित किया। सदस्यों के सुझाव के अनुरूप प्रभारी मंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट से बढ़ाकर 200 सीट करने, पीजी कक्षाओं के संचालन, ब्लड बैंक के संचालन तथा मेडिकल कॉलेज के लिए अतिरिक्त जमीन का आवंटन करने, नर्सिंग कालेज निर्माण में प्रगति लाने तथा बस स्टैण्ड से मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल से बीमारियों में कमी आएगी तथा अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होगी। उन्होंने कहा कि एकल नल-जल योजनाएं पर्याप्त पानी के अभाव में असफल हो रही हैं। इन योजनाओं को बाणसागर से पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इसके लिए 780 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। आपने जिले में जल जीवन मिशन के तहत 4 नल-जल समूह परियोजनाओं तथा 636 एकल नल-जल योजनाओं में 434 पूरी हो गई है, शेष परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी तरह जिले में सिंचाई का रकवा बढ़ाने हेतु प्रस्तावित 04 माईक्रो एरिगेशन योजनाओं की स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली तथा मौके पर ही भोपाल में पदस्थ संबंध अधिकारियों से चर्चा कर इन योजनाओं के स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि 2500 करोड़ की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं की स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में प्राप्त औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए 1500 एकड़ जमीन आरक्षित की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्रांति की आवश्यकता होती है। हमारे पास सड़क, बिजली, पानी तथा भूमि उपलब्ध है। इन संसाधनों का उपयोग कर औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी जाए। जिससे जिले के बेरोजगार युवकों को रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि मानव स्वास्थ्य एवं मृदा के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मानव जीवन के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। लोग रक्तचाप, सुगर, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में जिन स्थानों में गौशालाएं संचालित हैं वहां क्रमबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानो को प्रोत्साहित करें। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाए, जागरूकता के दौरान किसानो को जैविक खेती से होने वाले फायदे एवं नुकसानो के बारे में भी अवगत कराएं एवं बायो रिसोर्स सेंटर बनाकर उन्हे घनामृत, जीवामृत, कल्चर, आदि जैसे जैविक उर्वरक के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।        बैठक में विधायक जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने जयसिंहनगर, खन्नौधी, गोहपारू, तथा शहडोल नगर में राजाबाग से बाणगंगा तिराहा … Read more

सार्थक ऐप पर बड़ा खुलासा: बैतूल में 5 डॉक्टरों ने 200 किमी दूर से लगाई हाजिरी, 48 जिलों में 170 डॉक्टर फर्जीवाड़ा करते पकड़े गए

 बैतूल  मध्यप्रदेश के बैतूल में सार्थक ऐप पर 5 डॉक्टरों ने फर्जी हाजिरी लगाई। उन्होंने अपने कार्यस्थल से 150 और 200 किलोमीटर दूरी पर बैठकर यह सब किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने ऐसा करने वाले डॉ. राहुल सिंह गहलोत जैसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन डॉक्टरों ने कैमरा ट्रिक और फोटो एडिटिंग का सहारा लेकर यह दर्शाया कि वे अस्पताल में मौजूद हैं, जबकि उनकी जीपीएस लोकेशन ड्यूटी स्थल से काफी दूर पाई गई। सीएमएचओ कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। सुबह 9 के बाद दर्ज करानी होती है लोकेशन सार्थक ऐप पर कर्मचारियों को सुबह 9 से 11:30 बजे के बीच रेटिना स्कैन और जीपीएस लोकेशन के साथ हाजिरी दर्ज करनी होती है। इसके पांच घंटे बाद फिर से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल पर कर्मचारी की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। ऐसा न होने पर उस दिन की आधी ड्यूटी मानी जाती है या वेतन काटा जा सकता है। स्वास्थ्य संचालनालय की जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 48 जिलों में 170 बॉन्डेड डॉक्टरों ने बिना ड्यूटी आए ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कर्मचारियों ने कहा- नेटवर्क की दिक्कत, सिस्टम अव्यवहारिक कई कर्मचारी इस सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए कहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऐप पर हाजिरी दर्ज करने में कठिनाई होती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि तकनीकी सीमाएं फर्जीवाड़े का बहाना नहीं बन सकतीं।

ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट क्षेत्र अब नो-मैन्स लैंड, नाव संचालन पर प्रतिबंध, मछुआरों को हो रही समस्या

ओंकारेश्वर ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस सोलर प्लांट की बिजली के संचरण के लिए संयंत्र के जल क्षेत्र में फ्लोटिंग विद्युत केबल बिछाई गई हैं। प्रायः यह देखा गया है कि कुछ स्थानीय मछुआरे बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए इन तैरते हुए बिजली के तार के ऊपर से अपनी नावें चला रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने सोलर पावर प्लांट के आसपास के क्षेत्र को "नो मैंस लैंड" घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 5 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। जारी आदेश अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम एखंड, बिलाया, केलवा बुजुर्ग, कामनखेड़ा और इंधवाडी ग्रामों का क्षेत्र शामिल है। प्रतिबंधित क्षेत्र में केवल अधिकृत व्यक्ति को ही आने-जाने के लिए छूट रहेगी। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति या स्थानीय मछुआरे द्वारा किसी भी प्रकार का नौका विहार और मत्स्याखेट या मछली पालन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। यह आदेश विशिष्ट रूप से पृथक से अधिकृत किए गए शासकीय सेवकों पर लागू नहीं होगा। ओंकारेश्वर मछुआरा संघ के कड़वा वर्मा दीपक वर्मा शेर वर्मा दिलीप वर्मा एवं मछुआरा समिति के अनेक लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अपने वादों से पीछे हट गई है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवॉटर में सैकड़ों मछुआरे मछली पालन करके अपने परिवारों का पालन पोषण करते थे। सबके सामने भयानक आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा, जब यह पूरी योजना शुरू हुई थी तब तत्कालीन शौर्य ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग स्वर्गीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मछुआरों को आश्वासन दिया था कि किसी का भी प्रभावित नहीं होगा।