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एमपी में मौसम ने बदला मिजाज, जबलपुर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल। मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में वर्षा का एक नया दौर आज से शुरू हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी इलाकों में फिर से झड़ी लग सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इससे पहले मंगलवार को सतना में 0.9 मिलीमीटर, मंडला में 10 मिलीमीटर, छतरपुर जिले के खजुराहो में 5 मिलीमीटर और बालाघाट जिले के मलाजखंड में 8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। 26 सितंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज वर्षा के आसार मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि पश्चिम–मध्य बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सिस्टम अगले 12 घंटों में डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के तटों को पार करने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में बुधवार से दिखने लगेगा। उत्तर–पश्चिम भारत से लौटने लगा मानसून दक्षिण–पश्चिम मानसून की विदाई रेखा फिलहाल राजस्थान, पंजाब और Haryana के हिस्सों से गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और शेष पंजाब–हरियाणा से भी मानसून के पूरी तरह लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन चुकी हैं। मध्य प्रदेश में 1 जून से 22 सितंबर तक मानसूनी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से कमजोर रहा है। इस अवधि में पूरे प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 6 प्रतिशत कम पानी बरसा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 2 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत कम वर्षा रिकार्ड की गई है। सबसे कम और सबसे अधिक बारिश वाले जिलों की स्थिति सामान्य से सबसे कम वर्षा वाले पांच शहर सामान्य से सबसे कम वर्षा वाले पांच शहर       शहर सामान्य वर्षा वास्तविक वर्षा कितनी कम हुई वर्षा अलीराजपुर 837.5 426.0 49 प्रतिशत धार 783.8 489.1 38 प्रतिशत नर्मदापुरम 1234.6 817.2 34 प्रतिशत रतलाम 888.2 593.5 33 प्रतिशत हरदा 1055.3 720.2 32 प्रतिशत (नोट — वर्षा मिलीमीटर में) सामान्य से सबसे अधिक वर्षा वाले पांच शहर सामान्य से सबसे अधिक वर्षा वाले पांच शहर       शहर सामान्य वर्षा वास्तविक वर्षा कितनी अधिक हुई वर्षा निवाड़ी 768.8 1183.7 54 प्रतिशत मऊगंज 948.9 1422.8 50 प्रतिशत सतना 922.4 1319.6 43 प्रतिशत सिंगरौली 844.5 1093.0 29 प्रतिशत भिंड 601.7 757.2 26 प्रतिशत (नोट — वर्षा मिलीमीटर में)  

गरबा को लेकर बीजेपी विधायक बोले- मुस्लिम भी आएं, अपनी बहनों-बेटियों को साथ लाएं

 भोपाल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि मुस्लिम युवाओं को गरबा कार्यक्रमों में अकेले नहीं आना चाहिए, बल्कि अपनी बहनों और बेटियों को भी साथ लाना चाहिए। भोपाल के हुजूर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक की इस टिप्पणी की विपक्षी कांग्रेस और एआईएमआईएम (AIMIM) ने निंदा की है। सोमवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए शर्मा ने कहा था कि अगर मुसलमान नवरात्रि उत्सव के दौरान आयोजित गरबा में भाग लेना चाहते हैं, तो उन्हें 'जय श्री राम' का नारा लगाना होगा और माथे पर 'तिलक' लगाना होगा। उन्होंने कहा, इससे किसी को कोई समस्या नहीं होगी।  

सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह के खिलाफ अजय चंद्राकर की कानूनी कार्रवाई, मानहानि का दावा

धमतरी. वायरल वीडियो को लेकर चल रहा सियासी विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और लोकगायिका व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में याचिका दायर की है। मामला स्वतंत्रता दिवस के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। चंद्राकर का आरोप है कि भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बनाया गया पुराना वीडियो स्वतंत्रता दिवस का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उनका कहना है कि इस तरह वीडियो प्रसारित किए जाने से उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसी आधार पर उन्होंने दोनों के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया है। दो आरोपी भी हो चुके हैं गिरफ्तार वायरल वीडियो मामले में धमतरी पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार कुरूद स्थित भाजपा कार्यालय में 22 मार्च 2026 को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भाजपा का झंडा फहराए जाने का वीडियो बनाया गया था। आरोप है कि बाद में इसी मूल वीडियो को डाउनलोड कर एडिट किया गया और उसे स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। पुलिस ने भुनेश्वर निराला (25) और राकेश निराला (35) को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया। दोनों सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जिल्दी के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस का दावा है कि वीडियो एडिट करने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। क्या है पूरा विवाद स्वतंत्रता दिवस के दौरान सोशल मीडिया पर अजय चंद्राकर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे भाजपा का झंडा फहराते नजर आ रहे थे। वीडियो को इस दावे के साथ प्रसारित किया गया कि 15 अगस्त को उन्होंने तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया। बाद की पड़ताल में पुलिस के अनुसार यह वीडियो 15 अगस्त 2026 का नहीं, बल्कि पहले के भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम का था। इसी वीडियो को लेकर रायपुर के सिविल लाइन थाने में सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। अब अजय चंद्राकर की ओर से दायर मानहानि याचिका के बाद विवाद का एक और पहलू अदालत पहुंच गया है। मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही और दोनों पक्षों की दलीलों पर नजर रहेगी।

छात्रा से सड़क पर छेड़छाड़ और मारपीट का VIDEO वायरल, ग्वालियर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

 ग्वालियर  ग्वालियर में 16 वर्षीय छात्रा का रास्ता रोककर बाइक सवार युवक ने दुस्साहसिक हरकत की। उसने सरेराह उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर छात्रा को थप्पड़ मारे। घटनाक्रम पास में लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हो गया। वीडियो प्रसारित हुआ तो हरकत में आई पुलिस ने सोमवार को आरोपित युवक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना भितरवार थाना क्षेत्र के बाजना गांव की घटना ग्वालियर जिले के भितरवार थाना क्षेत्र के बाजना गांव की है। कक्षा 11 वीं की छात्रा कस्बे में रहकर पढ़ाई कर रही है। पुलिस को छात्रा ने बताया कि करीब 10-15 दिन पहले लोढ़ी निवासी युवराज रावत ने बातचीत करने की बात कही थी, लेकिन उसने इन्कार कर दिया तो वह स्कूल और कोचिंग जाते समय पीछा करने लगा। 19 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे वह अपनी बुआ की बेटी के साथ कोचिंग से घर लौट रही थी, तभी एसआइटीएम स्कूल के सामने आरोपित युवराज रावत अपने साथी योगेश रावत के साथ बाइक से आया और रास्ता रोक लिया। विरोध किया तो थप्पड़ मारा युवराज ने छात्रा का हाथ पकड़ लिया। विरोध किया तो थप्पड़ मारा। जान से मारने की धमकी दी। युवक के साथी योगेश ने बीच-बचाव कर मामला रफादफा कराने की कोशिश की। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी में कैद हुई और इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुआ तो पुलिस हरकत में आई। इसके बाद सोमवार को एफआइआर दर्ज कर आरोपित युवराज रावत को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में छेड़छाड़, गलत तरीके से रोकने, गलत तरीके से रोक, महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने, धमकी देने की बीएनएस की धाराओं के अतिरिक्त पाक्सों एक्ट में केस दर्ज किया है।  

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, पुलिस मुख्यालय और जेल मुख्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को करेगा प्रशिक्षित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिन-प्रतिदिन के जीवन में जिस गति से डिजिटल प्रणालियों का उपयोग बढ़ रहा है, उसी गति से इस क्षेत्र में चुनौतियां भी बढ़ रही है। डिजिटल और साइबर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में समाज हित और जनकल्याण लगातार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सर्तकता आवश्यक है। साइबर और फॉरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार से ही यह संभव है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर और राज्य शासन के बीच हुआ एमओयू तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राजीव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच हुआ रिलेशनशिप एग्रीमेंट साइबर क्षेत्र में सर्तकता और डिजिटल फोरेंसिक्स में दक्षता का विस्तार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार आज मंत्रालय में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर और मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय भोपाल के मध्य एमओयू के आदान प्रदान के अवसर पर व्यक्त किया। उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार  इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। शीघ्र आरंभ होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम आज हुआ एमओयू, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर द्वारा प्रदेश के जेल मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय के अधिकारी/कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा कौशल विकास के लिये राज्य शासन के साथ किया गया है। अतिशीघ्र ही प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किये जायेगें। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर, भोपाल के सुचारू संचालन एवं समन्वय के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर और राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के मध्य रिलेशनशिप एग्रीमेंट सम्पादित किया गया। मंत्रालय में हुए एमओयू और रिलेशनशिप एग्रीमेंट कार्यक्रम में आयुक्त तकनीकी शिक्षा  अवधेश शर्मा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक  राकेश कुनवर तथा आरजीपीवी के कुलपति  आलोक शर्मा उपस्थित थे।  भोपाल परिसर में उपलब्ध है साइबर सिक्योरिटी में बीटेक और डिजिटल फोरेंसिक व साइबर सिक्योरिटी में एमएससी पाठ्यक्रम उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की स्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 28 सितम्बर, 2020 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश में रक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, विस्तार एवं सेवाएँ प्रदान करना है। देश के 07 राज्यों में इस विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय परिसर स्थापित किया जा चुके हैं और अब तक लगभग 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के परिसर की स्थापना भोपाल में करने के संबंध में मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 01.07.2025 में निर्णय लिया गया था। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। वर्तमान में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा अस्थायी भवन उपलब्ध कराया गया है। इस अस्थायी परिसर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय दिनांक 22 सितम्बर, 2025 को 01 स्नातक एवं 01 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ प्रारंभ किया गया। वर्तमान में इस परिसर में 84 विद्यार्थी अध्ययनरत् है। यहां साइबर सिक्योरिटी में बीटेक और डिजिटल फोरेंसिक साइबर सिक्योरिटी में एमएससी पाठ्यक्रम उपलब्ध है। 

राजस्व प्रशासन में डिजिटल बदलाव, जनहित और पारदर्शिता को मिलेगी नई गति

​डिजिटल और पारदर्शी राजस्व प्रशासन: जनहित में सुशासन का नया अध्याय ​रायपुर        राज्य सरकार का राजस्व विभाग आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटक है। भूमि संबंधी मामलों की जटिलताओं को समाप्त करने, प्रशासनिक तंत्र को अधिक पारदर्शी बनाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से राजस्व विभाग द्वारा हाल ही में कई बड़े और दूरगामी नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। ये सुधार न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम और सरल बना रहे हैं, बल्कि वर्षों से लंबित पड़ी समस्याओं का समयबद्ध व निष्पक्ष निराकरण भी सुनिश्चित कर रहे हैं। ​डिजिटल प्रणाली से सुगम हुआ रिकॉर्ड प्रेषण       02 अप्रैल 2025 को जारी विशेष आदेश के तहत अब सभी भौतिक दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। भारसाधक अधिकारी को सत्यापनकर्ता का दायित्व सौंपते हुए अब समस्त राजस्व रिकॉर्ड ई-प्रणाली के माध्यम से मंगाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल से रिकॉर्ड के त्वरित संप्रेषण की सुविधा मिली है, जिससे कागजी औपचारिकताओं में होने वाला अनावश्यक विलंब पूरी तरह समाप्त हो गया है और प्रकरणों के निराकरण में अप्रत्याशित गति आई है। ​कृषि भूमि की अदला-बदली हुई आसान        कृषकों और भू-स्वामियों को अपनी सुविधा अनुसार कृषि भूमि की परस्पर अदला-बदली करने का विधिक अधिकार संहित के तहत प्राप्त है। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और स्पष्ट बनाने के लिए 21 अक्टूबर 2025 को नए मार्गदर्शी निर्देश जारी किए गए हैं। इससे किसानों को अपनी ज़मीन के बेहतर प्रबंधन में काफी सहूलियत मिल रही है। ​त्रुटि सुधार प्रक्रिया का सरलीकरण        अक्सर राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय या मामूली त्रुटियों जैसे नाम, जाति, पता या फसल प्रविष्टि के कारण भू-स्वामियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। 19 जुलाई 2024 की अधिसूचना के माध्यम से इन त्रुटियों के त्वरित सुधार हेतु सीधे तहसीलदार को सशक्त बनाया गया है। इस फैसले ने आम जनता के अदालती चक्करों और समय की बर्बादी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।     ​अवैध प्लाटिंग पर कड़ी नकेल        जनवरी 2026 में राजस्व विभाग ने अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश जारी किए। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति अब अवैध प्लाटिंग के खिलाफ समुचित व त्वरित कानूनी कार्यवाही कर रही है, जिससे आम खरीदारों के हितों की रक्षा हो रही है। ​पुराने परिपत्रों का निरस्तीकरण       प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रासंगिक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 23 जुलाई 2024 के आदेश द्वारा नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि एवं अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन तथा आवंटन से संबंधित 2019, 2020 और 2022 के पूर्व परिपत्रों एवं निर्देशों को निरस्त कर दिया गया है।         ​डिजिटल ई-प्रणाली, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और त्वरित निवारण की इस समावेशी नीति ने राज्य के राजस्व प्रशासन को एक नई दिशा दी है। यह कदम सुशासन की दिशा में एक सशक्त और जन-हितैषी प्रयास सिद्ध हो रहा है।  ​विष्णु प्रसाद वर्मा  सहायक संचालक

भिलाई में कॉलेज फीस के लिए बुजुर्ग महिला से सोने की चेन लूटी, B.Tech छात्र-छात्रा गिरफ्तार

 भिलाई  छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में बीटेक के छात्र और छात्रा को पुलिस ने सोने की चेन छीनने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि निजी इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस चुकाने के लिए दोनों ने अपराध को अंजाम दिया है। पुलिस ने बताया कि नेहरू नगर स्थित विद्या विहार कॉलोनी की रहने वाली 62 वर्षीय वृद्धा गीता देवी के साथ चैन स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया गया। प्रार्थी महिला का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के कारण वह अधिकांश समय घर पर ही रहती हैं और सुबह-शाम नियमित रूप से टहलने जाती हैं। रविवार की सुबह करीब छह बजे वह शिवाजी पार्क की तरफ टहलने के लिए निकली थीं। उसी समय उनकी चैन छीन ली गई।  

उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी

भोपाल  प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमाणित एवं हाइब्रिड बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये कार्य-योजना पर चर्चा की गई। मंत्री  सारंग ने कहा कि दलहन के बीजों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना होगा। जिस प्रकार पिछले वर्ष 5 बीजों पर बीज संघ ने काम किया था, उसी प्रकार इस वर्ष कार्य-योजना बनाई जाये। दूसरे विभागों से क्या अपेक्षाएँ हैं उस पर एक पीपीटी तैयार करें। मंत्री  सारंग ने कहा कि एक हाई लेवल कमेटी बनाकर उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार करने और इसके लिये अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की जाये। हाई लेवल कमेटी में सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हों, जो एक माह में विस्तृत रूप से कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में बीज उत्पादन एवं विपणन में शासकीय संस्थानों की उपादेयता, प्रमुख फसलों की बीज आवश्यकता, उपलब्धता, प्रदेश में प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्रफल, फसलवार अधिक व कम उत्पादकता वाले जिले, हाइब्रिड बीज-आवश्यकता, शासकीय योगदान एवं कार्य-योजना, आगामी 5 वर्षों के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम, उद्यानिकी हाईब्रिड बीजों के लिये आधारभूत संरचना विकसित करने, बीज उत्पादन एवं विपणन में वर्तमान बाधाएँ एवं समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त  के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त  दीपक सिंह, संचालक कृषि  उमाशंकर भार्गव, उप सचिव  मनोज सिन्हा और प्रबंध संचालक बीज संघ  महेन्द्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

जेपी गंगा पथ से ग्लास ब्रिज तक, बिहार की इन लोकेशनों पर होगी फिल्मों की शूटिंग; ₹100 करोड़ निवेश की उम्मीद

पटना पटना का जेपी गंगा पथ, कैमूर का दुर्गावती डैम, राजगीर का ग्लास ब्रिज और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व… अब ये सिर्फ घूमने की जगहें नहीं, बड़े पर्दे की नई लोकेशन बनने जा रही हैं. बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने वाली नई नीति का असर जमीन पर दिखाई देने लगा है. दिसंबर से राज्यभर में 15 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग शुरू होने की तैयारी है. इन परियोजनाओं के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है. अब तक फिल्म शूटिंग में 200 करोड़ हुए खर्च पिछले कुछ सालों में बिहार का फिल्म कनेक्शन तेजी से मजबूत हुआ है. 2024 से अब तक राज्य में 45 से ज्यादा फिल्मों, वेब सीरीज और म्यूजिक प्रोजेक्ट्स की शूटिंग या निर्माण से करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है. इसका असर सिर्फ फिल्म सेट तक सीमित नहीं है. होटल, परिवहन, स्थानीय खान-पान, कलाकारों और तकनीकी टीम से जुड़े लोगों के लिए भी काम के अवसर बढ़ रहे हैं. इन फिल्मी कलाकारों ने दिखाई दिलचस्पी बिहार में शूटिंग को लेकर फिल्म इंडस्ट्री की दिलचस्पी बढ़ी है. सुनील शेट्टी, संजय मिश्रा, गोविंदा और सोनू सूद जैसे कलाकारों के राज्य में शूटिंग के लिए सहमति देने की बात सामने आई है. फिल्म निर्देशकों के मुताबिक बड़े सितारों वाली परियोजनाएं आने पर प्रोडक्शन बजट 100 करोड़ से लेकर 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. क्षेत्रीय सिनेमा के लिए सब्सिडी का प्रावधान नई फिल्म प्रोत्साहन नीति में भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है. जबकि हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों को 25 प्रतिशत तक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा राज्य में 75 प्रतिशत से ज्यादा शूटिंग करने वाली फीचर फिल्मों को प्रदर्शन में प्राथमिकता और हर एक श्रेणी में 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है. इन लोकेशन्स को किया गया सेलेक्ट जेपी गंगा पथ को कमर्शियल और गानों की शूटिंग के लिए पसंद किया जा रहा है. दुर्गावती डैम की प्राकृतिक खूबसूरती, वीटीआर के जंगल, राजगीर का ग्लास ब्रिज, नालंदा का वेणु वन और मुंगेर का भीमबांध फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं.

अब तक किसानों को 13.04 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण

रायपुर  प्रदेश में खेतों में बोनी का कार्य लगभग अंतिम चरण पर है। 22 सितंबर की स्थिति में राज्य के 48.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।  किसानों को 13.14 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 13.14 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। खेती का प्रारंभिक कार्य लगभग अंतिम चरण में है। राज्य में अब तक 48.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 99 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।  प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 17.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। जो चालू खरीफ सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। उक्त भंडारण के विरूद्ध राज्य के किसानों को 13.14 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 74 प्रतिशत है।    इसी प्रकार खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.58 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 93 प्रतिशत है।  प्रदेश में अब तक 1008.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मि.मी. अधिकारियों ने बताया कि 22 सितंबर सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 1008.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 1061.6 मि.मी. से 53.5 मिली मीटर कम है। गत वर्ष इसी अवधि में 881.4 मिली मी. वर्षा दर्ज की गई थी।  जरूरतमंद किसानों को 8125.51 करोड़ रूपये का निःशुल्क अल्पकालीन कृषि ऋण कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियत हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 21 सितंबर की स्थिति में 8125.51 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 6740.75 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।