samacharsecretary.com

पंजाब कड़ाके की ठंड की चपेट में, तापमान गिरा शिमला जैसा

पंजाब  पंजाब में सर्दियों ने अब पूरी तरह दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में तापमान लगातार गिर रहा है और ठंड बढ़ती जा रही है। प्रदेश में रातें ठंडी हो चुकी हैं और कई इलाकों में पारा सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 14 से 20 नवंबर तक का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूरे हफ्ते मौसम साफ और सूखा रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। कहां कितना तापमान रहा राज्य के उत्तरी जिलों जैसे पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर में रात का तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि बाकी इलाकों में यह 8 से 10 डिग्री के बीच रहेगा। दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सबसे ठंडे शहर की बात करें तो फरीदकोट 7.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं बठिंडा में तापमान 8°C, गुरदासपुर में 9°C और लुधियाना में 9.8°C दर्ज किया गया। तापमान में लगातार गिरावट मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री और गिरा, जो अब सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। वहीं बुधवार शाम को औसत अधिकतम तापमान में भी 0.2 डिग्री की कमी दर्ज की गई। फिलहाल, पंजाब के सभी शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है तथा लोगों को सुबह और रात के समय ठिठुरन का एहसास अधिक होगा। 

CBI का बड़ा एक्शन: रिश्वतखोर बैंक मैनेजर को 5 साल की जेल, 50 हजार का जुर्माना

लखनऊ  यूपी के लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत ने अंबेडकर नगर बसखारी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामस्वरूप मिश्रा को घूसखोरी के मामले में दोषी पाते हुए 5 साल की सश्रम कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 मार्च 2017 को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे बैंक ऑफ बड़ौदा, बासखरी शाखा से “कामधेनु योजना” के तहत 20 लाख 25 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋण की कुछ राशि उसके खाते में जमा भी हुई, लेकिन अचानक खाता संचालन रोक दिया गया। जब शिकायतकर्ता ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामस्वरूप मिश्रा से कारण पूछा, तो उन्होंने खाते को चालू करने के लिए 30 हजार रुपये की घूस मांगी। इसके बाद में बातचीत के दौरान उन्होंने 25 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करने पर सहमति जताई। राम स्वरूप मिश्रा को सीबीआई टीम ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम के रूप में हस्ताक्षरित खाली चेक स्वीकार करते समय रंगे हाथों पकड़ लिया और चेक बरामद कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद 31 मार्च 2017 को चार्जशीट दायर की गई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामस्वरूप मिश्रा को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। पुलिस पर फायरिंग के आरोपी की जमानत मंजूर वहीं एडीजे नीलकांत मणि त्रिपाठी की कोर्ट ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के आरोपी अनुज रावत की जमानत अर्जी साक्ष्य के अभाव में मंजूर कर ली है। आरोपी को 50-50 हजार की दो जामनतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने जमानत आदेश में कहा है कि मामले में आरोपी द्वारा चलाई गई गोली दारोगा के करीब से निकलना बताया गया है और पुलिस पार्टी के किसी सदस्य को कोई चोट आई हो ऐसी कोई रिपोर्ट पत्रावली पर नहीं है। साथ ही इस घटना और आरोपी के पास से बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। पत्रावली के अनुसार सुशांत गोल्फ सिटी थान प्रभारी उपेंद्र सिंह रिपोर्ट दर्ज कराई थी की वह अपनी टीम के साथ छह सितंबर को क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर एक मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया तो उस पर सवार लोग भागने लगे। भागन में बाइक समेत गिर गए, जिसमें एक फरार हो गया था तथा पुलिस से घिरे अनुज रावत ने गोली चला दी। इस पर जवाबी फायर किया तो आरोपी अनुज रावत के पैर में गोली लगी।  

हथकड़ी में जकड़ा पूर्व सरपंच, पुलिस ने सिर मुंडवाकर पूरे गांव में घुमाया—मचा हड़कंप

सोनीपत  सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में जिम से लौट रहे युवक अजय की हत्या मामले में पुलिस ने गांव पिपली के पूर्व सरपंच रामनिवास को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका सिर मुंडवाकर हाथों में हथकड़ी लगाई और उसे सड़क पर पैदल घुमाया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पुलिस ने अपराध के प्रति सख्त संदेश देने के लिए की है। हत्या का यह मामला गांव पिपली में प्लाट के विवाद से जुड़ा है।  ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले मृतक अजय और पूर्व सरपंच रामनिवास के बीच इसी विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था। सोमवार देर शाम जब अजय जिम से लौट रहा था, तभी स्कूल के पास दो गाड़ियों में आए हमलावरों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अजय को खरखौदा अस्पताल से रोहतक और फिर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी का पिता था मृतक ग्रामीणों ने बताया कि अजय शादी हो चुकी थी, जिसकी एक छोटी-सी बेटी है। परिवार में उसकी पत्नी, मां, बड़ा भाई और भाभी हैं। परिजनों ने बताया कि खेती के सहारे ही परिवार को गुजारा होता था।  इस मामले में पुलिस का कहना है कि हत्या पुरानी रंजिश के कारण की गई। आरोपी रामनिवास के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की जाएगी और आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्ते व पेंशन पर हुई बैठक

भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन भत्ते, पेंशन आदि के संबंध में गठित समिति की द्वितीय बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में विधायक सर्व अजय विश्नोई एवं  सचिन सुभाषचंद्र यादव उपस्थित रहे। समिति ने महाराष्ट्र, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ के राज्यों में विधायक एवं पूर्व विधायक को मिलने वाली वेतन भत्ते एवं पेंशन राशि पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति ने यह निर्णय लिया कि अगामी बैठक में मध्यप्रदेश के विधायकों/पूर्व विधायकों को मिलने वाली सुविधा पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा। समिति के सदस्य सचिव अपर मुख्य सचिव,  अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव वित्त, मनीष रस्तोगी, विधान सभा के प्रमुख सचिव  अरविन्द शर्मा एवं अपर सचिव  वीरेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।  

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0: मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का पसंदीदा गंतव्य बनाने की पहल एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में हुआ जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट इंदौर मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के अंतर्गत “एमपी जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट राउंडटेबल” का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर 25 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) शामिल हुए और राज्य की दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति को दिशा देने के लिए सार्थक चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश को जीसीसी के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। टियर-2 शहरों में उपलब्ध सुविधाएं जीसीसी के लिए सशक्त बिजनेस इको सिस्टम बनाने में सक्षम हैं।  दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां समर्पित जीसीसी नीति बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य में ड्रोन नीति के तहत ड्रोन डाटा रिपॉजिटरी विकसित की जा रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश एवं विकास को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर नीति के तहत व्यवसायों को सब्सिडी दी जा रही है और स्पेस टेक्नोलॉजी नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी इंदौर देश का एकमात्र संस्थान है जहाँ स्पेस टेक्नोलॉजी में बीटेक एवं एमटेक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने वाला अग्रणी राज्य है। देश के 10 प्रतिशत से अधिक गेमिंग आईपी क्रिएशन मध्यप्रदेश से हुए हैं, जो राज्य की तकनीकी क्षमता और टैलेंट की उपलब्धता को दर्शाते हैं। नीतिगत और प्रशासनिक सहयोग मध्यप्रदेश सरकार ने जीसीसी की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत एवं प्रशासनिक कदम उठाए हैं। संपदा पोर्टल के माध्यम से आसान रजिस्ट्री, लेबर लॉ में सरलीकरण, साइबर तहसील के माध्यम से विवाद निपटान, पेरोल सब्सिडी और पेटेंट असिस्टेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता और कार्बन क्रेडिट व्यवस्था जैसे पर्यावरणीय उपाय सकारात्मक बिजनेस इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने साझा किये विचार वेना इंडिया सेंटर हेड  गौतम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईआईटी इंदौर, MANIT भोपाल, और GSITS इंदौर जैसे संस्थानों की मौजूदगी से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाला टैलेंट पूल उपलब्ध है। उन्होंने जीसीसी के सशक्त विकास के लिए सीनियर लीडरशिप को आकर्षित करने का सुझाव दिया। वेना इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट  पार्थ सेन गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में वित्तीय क्षेत्र की विशेषता और संभावनाएं जीसीसी की स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। केपीएमजी के पार्टनर  गौरव कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश के टियर-2 शहरों में उत्कृष्ट टैलेंट पूल उपलब्ध है और यहां के युवा राज्य में ही रहकर काम करना पसंद करते हैं, जिससे टैलेंट की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित रहती है। एनटीटी डाटा के साइबर हेड  क्षितिज बंथिया ने कहा कि राज्य में कई जीसीसी पहले से सक्रिय हैं और यहां स्टार्टअप कल्चर को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है। जीसीसी में स्थानीय भर्ती को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ई एंड वाई एलएलपी के पार्टनर  आदित्य क्षेत्रपा ने कहा कि जीसीसी की स्थापना के साथ उसकी निरंतरता पर भी ध्यान देना आवश्यक है, जिससे कार्य त्वरित गति और कम लागत से हो सके। प्रदेश में सस्टेनेबिलिटी, प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। इन केंद्रों का उद्देश्य न केवल तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को सशक्त बनाना है, बल्कि रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर भी सृजित करना है।  

ईडी की बड़ी कार्रवाई: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति जब्त

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। धन शोधन के मामलों की जांच के तहत कार्रवाई ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में ₹59.96 करोड़ मूल्य की 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, ₹1.24 करोड़ की चल संपत्तियां बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में पाई गई हैं। यह कदम छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामलों की जांच के दौरान उठाया गया है। ईडी की कार्रवाई से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ईडी ने इन संपत्तियों को कुर्क किया     59.96 करोड़ रुपये मूल्य के 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां     1.24 करोड़ रुपये मूल्य की बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में चल संपत्तियां।     अनुसूचित अपराधों के माध्यम से अर्जित 2500 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी)। ईडी ने बताया- चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर थे ईडी के अनुसार पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर तैनात थे। मुख्यमंत्री के पुत्र होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और अंतिम अधिकारी बनाया गया था। वह सिंडिकेट की ओर से एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखते थे। ये धन (अपराध की आय या पीओसी) के संग्रह, चैनलाइजेशन और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों के तहत लिए जाते थे। चैतन्य बघेल को हुई अपराध की आय ईडी की जांच में यह पता चला कि चैतन्य बघेल के पास अपराध से हुई आय गई। इसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट व्यवसाय के माध्यम से बढ़ाया और बेदाग संपत्ति के रूप में पेश किया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त पीओसी का उपयोग अपनी स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना विट्ठल ग्रीन के विकास के लिए किया। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2025  को गिरफ्तार किया और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री की हो चुकी है गिरफ्तारी इससे पहले, इस मामले में अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन आबकारी मंत्री) को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने बताया कि 61.20 करोड़ रुपये की वर्तमान कुर्की, लगभग 215 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों की पूर्व में की गई कुर्की का ही एक हिस्सा है। आगे की जांच जारी है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया

जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई संवेदना, जनदर्शन में श्रवण बाधित रमन को दी त्वरित मदद

रायपुर संवेदनशीलता और जनसेवा का एक और उदाहरण पेश करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर निवासी रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल ने एक व्यक्ति की जिंदगी बदल दी रमन ने भावुक होकर कहा, “अब फिर से सुन पा रहा हूं।” ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी रमन निर्मलकर लंबे समय से श्रवण समस्या से जूझ रहे थे। कुछ महीनों पहले उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीदने में असमर्थ थे। ऐसे में जब वे मुख्यमंत्री जनदर्शन में पहुंचे और अपनी समस्या बताई, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना किसी देरी के तुरंत श्रवण यंत्र दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की पहल के बाद मौके पर ही उन्हें नया श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। यंत्र लगाने के कुछ ही क्षण बाद रमन की आंखों में खुशी के आंसू झलक उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी ने मेरी परेशानी को दिल से समझा। आज मैं फिर से सुन पा रहा हूं, यह मेरे लिए नई जिंदगी की शुरुआत है। उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जनदर्शन में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री स्वयं सुनते हैं और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश देते हैं।

सूरजपुर के नन्हे वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि: चार मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चुने गए

विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर आधारित है यह कार्यक्रम रायपुर, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के आदेशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों के लिए जोन स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं विज्ञान नाटिका प्रतियोगिताओं का आयोजन शा.बहु.उ.मा.वि. अंबिकापुर जिला सरगुजा में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में सूरजपुर जिले के चार विद्यार्थियों का बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 9 जोन के प्रतिभागियों का राज्य स्तरीय कार्यक्रम जशपुर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय जयपुर में 12 सितंबर 2025 से 15 सितंबर 2025 तक आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय विकसित और आत्मनिर्भर भारत है, जिसके अंतर्गत सात उप विषय सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं जल संरक्षण और प्रबंधन है। इस प्रतियोगिता में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर के छात्र अविनाश सिंह (कक्षा 12वीं) और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कारवां की छात्रा गीता सिंह (कक्षा 12वीं) का स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्रादर्श बनाने के लिए, नवल साय (कक्षा 10वीं) का सतत कृषि के लिए प्रादर्श बनाने एवं सेजेस जयनगर के छात्र मोहम्मद आसिफ अंसारी (कक्षा 8वीं) का उभरती हुई प्रौद्योगिकी के लिए प्रादर्श बनाकर प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए विचारों को तलाशने और विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। यह मेला विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर केंद्रित है जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों के रचनात्मक सोच, संचार कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

धीरेंद्र शास्त्री की बिगड़ी तबीयत, कल भी था 100 डिग्री बुखार

फरीदाबाद  हरियाणा में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का आज आखिरी दिन है। आज दोपहर बाद यात्रा बॉर्डर को क्रॉस कर यूपी में एंटर कर जाएगी। पदयात्रा के दौरान बड़ी खबर सामने आ रही है कि धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत फिर से खराब हो गई है। उन्हें सड़क पर ही लेटाया गया है। बता दें कि बीते दिन बुधवार को भी धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें 100 डिग्री बुखार था। वह सड़क पर ही लेट गए थे। डॉक्टरों ने उनका वहीं इलाज किया और उन्हें 2 दिन आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा नहीं रोकी, उसे जारी रखा।