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राजस्थान के कई इलाकों में झमाझम बारिश, IMD ने खराब मौसम को लेकर किया अलर्ट जारी

जयपुर  राजस्थान के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ हल्की से भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के एक प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े आठ तक पिछले 24 घंटे की अवधि में राज्य में सबसे अधिक 115 मिलीमीटर बारिश मनोहर थाना (झालावाड़) में दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान बांसवाड़ा के सलोपाट में 90 मिलीमीटर, जालौर के जसवंतपुरा में 80 मिलीमीटर और धौलपुर के सैपऊ में 70 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं इस दौरान राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर 10 से 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में शनिवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरोही में 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हवा में औसत आर्द्रता 65 से 100 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई।  

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी और शाहगंज नगर परिषद के पुरस्कारों के लिए नामित होने पर दी बधाई

भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा घोषित वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों में मध्य प्रदेश ने इस वर्ष भी अपनी विजय पताका फहराई है। प्रदेश के 8 शहरों को इस राष्ट्रीय आयोजन में सम्मानित किया जाएगा। विशेषकर बुधनी और शाहगंज नगर परिषद को पुरस्कारों को लिए नामित किया गया है। इस उपलब्धि पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता ही सेवा है…। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत’ का सपना जन-जन का संकल्प बन चुका है।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि हाल ही में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में बुधनी और शाहगंज को राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकित किया गया है। बुधनी नगर परिषद को सुपर स्वच्छ लीग सिटी की नई श्रेणी में कन्सीसटेंट परफार्मर के रूप में नामित किया गया है। यह उपलब्धि सतत प्रयास, जनभागीदारी और समर्पित प्रशासन का प्रमाण है। साथ ही, शाहगंज नगर परिषद को प्रेसिडेंशियल अवार्ड की प्रतिष्ठित श्रेणी में चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल नगर निकाय की प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग का भी उत्सव है। इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। आशा है कि आप आने वाले वर्षों में भी इसी तरह प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा शनिवार को वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें मध्य प्रदेश के आठ शहरों को आगामी 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में स्वच्छता लीग सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, देश और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी। मध्य प्रदेश के 8 शहरों में सुपर लीग श्रेणी में इंदौर, उज्जैन और बुधनी हैं। इस श्रेणी में सिर्फ वे शहर शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने पिछले तीन सालों में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो और उत्तरोत्तर प्रगति की संभावनाएं सृजित की हों। इसी प्रकार राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाले शहरों में भोपाल, देवास और शाहगंज शामिल हैं। इसके अलावा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर को उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिये सम्मानित किया जाएगा। कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग और ओडीएफ/ वॉटर प्लस के परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएंगे। वहीं, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रतिदिन पौधरोपण करने के संकल्प के क्रम में रविवार को भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्यजनों के साथ पौधरोपण किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि पेड़ लगाने का मतलब जीवन लगाना है, सांसें रोपना है, क्योंकि यही पेड़ हमें प्राणवायु देकर जीवन देते हैं। यह कोई साधारण कार्य नहीं, बल्कि असाधारण कार्य है। इसलिए मैं भी हर रोज पौधे लगाता हूं। उन्होंने कहा कि हमें यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित रखना है, तो पेड़ जरूरी है। पेड़ हमारे पर्यावरण को बचाते हैं और स्वस्थ पर्यावरण ही मानव जीवन को बचाएगा। मैं अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा को इस वृक्षारोपण के पुनीत कार्य के लिए हृदय से बधाई व धन्यवाद देता हूं। आइये, हम सब भी प्रत्येक विशिष्ट एवं शुभ अवसरों पर पौधरोपण का संकल्प लें और धरती को हरा-भरा बनाएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दुबई में अभूतपूर्व स्वागत, भारतीय समुदाय से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने माना आभार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दुबई पहुंचे। डॉ. यादव का भारतीय समुदाय के नागरिकों और उद्योगपतियों ने गर्मजोशी से अभूतपूर्व स्वागत किया। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मालवा क्षेत्र के पुराने साथी भी मिले, जिनसे मिलकर वे भावुक हो गए। ताज होटल में भारतीय समुदाय ने पलक-पांवड़े बिछाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आत्मीय और सरल व्यवहार ने सभी मेजबानों का दिल छू लिया। आत्मीय स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “दुबई में भारतीयों ने अपनी मेहनत, संस्कृति और संस्कारों से विशेष पहचान बनाई है। यूएई प्रवास के दौरान दुबई स्थित ताज होटल में भारतीय भाई-बहनों और युवाओं से भेंट कर हृदय आनंदित है। सभी की आत्मीयता के लिए हार्दिक आभार!” उन्होंने अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। यात्रा का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है। यह दौरा प्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आर्थिक विकास को गति देगा यह दौरा मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और सांस्कृतिक प्रचार के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ भी पहुंचाएगी। यह यात्रा राज्य को औद्योगिक और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।  

नकली होलोग्राम का खेल खत्म: आबकारी विभाग की कार्रवाई में बड़ी शराब खेप जब्त

रायपुर छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम केस में पूर्वआबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा जेल में हैं. इसके बावजूद भी नकली होलोग्राम छपवाकर उसी तरीके से अवैध कारोबार जारी है. 13 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने एक बार फिर रायपुर में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार किया है. टीम ने आरोपी के पास से 25 लीटर शराब जब्त की है, जिसे नकली होलोग्राम लगाकर बेंचा जा रहा था. इनमें से शोले ब्रांड की बोतलों पर स्टीकर भी नकली लगे मिले. जानकारी के मुताबिक आरोपी मनीराम टंडन ग्रैंड i10 कार (CG04MZ5272) में अभनपुर थाना अंतर्गत ग्राम चंडी में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेच रहा था. सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से टीम ने 25.92 बल्क लीटर नकली होलोग्राम युक्त देशी शराब जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 14,400 रुपये है. मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. 3 महीने में दूसरा मामला यह कोई पहला मामला नहीं है. बीते तीन महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें नकली होलोग्राम के ज़रिए अवैध शराब बेचने की कोशिश पकड़ी गई है. 22 मार्च को रायपुर में एक ढाबे और प्रिंटिंग शॉप पर छापा मारकर 40 हजार से अधिक नकली होलोग्राम स्टीकर, शराब बोतलों के लेबल और ढक्कन जब्त किए गए थे. इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि कुछ आरोपी बिहार फरार हो गए थे. 20 अप्रैल 2025 को इसी कड़ी में बीरगांव स्थित एक ढाबे में छापा मारकर संकटमोचन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से 1460 नकली होलोग्राम, 1100 शराब लेबल और 105 बोतल के ढक्कन मिले. पूछताछ में सामने आया कि नकली होलोग्राम का काम भिलाई निवासी संदीप के लिए किया जा रहा था, जिससे उसकी पहचान 2013-14 में सिलतरा की एक शराब भट्टी में नौकरी के दौरान हुई थी. इसके बाद टीम बीरगांव के एक प्रिंटिंग शॉप पर पहुंची, जहां गणेश चौरसिया को 371 शीट (करीब 40,000 स्टीकर) काटते पकड़ा गया. गणेश ने बताया कि यह प्रिंटिंग रंजीत गुप्ता के ऑर्डर पर की गई थी, जो रेड की सूचना मिलते ही फरार हो गया. जांच में यह भी सामने आया कि नकली होलोग्राम को सीरियल के अनुसार सेट करने और अलग-अलग प्रिंटिंग हाउस से टेम्पलेट्स प्रिंट कराने का काम संगठित तरीके से किया जा रहा था. अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी नकली होलोग्राम के ज़रिए देशी शराब की तस्करी कर रहे थे. हर महीने करीब 30 हजार नकली स्टीकर्स की खपत से सरकार को लगभग 24 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था. क्यों लगाया जाता है नकली होलोग्राम? जानिए क्या है पूरा मामला… होलोग्राम घोटाले में यह खुलासा हुआ कि नकली शराब को वैध दिखाने के लिए उस पर जाली होलोग्राम स्टीकर लगाए जाते थे ताकि स्कैनिंग में पकड़ न आ सके. नोएडा की PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) को इसके टेंडर का जिम्मा सौंपा गया, जबकि आरोप है कि यह कंपनी टेंडर के लिए योग्य नहीं थी, बावजूद इसके अधिकारियों ने शर्तों में बदलाव कर उसे चयनित किया. इसके बदले कंपनी के मालिक विधु गुप्ता से हर होलोग्राम पर आठ पैसे का कमीशन लिया गया. 3 मई को यूपी एसटीएफ ने विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी जैसे नामों का उल्लेख किया.

‘पुष्पा’ बनी हकीकत: ट्रक में बने गुप्त चैंबर से गांजा बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्त में

कवर्धा कबीरधाम पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक ट्रक से 120 किलो गांजा जब्त किया है। खास बात यह रही कि तस्करी के लिए ट्रक में बेहद चालाकी से ‘पुष्पा’ फिल्म की तर्ज पर एक गुप्त चैंबर तैयार किया गया था, जिसमें गांजे के 115 पैकेट छिपाकर उड़ीसा से राजस्थान ले जाया जा रहा था। पुबता दें कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह छवाई के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंकज पटेल और डीएसपी संजय ध्रुव के मार्गदर्शन में की गई। थाना चिल्फी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रक (नंबर RJ 14 GG 9595) में भारी मात्रा में गांजा लेकर उड़ीसा से कोटा (राजस्थान) की ओर तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और बारीकी से तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रक के केबिन और ट्रॉली के बीच बेहद पेशेवर तरीके से बनाए गए गुप्त चैंबर से गांजे से भरे 115 पैकेट बरामद किए गए, जिनका वजन करीब 120 किलो था। 2 अंतराज्यीय तस्कर गिरफ्तार पुलिस ने मौके से दो अंतराज्यीय तस्करों अकरम खान (उम्र 37 साल) और पप्पु सिंह (उम्र 32 साल) को गिरफ्तार किया है। दोनों राजस्थान के जिला झालावाड़ में स्थित हरनावदा पिया के रहने वाले है।प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे उड़ीसा से गांजा लेकर कोटा, राजस्थान जा रहे थे। ट्रक में खासतौर पर चैंबर बनवाया गया था ताकि गांजा आसानी से छिपाया जा सके और किसी को शक न हो। पुलिस टीम की सतर्कता से टूटी तस्करी की कड़ी इस कार्रवाई में निरीक्षक उमाशंकर राठौर, सउनि बीरबल साहू, आरक्षक इरफान खान, आंसू तिवारी, पप्पू पनागर, सुनील मेरावी, अजय चंद्रवंशी, सुभाष नौरंगे और हरजेंद्र रात्रे की अहम भूमिका रही। इन सभी की सतर्कता और पेशेवर अंदाज ने इस अंतराज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता दिलाई। ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इस सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की और कहा कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। कबीरधाम पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों को साफ संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।  

14 जुलाई 2025 को प्रदेश के आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों पर आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरों का आयोजन

भोपाल जनसमुदाय को उनके निवास के निकट स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने के उदेश्‍य से आयुष्‍मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों (शहरी एवं ग्रामीण), संजीवनी क्लीनिक्स एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है जिनके माध्‍यम से हितग्राहियों को समग्र प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें उपलब्‍ध कराई जा रही है। इन आयुष्‍मान अरोग्‍य मंदिरों पर 14 जुलाई को आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरो का आयोजन किया जा रहा है।  इन शिविरो के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्‍यक्ति तक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने का लक्ष्य है। इन शिविरो में विभिन्न रोगो की जांच, उपचार एवं आश्‍यकता पड़ने पर अन्य संस्थाओ में रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इनमें ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओ की जांच, षिषुओं, किषोरियों, वृद्धजनों की जांच, जिनमें दस्त रोग, निमोनिया, नेत्र विकार, मुख/दंत विकारो की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, नाक कान गले के विकारो की जांच, क्षय रोग की जांच तथा अन्य पैथोलॉजिकल जांचे, उपचार तथा आवष्यकतानुसार रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इन षिविरों में परिवार कल्याण, से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। 14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर के आयोजनो के संबंध में 7 जुलाई को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। इनके सफल आयोजन की जिम्मेवारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। शिविर की सघन निगरानी हेतु इन दिशा निर्देशों की सूचना कलेक्टर्स एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर में वर्ष 2018 से अबतक लगभग साढ़े बारह हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किये जा चुके है, जिनमें 9663 उपस्वास्थ्य केन्द्र, 1320 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 796 आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 557 शहरी स्वास्थ्य संस्थाये शामिल है। इन संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 2,06,36,313 स्वास्थ्य परीक्षण किये गये। पूर्व में जहां नागरिकों को ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर जैसी जांचो के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था। वही अब यह सुविधाएं नागरिको के 5 से 30 मिनट की दूरी पर उपलब्ध है।

तकनीकी कारणों से जयपुर-दुबई उड़ान में फिर देरी, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

जयपुर  जयपुर एयरपोर्ट पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ गया है। रविवार को जयपुर से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG-57 को तकनीकी कारणों से आखिरी वक्त पर 8 घटें 30 मिनट के लिए शेड्यूल करना पड़ा। इस बदलाव से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फ्लाइट SG-57 को सुबह 9:30 बजे जयपुर से दुबई के लिए रवाना होना था और दोपहर 12:55 बजे दुबई पहुंचना था। लेकिन दुबई से जयपुर आने वाली इनकमिंग फ्लाइट SG-58 में तकनीकी परेशानी के कारण देरी हो गई, जिसके चलते SG-57 को भी देर से उड़ान भरनी पड़ेगी। अब यह फ्लाइट शाम 6 बजे दुबई के लिए रवाना होगी। दुबई से जयपुर आने वाली फ्लाइट भी लेट स्पाइसजेट की दुबई-जयपुर फ्लाइट SG-58 भी निर्धारित समय से काफी पीछे चल रही है। इसे सुबह 3:40 बजे दुबई से उड़ान भरनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह फ्लाइट करीब 8 घंटे 20 मिनट की देरी से दोपहर 12 बजे रवाना हो सकी। अब इसके शाम 4:45 बजे जयपुर पहुंचने की संभावना है। एयरलाइन द्वारा अचानक किए गए शेड्यूल बदलाव से जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा। दुबई जाने वाले कई यात्री सुबह 7 बजे से ही एयरपोर्ट पर मौजूद थे, जिन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। यह पहली बार नहीं है जब जयपुर एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ हो। इससे पहले भी तकनीकी कारणों और संचालन बाधाओं के चलते कई फ्लाइट्स में देरी या रद्दीकरण की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष राकेश दास वैष्णव, विजय कुमार दास, राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, अंजना देवी वैष्णव, रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

श्रमिकों की भलाई के लिए उठाया कदम, ‘श्री पहल’ से जुड़ेगा स्वास्थ्य और जागरूकता का मिशन

भोपाल  श्रम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल के निर्देशानुसार श्रम विभाग श्रमिकों की भलाई और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री (Shramik Health, Rejuvenation, Education and Enterprise) नाम से नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम प्रस्तावित किए गए हैं। श्री के तहत मुख्य रूप से नशा न करने की पहल, दैनिक व्यायाम का महत्व और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आहार नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तंत्र के साथ संबल योजना, श्रम कल्याण योजनाएं एवं निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इन विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से राज्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी। श्री पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के सभी औषधालयों और चिकित्सालयों में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य संदेशों से अवगत भी कराया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के 42 औषधालयों और 5 चिकित्सालयों में एक साथ स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। भोपाल के सोनागिरी औषधालय, देवास अस्पताल, पीथमपुर औषधालय, मंडीदीप और अमलाई औषधालय में उच्च रक्तचाप और जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की गई। भोपाल केंद्र पर मुँह के कैंसर, मंदसौर और बुरहानपुर में मधुमेह, बिरलाग्राम नागदा में मधुमेह की बीमारी पर जानकारी दी गई। पीथमपुर में मोटापे के लक्षण, दुष्परिणाम और रोकथाम पर चर्चा हुई, वहीं रतलाम में मोटापा नियंत्रण और इंदौर के क्षय चिकित्सालय में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों पर जानकारी दी गई। प्रदेश की सभी ईएसआई इकाइयों में एक साथ आयोजित इस परिचर्चा से 1200 से अधिक श्रमिक लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, सीहोर जिला के महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी युवाओं को हाइपरटेंशन, डायबिटीज, दिनचर्या बदलाव और नियमित व्यायाम के महत्व पर जागरूक किया गया।

जिस रास्ते पर कभी भाजपा ने रोका था रास्ता, अब कांग्रेस ने किया चक्काजाम

खैरागढ़ आठ वर्षों से मौत के गड्ढों में तब्दील हो चुकी डोंगरगढ़-खैरागढ़ मुख्य सड़क पर रविवार को कांग्रेस ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. विरोध का नेतृत्व कर रहीं डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल खुद सड़क पर बैठ गईं. वर्षों से आवाजाही और विकास की राह रोक कर बैठी यह सड़क अब राजनीति का मंच बन चुकी है, जहां पहले भाजपा प्रदर्शन करती थी, अब वहीं कांग्रेस कर रही है. दरअसल, खैरागढ़ जिला मुख्यालय को धर्मनगरी डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली यह सड़क ढारा से सिदार खपरी तक इतनी जर्जर है कि सड़क में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है. बरसात में इन गड्ढों में पानी भरने से हादसों का डर बना रहता है. मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है. पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है. वहीं, विभागीय पत्राचार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. सरकारी कागजों में सड़क बनी रहती है, जमीनी हकीकत में गड्ढे और धूल उड़ती रहती है. गड्डों वाली सड़क बनी फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बीते पांच वर्षों में कांग्रेस की सरकार थी तो भाजपा ने इसी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, आज भाजपा की सरकार है तो कांग्रेस सवाल उठा रही है. इस बीच सड़क पर नारे बदलते गए, नेता बदलते गए, लेकिन गड्ढे वहीं के वहीं रह गए. यह सड़क अब जनता के लिए आवाजाही का मार्ग नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बन गई है. जब सत्ता में रहते हैं, तब फाइलें चुप रहती हैं, सड़कें टूटी रहती हैं. विपक्ष में जाते ही सड़कें भी याद आने लगती हैं, और जनता भी. इस सड़क पर गिरते संभलते लोगों के मन में अब सिर्फ एक सवाल है – सड़क कब बनेगी? या यह सड़क हमेशा सत्ता और विपक्ष की राजनीति में पिसती रहेगी, और जनता गड्ढों में गिरकर ही हर बार चुनावी वादे याद करती रहेगी?