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धोखाधड़ी केस में राहत: जावेद हबीब पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर रोक

 प्रयागराज सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है। दोनों के खिलाफ संभल के रायसत्ती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जावेद हबीब और उनके बेटे पर संभल के राय सत्ती पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। बाप-बेटे ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक अंतरिम रोक लगा दी है। गिरफ्तारी के लिए दी जा रही थी दबिश जावेद हबीब, अनोश हबीब के अलावा सैफुल नाम के शख्स के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। आरोप है कि 100 से अधिक लोग पीड़ित हैं, जिन्होंने मुनाफे के लालच में पैसा लगाया था. पुलिस ने जावेद हबीब और उनके पूरे परिवार के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है, ताकि कोई भी देश छोड़कर न भाग सकें पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जावेद हबीब के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर नोटिस भी चस्पा किया है। सभी मुकदमों की पुलिस विवेचना कर रही है। जावेद हबीब और उनके बेटे की तरफ से पेश वकील शिखर नीलकंठ, मोहित सिंह, अमित तिवारी ने पक्ष रखा। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डबल बेंच ने याचिका पर सुनवाई की गई। करोड़ों की धोखाधड़ी का है मामला जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में संभल के रायसत्ती थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इस धोखाधड़ी मामले में अब तक कुल 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोप है कि संभल के रॉयल पैलेस में सितंबर 2023 में जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने सेमिनार आयोजित किया था। इस सेमिनार में लोगों को दो से 20 लाख  रुपये तक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया था। दो साल बीतने के बाद न तो निवेशकों को कोई मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम अब तक लौटाई गई। धोखाधड़ी और ठगी के इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एफएलसी कंपनी में पैसा निवेश करने पर निवेशकों को 50 से 70% मुनाफे का लालच देकर ठगा है। निवेशकों ने ठगी के बारे में जानकारी होने के बाद रायसत्ती थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. 23 सितंबर को रायसत्ती थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। फिर उसके बाद लगातार मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी है।  

15 मौतों पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान: हादसे पर NHAI व राज्य सरकार को नोटिस

 राजस्थान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान के फलौदी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए, पर स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय विश्नोई की पीठ ने राजमार्गों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें, जिसमें राजस्थान के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित ढाबों और अन्य स्थापनाओं की संख्या एवं स्थिति का ब्योरा दिया जाए। इसके साथ ही अदालत ने सड़क की स्थिति के संबंध में भी रिपोर्ट तलब की। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एस. नाडकर्णी को मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया और निर्देश दिया कि राजस्थान के मुख्य सचिव को पक्षकार के रूप में शामिल किया जाए, ताकि वे मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें। राजस्थान सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर न्यायालय की हर प्रकार से सहायता करेगी। अदालत ने इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में हुए समान सड़क हादसे का भी संज्ञान लिया और निर्देश दिया कि आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को भी पक्षकार बनाया जाए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा और सड़क किनारे ढांचों के नियमन के लिए एक समन्वित नीति और दृष्टिकोण अपनाया जा सके।

भोपाल लकड़ी मार्केट में भीषण अग्निकांड, लाखों का व्यापार तबाह

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ओल्ड टिंबर मार्केट (लकड़ी मार्केट) में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई, जो इतनी भयावह थी कि पूरे चार घंटे तक धधकती रही. आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. टिंबर मार्केट से कुछ ही दूरी पर रेल ट्रैक होने के कारण इस अग्निकांड की संवेदनशीलता और अधिक थी. अगर आग रेल ट्रैक के पास तक फैल जाती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी या रेल यातायात प्रभावित हो सकता था.  टिंबर मार्केट में आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. भोपाल नगर निगम, भापाल फायर सर्विस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के कुल 40 से ज्यादा फायर टेंडर्स ने मिलकर आग पर काबू पाया. फायर फाइटर्स ने चार घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया. टिंबर मार्केट में सैकड़ों टन लकड़ी और उससे बने सामान जलकर खाक हो गए. टिंबर व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.  इलाके में कई टिंबर मिलें, आरा मशीनें और भारी मात्रा में लकड़ी का स्टॉक होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. जांच जारी है. भोपाल टिंबर मार्केट के ठीक पीछे से दिल्ली-चेन्नई रेलवे ट्रैक गुजरता है, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण रेलवे लाइनों में से एक है. आग की घटना से रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन आसपास के इलाके में धुएं और गर्मी का असर जरूर महसूस किया गया. फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आग लगने की इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और लेकिन कुछ लकड़ी व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है. भोपाल में पात्रा पुल के पास स्थित ओल्ड टिंबर मार्केट एक व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है, जहां लकड़ी के फर्नीचर और अन्य सामान बनते हैं. यहां आरा मशीनें हैं और लकड़ी के गोडाउन बने हैं. रविवार शाम करीब 7:30 बजे ऐसे ही एक लकड़ी के गोदाम से आग लगी, जो देखते ही देखते आसपास के कुछ गोदामों और आरा मशीनों को अपनी चनेट में ले किया. जिला प्रशासन के मुताबिक आग की इस घटना में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. 48 साल बाद शिफ्टिंग तय… पर डेवलपमेंट कछुआ चाल से यह टिंबर मार्केट करीब 48 साल पुराना है। धीरे-धीरे इस मार्केट के आसपास रहवासी इलाके बस गए। आरा मशीनों में हर साल आग की बड़ी घटनाओं को देखते हुए मेट्रो के बहाने इन्हें करीब 30 किलोमीटर दूर परवलिया के छोटा रातीबड़ में शिफ्ट करने का प्रोजेक्ट बना। इससे पहले आरा मशीनों को शिफ्ट करने के लिए करीब 50 बार प्रशासन स्तर पर चर्चाएं हो चुकी थीं। 8 लोकेशन देखी गईं। लंबी जद्दोजहद के बाद छोटा रातीबड़ में 18 एकड़ जमीन अलॉट की गई। यहां पर पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए मेट्रो कॉरपोरेशन ने साढ़े 5 करोड़ रुपए भी दे दिए। शुरुआती कुछ महीनों तक तो टेंडर की प्रक्रिया के बीच ही फाइल दौड़ती रही। जब काम की शुरुआत हुई तो वह कछुए की चाल जैसा चल रहा है। फिलहाल यहां पानी की टंकी और सड़क का बेस बन रहा है। इस काम को सितंबर तक पूरा करने का टारगेट था, लेकिन इसकी रफ्तार देखते हुए कहा जा सकता है कि अभी भी कम से कम छह महीने लगेंगे। ऐसे में शहर के बीच में बड़ा खतरा बरकरार रहेगा। सबसे पहले 2007 में उठी थी शिफ्टिंग की बात इन आरा मशीनों को छोटा रातीबड़ से पहले कबाड़खाना, ऐशबाग स्टेडियम के पास, गोविंदपुरा से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर और चांदपुर में शिफ्ट करने के प्रयास हुए थे, लेकिन बात नहीं बन सकी। करीब दो साल पहले पहली बार आरा मशीन संचालकों को नोटिस जारी कर छोटा रातीबड़ में शिफ्ट होने का ऑप्शन दिया गया। कहा गया कि वे शिफ्ट नहीं होंगे तो हटा दिया जाएगा। इसके बाद सभी संचालकों ने लिखित में दिया था कि वे शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। जमीन जिला उद्योग केंद्र को दी गई थी। फिर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MESE) ने टेंडर कॉल किए थे। आरा मशीनों की शिफ्टिंग के बारे में सबसे पहले साल 2007 में बात हुई थी। यानी इस मुद्दे को उठे ही 18 साल बीत चुके हैं। आरा मशीनों की वजह से ही अटका मेट्रो का दूसरा फेज भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन, एम्स से करोंद के बीच 14.99 किमी में बन रही है। एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी) के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम पूरा हो गया है और मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। इसी लाइन के दूसरे फेज सुभाषनगर से करोंद (8.77 किमी) तक का काम आरा मशीनों की वजह से अटका हुआ है। दरअसल, मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए कुल 108 में से 46 मशीनें पहले शिफ्ट होंगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से अंडरग्राउंड रूट का काम प्रभावित हो रहा है। आग लगने के बाद अब जल्दी शिफ्टिंग का दावा इस मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आरा मशीनों की शिफ्टिंग जल्द करने का दावा किया है। रविवार रात आग लगने की घटना के बाद वे भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया- छोटा रातीबड़ में जमीन डेवलप की जा रही है। जल्द ही काम पूरा करेंगे और फिर वहां टिंबर मार्केट को शिफ्ट कर देंगे।  

चुनाव का दूसरा चरण: दिग्गज नेताओं की साख दांव पर, एनडीए के 122 और महागठबंधन के 126 उम्मीदवार मैदान में

पटना 11 नवंबर यानी कल दूसरे चरण का मतदान होगा। 20 जिलों में 122 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। चुनाव प्रचार थम चुका है। प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से मिल रहे। अंतिम चरण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक के 122, महागठबंधन के 126 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 53, जदयू के 44, लोजपा-रामविलास 15, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार और हम के छह प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं राजद के 70, कांग्रेस के 37, वीआईपी के आठ, सीपीआई के चार, सीपीआई एमएल के छह और सीपीआई के एक प्रत्याशी के भाग्य का फैसला दूसरे चरण के मतदान में होना है। वहीं जनसुराज पार्टी के 120 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है… इस चरण में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, मंत्री विजेंद्र यादव, नीतीश मिश्रा, प्रेम कुमार, कृष्णनंदन पासवान, प्रमोद कुमार, शीला मंडल, लेशी सिंह, जयंत राज,  कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी की प्रतिष्ठा, राजद के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी, रालोमो के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता, कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, भाकपा माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम जैसे दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।   तेजस्वी बोले- बदलाव निश्चित है दूसरे चरण के मतदान से पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रथम चरण के बाद एनडीए खेमे में भारी गमगीन माहौल है। इस बार बदलाव निश्चित है इसलिए अधिकारी फ़ोन करने वाले का स्क्रीनशॉट तक हमें भेज रहे है। बिहार सरकार के ईमानदार अधिकारी बिना रिटायर्ड अधिकारियों के दबाव में आए संविधान सम्मत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। दो गुजराती येनकेन प्रकारेण बिहार पर कब्जा करना चाहते है। वो बिहार को अपना उपनिवेश बनाना चाहते है। बिहार की जनता संविधान विरोधी कार्य करने वाले बेगैरत बे-ज़मीर सत्ताधारी नेताओं को कड़ा सबक सिखाने के लिए एक पैर पर खड़ी है। गणतंत्र की जननी बिहार में इनकी वोट चोरी हरगिज नहीं चलेगी। जनता हर प्रकार से यानि हर प्रकार से इनकी वोट चोरी और लोकतंत्र की डकैती रोकने के लिए तैयार है। सम्राट बोले- एनडीए प्रचंड जीत हासिल करेगा बिहार की जनता पूरी तरह से एनडीए के साथ है। उन्होंने दावा किया कि 11 नवंबर को होने वाले मतदान में एनडीए प्रचंड जीत हासिल करेगा। तारापुर विधानसभा के प्रत्याशी सम्राट चौधरी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि 11 नवंबर को भारी संख्या में मतदान करें और विकास, सुरक्षा व स्थिरता के लिए एनडीए की सरकार दोबारा बनाएं। सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में रोजगार, शिक्षा और उद्यमिता को लेकर बड़े पैमाने पर काम हुआ है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। जनता तय करेगी कि राजा कौन बनेगा, न कि कोई परिवार।

इरफान पर गंभीर आरोप: बलात्कार, ब्लैकमेलिंग और गर्भपात का शिकार, पहचान छुपाने के लिए अपनाई ‘हैप्पी पंजाबी’ नाम

इंदौर इंदौर के विवादित जिहादी हैप्पी अली उर्फ हैप्पी पंजाबी उर्फ इरफान अली के खिलाफ 21 वर्षीय युवती ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन गर्भपात का केस दर्ज कराया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने अपनी असल पहचान छिपाई, नौकरी का झांसा देकर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया, फिर फोटो/वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। जिसके बाद जबरन शारीरिक संबंध बनाते रहा। यहां तक कि धार्मिक दबाव डाला गया। कलमा याद न करने वह उसे खूब पीटता था। मामले में पीड़िता ने करणी सेना की मदद ली। शिकायत पर विजयनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की आपबीती शिकायत के अनुसार पीड़िता मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है, उसने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह निपानिया में किराये के मकान में रहती है और मेकअप आर्टिस्ट का काम करती थी, मेरी मुलाकात मई 2023 में इरफान अली उर्फ हैप्पी अली से हुई थी, उसने अपना नाम उस समय “हैप्पी पंजाबी” बताया था। हैप्पी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर मुझे होटल में बुलाया और वहां कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश कर दिया। जब मैं सुबह उठी तो मेरे शरीर पर कोई कपड़े नहीं थे। तब मुझे पता चला कि हैप्पी ने मेरे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए विरोध किया तो जिहादी हैप्पी बोला तेरे अश्लील फोटो-वीडियो भी बनाये है। फोटो-वीडियो दिखाकर ब्लैकमेलिंग जिसके बाद से ही आरोपी मुझे डरा धमकाकर बार-बार ब्लैकमेल कर मेरे किराये के कमरे पर आता रहा और फोटो-वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। 2024 में हैप्पी मुझे कहीं लेकर जा रहा था। इसी दौरान उसका विजयनगर क्षेत्र में ऑटो चालक से झगड़ा हुआ था, तब मुझे पता चला कि वह हैप्पी पंजाबी नही बल्कि इरफान अली हैं। विरोध किया तो बोला मैं मुस्लिम हूं, तुझे भी मुसलमान बनना पड़ेगा। विजयनगर में ऑटो चालक से हुए विवाद के बाद में अपने घर राजस्थान चली गई। जनवरी 2025 में फिर से इंदौर आई तो हैप्पी मुझे फिर से संबंध बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव और ब्लैकमेल कर शारीरिक संबंध बनाने लगा। उसकी हरकतों के कारण में फिर से राजस्थान चली गई। इंदौर फिर आई तो परेशान ब्लैकमेल कर देवास ले गया वहां से जैसे तैसे कर इंदौर आई और घटना परिजनों को बताई। जिहादी हैप्पी अली ने मेरे साथ आखिरी बार अक्टूबर 2025 मे जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए हैं। एक दिन वह मुझे घर पर छोडकर कही गया तो मैं वहां से भागकर इंदौर आ गई। लोकलाज के डर से मैने अभी तक हैप्पी के खिलाफ रिपोर्ट नही किया था। मामले में पुलिस ने हैप्पी अली पर दुष्कर्म , ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण का दबाव सहित अन्य धारा में केस किया है। बार बार दुष्कर्म, फिर गर्भपात पीड़िता के मुताबिक, जून माह में मैं वापस इंदौर आई तो उसी माह के आसपास आरोपी मुझे देवास ले गया और वहां एक एकांत फ्लैट में बंद कर मेरे साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिस कारण मैं गर्भवती हुई, फिर मुझे कोई दवा देकर जबरन गर्भपात करवा दिया गया, जिससे मेरी सेहत खराब हो गई। पीड़िता के मुताबिक हैप्पी अली मुझे सिगरेट से दागता था, मारपीट करता था, जिससे मुझे सिर पर चोट और हाथ पर कट के निशान भी है। कलमा याद नही होने पर पीटता था पीड़िता ने दर्ज रिपोर्ट में यह भी बताया कि हैप्पी अली मुझे धर्म परिवर्तन कर निकाह का कहता। मुझे कलमा एवं मुस्लिम दुआ याद करवाता था। मुस्लिम दुआ याद नही होने पर मुझसे मारपीट करता था। मुझसे रोजे रखवाता था एवं मुझे बुर्का पहनने को कहता था। मैं मना करती थी तो कहता था तू मुझे जानती नहीं है, ज्यादा समझदार बनी तो मैं तुझे जान से खत्म कर दूंगा। ड्रग्स पार्टी जानकारी के मुताबिक, हैप्पी अली ड्रग्स की बड़ी पार्टियों का आयोजन इंदौर में बड़े पैमाने पर करता है और हैप्पी अली पर 15 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। उस पर जिला बदर , रासुका भी लग चुकी है। सूत्रों से जानकारी लगी है कि आरोपी अश्लील वीडियो बनाकर मासूम लड़कियों को ब्लैकमेल करने का काम भी करता है। 

विमान परिचालन सेवा का शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने किया स्टेट हैंगर से फ्लाइट संचालन

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद विमानतल परिसर, माना कैम्प के समीप स्टेट हैंगर के नियमित परिचालन का शुभारंभ किया। शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय अपने गुजरात प्रवास हेतु इसी हैंगर से रवाना हुए। स्टेट हैंगर के प्रारम्भ होने से राज्य में विशेष विमान द्वारा वीवीआईपी आगमन एवं प्रस्थान की व्यवस्थाएँ अब और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित हो जाएगी। इस पहल से एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम यात्रियों को होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी। उल्लेखनीय है कि स्टेट हैंगर का निर्माण वर्ष 2012 में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया था। तथापि, इसके परिचालन के लिए आवश्यक डीजीसीए (DGCA) और बीसीएएस (BCAS) की विभिन्न अनुमतियाँ हाल ही में 31 अक्टूबर 2025 को प्राप्त हुईं है। अनुमतियां मिलने के पश्चात अब हैंगर का नियमित परिचालन आरम्भ किया गया है। नवनिर्मित स्टेट हैंगर को टैक्सी वे ‘E’ के माध्यम से एयरपोर्ट रनवे से जोड़ा गया है, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट अधिक सुगमता से हो सकेगा और एयरपोर्ट परिसर के भीतर अलग व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। राज्य शासन के स्वामित्व वाले विमान एवं हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए भी यह नया स्टेट हैंगर उपयोग में लाया जाएगा। इससे अब एयरपोर्ट परिसर के भीतर स्थित किराए के स्टेट हैंगर पर निर्भरता समाप्त होगी। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, माना कैम्प नगर पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के उप सचिव सूरज साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

कल्चुरी कलार समाज सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री, रतनपुर को मिला 100 बेड अस्पताल और 1 करोड़ का सामुदायिक भवन

रायपुर : कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अटल वास्तव, मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर मती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है। जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जल्द: एमपी कैबिनेट आज प्रस्ताव को दे सकती है मंजूरी

भोपाल  .  लाड़ली बहना को अगली किस्त 1500 रुपए देने पर सोमवार को कैबिनेट में मुहर लगेगी। साथ ही सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल की अनिवार्यता के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है। अभी मप्र में 1.26 करोड़ लाड़ली बहना को हर माह 1250 रुपए मिलते हैं। सीएम ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपए करने की घोषणा की है। एमपी सीएम सिवनी में राज्यस्तरीय मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हितलाभ वितरण कार्यक्रम से 12 नवंबर को बहनों के खाते में 30वीं किस्त के 1500 रुपए ट्रांसफर करेंगे। बता दें कि, बहनों केा बढ़ी हुई राशि इसी माह से दी जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव गुजरात के केवड़िया प्रवास पर रहेंगे। इसलिए सोमवार को कैबिनेट होगी। रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा का शुभारंभ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा संचालन का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। रीवा से दिल्ली के लिए यह नई हवाई सेवा शुरू होगी, जिससे विंध्यवासियों को सीधे दिल्ली यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रीवा से इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा जल्द शुरू होने जा रही है। कैबिनेट इस प्रस्ताव को हरी झंडी देने के साथ ही प्रदेश की लाभार्थी महिलाओं के खातों में हर महीने 250 रुपये अतिरिक्त आएंगे। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने अक्टूबर में महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त भेजी गई थी। योजना की 30वीं किस्त 12 नवंबर को जारी की जा सकती है। विंध्य को हवाई सेवा की सौगात आज विंध्यवासियों के लिए एक बड़ा दिन है, क्योंकि रीवा से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह करीब 11:35 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस 72-सीटर उड़ान सेवा का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। इस सेवा के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के लोगों को देश की राजधानी तक पहुंचने के लिए एक तेज और सुगम विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, भविष्य में रीवा से इंदौर के लिए भी 72-सीटर हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।

लड़की ने चलती कार में किया शर्मनाक प्रदर्शन, सड़क पर बिना कपड़ों के सफर का वीडियो वायरल

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर चलती कार के गेट से लटककर एक लड़की के कपड़े उतारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। रफ्तार और रोमांच की सनक के साथ सड़क पर ऐसा नजारा देख लोग हैरान हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार कार से निकलकर अश्लील स्टंट करने वाली लड़की कौन है और उसने ऐसा क्यों किया इसका अभी तक पता नहीं चला है। वीडियो में दिख रहा है कि शहीद पथ पर एक कार तेज रफ्तार से फर्राटा भर रही है। कार के गेट का शीशा खोलकर लड़की उससे लटक गई और चलती कार में अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। लड़की की इस हरकत से पुलिस भी हैरान है। पुलिस अब इस मामले में ऐक्शन के लिए ऐक्टिव हो गई है। लड़की और कार में मौजूद रहे अन्य लोगों के बारे में पता लगा रही है। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेंद्र सिंह ने बताया कि कार का नंबर गाजियाबाद का है। नंबर के आधार पर कार और उसमें सवार लोगों की तलाश की जा रही है। रील बनाने के लिए कुछ भी करने का जुनून पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और इसमें सम्बधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई जरूर की जाएगी। वैसे, राजधानी के शहीद पथ पर इसके पहले भी रील बनाने के लिए अजीबो गरीब हरकतों के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई भी करती है लेकिन रील बनाने का जुनून ऐसा है कि आए दिन कोई न कोई यहां शूटिंग करता दिख जाता है। ऐसे वीडियो देखकर लोग अपने-अपने ढंग से इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। ज्यादा से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स के लिए रील बनाने वालों का जुनून कई बार सनक में बदल जाता है और ऐसे दृश्य सामने आ जाते हैं।

राजेश मिश्रा के परिवार की कुंडली में खुला राज: घर में मिले ढेरों नोट, पुलिस थक गई गिनते-गिनते

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ, जब किसी तस्करी के मामले में इतनी बड़ी रकम बरामद हुई कि नोट गिनने वालों के हाथ थक गए. पुलिसवालों को 22 घंटे लगातार बैठ कर पैसे गिनना पड़ा.  सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुन्दीपुर गांव में अचानक पुलिस की एक साथ कई गाड़ियां पहुंची. थाना प्रभारी के साथ भारी पुलिस बल एक पुराने पक्के मकान की ओर बढ़ा. सूचना थी कि यहीं से जेल में बंद राजेश मिश्रा अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है. राजेश मिश्रा वही नाम, जो कभी शराब, फिर जमीन और अब नशे के कारोबार से प्रदेश भर में कुख्यात हो चुका है. राजेश इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि उसका गिरोह वहीं से चालू था. जेल के भीतर से  डील फाइनल होती, और बाहर से उसका परिवार डिलीवरी और कैश की वसूली संभालता. 22 घंटे तक चली गिनती जब पुलिस ने राजेश मिश्रा के घर पर दबिश दी, तो सबसे पहले अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया. घर में रीना मिश्रा (राजेश की पत्नी), बेटा विनायक, बेटी कोमल, रिश्तेदार यश और अजीत मिश्रा मौजूद थे. जब दरवाजा खुलवाया गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने हर किसी को चौंका दिया.  कमरे में चारों तरफ काले पन्नियों में लिपटे नोटों के बंडल, गत्तों में पैक गांजा, और लोहे के ट्रंक में रखी स्मैक. एक कोने में इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन थी, जिससे साफ था कि गिरोह सिर्फ तस्करी ही नहीं, कमाई की गिनती का पूरा इंतजाम भी रखता था. पुलिस ने जब गिनती शुरू की तो 2,01,55,345 रुपये की नकदी बरामद हुई. इसके अलावा 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) मिली. जिसकी अनुमानित कुल कीमत  3 करोड़ रुपये से अधिक है. कहने को बस तीन घंटे का ऑपरेशन था, लेकिन नोटों की गिनती पूरी करने में 22 घंटे लग गए. फर्जी जमानत से लेकर करोड़ों की कुर्की तक छानबीन में सामने आया कि रीना मिश्रा और उसका बेटा विनायक मिश्रा, राजेश की जेल से रिहाई के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में जमानत करवा चुके थे. इस खुलासे के बाद उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि पहले भी इस परिवार की ₹3,06,26,895.50 रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. यह कुर्की भी राजेश और रीना के नाम पर दर्ज की गई थी. बावजूद इसके, गिरोह ने जेल से नेटवर्क चलाना जारी रखा. रीना मिश्र: घर बैठी माफिया क्वीन स्थानीय पुलिस के अनुसार, रीना मिश्रा सिर्फ नाम की गृहिणी नहीं थी. राजेश मिश्रा के जेल जाने के बाद उसने ही पूरा सिंडिकेट संभाला. गांव में उसका खौफ इस कदर था कि कोई भी उसके घर की ओर नजर उठाकर नहीं देखता था. लोगों का कहना है कि मकान में कभी-कभी ट्रक रुकते थे, फिर कुछ लोग आते-जाते दिखते थे. सबको मालूम था, मगर कोई बोलता नहीं था. रीना का रोल सिर्फ घर की देखरेख का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की बुक-कीपिंग का था. वह तय करती थी किस इलाके में कितना माल जाएगा और कितनी रकम वापस आएगी. जेल में बैठे राजेश से वह रोज़ बात करती, और उसी के कहने पर डील फाइनल करती थी. जेल की दीवारों के भीतर से चलने वाला नेटवर्क पुलिस के अनुसार, राजेश मिश्रा पहले से ही कई गंभीर मामलों में अभियुक्त है. जेल से बाहर उसकी कमान उसकी पत्नी और बच्चों के पास थी. वह फोन और मुलाकातों के ज़रिए गिरोह को निर्देश देता था कि कहाँ से माल मंगाना है, कहाँ सप्लाई करनी है, और कौन पुलिसकर्मी कब ड्यूटी पर होता है. पुलिस का कहना है कि गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था. बिहार और मध्य प्रदेश तक इसके तार फैले हुए हैं. प्रतापगढ़, प्रयागराज और कौशांबी के कई गांव इस नेटवर्क के रूट बने हुए थे. एसपी दीपक भूकर बोले- यह तो बस शुरुआत है पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ हमारी लंबी रणनीति का हिस्सा है. इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं, लेकिन अब इनके नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा. जो भी इसमें शामिल है, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त गिरोहों की फाइलें अब डिजिटल रूप से ट्रैक की जा रही हैं. कई बैंक खातों और संपत्तियों की जांच भी चल रही है. एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले गिरफ्तार अभियुक्तों पर एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है. फर्जी जमानत के मामले में भी पुलिस ने अलग एफआईआर की है.  गिरफ्तार अभियुक्तों की लिस्ट: – रीना मिश्रा, पत्नी राजेश मिश्रा (40 वर्ष) – विनायक मिश्रा, पुत्र राजेश मिश्रा (19 वर्ष) – कोमल मिश्रा, पुत्री राजेश मिश्रा (20 वर्ष) – यश मिश्रा, पुत्र अजीत कुमार मिश्रा (19 वर्ष) – अजीत कुमार मिश्रा, पुत्र पवन कुमार मिश्रा (32 वर्ष) सभी को मानिकपुर थाना पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया. सवा तीन करोड़ की बरामदगी  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. बरामद नकदी और ड्रग्स की कुल कीमत करीब ₹3 करोड़ 17 लाख है. इतनी भारी मात्रा में कैश की बरामदगी ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि राजेश मिश्रा का नेटवर्क सिर्फ नशे तक सीमित नहीं है. कई जगहों पर उसकी अंडरग्राउंड इन्वेस्टमेंट की जानकारी मिली है. कुछ को जमीन खरीद के नाम पर और कुछ को लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में छिपाया गया था. जांच टीमें अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाल रही हैं.