samacharsecretary.com

मुंबई में नाबालिग से गैंगरेप का मामला, पवई पुलिस ने छह लोगों को पकड़ा

मुंबई  मुंबई के पवई इलाके में 15 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ छह लोगों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि उन्होंने बताया कि घटना के 24 घंटे के भीतर ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि पीड़िता की ओर से शिकायत दायर करने के 24 घंटे के अंदर ही मुंबई पुलिस की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है। तस्वीर वायरल करने की धमकी पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 और 28 अक्टूबर के बीच की है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी अपने चार साथियों के साथ मिलकर नाबालिग को साकी विहार रोड पर एक बेकरी के पीछे खाली और सुनसान जगह पर ले गए। इसके बाद उसका शोषण किया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने पुलिस या अपने परिवार को इस बारे में बताया तो वे उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। पहले भी की थी छेड़छाड़ अधिकारियों ने बताया कि इसी मामले से जुड़ी एक और घटना में, एक अन्य आरोपी ने पवई में पाइपलाइन के पास पीड़िता को रोका और उसके साथ छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न किया था। इस घटना के बाद पीड़िता सदमे में आ गई। वो 29 अक्टूबर की सुबह अपने परिवार के साथ पवई पुलिस स्टेशन पहुंची और पुलिस को सारी बातें बताई। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने मामले की गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) और 74 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी। जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से किसी का भी पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।  इस बीच पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए मुंबई के केईएम अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सीनियर अधिकारियों की देखरेख में इस मामले की जांच चल रही है।

रिश्तों को किया शर्मसार! ममेरे भाई ने 13 साल तक युवती का किया यौन शोषण

नई दिल्ली दिल्ली के बाड़ा हिंदूराव इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ननिहाल में रह रही युवती के साथ उसका ममेरा भाई 13 साल से दुष्कर्म कर रहा था। पीड़िता जब छह साल की थी तब से यह सिलसिला शुरू हुआ और उसकी शादी के बाद तक जारी रहा। आरोपी की धमकियों से परेशान होकर उसने बाड़ा हिंदूराव थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा में केस दर्ज कर 22 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 19 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह परिवार के साथ मुंडका इलाके में रहती थी। वर्ष 2013 में जब वह छह साल की थी तो पिता की तबीयत खराब होने की वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। घर के हालात को देखते हुए मां ने उसे बाड़ा हिंदूराव स्थित ननिहाल में रहने के लिए भेज दिया था। ननिहाल में पीड़िता के सगे मामा का 16 साल का बेटा भी था। पीड़िता के अनुसार, ननिहाल में आने के कुछ ही समय के बाद ही ममेरे भाई ने उसका यौन शोषण करना शुरू कर दिया। वह उसे घुमाने के बहाने पार्क और अन्य स्थानों पर ले जाकर यौन शोषण करता था। वह बच्ची को जान से मारने की धमकी भी देता था। जब वह अपनी मां से घर आने को कहती थी, तो आर्थिक स्थिति की वजह से मना कर दिया जाता था। दवाओं से तबीयत भी बिगड़ी पीड़िता ने बताया कि 12 साल की उम्र होने पर उसके प्रेग्नेंट होने की आशंका थी, इसलिए आरोपी ने उसे जबर्दस्ती गर्भ निरोधक दवाएं खिलाना शुरू कर दिया। इसकी वजह से तबीयत भी खराब हो जाती थी, लेकिन डर की वजह से पीड़िता ने कभी किसी को घटना के बारे में नहीं बताया। यह सिलसिला चार-पांच साल तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी ने उसकी गंदी तस्वीरें और वीडियो भी बना ली। पीड़िता दो साल पहले जिद कर अपने घर चली आई, लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने उसे परेशान करना जारी रखा। वह जबरन दबाव बनाकर उसे मिलने के लिए बुलाता था। फिर परिजनों ने युवती की शादी कर दी। पति को संबंधों के बारे में बताने की देता था धमकी पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद भी आरोपी ने उसे परेशान करना जारी रखा। वह आए दिन पति को संबंधों के बारे में बताने की धमकी देता था। फिर तंग आकर पीड़िता ने अपने पति को 8 अक्टूबर को पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता 9 अक्टूबर को बाड़ा हिंदू राव पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां लिखित शिकायत दी गई। एसआई रेनू ने पीड़िता का बयान दर्ज कर जरूरी जांच आदि कराई। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया, लेकिन आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को 22 अक्टूबर को दबोच लिया।

भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद भड़का गुस्सा, लोगों ने थाने का किया घेराव; आरोपी को सौंपने की मांग

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ एरिया में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया है। शनिवार को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने बैरागढ़ से भोपाल और सीहोर की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों लोग जाम में फंसे रहे। भोपाल में 12 साल की बच्ची की निर्मम हत्या के बाद शनिवार को 3 घंटे विरोध प्रदर्शन हुआ। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।उनका कहना था कि पुलिस आरोपी मोबिन को फांसी दे या हमें सौंपे। हम उसे सजा देंगे। भीड़ ने थाने में जबरदस्ती घुसने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने थाने के गेट पर धक्का-मुक्की भी की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। वहीं वारदात वाली रात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बच्ची को ले जाते हुए और कुछ देर बाद अकेले निकलते हुए दिख रहा है। रात से लापता, सुबह खंडहर में मिला शव बता दें बैरागढ़ में 15 अक्टूबर यानी गुरुवार रात से लापता बच्ची का शव 16 अक्टूबर को कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला था। उसके सामने के दो दांत टूटे हुए थे। मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था। शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा, गला घोंटने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था। बताया जा रहा है कि उसने भी जुर्म कबूल कर लिया। थाने का घेराव के बाद अंदर घुसने का प्रयास गुस्साई भीड़ ने बैरागढ़ थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए, वे उसे खुद सजा देंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने थाने के दोनों मुख्य गेट बंद कर दिए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान भीड़ ने थाने के अंदर जबरदस्ती घुसने का भी प्रयास किया, जिसे पुलिस बल ने बाहर ही रोक लिया। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रही है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को सख्त सजा दिलाई जाएगी, लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हैं। बुलडोजर कार्रवाई के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग सड़क पर डटे प्रदर्शनकारियों और हिंदू संगठनों ने मांग की है कि आरोपी के अवैध मकान पर तुरंत बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज किया जाए। इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द से  प्रदर्शनकारियों की यह भी मांग है कि पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर आकर पीड़ित परिवार से मिलें और लिखित आश्वासन दें। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। 2 किमी तक जाम रहा भोपाल-सीहोर रोड प्रदर्शनकारियों ने भोपाल-सीहोर रोड पर जाम लगा दिया था। प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि आरोपी को बीच सड़क पर फांसी दी जाए। उसके मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। जाम के कारण करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही। एसीपी बोले- विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाएंगे मामले में एसीपी रत्नेश तोमर का कहना था कि पुलिस ने हत्या और बहला-फुसलाकर ले जाने सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर अतिरिक्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि बैरागढ़ में कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा इमारत में 13 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ था। मृतका के सामने के दो दांत टूटे हुए थे, मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था और शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। प्रारंभिक शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, लेकिन जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

क्वार्टर दिलाकर बढ़ाई नजदीकी, गेस्ट रूम में महिला से दुष्कर्म का आरोप

लुधियाना  लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए। पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं। महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है। शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी। सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। मदद के बहाने घर आने-जाने लगा क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए। विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है। 28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। 1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने कार्रवाई की शुरू महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।  

‘शादी के बाद सहमति की जरूरत नहीं?’ 12 साल पुरानी याचिका से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मैरिटल रेप का मुद्दा

नई दिल्ली करीब 12 साल पहले एक शादीशुदा महिला अदालत पहुंची. उसका आरोप था कि उसका पति उसकी इच्छा के खिलाफ बार-बार शारीरिक संबंध बनाता है. लेकिन जब उसने न्याय की मांग की तो उसके सामने एक कानूनी दीवार खड़ी हो गई. कानून कह रहा था कि अगर ऐसा काम पति ने अपनी पत्नी के साथ किया है, तो उसे बलात्कार (Rape) नहीं माना जाएगा. यहीं से शुरू हुई बहस दिल्ली हाईकोर्ट से होते हुए अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की नई तारीख तय करने से फिलहाल इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि पहले केंद्र सरकार का पक्ष रिकॉर्ड पर आने दें. लेकिन कोर्ट की अगली तारीख आने से पहले बड़ा सवाल यह है कि आखिर Marital Rape पर बहस खत्म क्यों नहीं हो रही? क्यों यह मुद्दा हर कुछ साल बाद फिर देश के सामने खड़ा हो जाता है?  दिल्ली हाईकोर्ट के जजों का फैसला भी बंटा था इन सवालों का जवाब जानने से पहले एक चौंकाने वाला तथ्य समझिए भारत में अगर कोई पुरुष किसी महिला की इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाता है, तो यह बलात्कार हो सकता है. लेकिन यदि वही महिला उसकी पत्नी है, तो भारतीय कानून में लंबे समय से एक अपवाद (Exception) मौजूद रहा है. यही "Marital Rape Exception" है, जिस पर पूरी लड़ाई टिकी हुई है. याचिकाकर्ताओं का सवाल है कि "अगर सहमति ही रेप और सेक्स के बीच का फर्क है, तो शादी के बाद सहमति की अहमियत कैसे खत्म हो सकती है?" इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जज भी एक राय नहीं बना पाए.  मार्च 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर विभाजित फैसला दिया. एक जज ने कहा कि वैवाहिक बलात्कार अपवाद संविधान के खिलाफ है. लेकिन दूसरे जज इससे सहमत नहीं थे।  जाहिर है कि अदालत के भीतर भी मतभेद था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. यहीं से साफ हो गया कि यह केवल कानून का मसला नहीं, बल्कि समाज और संविधान के बीच टकरा रहे दो विचारों का सवाल है. जो Marital Rape को अपराध बनाने की मांग कर रहे हैं, वे क्या कहते हैं? पक्ष में लोग ये तर्क देते हैं     शादी किसी महिला की शारीरिक स्वायत्तता खत्म नहीं करती.     संविधान सभी महिलाओं को समान सुरक्षा देता है.     सहमति (Consent) हर रिश्ते में जरूरी है.     पत्नी को कानून में कम सुरक्षा देना समानता के अधिकार के खिलाफ है. और विरोध करने वाले क्या कहते हैं?     दूसरा पक्ष कई चिंताएं उठाता है:     विवाह संस्था पर असर पड़ सकता है.     झूठे मामलों की आशंका बढ़ सकती है.     पति-पत्नी के निजी विवाद आपराधिक मुकदमों में बदल सकते हैं. 29 फीसदी महिलाएं हुई हैं शिकार भारत में Marital Rape के अलग अपराध का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता, इसलिए NCRB के पास इसका सीधा डेटा मौजूद नहीं है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शादीशुदा महिलाओं के खिलाफ यौन या शारीरिक हिंसा का कोई अंदाजा ही नहीं लगाया जा सकता. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) की रिपोर्ट बताती है कि 18 से 49 वर्ष की आयु की करीब 29 फीसदी विवाहित महिलाओं ने अपने जीवन में कभी न कभी पति द्वारा शारीरिक, यौन या भावनात्मक हिंसा झेलने की बात कही. इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जिन महिलाओं ने यौन हिंसा की शिकायत की, उनमें अधिकांश मामलों में आरोपी कोई अजनबी नहीं बल्कि उनका अपना पति था. यही आंकड़े बताते हैं कि Marital Rape पर बहस अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे वर्षों से मौजूद एक सामाजिक वास्तविकता है, जिस पर अब कानूनी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।  दूसरी तरफ कानून की किताब में ऐसे मामलों को अलग अपराध की श्रेणी नहीं मिली हुई है. यही विरोधाभास इस पूरी बहस का केंद्र है. सुप्रीम कोर्ट के सामने भी मूल प्रश्न यही है कि अगर किसी महिला की सहमति के बिना सेक्स अपराध हो सकता है, तो क्या विवाह उस सहमति को स्थायी रूप से मान लेने का आधार बन सकता है? घर की चारदीवारी के भीतर भी होती है हिंसा अगर NCRB के व्यापक आंकड़ों को देखें तो भी एक तस्वीर सामने आती है. महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों में हर साल सबसे बड़ी हिस्सेदारी 'पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता' (IPC 498A) से जुड़े मामलों की रहती है।  दूसरे शब्दों में कहें तो महिलाओं के लिए खतरा हमेशा सुनसान सड़क या किसी अजनबी से नहीं जुड़ा होता, कई बार वह उसी व्यक्ति से जुड़ा होता है जिसके साथ वह अपना जीवन साझा कर रही होती है।  यही वजह है कि Marital Rape की बहस केवल कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं रह जाती. यह बहस उस बुनियादी प्रश्न में बदल जाती है कि भारतीय समाज विवाह को कैसे देखता है. यह भारतीय समाज की उस सोच से जुड़ा है जहां शादी को कभी अधिकार, कभी जिम्मेदारी और कभी पवित्र संस्था के रूप में देखा जाता है. लेकिन नई पीढ़ी एक अलग सवाल पूछ रही है कि "क्या किसी भी रिश्ते में, चाहे वह शादी ही क्यों न हो, सहमति से बड़ा कुछ हो सकता है?" शायद इसी सवाल का जवाब आने वाले वर्षों में भारत के कानून और समाज दोनों को तलाशना होगा। 

मोहाली में बिजनेस वुमन से दुष्कर्म का मामला, सोशल मीडिया पर आरोपी से हुई थी दोस्ती

मोहाली  मोहाली की सोशल मीडिया ब्लॉगर एवं बिजनेस वुमन के रेप केस की शिकायत कॉपी सामने आई है।‌ शिकायत के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे विश्वास जीतकर नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद उसके फ्लैट पर आया और गन पॉइंट पर रेप किया। ब्लॉगर के बताया कि आरोपी ने अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। शनिवार (5 सितंबर) को ब्लॉगर मोहाली कोर्ट में पेश हुई। उसने पुलिस जांच पर नाराजगी जताई है। उसका आरोप है कि अदालत के निर्देशों के बावजूद जांच के दौरान उससे संपर्क नहीं किया गया। ब्लॉगर का कहना है कि उसे कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। ब्लॉगर के वकील एचएस धनोआ ने कहा कि हमने केस की अनट्रेस कॉपी लेने के लिए अप्लाई किया है। अब इस मामले में कानूनी जंग लड़ेंगे। शिकायत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की 5 अहम बातें…     सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती: पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मैं बिजनेस वुमन और सोशल मीडिया ब्लॉगर हूं। आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल मुझसे सोशल मीडिया पर संपर्क में आया था। मेरे ब्लॉग में धीरे-धीरे दिलचस्पी बढ़ाकर मेरे से नजदीकियां बढ़ाईं और विश्वास जीता।     ऑर्डर देने के बहाने आकर रेप किया: 27 नवंबर 2025 को आरोपी सामान ऑर्डर करने के बहाने मेरे फ्लैट पर आया। इसके बाद मेरे इनकार करने के बाद आरोपी ने गन पॉइंट मेरे से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। इसके बाद मैं डर गई। मैंने इस संबंधी शिकायत दर्ज नहीं करवाई। मैंने उससे अपने आप को बहुत दूर कर लिया।     अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी: 2 महीने बाद जनवरी 2026 में आरोपी ने मुझे दोबारा फोन व स्नैपचैट पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। साथ ही धमकी दी कि उसके पास मेरे अश्लील वीडियो व फोटो हैं। अगर मैंने उसकी बातें नहीं मानीं तो उसे वायरल कर देगा।     वर्क प्लेस पर पहुंचा, गालियां दीं: इसके बाद आरोपी अपने अज्ञात साथियों, ड्राइवरों व बॉडीगार्ड व सरकारी सिक्योरिटी मुलाजिमों सहित मेरे वर्क प्लेस पर आया। आरोपी ने मुझे गालियां निकालीं, डराया और जान से मारने की धमकियां दीं।     दोबारा फिर तंग किया तो पहुंची पुलिस तक: 25 अप्रैल को आरोपी ने स्नैपचैट पर कॉल कर मुझे अपने फ्लैट पर जाने व शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। साथ ही उसने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गैंगस्टरों से संबंधी धमकी दी। इसके बाद उसी दिन शाम को आरोपी ने मेरी ईमेल आईडी पर धमकी भरे अश्लील मैसेज भेजे। इसके बाद मैंने हिम्मत कर अपनी सारी बात वकील को बताई। इसलिए उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए। जांच की सर्टिफाइड कॉपी की मांग की पुलिस ने 24 जुलाई को अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अदालत में बयान दर्ज करवाने के लिए पेश नहीं हो रही थी। अब पीड़िता ने अदालत पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उसके वकील धनौआ के अनुसार, पुलिस जांच की सर्टिफाइड कॉपी मांगी गई है। कॉपी मिलने के बाद अनट्रेस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी। कोर्ट ने जून में गाड़ी रिलीज करने के दिए थे आदेश मामले में अदालत ने 16 जून को उस गाड़ी को रिलीज करने के आदेश जारी किए थे, जिसे पुलिस ने केस प्रॉपर्टी बनाया था। मोहाली पुलिस की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि जांच के दौरान अब इस गाड़ी की जरूरत नहीं है। अदालत ने शर्तों के साथ गाड़ी रिलीज करने के आदेश दिए थे। इसमें कहा गया था कि जांच अधिकारी या अदालत जब भी गाड़ी पेश करने को कहे, उसे तत्काल पेश करना होगा। इसके अलावा गाड़ी की ऑनरशिप, रंग या किसी अन्य तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

बंगाल में रेप आरोपी एनकाउंटर में ढेर, महुआ मोइत्रा भड़कीं; पुलिस कार्रवाई पर छिड़ी सियासी बहस

 बारुईपुर  पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी। बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।' अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं। आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।' शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी। एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा  बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।'' न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।" बोरी में मिला था लड़की का शव आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच … Read more

पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार मौलवी, एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी से रेप और जबरन धर्मांतरण मामले में गिरफ्तारी

नागपुर   महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के साथ मारपीट, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का तीसरा आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद, जो लंबे समय से फरार चल रहा था, बुधवार देर रात सोनेगांव पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मौलाना को आज यानी गुरुवार (18 जून) को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी। दरअसल, वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के कथित धर्म परिवर्तन और दुर्व्यवहार का सनसनीखेज मामला इस सप्ताह की शुरुआत में सामने आया था। महिला ने अपने एक पुराने सहपाठी और उसके साथियों पर बलात्कार, ब्लैकमेल, काला जादू और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्य आरोपी अय्याज मदारे उसका साथी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। वहीं गिरफ्तार मौलवी ने धर्मांतरण और निकाह में सक्रिय भूमिका निभाई थी । पूछताछ में होगा खुलासा मौलाना को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस का कहना है कि इससे पूछताछ के दौरान और भी जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस अब निकाहनामा ( विवाह प्रमाण पत्र) प्राप्त करने और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे। वे यह भी पता लगाएंगे कि क्या अन्य महिलाओं को भी इसी तरह जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था। क्या है पूरा मामला एफआईआर के अनुसार, 8 फरवरी, 2025 को एक होटल में हुई बैठक के दौरान, अयाज ने 24 वर्षीय महिला के पेय में मादक पदार्थ मिला दिया। इसके बाद महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे। वीडियो और तस्वीरों के आधार पर महिला को ब्लैकमेल किया और धमकी दी कि वह वीडियो उसके पति को भेज देगा और उन्हें सोशल मीडिया पर फैला देगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया और उससे लगभग 4 लाख रुपये जबरन वसूले गए। वीडियो में महिला रोती हुई और आरोपी अयाज मदारे से उसे छोड़ने की गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में महिला को " छोड़ो मुझे " कहते हुए सुना जा सकता है, जबकि अयाज जबरदस्ती उसके हाथ पकड़े हुए धार्मिक मंत्रों का जाप कर रहा है और बार-बार उस पर फूंक मार रहा है। महिला खुद को छुड़ाने के लिए संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि बाद में उसे धर्म परिवर्तित घोषित कर दिया गया और उसके बाद उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया गया। एफआईआर में महिला ने आरोप लगायै कि अयाज उसके लिए अक्सर एक प्लास्टिक की बोतल में कोई तरल पदार्थ भरकर लाता था और उसे जबरदस्ती पिलाता था। इसके बाद वह कथित तौर पर उर्दू में कुछ बुदबुदाता था, उसके चेहरे पर फूंकता था और कहता था कि यह सम्मोहन और काला जादू है, फिर उसके साथ बलात्कार करता था। 31 मई को मदारे और उसके साथी ने महिला को जबरन कलमेस्वर ले गए। वहां, तीसरे आरोपी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव के हजरत मौलाना ने धार्मिक अनुष्ठान किए और महिला को जबरन कुबूल है कहने के लिए मजबूर किया ताकि वह इस्लाम धर्म अपना ले। महिला का कहना है कि यह सब उसके इच्छा के विरुद्ध किया गया था। अनुष्ठान के बाद, मौलाना ने घोषणा की कि महिला ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और उसका अयाज के साथ निकाह हो गया है।

कलमा पढ़ाने के बहाने साजिश? एयरफोर्स अफसर की पत्नी ने लगाए रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप

छिंदवाड़ा   मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के एक मौलाना का बड़ा कांड सामने आया है। यहां आरोप मौलाना ने एक एयरफोर्स अफसर की पत्नी को जबरन कलमा पढ़ाया और दोस्तों के से पीड़िता को ब्लैकमेल करके दुष्कर्म करवाया। आरोप है कि मौलाना और उसके साथियों ने महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर लगभग सवा तीन लाख रुपए ऐंठे हैं। फिलहाल छिंदवाड़ा का रहने वाला आरोपी मौलाना पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके दो सहयोगी गिरफ्तार हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता महाराष्ट्र के नागपुर में भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की पत्नी है। उसने पुलिस में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय पीड़िता नागपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। पति नौकरी के कारण अकसर दूसरे शहर में रहते थे। फरवरी 2025 में पीड़िता के पुराने सहपाठी अयाज ताज मदारे ने जमीन खरीदने की इच्छा जताई और बात करने के लिए वर्धा रोड स्थित एक होटल में बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि होटल में बातचीत के दौरान आरोपी ने उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिसके बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बना लिए। जब पीड़िता को होश आया तो उसे अपने साथ हुई हैवानियत की जानकारी लगी। उसका आरोप है कि आरोपी यही नहीं रूका उसने बाद में उसकी वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला पीड़िता के मुताबिक, आरोपी कई महीनों तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसने उससे कई बार पैसे लिए। थोड़े थोड़े करके आरोपी ने उससे लगभग 3 लाख 9 हजार रुपये वसूले गए। हद तो तब हो गई जब मई 2025 में आरोपी ने महिला को नागपुर के समीप कलमेश्वर क्षेत्र बुलाया। वहां उसकी मुलाकात अमीन शेख और छिंदवाड़ा के रहने वाले एक मौलाना से करवाई। तीनों ने मिलकर उससे कलमा पढ़वाया गया और धर्म परिवर्तन का दवाब बनाया। इस दौरान कई तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियां कराई गईं। महिला का आरोप है कि उसकी यह सब उसकी इच्छा के विरुद्ध किया गया और उसे मानसिक रूप से डराने का प्रयास किया गया।  

धर्म बदलवाने का दबाव और हैवानियत की हदें, पति-पत्नी की साजिश का सनसनीखेज मामला आया सामने

कैमूर बिहार के कैमूर में धर्मांतरण के लिए रची गई खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है. दरअसल कैमूर में एक मुस्लिम कपल ने धर्मांतरण के लिए एक महिला को निशाना बनाकर बेहद घिनौनी साजिश रची. महिला को कथित तौर पर नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब आरोपी महिला के साथ दुष्कर्म कर रहा था, तब उसकी पत्नी मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बना रही थी. इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हुआ।  क्या है पूरा मामला? मामला कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. पीड़ित महिला की शिकायत के अनुसार आरोपी एकराम अंसारी ने उसे नशीला पदार्थ दिया, जिससे वह अचेत हो गई. आरोप है कि बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. इस दौरान आरोपी की पत्नी शाहिदा बेगम मौके पर मौजूद रही और उसने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का खेल! पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी दंपति ने वीडियो को हथियार बना लिय. महिला को धमकी दी गई कि यदि उसने उनकी बात नहीं मानी और धर्म परिवर्तन नहीं किया तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा. लगातार मिल रही धमकियों और दबाव से परेशान होकर महिला ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।  पुलिस ने खोला साजिश का राज शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान सामने आया कि कथित दुष्कर्म और वीडियो रिकॉर्डिंग की घटना में पति-पत्नी दोनों की भूमिका थी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला को नशीला पदार्थ दिए जाने, दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोपों की जांच की गई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया।  दोनों आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी एकराम अंसारी और उसकी पत्नी शाहिदा बेगम को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।  इलाके के लोग हैरान! वहीं इस घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोग इस वारदात को लेकर स्तब्ध हैं. नशीला पदार्थ, दुष्कर्म, वीडियो रिकॉर्डिंग, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।