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सपा को शिक्षा पर बोलने का हक नहीं: डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा के नकल अध्यादेश को समाप्त करने वाली समाजवादी पार्टी को शिक्षा के विषय में बोलने का अधिकार नहीं है। डिप्टी सीएम रविवार को प्रयागराज पहुंचे थे। वह सर्किट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा शासन काल में राजनाथ सिंह शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार किया। नकल अध्यादेश लागू करके शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाया, लेकिन सपा की सरकार बनते ही इस अध्यादेश को  समाप्त करके शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया गया। सपा अपराध और माफियाओं के प्रति गंभीर है। शिक्षा के प्रति यह लोग गंभीर नहीं है। स्कूलों के मर्जर का मामला हाईकोर्ट में है। ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग के सवाल पर केशव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद चार राज्यों में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिसमें तीन राज्यों में कमल खिल चुका है। बिहार में भी भाजपा सरकार बनने जा रही है। इसके आगे भी जो विधानसभा चुनाव होंगे उसमें भी भाजपा जीत हासिल करेगी। साथ ही 2027 में यूपी में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। भाजपा पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गई है।  

माध्यमिक शिक्षा परिषद की ऑनलाइन हाजिरी पर सख्ती, शिक्षकों में असंतोष बढ़ा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों व छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर सख्ती बढ़ रही है। वहीं इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने अपनी नाराजगी दर्ज कराई है। साथ ही इस निर्णय को अव्यवहारिक बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव भगवती सिंह की ओर से हाल में सभी डीआईओएस को जारी निर्देश में कहा गया है कि कई विद्यालयों द्वारा नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जा रही है। ऐसे में सभी डीआईओएस सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य नियमित रूप से पहले घंटे में विद्यार्थियों व शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इसमें लोकेशन न मिलने की आ रही दिक्कत का समाधान कराया जाए। साथ ही नए नियुक्त व संबद्ध शिक्षकों का विवरण भी अपडेट कराएं। अव्यवहारिक आदेश को जल्द वापस लिए जाने की मांग दूसरी तरफ सख्ती बढ़ने पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे परिषद द्वारा जारी तुगलकी फरमान बताया है। संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल व संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा का व्यक्तिगत ध्यान इस तरफ आकर्षित किया है। उनसे तत्काल हस्तक्षेप कर इस अव्यवहारिक आदेश को जल्द वापस लिए जाने की मांग की है।  

राजनाथ सिंह को शोक: गुरु संतोष द्विवेदी का निधन, अंतिम संस्कार में हो सकते हैं शामिल

कानपुर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गुरु संतोष द्विवेदी हरिहर दास महाराज जी का कल रात निधन हो गया। पार्षद नीलम उमेश शुक्ला ने बताया कि वह अपनी बेटी अंजू मिश्रा और संगीता मिश्रा के साथ रहते थे। रात 8:00 बजे उनको 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल ले जाया गया था। जहां उनका निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी पाकर श्यामनगर स्थित आवास के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं पार्षद से लेकर पुलिसकर्मी के मौजूद दिखे। निधन की खबर पाकर श्यामनगर स्थित उनके आवास पर कुलपति विनय कुमार पाठक भी पहुंचे। उनकी आंखें नम रही। वहीं गुरु हरिहर धाम दास को डीप फ्रीजर में रखा गया। देर रात तक जप में महिलाएं भी शामिल रही। पार्षद ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने अपने शिष्यों को एक संकेत दिया था। कि यहां कोई परमानेंट के लिए नहीं आया है। हरि हरि का जप करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि छाती यहां पर किसी का एग्रीमेंट नहीं है। सबको हरे राम हरे कृष्ण का जप करते रहना चाहिए। गुरु जी की पत्नी मिथलेश द्विवेदी 22 जून 2021 को बीमारी से निधन हो गया था। आवास के बाहर लोग कर रहे जप गुरुजी संतोष द्विवेदी के निधन की खबर पाते ही दूर-दराज से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। भक्त आश्रम के बाहर बैठकर हरे राम हरे कृष्णा का जप लगा रहे हैं। इसमें महिलाएं और पुरुषों के चेहरे पर आंसू भी नजर आ रहे हैं। कार बाइक से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी श्याम नगर स्थित गुरु संतोष द्विवेदी के आवास के बाहर लोगों का पूरी रात हुज़ूम उमड़ा रहा। वहीं जिसको जानकारी लग रही है वह देर रात ही बाइक और कारों से आश्रम की ओर चल रहा था। भीड़ बढ़ती देख गार्ड को भेजा गया अंदर जिसको जानकारी लग रही थी वह आश्रम की ओर भागता नजर आ रहा था। वही आश्रम के अंदर भीड़ बढ़ती देख दो गार्ड को अंदर भेजा गया। साथ ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। अंजू रहती श्याम नगर बी ब्लॉक, संगीता बर्रा विश्वबैंक मृतक गुरु संतोष द्विवेदी की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी अंजू श्याम नगर स्थित बी ब्लॉक में रहती हैं। जबकि संगीता बर्रा विश्व बैंक में रहती हैं। मां के निधन के बाद दोनों बेटी अक्सर पिता की सेवा में चली आती थी। बिठूर के बैकुंठपुर में अंतिम संस्कार की चर्चा गुरु संतोष द्विवेदी के शिष्यों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार बिठूर के बैकुंठपुर में रविवार को किया जाएगा। हालांकि कितने समय किया जाएगा यह अभी तय नहीं हो सका था। दोनों तरफ लगाई गई बैरिकेडिंग, रोड की गई बंद घटना की जानकारी लगते ही लोगों के भीड़ जुटने लगी। इस दौरान एसीपी चकेरी अभिषेक पांडे ने फोर्स भेजा। वह देर रात स्वयं भी पहुंचे। इस दौरान वीरेंद्र स्वरूप स्कूल से लेकर मदर एंड चाइल्ड स्कूल तक बैरिकेडिंग लगा दी गयी। राजनाथ सिंह के आने की चर्चा हरिहर धाम दृष्ट हरिहर दास महाराज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के गुरु हैं। जिसको लेकर माना जा रहा है कि रविवार सुबह तक रक्षामंत्री भी शहर आ सकते हैं। उनके अंतिम संस्कार में वह शामिल होकर श्रद्धांजलि देंगे। गुरु जी के निधन से भक्तों में शोक गुरु संतोष द्विवेदी 80 के निधन से भक्तों में शोक है। एक महिला भक्त की अचानक तबीयत खराब हो गई। इस पर उनके बेटे उनको बाहर लेकर बैठे रहे और सांत्वना देते रहे। साथ ही हरे कृष्णा हरे राम और ओम नमः शिवाय की जब भी करते रहे। गुरु पूर्णिमा के दिन पार्क में बैठे रहे थे  गुरु पूर्णिमा के दिन पार्क के पास काफी देर तक वो बैठे रहे थे। इस दौरान गुरु संतोष द्विवेदी ने कहा था कि अगर जो भगवान की पूजा पाठ में रुचि रखता है। वह मेरे साथ प्रेम में जो रुचि नहीं रखता है उससे मेरे से कोई वास्ता नहीं वह मेरे आस-पास भटके भी नहीं। साथ ही उन्होंने कहा था कि कोई पास रहे, तो सीता राम, भगवान के भजन सुनते है तो तो पास है। पति-पत्नी में झगडा होने की बात पर 15 दिन की बात कही थी। 15 दिन में खतम गुरु संतोष द्विवेदी के शिष्य बताते हैं कि एक पति-पत्नी में एक बार झगड़ा हो रहा था। इस दौरान वह गुरु जी के पास पहुंचे तो गुरु जी उनकी ने पत्नी से भविष्यवाणी कर दी थी कि यह 15 दिन के मेहमान है और ठीक 15वें दिन की शाम को चार बजे उनकी मौत हो गई थी। दामाद जीके मिश्रा करा रहे थे इलाज श्याम नगर बी ब्लॉक में रहने वाली अंजू मिश्रा के पति दामाद जी के मिश्रा डॉक्टर हैं। उनके अंडर में सात जिले हैं। शिष्य बताते हैं कि दामाद उनका कानपुर से लेकर लखनऊ और अन्य प्रदेशों में भी इलाज कर रहे थे।

भारी बारिश बनी काल: बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 13 लोगों की जान गई, हालात गंभीर

लखनऊ मूसलाधार बारिश से आई तबाही से बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 13 लोगों की मौत हो गई। चित्रकूट में तीन, बांदा में दो और कानपुर देहात, उन्नाव, हमीरपुर में एक-एक की मौत हुई है। चित्रकूट में सबसे ज्यादा 100 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक अभी मूसलाधार बारिश जारी रहेगी। बुंदेलखंड समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में शनिवार को अच्छी बारिश हुई। इससे तापमान में भी एक से दो डिग्री की गिरावट महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अभी एक हफ्ते तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं कम तो कहीं मध्यम व तेज बारिश होती रहेगी। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश बुंदेलखंड क्षेत्र में दर्ज की गई। चित्रकूट में शनिवार शाम तक सबसे अधिक 216 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं कानपुर में 126 मिमी. और बांदा में 115 मिमी. बारिश दर्ज की गई। कानपुर समेत आसपास और पूर्वांचल के जिलों में शुक्रवार रात से झमाझम बारिश हुई। कई जगहों पर बारिश का पानी घरों में घुस गया। बिजली-बारिश से चित्रकूट में तीन, बांदा में दो, कानपुर देहात, उन्नाव और हमीरपुर में एक-एक की मौत हो गई। चित्रकूट में सबसे ज्यादा 100 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। पूर्वांचल में बिजली गिरने से पांच मौतें हुईं। बांदा में बदौसा थाना क्षेत्र के उतरवां शाहपुर के मजरा कल्लू पुरवा में शनिवार सुबह करीब बिजली गिरने से कच्चा मकान ढह गया। मां और दो बेटे मलबे में दब गए। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक बेटे को मृत घोषित कर दिया गया, बाकी दो का इलाज चल रहा है। कमासिन थाना क्षेत्र के दादौं गांव में बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई जबकि दो झुलस गए। बांदा में 24 घंटे में 46 एमएम बारिश दर्ज की गई। चित्रकूट के भरतकूप में कच्चे मकान की छत और पहाड़ी क्षेत्र में मकान की दीवार गिरने से दो की मौत हो गई। मानिकपुर क्षेत्र में नाले में बह जाने से किसान की मौत हो गई। महोबा में शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार दोपहर झमाझम बारिश हुई। नाला, नहर और रपटे उफना गए। 20 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। लोगों को 20 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। बारिश का पानी विद्यालयों व घरों में भर गया। इससे स्कूली बच्चों को भी परेशानी हुई। देर शाम तक 110 एमएम बारिश दर्ज की गई। हमीरपुर के कुरारा क्षेत्र के शिवनी गांव में धान की रोपाई कर रहे पांच मजदूरों पर बिजली गिर गई। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि चार झुलस गए। नदी-नाले उफना गए। कई गांव टापू बन गए। यहां 24 घंटे में 68 मिमी वर्षा दर्ज की गई। उन्नाव के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के अलौलापुर गांव में धान की रोपाई कर रहे यवक की बिजली गिरने से मौत हो गई। नरैनी (बांदा)। खेत में रखा हल और सामान लेने गया किसान रंज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से फंस गया। 10 घंटे बाद नाव से दमकल कर्मियों ने उसे टापू से बाहर निकाला। बिजली गिरने से पांच लोगों ने गंवाई जान भदोही/जौनपुर/चंदौली/आजमगढ़: पूर्वांचल के भदोही, चंदौली, आजमगढ़ और जौनपुर में शनिवार को बारिश के बीच बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। आठ लोग झुलस गए। भदोही जिले के समधा डीह निवासी राजकुमार यादव के खेत में शनिवार को मजदूर धान की रोपाई कर रहे थे। बारिश के बीच बिजली गिर गई। इसमें सुघरा देवी (45), रीता देवी (40), कैलाश यादव (17) और अंतिमा देवी (15) झुलस गई। सीएचसी में सुघरा देवी को मृत घोषित कर दिया गया। थियाडिल में डेहरिया में बिजली गिरने से कक्षा आठ की छात्रा सोनम और कक्षा 12 की छात्रा संध्या सरोज झुलस गई। सीएचसी में सोनम को मृत घोषित कर दिया गया। जौनपुर जिले के मछलीशहर क्षेत्र के जमालपुर गांव में शनिवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे बिजली गिरने से धर्मेंद्र यादव (28) की मौत हो गई। चंदौली जिले के कंदवा क्षेत्र के घोसवा गांव में बिजली गिरने से रेवसा गांव निवासी वंदना (24), सलेमपुर पौनी निवासी टोनी (17) और निराशा (40) झुलस गई। इलाज के दौरान निराशा की मौत हो गई। आजमगढ़ में बड़गहन गांव में बिजली गिरने से कैलाशी देवी (42) की मौत हो गई।

हर कोने में प्रगति की बयार, छत्तीसगढ़ बना विकास का केंद्र : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता ने हमें ऐतिहासिक समर्थन दिया और हमने सरकार बनते ही काम की शुरुआत कर दी। पहले ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का अवसर मिल रहा है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए हमारी सरकार ने किसानों को दो वर्षों की बकाया राशि सहित 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी शुरू की है। महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण के तहत चरण पादुका वितरण से लेकर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस तथा तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से गरीबों को धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पंचायतों में बैंकिंग सुविधा पहुंचाने का वादा किया था, जिसके तहत 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्रों की स्थापना हो चुकी है, और इसका जल्द ही विस्तार प्रदेश की सभी पंचायतों तक किया जाएगा। रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नक्सल मुक्त भारत अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने की समयसीमा तय की गई है, और हम नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत गांवों में तेज़ी से विकास कार्य कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से यह परिवर्तन संभव हो पा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आगे की दिशा पर केंद्रित अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए। कॉन्क्लेव ने शासन, सशक्तिकरण और नवाचार पर संवाद का एक प्रभावशाली मंच प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ के विजन को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।

हमला करने आए युवक खुद फंसे: ग्रामीणों ने पकड़कर किया न्याय अपने तरीके से

रामपुर रामपुर के जयतोली गांव में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब हरियाणा से आए चार युवकों ने गांव के दो परिवारों का दरवाजा खुलते ही मारना पीटना शुरू कर दिया। अचानक मारपीट के बाद दोनों परिवारों में चीखपुकार मच गई। इसके बाद ग्रामीणों ने चारों आरोपियों की घेराबंदी करके उन्हें पकड़कर बांध दिया। इसके बाद उनकी जमकर पिटाई की गई। जमीन पर बंधे पड़े चारों आरोपियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हरियाणा की इशिका नाम की महिला ने बताया कि वह जयतोली गांव के रहने वाले रतिपाल के साथ साल भर पहले आ गई थी। उसका पहले पति से रतिपाल का विवाद चल रहा है। इशिका के अनुसार रविवार तड़के हरियाणा के यमुनानगर के थाना सिटी क्षेत्र के जगादरी स्थित गंगानगर कॉलोनी के रहने वाले इशिका का पहला पति राहुल, उसका रोहित, राजू और शिवम् जयतोली गांव पहुंचे। आरोप है कि इन सभी ने भूलवश रतिपाल के घर की जगह इनके पड़ोसी रामगोपाल का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलते ही चारों युवक हमलावर हो गए और मारपीट शुरू कर दी। इसमें रामगोपाल के बेटा अर्जुन, उनकी पत्नी प्रीति और बेटी सोनम घायल हो गई। शोर-शराबा सुनकर रतिपाल और इशिका भी मौके पर आ गए। आरोप है कि चारों ने रतिपाल और इशिका को देखकर लोहे की रॉड और पाइप से मारना पीटना शुरू कर दिया। घटना के दौरान चीखपुकार मच गई। इसके बाद गांव के लोग इकट्ठे हो गए। मौके पर मारपीट को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने चारों युवकों की घेराबंदी करके उनके हाथ बांध दिए। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने चारों युवकों को ग्रामीणों से छुड़ाया। पकड़े गए हरियाणा निवासी राहुल ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी शादी इशिका से हुई थी। उसको रतिपाल नाम का युवक अपने गांव ले आया था। महिला इशिका के साथ इनका बेटा हर्ष (3) साथ ले आई थी। राहुल ने बताया कि  वह अपने बेटे हर्ष को लेने के लिए अपने तीन दोस्तों के संग जयतोली गांव पूछते-पूछते गया था। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। मारपीट में घायलों को सीएचसी इलाज के लिए भेजा गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि महिला को लेकर विवाद हुआ है। घायलों का उपचार कराया गया है। पूरे मामले की जांच कर तहरीर लेकर कार्रवाई की जाएगी।  

पर्यावरण संरक्षण की पहल: भोपाल में मूर्ति विसर्जन के लिए तालाबों की जगह नए घाट तैयार

भोपाल  भोपाल में गणेश उत्सव नवरात्रि की मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अब शहर के चारों दिशाओं में चार विसर्जन घाट बनाए जा रहे हैं। राजधानी भोपाल में गणेश उत्सव नवरात्रि की मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अब शहर के चारों दिशाओं में चार विसर्जन घाट बनाए जा रहे हैं। भोपाल की महापौर मालती राय नए विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर रही हैं। शुरुआती दौर में चार जगह का चयन किया गया है। जिसमें से नीलबड़, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा घाट के पास मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी।   एनजीटी ने लगाई है मूर्ति विसर्जन पर रोक  दरअसल भोपाल के तालाबों को प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड ने प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अगस्त के अंत में गणेश चतुर्थी और सितंबर में नवरात्र शुरू हो जाएंगे। ऐसे में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अभी से जगह की तलाश शुरू हो गई है। नगर निगम अधिकारियों के साथ मालीखेड़ी पहुंची महापौर मालती राय ने पुराने घाट को व्यवस्थित करने को कहा है। मालीखेड़ी पूरी तरह फाइनल, काम शुरू महापौर मालती राय ने बताया कि अभी मालीखेड़ी तो पूरी तरह फायनल है। यहां काम भी शुरू कर दिया गया है। शहर के चारों दिशाओं में विसर्जन घाट बनाए जाएंगे। जल्द ही तीन नए घाट भी तैयार हो जाएंगे। इसके लिए संजीव नगर, नीलबढ़ और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय कैम्पस में जगह देखी जा रही है। महापौर ने बताया कि संजीव नगर भी लगभग फायनल है। बीयू कैम्पस में विसर्जन घाट बनाने के लिए विश्वविद्यालय से चर्चा चल रही है। मंजूरी मिलते ही निगम घाट विकसित कर देगा। बैरागढ़ विसर्जन घाट पहले से विकसित बैरागढ़ विसर्जन घाट पहले से विकसित है। यह बड़ा तालाब से दूर है। वहीं मालीखेड़ी विसर्जन घाट में भी निगम पहले से विसर्जन की व्यवस्था करता आ रहा है। इसके अलावा प्रेमपुरा घाट पर एक नया घाट विकसित करने पर विचार चल रहा है। अभी तक यहां होता था मूर्तियों का विसर्जन पिछले साल तक नगर निगम ने शहर के प्रेमपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा डैम, आर्च ब्रिज, बैरागढ़ और मालीखेड़ी घाट पर ही प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था करता रहा है। भोपाल शहर की अलग-अलग क्षेत्र से हजारों छोटी बड़ी मूर्तियां इन घाटों पर विसर्जित की जाती थीं। इसे लेकर पुलिस प्रशासन और नगर निगम व्यवस्थाएं संभालने का काम करता था। अब देखना यह होगा कि सीमित कर घाटों में मूर्ति का विसर्जन किस तरह से किया जाएगा।  

प्रदेश की सबसे हाईटेक कैथ लैब हमीदिया में तैयार, जापान से आई मशीन से होगा इलाज आसान

भोपाल  भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक बाइ प्लेन कैथ लैब जापान से 7.7 करोड़ लागत से खरीदी जा रही है। अस्पताल में नई कैथलैब 1 सितंबर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक बाइ प्लेन कैथ लैब जापान से 7.7 करोड़ लागत से खरीदी जा रही है। वहीं अस्पताल में नई कैथलैब 1 सितंबर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। लैब शुरू होने से हृदय रोग के मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल के चिकित्सकों का दावा है कि जापान से आने वाली बाइ प्लेन कैथ लैब सबसे आधुनिक है। इस मॉडर्न कैथ लैब में किडनी पेशेंट भी बेफिक्र हो कर हार्ट की जांच करा सकेंगे। जाने क्या है मशीन की खासियत  1- इस मशीन से जांच करने के दौरान बेहद कम डाई की जरूरत पड़ती है। 2- मरीज की स्कैनिंग रिपोर्ट 3डी इमेज फॉर्म में आती है। जिससे ह्रदय व खून की नसों का बेहतर इमेज नजर आती है। 3- यह मशीन हार्ट में ब्लॉकेज से लेकर अन्य समस्या की सटीक जानकारी देती है। जिससे डॉक्टर का काम आसान बन जाता है। 4- जटिल सर्जरियां में भी मरीज में बेहतर रिजल्ट सामने आता है। 5- एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी के दौरान दी जाने डाई कम संख्या में दी जाएगी। तीसरी मंजिल में नई लैब तैयार गौरतलब है कि हमीदिया अस्पताल में यह आधुनिक कैथ लैब मशीन के लिए नए भवन ब्लॉक-1 की तीसरी मंजिल में नई लैब तैयार की गई है। जिसमें जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर इलेक्ट्रिकल काम पूरा हो चुका है। अब बाइ प्लेन कैथ लैब के आने का इंतजार है। जो 30 जुलाई को भारत और 10 अगस्त को हमीदिया अस्पताल पहुंचने की संभावना जताई गई है। मशीन को इंस्टॉल करने में एक हफ्ते का समय लगेगा, इसके बाद बचे हुए 13 दिन में अन्य जरूरी प्रक्रिया और ट्रायल चलेंगें।  

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 15 जुलाई से फिर चलाएगा लोकल मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनें

डोंगरगढ़  दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है. कोरोना काल में सुरक्षा कारणों से बंद की गई लोकल मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू होने जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 15 जुलाई से इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का निर्णय लिया है, जिससे दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, कटंगी, रायपुर, डोंगरगढ़ और बालाघाट समेत छोटे-बड़े स्टेशनों पर यात्रा करने वालों को काफी सहूलियत मिलेगी. सांसद संतोष पांडेय ने इसे यात्रियों के लिए सुखद समाचार बताते हुए कहा कि कोरोना काल के बाद इन लोकल ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को रोजाना आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. सांसद पांडेय ने कहा कि मैंने इस विषय को लेकर लगातार केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया और जून माह में हुई मंडल स्तरीय रेलवे बैठक में भी इन ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू करने की मांग प्रमुखता से रखी थी. आज यह मांग पूरी हुई है. इसके लिए यात्रियों को बधाई देता हूं. इसके साथ ही मैं केंद्रीय रेल मंत्री और रेलवे मंडल के अधिकारियों का आभार व्यक्त करता हूं. रेलवे प्रशासन ने बताया कि 15 जुलाई से गोंदिया-कटंगी, रायपुर-डोंगरगढ़, रायपुर-गेवरा रोड, तूमसर रोड-बालाघाट समेत 13 लोकल मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनें फिर से पटरियों पर लौटेंगी. 17 जुलाई तक सभी रूटों पर संचालन पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा. इन ट्रेनों के संचालन से कम किराये में यात्रा का विकल्प फिर से खुलेगा और यात्रियों को निजी वाहनों या बसों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी. साथ ही विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी.

किसानों से धोखाधड़ी, नकली बीज की सप्लाई पर मचा हड़कंप, प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई

शिवपुरी  शिवपुरी जिले में किसानों को नकली सोयाबीन बीज दिए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने जांच शुरू की है। बैराड़ में एक बीज दुकान सील कर बीज के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए। खेतों का निरीक्षण कर खराब अंकुरण के कारणों की जांच की जा रही है। शिवपुरी जिले में इस समय खरीफ सीजन में सोयाबीन सहित अन्य फसलों की बोवनी का कार्य तेज गति से चल रहा है। इसी बीच, कई किसानों को सोयाबीन और अन्य फसलों के नकली बीज दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कृषि विभाग द्वारा एक जांच टीम गठित की र्ग है, जो इन शिकायतों पर कार्रवाई कर रही है। गठित टीम ने पोहरी विधानसभा क्षेत्र के बैराड़, गाजीगढ़ और टोड़ा गांव में किसानों के खेतों में जाकर संबंधित बीज की जांच की। साथ ही बीज को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इस दौरान एक बीज विक्रेता की दुकान को भी सील किया गया है। दरअसल, जिले की बैराड़ तहसील के कुछ किसानों ने बीते दिनों सोयाबीन बीज के अंकुरण न होने की शिकायत जिला प्रशासन से की थी और बीज के नमूनों की जांच की मांग की थी। इसके बाद कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई। उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के नेतृत्व में गठित इस टीम ने मेसर्स राजौरिया कृषि सेवा केंद्र बैराड़ का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि विक्रेता बीज अनुज्ञप्तिधारी है तथा उसने अरिहंत एग्रो सीड्स, उज्जैन का प्रमाणित लगभग 150 क्विंटल सोयाबीन बीज किसानों को विक्रय किया था। बीज भौतिक रूप से सही पाया गया है। अंकुरण परीक्षण के लिए उसका नमूना प्रयोगशाला भेजा गया है। शिकायत के आधार पर खेतों में जांच उप संचालक, कृषि विभाग ने बताया कि शिकायत के आधार पर विक्रेता की दुकान सील की गई है। प्रयोगशाला परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शिकायत की विस्तृत जांच के लिए दल ने गाजीगढ़ एवं टोड़ा गांव के संबंधित किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि बुवाई के बाद हुई बारिश के कारण सोयाबीन बीज का अंकुरण प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर बीज की अधिक गहराई, जलभराव, और मिट्टी की ऊपरी सतह का कठोर होना जैसे कारण भी सामने आए हैं। जिन खेतों में मूंगफली एवं बाजरे की फसल बोई गई थी, उनकी स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर पाई गई।