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भोपाल समेत पूरे क्षेत्र में अब तक 4.45 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। साथ ही दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में अब तक 4 लाख 45 हजार 644 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्त में 2 लाख, 52 हजार 772 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्ता संतुष्ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। अक्टूबर माह का बिल जो कि नवंबर माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।  

रामनगरी अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव की तैयारी, होटल-हाउसिंग पूरी तरह भरी और श्रद्धालुओं का उमड़ता हुजूम

 अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम की पावन नगरी इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के रंग में पूरी तरह रंगी हुई है. श्रीराम मंदिर के शिखर पर होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह ने पूरे शहर को एक भव्य उत्सव स्थल में बदल दिया है. इस आयोजन को लेकर अयोध्या में देशभर से श्रद्धालुओं, संतों और विशिष्ट अतिथियों का आगमन लगातार जारी है, जिसके कारण शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और होमस्टे पूरी तरह हाउसफुल हो चुके हैं. 20 नवंबर से 30 नवंबर तक एक भी कमरा खाली नहीं स्थानीय होटल संचालकों के अनुसार, 20 नवंबर से 30 नवंबर तक अयोध्या में एक भी कमरा खाली नहीं है. चाहे दो या तीन सितारा होटल हों या लग्जरी होम स्टे हर जगह ‘हाउसफुल’ का बोर्ड टंगा हुआ है. यहां तक कि मंदिर क्षेत्र से दूर के इलाकों में भी कमरे महीनों पहले बुक हो चुके हैं. राम मंदिर का गेट नंबर 11, जिसे विशेष रूप से वीवीआईपी प्रवेश द्वार के रूप में तैयार किया गया है और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गुलाबी पत्थरों से सजे इस द्वार को दीपोत्सव के दौरान 'आदि शंकराचार्य द्वार' नाम दिया गया था. इसी मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के विशिष्ट अतिथि मंदिर में प्रवेश करेंगे. 24 नवंबर को होगा विशेष कार्यक्रम कारीगर दिन-रात इस द्वार को सजाने-संवारने में लगे हुए हैं क्योंकि अब बस 18 दिन शेष हैं उस ऐतिहासिक क्षण के लिए जब भगवान श्रीराम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया जाएगा. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी विशेष अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाएं पहले से तय कर दी गई हैं. सभी को होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे और आश्रमों में व्यवस्थित रूप से ठहराया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि 24 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. इसके अलावा किसी अन्य क्षेत्र के लोगों को उस दिन आने से बचने की अपील की गई है, ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके. अयोध्या प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अगर वो 24 या 25 नवंबर को आने की योजना बना रहे हैं, तो पहले बुकिंग और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी अवश्य ले लें, क्योंकि उस दौरान अयोध्या में प्रवेश भी सीमित रहेगा.

सुभाष नगर ROB की डिजाइन में बड़ा बदलाव, 180 डिग्री टर्न और थर्ड लेग पर हो रही समीक्षा

भोपाल  भोपाल के सुभाष नगर रेलवे ओवरब्रिज की 180 डिग्री घुमाव वाली डिजाइन बदलेगी। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालाकार डिजाइन वाले थर्ड लेग पर काफी सवाल उठ रहे थे। इसमें मोती नगर बस्ती के 500 मकान भी बाधक बने हुए थे, जिनके लिए हाईकोर्ट ने स्टे दिया हुआ है। इन सभी दिक्कतों का हल थर्ड लेग री-डिजाइन से निकाला जाएगा। एक सप्ताह में नया प्रस्ताव नई डिजाइन के साथ उच्चाधिकारियों के सामने रखेंगे। थर्ड लेग की डिजाइन पर भी सवाल उठे मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। थर्ड लेग का बजट अभी 22 करोड़ रुपए है। थर्ड लेग की लंबाई 242 मीटर है। इसे बनाने ठेका एजेंसी तय की हुई है। उसे नई डिजाइन देकर काम शुरू कराया जाएगा। भेल की ओर से ट्रैफिक जिंसी के रास्ते आगे निकालने थर्ड लेग तय की थी। सुभाष ब्रिज थर्ड लेग के लिए फरवरी- मार्च 2025 में काम शुरू करने की योजना बनी। इसके लिए मोती नगर मार्केट और आवासीय क्षेत्रों को नोटिस दिया। इससे ही विवाद बना। प्रशासन ने करीब 150 दुकानें तो तोड़ दी, लेकिन घरों के मामले में हाईकोर्ट का स्टे आ गया। इसे हटवाने प्रशासन कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया। थर्ड लेग की डिजाइन पर भी सवाल उठे। अंतत: अब इस विवाद को खत्म करने की कोशिश हो रही है। सुभाष नगर ब्रिज के आसपास बसी मोतीनगर बस्ती। ब्रिज की थर्ड लेग मोती नगर से उठेगी ओर मौजूदा 80 फीट रोड क्रॉस कर खेल मैदान को पार कर मौजूदा ब्रिज से जुड़ेगी। इससे सवाल ये कि जब थर्ड लेग को 80 फीट रोड पार कर पार्क से ही मौजूदा आरओबी को कनेक्ट करना है तो इसके लिए मोती नगर बस्ती या दुकानों को हटाने की जरूरत क्यों? सीधे 80 फीट रोड पर पार्क की तरह सरकारी खाली जमीन से ब्रिज को लेकर कनेक्ट किया जा सकता था? 11 मील तिराहे पर फ्लाइओवर का भूमिपूजन आज भोपाल-इंदौर 11 मील तिराहे पर सिक्सलेन फ्लाइओवर बनेगा। 31 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस ब्रिज के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, विधायक रामेश्वर शर्मा की उपस्थिति में भूमिपूजन होगा। सुबह 10 बजे होगा। खजूरी स्थित 11 मील तिराहा भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर रोड का जंक्शन है। तेज रतार वाहनों की आपसी भिडंत की घटनाएं रोकने के लिए लाइओवर की मांग की जा रही थी। सिक्स लेन लाइओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। यह 18 माह में बनेगा। एमपीआरडीसी को इसके निर्माण का जिमा दिया गया है। यहां सर्विस रोड बनेगी।

कौन नहीं, कौन है? बिहार में महिला वोटर तय करेंगी जीत-हार, उम्मीदवार सिर्फ दर्शक!

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में महिलाओं ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। रिकॉर्ड 64.66% कुल मतदान में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से कहीं अधिक रही, जो राज्य की राजनीति में उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है। लेकिन विडंबना यह है कि राजनीतिक दलों ने महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी बरती है। कुल 1,314 उम्मीदवारों में महज 122 महिलाएं हैं, जो मात्र 9.28% है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भागीदारी बनाम प्रतिनिधित्व की गहरी खाई को उजागर करता है, जहां महिलाएं वोटर के रूप में तो निर्णायक हैं, लेकिन उम्मीदवार के रूप में हाशिए पर धकेली जा रही हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण के 121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाताओं में 1.76 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। मतदान के दौरान महिलाओं की सक्रियता ने कई जिलों में रिकॉर्ड तोड़े। बेगूसराय(67.32%), गोपालगंज(64.96%) और मुजफ्फरपुर (64.63%) में महिलाओं का टर्नआउट पुरुषों से 5-10% अधिक रहा। चुनाव में शानदार रही भागीदारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजि‍याल ने कहा, महिलाओं की भागीदारी शानदार रही। यह बिहार के लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। अधिकारिक आंकड़ा मतगणना के बाद भी आएगा। यह ट्रेंड 2010 से चला आ रहा है। 2010 में महिलाओं का टर्नआउट 54.49% था (पुरुष: 51.12%), 2015 में 60.48% (पुरुष: 53.32%) और 2020 में 59.7% (पुरुष: 54.5%)। महिलाओं की यह ताकत नीतीश कुमार सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं—जैसे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (10,000 रुपये की सहायता)और 35% सरकारी नौकरियों में आरक्षण का नतीजा मानी जा रही है। विपक्षी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने भी महिलाओं के लिए 30,000 रुपये एकमुश्त सहायता का वादा किया है। राजनीतिक विश्लेषक प्रमोद मुकेश कहते हैं, महिलाएं अब जाति से परे वोट दे रही हैं। वे बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही हैं। लेकिन पार्टियां उन्हें टिकट देकर सशक्तिकरण की बात तो करती हैं, काम कम करती हैं। सीनियर जर्नलिस्ट ओमप्रकाश अश्क कहते हैं, महिलाओं का वोट सबको चाहिए, मगर टिकट देने के मामले में परिवारवाद और वंशवाद को ही तवज्जो मिल पाता है।  

अब फिरोजपुर से दिल्ली तक सफर होगा फटाफट, वंदे भारत का नया स्टॉप हरियाणा में

अंबाला फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली आठ कोच वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस 8 नवंबर से पटरी पर दौड़ने को तैयार है। रेलवे ने ट्रेन का नंबर 02461 / 02462 तय कर दिया है, जबकि उद्घाटन के दिन यह ट्रेन विशेष नंबर 02661 / 02662 से चलाई जाएगी। रेलवे ने इन नंबरों को अपने CRIS सॉफ्टवेयर पर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, ट्रेन के किराए को लेकर भी मंथन चल रहा है और जल्द ही इसकी जानकारी सिस्टम पर अपलोड कर दी जाएगी। सीटें और कोच संरचना देश में अब तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में 16 कोच होते हैं, लेकिन फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस में केवल 8 कोच होंगे। इनमें 6 चेयर कार (Chair Car) और 2 एक्जीक्यूटिव क्लास (Executive Class) डिब्बे शामिल हैं। प्रत्येक चेयर कार में 78 यात्री, जबकि एक्जीक्यूटिव डिब्बे में 52 यात्री बैठ सकेंगे। इस तरह ट्रेन में कुल 572 सीटें उपलब्ध रहेंगी। अंबाला कैंट स्टेशन पर होगा भव्य स्वागत  नई वंदे भारत एक्सप्रेस का स्वागत अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर 1 पर स्वागत समारोह के लिए पंडाल लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। फिरोजपुर से आने वाली ट्रेन को प्लेटफार्म 1, जबकि दिल्ली से लौटने वाली ट्रेन को प्लेटफार्म 7 पर ठहराव दिया जाएगा। समय-सारणी में हुआ परिवर्तन रेलवे ने 8 नवंबर से ट्रेन के समय में बदलाव किया है। नई समय-सारणी के अनुसार  ट्रेन नंबर 02462 (फिरोजपुर–दिल्ली वंदे भारत) सुबह 8:05 बजे फिरोजपुर से रवाना होगी, 12:18 बजे अंबाला कैंट पहुंचेगी और 3:05 बजे दिल्ली पहुंचेगी। पहले यह ट्रेन सुबह 7:55 बजे फिरोजपुर से चलकर 11:58 बजे अंबाला कैंट और 2:35 बजे दिल्ली पहुंचती थी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परिवर्तन अन्य ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। अधिकारी का बयान अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एन.के. झा ने बताया कि फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव अंबाला कैंट में रहेगा। 8 नवंबर को ट्रेन के आगमन पर स्टेशन पर इसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रेन के समय में बदलाव इसलिए किया गया है ताकि अन्य ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित न हो।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे

पीएम मोदी का काशी दौरा – ‘हर हर महादेव’ के नारों से गूंजा पूरा बनारस – बरेका में मुख्यमंत्री योगी ने किया प्रधानमंत्री का  स्वागत – 8 नवंबर को पीएम देंगे देश को 4 वंदे भारत ट्रेनों की सौगात – वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस काशीवासियों के लिए बड़ा तोहफा – धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा बनारस-खजुराहो वंदे भारत वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंचे। शाम करीब पांच बजे प्रधानमंत्री का विशेष विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी राम, कमिश्नर एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने किया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया। काशीवासियों में उत्साह, मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब प्रधानमंत्री सड़क मार्ग द्वारा बीएलडब्ल्यू स्थित गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए। उनका काफ‍िला बाबतपुर से हरहुआ होते हुए ग‍िलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर होते हुए बरेका पहुंचा। रास्‍ते में कई जगह पर स्थानीय लोगों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाध‍िकार‍ियों ने उनका स्‍वागत क‍ि‍या। स्‍वागत से अभ‍ि‍भूत पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने भी वाहन से हाथ ह‍िलाकर लोगों का अभ‍िवादन क‍िया। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में काशीवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने सांसद का स्वागत ‘मोदी-मोदी’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से किया। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुष्पवर्षा और भारत माता के जयघोष से पूरा मार्ग देशभक्ति के रंग में रंग गया। एयरपोर्ट से बरेका जाते समय प्रधानमंत्री के काफिले पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। पूरा मार्ग केसरिया और तिरंगे रंगों की रोशनी से जगमगा उठा।  मुख्यमंत्री ने किया बरेका गेस्ट हाउस पर स्वागत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शहर के संत अतुलानंद बाईपास, जेपी मेहता के पास, बरेका एफसीआई गोदाम, बरेका गेट के पास आदि अनेकों स्थानों पर स्वागत किया गया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया। देश को 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात देंगे प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी 8 नवंबर को वाराणसी से देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात देंगे। इनमें सबसे प्रमुख ट्रेन वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस होगी, जो काशीवासियों और पूर्वांचल के लिए एक बड़ा उपहार मानी जा रही है। प्रधानमंत्री इन ट्रेनों को बनारस (पूर्व मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से अन्य तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, एर्नाकुलम से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस, प्रधानमंत्री इस अवसर पर बनारस स्टेशन पर मौजूद गणमान्य लोगों से संवाद भी कर सकते हैं। धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। इससे यात्रियों को तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह ट्रेन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम पहुँच प्रदान करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम और आर्थिक गति मिलेगी।

विदेश में चमका पंजाब का लाल! अमृतधारी सिख की उपलब्धि पर जश्न

जालंधर अमेरिका के कनेक्टिकट शहर में हुए स्थानीय चुनावों में जालंधर के स्वर्णजीत सिंह खालसा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर न सिर्फ सिख समुदाय, बल्कि पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है। वह कनेक्टिकट के पहले सिख मेयर बने हैं। चुनाव में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार पीटर नाइस्ट्रम की जगह लेते हुए नॉरविच शहर की कमान संभाल ली है। स्वर्णजीत सिंह ने 2,458 वोट पाकर जीत हासिल की, जबकि उनके मुकाबले ट्रेसी गॉल्ड को 2,250 और स्वतंत्र प्रत्याशी मार्शिया विल्बर को केवल 110 वोट मिले। इस जीत से डैमोक्रेटिक पार्टी को भी नॉरविच में महत्वपूर्ण बढ़त मिली, जहां पहले लंबे समय तक रिपब्लिकन का प्रभाव रहा था।   संघर्ष से नेतृत्व तक का सफर स्वर्णजीत सिंह खालसा का परिवार 1984 के सिख नरसंहार के दौरान विस्थापित हुआ था। बाद में परिवार फिर पंजाब में बसा और फिर स्वर्णजीत 2007 में रोज़गार और अपने नए भविष्य की तलाश में अमेरिका पहुंचे। नॉरविच में उन्होंने शुरुआत में गैस स्टेशन चलाया और बाद में रियल एस्टेट कारोबार में भी पहचान बनाई। 2021 में वह नॉरविच सिटी काउंसिल में चुने गए, जो कनेक्टिकट में किसी सिख समुदाय का पहला प्रतिनिधित्व था। अब 2025 में, वह शहर के मेयर बन गए हैं — यह सिख समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। लोगों के बीच भरोसा और काम का असर चुनाव प्रचार के दौरान स्वर्णजीत ने स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखा, जिनमें किफायती आवास, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा, समुदाय में एकजुटता प्रमुख रहे। खालसा अब शहर के बुनियादी ढांचे और डाऊनटाऊन विकास को आगे बढ़ाने के लिए नगर विकास एजैंसी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों, जिनमें पंजाबी और भारतीय समुदाय भी शामिल हैं, के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उनके समर्थन में न सिर्फ पंजाबी या एशियाई समुदाय आए, बल्कि स्थानीय अमेरिकी परिवारों ने भी उन पर भरोसा जताया। कांग्रेसी सदस्य जो कोर्टनी ने उनके साथ डोर-टू-डोर जाकर प्रचार किया। पहचान और मूल्यों से जुड़ी छवि एक अमृतधारी सिख होने के नाते उन्होंने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया। उन्होंने स्कूलों में जाकर बच्चों को सिख इतिहास और पगड़ी की गरिमा के बारे में समझाया और नफरत अपराधों के खिलाफ आवाज उठाई। एफ.बी.आई. भी कर चुकी है सम्मानित स्वर्णजीत सिंह खालसा ने यू.एस. में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजैंसियों के साथ मिलकर पुलिस अधिकारियों को सिख धर्म, पगड़ी और किरपान की वास्तविकता व महत्व के बारे में शिक्षित किया। उनके काम के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए एक अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजैंसी ने उनका नामांकन किया था और उन्हें एफ.बी.आई. लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया।  9/11 के बाद अमेरिका में कई बार सिखों, मुसलमानों और अरब समुदायों को गलत पहचान के कारण निशाना बनाया गया। स्वर्णजीत सिंह खालसा ने न केवल सिखों के लिए, बल्कि उन सभी समुदायों के लिए आवाज उठाई, जिन्हें किसी और की हिंसा और नफरत की कीमत चुकानी पड़ी। अपने अभियानों में वे पुलिस और नागरिकों को बताते रहे हैं कि पगड़ी पहचान है, हथियार नहीं। पगड़ी सिख की शान है, उसकी असल पहचान किरपान कोई हथियार नहीं, बल्कि धार्मिक अनुशासन और सत्य की रक्षा का प्रतीक है।   पिता परमिंदरपाल सिंह खालसा भी हैं राजनीति से जुड़े  बेटे सरवनजीत सिंह के मेयर बनने पर उनके पिता परमिंदरपाल सिंह खालसा बेहद खुश हैं। वह पंजाब में राजनीति से जुड़े हैं। शिरोमणि अकाली दल के जिला यूथ प्रधान से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय सीनियर उपाध्यक्ष के पद पर भी वह रहे। राजनीति के साथ-साथ सिख सेवक सोसायटी के साथ मिल कर वह लोक सेवा का काम कर रहे हैं। वह सोसाइटी के भारत में प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना से लेकर पंजाब में बाढ़ के हालात में उनकी सोसाइटी की तरफ से प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता दी जा रही है, जिसमें भोजन से लेकर बीज और मकान बना कर दिए जाने की योजना भी शामिल है।  

जनजातीय गौरव दिवस पर समूचे प्रदेश में 1 से 15 नवम्बर तक मनाया जाएगा जनजातीय गौरव पखवाड़ा

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर होंगे विशेष आयोजन रायपुर भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार इस वर्ष 15 नवम्बर 2025 को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में समूचे देश में “जनजातीय गौरव दिवस” भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक “जनजातीय गौरव पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं प्रभारी सचिवों की उपस्थिति में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय समारोह में जनजातीय संस्कृति, लोककला, व्यंजन, हस्तशिल्प और विकास प्रदर्शनी के साथ-साथ भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रमों में शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव एवं उत्तर छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों, शासकीय संस्थानों और जनजातीय ग्रामों में प्रभातफेरी, जन-जागरूकता यात्राएँ, वृक्षारोपण, निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। जनजातीय नायक-नायिकाओं के जीवन और योगदान पर संगोष्ठियाँ भी होंगी। इस पखवाड़े के दौरान विशेष लाभार्थी संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, सिकल सेल जांच, स्वास्थ्य परीक्षण, जाति प्रमाणपत्र वितरण, पीएम किसान सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सेवाएँ प्रदान की जाएँगी। जिले के “आदि सेवा केन्द्रों” में भी गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों, प्रतिभावान बच्चों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही पी.एम. जनमन, आदि कर्मयोगी तथा धरतीआबा योजनाओं से संबंधित लघु फिल्में प्रदर्शित की जाएँगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का संदेश-पाठ (पाती वाचन) भी किया जाएगा। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर यह आयोजन प्रदेश के आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, संघर्ष और गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर बनेगा। "धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती हम सबके लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और त्याग से जनजातीय समाज को स्वाभिमान और स्वतंत्रता का संदेश दिया। जनजातीय गौरव पखवाड़ा न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत के उत्सव का प्रतीक है, बल्कि यह आदिवासी समाज के उत्थान, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। मैं सभी प्रदेशवासियों  से आग्रह करता हूँ कि वे इस पखवाड़े में उत्साहपूर्वक भाग लें और हमारी जनजातीय संस्कृति, परंपरा एवं मूल्यों को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।"- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल : बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान के लिए चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ के चिन्हित व्यक्तियों को प्रति वर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना को ‘मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना (अनुसूचित जनजाति) वर्ष 2025’ के नाम से जाना जाएगा। योजना के संबंध में 6 नवम्बर को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से वनौषधीय चिकित्सा संबंधी कार्यों में संलग्न बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ लोगों की परंपरागत वनौषधीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने और उनके सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से, जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर 2024 के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रति चिन्हित व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन निधि प्रदान करने की घोषणा की गई थी। आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में उल्लेखित है कि ‘मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया-हड़जोड़ सम्मान योजना’ का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के अंतर्गत परंपरागत रूप से वनौषधियों के ज्ञान में दक्ष बैगा, गुनिया और हड़जोड़ व्यक्तियों के पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना, उसे आगामी पीढ़ियों तक हस्तांतरित करना और उनके वनौषधीय चिकित्सकीय अनुभवों का अभिलेखीकरण कर उनकी आजीविका एवं सेवा को सुदृढ़ बनाना है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनजाति समाजों में वनौषधीय चिकित्सा संबंधी अनुभव परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में ऐसे बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ व्यक्ति जो विगत तीन वर्षों से वनौषधीय चिकित्सा सेवा कार्य में संलग्न हैं, उन्हें संरक्षित करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्त्री, पुरुष एवं तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) व्यक्ति, जो बैगा, गुनिया या हड़जोड़ के रूप में कम से कम 30 वर्षों से अपने स्थानीय क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं तथा जिनके परिवार में कम से कम दो पीढ़ियों से वनौषधीय चिकित्सा का ज्ञान स्थानांतरित हुआ है, पात्र माने जाएंगे। साथ ही, जो व्यक्ति पादप औषधि बोर्ड, आयुष विभाग, वन विभाग या लघु वनोपज संघ जैसी पंजीकृत संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, उनका चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ग्राम स्तर पर किया जाएगा। ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा प्रेषित नामों की अनुशंसा ग्राम स्तर पर ग्राम सचिव, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा प्राथमिक अथवा माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक द्वारा अनुमोदित की जाएगी। इस अनुशंसा के आधार पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास स्तर पर गठित समिति — जिसमें संबंधित जनपद अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक जनपद सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं मंडल संयोजक शामिल होंगे — द्वारा अनुशंसित नामों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापित सूची आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। समिति द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त सदस्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा। ग्राम सभा/ग्राम पंचायत से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तथा जनपद स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के उपरांत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास द्वारा कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर प्रस्ताव आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास को भेजा जाएगा। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार जिलों को आवश्यक धनराशि का आबंटन किया जाएगा। तत्पश्चात सहायता राशि का वितरण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा तथा सम्मान निधि प्राप्त व्यक्तियों की सूची संबंधित ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाएगी। "छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएं हमारे सांस्कृतिक वैभव और प्राचीन ज्ञान का जीवंत प्रतीक हैं। बैगा, गुनिया और हड़जोड़ हमारे समाज के वे सम्मानित जन हैं, जिन्होंने सदियों से वनौषधीय चिकित्सा की लोकपरंपरा को जीवित रखा है। उनकी इस अनमोल सेवा और ज्ञान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना” प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से हम न केवल उनके योगदान को मान्यता दे रहे हैं, बल्कि उनकी परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प भी निभा रहे हैं।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने ली जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।