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जगदलपुर: माओवाद छोड़ नई शुरुआत, वर्दी की जगह होटल की यूनिफॉर्म पहन नई जिंदगी

30 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को दिया जा रहा अतिथि सत्कार का प्रशिक्षण  जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब आत्मसमर्पण किया, तब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सरकार ने भी इन आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए। जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। प्रशिक्षण का सफर-बंदूक से ग्राहक सेवा तक ये 30 आत्म समर्पित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्री की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें। एक पूर्व माओवादी रामू (परिवर्तित नाम) ने भावुक होकर कहा कि बस्तर के जंगल में हिंसा की जिंदगी ने सिर्फ दर्द दिया, अब लाइवलीहुड कॉलेज में सीखकर लगता है, असली आजादी यहीं है। अब स्वयं मेहनत कर घर-परिवार को खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अमल से अब तक हजारों युवा सशक्त हो चुके हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में यह पुनर्वास का सुनहरा मॉडल साबित हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में यह कदम मील का पत्थर है, जहां हिंसा की जगह विकास और रोजगार की कहानी लिखी जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की  सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि  रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य स्तर पर टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित विषयों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को  विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन एवं वन विभाग की मंजूरी के लंबित प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्य आपसी समन्वय से पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकॉल बिफोर यू डिगʼ मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने के साथ-साथ संचार सेवाओं में व्यवधान को रोकने में सहायक है। इससे प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।  ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान हुए गड्ढे सही से भरें, आमजन को असुविधा न हो मुख्य सचिव ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के बाद सही तरीके से भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सड़कों तथा मार्गों को पूर्ववत स्थिति में बहाल करें। आमजन से संबंधित सुविधा पोर्टल- राजस्थान में मोबाइल रिकवरी प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक  बैठक में संचार साथी पोर्टल (http://www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए बहुत सुविधाजनक है। राज्य में गुम या चोरी हुए कुल मोबाइल हैंडसेट्स में से लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं। साथ ही, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटी रजिस्टर) सेवा के माध्यम से देशभर में मोबाइल रिकवरी का औसत प्रतिशत 26.50% है जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% है।  उल्लेखनीय है कि संचार साथी पोर्टल नागरिकों को अनेक डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है जिसमें टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता उनके नाम पर कुल जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी तथा बिना अनुमति अतिरिक्त सिम कार्ड जारी होने की स्थिति में रिपोर्ट कर आसानी से उसे बंद करवा सकते हैं। इसके साथ ही, नो योअर मोबाइल (केवाईएम) सुविधा, फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण आदि महत्वपूर्ण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।  बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग श्री आलोक गुप्ता प्रमुख शासन सचिव, राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास, डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, डीओआईटीडॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केन्द्र सरकार श्री आनंद कटोच सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।   

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।

जिले में दवा दुकानों पर गाज! औषधि विभाग ने 20 मेडिकल स्टोर किए बंद, 30 को नोटिस थमाया

सिरसा हरियाणा औषधि विभाग ने सोमवार को सिरसा जिले में अवैध दवाइयों की बिक्री पर बड़ी कार्रवाई की। विभाग की 7 टीमों ने एक साथ 50 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की, जिसमें रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 20 मेडिकल स्टोरों को तत्काल सील कर दिया गया, जबकि 30 संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इस अभियान का नेतृत्व पंचकूला से आए अधिकारी सुनील दहिया ने किया। टीमों ने सिरसा सहित इसमाइली, कालांगाली, ओवां, रोड़ी और बड़ागुड़ा क्षेत्रों में जांच की। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में नशे के मामलों में वृद्धि को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में दवाइयों के दुरुपयोग और नशे की आपूर्ति पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। 

कच्चापाल की महिलाओं ने रच दी आत्मनिर्भरता की मिसाल, जैविक बासमती से बदली तकदीर

रायपुर : अबूझमाड़ के जंगलों से निकला सुशासन का उजाला कच्चापाल की महिलाओं ने रच दी आत्मनिर्भरता की मिसाल, जैविक बासमती से बदली तकदीर रायपुर कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में जीवन जीने वाले नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कच्चापाल में अब सुशासन और आत्मनिर्भरता की किरणें पहुँच चुकी हैं। यह वही इलाका है जहाँ कभी बम धमाकों की गूँज और बंदूकों की आवाज़ें विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा थीं। सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित यह गांव अब नियद नेल्ला नार योजना के तहत विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है। राज्योत्सव के भव्य मंच पर इस परिवर्तन की गूंज सुनाई दी जब कच्चापाल के आश्रित ग्राम ईरकभट्टी की दो महिलाएँ – मांगती गोटा और रेनी पोटाई – अपने हाथों से उगाई गई जैविक बासमती चावल लेकर राजधानी पहुँचीं। ये महिलाएँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के लालकुंवर स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। कभी शहर का नाम तक न जानने वाली ये महिलाएँ आज अपने गाँव की पहचान बन चुकी हैं। एरिया कोऑर्डिनेटर मती सोधरा धुर्वे बताती हैं कि पहले इस क्षेत्र में लाल आतंक के कारण कोई सरकारी योजना पहुँच ही नहीं पाती थी। ग्रामीणों के पास बाजार की जानकारी नहीं थी, और बिचौलिए उनके उत्पादों को औने-पौने दामों पर खरीदकर मुनाफा कमा लेते थे। लेकिन सशस्त्र बलों के कैम्प लगने और शासन की सक्रिय पहल से जब ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत बिहान समूहों का गठन हुआ, तो हालात बदलने लगे। महिलाओं में बचत की आदत और आत्मनिर्भरता का भाव बढ़ा। मांगती गोटा बताती हैं, “हम हमेशा से बिना रासायनिक खाद के जैविक तरीके से बासमती चावल उगाते रहे हैं। पहले बिचौलिए हमसे 15–20 रुपये किलो में चावल ले जाते थे। लेकिन बिहान योजना से जुड़ने और प्रशिक्षण मिलने के बाद हमें असली कीमत का पता चला। आज राज्योत्सव में हमारे चावल की कीमत 120 रुपये किलो मिल रही है। लोग इसे शुद्ध और जैविक जानकर बहुत उत्साह से खरीद रहे हैं।” रेनी पोटाई बताती हैं कि उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी हमारे गाँव आये थे तो हमारी समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया था। “इस बार हमने सिर्फ चावल नहीं, बल्कि बाँस की टोकनी और झाड़ू भी तैयार किए हैं। हमारे समूह ने इस साल 40 क्विंटल जैविक बासमती चावल का उत्पादन किया है,” उन्होंने मुस्कराते हुए बताया। आज कच्चापाल और उसके आसपास के ग्रामों में महिलाओं की मेहनत और शासन की योजनाओं का फल साफ दिखाई दे रहा है। नक्सल प्रभावित इलाका अब आत्मनिर्भरता, रोजगार और शांति का प्रतीक बन चुका है। कभी अंधेरे में डूबे इन ग्रामों में अब सुशासन का सवेरा सचमुच उतर आया है — और यह कहानी है उस परिवर्तन की, जो भय से विश्वास और गरीबी से समृद्धि तक का सफर तय कर रही है।कच्चापाल की महिलाओं के साहस, स्वावलंबन और नवछत्तीसगढ़ की नई सुबह की यह सच्ची कहानी अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर औषधि प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी में लाखों की अवैध दवाएं जब्त, अब तक 16 एफआईआर, 6 गिरफ्तार

प्रदेशभर में अब तक 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगाई गई लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी और कौशांबी समेत कई जिलों में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर विक्रय प्रतिबंधित नेपाल सीमा सहित हरियाणा, दिल्ली, पंजाब से सटे जिलों में संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच जारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का अभियान प्रदेशभर में जारी, उत्तर प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प लखनऊ  नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी मुहिम छेड़ दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, ने राज्य में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक्स श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय और वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस विशेष अभियान में अब तक प्रदेशभर में लाखों की अवैध नॉरकोटिक और कोडीनयुक्त औषधियां जब्त की गई हैं, 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच जारी आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, डॉ रोशन जैकब ने बताया की मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार पूरे।प्रदेश में अब तक 115 प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण/छापेमारी की गई, लाखों की औषधियां सीज की गईं, 115 नमूने जांच हेतु भेजे गए, 16 एफआईआर दर्ज कर 6 गिरफ्तारियां की गई हैं। जांच में संदिग्ध पाए गए अभिलेखों की अग्रिम विवेचना तक 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। प्रदेश भर में कोडीन युक्त / नॉरकोटिक्स/साईकोट्रॉपिक श्रेणी औषधियों की अवैध आवाजाही की जांच हेतु संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच, विशेष अभियान के रूप में जारी है। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से नकली एवं नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधि के भंडारण, क्रय-विक्रय अथवा आवाजाही से संबंधित सूचना विभाग द्वारा जारी व्हाट्सप्प नंबर 8756128434 पर दी जा सकती है।  NDPS एक्ट के तहत अवैध नॉरकोटिक दवाओं पर बड़ी कार्रवाई अवैध नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कई जिलों में छापेमारी की है और एनडीपीएस एक्ट में सख्त कार्रवाई की। लखनऊ में 11 अक्टूबर को एक अवैध गोदाम से ₹3 लाख की Phensypik T Syrup जब्त की गई और दीपक मानवानी को गिरफ्तार किया गया। बहराइच में 13 अक्टूबर को Royal Pharma और Mamta Medical Agency से ₹30 हजार की अवैध दवाएं जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। लखीमपुर खीरी में 14 अक्टूबर को Piyush Medical Agency के मालिक के घर से ₹68 लाख की Tramadol Capsules बरामद कर सरोज कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 4 नवंबर को लखीमपुर खीरी में ही New Roy Medical Agency से ₹2 लाख की कोडीन युक्त 1200 बोतलें पकड़ी गईं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। साथ ही, लखनऊ में इन दवाओं की मार्केटिंग करने वाली कंपनियों ARPIK और IDHIKA Lifesciences Pvt. Ltd. के डिपो पर भी छापे मारकर रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। पूरे प्रदेश में जांच जारी है। BNS के तहत अवैध बिलिंग पर कार्रवाई औषधि प्रशासन विभाग ने कोडीनयुक्त Phensypik T Syrup और अन्य NRx श्रेणी की दवाओं की अवैध बिलिंग और भंडारण में गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की है। जांच में M/s IDHIKA Lifesciences Pvt. Ltd. के विक्रय बिलों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर कई जनपदों में एफआईआर दर्ज की गई है। सीतापुर में Naimish Medical Store के संचालक शिवम कुमार पर BNS की धारा 318(1), 335 के तहत केस दर्ज किया गया। रायबरेली में Ajay Pharma के मालिक पर धारा 318(2), 336(3), 340(2) के तहत कार्रवाई हुई। लखनऊ के Shri Shyam Pharma और सुल्तानपुर के Vinod Pharma पर भी अवैध खरीद-बिक्री के मामले में मुकदमे दर्ज किए गए। उन्नाव में Ambika Healthcare पर एक लाख से ज्यादा कोडीनयुक्त सिरप के बिल न दिखाने पर केस दर्ज हुआ, जबकि कानपुर नगर में Maa Durga Pharma पर 40,000 से ज्यादा सिरप के बिल न प्रस्तुत करने पर मुकदमा हुआ। बांदा जिले में DMC Company पर और कानपुर नगर में Sisodiya Medicine House, A.S. Healthcare, R.S. Healthcare व Balaji Medical Store पर भी एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा जालौन में Ultra Fine Chemical पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है। 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीन और नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 22(1)(d) के तहत सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि कई मेडिकल स्टोर्स ने कोडीन युक्त सिरप और नशीली (NRx) दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड नहीं दिखाए। इस आधार पर लखनऊ, कानपुर नगर, रायबरेली, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी और कौशांबी जिलों के 25 मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, नेपाल सीमा और हरियाणा, दिल्ली, पंजाब से जुड़े जिलों में नशीली दवाओं की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने के लिए संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच विशेष अभियान के रूप में जारी है।

SC आयोग की सख्ती! कांग्रेस नेता राजा वड़िंग को नोटिस जारी, मांगा जवाब

पंजाब  पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ दायर शिकायत पर संज्ञान लिया है। यह शिकायत पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सरदार बूटा सिंह के संबंध में की गई कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई थी। आयोग द्वारा 4 नवंबर 2025 को जारी नोटिस में बताया गया है कि शिकायतकर्ता जसविंदर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही आयोग ने मामले से जुड़े एसडीएम स्तर के अधिकारियों की रिपोर्ट को भी गंभीरता से लिया है। आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गिल ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह पाया गया है कि सांसद वड़िंग द्वारा की गई टिप्पणी अनुसूचित जाति समुदाय के प्रति असंवेदनशील प्रतीत होती है। इस पर आयोग ने वड़िंग को नोटिस जारी करते हुए 6 नवंबर 2025 को सुबह 10 बजे तक अपना लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। 

बलौदाबाजार : उपभोक्ता आयोग ने मृतिका की बीमा राशि देने किया आदेश पारित

बलौदाबाजार डाक विभाग द्वारा मृतिका की बीमा राशि प्रदाय नहीं किये जाने के मामले में जिला उपभोक्ता एवं प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार ने डाक विभाग को बीमा की राशि 200000 रूपए एवं अन्य व्यय प्रदाय किये जाने के आदेश पारित किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार  ग्राम रवान निवासी राकेश कुमार वर्मा की माता सती बाई वर्मा ने डाक विभाग से संतोष पॉलिसी के अंतर्गत बीमा पॉलिसी लिया था।सती बाई की मृत्यु हो जाने पर आवेदक द्वारा दावा डाक के पास प्रस्तुत किया गया परंतु विभाग ने आवेदक द्वारा तथ्यों को छुपाकर पॉलिसी प्राप्त किये जाने के आधार पर दावा को निरस्त कर दिया। आवेदक द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में शिकायत प्रस्तुत किया गया। आयोग के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल व सदस्यगण हरजीत सिंह चांवला एवं श्रीमती शारदा सोनी ने मामले की सुनवाई एवं दस्तावेजों का सूक्ष्म परिशीलन पश्चात् मामले में निष्कर्ष दिया कि बीमा धारक द्वारा तथ्यों को छुपाकर पॉलिसी प्राप्त करने संबंधी अनावेदक का आधार उचित नही पाया जाता है अनावेदक द्वारा अनुमान के आधार पर ही आवेदक का दावा निरस्त कर सेवा में कमी किया जाना पाया जाता है।अतः डाक विभाग रायपुर आवेदक को मृतिका सती बाई वर्मा के बीमा की राशि 2,00,000 रूपए एवं मानसिक क्षति हेतु 5000 रूपए तथा वाद व्यय हेतु 2000 रूपए आदेश दिनांक से 45 दिन के भीतर प्रदाय किये जाने का निर्णय सुनाया है।

अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन की अन्तिम तिथि अब 30 नवम्बर 2025

जयपुर राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग, अन्य पिछडा वर्ग एवं दिव्यांगजन को विभिन्न उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा कार्य में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवम्बर 2025 कर दिया गया है। पहले यह तिथि 31अक्टूबर 2025 थी। निगम की  कार्यवाहक परियोजना प्रबंधक प्रियंका चौहान ने बताया कि इच्छुक आवेदक ऑनलाइन एसएसओ आईडी के माध्यम से  30 नवम्बर 2025 तक अनुजा पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत समिति, नगरपालिका कार्यालय या अनुजा निगम से सम्पर्क किया जा सकता है।