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रायपुर : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले

रायपुर : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले नई योजनाओं की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा के अध्यक्षीय कार्यकाल के संचालक मंडल की बैठक में संपन्न हुई, जिसमें मजदूर हितों के अनेक क्रांतिकारी फैसले लिए गए तथा नई योजनाओं के क्रियान्वयन की भी घोषणा की गई। मंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के क्रियाकलापों एवं प्रशासनिक कार्यों के संपादन पर हुए आय-व्यय का अनुमोदन लिया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंडल की बैठक में मजदूर हितों के लिए राज्य शासन से अनुमोदित अनुमानित आय-व्यय का अनुमोदन भी प्राप्त किया गया।  मंडल की बैठक में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन के लिए 12 नए पदों का सृजन कर शासन से अनुमति मांगी गई। इसी प्रकार कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसी तहर मंडल को प्राप्त होने वाली आय के अभिदाय दर में वृद्धि का भी प्रस्ताव परित किया गया। मंडल द्वारा मंडल में पंजीकृत मजदूर परिवार के बच्चों को रियायती दर पर कॉपी वितरण की नई योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की गई। साथ ही साथ निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत श्रमिक के परिजनों को कोचिंग देकर उन्हें शासकीय नौकरियों के लिए प्रशिक्षित करने का भी निर्णय लिया गया। मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने मंडल की आय बढ़ाने तथा श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने के लिए क्रांतिकारी फैसले की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जिस तरह से असंगठित क्षेत्र के बोर्ड में श्रमिकों का पंजीयन खुला हुआ है। उसी तरह से श्रम कल्याण मंडल में भी मजदूरों के पंजीयन की प्रक्रिया को ओपन किया जाए। जिस पर संचालक मंडल के सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे और अंततः यह निर्णय लिया गया कि अब मजदूरों को मंडल में सीधे पंजीयन देने की व्यवस्था की जाए, इस हेतु प्रस्ताव भी पारित किया गया।  मंडल के अध्यक्ष ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित सस्ते दर पर भोजन केन्द्रों को संचालित की जा रही है। योजना को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि श्रम कानूनों के तहत इन भोजन केन्द्रों का संचालन नियोजकों को किया जाना है, किन्तु इसका संचालन श्रम कल्याण मंडल कर रहा है। जो व्यावहारिक नहीं, गैर कानूनी भी है। इसमें मंडल के कल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा भोजन मद में व्यय हो रहा है। जिससे कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में रूकावटें आ रही हैं। अतः मंडल ने इस संदर्भ में प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन से आग्रह किया है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ही उपयोगी है। श्रम कल्याण मंडल में इस योजना का संचालन करना अब संभव नहीं है। अतः इस योजना को बंद करने की अनुमति दी जाए।  बैठक में मंडल के उपाध्यक्ष केशव बंटी हरमुख, अपर श्रमायुक्त सह प्रभारी श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, मंडल के सदस्य मंगलमूर्ति अग्रवाल, आलोक मिश्रा, हरप्रसाद साहू, मदन तालेड़ा, नरेश गड़पाल, कृष्णा दुबे, सुरेश मसीह समेत मंडल कर्मचारी उपस्थित थे। मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पाण्डेय द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं साथ ही विश्वविद्यालय, मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां भी विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के बाद एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए.( एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसी.ए. के एक वर्षीय पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के पी.एचडी. अधिनियम को यू.जी.सी. पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अद्यतन कर इस आधार पर पी. एचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा परिसर के सभागार का नाम लाल बलदेव सिंह सभागार रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। महापरिषद ने वित्त विभाग के 14 अगस्त 2023 के आदेश अनुसार चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतन मान को विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय में फेस डिटेक्शन मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग विषय का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब तथा पैकेजिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में अन्य कार्यालयीन तथा प्रबंधकीय विषयों पर भी निर्णय लिए गए। 

‘कमाल का भोपाल’ को भाजपा का जनसमर्थन, जिला अध्यक्ष से मुलाकात

भोपाल आज राजधानी भोपाल में भाजपा के जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यति से क्रेडाई भोपाल अध्यक्ष मनोज मीक ने औपचारिक भेंट की। इस अवसर पर ‘कमाल का भोपाल’ अभियान से संबंधित पुस्तकों की प्रतियाँ सौंपते हुए अभियान की हालिया प्रगति से उन्हें अवगत कराया गया। यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित ‘प्रोफेशनल मीट’ के दौरान, भाजपा जिला संगठन ने ‘कमाल का भोपाल’ अभियान को पूर्ण राजनीतिक समर्थन देने का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा था। आज की भेंट उस समर्थन के लिए आभार प्रकट करने और आगामी योजनाओं पर समन्वय हेतु हुई। जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यति ने राजधानी के नागरिकों की आकांक्षाओं, युवाओं के भविष्य और भोपाल को एआई-लाइटहाउस और लॉजिस्टिक सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा: “‘कमाल का भोपाल’ अभियान राजधानी की सकारात्मक ब्रांडिंग के साथ-साथ उसका खोया हुआ नेतृत्व दिलाने की ऐतिहासिक पहल है। यह राजधानी की आकांक्षाओं से जुड़ा प्रेरक अभियान है, जिसमें हम पूरी निष्ठा से साथ हैं।” मनोज मीक ने इस अवसर पर कहा: “यह अभियान एकजुट प्रयासों की माँग करता है। राजनीतिक, प्रशासनिक और नागरिक सहभागिता ही भोपाल को वैश्विक पहचान दिला सकती है। भाजपा का यह समर्थन हमारे लिए संबल और दिशा दोनों है। राजनीतिक समर्थन से यह अभियान अब राजधानी का जन-अभियान बनने की ओर बढ़ चला है।” यह संवाद सिर्फ भेंट तक सीमित नहीं रहा इसमें ‘एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ के पूर्व आयोजन, आमंत्रित डेलीगेशन और राज्य सरकार के साथ प्रस्तावित नीति संवाद पर भी विमर्श हुआ। ‘कमाल का भोपाल’ अब एक साझा अभियान बन चुका है।

विधानसभा अध्यक्ष ने नगरीय विकास मंत्री को जन्मदिवस पर दी शुभकामनाएं

जयपुर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा के जन्मदिवस के अवसर पर उनके निवास स्थान पर पहुंचकर शुभकामनाएं दी। श्री देवनानी ने श्री खर्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी एवं उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जनकल्याणकारी कार्यों में सतत सफलता हेतु ईश्वर से मंगलकामना की। इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि श्री खर्रा की जनसेवा, कार्यकुशलता और संवेदनशील नेतृत्व क्षमता से राजस्थान को नगरीय विकास के क्षेत्र में नए आयाम मिल रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्री खर्रा राज्य के नागरिकों के कल्याण हेतु ऐसे ही समर्पण भाव से कार्य करते रहेंगे।

6 परिवारों के 30 व्यक्तियों में चल रहा वर्षो का भूमि विवाद मिनिटों में हल, मुकदमा वापस, चेहरों पर छाई खुशी

जयपुर  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर गरीबों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडा 2025 के तहत मंगलवार को तहसील स्तर पर आयोजित फॉलोअप शिविर में सुन्दरा पुत्र जुवारा जाति मीणा व जगदीश, नाहरा, बजरंग तथा सुरा पुत्र रामजीवण निवासी रतनपुरा द्वारा उपखण्ड अधिकारी फागी राकेश कुमार व तहसीलदार फागी रवि शेखर चौधरी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अवगत करवाया की उनके मध्य खेतों व कुंए पर जाने वाले रास्ता संबंधी विवाद है। भूमि विभाजन नहीं होने के कारण प्रार्थीगण अपने हिस्से की भूमि का सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं। आपसी विवाद के कारण प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है एवं पुलिस थाना में भी मुकदमा दर्ज है। उपखण्ड अधिकारी द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए परिवादियों के बीच आपसी समझाईश की गई। परिवादियों द्वारा उपखण्ड अधिकारी की समझाईश पर न्यायालय में दर्ज प्रकरण जिसमें कुल 19 बीघा जमीन 10 खसरे एवं 06 परिवारों के 30 व्यक्तियों के बीच चल रहा विवाद आपसी सहमति से खत्म होने पर आपसी सहमति से विभाजन के कुर्रेजात मौके पर ही तैयार किये गये। वर्षों से चल रहे विवाद मिनिटों में खत्म होने एवं कुर्रेजात तैयार होने तथा पुलिस थानें में दर्ज मुकदमा वापस होने पर परिवादियों के चेहरे पर खुशी की लहर छा गई। परिवादियों ने मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन का पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडा के तहत शिविर आयोजित करवाने पर उनके परिजनों की ओर से कोटि-कोटि धन्यवाद दिया है। पेंशन का सत्यापन होने से अमरचन्द रैगर व गीता देवी बलाई को मिली राहत पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाडा के अन्तर्गत मंगलवार को पंचायत समिति सांभरलेक में आयोजित ब्लॉक स्तरीय फोलोअप शिविर के अन्तर्गत प्राप्त सूचना के द्वारा ग्राम पंचायत नौरंगपुरा सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को भेजकर  विशेष योग्यजन एवं वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना का सत्यापन करवाया गया जिससे प्रार्थी गीता देवी बलाई व अमरचन्द रैगर ने राहत की सांस ली और राज्य सरकार का पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाडा फोलोअप शिविर आयोजित करने पर आभार व्यक्त किया।

तीन साल की बच्ची द्वारा संथारा लेने पर कोर्ट सख्त, वैधता पर उठाए सवाल

इंदौर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने केंद्र शासन और राज्य सरकार के साथ सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित साढ़े तीन साल की बच्ची वियाना 'जो कि समझने की स्थिति में नहीं थी' ने संथारा की सहमति कैसे दी थी। मामले को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि अब तक तीन नाबालिग का संथारा हुआ है। ये तीनों ही बालिकाएं हैं। इनमें हैदराबाद की 13 वर्षीय, मैसूर की 10 वर्षीय और इंदौर की साढ़े तीन वर्षीय बालिका शामिल हैं।   मामले में सुनवाई अब 25 अगस्त को याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई कि याचिका का अंतिम निराकरण होने तक नाबालिग के संथारा पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए इससे इंकार कर दिया कि यह जैन समाज से जुड़ा मामला है। उनका पक्ष सुने बगैर कोई आदेश नहीं दे सकते। मामले में अब 25 अगस्त को सुनवाई होगी। याचिका में अब वियाना के माता-पिता भी पक्षकार होंगे। कोर्ट ने मंगलवार उन्हें पक्षकार बनाने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता प्रांशु जैन ने एडवोकेट शुभम शर्मा के माध्यम से यह जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि इतनी कम उम्र की बच्ची संथारा जैसे गंभीर निर्णय की सहमति कैसे दे सकती है। साढ़े तीन वर्षीय बेटी वियाना को 21 मार्च को संथारा मंगलवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील ने गुहार लगाई कि नाबालिग के संथारा दिलाए जाने पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्षकारों को सुनने के बाद ही कोई आदेश दिया जा सकता है। यह है मामला इंदौर के पीयूष और वर्षा जैन की लगभग साढ़े तीन वर्षीय बेटी वियाना को 21 मार्च को संथारा दिलवाया गया था। मई के पहले सप्ताह में वियाना की मां वर्षा ने यह बात खुद मीडिया को बताई थी। उन्होंने बताया था कि जनवरी 2025 में पता चला था कि वियाना को ब्रेन ट्यूमर है। एक रात निकालना भी मुश्किल 9 जनवरी को उसे मुंबई ले जाया गया था। वहां उसका ट्यूमर का आपरेशन हुआ जिसके बाद वह ठीक भी होने लगी थी, लेकिन मार्च 2025 के तीसरे सप्ताह में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। ऐसी स्थिति में हम वियाना को 21 मार्च को राजेश मुनि महाराज के पास ले गए। उन्होंने कहा कि इसका एक रात निकालना भी मुश्किल है। इसे संथारा करा देना चाहिए। हमने संथारा की सहमति दे दी। गुरुदेव ने संथारा की प्रक्रिया पूरी कराई। संथारा लेने के मात्र 10 मिनट बाद ही वियाना का निधन हो गया।

ब्लैकबोर्ड की जगह हाईटेक क्लासरूम, यूपी की शिक्षा व्यवस्था में आई बड़ी क्रांति

लखनऊ अब परिषदीय विद्यालयों की कक्षाओं में ब्लैकबोर्ड नहीं दिखेंगे। उनकी जगह हर कमरे में गुणवत्ता वाले ग्रीन और व्हाइट बोर्ड लगाए जाएंगे। यह बदलाव सिर्फ पढ़ाई के माध्यम को रंगीन और साफ नहीं बनाएगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की पुरानी तस्वीर भी बदलेगा। प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में इस बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि कुछ विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड को पहले ही हटाया जा चुका है। अब इसे हर विद्यालय में बदला जाएगा। दरअसल, वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों को ‘कंपोजिट स्कूल ग्रांट’ के तहत 246 करोड़ 51 लाख 75 हजार रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह पूरी राशि सभी जिलों के लिए जारी हुई है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इससे स्कूलों में जरूरी बुनियादी सुधार कराना है। स्कूलों को मिलने वाली इस ग्रांट का हिसाब अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। हर विद्यालय की दीवार पर वर्षवार और मदवार तरीके से पेंट कर यह बताया जाएगा कि कितना पैसा आया और कहां खर्च हुआ। यानी गांव के लोगों को भी यह आसानी से पता चलेगा कि स्कूल में क्या-क्या काम हुआ है। शिक्षक इसे पारदर्शिता और जनजागरूकता की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं। ग्रांट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्कूलों की साफ-सफाई पर खर्च करना होगा। शिक्षकों को मिले टैबलेट के लिए सिम और इंटरनेट खर्च अब ग्रांट से ही जिला स्तर पर चुकाया जाएगा। जिन स्कूलों में 250 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, वहां आरओ वाटर कूलर के लिए 75 हजार से 1 लाख रुपये तक की राशि अलग से दी जाएगी। हर स्कूल में मेडिकल किट रखना भी अनिवार्य होगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने मंगलवार को सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस रकम के सही उपयोग के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों की दीवारों पर खर्च का ब्यौरा पेंट कराना अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और समुदाय की भागीदारी बढ़े। कुछ शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब स्कूल के बाहर ही पेंटिंग के जरिये पता चल जाएगा कि कितना पैसा आया और कैसे खर्च हुआ, तो गांव के लोगों में स्कूल के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा और जागरूकता भी।  

5163 करोड़ की लागत से होगा विद्युत ट्रांसमिशन सिस्टम का सुदृढ़ीकरण : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्ता पूर्ण बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत ट्रांसमिशन सिस्टम का सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। इसके लिए वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक की कार्य योजना बनायी गयी है। इस योजना के क्रियान्वयन पर 5 हजार 163 करोड़ रूपये का व्यय अनुमानित है। ट्रांसमिशन सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए निर्माण कार्यों और संरचनाओं के उन्नयन पर 1154 करोड़, सिंहस्थ-2028 के लिए जरूरी कार्यों के लिए 185 करोड़, नवीन अति उच्चदाव उप केन्द्रों के निर्माण पर 1015 करोड़, मुरैना संभागीय मुख्यालय एवं ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण पर 54 करोड़, प्रदेश में विद्यमान अति उच्चदाव ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन पर 1280 करोड़, आरडीएसएस योजना में वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 के.व्ही. में निर्माण पर 81 करोड़, डबल पोल, फोर पोल लाइन को टॉवर लाइन में रूपांतरण पर 662 करोड़ अति उच्चदब टेप लाइनों के स्थान पर लाइनों का लूप-इन, लूप-आउट किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उप केन्द्रों के लिए नई लाइनों के निर्माण पर 451 करोड़ और स्काडा प्रणाली के प्रतिस्थापन सहित अन्य कार्यों पर 281 करोड़ रूपये खर्च होंगे। 

महासमुंद : जिले में अब तक 274.3 मिलीमीटर औसत वर्षा

महासमुंद : जिले में अब तक 274.3 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 326.6 मिलीमीटर आज 25.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज महासमुंद  महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 274.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 326.6 मिलीमीटर, सरायपाली में 297.7 मिलीमीटर, महासमुंद में 281.8 मिलीमीटर, बसना में 257.4 मिलीमीटर, बागबाहरा में 257.2 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 225.4 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 08 जुलाई को 25.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में पिथौरा तहसील में 36.0 मिलीमीटर, महासमुंद में 32.0 मिलीमीटर, कोमाखान में 25.9 मिलीमीटर, बागबाहरा में 22.6 मिलीमीटर, बसना में 18.1 मिलीमीटर एवं सरायपाली तहसील में 15.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।  

प्राईवेट स्कूलों में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग हो : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि माध्यमिक शिक्षा मण्डल से संबद्ध प्राईवेट स्कूलों में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और शिक्षा की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिये विश्वसनीय मॉनिटरिंग की व्यवस्था होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप आधुनिक कृषि के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों को कृषि संकाय को बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता है। उन स्कूलों में, जिनके पास दो एकड़ से अधिक भूमि है, वहां प्राथमिकता के साथ कृषि संकाय शुरू किये जा सकते है। स्कूल शिक्षा मंत्री मंगलवार को मंत्रालय में नई शिक्षा नीति 2020 की टास्क फोर्स समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षकों की आकस्मिक मृत्यु पर परिजन को नौकरी देने की व्यवस्था में सुधार के लिए उपयुक्त सुझाव देने के लिए कहा। स्कूल शिक्षा मंत्री श्र‍ी सिंह ने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पढ़ाई की तैयारी करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता है। यह काम पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर अलीराजपुर, बालाघाट, नरसिंहपुर और उज्जैन जिले में शुरू किये जाएं। प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के पढ़ाने से बच्चे सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा के पूर्व कक्षाओं में पढ़ाई के लिये तैयार होकर जाएंगे। उन्होंने राज्य शैक्षणिक अनुसंधान केन्द्र (एससीईआरटी) को मजबूत किये जाने के लिए संचालक की अध्यक्षता में कमेटी गठन करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के मूल्याकंन के लिए शिक्षाविदो के साथ आगामी 29 जुलाई को बैठक भी की जाए। इसी दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2020 में नई शिक्षा 2020 की घोषणा की थी। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालयों में त्रिभाषा फॉरमूला को सख्ती लागू करने के निर्देश दिये। बैठक में ई-अटेंडेस, "हमारे 'शिक्षक," डिजिटल प्लेटफार्म के क्रिन्यान्वन पर चर्चा की गई। मंत्री श्र‍ी सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिये ‍सबको इसकी परिधि में लाना चाहिए। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि बच्चों को परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूल में रेमेडियल मॉडूयल भेजे गए थे। आयुक्त ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों में लगभग शत प्रतिशत पाठ्य पुस्तके पहुँचा दी गई थीं। टास्क फोर्स के सदस्यों ने स्कूलों और पालकों को मातृभाषा के महत्व को समझाने, पालकों की नियमित बैठक, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के संबंध उपयोगी सुझाव दिए। बैठक में टास्क फोर्स समिति के सदस्यों में प्रमुख रूप से श्री अशोक कंडेल, डॉ. राम भावसार एवं अन्य सदस्यगण मौजूद थे।