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अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय, डेटा आधारित नीति निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल योजनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सटीक आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति से संभव होगा। नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित स्टेट सपोर्ट मिशन (SSM), प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) एवं मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (M&E) यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  मिश्रा ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ राज्य के दीर्घकालिक विकास का व्यापक रोडमैप है, जिसमें आर्थिक विकास, सुशासन, सामाजिक प्रगति, निवेश संवर्धन और मानव विकास से जुड़े स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और अंजोर विजन-2047 एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों का मूल उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को इन लक्ष्यों के अनुरूप क्रियान्वित करना होगा। इस दिशा में राज्य नीति आयोग के अंतर्गत गठित SSM, PIU एवं M&E इकाइयां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।  मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब राज्य का लक्ष्य केवल सूचकांकों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि उत्पादकता, औद्योगिक विकास, महिला श्रम भागीदारी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य नीति आयोग के साथ कार्य कर रही विशेषज्ञ टीमों को विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर KPI आधारित समीक्षा, नीति विश्लेषण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा साक्ष्य आधारित सुझावों के माध्यम से विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से नवाचार, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने का आह्वान किया। उपाध्यक्ष  मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और राज्य नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन-2047 के लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किए जा सकेंगे तथा छत्तीसगढ़ समावेशी, सतत और विकसित राज्य के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की बात कही गई थी।  मिश्रा ने कहा कि बस्तर संभाग राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ‘‘बस्तर अंजोर’’ पहल के तहत सात प्रमुख नवाचारों के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को मूर्त रूप दिया जाएगा। इससे बस्तर विकास, सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दौरान राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव  आशीष कुमार भट्ट, सदस्य डॉ के सुब्रह्मण्यम सहित यूएनडीपी के विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर दीं शुभकामनाएं

लखनऊ निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4399 दिन पूरे कर नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले जनसेवक बन गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेशवासियों की तरफ से पत्र लिखकर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित पत्र में लिखा- राष्ट्रसेवा, सुशासन एवं जनकल्याण को समर्पित 12 वर्ष के सफलतम कार्यकाल पर आपको समस्त प्रदेशवासियों की ओर से अनंत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देता रहेगा। पीएम के नेतृत्व में आस्था व अर्थव्यवस्था का अद्भुत संगम बनकर उभरा उत्तर प्रदेश  सीएम ने पत्र में लिखा कि आपके यशस्वी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आस्था और अर्थव्यवस्था का अद्भुत संगम बनकर उभरा है। अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि पर रामलला का विराजमान होना, काशी विश्वनाथ धाम के सफल पुनरोद्धार आदि के साथ ही "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के आपके मूल मंत्र ने विगत 12 वर्षों में भारत के विकास को नई दिशा, नई गति और नया विश्वास प्रदान किया है। राष्ट्र ने सेवा, सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। इसी प्रेरणा से उत्तर प्रदेश भी जनकल्याण, सुशासन और समावेशी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित करते हुए 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा पीएम मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ  सीएम योगी ने लिखा कि आपके प्रेरक नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 3 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लगभग 65 लाख परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 10 करोड़ पात्र नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से लगभग 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से 1.86 करोड़ महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा अन्य किसान हितैषी कार्यक्रमों ने उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रोजगार व कौशल विकास के क्षेत्र में यूपी ने प्राप्त कीं कई उपलब्धियां सीएम ने लिखा कि आपके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। मिशन रोजगार के अंतर्गत 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की गई है। वहीं कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 25 लाख युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट उपलब्ध कराए गए हैं। निवेश आधारित औद्योगिक विकास, एमएसएमई, ओडीओपी, स्टार्टअप तथा स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जिससे युवा शक्ति प्रदेश की विकास यात्रा की प्रमुख भागीदार बनी है। आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश  मुख्यमंत्री ने लिखा कि आपके दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। दिल्ली-मेरठ 12 लेन एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मेरठ नमो भारत (आरआरटीएस), देश का प्रथम इनलैंड वाटर-वे, उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाले ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वंदे भारत एवं नमो भारत जैसी…

वाराणसी से तीसरी बार सांसद बने पीएम मोदी ने सबसे लंबी अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया रिकॉर्ड कायम किया

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से तीसरी बार सांसद बनकर देश का नेतृत्व कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने सबसे लंबी अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा का नया रिकॉर्ड कायम किया।  डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाया। जनकल्याण के प्रतीक बने उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकास का पहिया दौड़ा तो आस्था के सैलाब ने पर्यटन की नई कहानी लिखी। एक तरफ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), गंगा एक्सप्रेसवे, देश की पहली रैपिड रेल, एम्स, फर्टिलाइजर कारखाना, सेमीकंड्क्टर यूनिट, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, केन-बेतवा नदी जोड़ो आदि परियोजनाओं के जरिए यूपी ने अलग पहचान बनाई तो दूसरी तरफ 500 वर्ष की बहुप्रतीक्षित आस्था राम मंदिर का निर्माण कर मोदी-योगी की जोड़ी ने राम को उनके मंदिर में प्रतिस्थापित किया। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या दीपोत्सव, प्रयागराज महाकुंभ आदि आस्था के संगम में दुनिया ने डुबकी भी लगाई।  नोएडा, अयोध्या व कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दी सौगात  28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) की सौगात उत्तर प्रदेश को दी। यही नहीं महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या, कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी देश-प्रदेशवासियों को सौंपा। 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात भी प्रधानमंत्री ने यूपी को दी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मुख्य समारोह में भी प्रधानमंत्री ने यूपी का साथ दिया औऱ सीएम योगी के आह्वान पर बड़े निवेशकों को विश्वास दिलाया कि उत्तर प्रदेश की धऱती निवेश के लिए सबसे उपयुक्त है।  राम मंदिर व काशी विश्वनाथ धाम का हुआ निर्माण  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन और शिलान्यास किया तो वहीं मंदिर का लोकार्पण भी किया। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का 2021 में लोकार्पण भी किया। वहीं प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में भी आस्था की डुबकी लगाई, यहां 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भी डुबकी लगाई। योगी सरकार के अविस्मरणीय आयोजन दीपोत्सव में भी प्रधानमंत्री ने न सिर्फ शिरकत की, बल्कि यहां की भावनाओँ से खुद को भी जोड़ा। सीएम योगी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रतिवर्ष ऊंचाइयों को प्राप्त हो रहा है।  वाराणसी में लगभग 36,211 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में वाराणसी को विकास की सौगात देते हुए लगभग 36,211 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और करीब 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सिगरा स्टेडियम, रिंग रोड, रोपवे, फ्लाईओवर और कई घाटों के पुनर्विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। गोरखपुर को एम्स व फर्टिलाइजर की सौगात  पिछली सरकारों की अनदेखी के शिकार रहे उत्तर प्रदेश को मोदी-योगी की जोड़ी ने संवारा। कभी गोरखपुर की रीढ़ कहे जाने वाले फर्टिलाइजर कारखाने को मोदी-योगी की जोड़ी ने पुनर्जीवन दिया। यह कारखाना न सिर्फ फिर से प्रारंभ हुआ, बल्कि इसने रोजगार से जोड़ युवाओं के घरों में खुशियों का उजाला भी फैलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर को एम्स की सौगात भी दी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल व बिहार के नागरिकों की चिंता दूर हुई। उन्हें अब अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि गोरखपुर में ही उनकी बीमारियों का इलाज हो जाता है।  इसके अलावा 22 फरवरी 2026 को मेरठ में नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो मार्ग का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का शुभारंभ किया गया।

योगी सरकार के विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ से मिल रहा स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे गांवों में रहने वाले लोग स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। सरकार की विभिन्न योजनाएं न केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि उन्हें उद्यमी बनने का अवसर भी दे रही हैं। योगी सरकार के विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को लखीमपुर खीरी जिले के ग्राम देवरिया निवासी रामलखन ने धरातल पर उतारा है।  रामलखन ने बताया कि वे कुछ नया करने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का सपना देखते थे। हालांकि संसाधनों और पूंजी की कमी उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में उन्हें जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से संचालित ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और वर्ष 2024 में उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। सरकारी सहयोग मिलने के बाद रामलखन ने दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने डेयरी संचालन की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने उद्यम को विस्तार दिया।  आज उनका डेयरी व्यवसाय प्रतिदिन लगभग 5 से 8 क्विंटल दूध का उत्पादन कर रहा है। स्थानीय स्तर पर दूध की आपूर्ति की जा रही है, जिससे स्थानीय बाजार भी मजबूत हो रहा है। इससे केवल रामलखन का ही जीवन नहीं बदला, बल्कि उनके साथ गांव के तीन और लोगों को भी रोजगार मिला है। रामलखन आज खर्चों के बाद प्रतिमाह लगभग 15 से 30 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार द्वारा रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं प्रदेश में आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

अहमदाबाद में हुए आईपीएल के फाइनल में चोरी हो गया था जेक जैकिंग्स का मोबाइल, अलीगढ़ पुलिस ने बरामद कर लौटाया

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले कानून व्यवस्था सुदृढ़ कर उत्तर प्रदेश में सुशासन स्थापित किया। अब उत्तर प्रदेश की पुलिस ने एक और बड़ा कार्य कर अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी अलग पहचान स्थापित की। आईपीएल फाइनल मैच के दौरान चोरी हुआ ऑस्ट्रेलियाई इन्फ्लुएंसर जेक जैकिंग्स का मोबाइल बरामद कर अलीगढ़ पुलिस ने सकुशल उसे सौंप दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर यूपी का भरोसा मजबूत हुआ है। मोबाइल मिलने पर जेक जैकिंग्स ने अलीगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की।  ऑस्ट्रेलिया के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और क्रिकेट कंटेंट क्रिएटर जेक जैकिंग्स का आईफोन 31 मई को अहमदाबाद स्टेडियम में आयोजित आईपीएल फाइनल मैच के दौरान चोरी हो गया था। 2 जून को मोबाइल की लोकेशन अलीगढ़ में मिली तो जेक जैकिंग्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से अलीगढ़ पुलिस से मदद की अपील की। मामले को गंभीरता से लेते हुए अलीगढ़ पुलिस की सर्विलांस सेल सक्रिय हो गई। तकनीकी साक्ष्यों और आधुनिक डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से पुलिस टीम ने जांच शुरू की और चंद दिनों के भीतर मोबाइल बरामद कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पुलिस कार्यालय में जेक जैकिंग्स को उनका मोबाइल सौंप दिया गया। मोबाइल वापस मिलने के बाद जेक जैकिंग्स ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सर्विलांस टीम की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि अलीगढ़ पुलिस ने बेहद कम समय में प्रभावी कार्रवाई कर उनका विश्वास जीता है। एक विदेशी नागरिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर द्वारा की गई यह प्रशंसा उत्तर प्रदेश पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करती है। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार तकनीक आधारित पुलिसिंग, साइबर मॉनिटरिंग और सर्विलांस नेटवर्क को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। प्रदेश भर में आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई की संस्कृति ने पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया है। अलीगढ़ पुलिस की इस उपलब्धि ने प्रदेश की सकारात्मक पहचान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है।

28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नए डीईओ पदस्थ

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कसावट और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 28 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक संचालकों एवं प्राचार्यों को विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।              अवर सचिव छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार  महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद सहित अनेक जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं। वहीं लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक कार्यालयों तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।             जारी आदेश के अनुसार प्रभारी उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय  बी.एल. देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद बनाया गया है। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर  हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय में पदस्थ किया गया है। सहायक संचालक  एम.जी. सतीश कुमार को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर तथा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर  विजय कुमार ताण्डे के स्थान पर  रमेश्वर जायसवाल को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में भी नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं सहायक संचालकों को पदोन्नत दायित्व सौंपते हुए जिला स्तर की जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में स्थानांतरित किया गया है।           स्कूल शिक्षा  गजेन्द्र यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में प्रशासनिक पुनर्संरचना विभागीय कार्यों में गति लाने, शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिलों में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। आदेश के बाद राज्य के शिक्षा प्रशासन में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) के कार्यों की समीक्षा की

लखनऊ आर्थिक अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई को और अधिक प्रभावी, त्वरित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ जांच प्रणाली और प्रभावी अनुश्रवण तंत्र से सशक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईओडब्ल्यू की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित जांच, प्रभावी कार्रवाई और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आर्थिक अपराधों से संबंधित लंबित जांच, विवेचनाओं, गिरफ्तारी, अभियोजन, जनजागरूकता गतिविधियों तथा संगठनात्मक सुधारों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन और अन्य आर्थिक अपराध न केवल सरकारी संसाधनों को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी आघात पहुंचाते हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में बताया गया कि संगठन द्वारा लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2026 में 31 मई तक 155 जांच, विवेचना एवं अनुवर्ती कार्यवाहियों का निस्तारण किया जा चुका है। इसी अवधि में 71 अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुराने मामलों के निस्तारण में और तेजी लाई जाए तथा वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, उनमें अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को गति दी जाए। उन्होंने सुदृढ़ पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और साक्ष्य संकलन के माध्यम से अधिकाधिक मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में महत्वपूर्ण प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक में बताया गया कि जांच, विवेचना और अनुवर्ती कार्यवाहियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) विकसित किया गया है। यह प्रणाली प्रकरणों के डिजिटल प्रबंधन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग तथा डैशबोर्ड आधारित अनुश्रवण की सुविधा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इसके प्रभावी उपयोग के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था से जांच की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। जांच अधिकारी किसी मामले को तीन माह से अधिक समय तक अपने पास न रखें। इस सम्बंध में उनकी जवाबदेही भी तय की जाय।  मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराधों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में वित्तीय धोखाधड़ी, निवेश संबंधी ठगी तथा अन्य आर्थिक अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि ईओडब्ल्यू द्वारा "जागरूकता, जानकारी, बचाव" अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आमजन को विभिन्न प्रकार के आर्थिक अपराधों से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आर्थिक मुद्दों से जुड़े मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने की कार्रवाई को तेज किया जाय। उन्होंने कहा कि पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग, चिट-फंड घोटाले एवं साइबर फ्रॉड जैसे विषयों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तकनीक का प्रयोग किया जाय।  बैठक में संगठन की क्षमता वृद्धि, अधिकारियों एवं विवेचकों के प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा संगठन के विस्तार से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है। ऐसे में जांच एजेंसियों को आधुनिक संसाधनों, तकनीकी दक्षता और प्रभावी कार्यप्रणाली से सुसज्जित किया जाना आवश्यक है, ताकि आर्थिक अपराधों के विरुद्ध प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

सीधी के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल दम्पति एवं दो बच्चों को त्वरित सहायता पहुँचाकर अस्पताल में भर्ती कराया

भोपाल  सीधी जिले के थाना चुरहट क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक दम्पति एवं उनके दो बच्चों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायलों को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी। 10 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना चुरहट क्षेत्र अंतर्गत बड़खरा में मोटर साइकिल से गिरने के कारण एक दम्पति एवं दो बच्चे घायल हो गए हैं तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना चुरहट क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  विजय साकेत एवं पायलट  वेंकटेश्वर मिश्रा ने  मौके पर पहुँचकर पाया कि मोटर साइकिल दुर्घटना में एक दम्पति एवं दो बच्चे घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, चुरहट पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया से घायलों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्यवाही दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की स्थिति में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की सहायता कर रहे हैं।  

देशवासियों के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद की सामूहिक अभिव्यक्ति है यह कीर्तिमान: मुख्यमंत्री

लखनऊ  सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। गौरतलब है कि निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4399 दिन पूरा कर  मोदी सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले जनसेवक बन गए हैं। 145 करोड़ भारतवासियों की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सतत समर्पित हैं प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि 145 करोड़ भारतवासियों की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सतत समर्पित, अमृतकाल के सारथी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबी अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले जननेता बनने पर हार्दिक बधाई। भारतीय लोकतंत्र का यह अभूतपूर्व कीर्तिमान संपूर्ण देशवासियों के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद की सामूहिक अभिव्यक्ति है। युग की चेतना का प्रतीक मुख्यमंत्री ने लिखा कि इतिहास में ऐसे अवसर विरले ही दिखते हैं, जब कोई नेतृत्व केवल सरकार का नहीं, बल्कि एक युग की चेतना का प्रतीक बन जाता है। यह सम्मान उसी तप, त्याग, दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा का अभिनंदन है, जिसने करोड़ों देशवासियों को 'विकसित भारत' के स्वप्न से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के लिए की मंगलकामना मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रसेवा को समर्पित आपकी यह अविराम साधना भारत की प्रगति, प्रतिष्ठा और पराक्रम की नई गाथाएं लिखती रहे, यही मंगलकामना है।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, अंतिम मतदाता सूची में 40 लाख नाम हटाए गए

लखनऊ  यूपी पंचायत चुनाव के करोड़ों वोटर्स के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची 10 जून को जारी हो गई है. जिला स्तर पर ये अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है. प्रत्येक पंचायत मतदाताओं को 9 अंक का पहचान नंबर दिया गया है. दावे-आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 दिसंबर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी।  इसके अलावा, अप्रैल और मई माह के दौरान मतदाता सूची में दर्ज डुप्लीकेट नामों के सत्यापन का विशेष अभियान भी चलाया गया, जिसकी प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। पहली बार आयोग पंचायत चुनाव में तकनीकी का भरपूर प्रयोग करेगा। सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर जारी किए गए हैं। मतदाताओं का फोटो सहित ब्योरा आनलाइन उपलब्ध रहेगा। कोई भी व्यक्ति दो बार वोट नहीं डाल सकेगा। मोबाइल एप की मदद से मतदाता की पोलिंग बूथ पर फोटो खींचते ही यह पता चल जाएगा कि इसने पहले वोट डाल दिया है। फाइनल वोटर लिस्ट में करीब 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं. मतदाता सूची से करीब 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. पंचायत चुनाव मतदाता सूची में करीब 40.19 लाख वोटर्स की बढ़ोतरी हुई है. अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पंचायत चुनाव गतिविधियां तेज हो सकती हैं।  गौरतलब है कि इससे पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख में पांच बार बदलाव किया जा चुका है। आज देर शाम तक इस सूची को राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी तरह अपलोड कर दिया जाएगा। ​डिजिटल तकनीक से लैस होगा इस बार का चुनाव ​राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायत चुनाव में बड़े स्तर पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी और फर्जी वोटिंग से मुक्त बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:     ​स्टेट वोटर नंबर: इस बार पहली बार सभी मतदाताओं को एक यूनिक 'स्टेट वोटर नंबर' जारी किया जा रहा है।     ​ऑनलाइन फोटो ब्योरा: सभी मतदाताओं का पूरा विवरण फोटो सहित ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।     ​फर्जी वोटिंग पर लगाम: कोई भी व्यक्ति दो बार वोट न डाल सके, इसके लिए विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान केंद्र पर वोटर की फोटो खींचते ही ऐप तुरंत बता देगा कि इस व्यक्ति ने पहले कहीं वोट डाला है या नहीं। ​वोटर लिस्ट का गणित: 40 लाख से अधिक बढ़े मतदाता ​23 दिसंबर 2025 को जारी की गई अनंतिम (provisional) मतदाता सूची के अनुसार, इस बार मतदाताओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ​वर्ष 2021 की मतदाता सूची में कुल 12.29 करोड़ मतदाता थे, जबकि इस बार की अनंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है। इस प्रकार पिछले चुनाव की तुलना में 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े हैं। इस सूची को तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया था, जिसमें 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए, 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए और लगभग 21.08 लाख मतदाताओं के नामों में संशोधन किया गया। ​कहाँ और कैसे देख सकेंगे फाइनल वोटर लिस्ट? ​अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अपना और अपने परिवार का नाम नीचे दिए गए तरीकों से चेक कर सकते हैं:     ​आधिकारिक वेबसाइट: मतदाता राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission, UP) की ऑफिशियल वेबसाइट sec.up.nic.in पर जाकर 'Search Voter' या 'Voter List Download' के विकल्प पर क्लिक कर अपना नाम देख सकते हैं।     ​जिला/ब्लॉक मुख्यालय: इसके अलावा यह सूची जिला निर्वाचन कार्यालय, विकास खंड (ब्लॉक) कार्यालय और ग्राम पंचायत स्तर पर भी उपलब्ध रहेगी, जहाँ जाकर ग्रामीण अपनी सूची देख सकते हैं। ​ग्राम प्रधानों (प्रशासकों) के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन ​यूपी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण 57,694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 27 मई से प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अब उनके लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं: ​नए कार्यों के लिए लेनी होगी DM की मंजूरी: प्रशासक बने पूर्व प्रधान अब अपनी मर्जी से कोई भी नया विकास कार्य शुरू नहीं करा सकेंगे। नया काम कराने के लिए उन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के माध्यम से जिलाधिकारी (DM) को प्रस्ताव भेजना होगा। DM की अनुमति के बाद ही नया काम शुरू हो सकेगा। ​हालांकि, जो कार्य 27 मई से पहले स्वीकृत और अनुमोदित हो चुके हैं, जो निर्माण या मरम्मत कार्य वर्तमान में चल रहे हैं, अथवा जो पूरे हो चुके हैं, उनका भौतिक और तकनीकी मूल्यांकन कराकर प्रशासक पहले की तरह ही भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें नई अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।