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उत्तर छत्तीसगढ़ में बिगड़ा मौसम, भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही मध्य छत्तीसगढ़ में एक बार फिर तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ने की संभावना है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटों में सभी संभागों में बारिश हुई। इस दौरान राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा। कुछ प्रमुख बारिश वाले स्थानों में खरपसिया, अड़भार, कटघोरा, सक्ती (20 मिमी), मुंगेली, बम्हनीडीह, नया बाराद्वार, खड़गांव, भोपथरा, डभरा, जैजैपुर, मोहला आदि शामिल हैं, जहां 10 मिमी के आसपास वर्षा हुई है। इसलिए बदल रहा मौसम का मिजाज मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, मानसून द्रोणिका इस समय श्रीगंगानगर से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैला है। इसी कारण प्रदेश में नमीयुक्त हवाएं आ रही हैं, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 48 घंटे में ऐसा रहेगा मौसम अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, और अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

बारिश बनी मुसीबत: नागौर में नेशनल हाईवे तीसरी बार बंद, स्कूलों में ऐहतियातन छुट्टी

जयपुर मानसून की टर्फ लाइन उत्तर की तरफ शिफ्ट होने से राजस्थान में भारी बारिश झेल रहे जिलों में अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं उत्तरी क्षेत्रों में अब भारी बारिश का प्रभाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को गंगानगर और हनुमानगढ़ में जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई। हनुमानगढ़ के गोलूवाला में 6 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा तारानगर (चूरू) में 185 मिलीमीटर दर्ज की गई। पूर्वानुमान है कि आगामी 5-6 दिन मानसून टर्फ लाइन के सामान्य से उत्तर की ओर शिफ्ट होने से राज्य के उत्तरी व उत्तर-पूर्वी भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेगी, वहीं दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। राजस्थान में लगातार हो रही बारिश ने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागौर में बीते 12 दिनों में तीसरी बार नेशनल हाईवे बंद करना पड़ा है। 11 जिलों के स्कूलों में छुट्टी आईएमडी ने आज प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 12 जिलों में स्कूलों  में अवकाश घोषित कर दिया है। इसमें झालावाड़, बारां, टोंक, डीग, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा और कोटपूतली-बहरोड़ शामिल हैं। इसके अलावा कोटा में शनिवार को क्लास एक से 12वीं तक के स्कूलों में बच्चों की छुट्टी रहेगी, जबकि स्टाफ यथावत कार्य करेंगे। कलेक्टर पीयूष समारिया ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी किए, जो सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 953.2 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 324.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 580.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 553.5 मि.मी., गरियाबंद में 496.1 मि.मी., महासमुंद में 536.3 मि.मी. और धमतरी में 498.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 671.6 मि.मी., मुंगेली में 678.7 मि.मी., रायगढ़ मंे 778.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 849.9 मि.मी., कोरबा में 681.7 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 620.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 579.2 मि.मी., सक्ती में 721.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 506.5 मि.मी., कबीरधाम में 471.8 मि.मी., राजनांदगांव में 551.8 मि.मी., बालोद में 591.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 790.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 450.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 443.9 मि.मी., सूरजपुर में 775.3 मि.मी., जशपुर में 705.8 मि.मी., कोरिया में 711.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 674.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 723.2 मि.मी., कोंडागांव में 477.8 मि.मी., नारायणपुर में 592.2 मि.मी., बीजापुर में 803.9 मि.मी., सुकमा में 494.4 मि.मी., कांकेर में 642.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 662.0 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर कहर: 20 महीने में 445 ढेर, 1554 की गिरफ्तारी

रायपुर प्रदेश में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले 20 महीने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी मारे गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में दी। संसद भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री शाह से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार की समन्वित विकास और सुरक्षा नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया। अमृत रजत महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

रायपुर की धरती के नीचे छुपा है 2100 साल पुराना इतिहास, खुदाई में मिले चौंकाने वाले साक्ष्य

रायपुर महादेव घाट के पास गिरिजा शंकर स्कूल के पीछे लगभग 2,100 साल पुराने अवशेष मिलने का दावा किया जा रहा हैं। एक निजी जमीन को समतल करते समय यह खोज हुई। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने इस क्षेत्र को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। मार्च महीने में एक निजी मालिक अपनी 36 एकड़ जमीन को समतल करवा रहे थे। तभी खुदाई के दौरान उन्हें एक से दो फीट की गहराई पर कुछ प्राचीन वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं में लोहे के बाल, शील-बट्टा, पुराने पत्थर और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं। इधर, जानकारी मिलते ही पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच के बाद एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति ने पूरे क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण किया और अपनी रिपोर्ट कलेक्टर व राज्य सरकार को सौंपी। समिति की रिपोर्ट के अनुसार यह स्थल ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां जमीन के 30 फीट नीचे महल और किले जैसी और भी कई प्राचीन संरचनाएं मिलने की संभावना है। इसी वजह से प्रशासन ने इस जमीन पर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। 2,100 साल पुरानी सभ्यता के संकेत शुरुआत में मिले अवशेषों को देखकर अधिकारियों ने इसे कलचुरी काल (लगभग 1,000 साल पुराना) का माना था। हालांकि बाद में मिले और भी साक्ष्यों की गहन जांच के बाद यह स्थल 2,100 साल से भी अधिक पुराना है। यह खोज रायपुर में रींवा की तरह ही एक बड़ी पुरातात्विक उपलब्धि साबित हो सकती है। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह जगह कभी एक टीले के रूप में रही होगी। क्योंकि यह खारुन नदी के तट पर स्थित है। प्राचीन सभ्यताओं में लोग अक्सर नदी किनारे ही बसते थे। इसलिए यह संभावना बहुत अधिक है कि इस जगह पर कोई प्राचीन बस्ती या शहर बसा हुआ था। जमीन को हैंडओवर करने की तैयारी खुदाई का काम शुरू करने के लिए पुरातत्व विभाग ने शासन-प्रशासन से इस 36 एकड़ जमीन को अपने अधिकार में लेने की मांग की है। इसके लिए विभाग की ओर से पत्र भी भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार जमीन के मालिक यानी निजी बिल्डर यहां निर्माण कार्य शुरू करने पर अड़े हुए हैं। वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उन्हें काम करने की अनुमति मिल जाए। महादेव घाट के पास लगभग 2,100 साल पुराने अवशेष मिलने की संभावना है। क्योंकि यहां एक से दो फीट की गहराई पर कुछ प्राचीन वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं में लोहे के बाल, शील-बट्टा, पुराने पत्थर और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं।- प्रताप पारख, उप संचालक, पुरातत्व विभाग

रीवा-पुणे एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी, जानें यात्रा का शेड्यूल और स्टॉपेज

रीवा रेल यात्रियों के लिए एक खुशी की खबर आ रही है। भारतीय रेलवे  ने रीवा-पुणे-रीवा एक्सप्रेस शुरू कर रहा है जो पुणे और रीवा के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली पहली ट्रेन होगी। वर्तमान में दोनों स्टेशनों के बीच अप्रत्यक्ष कनेक्टिविटी उपलब्ध है, लेकिन अब यह ट्रेन इन दोनों स्थानों के बीच यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉप रीवा एक ऐतिहासिक और शैक्षिक केंद्र के अलावा एक पर्यटन केंद्र भी है, जहां केवटी और बहुती झरने, व्हाइट टाइगर सफारी आदि आकर्षण हैं। सीआर के एक अधिकारी ने बताया कि यह ट्रेन महाराष्ट्र के पुणे, दौंड, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड, भुसावल, वर्धा, नागपुर और गोंदिया शहरों और मध्य प्रदेश के बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी, सतना और रीवा को जोड़ने वाले महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी। ट्रेन का समय ट्रेन संख्या 20152 रीवा-पुणे एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को रीवा स्टेशन से सुबह 06.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 09.45 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 20151 पुणे-रीवा एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को शाम 5.15 बजे पुणे स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन शाम 5.30 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।

यूपी वालों के लिए अलर्ट! आज इन इलाकों में तेज बारिश के आसार, घर से निकलने से पहले जानें मौसम का हाल

लखनऊ उत्तर प्रदेश का मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रूक-रूककर बारिश हो रही है। अगस्त महीने में एक बार फिर बारिश रफ्तार पकड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार तीन अगस्त से पांच अगस्त के बीच राज्य के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं आज राज्य के दो दर्जनों जिलों में जमकर बादल बरसने वाले है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज राज्य के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 51 जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना नहीं है। कल यानी 3 अगस्त को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक कल यूपी के बस्ती, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, संतकबीर नगर, सीतापुर, गाजीपुर, गोंडा हराइच, गोरखपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़ और बलिया जिले में भारी बारिश का अलर्ट है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था। आगरा, पीलीभीत, शामली, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर,  हापुड़, महामायानगर, सहारनपुर, ज्योतिबाफुले नगर, बागपत, मुरादाबाद, बुलंदशहर, संभल, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मेरठ, बरेली में जमकर बादल बरसे थे।

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग, बस्तर और विकास एजेंडे पर मंथन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।  

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान बने खाबो-बने रहिबो

एमसीबी   वरिष्ठ खाद्य अधिकारी के जानकारी अनुसार  राज्य शासन एवं श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आई.ए.एस.) नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य जनित बीमारियों, संक्रमण की रोकथाम एवं जन-सामान्य को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराए जाने हेतु विभाग प्रतिबद्ध है। स्ट्रीट फूड वेन्डर्स, हैण्डलर, खाद्य सेवा प्रदायकर्ताओं से विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित हैंडलिंग, खाद्य पदार्थ की स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता, ताजे एवं स्वच्छ भोजन जन-सामान्य को परोसे जाने की अपेक्षा की जाती है। उक्त निर्देश के परिपालन में 04 अगस्त, 05 अगस्त एवं 06 अगस्त 2025 को "बने खाबो-बने रहिबो" अभियान के तहत व्यापक तौर पर राज्य के संपूर्ण जिले के साथ जिला-मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्ट्रीट फूड वेन्डर्स एवं खाद्य बनाकर परोसने वाले संस्थानों, रेस्टोरेंटों एवं मिठाई दुकानों का सघन जांच एवं निरीक्षण किया जाएगा। मौके पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य के बारे में जानकारी भी दी जाएगी।

50 साल पुरानी भारतीय डाकघर की रजिस्ट्री को अलविदा

बाय ,,,,,, बाय ,,,,,,, रजिस्ट्री एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ कभी यही रजिस्ट्री हमारे रिश्तों, खबरों और सरकारी कामों की सबसे बड़ी गवाह हुआ करती थी।वही  सात समुन्द्र पार मीलों का सफ़र तय कर, डाकिया घंटी बजाता और दरवाजे मे दस्तक के साथ लाता था — विश्वास और भरोसे की मुहर। आज आधुनिक  तकनीक  ने डाकघर की उस पुरानी रजिस्ट्री को पीछे छोड़ दिया है। जैसे ई-मेल, व्हाट्सऐप और ऑनलाइन सेवाओं ने उसके महत्व को कम कर दिया। फिर भी, 50 साल पुरानी वह रजिस्ट्री केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और इतिहास की याद है। हमारी चिट्ठी पत्री पहुँचाने का सबसे किफायती और भरोसेमंद साधन है लेकिन इसकी एक सर्विस के माध्यम से लीगल नोटिस और महत्त्वपूर्ण सरकारी फरमान के लिए इससे भरोसे की कोई सर्विस नही है।  मगर आगे से ऐसा नहीं होगा. भारतीय डाक विभाग ने अब अपनी 50 साल से भी अधिक पुरानी प्रतिष्ठित सेवा को समाप्त (india says goodbye to respected postal tradition) करने की घोषणा कर दी है. एक सितंबर से नागरिक अपने पार्सल को विश्वसनीय और सस्ती रजिस्ट्री के माध्यम से नहीं भेज पाएंगे. फिर क्या होगा ? बताते हैं। स्पीड पोस्ट से स्पीड मिलेगी वंही एमसीबी जिला के निवासी अधिवक्ता संजय गुप्ता ने बताया की भारतीय डाक विभाग ने इस सेवा को अपनी महंगी स्पीड पोस्ट सेवा में विलय करने का आदेश जारी कर दिया है. तथा  अब हर पार्सल या कागज पत्री पर मोटा-माटी दोगुना 'लगान' देना होगा. उदाहरण के लिए, अब तक जो 20 ग्राम का पार्सल लगभग 26-27 रुपये में रजिस्ट्री हो जाता था, उसे स्पीड पोस्ट से भेजने के लिए 41 रुपये चुकाने होंगे, जो लगभग 75 फीसदी ज्यादा हुआ. जिसकी वजह से आम जन को उक्त सेवा के लिए अतिरिक्त राशि चुकाने पर सेवा प्राप्त होगी।  तो आइए कहें – “धन्यवाद भारतीय डाक, धन्यवाद रजिस्ट्री… अब वक्त है आपको बाय-बाय कहने का।”…….